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लिव इन रह रही तलाकशुदा युवती ने किया सुसाइड:सहेली को फोन कर खाया जहर, कहा था-आज के बाद नजर नहीं आऊंगी

अलवर शहर में किराए के मकान में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही 25 साल की तलाकशुदा युवती ने सुसाइड कर लिया। युवती ने अपने प्रेमी से अनबन के चलते जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र स्थित बुध विहार में शनिवार का है। जहर खाने से पहले युवती ने अपनी सहेली को फोन कर कहा था, आज के बाद मैं कभी नजर नहीं आऊंगी। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। 6 महीने पहले हुआ था तलाक पुलिस के अनुसार, मृतका पूजा राजपूत मूल रूप से हरियाणा के नूंह जिले के पुनहाना की रहने वाली थी। करीब छह महीने पहले ही उसका अपने पति रवि राजपूत से तलाक हुआ था। रवि से शादी के बाद उसके दो बच्चे हैं, जो अपने पिता के साथ ही रहते हैं। पूजा करीब दो साल से अलवर के चूड़ी मार्केट में काम कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात सोनू नाम के युवक से हुई। दोनों अलग-अलग दुकानों पर काम करते थे और धीरे-धीरे दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद वे बुध विहार में किराए का कमरा लेकर लिव-इन में रहने लगे। सहेली को फोन पर दी आखिरी सूचना शनिवार को पूजा और सोनू के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई। इसके बाद पूजा ने अपनी सहेली शैली को फोन किया और कहा कि वह आखिरी बार बात कर रही है, इसके बाद कभी नजर नहीं आएगी। फोन काटने के बाद उसने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर प्रेमी सोनू और उसकी सहेलियां उसे तुरंत सानिया अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने बिना देखे ही जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने पूजा को मृत घोषित कर दिया। मां घरों में काम कर चलाती है परिवार मृतका पूजा के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। उसके परिवार में चार बहनें और एक भाई है, जिनमें से एक भाई और एक बहन अभी अविवाहित है। पूजा के पिता की मौत के बाद उसकी मां घरों में झाड़ू-पोंछा और अन्य काम करके पूरे परिवार पाल रही है।

महिला थाने में ASI की हार्ट अटैक से मौत:ड्यूटी के दौरान सांस लेने में हुई थी परेशानी; 3 महीने पहले हुआ था प्रमोशन

दौसा के महिला थाने में तैनात ASI की शनिवार रात ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। ASI गिरधारी लाल मीणा (56) थाने में ड्यूटी ऑफिसर की जिम्मेदारी निभा रहे थे। महिला थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया- रात 11:30 बजे गिरधारी लाल की तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी होने लगी। इसके बाद वे अचेत हो गए। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में भर्ती करवाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के पीएमओ डॉ. आरके मीणा ने बताया- ASI को बेचैनी और घबराहट की शिकायत पर इमरजेंसी यूनिट में इलाज के लिए लेकर आए थे। प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक से मौत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। 3 महीने पहले हुआ था प्रमोशन गिरधारी लाल मूल रूप से अलवर जिले के प्रतापगढ़ क्षेत्र के हमीरपुर के रहने वाले थे। उनके परिवार में एक बेटा और तीन बेटी हैं। उन्होंने पुलिस विभाग में करीब 35 साल तक सेवाएं दीं। वे लंबे समय तक दौसा कोतवाली थाने में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर भी कार्यरत रहे। करीब तीन माह पहले प्रमोशन के बाद ASI बने थे। प्रमोशन के बाद उनका ट्रांसफर महिला थाने में किया गया था। पुलिस अफसरों ने दी श्रद्धांजलि रविवार सुबह पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव हमीरपुर ले गए। … यह खबर भी पढ़ें… सेना के जवान की हार्ट अटैक से मौत:आखिरी बार हुई थी पत्नी से बात, कहा था- जल्द 5 दिन की छुट्‌टी लेकर आऊंगा कोटपूतली-बहरोड़ जिले के सेना के जवान की सोमवार को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। पावटा क्षेत्र के गांव लाड़ा का बास निवासी नायब सूबेदार बनवारी लाल खोजा (47) यूपी में मेरठ कैंट में तैनात थे। (पूरी खबर पढ़ें)

वर्ल्ड अपडेट्स:UNGA से पहले बयान: नेतन्याहू की संभावित यात्रा पर न्यूयॉर्क मेयर और इजराइल आमने-सामने

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा है कि वे सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए शहर आने वाले इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गिरफ्तारी की कानूनी संभावना पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में शहर के विधि विभाग के साथ बातचीत चल रही है। ममदानी ने कहा कि वे वही करेंगे, जिसकी कानून इजाजत देगा। उन्होंने दोहराया कि उनके मुताबिक नेतन्याहू का स्थान द हेग में है, जहां अंतरराष्ट्रीय अपराधों के आरोपियों पर मुकदमा चलता है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने नवंबर 2024 में गाजा में कथित युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों में नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। ममदानी ने न्यूयॉर्क टाइम्स के पॉडकास्ट द इंटरव्यू में कहा कि नेतन्याहू युद्ध अपराधों के आरोपी हैं और कई लोग यही मानते हैं। संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने ममदानी पर यहूदी विरोधी माहौल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममदानी बढ़ते यहूदी विरोध का सामना करने के बजाय इजराइल के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। डैनन ने पुष्टि की कि नेतन्याहू 22 से 28 सितंबर के बीच होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में संबोधन करेंगे। उन्होंने कहा कि मेयर का रुख इससे कोई फर्क नहीं डालेगा। उन्होंने X पर लिखा कि अगर किसी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए तो वह न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी हैं। हाल ही में एक रेडियो इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा था कि उन्हें ममदानी की गिरफ्तारी संबंधी धमकियों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यूयॉर्क के मेयर हमास का समर्थन करते हैं और अमेरिका से नफरत करते हैं। अमेरिका और इजराइल, दोनों ICC के सदस्य नहीं हैं। अमेरिकी संघीय कानून राज्य और स्थानीय प्रशासन को ICC के अनुरोधों पर सहयोग करने से रोकता है। पिछले साल न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल भी कह चुकी हैं कि मेयर के पास नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कनाडा के जंगलों में आग से टोरंटो, न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन की हवा दुनिया में सबसे खराब
कनाडा में जंगलों में लगी भीषण आग का धुआं अमेरिका तक पहुंच गया है। शनिवार को टोरंटो, न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन DC दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहे। खराब एयर क्वालिटी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को बाहर कम निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। कनाडा में इस समय 955 जगहों पर जंगलों में आग लगी हुई है। इनमें से करीब 200 आग केवल ओंटारियो प्रांत में हैं। कई जगह आग अब भी नियंत्रण से बाहर है। अमेरिका के मिनेसोटा राज्य की उत्तरी सीमा पर भी एक दर्जन से ज्यादा जंगलों में आग लगी है। ये 73 हजार एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैली है। अधिकारियों ने इसे अभूतपूर्व स्थिति बताते हुए आपातकाल घोषित किया है। अमेरिका के नेशनल इंटरएजेंसी फायर सेंटर और नेचुरल रिसोर्सेज कनाडा के अनुसार, जून के आखिर में लगातार गर्म मौसम और सामान्य से कम बारिश के कारण आग तेजी से फैली। सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा कि हवा धुएं को ओंटारियो से टोरंटो, न्यूयॉर्क राज्य और बोस्टन तक ले गई। एयर क्वालिटी मॉनिटर करने वाली संस्था IQAir के अनुसार शनिवार को टोरंटो, न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन DC दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कनाडा पर जंगलों की आग रोकने में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धुएं से अमेरिका को भारी नुकसान हो रहा है और इसकी भरपाई के लिए कनाडा पर नए टैरिफ लगाने पर विचार किया जा सकता है। ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने अमेरिकी नेताओं की आलोचना को गलत बताया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले साल कैलिफोर्निया में लगी आग बुझाने में टोरंटो ने अमेरिका की मदद की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों की आग के धुएं के लिए सिर्फ कनाडा को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के विशेषज्ञ पैट्रिक जेम्स के मुताबिक, धुआं सीमाएं नहीं मानता। हवा उसे जहां ले जाती है, वह वहीं पहुंच जाता है। पहले भी अमेरिका में लगी बड़ी आग का धुआं कनाडा तक पहुंच चुका है। ताइवानी राष्ट्रपति बोले- लोकतांत्रिक ताइवान को कभी ‘चीन का ताइवान’ नहीं बनने देंगे
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने रविवार को कहा कि देश को अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए एकजुट रहना होगा और किसी भी कीमत पर ‘लोकतांत्रिक ताइवान’ को ‘चीन का ताइवान’ नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने अपनी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बीजिंग के “रेड टेरर” का मिलकर मुकाबला करने की अपील की। DPP के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए लाइ ने कहा कि शांति के समय भी ताइवान को सतर्क रहने की जरूरत है। लाइ ने कहा कि चीन का नया ‘एथनिक यूनिटी लॉ’ बीजिंग को अपनी सीमाओं के बाहर रहने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई का आधार देता है। ताइवान को आशंका है कि इस कानून का इस्तेमाल उन ताइवानी नागरिकों के खिलाफ किया जा सकता है, जिन्हें चीन अलगाववादी मानता है। हालांकि, चीन इस कानून को लेकर की गई सभी आलोचनाओं को पहले ही खारिज कर चुका है। ताइवान का कहना है कि चीन की कानूनी व्यवस्था का उसके क्षेत्र पर कोई अधिकार नहीं है। ताइवानी (होक्कियन) भाषा में भाषण देते हुए लाइ ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे सबसे आगे रहकर समाज पर चीन के “रेड टेरर” के खतरे का मुकाबला करें। उन्होंने कहा, “हमें अपनी लोकतांत्रिक और स्वतंत्र जीवनशैली की रक्षा के लिए साथ मिलकर काम करना होगा। किसी भी हालत में लोकतांत्रिक ताइवान को फिर से चीन का ताइवान नहीं बनने देंगे।” लाइ ने एक बार फिर कहा कि ताइवान पहले से ही एक स्वतंत्र देश है, जिसका संवैधानिक नाम ‘रिपब्लिक ऑफ चाइना’ है। उन्होंने कहा कि यह ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ के अधीन नहीं है। लाइ ने कहा कि पिछले एक दशक में DPP सरकार ने चीन के बढ़ते दबाव, दुष्प्रचार, सैन्य धमकियों और कूटनीतिक दबाव के सामने कभी पीछे हटने का रास्ता नहीं चुना।

मानसून सत्र से पहले 3 घंटे सर्वदलीय बैठक:40 पार्टियां शामिल, रिजिजू बोले- सबने अपनी बात रखी; कल वंदे मातरम से जुड़ा बिल पेश होगा

मानूसन सत्र से एक दिन पहले रविवार को संसद भवन के एनेक्सी बिल्डिंग में सर्वदलीय बैठक हुई। 3 घंटे चली मीटिंग की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की। मीटिंग में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, DMK सहित 40 दलों के नेता शामिल हुए। हालांकि बैठक के बीच विपक्ष ने सांकेतिक वॉकआउट किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने TMC के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में क्यों बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने उनके गुट को अभी तक मान्यता नहीं दी है। उधर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद कहा कि, मीटिंग में अच्छी चर्चा हुई। सबने अपनी बात रखी। सदन बिना रुकावट चले, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। सोमवार को अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा बिल पेश करेंगे। सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के सवाल; महुआ बोलीं- बागी सांसदों यहां क्यों NCPI के 20 सांसदों को बैठक में बुलाने पर रिजिजू बोले- सदन सबका एक दिन पहले स्पीकर ने TMC के बागी गुट को अलग बैठने की अनुमति दी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले TMC के 20 बागी सांसदों को शनिवार को लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी मिल गई। 15 जून को तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से विलय कर लिया था। हालांकि विपक्ष का कहना है कि इस गुट को स्पीकर ने अभी मान्यता नहीं दी है। उधर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों को मंजूरी दे दी है। 22 जून को उद्धव का साथ छोड़कर 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। ये सांसद भी अब शिंदे गुट के साथ संसद में बैठेंगे। 22 जून: उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में 22 जून को फिर बगावत हुई थी। लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए थे। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। शिंदे के साथ सभी 6 सांसदों ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया था। डिप्टी सीएम ने कहा, ‘जब 2022 में हमने पार्टी और धनुष-बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब हमने छक्का लगाया है।’ 8 जून: टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों का एनडीए को समर्थन देने का ऐलान 8 जून को टीएमसी के लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था। सांसद और TMC की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था कि सांसदों के साइन वाला पत्र लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेज दिया था। बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर लिया था। NCPI बंगाल में रजिस्टर्ड पार्टी है। त्रिपुरा से चुनावी शुरुआत की थी। 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारे थे। चारों हार गए थे। दोनों गुट NDA के साथ, मोदी सरकार का संख्या बल बढ़ा TMC और उद्धव गुट के बागी सांसदों को मंजूरी मिलने से मोदी सरकार को फायदा मिलेगा। मोदी सरकार संसद में दो तिहाई बहुमत के और करीब आ जाएगी, जो संविधान संशोधन विधेयक पास करने के लिए अहम है। सरकार महिला आरक्षण कानून लागू करने और परिसीमन विधेयक के जरिए संसद और राज्य विधानसभाओं की संख्या बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक पास कराने के लिए जरूरी संख्या जुटानी की कोशिश कर रही है। अप्रैल में राज्यसभा के विशेष सत्र में सरकार की यह कोशिशें नाकाम हो गई थीं। इसके बाद से विपक्ष की चार पार्टियों के 37 लोकसभा और राज्यसभा सांसद सत्ता पक्ष में शामिल हो चुके हैं। अप्रैल के मुकाबले दोनों सदनों में सरकार का समर्थन बढ़ा है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अब भी पीछे है… लोकसभा: दो-तिहाई आंकड़े से 42 वोट पीछे राज्यसभा: दो-तिहाई बहुमत से 11 वोट पीछे ——————————— ये खबर भी पढ़ें… NDA का मिशन 360, अब DMK-NCP-सपा में सेंध की तैयारी:लोकसभा में दो-तिहाई का आंकड़ा पाने अब 41 सांसदों की जरूरत भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार सियासी तस्वीर बदलने के लिए ‘मिशन 360’ में जुटे हैं। 17 अप्रैल को महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े बिल पर लोकसभा में झटका लगने के बाद ही भाजपा ने संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की रणनीति तेज कर दी थी। पूरी खबर पढ़ें…

सुपारी व्यापारी ने की 10 करोड़ की GST चोरी:मजदूरों के खातों में मंगवाता था पैसे, 56 करोड़ का कारोबार को 2.5 करोड़ का दिखाया

भरतपुर में राहुल ब्रांड की फ्लेवर्ड सुपारी बनाने वाली मैसर्स किशन फूड प्रोडक्ट्स बिना टैक्स इनवॉइस करोड़ों रुपए की सुपारी बेच रही थी। बिक्री का पैसा कंपनी मालिक द्वारका मतलानी अपने यहां काम करने वाले मजदूरों के नाम से खुलवाए गए बैंक खातों और यूपीआई आईडी में मंगवाता था। जांच में अब तक 10.52 करोड़ रुपए की GST चोरी सामने आई है। कंपनी पिछले पांच वर्षों से यह तरीका अपनाकर कारोबार कर रही थी। इस दौरान उसने 56.51 करोड़ रुपए का वास्तविक कारोबार किया, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में केवल करीब 2.5 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाया। 18 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर जीजीएसटी कमिश्नरेट की एंटी-इवेजन शाखा ने कंपनी में छापा मारकर 4 मोबाइल, 23-24 मशीनें, हजारों कच्ची पर्चियां, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए। विभाग ने मजदूरों के बैंक खाते फ्रीज कर कंपनी मालिक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। 5 साल तक छिपाया करोड़ों का कारोबार एडवोकेट विवेक हथैनी ने बताया कि राहुल ब्रांड की फ्लेवर्ड सुपारी बनाने वाली मैसर्स किशन फूड प्रोडक्ट्स ने पिछले पांच वर्षों में सरकारी रिकॉर्ड में केवल करीब 2.5 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाया, जबकि जांच में 56.51 करोड़ रुपए की फ्लेवर्ड सुपारी बिना टैक्स इनवॉइस के बेचना सामने आया। विभाग को इसकी भनक लगने के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें अब तक 10.52 करोड़ रुपए की GST चोरी सामने आई है। कंपनी पिछले पांच वर्षों से कम्पोजीशन स्कीम में रजिस्टर्ड थी। मजदूरों के नाम से यूपीआई और बैंक खाते खोलकर छिपाया नेटवर्क जांच में सामने आया कि कंपनी के मालिक द्वारका मतलानी ने टैक्स चोरी के लिए समानांतर नेटवर्क तैयार कर रखा था। इसके लिए कंपनी में काम करने वाले करीब 13 मजदूरों के नाम से यूपीआई आईडी और बैंक खाते खुलवाए गए। बिना बिल बेची गई सुपारी का भुगतान इन्हीं खातों में मंगवाया जाता था, जिससे असली कारोबार और कारोबारी की पहचान विभाग की नजर से छिपी रही। अब विभाग ने सभी संबंधित खातों को फ्रीज कर उनके लेन-देन की जांच शुरू कर दी है। सूचना पर फैक्ट्री में छापा, बिना बिल बिक्री का खुलासा जीजीएसटी कमिश्नरेट की एंटी-इवेजन शाखा ने 17 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर जीजीएसटी एक्ट की धारा 67(2) के तहत कंपनी परिसर में तलाशी ली। जांच में सामने आया कि कंपनी कम्पोजीशन स्कीम में पंजीकृत रहते हुए गुप्त रूप से ब्रांडेड फ्लेवर्ड सुपारी का निर्माण और सप्लाई कर रही थी। पूरा कारोबार बिना टैक्स इनवॉइस, कच्ची पर्चियों और समानांतर रिकॉर्ड के जरिए संचालित किया जा रहा था। टीम ने मजदूरों के खातों को भी फ्रीज करा दिया। 4 मोबाइल, मशीनें और हजारों पर्चियों से मिले GST चोरी के सबूत तलाशी के दौरान विभाग ने 4 मोबाइल, 23-24 मशीनें, हजारों कच्ची पर्चियों के फोटो, व्हाट्सएप चैट, समानांतर हिसाब-किताब, बैंक लेन-देन का रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार मोबाइलों में बिना बिल बिक्री, ऑर्डर, सप्लाई, भुगतान और कच्चे कारोबार से जुड़ी हजारों प्रविष्टियां मिली हैं। व्हाट्सएप चैट और डिजिटल रिकॉर्ड से पूरे नेटवर्क की पुष्टि हुई है। हरियाणा से आता था मेंथॉल, कई राज्यों तक सप्लाई की जांच जारी जांच के दौरान फ्लेवर्ड सुपारी बनाने में इस्तेमाल होने वाला मेंथॉल भी मिला, जो प्रारंभिक तौर पर हरियाणा से मंगाया गया प्रतीत हो रहा है। विभाग अब इसकी भी जांच कर रहा है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि बिना बिल तैयार किया गया माल किन-किन राज्यों में सप्लाई किया गया। फिलहाल GST विभाग पूरे नेटवर्क और टैक्स चोरी के दायरे की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।

राजस्थान के सरकारी टीचर्स और स्टूडेंट्स को AI सिखाया जाएगा:छात्र को किस सब्जेक्ट में ज्यादा मेहनत की जरूरत इसका भी पता लगाया जा सकेगा

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पढ़ाई की शुरुआत होने जा रही है। इसके जरिए टीचर्स और स्टूडेंट्स दोनों को AI तकनीक से जोड़ना है। इसके लिए टीचर्स AI टूल्स का इस्तेमाल सीखेंगे। वहीं, स्टूडेंट्स को AI के काम करने के तरीके, उसके सही और गलत उपयोग तथा डिजिटल सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में राजस्थान के 10 जिलों में करीब एक लाख शिक्षकों को AI का प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके बाद यह मॉडल प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तार किया जाएगा। शिक्षा विभाग इस पर काम कर रहा है। इसकी शुरुआत उदयपुर में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के जरिए की गई। इसमें प्रदेश की 34 डाइट की फैकल्टी को सबसे पहले समझाते हुए ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बताया जा रहा है कि AI की मदद से कुछ ही मिनटों में लैसन प्लान (शिक्षण योजना) कैसे तैयार किया जा सकता है। स्टूडेंट के स्तर के अनुसार गतिविधियां कैसे बनाई जा सकती हैं। मूल्यांकन कैसे तैयार होगा और किस छात्र को किस सब्जेक्ट में अतिरिक्त सहायता की जरूरत है, इसका विश्लेषण कैसे किया जा सकता है। इससे पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। स्टूडेंट्स को भी AI के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्हें समझाया जाएगा कि AI कैसे काम करता है। वह जानकारी किस आधार पर तैयार करता है। उसकी सीमाएं क्या हैं। किसी जानकारी की सत्यता कैसे परखी जाए। साथ ही साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल लिटरेसी और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े विषय भी ट्रेनिंग का हिस्सा होंगे। ये कार्यक्रम राजस्थान के साल 2047 के विजन डॉक्यूमेंट के अनुसार शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में कदम है। एक्सपर्ट का मानना है कि जिन कार्यों में पहले शिक्षकों को एक घंटे तक का समय लगता था। वे AI की मदद से कुछ ही मिनटों में पूरे किए जा सकेंगे। इससे टीचर्स को स्टूडेंट्स के साथ अधिक गुणवत्तापूर्ण समय देने का अवसर मिलेगा। ऊपर से नीचे तक सबको ट्रेनिंग देंगे सबसे पहले प्रदेश के 34 जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) के फैकल्टी सदस्यों और चयनित 10 फोकस जिलों के स्टेट रिसोर्स ग्रुप को ट्रेनिंग दी जाएी। यह ट्रेनिंग उदयपुर के राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) में शुक्रवार को दिया गया। अब आगे ये मास्टर ट्रेनर (MT) तैयार करेंगे। मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों के डाइट के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इसी चरणबद्ध प्रक्रिया से प्रशिक्षण पंचायत स्तर तक और सरकारी स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। करीब एक लाख शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। आगे बनेगा राजस्थान का अपना AI पाठ्यक्रम पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर राहुल शर्मा ने बताया- एनसीईआरटी और सीबीएसई पहले ही AI से जुड़े पाठ्यक्रम तैयार कर चुके हैं। इसी आधार पर इस साल पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। भविष्य में राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) भी राज्य की जरूरतों के अनुरूप AI का अपना प्रशिक्षण मॉड्यूल और पाठ्यक्रम तैयार करेगी। इसे प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में लागू करने की योजना है। RSCERT की निदेशक श्वेता फगेड़िया ने कहा कि एआई के माध्यम से समय की बचत करते हुए शिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से शिक्षकों को एआई आधारित तकनीकों और उनके प्रभावी उपयोग की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, प्रभावी परिणाम बना सकें। उन्होंने कहा- यह एक शुरुआत है। भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली नई तकनीकों व नवाचारों को भी चरणबद्ध तरीके से अपनाया जाएगा। पहले किसी विषय को गहराई से समझने के लिए विशेषज्ञ या शिक्षक पर पूरी तरह निर्भर रहना पड़ता था। अब कई एआई आधारित टूल्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से स्टूडेंट्स अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। यही उपयोग शिक्षक कर सकें, इस सोच से आगे बढ़ रहे हैं। इन सभी तकनीकों के बावजूद शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहेगी, क्योंकि वही स्टूडेंट्स को सही दिशा, मार्गदर्शन और मानवीय मूल्यों के साथ सीखने की प्रेरणा देते हैं। क्यों शुरू किया जा रहा AI कार्यक्रम राजस्थान सरकार स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, विकसित राजस्थान-2047 विजन और राज्य की AI-ML नीति-2026 के अनुरूप यह पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य तकनीक के जरिए शिक्षण को अधिक प्रभावी, स्टूडेंट् के अनुरूप और डेटा आधारित बनाना है। शिक्षकों को AI टूल्स के उपयोग में काबिल बनाना है, ताकि वे AI-सक्षम क्लासों का संचालन कर सकें। इस कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट तकनीकी सहयोगी होगा। कंपनी 80 हजार से अधिक शिक्षकों के प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन में सहयोग करेगी। इससे शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों की टीचिंग-लर्निंग प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाएगा। RSCERT, DIET और पिरामल फाउंडेशन की साझेदारी इसे पूरे प्रदेश में लागू किए जा सकने वाला स्थायी मॉडल बनाने पर काम करेगी।

अमेरिका से लौटी इंजीनियर की पत्नी, बेटी की कस्टडी मांगी:पति से बात करना किया बंद; पीहर वाले घर आकर ले गए थे गहने

जयपुर में सॉफ्टेवयर इंजीनियर की पत्नी शादी के 8 साल बाद अचानक पीहर चली गई। उसके कुछ समय बाद रिश्तेदार की शादी में जाने के बहाने ससुराल से गहने भी मंगवा लिए। इसके बाद पत्नी (सॉफ्टवेयर इंजीनियर) जॉब के लिए अमेरिका चली गई। करीब 2 साल बाद इंडिया लौटी, लेकिन ससुराल नहीं आई। पति से बात करना भी बंद कर दिया। फिर 8 साल की बेटी की कस्टडी के लिए केस कर ससुराल पक्ष को नोटिस भिजवा दिया। यही नहीं, जिन गहनों को उसके मायके वाले हड़प चुके थे, उनको मांगने का भी नोटिस में जिक्र कर दिया। नोटिस मिलने के बाद 17 जुलाई को ससुर (पति के पिता) ने बिंदायका पुलिस थाने में बहू के पिता और उसके चाचा के खिलाफ गहने हड़पने की FIR दर्ज करवाई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला… सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे की 2014 में कराई थी शादी बिंदायका थाने के ASI बाबूलाल ने बताया- 65 वर्षीय बुजुर्ग ने थाने में FIR दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि उनके सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे की शादी बेंगलुरु (कर्नाटक) निवासी युवती से साल 2014 में हुई थी। वह भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। शादी के करीब 8 साल बाद उनकी बहू अचानक पीहर चली गई। 8 दिसंबर 2023 को बहू के पिता और चाचा जयपुर आए। विद्याधर नगर में एक शादी में शामिल होने की कहकर उनके घर पर ही रुक गए। उस दौरान उनकी बहू बेंगलुरु में पीहर में ही थी। बहू के गहने लेने जयपुर आए थे पिता और चाचा ससुर ने रिपोर्ट में बताया कि जयपुर स्थित उनके घर पर बातचीत के दौरान बहू के पिता और चाचा ने 21 जनवरी 2024 को सिकंदराबाद (तेलंगाना) में परिवार में शादी होना बताया। शादी में बहू के भी जाने की बात बताई। दोनों ने अलमारी में रखी बहू की ज्वेलरी के साथ-साथ हमारे पैतृक गहने भी शादी में पहनने के लिए मांगे। उन्होंने बहू के अच्छे व्यवहार और संबंधों के चलते रिश्तेदार की शादी में पहनने के लिए गहने निकालकर उन्हें दे दिए। बाद में पता चला कि सिकंदराबाद में हुई शादी में बहू की मम्मी ने उन गहनों को पहना था। अमेरिका से लौटने पर भेजा नोटिस इसके बाद जॉब के सिलसिले में बहू मासूम बेटी के साथ अमेरिका चली गई। करीब 2 साल अमेरिका में रहने के बाद मार्च 2026 में बहू के इंडिया लौटने का पता चला। रिपोर्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि 25 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु कोर्ट से उन्हें एक नोटिस मिला। नोटिस से पता चला कि बहू ने बेटी की कस्टडी के लिए बेंगलुरु कोर्ट में केस फाइल कर रखा है। मायके वाले ने जो गहने लिए थे, उसका भी झूठा हवाला दिया है कि वह अभी भी उनके (ससुराल वालों के) पास है। गहने मांगे तो लौटाने से किया इनकार इसका पता चलने पर पीड़ित परिवार ने बहू के मायके वालों से कॉन्टैक्ट कर गहने मांगे, तो उन्होंने गहने लौटाने से मना कर दिया। इन गहनों में सोने का रानीहार, मंगलसूत्र, कमरबंद, बाजूबंद, हथफूल, सात अंगूठी, दो कड़े, दो चूड़ी, चेन-पेंडेंट सेट, कान की जोड़ियां, टीका और अन्य सोने के गहने शामिल हैं। इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया।

पंजाब में अश्लील फोटो वाले निहंग को संगलों से बांधा:डंडों से पिटवाया, बाणा पहनने पर रोक लगाई; बुड्‌ढा दल ने दी धार्मिक सजा

निहंग जसदीप सिंह को उनके अश्लील फोटो सामने आने के बाद धार्मिक सजा दी गई है। बुड्ढा दल ने निहंग जसदीप सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। इसके तहत जसदीप सिंह को संगल (जंजीरों) से बांधा गया और दंड स्वरूप डंडों से मार भी लगाई गई। इस पूरी कार्रवाई की वीडियो और तस्वीरें बुड्ढा दल के दोआबा जोन के जत्थेदार मान सिंह ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की हैं। वीडियो में जत्थेदार मान सिंह कहते हैं कि अश्लील तस्वीरें सामने आने के बाद जसदीप सिंह को पहले भी सजा सुनाई गई थी, लेकिन वह बीच में ही वहां से भाग गया था। उन्होंने यह भी कहा कि जसदीप सिंह को अब तक बुड्ढा दल की ओर से किसी प्रकार की माफी नहीं दी गई थी। हालांकि, इससे पहले जसदीप सिंह ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उन्हें बुड्ढा दल की ओर से माफी मिल चुकी है। बुड्ढा दल के अनुसार, इस धार्मिक दंड के बाद निहंग जसदीप सिंह तब तक निहंगों का बाणा धारण नहीं कर सकेंगे, जब तक बड़े बाबाओं की ओर से आगे का आदेश जारी नहीं किया जाता। वहीं, सजा के दौरान जसदीप सिंह ने भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि अब वह अपनी सजा बीच में छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। जसदीप ने कहा- अगर मैं अब यहां से भागता हूं या किसी कारणवश पंथ के आदेशों का पालन नहीं करता हूं, तो मेरे साथ जो भी होगा, उसके लिए पंथ जिम्मेदार नहीं होगा। मैं अब बड़े बाबा के आदेश के अनुसार ही चलूंगा और जैसा वे कहेंगे, वैसा ही करूंगा। जसदीप सिंह को सजा मिलने के 2 PHOTOS… निहंग जसदीप सिंह को क्यों दी गई सजा… ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब में अश्लील फोटो वाला निहंग सामने आया, बोला- बदनामी दोगुनी-तिगुनी करके मोड़ूंगा निहंग विक्की थॉमस और निहंग जसदीप सिंह के बीच कंट्रोवर्सी थमने का नाम नहीं ले रही। विक्की थॉमस द्वारा उनकी अश्लील फोटो रिलीज करने के बाद निहंग जसदीप सिंह पहली बार सामने आया और उसने अश्लील फोटो की बात स्वीकार की। पढ़ें पूरी खबर…

गोगुंद-पिंडवाड़ा हाईवे पर ट्रक में घुसी कार, युवक-युवती की मौत:कार का आगे का हिस्सा चकनाचूर हो गया, दोनों के शवों की नहीं हुई पहचान

उदयपुर जिले के गोगुंदा-पिंडवाड़ा हाईवे पर सड़क हादसे में युवक-युवती की मौके पर ही मौत हो गई। जेलानी के पास एक तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार का आगे का पूरा हिस्सा चकनाचूर हो गया। हादसे की खबर मिलते ही गोगुंदा थाना पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। कार की हालत इतनी खराब थी कि दोनों के शव अंदर बुरी तरह फंस गए थे। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद ली और काफी मशक्कत करने के बाद दोनों शवों को कार को काटकर बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने दोनों के शवों को गोगुंदा सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पिंडवाड़ा की तरफ जा रही थी कार गोगुंदा थानाधिकारी प्रवीण सिंह ने बताया कि कार में सवार युवक और युवती गोगुंदा से पिंडवाड़ा की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान जेलानी के पास यह हादसा हो गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आगे चल रहे ट्रेलर के चालक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। दोनों के शवों की नहीं हुई पहचान इस हादसे में जान गंवाने वाले युवक और युवती की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस उनके पास मिले सामान और कार के नंबर के आधार पर उनके परिजनों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। गोगुंदा थाना पुलिस ने इस पूरे मामले को दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। हाईवे पर दूर लगे सीसीटीवी कैमरों और चश्मदीदों से भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि हादसे की सही वजह का पता चल सके। इनपुट – गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा।

देश में चाइनीज स्मार्टफोन की बाजार हिस्सेदारी घटी:6 साल में सबसे कम हुई, 15000 रुपए से सस्ते फोन की बिक्री 45% घटी

देश के स्मार्टफोन बाजार में अप्रैल-जून तिमाही में एक खास ट्रेंड देखा गया। चाइनीज ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी घटकर छह साल के निचले स्तर (18% तक) पर आ गई। दूसरी तरफ सैमसंग, नथिंग और गूगल पिक्सल जैसी कंपनियों ने बिक्री में तेज ग्रोथ दिखाई। रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट के मुताबिक, जून तिमाही के दौरान स्मार्टफोन की कुल बिक्री सालाना आधार पर 10% घटी, जो बीते छह साल में जून-तिमाही की सबसे तेज गिरावट है। सबसे ज्यादा असर 15,000 रुपए से सस्ते फोन पड़ा, जिनकी बिक्री 45% घट गई। गिरावट की बड़ी वजह मेमोरी चिप (डेटा स्टोर करने वाला पुर्जा) की कीमतों में उछाल रही, जिसके चलते ज्यादातर कंपनियों ने फोन के दाम करीब 15% तक बढ़ा दिए। आउटलुक : पूरे साल में 13% घट सकती है बिक्री सितंबर, 2025 से अब तक स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप की कीमतें करीब 4 गुना बढ़ चुकी हैं। इसी वजह से अप्रैल-जून में स्मार्टफोन के औसत दाम करीब 15% बढ़ गए। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि आगामी महीनों में इनके दाम 5 गुना तक बढ़ जाएंगे। इसे देखते हुए काउंटरपॉइंट का अंदाजा है कि इस साल स्मार्टफोन की कुल बिक्री 13% घट सकती है। ट्रेंड : देश के टॉप-5 ब्रांड्स में सिर्फ सैमसंग की बिक्री 2% बढ़ी, नए ब्रांड नथिंग की 105%, गूगल पिक्सल की 68% ओपो, वीवो, शाओमी, रियलमी, वनप्लस, आईक्यू और पोको जैसे चाइनीज ब्रांड्स का बड़ा कारोबार सस्ते फोन पर टिका है। यही वजह रही कि दाम बढ़ने से इनकी बाजार हिस्सेदारी 2020 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई। बिक्री के लिहाज से टॉप-5 ब्रांड्स में सैमसंग इकलौती कंपनी रही, जिसकी बिक्री 2 फीसदी बढ़ी। गैलेक्सी ए और एस सीरीज की मजबूत मांग देखी गई। नथिंग सबसे तेज बढ़ने वाला ब्रांड रहा। इसकी बिक्री में 105 फीसदी उछाल आया। प्रीमियम सेगमेंट में गूगल पिक्सल ने आक्रामक मार्केटिंग और स्थिर कीमतों के दम पर 68 फीसदी ग्रोथ दिखाई।