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जयपुर में बहन की मौत का बदला,मेडिकल स्टूडेंट को काटा:कमरे में फंदे पर लटकी मिली थी लड़की, परिवार वाले बोले- सुसाइड नहीं, हत्या है

जयपुर में अपनी बहन की मौत का बदला लेने के लिए भाई ने उसके मेडिकल स्टूडेंट दोस्त को अधमरा कर दिया। आरोपी ने युवक के सिर, गर्दन और हाथ-पैर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किया। घायल युवक पिछले 8 दिनों से महात्मा गांधी हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। यह पूरी घटना 8 जुलाई की है। घायल युवक के पिता ने 13 जुलाई को जयपुर के संबंधित थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। 4 पॉइंट में समझिए पूरा मामला… 1- वारदात से पहले पिता को धमकी झुंझुनूं के रहने वाले पीड़ित पिता (54 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा पिलानी के एक कॉलेज से डॉक्टरी (मेडिकल) की पढ़ाई कर रहा है। 8 जुलाई को उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक अंजान लड़के का फोन आया। कॉल करने वाले ने गाली-गलौज करते हुए धमकी दी।
कहा- तुम्हारे बेटे की वजह से मेरी बहन ने सुसाइड कर लिया है। अब हम तुम्हारे बेटे को कुल्हाड़ी से काट कर मार देंगे। इस धमकी भरे कॉल के कुछ ही देर बाद एक परिचित ने पिता को फोन कर बताया कि उनके बेटे पर जानलेवा हमला हुआ है और उसे गंभीर हालत में महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। 2- फ्लैट में फंदे से लटकी मिली थी बहन थानाधिकारी के मुताबिक, युवती (मृतक) जयपुर में अपने भाई के साथ एक फ्लैट में रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी। हमले से तीन दिन पहले, पीड़ित युवक (दोस्त) उनके फ्लैट पर आया था। रात को भाई और बहन अपने-अपने कमरों में सोने चले गए, जबकि दोस्त (मेडिकल स्टूडेंट) बाहर हॉल में सो गया था। अगले दिन सुबह (10 जुलाई) करीब 8 बजे भाई सोकर उठा, तो बहन कमरे में चुन्नी के फंदे से लटकी हुई मिली। पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके से सबूत जुटाए और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिवार वालों को सौंप दिया था। 3- आरोप- गला घोंटकर की गई हत्या युवती के परिजनों का आरोप है कि रात को दोस्त के साथ किसी बात को लेकर लड़की की कहासुनी हुई थी। इसके बाद मौका पाकर युवक ने चुन्नी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और इसे सुसाइड दिखाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने 11 जुलाई को युवक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब सालभर पहले दोनों की दोस्ती हुई थी और उनका आपस में मिलना-जुलना था। बहन की मौत का जिम्मेदार दोस्त को मानते हुए भाई ने बदला लेने के लिए यह कातिलाना हमला किया। 4- वीडियो में कुल्हाड़ी से काटते दिखे दो लड़के अस्पताल में बेटे का इलाज करा रहे बेबस पिता ने पुलिस को बताया कि उन्हें लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं। बदमाश कह रहे हैं कि वे उनके बेटे को अस्पताल के अंदर ही मार डालेंगे या बाहर निकलते ही जान से खत्म कर देंगे। पीड़ित पिता को एक वीडियो भी मिला है, जिसमें दो लड़के कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से उनके बेटे के सिर और शरीर पर बेरहमी से वार करते नजर आ रहे हैं। हमलावर उसे मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए थे। पिता के अनुसार, बेटे की गर्दन, सिर और हाथ-पैर पर गहरे जख्म हैं और उसे कई जगहों से धारदार हथियार से काटा गया है। पुलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

बीकानेर में आईसीयू में भर्ती एक और प्रसूता की मौत:पति बोला-पुलिस जबरदस्ती बॉडी ले गई; एक महीने में चार प्रसूताओं ने दम तोड़ा

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद भर्ती एक और प्रसूता की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले एक महीने में किडनी फेल और मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन (शरीर के कई अंगों ने काम करना छोड़ा) से चार प्रसूताएं दम तोड़ चुकी है। मृतका के पति ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी और पुलिस शव जबरन ले गई। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला पहले से टाइप-1 डायबिटीज (शुगर की गंभीर बीमारी) से पीड़ित थी और उसे बचाने के लिए एम्स के डॉक्टरों से भी लगातार सलाह लेकर इलाज किया जा रहा था। पढ़िए … क्या है पूरा मामला 1. पति बोले- खून बह रहा था, फिर ओटी ले गए पति मेघराज ने बताया – कमला करीब एक महीने से आईसीयू में भर्ती थी। करीब 15 दिन पहले उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था और पांच दिन पहले आईसीयू में ही ट्रेकियोस्टोमी की गई थी। मंगलवार को उसके गले से काफी खून बह रहा था। दोपहर करीब 12:30 बजे पैकिंग खोलने की बात कहकर उसे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद वापस आईसीयू लाया गया और शाम करीब सवा चार बजे मौत की सूचना दी गई। उनका आरोप है कि डॉक्टरों ने यह भी नहीं बताया कि कमला को ऑपरेशन थिएटर क्यों ले जाया गया था। 2. मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप कमला की मौत की खबर मिलते ही परिजन गुस्से में आ गए और अस्पताल में हंगामा हो गया। सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मॉर्चरी में शिफ्ट कराया। पति मेघराज का आरोप है कि इलाज में लापरवाही हुई और पुलिस शव जबरन ले गई। उन्हें अंतिम बार शव देखने तक नहीं दिया गया। घटना के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। मॉर्चरी के बाहर पुलिस तैनात की गई। 3. अस्पताल बोला- मरीज पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रही थी एसपी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया – कमला को टाइप-1 डायबिटीज थी और वह समय पर इंसुलिन भी नहीं ले रही थी। डिलीवरी के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और वह मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन में चली गई। बेहतर इलाज के लिए एम्स के डॉक्टरों से भी लगातार सलाह ली गई, लेकिन मंगलवार को कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट आने से उसकी मौत हो गई। 4. मेडिकल बोर्ड ने इलाज की पूरी जानकारी दी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. श्यामलाल मीणा ने बताया – 23 जून को मेडिकल बोर्ड बनने के बाद कमला की हालत में सुधार हुआ था। गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अनिता शर्मा ने कहा – 9 जून को सिजेरियन के बाद यूरिन आउटपुट बंद होने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा था। डिलीवरी भी काफी जटिल थी और खून के थक्के बनने के कारण 15 दिन बाद दोबारा ऑपरेशन करना पड़ा। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र फालोदिया ने बताया – कमला के 19 डायलिसिस किए गए थे और इलाज के दौरान उसका यूरिन आउटपुट बढ़कर 900 एमएल तक पहुंच गया था। 5. एक महीने में चौथी प्रसूता की मौत पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल और मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन से एक महीने में यह चौथी प्रसूता की मौत है। इससे पहले 19 जून को प्रीति, 21 जून को शारदा और 6 जुलाई को लीला देवी की मौत हो चुकी है। प्रसव के बाद ऐसी हालत में सात प्रसूताओं को भर्ती किया गया था। इनमें से तारा, राहिला और इमरती इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुकी हैं। कांग्रेस नेता रामनिवास कूकणा ने भी अस्पताल प्रशासन पर संवेदनहीनता और लापरवाही का आरोप लगाया है। 6. प्रदेश में अब तक 23 प्रसूताओं की मौत सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी के बाद संक्रमण से यह प्रदेश की 23वीं प्रसूता की मौत है। इससे पहले कोटा, बीकानेर, जोधपुर, बांसवाड़ा और भीलवाड़ा में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं के बाद ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम में संक्रमण की आशंका जताई गई है। इसे रोकने के लिए सरकार ने सभी अस्पतालों को एसओपी का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। — पीबीएम हॉस्पिटल से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी; अब तक 2 की जान गई बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी, 20 दिन से वेंटिलेटर पर थी चिकित्सा-मंत्री बोले- ‘पैदल नाचती हुई आईं थी या बीमार होकर’:कहा- 1000 में से 2 की डेथ हो जाती है, दुरुस्त लोगों को आप नहीं देख रहे सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेल:बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही, एक मरीज वेंटिलेटर पर; अधीक्षक बोले- जांच कमेटी बनाई बाजार से मंगवाकर लगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन:प्रसूताओं की किडनी फेल होती रही, हॉस्पिटल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, 7 दिन बाद बनाई कमेटी प्रसूताओं की किडनी फेल मामले में डॉक्टर्स को क्लीन चिट!:जांच टीम ने इलाज में लापरवाही नहीं मानी; ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का रिकॉर्ड लिया कांग्रेस-पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की, पूर्व सभापति ने उतारा शर्ट:सर्किट हाउस के गेट पर चिपकाया ज्ञापन, चूड़ियां रखीं

ऑस्ट्रेलिया में PM मोदी को अपशब्द बोले:'सतलुज' फिल्म पर BJP सिख सपोर्टर से भिड़े खालिस्तानी; बीच सड़क झगड़े का VIDEO वायरल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न में खालिस्तान समर्थक और भाजपा समर्थक सिख भिड़ गए। खालिस्तानी पीएम को अपशब्द बोलते सुनाई दिए। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो को भाजपा समर्थक सिख जगविंदर विर्क ने 15 जुलाई की सुबह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। वायरल वीडियो में कुछ खालिस्तान समर्थक प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां के साथ “खालिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। बहस ‘सतलुज’ फिल्म पर लगे बैन को लेकर शुरू हुई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर मामला शांत कराया। अब 4 प्वाइंट्स में पढ़ें पूरा मामला:- 3 दिन के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे PM मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रहे। इस दौरान 9 जुलाई को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम सहयोग को लेकर अहम समझौते पर सहमति बनी। मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के बीच बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े समझौतों की घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर ऑस्ट्रेलिया की नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत बच्चों के लिए सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण तैयार करने के ऑस्ट्रेलिया के प्रयासों से सीख रहा है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न में करीब 30 हजार भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया। —————— ‘सतलुज’ के मेकर्स को मंत्री बिट्टू की चुनौती:बोले- 25 हजार शवों के रिकॉर्ड दिखाओ, वर्ना एक्शन लेंगे; दिलजीत दोसांझ की फिल्म पूरी तरह बैन केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज के मेकर्स को खुली चुनौती दी है। बिट्टू ने मेकर्स को कहा कि उन 25,000 लापता या अवैध रूप से दाह संस्कार किए गए शवों के पुख्ता दस्तावेजी सबूत, आधिकारिक रिकॉर्ड पेश करें, जो फिल्म में दिखाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

सेंसेक्स में 500 अंक से ज्यादा की तेजी:77500 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 150 अंक चढ़ा; ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 15 जुलाई को तेजी है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 77,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 150 अंक की तेजी है, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में आज ज्यादा खरीदारी है। कच्चा तेल 1% चढ़कर 85 डॉलर के पार निकला कच्चे तेल की कीमत आज 1% चढ़कर दोबारा 85 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि ईरान के साथ हुआ समझौता अब खत्म हो चुका है। इसके बाद से कच्चे तेल के दामों में तेजी है। कुसुमगर का शेयर 37% ऊपर लिस्ट कुसुमगर का शेयर BSE पर 37% प्रीमियम के साथ 574 रुपए पर लिस्ट हुआ। NSE पर इसका शेयर 569 रुपए पर लिस्ट हुआ, जो कि इसके IPO प्राइस से 35.80% ज्यादा है। 650 करोड़ रुपए के इस IPO के लिए प्राइस बैंड 398 रुपए से 419 रुपए प्रति शेयर तय किया गया था। 2 IPO में निवेश का मौका 2 कंपनियों के IPO का आज दूसरा दिन है। ये IPO एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के हैं। म्यूचुअल फंड कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट प्राइमरी मार्केट से 9,813 करोड़ रुपए जुटा रही है। इसका इश्यू पहले ही दिन 68% सब्सक्राइब हो गया है। इसी तरह अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड फ्रेश इश्यू के जरिए 126.25 करोड़ रुपए जुटाएगी। एशियाई बाजारों में भी आज मिला-जुला कारोबार रहा 14 जुलाई को अमेरिकी बाजार में बढ़त रही थी बीते 7 दिनों में घरेलू निवेशकों ने 9,177 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं।

परिचित ने महिला को बंधक बनाकर किया रेप:फोन कर बस स्टैंड बुलाया, चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर किया अचेत;जेवर हड़पे

अजमेर बस स्टैंड से एक महिला को बहला-फुसलाकर ले जाने, नशीला पदार्थ पिलाकर अचेत करने, कई दिनों तक बंधक बनाकर रेप करने का मामला सामने आया है। पिता ने आरोपी परिचित पर उसके सोने-चांदी के जेवर और मोबाइल हड़पने का आरोप लगाया है। मामले में पहले ब्यावर जिले के एक थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल अजमेर बस स्टैंड क्षेत्र पाए जाने पर केस को अजमेर की एक थाना पुलिस को जांच के लिए भेज दिया गया है। परिचित ने फोन कर बुलाया, कई दिनों तक बंधक बनाया पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने शिकायत में बताया कि परिचित युवक ने फोन कर उसे अजमेर बस स्टैंड बुलाया। वहां उसे चाय पिलाई गई, जिसके बाद वह अचेत हो गई। होश आने पर उसने खुद को फलोदी में पाया। आरोप है कि आरोपी उसे एक होटल में ले गया, जहां उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार रेप किया। विरोध करने पर मारपीट की गई और उसके पहने हुए सोने-चांदी के जेवर व मोबाइल अपने पास रख लिए। शिकायत में आगे कहा गया है कि इसके बाद आरोपी उसे जोधपुर होते हुए अहमदाबाद के पास एक गांव ले गया, जहां एक कमरे में कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा। आरोप है कि इस दौरान आरोपी रोज उसके साथ जबरन दुष्कर्म करता रहा और विरोध करने पर मारपीट करता था। कमरे को बाहर से बंद कर वह दिन में काम पर चला जाता था। बाहर निकलने में पड़ोसी ने की मदद पीड़िता ने बताया कि मौका मिलने पर उसने पड़ोस में रहने वाली एक युवती की मदद से कमरे से बाहर निकलकर अहमदाबाद बस स्टैंड पहुंची। वहां एक बस चालक से सहायता लेकर अपने परिजनों को सूचना दी। परिजनों की मदद से वह वापस अपने गांव पहुंची और पूरी घटना की जानकारी देने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं में जीरो एफआईआर दर्ज की है। चूंकि घटना की शुरुआत अजमेर बस स्टैंड क्षेत्र से होना सामने आया है, इसलिए मामले को आगे की जांच के लिए अजमेर पुलिस को भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पाली के गर्ल्स कॉलेज में लगाए 50 पौधे:'एक व्यक्ति, एक पेड़' कैंपेन; सार संभाल की जिम्मेदारी दी

पाली शहर के टैगोर नगर स्थित गर्ल्स कॉलेज में ‘एक व्यक्ति, एक पेड़’ अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कॉलेज परिसर में करीब 50 पौधे लगाए गए। साथ ही इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में गर्ल्स कॉलेज के प्राचार्य और पूरे स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर भाग्यवर्धन सिंह चंपावत और मूल सिंह ने पौधरोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव सभ्यता के बेहतर भविष्य के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की, ताकि वे बड़े होकर पेड़ बनें और पर्यावरण को शुद्ध रखने के साथ ऑक्सीजन भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में हरियाली बढ़ाने और लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सवाई माधोपुर में सड़कों पर बह रहा गंदा पानी:तीन की जगह एक ही सीवरेज ट्रीटमेंट गाड़ी चल रही , 8 स्कूलों के हजारों बच्चे परेशान

सवाई माधोपुर के पुराने शहर में सीवरेज की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कई जगह सीवरेज लाइन ब्लॉक होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और आसपास बदबू फैलने से मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार नगर परिषद को शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। स्थानीय निवासी महेश साहू ने बताया कि पुराने शहर की करीब-करीब सभी कॉलोनियों की हालत खराब है। जगह-जगह सीवरेज पाइप जाम होने से गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति एसबीआई बैंक चौराहे की है। इस रास्ते से रोजाना करीब 8 सरकारी और निजी स्कूलों के हजारों विद्यार्थी गुजरते हैं। इसके अलावा तीन बैंकों में आने-जाने वाले कर्मचारियों और ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैली गंदगी और बदबू के कारण लोगों में बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। तीन सेक्टर, लेकिन एक ही गाड़ी से हो रहा काम जानकारी के अनुसार नगर परिषद क्षेत्र को पुराने शहर, आलनपुर-हाउसिंग बोर्ड और बजरिया, इन तीन सेक्टरों में बांटा गया है। इन सभी इलाकों में सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए कागजों में तीन गाड़ियां संचालित होना दर्ज है, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार खर्च बचाने के लिए सिर्फ एक ही गाड़ी चला रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी वजह से समय पर सीवरेज लाइन साफ नहीं हो पा रही और समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। आयुक्त बोले- बैठक बुलाकर करेंगे समाधान नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आते ही संबंधित जेईएन को निर्देश दे दिए गए थे। उन्होंने बताया कि बुधवार को बैठक बुलाकर समस्या की समीक्षा की जाएगी और जल्द से जल्द सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए जाएंगे।

जैसलमेर के नए तहसीलदार बने शेरसिंह:हुकुम सिंह को फलसूण्ड की जिम्मेदारी, मोहनगढ़ में भी नई नियुक्ति

जैसलमेर और पोकरण क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शेरसिंह को जैसलमेर का नया तहसीलदार नियुक्त किया गया है। वहीं, महेन्द्र खत्री को मोहनगढ़ उपनिवेशन विभाग और हुकुम सिंह सिसोदिया को पोकरण के फलसूण्ड क्षेत्र का नया तहसीलदार बनाया गया है। इन नियुक्तियों से लंबे समय से खाली पड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद भरेंगे और राजस्व कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। शेरसिंह को मिली जैसलमेर तहसील की जिम्मेदारी राजस्व मंडल के आदेश के अनुसार, झुंझुनूं जिले के बिसाऊ में कार्यरत तहसीलदार शेरसिंह का तबादला जैसलमेर जिला मुख्यालय पर किया गया है। वे यहां लंबे समय से खाली चल रहे तहसीलदार के पद का कार्यभार संभालेंगे। वहीं, डीडवाना-कुचामन जिले में निर्वाचन तहसीलदार के रूप में कार्यरत महेन्द्र खत्री को जैसलमेर के उपनिवेशन विभाग के मोहनगढ़-2 कार्यालय में तहसीलदार नियुक्त किया गया है। फलसूण्ड में हुकुम सिंह संभालेंगे जिम्मेदारी रोहट (पाली) से स्थानांतरित होकर आ रहे हुकुम सिंह सिसोदिया को पोकरण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फलसूण्ड का नया तहसीलदार बनाया गया है। उनकी नियुक्ति से ग्रामीण और सीमावर्ती इलाके के राजस्व कार्यों में तेजी आने और लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। भणियाणा और मोहनगढ़ के आदेशों में भी बदलाव नई तबादला सूची में पहले जारी कुछ तबादला आदेशों में भी संशोधन किया गया है। परबतसर (नागौर) से भणियाणा तहसील के लिए स्थानांतरित किए गए तहसीलदार हरेन्दर सिंह को अब भणियाणा भेजने के बजाय जयपुर जिले के दूदू में तहसीलदार नियुक्त किया गया है। इसी तरह, लूणकरणसर (बीकानेर) से मोहनगढ़-2 उपनिवेशन विभाग भेजे गए विनोद कुमार का तबादला आदेश भी रद्द कर दिया गया है। अब उन्हें जैसलमेर की जगह हनुमानगढ़ जिले के नोहर में उप पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) के पद पर नियुक्त किया गया है। राजस्व कार्यों को मिलेगी रफ्तार सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल से जैसलमेर, पोकरण, मोहनगढ़ और फलसूण्ड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए और अनुभवी अधिकारियों की तैनाती हो गई है। इससे किसानों और ग्रामीणों के जमीन-जायदाद, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी मामलों का समय पर निस्तारण होने की उम्मीद है। तबादला आदेश जारी होने के बाद सभी नवनियुक्त अधिकारी जल्द ही अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यभार संभालेंगे, जिससे प्रशासनिक कामकाज और विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना है।

जून में खाने-पीने और रोजाना जरूरत के सामान महंगे हुए:हुरून रियल एस्टेट रिच लिस्ट में गौतम अडाणी नंबर-1, IDBI बैंक में 61% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

कल की बड़ी खबर महंगाई से जुड़ी रही। जून में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.87% पर पहुंच गई, ये 44 महीने में सबसे ज्यादा है। पिछले महीने 9.68% पर थी। वहीं, ग्रोहे-हुरून इंडिया रियल एस्टेट रिच लिस्ट में गौतम अडाणी और उनका परिवार पहली बार नंबर-1 पोजीशन पर पहुंच गया। अडाणी प्रॉपर्टीज की वैल्यू में इस साल 38,000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. खाने-पीने और रोजाना जरूरत के सामान महंगे: जून में थोक महंगाई 9.81%, 44 महीने में सबसे ज्यादा; रिटेल महंगाई भी 6 महीने से लगातार बढ़ रही जून में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.87% पर पहुंच गई है। यह पिछले महीने 9.68% पर थी। जून में महंगाई 44 महीने में सबसे ज्यादा है। सितंबर 2022 में ये 10.70% पर पहुंच गई थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 14 जुलाई को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। महंगाई बढ़ने की वजह रोजमर्रा की जरूरत के सामान और खाने-पीने की चीजों का महंगा होना है। अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी से चल रहा तनाव कम नहीं हुआ तो इसके दामों में और इजाफा हो सकता है। इससे पहले कल रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी हुए थे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. हुरून रियल एस्टेट रिच लिस्ट में गौतम अडाणी नंबर-1: अडाणी प्रॉपर्टीज की वैल्यू ₹38,000 करोड़ बढ़ी, राजीव सिंह की DLF को पीछे छोड़ा भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में साल 2026 में बड़ा उलटफेर हुआ है। ग्रोहे-हुरून इंडिया रियल एस्टेट रिच लिस्ट में गौतम अडाणी और उनका परिवार पहली बार नंबर-1 पोजीशन पर पहुंच गया। अडाणी प्रॉपर्टीज की वैल्यू में इस साल 38,000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही उन्होंने इस मामले में डीएलएफ के राजीव सिंह को पीछे छोड़ दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. IDBI बैंक में 61% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार और LIC: कनाडा की फेयरफैक्स और दुबई की एमिरेट्स NBD के साथ एक महीने में हो सकती है डील भारत सरकार और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया मिलकर IDBI बैंक में अपनी 60.7% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं। इस स्ट्रैटेजिक डिसइनवेस्टमेंट यानी विनिवेश के लिए कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और दुबई की एमिरेट्स NBD ने बोलियां लगाई हैं, जो अभी वैल्यूएशन के दौर में हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी डील अगले एक महीने के भीतर फाइनल हो सकती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. सोना ₹306 घटकर ₹1.42 लाख पर आया: चांदी ₹1,253 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, इस साल ₹2.80 लाख तक जा सकती है सोने के दाम में आज यानी 14 जुलाई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 306 रुपए घटकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 1,253 रुपए बढ़कर 2.20 लाख रुपए पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. सेंसेक्स 561 अंक गिरकर 77,055 पर बंद: निफ्टी भी 159 अंक टूटकर 24,052 पर आया; ऑटो, IT और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा बिकवाली शेयर बाजार में आज यानी 14 जुलाई को गिरावट रही। सेंसेक्स 561 अंक गिरकर 77,055 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 159 अंक की गिरावट रही, ये 24,052 पर बंद हुआ। ऑटो, IT, रियल्टी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। वहीं फार्मा, हेल्थ केयर और मेटल में ज्यादा खरीदारी रही। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए…

जोधपुर में जजों के निरीक्षण में खुली फर्जीवाड़े की पोल:एक ही नंबर की दो-दो बसें चल रही, चेसिस काटकर बना रखी बड़ी डिक्कियां

यात्रियों की जान जोखिम में डालकर सड़कों पर दौड़ रही अवैध और नियम विरुद्ध मॉडिफाइड बसों के खिलाफ जोधपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अब तक का सबसे बड़ा हंटर चलाया है। मंगलवार देर रात जिला न्यायालय के जजों ने खुद सड़कों पर उतरकर लग्जरी, एसी और स्लीपर बसों के खिलाफ एक मेगा सर्च ऑपरेशन चलाया। कई इलाकों में की गई नाकाबंदी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद शुरू हुए इस अभियान के तहत कायलाना चौराहे सहित शहर के कई इलाकों में नाकाबंदी की गई। इस दौरान भारी गड़बड़ियां मिलने पर 7 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि कई बस ऑपरेटरों पर भारी जुर्माना लगाते हुए मोटर वाहन अधिनियम के तहत केस दर्ज किए गए हैं। एक ही नंबर पर चल रही थीं दो-दो बसें देर रात जांच टीम जब कायलाना चौराहे पर पहुंची, तो वहां धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। टीम को देखकर एक बस के ऑपरेटर ने आनन-फानन में आगे की नंबर प्लेट हटा दी। जब अधिकारियों ने नंबर प्लेट मांगी, तो वह काफी देर तक बहानेबाजी करता रहा। कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि एक ही नंबर से दो-दो बसें चलाई जा रही थीं। पकड़ी गई बस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी और उसके चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। इसके अलावा एक बस बिना नंबर प्लेट के भी धड़ल्ले से दौड़ती मिली। इसके अलावा देवनगर ओर प्रतापनगर सदर थाना क्षेत्रों में भी एक ही नंबर की दो बसें चलना पाया गया। कोर्ट की सख्ती के बाद एक्शन में न्यायिक अधिकारी यह पूरी कार्रवाई जिला सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष दिनेश त्यागी और जोधपुर जिला अध्यक्ष पूरण कुमार शर्मा के निर्देशन में की जा रही है। अपर एवं सेशन न्यायाधीश ओर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डॉक्टर मनीष हरजाई ने बताया कि इन दिनों लगातार रालसा के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है। जब भी ऐसा लगता है कि कोई ऐसी बस है जिसके खिलाफ कार्रवाई की जानी है उन बसों को रोका जाता है उनकी लम्बाई मापी जाती है सुरक्षा उपकरणों की जांच भी की जाती है। कोई भी कमी पाए जाने पर उनमें सीज का चालान काटने की कार्रवाई की जाती है।
पब्लिक भी हो जागरूक न्यायाधीश मनीष हरजाई ने कहा कि पब्लिक को भी इस मुद्दे पर यही कहना चाहते हैं कि आमजन को भी अपने अधिकारों के प्रति सचेत होना चाहिए। यदि कोई बस में सवारी कर रहा है तो उसे बस में सुरक्षा उपकरणों की जानकारी कर लेनी चाहिए कि बस में आपात स्थिति में निकलने का इमरजेंसी गेट भी है या नहीं। यदि बस पलटी खा जाए तब ऐसी स्थिति में उस बस से निकलने के लिए छत का कोई रास्ता है या नहीं। इन अधिकारों को लेकर भी जागरूक होना पड़ेगा। अपनी खुद की सुरक्षा के लिए स्वयं सचेत होना भी एक बहुत आवश्यक कदम है। परेशानी होने पर क्या करें न्यायाधीश ने कहा कि यदि ऐसी किसी भी कार्रवाई के दौरान किसी भी ट्रैवल कंपनी या बस से यात्रा करने वाले किसी यात्री को कोई परेशानी होती है तो वह स्थाई लोक अदालत के समक्ष यथोचित कार्रवाई के लिए सामान्य आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। जिसमें बहुत ही सामान्य प्रक्रिया के तहत व्यक्ति स्वयं भी आवेदन कर उसे यथोचित लाभ दिलाने के लिए जिला एवं विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला ओर महानगर, रालसा, प्रतिबद्ध है। फलोदी हादसे में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर के सचिव राकेश रामावत ने बताया मंगलवार रात को भी 7 बसों को सीज किया गया था। फलोदी में हुई दुर्घटना में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था। इसके बाद दौसा में हुए बस हादसे के बाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने रालसा को निर्देश दिए थे। जिसमें रालसा ने एक एसओपी जारी की थी। जिसमें पुलिस, मोबाईल मजिस्ट्रेड को भी शामिल किया गया था। ये मिली कमियां रामावत ने बताया बसों में मुख्य तौर पर इमरजेंसी एग्जिट को काटकर छोटा किया गया है। उनमें मानक के तहत इमरजेंसी एग्जिट नहीं है। बसों को पीछे से चैसिस काटकर के उनको लम्बा किया गया है। डिक्की की साईज बड़ी की गई है जिससे बस का बैलेंस बिगड़ जाता है। जिसे टैक्निकल भाषा में रियल ओवरहैंगिंग कहा जाता है। यह लगभग सभी बसों में कमियां पाई गई है। आरटीओ इंस्पेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि रोजाना आठ से दस बसों को सीज किया जा रहा है। जिन बसों में बड़ा अपराध नहीं है उनका चालान बनाया जा रहा है। जिन बसों में तकनीकी कमियां है उनको दूर नहीं किया गया है, उन बसों को न्यायिक अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान के तहत सीज किया जा रहा है। इन बसों ने अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड से पास की गई थी। जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक बसें नाॅर्थ इस्ट की है, लेकिन अब इना बसों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब तक 47 बस सीज आरटीओ इंस्पेक्टर फिरोज ने बताया कि 8 जुलाई से यह अभियान चल रहा है। जिसमें अब तक 47 बसों को सीज किया गया है। जिन बसों को नियमों के खिलाफ चलाया जा रहा था। उनके खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई की गई थी, हालांकि उस समय उन्हें हिदायत दी गई थी और चालान काटकर छोड़ दिया गया था, लेकिन अब इन बसों में सुधार नहीं होने पर सीज किया जा रहा है।