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बिना सुविधा पट्टे जारी किए, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब:कोर्ट ने कहा- समय पर जवाब पेश नहीं किया तो सचिव को व्यक्तिगत उपस्थित होना होगा

राजस्थान हाईकोर्ट ने निजी आवासीय टाउनशिप में बुनियादी सुविधाएं डवलप किए बिना पट्टे जारी किए जाने के आरोपों पर जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) से एक सप्ताह में विस्तृत जवाब तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2010 की नीति के तहत सड़क, पानी और बिजली जैसी न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना सभी पट्टे जारी नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने कहा- यदि जवाब समय पर दाखिल नहीं किया तो जेडीए सचिव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना होगा। जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण और जस्टिस अनुरूप सिंघी की खंडपीठ में नवल किशोर शर्मा और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी। आरोप- बिना डवलपमेंट के पट्टे किए जारी याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि संबंधित टाउनशिप के डवलपर ने वर्ष 2010 की आवासीय योजना नीति के अनुरूप आंतरिक विकास कार्य पूरे नहीं किए, फिर भी भूखंडों के पट्टे जारी किए जा रहे हैं। खंडपीठ ने कहा- नीति के अनुसार विक्रय योग्य 87.5 प्रतिशत भूखंडों के पट्टे तभी जारी किए जा सकते हैं, जब सड़क, पेयजल और बिजली जैसी न्यूनतम आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। शेष 12.5 प्रतिशत भूखंडों की बिक्री और पट्टे आंतरिक विकास कार्य पूरी तरह पूरा होने के बाद ही संभव है। कोर्ट ने जेडीए को निर्देश दिए कि वह बताए कि अब तक कितने प्रतिशत पट्टे जारी किए जा चुके हैं, कितने लंबित हैं, टाउनशिप में विकास कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है। डवलपर ने नीति के तहत निर्धारित सभी शुल्क जमा किए हैं या नहीं।

चौसाला में बंद खदान में मिला शव,5 घंटे बाद निकाला:मुआवजे की मांग परिजनों ने किया हंगामा, जिला अस्पताल के बाहर सिटी रोड जाम की

किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चौसला गांव स्थित बंद पड़ी खदान में युवक का शव मिलने के मामले ने शुक्रवार को तूल पकड़ लिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण जिला अस्पताल पहुंच गए तथा खान मालिक से मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर सिटी रोड पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मृतक की पहचान चौसला निवासी अजय चौधरी (30) के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना के बाद परिजनों में शोक और आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले में खान मालिक की जिम्मेदारी तय कर उचित मुआवजा दिया जाए। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों से समझाइश कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अराई थाना एवं मदनगंज थाना पुलिस का जाब्ता अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्र में तैनात किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है तथा युवक की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। गौरतलब है कि चौसला गांव की 200 फीट गहरी खदान के बाहर किसी पुरुष के कपड़े देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी। इस पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को मौके पर बुलाया गया। करीब 5 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद युवक का शव बाहर निकाला जा सका। मृतक की पहचान चौसला निवासी अजय चौधरी के रूप में हुई। इससे पहले शव मिलने में देरी से आक्रोशित ग्रामीणों ने किशनगढ़-मालपुरा स्टेट हाइवे जाम कर दिया था। एसडीएम नीतू मीणा, तहसीलदार नेहा कंवर, विकास अधिकारी शिवदानसिंह और थानाधिकारी राजमल कुमावत की समझाइश पर ग्रामीण माने और शव को किशनगढ़ के जिला अस्पताल भिजवाया गया। ग्रामीणों ने शव यहां पहुंचने के बाद अस्पताल के बाहर सिटी रोड जाम कर प्रदर्शन किया।

13 करोड़ की लागत से खैरथल रेलवे स्टेशन का विकास:4 ट्रेनों का होगा ठहराव, अमृत भारत योजना के तहत मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित खैरथल रेलवे स्टेशन का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार खैरथल के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और क्षेत्र की सभी महत्वपूर्ण मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विकास कार्यों की पट्टिका का उद्घाटन किया लोकार्पण समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री एवं अन्य अतिथियों ने स्टेशन पर हुए विकास कार्यों की उद्घाटन पट्टिका का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि स्टेशन के आधुनिकीकरण से खैरथल, किशनगढ़बास, तिजारा तथा आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही क्षेत्र की प्रमुख अनाज एवं सब्जी मंडी से जुड़े किसानों और व्यापारियों के आवागमन को भी नई गति मिलेगी। दिल्ली-अहमदाबाद मेल का ठहराव होगा शुरू भूपेंद्र यादव ने कहा कि उनके राज्यसभा सांसद रहते हुए खैरथल स्टेशन पर दिल्ली-अहमदाबाद मेल का ठहराव शुरू हुआ था। पिछले दो वर्षों में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सहयोग से गरीब रथ एक्सप्रेस, मालानी एक्सप्रेस, मंडोर एक्सप्रेस और स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस सहित चार महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव भी सुनिश्चित कराया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में अन्य आवश्यक ट्रेनों के ठहराव के लिए भी प्रयास जारी रहेंगे। स्टेशन पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन पर आकर्षक पोर्च, दो नए प्रवेश द्वार, विस्तारित पार्किंग, नया फुटओवर ब्रिज, रैंप, आधुनिक प्रतीक्षालय, हेल्प डेस्क, वाटर बूथ, बेहतर टिकट विंडो तथा स्थानीय कला से सुसज्जित स्टेशन भवन विकसित किया गया है। स्टेशन परिसर का सर्कुलेटिंग एरिया 1200 वर्गमीटर से बढ़ाकर 3600 वर्गमीटर किया गया है। करीब 4.19 करोड़ रुपये की लागत से 12 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज भी बनाया गया है। इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए हेल्प बूथ, विशेष शौचालय, रैंप और सुलभ टिकट विंडो जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। जल योजनाओं, बाईपास और विकास प्राधिकरण पर जोर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में बेड़ा का बास, रैईयन और छीन-छीन सहित विभिन्न पेयजल एवं जल संरक्षण योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से बेहतर संपर्क, खैरथल बाईपास के शीघ्र निर्माण तथा भिवाड़ी विकास प्राधिकरण के माध्यम से क्षेत्र के सुनियोजित विकास को गति देने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

मेडिकल कॉलेज और स्टेडियम की भी उठी मांग पूर्व विधायक रामहेत यादव ने कहा कि खैरथल रेलवे स्टेशन क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। स्टेशन के पुनर्विकास से यात्रियों के साथ व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने भविष्य में खैरथल में मेडिकल कॉलेज और स्टेडियम जैसी बड़ी विकास परियोजनाएं शुरू करने की आवश्यकता भी जताई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक रहे मौजूद कार्यक्रम में पद्मश्री सूर्यदेव बारैठ एवं ऊषा चौमर, जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश, भाजपा जिलाध्यक्ष महासिंह चौधरी, पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल, सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान, पूर्व सभापति अशोक डाटा सहित रेलवे अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

बिजली विभाग की दबंगई: पहले बिना मीटर लगाए थमाया बिल, शिकायत की तो पुराना मीटर टांगकर सिस्टम में दर्ज की फर्जी रीडिंग

गोविन्दगढ़ (अलवर)।

स्थानीय जयपुर विद्युत वितरण निगम (JVVNL) कार्यालय में भ्रष्टाचार और तानाशाही का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विभाग के कर्मचारियों ने अपनी पुरानी तकनीकी चोरी और लापरवाही को छुपाने के लिए उपभोक्ता के घर न केवल पुराना इस्तेमालशुदा मीटर टांग दिया, बल्कि सरकारी कंप्यूटर सिस्टम में फर्जी प्रारंभिक रीडिंग भी दर्ज कर दी। विरोध करने पर उपभोक्ता के साथ अभद्रता करते हुए सरकारी केबल (डोरी) काटकर छोटी कर दी गई। पीड़ित उपभोक्ता ने इस संगठित धोखाधड़ी के खिलाफ मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम मुंडपूरीखुर्द निवासी पीड़ित उपभोक्ता प्रकाश सैनी पुत्र तुलसी राम सैनी ने बताया कि उन्होंने बीते 14 मई 2026 को घरेलू बिजली के नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और नियमानुसार डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) के जरिए फीस भी जमा करवा दी थी। आरोप है कि इसके बाद वे दो महीने तक लगातार बिजली घर के चक्कर काटते रहे, जहां तैनात कर्मियों द्वारा उनसे ‘मिठाई-पानी’ के नाम पर अवैध राशि (रिश्वत) की मांग की गई। रिश्वत न देने पर उन्हें लगातार परेशान किया गया। हद तो तब हो गई जब घर पर मीटर लगा ही नहीं और विभाग ने उपभोक्ता को ₹1638 का भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिया।

चोरी छुपाने के लिए नया षड्यंत्र

जब पीड़ित ने इस फर्जी बिल की शिकायत उच्च स्तर पर की, तो बौखलाए विभाग ने मामले को दबाने के लिए नया खेल रच दिया। शुक्रवार (17 जुलाई) को विभाग का एक कर्मचारी शौक़ीन खान (मोबाइल नंबर: 7665238792) उपभोक्ता के घर मीटर लगाने पहुंचा। आरोप है कि उसने जो मीटर लगाया वह पहले से इस्तेमाल किया हुआ था, जिसमें भौतिक रूप से 76 रीडिंग दर्ज थी। लेकिन विभाग ने अपनी ऑनलाइन प्रणाली पर इस मीटर की शुरुआती रीडिंग को फर्जी तरीके से सीधे 276 यूनिट दर्ज कर दिया, ताकि बिना मीटर जारी किए गए ₹1638 के पुराने फर्जी बिल को सही ठहराया जा सके।

विरोध करने पर केबल काटी, दी धमकी

उपभोक्ता प्रकाश सैनी ने जब इस धोखाधड़ी और फर्जी 276 रीडिंग का मौके पर विरोध किया, तो कर्मचारी शौक़ीन खान आगबबूला हो गया। उसने उपभोक्ता के साथ घोर अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि “इस 276 रीडिंग को आगे के बिलों में एडजस्ट करवा लेना।” बात यहीं खत्म नहीं हुई; बदले की भावना से कार्रवाई करते हुए कर्मचारी ने गुस्से में आकर खंभे से मीटर तक आने वाली सर्विस केबल (डोरी) को बीच से काटकर छोटा कर दिया, जबकि उपभोक्ता के लिए लंबी डोरी मंजूर हुई थी।

अवैध वसूली का आरोप, निलंबन की मांग

पीड़ित प्रकाश सैनी का कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारी अब बदले की भावना से उनसे 276 यूनिट की अवैध वसूली करने का प्रयास कर रहे हैं। इस तानाशाही और भ्रष्टाचार से त्रस्त होकर पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पूरक शिकायत भेजकर दोषी कर्मचारियों को तुरंत निलंबित करने, फर्जी रीडिंग को तकनीकी सिस्टम से हटाने और परिसर पर शून्य (0) रीडिंग का नया सीलबंद मीटर लगाने की मांग की है।

पूर्व-IAS संजय दीक्षित के खिलाफ सीबीआई में दर्ज एफआईआर रद्द:हाईकोर्ट ने 17 साल पुरानी एफआईआर रद्द की; हिस्ट्रीशीटर का चरित्र सत्यापन किया था

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने पूर्व आईएएस संजय दीक्षित और रणजीत सिंह के खिलाफ दर्ज करीब 17 साल पुरानी एफआईआर को रद्द कर दिया है। यह आदेश जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने संजय दीक्षित और रणजीत सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। दीक्षित ने रणजीत सिंह के पासपोर्ट के लिए उनका चरित्र सत्यापन किया था। इस मामले में प्रहलाद गुर्जर ने साल 2009 में पासपोर्ट कार्यालय में शिकायत की थी कि रणजीत सिंह को जारी पासपोर्ट अवैध है, उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई थी एफआईआर पासपोर्ट कार्यालय ने प्रहलाद गुर्जर के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। इस पर गुर्जर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसके आधार पर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 13 जनवरी 2010 में सीबीआई को मामला सौंप दिया था। सीबीआई ने 29 जनवरी 2010 को एफआईआर दर्ज की। खंडपीठ ने 10 नवंबर 2010 को एकलपीठ का आदेश रद्द कर मामले पर पुन: सुनवाई का आदेश दिया। सत्यापन वापस लेने की सूचना दे दी थी दीक्षित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता माधव मित्र और अधिवक्ता जया मित्र ने कोर्ट को बताया कि जैसे ही प्रार्थी को रणजीत सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली, उसने सत्यापन वापस लेने की पुलिस को सूचना दे दी। वहीं रणजीत सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग शर्मा ने कोर्ट को बताया- प्रहलाद गुर्जर की जिस याचिका के आधार पर सीबीआई को जांच सौंपी गई, वह बिना आदेश के ही समाप्त हो चुकी है। ऐसे में एफआईआर को रद्द किया जाए। सीबीआई की ओर से अधिवक्ता जगमोहन शर्मा ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दीक्षित ने हिस्ट्रीशीटर रहे व्यक्ति के चरित्र का सत्यापन किया और रणजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सीबीआई ने इस मामले में जांच कर ली, लेकिन कोर्ट ने चार्जशीट को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया गया था।

होटल की लिफ्ट में फंसे कांग्रेस सांसद शशि थरूर:14 मिनट के बाद रेस्क्यू टीम ने निकाला, मुस्कुराते हुए थरूर बोले- हम ठीक हैं

केरलम के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक होटल की लिफ्ट में फंस गए। घटना शुक्रवार शाम को हुई जब थरूर रोटरी क्लब ऑफ त्रिवेंद्रम ईस्ट के इंस्टॉलेशन इवेंट में शामिल होने पहुंचे थे। लिफ्ट में फंसे कांग्रेस सांसद को निकालने के लिए फायर और रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हाइड्रोलिक स्प्रेडर का इस्तेमाल करके लिफ्ट का दरवाजा खोला और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। फायर स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, शाम 7:37 बजे सूचना मिली कि होटल की लिफ्ट में शशि थरूर फंस गए हैं। इसके तुरंत बाद बचाव दल मौके पर पहुंच गया। रेस्क्यू की तस्वीर.. बाहर आते ही मुस्कुराकर बोले थरूर- शुक्रिया, हम ठीक हैं शुरुआत में होटल स्टाफ और लिफ्ट मैकेनिकों ने लिफ्ट खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने स्प्रेडर की मदद ली। शाम 7:51 बजे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बताया गया कि लिफ्ट अपने निर्धारित फ्लोर तक पूरी तरह नहीं पहुंची थी, जिसके कारण उसके दरवाजे नहीं खुल सके। लिफ्ट से बाहर निकलने के बाद शशि थरूर मुस्कुराते हुए दिखाई दिए। उन्होंने फायर एंड रेस्क्यू कर्मियों का धन्यवाद करते हुए कहा, “आप सभी का धन्यवाद। आपने बहुत अच्छा काम किया।” लिफ्ट में थरूर के साथ 7 लोग फंसे थे तिरुवनंतपुरम के पीएमजी इलाके में रोटरी क्लब का इवेंट था। जब थरूर लिफ्ट से जा रहे थे तो वह छठी मंजिल पर जाकर रुक गई। थरूर के साथ लिफ्ट में कुल 7 लोग फंसे थे। रेस्क्यू ऑफिसर जितेश कुमार कहते हैं, “जब हम मौके पर पहुंचे, तो पता चला कि लिफ्ट के अंदर सांसद थरूर भी शामिल हैं। पहले तो हम लिफ्ट की चाबी से लिफ्ट नहीं खोल पाए। बाद में स्प्रैडर मंगाया। हाइड्रोलिक स्प्रेडर क्या है… हाइड्रोलिक स्प्रेडर एक हाइड्रोलिक दबाव से चलने वाला स्पेशल रेस्क्यू टूल है। इसका इस्तेमाल फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें उन हालात में करती हैं, जहां किसी व्यक्ति को फंसे हुए स्थान से सुरक्षित निकालना होता है। इसके आगे दो मजबूत धातु के जबड़े होते हैं। हाइड्रोलिक दबाव की मदद से ये जबड़े धीरे-धीरे फैलते हैं। इससे लिफ्ट का दरवाजा, गाड़ी का दरवाजा, धातु की चादर जैसी चीजों के बीच सुरक्षित जगह बनाई जाती है, ताकि अंदर फंसा व्यक्ति निकल सके। आमतौर पर इसका इस्तेमाल लिफ्ट का दरवाजा बंद होने पर, सड़क दुर्घटना में कार के दरवाजे जाम हो जाएं, इमारत गिरने के बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालना हो और इंडस्ट्रियल हादसों में मेटल के ढांचे खोलने के लिए किया जाता है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… संसद परिसर में सीढ़ियों से गिरे सांसद शशि थरूर: अखिलेश यादव और सांसदों ने संभाला, गंभीर चोट नहीं आई फरवरी 2026 में भी बजट सत्र के दौरान संसद परिसर में कांग्रेस सांसद शशि थरूर सीढ़ियों से उतरते समय फिसलकर गिर पड़े थे। मौके पर मौजूद सांसदों और कर्मचारियों ने तुरंत उनकी मदद की थी। कांग्रेस सांसद शशि थरूर मोबाइल फोन पर बात करते हुए संसद भवन परिसर में सीढ़ियों से उतर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे गिर पड़े। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य सांसदों ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें संभाला। पढ़ें पूरी खबर…

सर गैरी सोबर्स का 89 साल की उम्र में निधन:वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट खेले, फर्स्ट-क्लास में पहली बार 6 गेंद पर 6 छक्के लगाए

वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स का 89 साल की आयु में निधन हो गया है। एक ओवर की सभी 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने का पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड उन्होंने बनाया था। उन्होंने यह कारनामा फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में किया था। उन्होंने 1968 में नॉटिंघमशायर की तरफ से खेलते हुए ग्लेमोर्गन के खिलाफ सेंट हेलेन्स मैदान पर एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे। 16 साल की उम्र में डेब्यू सोबर्स ने साल 1953 में 16 साल की उम्र में बारबाडोस के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था। इसके अगले ही साल 1954 में उन्हें वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया। साल 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया और नाबाद 365 रन की पारी खेली। यह टेस्ट मैच की एक पारी में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था, जिसे 1994 में वेस्टइंडीज के ही ब्रायन लारा ने तोड़ा। 38 साल की उम्र में लिया संन्यास सोबर्स ने साल 1974 में 38 साल की उम्र में संन्यास ले लिया था। विजडन ने 1975 में टिप्पणी की थी कि वे मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके थे और खेल के प्रति उनका उत्साह कम हो गया था। 93 टेस्ट मैच में 8 हजार से ज्यादा रन बनाए सर गैरी सोबर्स ने 1954 से 1974 तक वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए और 235 विकेट लिए। अपने करियर के आखिरी दिनों में साउथ ऑस्ट्रेलिया और नॉटिंघमशायर के लिए खेलने वाले सोबर्स ने 383 फर्स्ट-क्लास मैचों में 28,000 से ज्यादा रन बनाए और 1,000 से ज्यादा विकेट चटकाए। साल 1975 में उन्हें ‘नाइटहुड’ (सर) की उपाधि और 2009 में ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।से नवाजा गया था। वैभव सूर्यवंशी ने श्रद्धांजलि दी वैभव सूर्यवंशी ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, मुझे सर गैरी सोबर्स को खेलते देखने का मौका कभी नहीं मिला, लेकिन बचपन से ही अपने पिता से उनकी महानता के किस्से सुनते हुए बड़ा हुआ हूं। वह ऐसी महान शख्सियत थे, जिनका नाम पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। ——————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली ने विवियन रिचर्ड्स की बराबरी की:रोहित के साथ 8 हजार साझेदारी रन पूरे इंग्लैंड ने दूसरे वनडे में भारत को 4 विकेट से हरा दिया। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेले गए इस मैच में विराट ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना 14वां 50+ स्कोर बनाकर वेस्टइंडीज के सर विवियन रिचर्ड्स की बराबरी कर ली। पूरी खबर…

भाजपा बोली- महाराष्ट्र में NCP के दोनों गुट मिल जाएं:फिर NDA में शामिल हों; केंद्रीय कैबिनेट में दो पद का भी ऑफर

महाराष्ट्र में एनसीपी के दो गुट (सुनेत्रा पवार गुट और शरद पवार गुट) आपस में विलय कर सकते हैं। उन्हें साथ आने का ऑफर NDA की तरफ से मिला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार संसद में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है। इसके लिए सदन में दो-तिहाई बहुमत चाहिए। इसलिए एनडीए के पार्टी नेतृत्व ने सुझाव दिया है कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुट आपस में फिर से मिल जाएं और एनडीए की सहयोगी पार्टी बन जाएं। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने NCP के दोनों गुटों के बीच सत्ता का संतुलन बनाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट में दो पद देने का भी ऑफर दिया है। शरद गुट और सुनेत्रा गुट के एक साथ आने में 5 चैलेंज… उधर शरद गुट की भाजपा-कांग्रेस दोनों से बातचीत उधर महाराष्ट्र में NCP (शरद गुट) पार्टी कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए दोनों से बातचीत को तैयार है। सूत्रों के मुताबिक, NCP (SP) के 8 लोकसभा सांसद और 10 विधायक पार्टी के भविष्य को लेकर दो धड़ों में बंटे हुए हैं। दावा है कि कुछ सांसद और विधायक NDA में शामिल होने के पक्ष में हैं, जबकि कुछ कांग्रेस के साथ विलय चाहते हैं। शरद पवार कांग्रेस में विलय के लिए तभी तैयार होंगे, जब सुप्रिया सुले को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिले। इसमें महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पवार समर्थक, सुप्रिया सुले को कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाने और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में पर्याप्त प्रतिनिधित्व जैसी मांगें शामिल बताई गई हैं। दूसरी ओर, एक अन्य सूत्र का दावा है कि पार्टी का एक प्रभावशाली धड़ा भाजपा और NDA के साथ जाने का समर्थक है। बातचीत में सुप्रिया सुले के लिए केंद्रीय मंत्री पद और पवार समर्थकों के लिए दो मंत्री पद की चर्चा भी होने का दावा किया गया है। हालांकि, इस पर किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ‘परिसीमन बिल’ के चलते मोदी सरकार को संख्या बल की जरूरत NCP के NDA में शामिल होने से मोदी सरकार संसद में दो तिहाई बहुमत के और करीब आ जाएगी, जो संविधान संशोधन विधेयक पास करने के लिए अहम है। सरकार महिला आरक्षण कानून लागू करने और परिसीमन विधेयक के जरिए संसद और राज्य विधानसभाओं की संख्या बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक पास कराने के लिए जरूरी संख्या जुटानी की कोशिश कर रही है। अप्रैल में राज्यसभा के विशेष सत्र में सरकार की यह कोशिशें नाकाम हो गई थीं। इसके बाद से विपक्ष की चार पार्टियों के 37 लोकसभा और राज्यसभा सांसद सत्ता पक्ष में शामिल हो चुके हैं। अप्रैल के मुकाबले दोनों सदनों में सरकार का समर्थन बढ़ा है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अब भी पीछे है… लोकसभा: दो-तिहाई आंकड़े से 42 वोट पीछे राज्यसभा: दो-तिहाई बहुमत से 11 वोट पीछे ——————————— ये खबर भी पढ़ें… NDA का मिशन 360, अब DMK-NCP-सपा में सेंध की तैयारी:लोकसभा में दो-तिहाई का आंकड़ा पाने अब 41 सांसदों की जरूरत भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार सियासी तस्वीर बदलने के लिए ‘मिशन 360’ में जुटे हैं। 17 अप्रैल को महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े बिल पर लोकसभा में झटका लगने के बाद ही भाजपा ने संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की रणनीति तेज कर दी थी। पूरी खबर पढ़ें…

मेक्सिको में 7.4 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा बढ़ा:10 लाख लोगों के लिए अलर्ट जारी, पड़ोसी देशों में भी महसूस हुए झटके

मेक्सिको के दक्षिणी राज्य चियापास के तट पर शुक्रवार को 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसके बाद करीब 10 लाख लोगों के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। अमेरिकी एजेंसी USGS के मुताबिक, भूकंप का केंद्र मेक्सिको के प्यूर्टो मडेरो शहर के पास था। यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिससे आसपास के इलाकों में तेज झटकों की आशंका बढ़ गई है। US सुनामी वार्निंग सिस्टम ने इस क्षेत्र के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया है। 7.4 तीव्रता के भूकंप को ‘मेजर’ कैटेगरी में रखा जाता है, जो बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकते हैं। भूकंप के झटके मेक्सिको के पड़ोसी देश ग्वाटेमाला और अल साल्वाडोर में भी महसूस किए गए। फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है। सोशल मीडिया पर भूकंप से जुड़ा यह वीडियो वायरल है… 300 किमी के दायरे में सुनामी का खतरा अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भूकंप के केंद्र से करीब 300 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक सुनामी लहरें उठ सकती हैं। सुनामी अलर्ट मुख्य रूप से 3 इलाकों के लिए जारी किया गया है: चियापास का दक्षिणी प्रशांत तट ओआक्साका के तटीय इलाके ग्वाटेमाला से लगे प्रशांत तटीय क्षेत्र प्रशासन ने लोगों से समुद्र तट और निचले तटीय इलाकों से दूर रहने की अपील की है। मेक्सिको-ग्वाटेमाला सीमा पर स्थित सुचियाते में समुद्र के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। पिछले 30 दिनों में 22 भूकंप दर्ज भूकंप ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ में आया, जो प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला करीब 40 हजार किलोमीटर लंबा घोड़े की नाल के आकार का इलाका है। यह दुनिया का सबसे एक्टिव भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है। यहां दुनिया के करीब 75% सक्रिय और निष्क्रिय ज्वालामुखी हैं और लगभग 90% भूकंप इसी क्षेत्र में आते हैं। पिछले 30 दिनों में इस इलाके में 22 भूकंप दर्ज किए गए हैं। इनमें शुक्रवार का 7.4 तीव्रता वाला भूकंप सबसे शक्तिशाली बताया जा रहा है। भूकंप के तुरंत बाद अधिकारियों ने कहा कि समुद्र में उठने वाली ऊंची और खतरनाक लहरें तटीय इलाकों में बाढ़ ला सकती हैं। लोगों से संभावित बाढ़, तेज समुद्री धाराओं और ऊंची लहरों को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है। हालांकि, अमेरिका के नेशनल सुनामी वार्निंग सेंटर ने साफ किया है कि अमेरिका के पश्चिमी तट, ब्रिटिश कोलंबिया और अलास्का के लिए सुनामी का कोई खतरा नहीं है। भूकंप क्यों आते हैं
हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं।

टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्‍यादा दबाव पड़ने पर ये प्‍लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्‍ता खोजती है और इस डिस्‍टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। ——————————- भूकंप से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… वेनेजुएला में फिर भूकंप के झटके, अब तक 1430 मौतें:करीब 3300 घायल, 51 हजार लापता; लोग खुद मलबा हटाकर अपनों को तलाश रहे
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के बाद स्थानीय समयानुसार शुक्रवार दोपहर को एक और भूकंप आया। देश के उत्तरी तट के पास आए इस भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, राजधानी कराकास और माराके में भी झटके महसूस किए गए। पूरी खबर यहां पढ़ें…

वसुंधरा के बयान पर सचिन पायलट ने दी प्रतिक्रिया:कहा- जब पद छुड़वा दिया जाता है तो सुर बदल जाते हैं

राजस्थान विधानसभा के 75 साल पूरे होने पर साल भर चलने वाले कार्यक्रमों के उद्घाटन के मौके पर वसुंधरा राजे ने कहा था-सामाजिक रिश्तों को राजनीति के कारण खराब नहीं करना चाहिए। उनके इस बयान पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होने कहा- कोई व्यक्ति पद पर होता है तो उसके सुर अलग होते हैं, जब पद छूट जाता है या छुड़वा दिया जाता हैं तो सुर बदल जाते हैं। सचिन पायलट शुक्रवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक पहुंचे थे। जयपुर कोटा नेशनल हाईवे के पास सोहेला कट कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सवालों के जवाब दिए। विरोध भी हो तो मजबूती से हो पायलट ने वसुंधरा राजे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- मैं मानता हूं कि राजनीति में व्यक्ति को अपने आचरण और भाषा से उदाहरण पेश करना चाहिए। अगर विरोध हो तो भी जमकर होना चाहिए। मजबूती से होना चाहिए। लेकिन विरोध सैद्धांतिक और वैचारिक होना चाहिए। लेकिन आज की राजनीति व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी करने, सोशल मीडिया पर भला-बुरा कहने की हो गई है। इससे लोकतंत्र में और समाज में अच्छा मैसेज नहीं जा रहा। प्रदेश में हेल्थ व्यवस्था चरमराई कोटा समेत अन्य जगह प्रसूताओं की मौतों के सवाल पर पायलट बोले- प्रदेश में स्वास्थ्य की व्यवस्था चरमरा गई है। किसी की जवाबदेही नहीं है। इतनी महिलाओं की जान चली गई लेकिन किसी पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। उन्होंने कहा- छोटे-मोटे अधिकारियों के ट्रांसफर कर रहे हैं लेकिन बीकानेर-कोटा की ही बात नहीं, कहीं भी चले जाएं, पूरे प्रदेश में ही स्वास्थ्य व्यवस्था का कोई धणी-धोरी नहीं है। दुख की बात है कि सरकार का रवैया गैर जिम्मेदाराना है। मौतों पर जांच बैठानी चाहिए। जनता का विश्वास टूट चुका है। सरकार शिक्षा, चिकित्सा और कानून व्यवस्था तीनों मोर्चों पर पूरी तरह फेल हो गई है। टैक्सपेयर के पैसे से विज्ञापन छपवाने, अपनी बढ़ाई करने, अपनी पीठ थपथपाने में सरकार लगी हुई है। जबकि शिक्षा और चिकित्सा दोनों डिपार्टमेंट पूरी तरह ध्वस्त हैं। इन मुद्दों पर भी बोले सचिन पायलट BSS सुप्रीमो नरेश मीणा की जमानत खारिज होने के मामले में पायलट ने कहा- न्याय पालिका का सम्मान करना चाहिए। मुझे लगता कि सबका भरोसा न्याय पालिका पर होना चाहिए। यह खबर भी पढ़ें वसुंधरा बोलीं- राजनीति के लिए सामाजिक रिश्ते खराब न करें:मेरे खिलाफ चुनाव लड़े अबरार अहमद की मौत पर कांग्रेस कार्यालय गई थी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा- सामाजिक रिश्तों को राजनीति के कारण खराब नहीं करना चाहिए। राजनीति से अलग भी हमारे सामाजिक रिश्ते होते हैं। विधानसभा सदन से बाहर आने पर बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जिन पर हम साथ बैठ सकते हैं। लेकिन अब सदन के भीतर अमर्यादित आचरण के छींटे लगने लगे हैं और भाषा का स्तर बहुत गिर चुका है। (पढ़ें पूरी खबर)