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धर्मांतरण कराने राजस्थान से बाहर भेजे जा रहे थे बच्चे:गिरोह ने फ्री पढ़ाई का लालच दिया; गोवा में रेलवे पुलिस ने 7 बच्चों को छुड़ाया

फ्री शिक्षा के बहाने गरीब और आदिवासी बच्चों का धर्मांतरण कराने के लिए राजस्थान से बाहर ले जाने का मामला सामने आया है। गिरोह इन बच्चों को बस से अहमदाबाद और फिर ट्रेन से गोवा लेकर पहुंचा था। गिरोह गोवा से बच्चों को तमिलनाडु ले जाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही रेलवे पुलिस ने छुड़ा लिया। गिरोह से छुड़ाए गए बच्चों में 2 लड़कियां और 5 लड़के शामिल हैं, जिनकी उम्र 7 से 12 साल के बीच है। गोवा की बाल कल्याण समिति की सूचना पर उदयपुर से पुलिस और बाल कल्याण समिति की टीम गोवा पहुंची और शनिवार को सभी बच्चों को उदयपुर लेकर आई। धर्मांतरण के मामले को लेकर उदयपुर के सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। सांसद ने मामले की एनआईए, सीबीआई और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) से जांच की मांग की है। झाड़ोल तहसील के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं बच्चे गिरोह से छुड़ाए गए सभी बच्चे उदयपुर जिले की झाड़ोल तहसील के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि वे झाड़ोल में भी चर्च जाया करते थे। 15 जुलाई को गिरोह के सदस्य बच्चों को बस से अहमदाबाद और फिर ट्रेन से गोवा लेकर पहुंचे थे। गोवा में एक साथ इतने बच्चों को देखकर किसी ने रेलवे पुलिस को सूचना दे दी थी। इस पर रेलवे पुलिस ने बच्चों को रेस्क्यू कर लिया। पूछताछ में बच्चों ने झाड़ोल के गांवों की जानकारी दी तो गोवा की बाल कल्याण समिति ने उदयपुर पुलिस और बाल कल्याण समिति को सूचना दी। कई बच्चों को पहले भी तमिलनाडु भेज चुका गिरोह जांच में सामने आया कि गिरोह पहले भी उदयपुर संभाग से कई बच्चों को तमिलनाडु भेजा जा चुका है। इनमें से 15 बच्चों की जानकारी तो साफ तौर पर मिल चुकी है। उदयपुर लाए जाने के बाद अब इन बच्चों, उनके माता-पिता और ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। बाल कल्याण समिति और पुलिस की जांच के बाद ही बच्चों को उनके माता-पिता को सौंपा जाएगा। मामले की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री सुंदर कटारिया और उनकी टीम भी बाल कल्याण समिति पहुंची। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर उच्च अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सांसद ने सीबीआई जांच की मांग की मामले को लेकर उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को लेटर लिखा है। सांसद ने लिखा- इस पूरे खेल के पीछे कथित ईसाई मिशनरियों और एक बड़े नेटवर्क का हाथ सामने आ रहा है। उन्होंने मामले की गंभीरता, बहुस्तरीय साजिश और डिजिटल लेन-देन की आशंका को देखते हुए इसकी जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की है, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हो सके। फ्री पढ़ाई का लालच देकर दूसरे राज्यों में भेजता है गिरोह सांसद डॉ. रावत ने बताया- उदयपुर संभाग के कानुवाड़ा, बिछीवाड़ा और कलिंजरा जैसे इलाकों में ऐसे 15 से ज्यादा मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों के जागरूक होने और विरोध बढ़ने के बाद इस गिरोह ने अपना तरीका बदल लिया है। अब ये बच्चों को बहला-फुसलाकर और फ्री पढ़ाई का लालच देकर दूसरे राज्यों में भेज रहे हैं, ताकि वहां चुपचाप उनका धर्मांतरण किया जा सके और उन्हें अपनी मूल संस्कृति से अलग किया जा सके।

लोगों ने जाने अपनी समस्याओं के हल:वैश्य महिला संस्था और मानसी क्लब की दो दिवसीय एक्जिबीशन का समापन

वैश्य महिला संस्था और मानसी क्लब की ओर से शनिवार को सेंट्रल पार्क के सामने स्थित बैंक्विट हॉल में एक्जिबीशन आयोजित की गई। एक्जिबीशन में आने वालों को ज्योतिषाचार्य बबीता आसावा और डॉ. सारिका औदिच्य ने ज्योतिष संबंधी सवालों के जवाब दिए। इस अवसर पर लोगों ने हस्तरेखा, प्रश्न कुंडली, रेकी, टेरोकार्ड आदि विधा से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उपाय जाने। दो दिवसीय एक्जिबीशन में कई तरह के स्टॉल्स लगाए गए।

रिश्तेदारों ने युवक का नाक और कान काटे:लाठियों से पीट-पीटकर हाथ-पैर तोड़े; आवाज सुनकर पड़ोसी आए तो भाग निकले हमलावर

जैसलमेर में पुरानी रंजिश को लेकर रिश्तेदारों ने चाकू से युवक का नाक और कान काट दिए। इसके बाद लाठियों से पीट-पीटकर एक हाथ और एक पैर तोड़ डाला। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो सभी हमलावर वहां से भाग चुके थे। युवक लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा था। उसको गंभीर हालत में नाचना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद जोधपुर रेफर कर दिया गया। मामला नाचना थाना इलाके के पांचे का तला गांव का है। आरोपी फरार, पुलिस जांच में जुटी थानाधिकारी सुमेर दान ने बताया- दायम खां पुत्र मोहम्मद खान निवासी पांचे का तला, सरहद चक 5 केआरएम पर शनिवार को उसी के रिश्तेदारों ने हमला कर दिया। युवक को गंभीर हालत में नाचना सीएचसी लाया गया था। यहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजनों ने 3 नामजद समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दी है। इसमें अजीज खां, नजीर खां, पिसरान, बक्सु खान अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। घटना के बाद से आरोपी फरार है। इनकी तलाश की जा रही है। चाकू से नाक और कान काटे परिजनों ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि दायम खां अपने खेत पर काम कर रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद को लेकर अजीज खां, नजीर खां पिसरान और बक्सु खान लाठियां और चाकू लेकर आए। उनके साथ अन्य लोग भी थे। इन लोगों ने दायम खां को पकड़ लिया और मारपीट करने लगे। आरोपियों ने चाकू से दायम का नाक और कान काट डाले। इसके बाद लाठियों से पीट-पीटकर कर एक हाथ और एक पैर तोड़ डाला। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन हमलावर फरार हो गए। ये खबर भी पढ़ें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 9 को उम्रकैद:मूंछों पर ताव देते हुए कोर्ट से निकले दोषी; चुनावी रंजिश में भांजे का किया था मर्डर अलवर में चुनावी रंजिश में हत्या के मामले में कोर्ट ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद शनिवार को सभी दोषी कोर्ट परिसर से मूंछों पर ताव देते हुए बाहर निकले। (पूरी खबर पढ़ें)

डिग्गी-कल्याणजी की 61वीं लक्खी पदयात्रा का पोस्टर लॉन्च:18 अगस्त को जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर से होगी रवाना

टोंक जिले के प्रसिद्ध मंदिर डिग्गी कल्याण जी में शनिवार को 61वीं लक्खी पदयात्रा का पोस्टर लॉन्च हो गया। यह पैदल यात्रा 18 अगस्त को जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर से शुरू होगी और 22 अगस्त को डिग्गी धाम पहुंचेगी पोस्टर लॉन्च कार्यक्रम में पदयात्रा से जुड़े पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यात्रा के सफल आयोजन का संकल्प लिया। विमोचन जयपुर लक्खी पदयात्रा के संचालक श्रीजी शर्मा, पत्रकार मनोज टांक, दीपांशु पाराशर और अन्य श्रद्धालुओं ने किया। पदयात्रा के पदाधिकारी बोले- जयपुर से डिग्गी कल्याणजी तक निकलने वाली लक्खी पदयात्रा वर्षों से आस्था, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का प्रतीक रही है। हर साल हजारों श्रद्धालु भगवान श्री कल्याणजी महाराज के दर्शन के लिए पैदल यात्रा कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं। पोस्टर विमोचन के साथ ही पदयात्रा की तैयारियों को गति देने पर भी चर्चा की गई। पदयात्रा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कल्याणजी महाराज के दर्शन कर यात्रा के सफल एवं मंगलमय आयोजन की प्रार्थना की। लक्खी पदयात्रा की जानकारी 18 अगस्त को यात्रा सुबह 9 बजे जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर से शुरू होगी। यात्रा 19 अगस्त को मदरामपुरा/हरसूलिया, 20 अगस्त को फागी और 21 अगस्त को चौसला में रुकेगी। 22 अगस्त को डिग्गी पहुंचने पर शाम 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी। लक्खी पदयात्रा में राजस्थान और अन्य राज्यों से लाखों भक्त नंगे पैर चलते हैं। डिग्गी कल्याण जी का मंदिर टोंक की मालपुरा तहसील के डिग्गी कस्बे में है। यह स्थान जयपुर से लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर है। इनपुट:दीपांश दीपांशु पाराशर, डिग्गी।

TMC के बागी 20 सांसद लोकसभा में अलग बैठेंगे:उद्धव के 6 सांसदों के शिंदे गुट में जाने को स्पीकर की मंजूरी, मानसून सत्र में बदलेगी तस्वीर

ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले TMC के 20 बागी सांसदों को लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी मिल गई है। 15 जून को तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से विलय कर लिया था। उधर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों को भी मान्यता दे दी है। 22 जून को उद्धव का साथ छोड़कर 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। ये सांसद भी अब शिंदे गुट के साथ संसद में बैठेंगे। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। 22 जून: उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में 22 जून को फिर बगावत हुई थी। लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए थे। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। शिंदे के साथ सभी 6 सांसदों ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया था। डिप्टी सीएम ने कहा, ‘जब 2022 में हमने पार्टी और धनुष-बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब हमने छक्का लगाया है।’ 8 जून: टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों का एनडीए को समर्थन देने का ऐलान 8 जून को टीएमसी के लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था। सांसद और TMC की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था कि सांसदों के साइन वाला पत्र लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेज दिया था। बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर लिया था। NCPI बंगाल में रजिस्टर्ड पार्टी है। त्रिपुरा से चुनावी शुरुआत की थी। 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारे थे। चारों हार गए थे। सूत्रों के अनुसार, टीएमसी के बागी गुट के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने शनिवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों गुट NDA के साथ, मोदी सरकार का संख्या बल बढ़ा TMC और उद्धव गुट के बागी सांसदों को मंजूरी मिलने से मोदी सरकार को फायदा मिलेगा। मोदी सरकार संसद में दो तिहाई बहुमत के और करीब आ जाएगी, जो संविधान संशोधन विधेयक पास करने के लिए अहम है। सरकार महिला आरक्षण कानून लागू करने और परिसीमन विधेयक के जरिए संसद और राज्य विधानसभाओं की संख्या बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक पास कराने के लिए जरूरी संख्या जुटानी की कोशिश कर रही है। अप्रैल में राज्यसभा के विशेष सत्र में सरकार की यह कोशिशें नाकाम हो गई थीं। इसके बाद से विपक्ष की चार पार्टियों के 37 लोकसभा और राज्यसभा सांसद सत्ता पक्ष में शामिल हो चुके हैं। अप्रैल के मुकाबले दोनों सदनों में सरकार का समर्थन बढ़ा है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अब भी पीछे है… लोकसभा: दो-तिहाई आंकड़े से 42 वोट पीछे राज्यसभा: दो-तिहाई बहुमत से 11 वोट पीछे ——————————— ये खबर भी पढ़ें… NDA का मिशन 360, अब DMK-NCP-सपा में सेंध की तैयारी:लोकसभा में दो-तिहाई का आंकड़ा पाने अब 41 सांसदों की जरूरत भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार सियासी तस्वीर बदलने के लिए ‘मिशन 360’ में जुटे हैं। 17 अप्रैल को महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े बिल पर लोकसभा में झटका लगने के बाद ही भाजपा ने संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की रणनीति तेज कर दी थी। पूरी खबर पढ़ें…

राजस्थान दिनभर, 10 बड़ी खबरें:व्यापारी को कार में डालकर ले गए बदमाश; मूंछों पर ताव देते हुए कोर्ट से निकले हत्यारे; युवक को हाथी से कुचलवाया

नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर अलवर से है। यहां कोर्ट ने हत्या के मामले में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें
1. भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 9 को उम्रकैद
अलवर में चुनावी रंजिश में हत्या के मामले में कोर्ट ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद शनिवार को सभी दोषी कोर्ट परिसर से मूंछों पर ताव देते हुए बाहर निकले। पूरी खबर पढ़ें 2. जोधपुर में फिर 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी
जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक बार फिर 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई। डिलीवरी के बाद ज्यादा ब्लड लॉस होने पर सभी को हायर सेंटर रेफर किया गया। इनमें से 1 वेंटिलेटर पर है, जबकि 3 ICU में एडमिट हैं। 1 प्रसूता सामान्य वार्ड में एडमिट है। पूरी खबर पढ़ें 3. 500 रुपए नहीं देने पर युवक को हाथी से कुचलवाया
बांसवाड़ा के पाटन थाना इलाके में युवक को हाथी ने सूंड से उठाकर पटक दिया। पैर से कुचलने से उसकी पसलियां टूट गईं। परिजनों का आरोप है कि हाथी वाले बाबा ने 500 रुपए मांगे थे, नहीं देने पर हाथी से हमला करवा दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि हमला करवाने की बात गलत है। पूरी खबर पढ़ें 4. भाजपा नेता के घर 3 करोड़ रुपए कैश मिले
भाजपा नेता और शराब कारोबारी अशोक चांडक के घर से ED की टीम को 3 करोड़ कैश और 50 से ज्यादा प्रॉपर्टी के डॉक्युमेंट मिले। साथ ही कई संदिग्ध लेन-देन के रिकॉर्ड मिले हैं। बिहार में अवैध बजरी खनन में 131 करोड़ के गबन के आरोप में 8 ठिकानों पर ED ने छापा मारा था। पूरी खबर पढ़ें 5. हवेली की नींव से निकले सोने से भरे 15 कलश
जयपुर में एक हवेली की खुदाई में खजाना मिलने का दावा है। मालिक का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने करीब 40-45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14-15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के आपस में बांट लिए। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें
6. तेज रफ्तार ट्रेलर पलटा, बाइक सवार बाल-बाल बचे
दौसा जिले में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रेलर बेकाबू होकर पलट गया। गनीमत रही कि ट्रेलर आगे चल रहे LPG टैंकर से नहीं टकराया। इस दौरान हाईवे पर जा रहे बाइक सवार 2 व्यक्ति बाल-बाल बच गए। दोनों भरतपुर की तरफ जा रहे थे, लेकिन घबराकर लौट गए। पूरी खबर पढ़ें 7. व्यापारी का किडनैप, कार में डालकर ले गए
बाड़मेर के रीको थाना इलाके में क्रेटा कार में आए 4 बदमाशों ने एक व्यापारी का किडनैप कर लिया। बदमाश पहले शोरूम में घुसे और व्यापारी पर डंडे से हमला कर दिया। इसके बाद 2 बदमाश उसे जबरन उठाकर कार में डालकर भाग हो गए। पूरी खबर पढ़ें 8. बॉयज हॉस्टल में घुसा मगरमच्छ
कोटा के बोरखेड़ा इलाके में एक बॉयज हॉस्टल के बेसमेंट में मगरमच्छ घुस गया। यहां मेस में खाना बना रहे कुक और कर्मचारियों ने मगरमच्छ को देखा तो डरकर बाहर भाग निकले। मगरमच्छ आने से हॉस्टल में रहने वाले कोचिंग छात्रों में भी डर गए। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है
9. लेपर्ड ने पर्यटकों के सामने किया शिकार
जयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व में लेपर्ड फ्लोरा के शावक ने एक जंगली खरगोश का शिकार किया। जंगली खरगोश घास में छुपकर बैठा था। शावक भी घात लगाकर बैठा था। मौका देखते ही शावक ने झपट्टा मारकर खरगोश को जबड़े में दबोच लिया। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास
10. करौली का 26वां स्थापना दिवस कल
पूर्वी राजस्थान के करौली का 26वां स्थापना दिवस 19 जुलाई को मनाया जाएगा। इस मौके पर ‘रन फोर करौली’ और रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा।

गर्लफ्रेंड टॉर्चर करती थी, नर्सिंगकर्मी ने आत्महत्या की:जयपुर में कमरे में शव के पास मिला इंजेक्शन-सिरिंज; मरने से पहले सुसाइड नोट भी लिखा

जयपुर में महावीर कैंसर हॉस्पिटल के एक नर्सिंगकर्मी ने सुसाइड कर लिया है। किराए के कमरे में बेड पर शव मिला। मरने से पहले नर्सिंगकर्मी ने सुसाइड नोट में छोड़ा है। सुसाइड नोट में लिखा- हॉस्पिटल में साथ काम करने वाली एक लड़की, जो मेरे साथ रिलेशनशिप में है। मुझे पिछले काफी दिनों से मानसिक रूप से प्रताड़ित (टॉर्चर) कर रही है। मामले की सूचना पर मालवीय नगर थाना पुलिस ने FSL टीम की मदद से मौके से सबूत जुटाए। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले पढ़िए नर्सिंगकर्मी ने सुसाइड नोट में क्या लिखा… कोटा का रहने वाला था नर्सिंगकर्मी मालवीय नगर थाने के एसआई विजय पाल ने बताया- कोटा के भीमगंजमंडी निवासी अरुण देतवाल (38) पुत्र बाबूलाल ने सुसाइड कर लिया। वह मालवीय नगर के सेक्टर-1 में किराए पर रहता था और महावीर कैंसर हॉस्पिटल में नर्सिंगकर्मी के रूप में कार्यरत था। गुरुवार सुबह 10 बजे से ही परिजनों ने अरुण को कई बार फोन किया था, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं किया। बार-बार संपर्क करने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला। किसी अनहोनी की आशंका में परिजन गुरुवार रात कोटा से जयपुर पहुंचे। अरुण के कमरे पर पहुंचने पर दरवाजा अंदर से बंद मिला। इस पर परिजन दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो कमरे में बेड पर अरुण अचेत अवस्था में पड़ा था। कमरे में पड़ा मिला इंजेक्शन और सिरिंज एसआई ने बताया- सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और FSL टीम की मदद से सबूत जुटाए। पुलिस को बेड पर अरुण मृत अवस्था में मिला और उससे कुछ ही दूरी पर एक इंजेक्शन और सिरिंज पड़ी हुई थी। कमरे की तलाशी लेने पर पुलिस को अरुण का लिखा सुसाइड नोट मिला। मृतक के भाई शुभम ने सुसाइड नोट के आधार पर मालवीय नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शनिवार को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वॉशिंगटन सुंदर तीसरे वनडे से बाहर:हर्ष दुबे को टीम में मिली जगह, इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा मुकाबला कल

इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे और आखिरी वनडे मैच के लिए ऑलराउंडर हर्ष दुबे को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें वॉशिंगटन सुंदर की जगह टीम में शामिल किया गया है। सुंदर दूसरे वनडे के दौरान चोटिल हो गए थे, जिसके कारण वह सीरीज से बाहर हो गए हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा वनडे कल लॉर्ड्स में खेला जाएगा। हर्ष दुबे ने 13 जून 2026 को अफगानिस्तान के खिलाफ धर्मशाला में अपना वनडे इंटरनेशनल डेब्यू किया। इस मैच में उन्होंने 5 ओवर में 47 रन देकर 3 विकेट लिए। सुंदर को कार्डिफ वनडे में लगी चोट सीरीज के दूसरे वनडे मैच के दौरान सुंदर के दाहिने हैमस्ट्रिंग में चोट लग गई थी। भारतीय टीम मैनेजमेंट और मेडिकल स्टाफ अब वॉशिंगटन सुंदर की चोट पर नजर रखे हुए है। सुंदर की चोट की गंभीरता का पता लगाने के लिए जल्द ही उनके स्कैन कराए जाएंगे। इसके साथ ही उनकी चोट के आगे के मैनेजमेंट और रिकवरी के लिए विशेषज्ञों (स्पेशलिस्ट) की सलाह ली जाएगी। बल्लेबाजी कोच ने पहले ही जताई थी चिंता दूसरे वनडे के बाद भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी सुंदर की चोट को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि रन लेते समय उनकी हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी और चोट गंभीर लग रही है। तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम का अपडेटेड स्क्वॉड शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे। ————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… BCCI ने रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलें खारिज कीं:कहा- लॉर्ड्स ODI के बाद भी खेलते रहेंगे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया है। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा का आखिरी इंटरनेशनल मैच नहीं होगा। पूरी खबर…

रिकवरी एजेंटों से परेशान युवक ने सुसाइड किया:परिजन बोले- दोबारा आने की धमकी देकर गए थे, 1 लाख का लोन था

ब्यावर शहर के जामा मस्जिद लोहारन चौपड़ क्षेत्र में कर्ज के दबाव में एक युवक के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। परिजनों ने दो निजी वित्तीय संस्थाओं के रिकवरी एजेंटों पर लगातार वसूली का दबाव बनाने, धक्का-मुक्की करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 व 115(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपित एजेंटों को हिरासत में ले लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, साथ ही प्रशासन ने परिजनों की कुछ मांगों पर सहमति और अन्य पर आश्वासन दिया है। करीब एक लाख रुपए का लिया था लोन परिजनों के मुताबिक जफर (32) ने क्रेडिट एक्सीस ग्रामीण लिमिटेड से 70 हजार रुपए का समूह लोन तथा मुथूट फाइनेंस से करीब 30 हजार रुपए का पर्सनल लोन लिया था। लोन कब लिया गया और कितनी किश्तें बकाया थीं, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है। रिकवरी एजेंटों पर गंभीर आरोप जफर के भतीजे मोहम्मद साजिद का आरोप है कि दोनों संस्थाओं के रिकवरी एजेंट बिना किसी लिखित नोटिस या पूर्व सूचना के घर पहुंच जाते थे और फोन कर भुगतान का दबाव बनाते थे। उनका कहना है कि शुक्रवार को क्रेडिट एक्सीस ग्रामीण लिमिटेड का रिकवरी एजेंट रामकिशोर घर पहुंचा और मृतक के पिता सलीम खान के सामने जफर के साथ कथित धक्का-मुक्की कर दोबारा आने की धमकी देकर चला गया। इससे एक दिन पहले गुरुवार को मुथूट फाइनेंस का रिकवरी एजेंट दाऊद भी कथित रूप से जफर के साथ अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की कर चुका था। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में अब तक कोई ऑडियो, वीडियो या सीसीटीवी फुटेज सामने नहीं आया है। पुलिस भी इन आरोपों की जांच कर रही है। तनाव के बीच उठाया कथित आत्मघाती कदम परिजनों के अनुसार जफर सामान्य व्यवहार कर रहा था, लेकिन पिछले कुछ समय से आर्थिक दबाव के कारण मानसिक तनाव और अवसाद में था। उनका कहना है कि शुक्रवार रात कथित घटना के बाद वह घर के अंदर गया और दुपट्टे से फंदा लगाकर कथित आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में उसे राजकीय अमृत कौर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मृतक जफर हुसैन वेल्डिंग का काम करता था और वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी, छह और चार साल की दो बेटियां, चार माह का एक बेटा तथा वृद्ध माता-पिता हैं, जो पूरी तरह उसी पर आश्रित थे। परिजनों के अनुसार आर्थिक तंगी के कारण परिवार पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था।

पोस्टमार्टम से पहले धरना, रखीं कई मांगें घटना के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन के समक्ष दोनों आरोपित रिकवरी एजेंटों की गिरफ्तारी, मृतक के परिवार को कर्ज से मुक्ति, पत्नी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या आशा सहयोगिनी के रूप में रोजगार तथा आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग रखी। प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ मांगों पर सहमति जताई, जबकि अन्य मांगों पर आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए। शाम को पोस्टमार्टम, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर सिटी थानाधिकारी आशुतोष पाण्डे, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों से वार्ता करते रहे। एफआईआर दर्ज, दोनों एजेंट हिरासत में परिजनों का आरोप है कि घटना वाली रात कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने विरोध जताया। बाद में शनिवार दोपहर ब्यावर सिटी थाने में एफआईआर संख्या 279/26 दर्ज की गई। पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या का दुष्प्रेरण) और 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत दर्ज किया है। दोनों आरोपित रिकवरी एजेंटों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैंक का पक्ष आना बाकी मामले में संबंधित वित्तीय संस्थाओं का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं मिला। अब तक किसी भी संस्था की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संबंधित रिकवरी एजेंट सीधे संस्थाओं के कर्मचारी थे या आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत थे। सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन धरने के दौरान मुस्लिम नौजवान समिति के सदर मोहम्मद साजिद और उनके साथियों ने परिजनों का समर्थन किया। हालांकि, किसी संगठन की ओर से प्रशासन को अलग से ज्ञापन नहीं सौंपा गया।

सुप्रीम कोर्ट बोला- गाली देना हर बार अश्लीलता नहीं होती:अभद्र भाषा और अश्लीलता अलग, मां की गाली भी हर मामले में क्राइम नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि गाली-गलौज या अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना हमेशा अश्लीलता के दायरे में नहीं आता है। शुक्रवार को जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि कोई शब्द तभी अश्लील माना जाएगा, जब वह कामुकता को बढ़ावा देने वाला हो या लोगों को भ्रष्ट करने की प्रवृत्ति रखता हो। कोर्ट ने यह टिप्पणी तमिलनाडु के एक मामले में सुनवाई के दौरान की। आरोपी मणि को जमीन विवाद के दौरान मां की गाली देने के लिए अश्लीलता के आरोप में दोषी ठहराया गया था। जमीन के विवाद में गाली-गलौज और जातिसूचक शब्द बोले थे अगस्त 2017 में जमीन विवाद को लेकर आरोपी ने शिकायतकर्ता के साथ गाली-गलौज की थी। पीड़ित का आरोप था कि आरोपी ने जातिसूचक शब्दों भी कहे। बाद में घर से हथियार लाकर हमला कर दिया, जिससे उसकी नाक की हड्डी टूट गई थी। निचली अदालत ने उसे अश्लीलता, गंभीर चोट और धमकी के लिए दोषी माना था। सुप्रीम कोर्ट ने अश्लीलता और आपराधिक धमकी (IPC की धारा 506) के आरोपों से आरोपी को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि गाली देने से किसी को परेशानी हुई, यह साबित नहीं हुआ। हालांकि, शिकायतकर्ता को गंभीर चोट पहुंचाने (IPC की धारा 326) के मामले में उसकी सजा बरकरार रखी गई है। आरोपी की उम्र करीब 70 साल होने और स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने उसकी सजा को घटाकर ‘कोर्ट उठने तक की कैद’ कर दिया है। साथ ही, उसे 2 महीने के भीतर 50,000 रुपए का जुर्माना भरने का निर्देश दिया गया है। पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में वकील ने CJI का नाम लेकर अपशब्द कहे थे 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक वकील ने हंगामा किया। सीजेआई सूर्यकांत को अपशब्द कहे और फाइल भी फेंकी। इस दौरान सीजेआई कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थे। यह घटना जस्टिस केवी विश्वनाथन, जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई। हंगामे के बाद कोर्ट के आदेश पर सिक्योरिटी ने वकील को तुरंत बाहर निकाल दिया। जब उस याचिकाकर्ता वकील ने अभद्रता शुरू की, तब कोर्ट रूम में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। दिल्ली पुलिस वकील को पूछताछ के लिए ले गई है। सुप्रीम कोर्ट में अभद्रता के मामले सुप्रीम कोर्ट में कभी-कभार किसी वकील द्वारा बहस के दौरान ऊंची आवाज, तीखी बहस या अनुचित टिप्पणी के मामले सामने आए हैं, लेकिन CJI पर शारीरिक हमला या कोर्ट रूम के अंदर गंभीर अभद्रता जैसी घटनाएं सार्वजनिक रिकॉर्ड में मिलती ही नहीं हैं। CJI से अभद्रता की अबतक केवल 2 घटनाओं का जिक्र मिलता है… 1999 – CJI एएस आनंद पर एडवोकेट नंदलाल बलवानी ने जूता फेंका: तत्कालीन CJI एएस आनंद की बेंच के सामने एक वकील ने नारेबाजी की और कोर्ट रूम में जूता फेंका। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर आपराधिक अवमानना माना और उन्हें 4 महीने की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई। 1999 में सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम में फोटोग्राफी या वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं थी। उस समय कोर्ट की कार्यवाही का लाइव प्रसारण भी नहीं होता था। इसलिए घटना का विवरण केवल न्यायालय के आदेश और खबरों में दर्ज है। 6 अक्टूबर 2025 – CJI बीआर गवई के कोर्ट रूम में जूता फेंकने की घटना एक वकील ने सुनवाई के दौरान CJI बीआर गवई की ओर जूता फेंका और नारे लगाए। जूता CJI को नहीं लगा। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद बार काउंसिल ने भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की। बाहर जाते वक्त वकील ने नारा लगाया- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। घटना के बाद CJI ने अदालत में मौजूद वकीलों से अपनी दलीलें जारी रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इस सबसे परेशान न हों। मैं भी परेशान नहीं हूं, इन चीजों से मुझे फर्क नहीं पड़ता। पढ़ें पूरी खबर… ये खबर भी पढ़ें… 9 साल जेल में बंद हत्या के आरोपी को जमानत:सुप्रीम कोर्ट बोला- घटना के समय किशोर था, आरोप लगा; केस में देरी उसकी गलती नहीं सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 9 साल से जेल में बंद हत्या के आरोपी को जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल में असाधारण देरी ने हमारी न्यायिक अंतरात्मा को झकझोर दिया है। ऐसे मामलों की सुनवाई में तेजी लाना अदालतों की संवैधानिक जिम्मेदारी है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने कहा, याचिकाकर्ता घटना के समय किशोर था। अब तक 9 साल बीते गए। इस स्पीड से ट्रायल पूरा होने में अभी और समय लगेगा। पूरी खबर पढ़ें…