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अलवर में बारिश,कोर्ट परिसर की सीढ़ियों पर बहने लगा पानी:सड़क पर 3 से 4 फीट तक भरा पानी, गाड़ियां खराब; अगले 5 दिन तेज बरसात की संभावना

अलवर में कई दिनों के बाद आज दोपहर 2 बजे बाद करीब एक घंटे तक अच्छी बारिश हुई है। अलवर कोर्ट परिसर सहित शहर की सड़क पानी से लबालब हो गई। महल चौक की सीढ़ियों से पानी झरने की तरह बहने लगा। कोर्ट की कैंटीन में भी पानी भर गया। यहां लोग डिब्बों में पानी भरकर बाहर निकालते नजर आए। अच्छी बारिश से आमजन को उमस से काफी राहत मिली है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी रही। लेकिन बारिश नहीं होने से आमजन की चिंता भी बढ़ गई थी। अलवर शहर के बस स्टैंड से अशोका टॉकीज तक सड़क पर करीब 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है कई स्कूटी खराब हो गई है जिनको पैदल भी पानी से निकालते लोग नजर आए कई दुकानों में पानी अंदर तक भर गया है। सुबह धूप दोपहर में बरसात आज सुबह से आसमान पूरी तरह साफ रहा और तेज धूप निकलने से गर्मी का असर बना रहा। हवा नहीं चलने के कारण लोगों को दिनभर उमस का सामना करना पड़ा और आमजन पसीने से तरबतर नजर आए। दोपहर बाद अचानक बादलों की आवाजाही से गर्मी से लोगों को राहत मिली। फिर अच्छी बारिश हुई। कहीं तेज बारिश हुई तो कहीं हल्की है। कुछ जगहों पर खेत भी पानी से भरे दिखे हैं। मौसम विभाग ने पहले 15 जुलाई तक मौसम सामान्य रहने का अनुमान जताया था, लेकिन मौसम में आए बदलाव को देखते हुए अब अगले 5 दिनों तक बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 से 19 जुलाई तक जिले में हल्की बारिश या बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है। 15 जुलाई को अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री रहने का अनुमान है, जबकि आगामी दिनों में यह 37 से 38 डिग्री तक पहुंच सकता है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

धार भोजशाला परिसर के पास हर शुक्रवार नमाज होगी:सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- मुस्लिम पक्ष को अलग जगह दें, ASI परिसर से छेड़छाड़ न करे

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को धार भोजशाला मंदिर के पास नमाज के लिए कोई खुला स्थान देने को कहा है। कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि हर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज के लिए यह जगह दी जाए। अदालत ने यह भी कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) बिना कोर्ट की मंजूरी परिसर में किसी भी तरह का बदलाव न करे। सुप्रीम कोर्ट MP हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें परिसर को मंदिर करार दिया गया है। सुनवाई के बाद भोजशाला संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार भोजशाला में नियमित पूजा-अर्चना जारी रहेगी। वहीं, तय जगह पर मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा कर सकेंगे। कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार किया सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर मुस्लिम पक्षों की याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। इन याचिकाओं में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर माना गया था और परिसर में नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। यानी पहले जैसी व्यवस्था बहाल नहीं होगी, जिसके तहत शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय को नमाज और निर्धारित दिनों में हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस विवाद पर आगे की सुनवाई बाद में होगी। भोजशाला परिसर में कोई भी संरचनात्मक बदलाव नहीं होगा मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी की मांग स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना भोजशाला परिसर में कोई भी संरचनात्मक बदलाव नहीं करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि मामले की अंतिम सुनवाई करीब तीन सप्ताह बाद की जाएगी। मामले की सुनवाई शुरू होते ही मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुस्लिम पक्ष की याचिकाओं पर नोटिस जारी करने का फैसला किया। साथ ही, मामले को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले पर जताई आपत्ति मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने दलील दी कि हाईकोर्ट के फैसले से परिसर में वर्षों से चली आ रही धार्मिक व्यवस्था पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने अदालत को बताया कि लंबे समय से शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय नमाज अदा करता था, जबकि मंगलवार को हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुस्लिम समुदाय को परिसर में प्रवेश और नमाज से वंचित कर दिया गया है। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट और उसके आधार पर दिए गए निष्कर्षों पर भी सवाल उठाए। पूजा स्थल अधिनियम का दिया गया हवाला वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी मुस्लिम पक्ष की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का फैसला पूजा स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991 की भावना और प्रावधानों के विपरीत है। उनका कहना था कि परिसर में लंबे समय से नमाज अदा की जाती रही है और इसके समर्थन में कई सरकारी अभिलेख भी उपलब्ध हैं। ऐसे में लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था को बदलना कानून के अनुरूप नहीं माना जा सकता। केंद्र सरकार ने अदालत को दी स्थिति की जानकारी केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन ने पूरे मामले को शांतिपूर्ण ढंग से संभाला है। उन्होंने कहा कि आदेश लागू होने के बाद क्षेत्र में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या सामने नहीं आई और प्रशासन ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखा है। हाईकोर्ट ने माना था मां सरस्वती का मंदिर गौरतलब है कि 15 मई 2026 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने फैसले में भोजशाला परिसर को मां सरस्वती का मंदिर माना था। अदालत ने परिसर में नमाज अदा करने पर रोक लगाते हुए हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार दिया था। हाईकोर्ट का यह फैसला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अब सर्वोच्च अदालत सभी पक्षों की दलीलें, एएसआई रिपोर्ट, ऐतिहासिक अभिलेख और कानूनी पहलुओं का परीक्षण करेगी। अदालत ने संकेत दिए हैं कि मामले की विस्तृत सुनवाई अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर की जा सकती है। इस फैसले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका प्रभाव केवल भोजशाला विवाद तक सीमित नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों से जुड़े अन्य मामलों पर भी पड़ सकता है। ये खबर भी पढ़ें… ट्विशा केस: गिरिबाला-समर्थ का फिर वॉयस सैंपल देने से इनकार:CBI बोली- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देने से भोपाल AIIMS ने भी मना किया भोपाल में एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में मंगलवार को जिला अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। CBI ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपियों ने वॉयस सैंपल नहीं दिया है। भोपाल AIIMS ने भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देने से मना किया है। पूरी खबर पढ़ें…

वांगचुक 17 दिन से अनशन पर, 8.5kg वजन घटा:कॉकरोच जनता पार्टी बोली- सरकार बेपरवाह; उद्धव-महुआ और अखिलेश की भूख हड़ताल खत्म करने की अपील

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का मंगलवार को 17वां दिन है। उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है। वजन 8.5kg कम हो गया है। अनशन शुरू होने पर वजन 67 किग्रा था। वांगचुक नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून से अनशन कर रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, एक्टर नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, राइटर अरुंधति रॉय समेत कई प्रमुख हस्तियों ने सोनम से अनशन खत्म करने की अपील की है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा कि सरकार को वांगचुक की कोई चिंता नहीं है। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि वांगचुक की जान को खतरा है। सरकार को मांगों पर ध्यान देना चाहिए। सोनम के अनशन पर नेताओं-फिल्मी हस्तियों की प्रतिक्रिया सोनम वांगचुक 170 दिन जोधपुर जेल में रहे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उनके अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए। सरकार ने हिंसा भड़काने का आरोप वांगचुक पर लगाया। इसके दो दिन बाद, 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया। CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था 15 मई को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। इसी टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत हुई। अगले दिन 16 मई को अमेरिका में रहने वाले अभिजीत दीपके ने CJP बनाई। 22 मई को उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाली ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से ज्यादा समर्थन मिलने का दावा किया गया। CJP का 8 शहरों में प्रदर्शन ———————————— ये खबरें भी पढ़ें… 3 इडियट्स के ‘चतुर’ बोले- नहीं चाहता फुंसुख मर जाएं, जीनत बोलीं- अपने अच्छे दिमाग को चुपचाप मरते हुए मत देखिए सोनम वांगचुक की हड़ताल को लेकर बॉलीवुड के लोग उनके समर्थन में आए हैं। ‘3 इडियट्स’ में चतुर रामलिंगम का किरदार निभा चुके ओमी वैद्य और एक्ट्रेस जीनत अमान ने सोशल मीडिया पर वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है। पूरी खबर पढ़ें… कॉकरोच पार्टी फाउंडर दीपके ने पुलिस के पैर पकड़े, जंतर-मंतर पर टेंट लगाने की इजाजत मांगी नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 दिन से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। फाउंडर अभिजीत दीपके ने पुलिसवालों के पैर पकड़े और हाथ जोड़े। वे टेंट लगाने की इजाजत मांग रहे थे ताकि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को बारिश से बचाया जा सके। पूरी खबर पढ़ें…

सामूहिक विवाह में बचाए 23 लाख मंदिर निर्माण में लगेंगे:कहार समाज के प्रदेशाध्यक्ष बोले- सेवा-सत्संग से बड़ा धर्म कोई नहीं

टोंक जिले के मांडकला नगरफोर्ट में हाल ही में आयोजित कीर समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुई 23 लाख रुपए से अधिक की बचत राशि अब मंदिर निर्माण कार्य में खर्च की जाएगी। यह निर्णय कहार कीर-केवट-कश्यप-मेहरा विकास मंच और सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति की संयुक्त बैठक में लिया गया। कहार कीर-केवट-कश्यप-मेहरा विकास मंच के प्रदेशाध्यक्ष और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निजी सचिव हरिनंद कहार ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में सामूहिक विवाह सम्मेलन समय की जरूरत बन चुके हैं। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है और लोग कर्ज के दबाव में आने से बच जाते हैं। समाज के सहयोग से हुई 23 लाख की बचत प्रदेशाध्यक्ष हरिनंद कहार ने कहा कि समाज के चौथे सामूहिक विवाह सम्मेलन में सभी लोगों के सहयोग और योगदान से कम खर्च में बेहतर आयोजन संभव हो पाया। सम्मेलन और मंदिर समिति की आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत करने के बाद 22 लाख 90 हजार 514 रुपए की बचत सामने आई है। उन्होंने बताया कि समाज की सहमति से इस पूरी राशि को श्रीहरि सद्गुरु कालू बाबा मांडकला नगरफोर्ट के निर्माणाधीन मंदिर में लगाया जाएगा। सेवा और सत्संग को बताया सबसे बड़ा धर्म हरिनंद कहार ने कहा कि सेवा और सत्संग से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। समाज को आगे बढ़ाने के लिए आपसी ईर्ष्या छोड़कर एकजुटता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने सकारात्मक सोच अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इसी से समाज और व्यक्ति दोनों अपने लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। सम्मेलन की आय 49 लाख रुपए से अधिक रही समिति के महामंत्री और प्रवक्ता डॉ. नरेन्द्र मेहरा एडवोकेट ने बताया कि गणेश विदाई के अवसर पर सामूहिक विवाह सम्मेलन और मंदिर निर्माण समिति की संयुक्त बैठक जिलाध्यक्ष सायरलाल कीर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सम्मेलन संयोजक किशनलाल कहार ने आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इसके अनुसार सामूहिक विवाह सम्मेलन से 46 लाख 84 हजार 947 रुपए और मंदिर समिति से 2 लाख 55 हजार 100 रुपए की आय हुई। इस प्रकार कुल आय 49 लाख 40 हजार 47 रुपए रही। वहीं कुल खर्च 26 लाख 49 हजार 533 रुपए हुआ, जिसके बाद 22 लाख 90 हजार 514 रुपए की बचत दर्ज की गई। 2027 में होगा पांचवां सामूहिक विवाह सम्मेलन बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 13 जून 2027 को गंगा दशमी के अवसर पर मांडकला नगरफोर्ट में समाज का पांचवां सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। समाज के सहयोगियों का किया सम्मान बैठक के दौरान सामूहिक विवाह सम्मेलन में सराहनीय योगदान देने वाले विद्वान पंडित तेज प्रकाश भंडारी, ऑनलाइन पोस्टर तैयार करने वाले प्रवीण मेहरा, हलवाई रामस्वरूप धाकड़, टेंट व्यवसायी देवकरण गुर्जर तथा अन्य भामाशाहों का सम्मान किया गया। शिक्षा पर जोर देने की अपील कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक बजरंग लाल मेहरा ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समाज को बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। वहीं प्रदेश संरक्षक मोतीलाल मेहरा चेयरमैन ने सभी सहयोगियों और समाजजनों का आभार व्यक्त किया। बैठक का संचालन महर्षि कश्यप स्नातकोत्तर महाविद्यालय दूनी के निदेशक डॉ. नरेन्द्र मेहरा ने किया। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष हरिनंद कहार, मुख्य संरक्षक बजरंग लाल मेहरा, प्रदेश संरक्षक मोतीलाल मेहरा, जिलाध्यक्ष सायरलाल कीर, संयोजक किशनलाल कहार, पूर्व मंडी अध्यक्ष प्रभा मेहरा, सुमित्रा कहार, भगवान मेहरा, गोरधन कीर, फूलचंद कहार, डॉ. आदित्य कश्यप, हरिमोहन कहार, राजेश सिकरवाल, राजेन्द्र कहार, जितेन्द्र धीवर, जीतमल मलिया, राजूलाल कोटड़ा, श्रीलाल कीर, सत्यनारायण सेठी, मोहनलाल, गणपत, शिवराज फौजी और हरिराम महाराज सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

मल्टी स्पोर्ट्स संस्कृति, मेंटरशिप, क्ले कोर्ट ट्रेनिंग ने बनाया सुपरपावर:महिला टेनिस पर राज कर रहा चेकिया देश, विम्बलडन की फाइनलिस्ट यहीं से थीं

विम्बलडन 2026 का महिला सिंगल्स फाइनल इस बार बेहद खास रहा। इस साल खिताबी मुकाबला चेकिया (चेक रिपब्लिक) की दो स्टार खिलाड़ी- लिंडा नोस्कोवा और कैरोलिना मुचोवा के बीच खेला गया। महज 1.1 करोड़ की आबादी वाला यह छोटा सा यूरोपीय देश महिला टेनिस की दुनिया पर राज कर रहा है। आज दुनिया की टॉप-50 महिला टेनिस खिलाड़ियों में से लगभग 20 प्रतिशत खिलाड़ी अकेले चेकिया से ही आती हैं। हालिया विम्बलडन के टॉप-16 में चार खिलाड़ी इसी देश से थीं। मार्टिना नवरातिलोवा से शुरू हुई थी यह स्वर्णिम परंपरा चेक रिपब्लिक के इस शानदार सफर की शुरुआत महान खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा से हुई थी। उन्होंने 18 ग्रैंड स्लैम जीते थे। उनके बाद हाना मंडलिकोवा, जाना नोवोत्ना, पेट्रा क्वितोवा, कैरोलिना प्लिस्कोवा, बारबरा क्राजिकोवा और मार्केटा वोंद्रोसोवा जैसी चैम्पियन खिलाड़ी सामने आईं। 1. एक साथ कई खेलों से लचीला शरीर
मुचोवा और नोस्कोवा ने बचपन में टेनिस को अपना इकलौता करियर नहीं बनाया था। मुचोवा के पिता और भाई फुटबॉलर थे, इसलिए वे बचपन में हर तरह के खेल खेलती थीं। नोस्कोवा जिम्नास्टिक व घुड़सवारी समेत 7-8 हॉबीज में व्यस्त रहती थीं। बचपन में मिले इस बहु-आयामी शारीरिक विकास ने बॉडी को लचीला और मानसिक रूप से मजबूत बनाया है। 2. टेक्निक नहीं, अंकों की ट्रेनिंग
अमेरिका जैसे देशों में बच्चों को कोर्ट पर घंटों एक ही तरह के शॉट्स मारने का अभ्यास कराया जाता है। इसके उलट, चेक रिपब्लिक में शुरुआत से ही असली पॉइंट्स, गेम्स और सेट्स खिलाए जाते हैं। इससे बच्चे सिर्फ गेंद को ताकत से हिट करना नहीं सीखते, बल्कि यह सीखते हैं कि अंक कैसे बनाए जाते हैं। 3. वीकेंड पर सिंगल्स-डबल्स टूर्नामेंट
चेक गणराज्य की टेनिस क्रांति की असली बुनियाद उनके स्थानीय क्लबों और क्ले कोर्ट्स पर टिकी है। क्ले कोर्ट पर खेलने से खिलाड़ियों में धैर्य और शॉट्स की वैरायटी (जैसे स्लाइस और ड्रॉप शॉट्स) विकसित होती है। यहां का लोकल क्लब सिस्टम बेहद मजबूत है, जहां हर वीकेंड पर सिंगल्स और डबल्स की ढेरों प्रतियोगिताएं होती हैं। 4. दिग्गजों के साथ प्रैक्टिस का मौका
पुरानी चैम्पियन पीढ़ी नई पीढ़ी का हाथ नहीं छोड़ती। जब क्राजिकोवा 18 साल की थीं, तब उन्होंने दिग्गज जाना नोवोत्ना को पत्र लिखा और नोवोत्ना उनकी कोच बन गईं। जब नोस्कोवा ने 18 साल की उम्र में ग्रास कोर्ट पर कदम रखा, तो पूर्व नंबर-1 डबल्स खिलाड़ी स्ट्राइकोवा ने उनके साथ प्रैक्टिस की।

सोना ₹306 घटकर ₹1.42 लाख पर आया:चांदी ₹1,253 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, इस साल ₹2.80 लाख तक जा सकती है

सोने के दाम में आज यानी 14 जुलाई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 306 रुपए घटकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 1,253 रुपए बढ़कर 2.20 लाख रुपए पर पहुंच गई है। चांदी ऑल टाइम हाई से 1.66 लाख रुपए नीचे इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 34 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। यह चांदी के अब तक की सबसे ज्यादा दाम थे। तब से अब तक 166 दिन में चांदी 1.66 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है।

क्या कोहली और गंभीर के बीच बातचीत बंद है:दावा- ट्रेनिंग में दूर-दूर दिखे, कोटक ने मैसेज पास किए; अनबन की अटकलें तेज

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से ठीक पहले विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच अनबन की अटकलें हैं। इन अटकलों को टाइम्स नॉउ न्यूज की रिपोर्ट ने हवा दी है, जिसमें दावा किया गया है कि कोहली और गंभीर के बीच बातचीत नहीं हो रही है। भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे आज बर्मिंघम में है। रिपोर्ट के मुताबिक बर्मिंघम में सोमवार को प्रैक्टिस सेशन के दौरान कोहली और गंभीर ने एकदूसरे को नजरअंदाज किया। गंभीर ने कप्तान शुभमन गिल, रोहित शर्मा, केएल राहुल समेत ज्यादातर खिलाड़ियों से बात की। लेकिन, कोहली की नेट प्रैक्टिस दूर से देखते रहे। उन्होंने नेट्स के बाद कोहली से बात करने के लिए बैटिंग कोच सुतांशु कोटक को भेजा। प्रैक्टिस सेशन में क्या-क्या हुआ? कोहली ने पहले फील्डिंग ड्रिल्स कीं, उसके बाद सीधे नेट्स में जाकर 30-40 मिनट बल्लेबाजी की। फिर विराट नेट्स से बाहर निकल आए। नेट्स के बाद सितांशु कोटक उनसे जाकर मिले और लंबी बातचीत की। इतना ही नहीं, गंभीर जब टीम के अन्य खिलाड़ियों से बात कर रहे थे तो कोहली उन्हें इग्नोर करते हुए अपने किट बैग के साथ आगे निकल गए। पहले भी कोहली-गंभीर में अनबन के दावे कोहली और गंभीर के बीच अनबन के दावे पहले भी होते रहे हैं। गंभीर टीम इंडिया का हेड कोच बनने से पहले कोहली के खिलाफ कई बार बयानबाजी कर चुके हैं। कोहली और गंभीर कई बार मैदान पर लड़ भी चुके हैं। ताजा मामला साल 2023 का है, इकाना स्टेडियम में बेंगलुरु-लखनऊ मैच के बाद दोनों में तीखी बहस हुई थी। 5 महीने बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे विराट विराट कोहली करीब 5 महीने के बाद भारतीय टीम में वापसी कर रहे हैं। उन्होंने पिछला मुकाबला 18 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में खेला था। उसके बाद वे जून अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में चोट के कारण हिस्सा नहीं रहे सके थे। उन्हें IPL 2026 के फाइनल में इंजरी हुई थी। गिल बोले- विराट 2027 वर्ल्ड कप प्लान का हिस्सा भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने मैच से पहले कहा कि विराट कोहली 2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में विराट के साथ टीम कॉम्बिनेशन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। गिल ने कहा कि रोहित और विराट का अनुभव टीम के लिए बेहद अहम रहेगा। ————————————————– भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बुमराह 968 दिन बाद वनडे खेलेंगे, रोहित-विराट की वापसी; इंग्लैंड के खिलाफ पहला वनडे आज जसप्रीत बुमराह 968 दिन बाद वनडे क्रिकेट में वापसी करेंगे। उन्होंने 2023 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद कोई वनडे नहीं खेला है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला मंगलवार को बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। इस मुकाबले में रोहित शर्मा और विराट कोहली भी वनडे टीम में वापसी करेंगे। पढ़ें पूरी खबर

खाने-पीने और रोजाना जरूरत के सामान महंगे:जून में थोक महंगाई 9.81%, 44 महीने में सबसे ज्यादा; रिटेल महंगाई भी 6 महीने से लगातार बढ़ रही

जून में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.87% पर पहुंच गई है। यह पिछले महीने 9.68% पर थी। जून में महंगाई 44 महीने में सबसे ज्यादा है। सितंबर 2022 में ये 10.70% पर पहुंच गई थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 14 जुलाई को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। महंगाई बढ़ने की वजह रोजमर्रा की जरूरत के सामान और खाने-पीने की चीजों का महंगा होना है। अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी से चल रहा तनाव कम नहीं हुआ तो इसके दामों में और इजाफा हो सकता है। इससे पहले कल रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी हुए थे। रिटेल महंगाई भी लगातार छठे महीने बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है। रोजाना जरूरत के सामान के दाम बढ़े होलसेल महंगाई के 4 हिस्से प्राइमरी आर्टिकल, जिसका वेटेज 22.62% है। फ्यूल एंड पावर का वेटेज 13.15% और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट का वेटेज सबसे ज्यादा 64.23% है। प्राइमरी आर्टिकल के भी चार हिस्से हैं। होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का आम आदमी पर असर थोक महंगाई के लंबे समय तक बढ़े रहने से ज्यादातर प्रोडक्टिव सेक्टर पर इसका बुरा असर पड़ता है। अगर थोक मूल्य बहुत ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है तो प्रोड्यूसर इसका बोझ कंज्यूमर्स पर डाल देते हैं। सरकार केवल टैक्स के जरिए WPI को कंट्रोल कर सकती है। जैसे कच्चे तेल में तेज बढ़ोतरी की स्थिति में सरकार ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कटौती की थी। हालांकि, सरकार टैक्स कटौती एक सीमा में ही कम कर सकती है। WPI में ज्यादा वेटेज मेटल, केमिकल, प्लास्टिक, रबर जैसे फैक्ट्री से जुड़े सामानों का होता है। रिटेल महंगाई लगातार छठे महीने बढ़ी आलू-अदरक समेत खाने-पीने की चीजों के दाम फिर बढ़ने से रिटेल महंगाई लगातार छठे महीने बढ़ी है। जून में यह 4.38% पर पहुंच गई है। जनवरी में यह 2.74% थी। वहीं एक महीने पहले मई में 3.93% थी। यानी, यह लगातार छठा महीना है जब महंगाई बढ़ी है। महंगाई कैसे मापी जाती है? भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल यानी खुदरा और दूसरी थोक महंगाई होती है। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी कहते हैं। वहीं, होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का अर्थ उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है। महंगाई मापने के लिए अलग-अलग आइटम्स को शामिल किया जाता है। जैसे थोक महंगाई में मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 63.75%, प्राइमरी आर्टिकल जैसे फूड 22.62% और फ्यूल एंड पावर 13.15% होती है। वहीं, रिटेल महंगाई में फूड और प्रोडक्ट की भागीदारी 45.86%, हाउसिंग की 10.07% और फ्यूल सहित अन्य आइटम्स की भी भागीदारी होती है। —————————————- ये खबर भी पढ़े… सोना ₹476 घटकर ₹1.42 लाख आया:चांदी ₹849 बढ़कर ₹2.19 लाख किलो पर पहुंची, इस साल ₹2.80 लाख तक जा सकती है सोने के दाम में आज यानी 14 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 476 रुपए घटकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 849 रुपए बढ़कर 2.19 लाख रुपए पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें

जजों के रिटायरमेंट पर सुप्रीम-कोर्ट का सभी अदालतों को नोटिस:कहा- सभी पक्षों को सुनना जरूरी; अभी 61 की उम्र तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी जाए

सुप्रीम कोर्ट ने जजों की सेवा अवधि और रिटायरमेंट की उम्र से जुड़े मामले में देशव्यापी रुख अपनाते हुए फैसला सुनाया है। ऑल इंडिया जजों एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार, सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और देश के सभी हाईकोर्ट्स को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले में सभी जिला, स्टेट और निचली अदालतों को आज नोटिस भेजे गए हैं। 22 जुलाई को होगी अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आदेश दिया है कि जब तक यह मामला अदालत में लंबित है, याचिकाकर्ताओं को 61 वर्ष की आयु पूरी होने तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी जाए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। चीफ जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सोमवार 13 जुलाई को इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह मुद्दा देश के सभी राज्यों और न्यायिक सेवाओं को प्रभावित करने वाला है, इसलिए सभी पक्षों का पक्ष सुनना जरूरी है। कोर्ट ने इस मामले को इसी तरह के एक अन्य लंबित मामले के साथ संलग्न करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई, 2026 को होगी। क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट पीठ मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ताओं को 61 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते उन्हें पहले ही सेवामुक्त न किया गया हो। बतादें, राजस्थान और देश के अन्य राज्यों के जिला एवं सत्र न्यायालयों और अन्य अधीनस्थ अदालतों के जजों की रिटायरमेंट की उम्र वर्तमान में 60 वर्ष है। अब इस आदेश के तहत जो जज सेवा में हैं वो 61 वर्ष की उम्र तक जज बने रह सकेंगे। — ये खबर भी पढ़ें… हाईकोर्ट ने कहा- भारत-पाक बॉर्डर पर हर-प्रॉपर्टी की होगी जांच:सीमा से सटे धार्मिक स्थल-निर्माणों पर सुनाया फैसला; जिला स्तर पर बनेगी कमेटी राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाक सीमा से सटे 0 से 50 किलोमीटर क्षेत्र स्थित धार्मिक स्थल और अन्य निर्माणों से जुड़े मामलों में फैसला सुनाते हुए कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च है। हाईकोर्ट ने याचिकाएं खारिज करते हुए निर्दे​श ​दिए कि प्रत्येक संपत्ति की अलग-अलग जांच की जाएगी। नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा मामला होने के कारण इस मामले की सुनवाई सोमवार को बंद कमरे में हुई। (पूरी खबर पढ़ें)

हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी:NIA ने चार्जशीट में कहा था- हाफिज ने पहलगाम हमले की साजिश रची, जंग छेड़ी

जम्मू की स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद के खिलाफ पहलगाम केस में गैर-जमानती वारंट जारी किया। कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए हाफिज को हिरासत में लेकर पूछताछ करनी होगी। कोर्ट ने 8 जुलाई को आदेश जारी किया था, जानकारी मंगलवार को सामने आई है। इससे पहले 6 जुलाई को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहलगाम हमले को लेकर सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी ने कहा था कि बैसरनघाटी में हुए आतंकी हमले की साजिश हाफिज सईद ने ही रची थी। NIA ने हाफिज पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ने का आरोप लगाया है। 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों ने पहलगाम में धर्म पूछकर लोगों की हत्या की थी। हमले में 26 टूरिस्ट मारे गए थे। इसके बाद भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK में 9 ठिकानों पर हमला किया था। भारत का दावा है कि इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। पहलगाम हमले की दो तस्वीरें… पहली चार्जशीट 15 दिसंबर को दाखिल पहलगाम हमले के बाद NIA ने 15 दिसंबर 2025 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें पाकिस्तान के आतंकी हैंडलर साजिद जट समेत 6 आतंकियों को आरोपी बनाया था। उस वक्त हाफिज सईद का नाम सामने नहीं आया था। पहलगाम हमले के 3 आतंकी मारे जा चुके हैं। आतंकियों का हैंडलर सैफुल्लाह जट्‌ट उर्फ लंगड़ा अभी जिंदा है। उस पर 10 लाख का इनाम है। NIA चार्जशीट में अब तक 5 खुलासे… पहलगाम हमले के बाद भारत के बड़े ऑपरेशन ————————————– ये खबर भी पढ़ें… NIA चार्जशीट में खुलासा- लश्कर ने करवाया था पहलगाम हमला, मास्टरमाइंड साजिद जट्ट ने 2019 में द रेजिस्टेंस फ्रंट बनाया था कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था। यह खुलासा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में हुआ है। हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा आतंकी सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्‌ट उर्फ लंगड़ा था। पूरी खबर पढ़ें…