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झुंझुनूं में मामी के साथ 2 भांजियां घर से लापता:मां बोली- मेरी बेटियों का अपहरण किया, ज्वेलरी और कैश भी गायब

झुंझुनूं में एक विवाहिता अपनी ननद की दो बेटियों और अपने दो वर्षीय बेटे के साथ आधी रात को घर से लापता हो गई। सुबह परिजनों को घटना की जानकारी मिलने पर घर में हड़कंप मच गया। लापता लड़कियों की मां ने पुलिस थाने में अपहरण और घर से जेवरात व नकदी चोरी होने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला अपनी 16 और 18 साल की दो बेटियों के साथ झुंझुनूं स्थित अपने पीहर आई हुई थी। परिवार के सभी सदस्य रात में घर पर ही थे। इसी दौरान 15 जुलाई की अलसुबह करीब 3 बजे दोनों युवतियां अपनी मामी के साथ घर से निकल गईं। विवाहिता अपने दो वर्षीय बेटे को भी साथ ले गई। सुबह परिवार के अन्य सदस्य जागे तो मामी, दोनों युवतियां और बच्चा घर पर नहीं मिले। परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगने पर पुलिस को सूचना दी गई। लापता युवतियों की मां ने पुलिस को दी रिपोर्ट में दोनों बेटियों के अपहरण की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि घर से सोने-चांदी के जेवरात और नकदी भी गायब है, जिन्हें साथ ले जाया गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिवार के सदस्यों से पूछताछ के साथ मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में विवाहिता और दोनों युवतियां किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से घर से जाने की संभावना सामने आई हैं। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

कार सवार युवक पर हमले के 4-आरोपी कोर्ट में पेश:जोधपुर में किया था जानलेवा हमला; मामले को लेकर पुलिस कर रही पूछताछ

जोधपुर में तीन दिन पहले कार सवार युवकों पर जानलेवा हमला करने और गाड़ी में तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। देवनगर थाना इलाके में 12 जुलाई की रात करीब 10:25 बजे आरोपियों ने पीड़ित हेमंत सोलंकी के ऊपर हमला कर दिया था। हेमंत अपने दोस्तों के साथ कार में सवार होकर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड में सिंधू महल के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनकी कार को घेर लिया और अचानक हमला बोल दिया। युवकों के साथ ही थी मारपीट बदमाशों ने लाठी-डंडों से कार में जमकर तोड़फोड़ की और युवकों के साथ मारपीट की। पीड़ित हेमंत सोलंकी की रिपोर्ट पर देवनगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया था। जिन्हें बाद में कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने मामले में रेहान (19) पुत्र नैनू खान निवासी सिंधी बस्ती मसूरिया, फरदीन (23) पुत्र मोहम्मद सलीम निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, मोहम्मद याकूब (21) पुत्र यूनुस निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, सरफराज (19) पुत्र मोहम्मद असलम निवासी राजीव गांधी कॉलोनी को गिरफ्तार किया था।

सीकर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों के घर पहुंची पुलिस:हेल्पलाइन नंबर्स-पोर्टल की दी जानकारी; स्लम एरिया के लोगों को भी जागरूक किया

सीकर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों के घर पर बुधवार को पुलिस पहुंची। पुलिस ने वहां जाकर उन्हें पुलिस के कांटेक्ट नंबर और पोर्टल सहित अन्य बातों की जानकारी दी। राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले के सभी पुलिस थाना एरिया में यह अभियान चलाया गया। ट्रैफिक DYSP पूनम के साथ शहर कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ ने शहर में रहने वाले अकेले दंपति-एकल बुजुर्ग के घर जाकर उन्हें पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 सहित अन्य नंबरों और पोर्टल की जानकारी दी। इसके अलावा स्लम एरिया में भी यह अभियान चलाया गया। जहां पर भी लोगों को इस बारे में जानकारी दी गई। परेशानी में कर सकते हैं कॉल शहर कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया- पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देश सीकर में एकल दंपत्ति-एकल बुजुर्ग संकल्प अभियान चलाया गया। इसके तहत शहर में बुजुर्गों को घर जाकर पुलिस से तत्काल कांटेक्ट करने के लिए नंबर और अन्य पोर्टल्स की जानकारी उपलब्ध करवाई गई। उन्हें विश्वास दिलाया गया कि वे अकेले नहीं हैं। पुलिस हर पल उनके साथ है। यदि किसी भी तरह की कोई परेशानी है तो वह पुलिस से कांटेक्ट कर सकते हैं। इसके अलावा स्लम एरिया में रहने वाले लोगों को भी इस बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उनसे अपील की गई कि यदि उन्हें एरिया में कुछ भी संदिग्ध लगता है तो इसकी जानकारी पुलिस को उपलब्ध करवाएं, जिससे समय रहते पुलिस कार्रवाई कर सके।

यूसीसी पर अब आमजन से मांगे सुझाव:क्यूआर स्केन करके घर बैठे दे सकते हैं महत्वपूर्ण सुझाव

राज्य सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने इस प्रस्तावित कानून पर आम जनता, विशेषज्ञों और प्रबुद्ध नागरिकों से उनके सुझाव और विचार आमंत्रित किए हैं। इसके लिए आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल और क्यूआर कोड जारी किया गया है। ऐसे कर सकते हैं सुझाव साझा आमजन अपने विचार और सुझाव बेहद आसान तरीके से सरकार तक पहुंचा सकते हैं। आमजन यूसीसी की आधिकारिक वेबसाइट ucc.rajasthan.gov.in पर जाकर अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। वहीं, क्यूआर कोड स्कैन करके भी आधिकारिक वेबसाइट पर पहुंचा जा सकता है। इसके बाद आमजन वहां दिए गए दिशा-निर्देशों और प्रक्रिया के अनुसार अपने विचार और फीडबैक सबमिट कर सकेंगे। बता दें, दो दिन पहले कलेक्ट्रेट में यूसीसी प्रारूप समिति सदस्य और अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबड़ा की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई थी। इसमें आमजन से यूसीसी पर सुझाव मांगे गए थे] लेकिन यहां लोगों की संख्या बेहद कम रही थी।

एडीजे नवीन मीणा निलंबित:हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किए आदेश; चौहटन में है तैनात

राजस्थान हाईकोर्ट ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवीन मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उनके खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित है। वर्तमान में वे चौहटन (बाड़मेर) में एडीजे के पद पर कार्यरत हैं और इससे पहले नसीराबाद (अजमेर) में पदस्थापित थे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार सब्सिस्टेंस अलाउंस मिलेगा और उनका मुख्यालय राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ रहेगा।

गोगुंदा में जैन संतों का चातुर्मास प्रवेश, निकली शोभायात्रा:सूरत से भी आए श्रावक-श्राविकाएं, जिनेन्द्र मुनि -धर्म और तप के बिना जीवन अधूरा है

उदयपुर के गोगुंदा में बुधवार को जैन समाज के चातुर्मास का शुभारंभ संतों के मंगल प्रवेश के साथ श्रद्धा और उत्साह के माहौल में हुआ। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ गोगुंदा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भगवान महावीर के जयकारों से पूरा कस्बा गूंज उठा। बाईपास चौराहे से निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। चातुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष गौतम सिंघवी ने बताया कि शोभायात्रा बाईपास चौराहा से शुरू होकर बस स्टैंड, मुख्य बाजार, माणक चौक और ठाकुर देवरा मार्ग से होते हुए जैन स्थानक पहुंची। महिलाओं ने पारंपरिक बांधनी की साड़ियों में सिर पर मंगल कलश धारण किए, जबकि पुरुष और युवाओं ने सफेद वेशभूषा में धर्मध्वज लेकर भगवान महावीर के जयकारे लगाए। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर संतों का स्वागत किया गया। जैन स्थानक में आयोजित धर्मसभा में अतिथियों का मेवाड़ी पगड़ी, शॉल और माल्यार्पण से स्वागत किया गया। महिलाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए और बालकों ने मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत की। बाहर से आए वक्ताओं ने गोगुंदा की धार्मिक परंपराओं की सराहना करते हुए इसे धर्मनगरी बताया। महाश्रमण पूज्य गुरुदेव जिनेन्द्र मुनि ‘काव्यतीर्थ’ ने प्रवचन में क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों का त्याग कर धर्म, संयम और तप के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म और तप के बिना जीवन अधूरा है। प्रवीण मुनि ने आत्मचिंतन और साधना का महत्व बताया। साध्वी डॉ. सुलक्षणप्रभाने धर्म और संयम पर प्रकाश डाला, जबकि साध्वी डॉ. राजश्रीजी ने संतों की भूमिका को आत्मकल्याण का मार्ग दिखाने वाला बताया। कार्यक्रम में राजस्थान सहित महाराष्ट्र, सूरत, उदयपुर, सेरा प्रांत, वाकल प्रांत, बगडुंदा और भूताला से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संघ अध्यक्ष नाथूलाल मेहता ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से नियमित धार्मिक प्रवचन, ध्यान, स्वाध्याय और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम शुरू होंगे। इसी दिन से तेले तप की आराधना भी प्रारंभ होगी। मंगल प्रवेश के अवसर पर जैन समाज के साथ अन्य समाज के व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें बंद रखकर आयोजन में सहभागिता निभाई। वीडियो : गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा

हाईकोर्ट ने रद्द की फांसी की सजा:हाईकोर्ट ने कहा- सबूतों की सीरीज अधूरी रही; जांच एजेंसी पर भी उठाए सवाल

राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को रद्द करते हुए आरोपी को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने उदयपुर जिले के घासा थाना क्षेत्र के इस बहुचर्चित हत्या प्रकरण में फैसला सुनाते हुए आरोपी प्रेमलाल को बरी करने के आदेश दिए। खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा- परिवादी आरोपी के खिलाफ परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पूरी और विश्वसनीय श्रृंखला स्थापित नहीं कर सका। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब साक्ष्यों की कड़ी अधूरी हो, तो ऐसे में संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना पूरी तरह से न्यायोचित है। इसी आधार पर कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए। फांसी की सजा की पुष्टि के लिए भेजा गया ‘डेथ रेफरेंस’ खारिज हाईकोर्ट ने मावली की सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा और दोषसिद्धि को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, फांसी की सजा की पुष्टि के लिए हाईकोर्ट भेजे गए ‘डेथ रेफरेंस’ को भी खारिज कर दिया गया। अपीलार्थी (आरोपी) की ओर से पैरवी करते हुए वकील गौरव सिंह ने अदालत में कई महत्वपूर्ण दलीलें पेश कीं। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा- पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था, लेकिन अभियोजन पक्ष ‘लास्ट सीन टुगेदर’ (घटना से ठीक पहले साथ देखे जाने) के सिद्धांत को विश्वसनीय ढंग से साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा। गवाहों के बयानों में विरोधाभास और सबूतों में कमी खंडपीठ ने मामले की जांच करने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने पाया कि जिन गवाहों के बयानों को ‘लास्ट सीन टुगेदर’ का आधार बनाया गया था, उनके बयान घटना के काफी समय बाद दर्ज किए गए थे और उनमें कई बड़े विरोधाभास थे, जिससे उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई। इसके अलावा, जांच के दौरान किसी भी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया, बरामदगी की प्रक्रिया में गंभीर कमियाँ थीं और इलेक्ट्रॉनिक व वैज्ञानिक साक्ष्यों की जाँच भी संतोषजनक नहीं थी। यहां तक कि मेडिकल और डीएनए (DNA) रिपोर्ट भी आरोपी की संलिप्तता को निर्णायक रूप से साबित नहीं कर सकीं। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों में हर कड़ी का साबित होना ज़रूरी हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के स्थापित कानूनी सिद्धांतों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों वाले मामलों में न्याय का नियम है कि अपराध की हर एक कड़ी संदेह से परे साबित होनी चाहिए। चूंकि इस मामले में साक्ष्यों की श्रृंखला अधूरी और कमजोर रही, इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ मिलना ही चाहिए। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी प्रेमलाल को बरी करते हुए निर्देश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तत्काल जेल से रिहा किया जाए।

कार की टक्कर से पिता की मौत, बेटा गंभीर घायल:बाइक पर रिश्तेदार के घर जा रहे थे, बाड़मेर के देरासर में हुआ हादसा

बाड़मेर में बाइक पर रिश्तेदार के घर जा रहे पिता- पुत्र को कार ने टक्कर मार दी। हादसे में पिता की मौत हो गई। जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी है। घटना बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाना इलाके देरासर गांव के पास शाम करीब साढ़े सात बजे की है। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। बाइक व क्षतिग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है। बेटे ने हेलमेट पहना हुआ था, जिससे वह बच गया। ग्रामीण थानाधिकारी जसवंतसिंह राजपुरोहित ने बताया कि बोथिया जागीर निवासी ताराराम (60) अपने बेटे कानाराम (25) के साथ बाइक पर हाथमा गांव में अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे। देरासर गांव के पास सामने से आ रही स्विफ्ट कार ने बाइक को टक्कर मार दी। भीषण टक्कर के कारण बुजुर्ग ताराराम करीब 30 फीट दूर खेत में जाकर गिरे। जबकि कार के आगे एक टायर निकलकर सड़क पर गिर गया, जिससे वह देरासर की तरफ घूम गई। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायल कानाराम को प्राइवेट गाड़ी से बाड़मेर हॉस्पिटल पहुंचाया। घायल बेटे की गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया गया है। वहीं मृतक के शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है।

विदेश भेजने के नाम पर 3 फर्जी कॉलसेंटरों पर छापे:मॉल में खोल रखे थे ऑफिस, फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर-फर्जी वीजा देते; 22 युवक-युवतियां हिरासत में

जयपुर में विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने के 3 कॉल सेंटर मिले। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत CST और एनडीपीएस यूनिट ने बुधवार को यह कार्रवाई की। टीम ने महेश नगर और जालूपुरा थाना क्षेत्र में संचालित तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान 22 युवक-युवतियां काम करते हुए मिले। जिन्हें कार्रवाई के लिए संबंधित थानों के सुपुर्द कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया- ये गिरोह अखबारों और सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी दिलाने के विज्ञापन जारी कर लोगों को फंसाते थे। इसके बाद विदेश भेजने और जॉब दिलाने का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा करवाते थे। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया- लोगों को विदेश भेजने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। करीब 10 दिन से पुलिस टीम इन पर निगरानी कर रही थी। इसके बाद इनके ठिकाने पर कार्रवाई की। ये पीड़ित को फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर-फर्जी वीजा देते थे। आरोपियों के खाते फ्रीज करवाए गए हैं। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में कई खुलासे हो सकते हैं। मॉल में खोल रखा था ऑफिस पुलिस को सूचना मिली थी कि महेश नगर थाना क्षेत्र स्थित महिमा ट्रिनिटी मॉल की पांचवीं मंजिल पर ऑफिस नंबर-35 में विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है। छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर संचालक सारांश गोयल और उसका साथी समीर बंसल मौके पर मिले। यहां 10 युवतियां सहित कुल 12 लोग कार्य करते पाए गए। यहां भी की कार्रवाई इसके बाद टीम ने महेश नगर क्षेत्र स्थित ओके प्लस मॉल की छठी मंजिल पर ऑफिस नंबर-608 में छापा मारा। यहां पांच युवतियां कॉल सेंटर का संचालन करती मिलीं। वहीं जालूपुरा थाना क्षेत्र के गणपति प्लाजा में भी इसी प्रकार का फर्जी कॉल सेंटर संचालित होता मिला, जहां पांच युवतियां कार्यरत थीं। हालांकि ओके प्लस मॉल और गणपति प्लाजा स्थित कॉल सेंटरों के संचालक मौके पर नहीं मिले। लैपटॉप सहित 40 मोबाइल बरामद कार्रवाई के दौरान तीनों कॉल सेंटरों से एक लैपटॉप और करीब 40 मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने तीनों कॉल सेंटरों से 2 युवकों और 20 युवतियों को हिरासत में लेकर कार्रवाई के लिए संबंधित थाना महेश नगर और जालूपुरा पुलिस को सौंप दिया। पुलिस अब कॉल सेंटर संचालकों, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

IIT जोधपुर करेगा सूरज की रोशनी को स्टोर:स्मार्ट मैटेरियल कर रहे विकसित, सूरज की रोशनी को सुरक्षित रखकर किया जा सकेगा इस्तेमाल

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर के वैज्ञानिक सूरज की रोशनी से ऊर्जा स्टोर करने वाले स्मार्ट मैटेरियल विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं। IIT जोधपुर के रसायन विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका गुप्ता के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की टीम ऐसे स्मार्ट मैटेरियल विकसित कर रही है, जो सूरज की दृश्य रोशनी (Visible Light) का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। यह शोध भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट उपकरणों और ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल सकता है। वर्तमान में अधिकांश ऐसे मैटेरियल केवल पराबैंगनी (UV) किरणों पर काम करते हैं, जबकि सूर्य के प्रकाश का सबसे बड़ा हिस्सा दृश्य प्रकाश होता है। इसलिए इनका वास्तविक जीवन में उपयोग सीमित रह जाता है। IIT जोधपुर के वैज्ञानिक ऐसे मैटेरियल विकसित कर रहे हैं जो सीधे दृश्य प्रकाश में काम कर सकें, जिससे उनकी उपयोगिता और दक्षता दोनों बढ़ जाएगी। विशेष ऑर्गेनिक मैटेरियल किए जा रहे तैयार यह शोध IIT जोधपुर की फंक्शनल ऑर्गेनिक मैटेरियल्स प्रयोगशाला में किया जा रहा है। वैज्ञानिक ऐसे विशेष ऑर्गेनिक मैटेरियल तैयार कर रहे हैं, जो प्राकृतिक सूर्य प्रकाश के संपर्क में आने पर अपने गुण बदल सकें तथा सौर ऊर्जा को बेहतर तरीके से संग्रहित और उपयोग कर सकें। इस शोध की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक दृश्य प्रकाश से संचालित होने वाले मोलिक्यूलर फोटोस्विचेज (Molecular Photoswitches) का विकास है। ये बेहद छोटे अणु (मॉलिक्यूल) हैं, जो रोशनी मिलने पर अपनी संरचना बदल लेते हैं। पहले ऐसे मॉलिक्यूल केवल UV प्रकाश में ही सक्रिय होते थे, लेकिन IIT जोधपुर के वैज्ञानिक इन्हें इस तरह विकसित कर रहे हैं कि ये सामान्य सूर्य की रोशनी में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकें। इससे ये अधिक टिकाऊ और व्यावहारिक बनेंगे। प्रकाश से संचालित मशीनों में हो सकेगा उपयोग
रिसर्चर इन मॉलिक्यूल्स को लिक्विड क्रिस्टल मैटेरियल्स के साथ भी जोड़ रहे हैं। सूर्य की रोशनी पड़ने पर ये मैटेरियल अपने प्रकाशीय (Optical) और यांत्रिक (Mechanical) गुणों में बदलाव लाते हैं। भविष्य में इनका उपयोग स्मार्ट विंडो, स्वयं परिस्थितियों के अनुसार बदलने वाले ऑप्टिकल उपकरण, प्रकाश से संचालित मशीनें, स्मार्ट कोटिंग, उन्नत फोटोनिक सिस्टम तथा नई पीढ़ी के ऊर्जा उपकरणों में किया जा सकता है। सूर्य ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा के रूप में सुरक्षित रखने पर शोध
शोध का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा मॉलिक्यूलर सोलर थर्मल फ्यूल्स (MOST) तकनीक है। इस तकनीक में सूर्य की ऊर्जा को सीधे उपयोग करने के बजाय उसे रासायनिक ऊर्जा के रूप में लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता है। बाद में जब आवश्यकता हो, तब यही ऊर्जा गर्मी के रूप में प्राप्त की जा सकती है। वैज्ञानिक इस तकनीक को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ऐसे मैटेरियल विकसित कर रहे हैं, जो अधिक ऊर्जा संग्रहित कर सकें, लंबे समय तक उसे सुरक्षित रखें और आवश्यकता के अनुसार नियंत्रित तरीके से ऊर्जा वापस दें। इतना ही नहीं, ये अत्यधिक ठंडे वातावरण में भी प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगे। इस शोध के सफल होने पर भविष्य में ऐसी स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों का विकास संभव होगा, जिनमें सूर्य की रोशनी उपलब्ध न होने पर भी पहले से संग्रहित ऊर्जा का उपयोग किया जा सकेगा। इससे नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस शोध के बारे में रसायन विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका गुप्ता ने कहा- प्रकृति हमें हर दिन भरपूर सूर्य प्रकाश देती है, लेकिन आज उपलब्ध अधिकांश मैटेरियल उसका पूरा उपयोग नहीं कर पाते क्योंकि वे केवल UV प्रकाश पर निर्भर हैं। हमारा प्रयास ऐसे स्मार्ट मैटेरियल विकसित करना है, जो सीधे दृश्य प्रकाश में काम करें और वास्तविक परिस्थितियों में सौर ऊर्जा को प्रभावी ढंग से संग्रहित एवं उपयोग कर सकें। भविष्य में ये तकनीक स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट उपकरणों और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।