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कैबिनेट मंत्री के बेटे का ट्रांसफर कैंसिल:59 की उम्र में हेडमास्टर का 500KM दूर तबादला, बोले-BJP के लिए काम किया, बदले में यह मिला

मैं RSS का कार्यकर्ता हूं। भाजपा के जिला प्रमुख और प्रधान बनाने में कई बार अहम भूमिका निभा चुका हूं। लेकिन 59 की उम्र में मेरा तबादला धौलपुर से करीब 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ कर दिया गया। माननीय शिक्षा मंत्री जी आपकी जिद्द बीजेपी को ले डूबेगी। यह दर्द धौलपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत हेड मास्टर ओमवीर पेलावत (59) का है। उन्होंने ट्रांसफर पर नाराजगी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है। वहीं राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के बेटे दीपक कुमावत के तबादले को लेकर भी सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है। 9 जुलाई को पंचायत समिति सुमेरपुर (पाली) में सहायक प्रोग्रामर के पद पर कार्यरत दीपक कुमावत का तबादला पंचायत समिति जालोर किया गया था, लेकिन महज 24 घंटे बाद 10 जुलाई को आदेश निरस्त कर उन्हें यथावत पदस्थापित कर दिया गया। दीपक कुमावत का ट्रांसफर कैंसिल होने के बाद सोशल मीडिया पर मंत्री और उनके बेटे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यूजर्स इस फैसले को लेकर सवाल उठा रहे हैं और तबादला प्रक्रिया में कथित दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाते हुए सरकार पर निशाना साध रहे हैं। बता दें कि राजस्थान में हाल में अलग-अलग विभागों में बड़े स्तर पर तबादले किए गए थे। इसके बाद कई कर्मचारी और अधिकारी अपने तबादलों को लेकर असंतोष जता चुके हैं। अब टीचर की पोस्ट ने तबादला प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सरकारी टीचर की पोस्ट…
ट्रांसफर से नाराज टीचर ने कहा- वीआरएस पर विचार करेंगे हेड मास्टर ओमवीर पेलावत (59) का ट्रांसफर धौलपुर से करीब 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ कर दिया गया है। वे इससे नाराज हैं। उन्होंने इसको लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट की है। जिसमें में लिखा है- मेरे पिता जी भारतीय जनता पार्टी के इमानदार कार्यकर्ता रहे हैं, इस बात को सम्माननीया वसुंधरा राजे जी जानती हैं। मैं भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का द्वितीय वर्ष शिक्षित कार्यकर्ता हूं। मैंने भी कई बार भाजपा का जिला प्रमुख और प्रधान बनाने में अहम भूमिका निभाई है। मैंने प्रमोशन स्वीकार कर लिया और मुझे 59 साल की उम्र में 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ भेज दिया। दुर्भाग्य ये रहा कि मेरा रिक्त स्थान पर भी ट्रांसफर नहीं किया। खैर मैं तो बीआरएस ले लूंगा। लेकिन माननीय शिक्षा मंत्री जी आपकी जिद्द बीजेपी को ले डूबेगी। हेडमास्टर की इस पोस्ट पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कोई शिक्षक की पीड़ा का समर्थन कर रहा है तो कोई सरकारी तबादला प्रक्रिया को नियमों के अनुसार होने की बात कह रहा है।

डकैत जगन की हत्या के बाद पप्पू-गुर्जर की जेल बदली:अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से दौसा भेजा; परिवार की मांग पर शिफ्टिंग की गई

डकैत जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को आज अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से शिफ्ट कर दिया गया। आज (मंगलवार) सुबह करीब 9 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच दौसा की सेंट्रल जेल ले जाया गया। सुरक्षा को लेकर परिजन और ग्रामीणों ने शिफ्टिंग की मांग की थी। सोमवार को जेल प्रशासन के ट्रांसफर के आदेश के बाद प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। जेल प्रशासन ने जिला पुलिस से अतिरिक्त जाप्ते की मांग की थी। मंगलवार सुबह अतिरिक्त पुलिस जाप्ता मिलने के बाद शिफ्टिंग की कार्रवाई की गई। बता दें कि डकैत जगन गुर्जर की 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद से परिजन पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को देखते हुए जेल ट्रांसफर करने की मांग कर रहे थे। मामले में जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने कहा कि मुख्यालय की ओर से सोमवार को पप्पू गुर्जर को ट्रांसफर करने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब 9 बजे कड़ी सुरक्षा में ले जाया गया। परिजन और ग्रामीणों ने की थी शिफ्टिंग की मांग जगन हत्याकांड के बाद परिजन और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने पांच मांगे रखी थी। मांगें पूरी नहीं होने पर 12 जुलाई को जगन गुर्जर की बारहवीं की रस्म के बाद परिजनों और डांग क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने बाड़ी की तरफ कूच कर बड़े आंदोलन की चेतावनी दे दी थी। मांगों पर सहमति के बाद लौटे ग्रामीण माहौल बिगड़ता देख जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। धौलपुर कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और एसपी ने आधी रात को गजपुरा चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को रोककर बात की। 5 प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद प्रशासन ने बाड़ी थानाधिकारी (SHO) देवेंद्र शर्मा को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इसके बाद देर रात ग्रामीण शांत होकर भवुतीपुरा (जगन के गांव) लौट गए। 4 जुलाई को बिगड़ी थी तबीयत बता दें कि अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पप्पू गुर्जर की 4 जुलाई को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। खाना खाने के बाद पप्पू ने सीने में दर्द की शिकायत की। इस पर जेल के डॉक्टर ने उसका चेकअप किया। 4 जुलाई की शाम को पप्पू का प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच रात 10:45 बजे जवाहरलाल नेहरू अस्पताल भेजा गया। जहां उसकी जांच की गई। इसके बाद उसे जेल शिफ्ट कर दिया गया। जगन की 29 जून को हो गई थी हत्या अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को डैकत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ। ———- ये खबरें भी पढ़िए… अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, साथ में लूडो खेला था अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर बैरक नंबर 5 में बंद थे। (पढ़िए पूरी खबर) ———– छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव में हुआ। मुखाग्नि बेटे आसाराम ने दी। STF की सुरक्षा में उसके तीनों भाइयों को जेल से धौलपुर लाया गया था। यहां अंतिम दर्शन के बाद तीनों को पुलिस वापस ले गई। (पढ़िए पूरी खबर)

बीकानेर में गैंगस्टर रोहित गोदारा के घर पर चला बुलडोजर:पुलिस बोली- मकान किसने गिराया, पता नहीं; पिछले हफ्ते FBI की चार्जशीट में नाम आया

अमेरिका में एफबीआई की चार्जशीट में नाम आने के कुछ ही दिनों बाद राजस्थान के बीकानेर में फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा के दो मंजिला मकान पर बुलडोजर चला दिया गया। देर रात जेसीबी से मकान का बड़ा हिस्सा ढहा दिया गया, लेकिन इस कार्रवाई को किसने अंजाम दिया, इस पर अब भी रहस्य बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है और प्रशासन ने भी इस कार्रवाई की जिम्मेदारी नहीं ली है। उधर, गोदारा के माता-पिता पहले से ही फिरौती के एक मामले में जेल में बंद हैं। बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश ने मामले पर कहा- रोहित गोदारा कौन, मैं नहीं जानता। जेबकतरा हो तो पता नहीं। हमारे पास रिपोर्ट आएगी तो कार्रवाई करेंगे। सिलसिलेवार पढ़िए… पूरा घटनाक्रम 1. जेसीबी से तोड़ा गया मकान, कई हिस्से पूरी तरह ध्वस्त
लूणकरणसर के कपूरीसर में रोहित गोदारा का मकान है। वहीं लूणकरणसर कस्बे से करीब 16 किलोमीटर दूर तेजाणा ढाणी में दो मंजिला मकान भी है। इस दो मंजिला मकान में लंबे समय से कोई नहीं रहता। देर रात इस मकान का अधिकांश हिस्सा जेसीबी से तोड़ा गया। पीछे का हिस्सा पूरी तरह ढहा दिया गया, दीवारें तोड़ दी गईं। आगे बने मुख्य हिस्से को भी नुकसान पहुंचाया गया। दरवाजे और खिड़कियां भी तोड़ दीं। मंगलवार सुबह जानकारी मिलते ही मौके पर भीड़ जुट गई। दावा किया जा रहा है कि लूणकरणसर पुलिस को भी सुबह ही मकान गिराए जाने की जानकारी मिली थी। 2. जेल में हैं माता-पिता
रतनगढ़ (चूरू) में कांग्रेस नेता राजेंद्र बबेरवाल को फिरौती की धमकी मिलने के बाद 14 मई को उन पर फायरिंग हुई थी। इस मामले की जांच में रोहित गोदारा के पिता संत दास (70) और मां गीता (67) का नाम सामने आया था। पुलिस के अनुसार, दोनों बदमाशों को आर्थिक (फाइनेंशियल) मदद पहुंचाते थे। रतनगढ़ पुलिस ने 30 मई को दोनों को गिरफ्तार किया था। बाद में गीता को बीकानेर जेल भेज दिया गया, जबकि संत दास को हरियाणा पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर अपने साथ ले गई। वहां अदालत में पेश करने के बाद संत दास को भी जेल भेज दिया गया। रोहित के माता-पिता कपूरीसर वाले मकान में रहते थे। 3. पुलिस बोली- शिकायत मिलेगी तो करेंगे कार्रवाई
बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया- अब तक मकान गिराए जाने को लेकर किसी ने कोई शिकायत नहीं दी है। यदि शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले में लूणकरणसर एसडीएम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। 4. सबसे बड़ा सवाल- अगर प्रशासन नहीं, तो मकान किसने गिराया?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि यदि प्रशासन या पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई नहीं हुई, तो आखिर मकान किसने ढहाया। अब तक किसी प्रतिद्वंद्वी या अन्य व्यक्ति ने भी इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। ग्रामीण भी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, जिससे पूरे घटनाक्रम पर रहस्य बना हुआ है। FBI की चार्जशीट में लॉरेंस, रोहित समेत कई नाम उधर, कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर अमेरिका में एफबीआई ने पिछले हफ्ते पहली बार चार्जशीट दाखिल की। इसमें दावा है कि हत्या का आदेश भारतीय जेल में बंद लॉरेंस और फरार चल रहे गोल्डी बराड़ ने दिया था। चार्जशीट में लॉरेंस, गोल्डी, रोहित गोदारा सहित कई गैंगस्टर का नाम है। दरअसल, अमेरिका लॉरेंस समेत कई भारतीय अपराधियों के नेटवर्क पर कार्रवाई करने के लिए ऑपरेशन हार्ड बॉल चला रहा है। इसी के तहत 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 37 लोगों के खिलाफ अमेरिकी फेडरल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। वीडियो : लोकेश बोहरा, लूणकरणसर — गैंगस्टर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें … बिजनेसमैन बोला था-फिरौती के नाम पर 100 रुपए नहीं दूंगा’:इसलिए की हत्या, रोहित गोदारा गैंग ने ली जिम्मेदारी, लिखा-हम किसी को नहीं भूलते राजस्थान के कुचामन में बिजनेसमैन की हत्या की जिम्मेदारी रोहित गोदारा गैंग ने ली है। हत्या के कुछ देर बाद रोहित गोदारा के गुर्गे वीरेंद्र चारण सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। पूरी खबर पढ़िए व्यापारी से 5 करोड़ की फिरौती मांगी,ऑफिस उड़ाने की धमकी:गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग के नाम से फोन आया, कहा- पूरे परिवार को खत्म कर देंगे व्यापारी से रोहित गोदारा गैंग के नाम पर 5 करोड़ रुपए की रंगदारी (फिरौती) मांगी गई है। धमकी के बाद से व्यापारी और उसका पूरा परिवार सहमा हुआ है। पूरी खबर पढ़िए

राहुल गांधी ने पंजाब प्रभारी को दिल्ली तलब किया:बघेल के दावे का तोड़ निकालने में जुटे चन्नी, जालंधर में यूथ कांग्रेस की मीटिंग बुलाई

पंजाब में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कांग्रेस के प्रधान पद से इस्तीफा दे सकते हैं। दिल्ली में राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई मीटिंग के बीच से सोर्सेज से ये खबर सामने आ रही है। इसी के साथ सूचना यह भी है कि पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को भी राहुल गांधी ने तलब किया है। बघेल छत्तीसगढ़ से दिल्ली निकल चुके हैं, और इनकी बुधवार को राहुल गांधी के साथ मीटिंग हो सकती है। दरअसल, पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल की रिपोर्ट में ये साफ नजर आया है कि पूर्व CM व सांसद चरणजीत चन्नी और सांसद सुखजिंदर रंधावा किसी भी कीमत में राजा वड़िंग की अगुआई में चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं। रंधावा तो उन्हें इशारों में कंप्रोमाइज्ड लीडर तक बता चुके हैं। कांग्रेस हाईकमान के पास ये भी रिपोर्ट पहुंची कि एक तरफ 23 जिलों के प्रधान राजा वड़िंग के हक में हैं तो दूसरी तरफ 117 में से 90 से ज्यादा चुनाव हारे या जीते नेता चन्नी के पक्ष में हैं। प्रभारी बघेल पहले ही कह चुके हैं कि हाईकमान का फैसला नहीं बदलेगा, राजा वड़िंग प्रधान बने रहेंगे, लेकिन कांग्रेस ये भी जानती है कि चन्नी ग्रुप को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। माना जा रहा है कि हाईकमान के इशारे पर या राजा वड़िंग पार्टी के लिए खुद भी ये पद छोड़ सकते हैं। हालांकि, इतना तय है कि कांग्रेस हाईकमान चरणजीत चन्नी या सुखजिंदर रंधावा में से किसी को भी प्रधान पद की कुर्सी नहीं सौंपेगा। वहीं राजा वड़िंग के करीबियों का कहना है कि अभी प्रधान की तरफ से ऐसा कुछ नहीं सोचा जा रहा है। कांग्रेस की तरफ से इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच चरणजीत चन्नी ने बुधवार को जालंधर में यूथ कांग्रेस की मीटिंग बुला ली है। सूत्र बताते हैं कि इसमें सभी जिलों के यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों को बुलाया गया है। यह फैसला तब लिया गया है, जब प्रभारी भूपेश बघेल ने दावा किया था कि प्रधान राजा वड़िंग को 23 जिला प्रधानों का समर्थन है। चन्नी इसी का तोड़ निकालने में जुटे हैं। राजा वड़िंग को न हटाने की 2 वजहें… चन्नी को नाराज न करने की 2 वजहें अंतिम फैसला राहुल गांधी का
राहुल गांधी पर अब सारी बात टिकी हुई है। वह राजा वड़िंग को कुर्सी से हटाएंगे या फिर चन्नी से पीछा छुड़ाएंगे। इससे पहले केरल में ज्यादातर विधायक केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री देखना चाहते थे लेकिन जनता की भावना वीडी सतीशन के साथ थी। तब राहुल गांधी ने ही वेणुगोपाल को समझाकर सतीशन को मुख्यमंत्री बनाया। माना जा रहा है कि राहुल गांधी जल्द ही बागी नेताओं से वन टु वन मीटिंग कर सकते हैं। इसके बाद ही वड़िंग के इस्तीफे या फिर दूसरी कार्रवाई पर कोई फैसला हो सकता है। चन्नी खेमा हाईकमान से मीटिंग की जिद पर अड़ा पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने चन्नी गुट के साथ पंजाब दौरे के आखिर में मीटिंग की। मीटिंग में चन्नी गुट के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें राजा वडिंग का नेतृत्व पसंद नहीं है। सुखजिंदर सिंह रंधावा ने यहां तक कह दिया कि कंप्रोाइज्ड नेता पार्टी को नहीं चाहिए। प्रताप बाजवा ने कहा कि हाईकमान को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। भूपेश बघेल के साथ हुई बैठक में कोई फैसला नहीं हुआ और बघेल पंजाब कांग्रेस को गुटबाजी के हाल में छोड़कर दिल्ली चले गए। चन्नी खेमा अब इस मामले को लेकर पार्टी सुप्रीमो राहुल गांधी से मिलने की जिद पर अड़ा है। फिलहाल चन्नी गुट के सभी नेता चुप है और उन्होंने पूरा फोकस राहुल गांधी के साथ होने वाली मीटिंग पर कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक चन्नी गुट के शीर्ष नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि राहुल गांधी की मीटिंग तो मीडिया से इस मुद्दे पर बात न की जाए। ******************
ये खबरें भी पढ़ें… कांग्रेस के बागी गुट को बघेल का झटका:बोले- पंजाब में एक ही चेहरा होगा, राहुल गांधी का कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने पंजाब से लौटते ही बागी गुट को दोटूक जवाब दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी को CM चेहरा बनाने की मांग को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया है। बघेल ने सोशल मीडिया (X) पर स्पष्ट लिख दिया कि पंजाब में कांग्रेस पार्टी का एक ही चेहरा राहुल गांधी का है। कांग्रस के बागी गुट के लिए यह बड़ा झटका है। इससे पहले बघेल पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग को बदलने की मांग को सिरे से खारिज कर चुके हैं।(पढ़ें पूरी खबर) पंजाब कांग्रेस में संकट, चन्नी ने की इस्तीफे की पेशकश: बोले- पूर्व CM के तौर पर प्रचार कर लूंगा पंजाब कांग्रेस में टूट का खतरा थमा नहीं है। 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कैंपेन कमेटी के चेयरमैन बनाए चरणजीत चन्नी ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी है। चन्नी ने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर ही पार्टी का प्रचार कर लेंगे। इस बारे में चन्नी ने कल, शनिवार को चंडीगढ़ में MLA राणा गुरजीत के घर हुई मीटिंग के दौरान इस्तीफा देने की बात कही (पढ़ें पूरी खबर)

अंतरिम जमानत खत्म होने के बाद जेल नहीं लौटा बंदी:पहले 45 दिन और बाद में 20 दिनों की मिली थी राहत, कोतवाली थाने में मामला दर्ज

चित्तौड़गढ़ जिला जेल से अंतरिम जमानत पर बाहर गया एनडीपीएस एक्ट का एक विचाराधीन बंदी तय समय पर वापस नहीं लौटा। अदालत की ओर से पहले 45 दिन और बाद में 20 दिन की अतिरिक्त राहत मिलने के बावजूद बंदी ने 13 जुलाई की शाम तक जेल में सरेंडर नहीं किया। तय समय निकलने के बाद जेल प्रशासन ने उसे फरार मानते हुए कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब पुलिस बंदी की तलाश में जुट गई है। एनडीपीएस एक्ट के मामले में पिछले साल से था चित्तौड़गढ़ जिला जेल में बंद जेल प्रशासन के अनुसार पंजाब के अमृतसर निवासी रणधीर पुत्र धर्मसिंह निकुंभ थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में 4 अप्रैल 2025 से चित्तौड़गढ़ जिला जेल में बंद था। उसके खिलाफ निकुंभ थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत मामला दर्ज है और यह प्रकरण बड़ीसादड़ी स्थित एनडीपीएस मामलों की विशेष अदालत में विचाराधीन है। इसी दौरान बंदी ने राजस्थान हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसे 11 मई से 24 जून तक 45 दिन की अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था। हाईकोर्ट से 20 दिन की और राहत मिली, फिर भी तय तारीख पर नहीं पहुंचा 45 दिन की अंतरिम जमानत पूरी होने से पहले बंदी ने फिर से राहत मांगी। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने उसकी अंतरिम जमानत 20 दिन और बढ़ा दी। अदालत के आदेश के अनुसार उसे 24 जून से 13 जुलाई तक अतिरिक्त राहत दी गई थी। साथ ही स्पष्ट शर्त रखी गई थी कि जमानत पर जाते और लौटते समय वह पंजाब के होशियारपुर जिले के टांडा थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराए और 13 जुलाई को शाम 5 बजे से पहले चित्तौड़गढ़ जिला जेल में आकर सरेंडर करेगा। लेकिन निर्धारित समय तक वह जेल नहीं पहुंचा और न ही उसने कोई सूचना दी। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे फरार मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। जेल प्रहरी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज, पुलिस शुरू करेगी गिरफ्तारी की कार्रवाई जेल प्रशासन की ओर से जेल प्रहरी वेदराम ने कोतवाली थाने में लिखित रिपोर्ट देकर बंदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। रिपोर्ट में अदालत के आदेश, जेल रिकॉर्ड और जमानत से जुड़ी सभी जानकारी पुलिस को सौंपी गई है। साथ ही पुलिस से फरार बंदी को गिरफ्तार कर दोबारा जेल भेजने की मांग की गई है। इस संबंध में राजस्थान हाईकोर्ट, होशियारपुर पुलिस, टांडा थाना और निकुंभ थाना को भी सूचना भेजी गई है। अब कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है और बंदी की तलाश शुरू कर दी गई है।

यूआईटी की जमीन को अपनी बताकर 35.50 लाख ऐंठे:4 करोड़ 11 लाख का किया था सौदा, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस

अलवर शहर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में जमीन के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने FIR दर्ज की। शिकायतकर्ता मोहित बीमरोट ने रिपोर्ट में बताया कि अजबपुरा, नारायणपुर के रहने वाले ब्रजमोहन सैनी पुत्र घूणीलाल सैनी ने शहर के हनुमान सर्किल के पास मूगस्का स्थित करीब 2.49 हेक्टेयर जमीन को अपनी बताते हुए उसका सौदा 4 करोड़ 11 लाख रुपए में तय किया। इस दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसने जमीन के असली खातेदारों से सौदा कर रखा है। इस जमीन पर कोई विवाद और कानूनी अड़चन नहीं है। साथ ही 31 जुलाई 2025 तक रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिया। जमीन बेचने का झांसा देकर 35.50 लाख ऐंठे मोहित का आरोप है कि आरोपी की बातों पर विश्वास कर उसने अलग-अलग किस्तों में कुल 35 लाख 50 हजार रुपए का भुगतान कर दिया। इसमें 25 लाख रुपए और 8.50 लाख रुपए के दो चेक, 99 हजार और 50 हजार रुपए फोन-पे के जरिए तथा 1.01 लाख रुपए नकद दिए गए। दोनों पक्षों के बीच स्टांप पेपर पर इकरारनामा भी हुआ और भुगतान की रसीद भी दी गई। पैसे देने के बाद भी नहीं कराई रजिस्ट्री आरोप है कि तय समय पर आरोपी रजिस्ट्री कराने से लगातार बचता रहा। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि संबंधित जमीन को यूआईटी (नगर विकास न्यास) अलवर पहले ही अधिग्रहित कर चुका है। इसके बाद आरोपी ने पहले पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में इनकार कर दिया। परिवादी ने आरोप लगाया कि जमीन के मूल खातेदारों और आरोपी को पहले से पता था कि जमीन यूआईटी के अधिग्रहण में है, इसके बावजूद यह बात छिपाकर उससे करोड़ों रुपए का सौदा किया गया और लाखों रुपए ले लिए गए। वहीं आरोप का ब्रजमोहन का कहना हैं की मैंने कुछ पैसे वापस लौटा दिए बाकी भी लौटा दूंगा,हमारा इस जमीन का सौदा हुआ था लेकिन यह जमीन मेरे किसी परिचित की हैं। मामले में के अरावली विहार थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पाली में दंपती से लूट, सोने की कंठी छीनकर फरार:सुनसान रास्ते पर बाइक आगे लगाकर रोका, कुछ सेकेंड में वारदात

पाली में दिनदहाड़े बाइक सवार तीन बदमाशों ने सुनसान रास्ते पर एक वृद्ध दंपती को रोककर लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने बाइक के आगे अपनी बाइक लगाकर दंपती को रोका और चंद सेकेंड में वृद्धा के गले से सोने की कंठी छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें आरोपी हाईवे पर तेज रफ्तार से भागते नजर आए। सदर थाना पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। भालेलाव गांव के पास हुई वारदात घटना सोमवार शाम करीब 4 बजे सदर थाना क्षेत्र के भालेलाव गांव के पास हुई। पुलिस के अनुसार भालेलाव निवासी डूंगराराम (62) पुत्र उम्मेदाराम सीरवी अपनी पत्नी लीलादेवी (56) के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान भालेलाव जाने वाले सुनसान रास्ते पर पीछे से तेज रफ्तार में आए बाइक सवार तीन युवकों ने उनकी बाइक के आगे अपनी बाइक लगाकर उन्हें रोक लिया। चंद सेकेंड में कंठी लूटी, फिर फरार हुए बदमाश दंपती कुछ समझ पाते, इससे पहले एक बदमाश ने वृद्धा के गले में पहनी सोने की कंठी झपट ली। इसके बाद तीनों आरोपी उसी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद वृद्ध दंपती ने शोर मचाया, लेकिन सुनसान रास्ता होने के कारण वहां कोई नहीं था। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे लोगों को उन्होंने पूरी घटना बताई, जिसके बाद सदर थाना पुलिस को सूचना दी गई। CCTV फुटेज के आधार पर तलाश में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में तीनों आरोपी बाइक पर तेज रफ्तार से भागते हुए दिखाई दिए। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान और तलाश में जुटी है। SHO बोले- तीनों ने मुंह पर बांध रखा था रूमाल सदर थाना प्रभारी कपूराराम ने बताया कि घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है। वारदात तीन युवकों ने की है और तीनों ने अपने चेहरे पर रूमाल बांध रखा था। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है।

वर्ल्ड अपडेट्स:PM मोदी ने स्लोवाकिया के नेता को बिहारी ठेकुआ गिफ्ट किया, खाने का VIDEO शेयर किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले महीने स्लोवाकिया के दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने संसद अध्यक्ष रिचर्ड रासी को बिहार का पारंपरिक व्यंजन ठेकुआ गिफ्ट किया था। अब रासी ने ठेकुआ खाते हुए अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो काफी चर्चा में है। वीडियो में रासी गिफ्ट बॉक्स खोलकर ठेकुआ निकालते हैं और उसका स्वाद चखते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक औपचारिक उपहार नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और परंपरा की झलक है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी यह ठेकुआ बिहार से लेकर आए थे, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। रासी ने कहा कि ठेकुआ उन्हें स्लोवाकिया की कुछ पारंपरिक मिठाइयों की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें बिहार का ठेकुआ भेंट किया, जबकि उन्होंने बदले में हिंदी में लिखे विशेष स्लोवाक स्पा वेफर्स उपहार में दिए। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ‘शेख हसीना लौटें, कानून का सामना करें’: बांग्लादेश सरकार बोली- वापसी का स्वागत बांग्लादेश सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित देश वापसी का स्वागत करते हुए कहा है कि उन्हें अदालत का सामना करना होगा। सरकार का कहना है कि उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और अदालत का फैसला कानून के अनुसार लागू किया जाएगा। प्रधानमंत्री के सूचना एवं रणनीति सलाहकार जाहेद उर रहमान ने मंगलवार को मीडिया से कहा कि सरकार चाहती है कि शेख हसीना देश लौटें ताकि न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो सके। 78 वर्षीय शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के दौरान सत्ता से बेदखल होने के बाद भारत आ गई थीं और तब से यहीं रह रही हैं। नवंबर 2024 में ढाका के विशेष न्यायाधिकरण ने छात्र आंदोलन पर कथित दमन और ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के मामले में उन्हें अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद से बांग्लादेश सरकार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। वहीं, शेख हसीना अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों, दोषसिद्धि और मौत की सजा को राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बता चुकी हैं। PoK में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर भारत नाराज, पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने की अपील भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया, इंटरनेट सेवाएं बंद कीं और आवश्यक राहत सामग्री की आपूर्ति भी रोक दी। नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “पाकिस्तान ने अत्यधिक पुलिस बल का इस्तेमाल किया है। महिलाओं और बच्चों के साथ भी सख्ती बरती गई है। इंटरनेट ब्लैकआउट लागू किया गया है और जरूरी तथा मानवीय सहायता की आपूर्ति रोक दी गई है।” उन्होंने कहा कि भारत अपेक्षा करता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान सरकार को इन कार्रवाइयों के लिए जवाबदेह ठहराए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, PoK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है और वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। 80 साल बाद अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी की मदद से जापान बनाएगा केंद्रीय खुफिया एजेंसी
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार जापान एक केंद्रीकृत खुफिया एजेंसी बनाने की तैयारी कर रहा है। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की सरकार इसके लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे सहयोगी देशों से तकनीक, साइबर सुरक्षा, स्टाफिंग और खुफिया समन्वय के ढांचे पर सलाह ले रही है। करीब 407 मिलियन डॉलर के बजट वाली नई एजेंसी के दिसंबर तक काम शुरू करने की उम्मीद है। इसमें शुरुआती चरण में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और विदेशी संपर्क अधिकारियों सहित सैकड़ों कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। यह एजेंसी विभिन्न सरकारी संस्थानों में खुफिया कार्य से जुड़े लगभग 33 हजार अधिकारियों के बीच सूचना साझा करने और विश्लेषण का केंद्रीय केंद्र बनेगी। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका जापान को साइबर सुरक्षा और औद्योगिक जासूसी रोकने के उपायों पर सलाह दे रहा है। ऑस्ट्रेलिया विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय की रणनीति साझा कर रहा है, जबकि जर्मनी की विदेशी खुफिया एजेंसी (BND) भी नई एजेंसी की संरचना और इंटेलिजेंस साझेदारी पर चर्चा कर चुकी है। पोलैंड की नेता ने ‘हिटलर’ जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी पोलैंड की राजनेता और क्राकोव की मेयर पद की उम्मीदवार मरिआना श्राइबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंक दी। उन्होंने यूक्रेन पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जुड़े विवादित राष्ट्रवादी संगठनों और नेताओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। वीडियो में श्राइबर ने जेलेंस्की की एक तस्वीर दिखाई, जिस पर हिटलर जैसी मूंछ बनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने तस्वीर को मोड़कर कूड़ेदान में फेंकते हुए कहा कि “अपराधियों का महिमामंडन करने वालों की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है।” उन्होंने कहा कि “बांदेरावादी नायक नहीं हैं, बल्कि मानवता के लिए कलंक हैं।” साथ ही आरोप लगाया कि यूक्रेन ने अब तक पोलिश नागरिकों के नरसंहार के लिए औपचारिक माफी नहीं मांगी है। श्राइबर ने यह टिप्पणी 11 जुलाई 1943 की ‘ब्लडी संडे’ घटना की बरसी पर की। पोलैंड के अनुसार, उस दिन यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) ने वोल्हीनिया क्षेत्र के पोलिश गांवों पर एक साथ हमले किए थे। पोलैंड का दावा है कि 1943-44 के दौरान ऐसे हमलों में लगभग एक लाख पोलिश नागरिक मारे गए थे और वह इन घटनाओं को नरसंहार मानता है। EU माइग्रेशन कानून पर विवाद: स्वीडिश सांसद ने डेनिश सांसद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
यूरोपीय संसद में हाल ही में पारित सख्त माइग्रेशन कानून को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। स्वीडन की सांसद आबिर अल-सहलानी ने डेनमार्क के सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी को लेकर स्वीडिश पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले की शिकायत यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला से भी की है। यह विवाद पिछले महीने यूरोपीय संसद द्वारा पारित रिटर्न रेगुलेशन के बाद शुरू हुआ। नए कानून के तहत यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को अवैध प्रवासियों के निर्वासन की प्रक्रिया तेज करने के लिए यूरोपीय संघ के बाहर ‘रिटर्न हब’ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। कानून पारित होने के बाद संसद में “उन्हें वापस भेजो” जैसे नारे लगे। इराकी मूल की स्वीडिश सांसद आबिर अल-सहलानी ने इन नारों की आलोचना करते हुए कहा कि यह कट्टर दक्षिणपंथी राजनीति का चिंताजनक उदाहरण है और इस घटना के बाद उन्होंने संसद में खुद को असुरक्षित महसूस किया। इसके जवाब में डेनिश सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म ने सोशल मीडिया पर “गो होम” टिप्पणी की। अल-सहलानी ने इसे नस्लीय घृणा फैलाने वाली टिप्पणी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यूरोपीय संघ में माइग्रेशन का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में प्रवासियों के यूरोप पहुंचने के बाद इस विषय पर सदस्य देशों के बीच मतभेद और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। जर्मनी यूक्रेन को देगा 50 हजार अटैक ड्रोन, 9 करोड़ यूरो की डील की फंडिंग करेगा
जर्मनी यूक्रेन के लिए 50,000 एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) अटैक ड्रोन खरीदने का वित्तपोषण करेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ यूरो (10.3 करोड़ डॉलर) है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये श्राइक (Shrike) नामक कम लागत वाले अटैक ड्रोन यूक्रेन की कंपनी स्काईफॉल बनाती है। इनमें अमेरिकी कंपनी ऑटेरियन का सॉफ्टवेयर लगा है, जो उड़ान के अंतिम चरण में चलते हुए लक्ष्य की खुद पहचान कर उस पर हमला करने में सक्षम है। ऑटेरियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लॉरेंज मेयर के अनुसार, कुछ ड्रोन पहले ही यूक्रेन को भेजे जा चुके हैं और बाकी की आपूर्ति 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी इस वर्ष विभिन्न निर्माताओं के कम से कम एक लाख ड्रोन के लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रही है, जिनकी फंडिंग कई पश्चिमी सरकारें कर रही हैं। रॉयटर्स के अनुसार, स्काईफॉल ने इस सौदे में जर्मनी की भागीदारी की पुष्टि की है, लेकिन और जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, जर्मनी और यूक्रेन के रक्षा मंत्रालयों ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। चीन में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई पार्टी से निष्कासित
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई को कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मा पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। मा शिंगरुई को अप्रैल में “कानून और पार्टी अनुशासन के गंभीर उल्लंघन” के आरोप में जांच के दायरे में लिया गया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने अधिकारियों की नियुक्ति और पदोन्नति में दूसरों को अनुचित लाभ पहुंचाया, अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया तथा रिश्तेदारों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर संपत्ति खरीदने में मदद की। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, मा ने महंगे उपहार स्वीकार किए और अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़े आर्थिक लाभ दिलाए। जांच एजेंसियों ने इसे बड़े पैमाने पर “पारिवारिक भ्रष्टाचार” (फैमिली करप्शन) बताया है। मा शिंगरुई पहले चीन के एयरोस्पेस उद्योग में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वे राजनीति में आए और पोलित ब्यूरो तक पहुंचे। 2025 के बाद किसी मौजूदा पोलित ब्यूरो सदस्य के खिलाफ यह तीसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों पर रिसर्च करने वाला अमेरिकी वैज्ञानिक चीन की हिरासत में
चीनी मूल के अमेरिकी भूकंप वैज्ञानिक डॉ. यूलिन चेन को चीन ने जासूसी के आरोप में करीब दो साल से हिरासत में रखा है। अमेरिका ने उन्हें “रॉन्गफुली डिटेन्ड” घोषित करते हुए उनकी रिहाई को शीर्ष कूटनीतिक प्राथमिकता बताया है। चेन उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों के भूकंपीय संकेतों का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञ हैं और उनकी रिसर्च अमेरिकी सरकारी एजेंसियों की फंडिंग से हुई थी। परिवार के अनुसार चेन को नवंबर 2024 में बीजिंग एयरपोर्ट से अमेरिका लौटने से पहले गिरफ्तार किया गया था। मई 2025 में उन पर जासूसी का आरोप लगाया गया, लेकिन अब तक उनका ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। चेन की पत्नी युफांग रोंग का कहना है कि उनकी रिसर्च पूरी तरह सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित थी और इसे सार्वजनिक प्रकाशन की मंजूरी भी मिली थी। इसके बावजूद चीन की सुरक्षा एजेंसियों ने उनसे 100 से ज्यादा बार पूछताछ की। उनका कहना है कि बंद कमरे में होने वाले ट्रायल में पहले से ही दोषी ठहराए जाने का खतरा है। मानहानि मामले में ब्लूमबर्ग को सिंगापुर के दो मंत्रियों को ₹3 करोड़ से ज्यादा हर्जाना देना होगा
सिंगापुर हाईकोर्ट ने ब्लूमबर्ग और उसके रिपोर्टर लो डे वेई को मानहानि मामले में सिंगापुर के दो मंत्रियों को 4.60 लाख सिंगापुर डॉलर (करीब 3.56 लाख अमेरिकी डॉलर) हर्जाना देने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि 2024 में प्रकाशित रिपोर्ट पढ़ने पर यह संदेश जाता है कि दोनों मंत्रियों ने गैर-पारदर्शी तरीके से संपत्ति के सौदे किए और संभावित जांच से बचने की कोशिश की। यह मामला ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट, जिसमें सिंगापुर के महंगे ‘गुड क्लास बंगले’ के सौदों में अपनाए जाने वाले गोपनीय तरीकों की चर्चा की गई थी, से जुड़ा है। इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय मंत्री के. शनमुगम और श्रम मंत्री टैन सी लेंग के प्रॉपर्टी सौदों का भी उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद दोनों मंत्रियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना था कि रिपोर्ट ने उनके वैध संपत्ति सौदों को शेल कंपनियों, गोपनीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों के साथ जोड़कर पेश किया, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा। ब्लूमबर्ग ने अदालत में दलील दी कि रिपोर्ट में मंत्रियों पर किसी तरह के गलत आचरण का आरोप नहीं लगाया गया था। उनका जिक्र केवल सिंगापुर में हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी लेनदेन के उदाहरण के तौर पर किया गया था। कंपनी ने यह भी कहा कि रिपोर्ट व्यापक शोध और तथ्य जांच के बाद प्रकाशित की गई थी। हालांकि हाईकोर्ट की जज ऑड्रे लिम ने माना कि रिपोर्ट का स्वाभाविक अर्थ मंत्रियों की ईमानदारी और पेशेवर प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अदालत ने इसे मानहानिकारक मानते हुए ब्लूमबर्ग और उसके रिपोर्टर को संयुक्त रूप से 4.60 लाख सिंगापुर डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया।

वर्ल्ड अपडेट्स:पोलैंड की नेता ने 'हिटलर' जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी

पोलैंड की राजनेता और क्राकोव की मेयर पद की उम्मीदवार मरिआना श्राइबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंक दी। उन्होंने यूक्रेन पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जुड़े विवादित राष्ट्रवादी संगठनों और नेताओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। वीडियो में श्राइबर ने जेलेंस्की की एक तस्वीर दिखाई, जिस पर हिटलर जैसी मूंछ बनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने तस्वीर को मोड़कर कूड़ेदान में फेंकते हुए कहा कि “अपराधियों का महिमामंडन करने वालों की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है।” उन्होंने कहा कि “बांदेरावादी नायक नहीं हैं, बल्कि मानवता के लिए कलंक हैं।” साथ ही आरोप लगाया कि यूक्रेन ने अब तक पोलिश नागरिकों के नरसंहार के लिए औपचारिक माफी नहीं मांगी है। श्राइबर ने यह टिप्पणी 11 जुलाई 1943 की ‘ब्लडी संडे’ घटना की बरसी पर की। पोलैंड के अनुसार, उस दिन यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) ने वोल्हीनिया क्षेत्र के पोलिश गांवों पर एक साथ हमले किए थे। पोलैंड का दावा है कि 1943-44 के दौरान ऐसे हमलों में लगभग एक लाख पोलिश नागरिक मारे गए थे और वह इन घटनाओं को नरसंहार मानता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… EU माइग्रेशन कानून पर विवाद: स्वीडिश सांसद ने डेनिश सांसद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
यूरोपीय संसद में हाल ही में पारित सख्त माइग्रेशन कानून को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। स्वीडन की सांसद आबिर अल-सहलानी ने डेनमार्क के सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी को लेकर स्वीडिश पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले की शिकायत यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला से भी की है। यह विवाद पिछले महीने यूरोपीय संसद द्वारा पारित रिटर्न रेगुलेशन के बाद शुरू हुआ। नए कानून के तहत यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को अवैध प्रवासियों के निर्वासन की प्रक्रिया तेज करने के लिए यूरोपीय संघ के बाहर ‘रिटर्न हब’ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। कानून पारित होने के बाद संसद में “उन्हें वापस भेजो” जैसे नारे लगे। इराकी मूल की स्वीडिश सांसद आबिर अल-सहलानी ने इन नारों की आलोचना करते हुए कहा कि यह कट्टर दक्षिणपंथी राजनीति का चिंताजनक उदाहरण है और इस घटना के बाद उन्होंने संसद में खुद को असुरक्षित महसूस किया। इसके जवाब में डेनिश सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म ने सोशल मीडिया पर “गो होम” टिप्पणी की। अल-सहलानी ने इसे नस्लीय घृणा फैलाने वाली टिप्पणी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यूरोपीय संघ में माइग्रेशन का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में प्रवासियों के यूरोप पहुंचने के बाद इस विषय पर सदस्य देशों के बीच मतभेद और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। जर्मनी यूक्रेन को देगा 50 हजार अटैक ड्रोन, 9 करोड़ यूरो की डील की फंडिंग करेगा
जर्मनी यूक्रेन के लिए 50,000 एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) अटैक ड्रोन खरीदने का वित्तपोषण करेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ यूरो (10.3 करोड़ डॉलर) है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये श्राइक (Shrike) नामक कम लागत वाले अटैक ड्रोन यूक्रेन की कंपनी स्काईफॉल बनाती है। इनमें अमेरिकी कंपनी ऑटेरियन का सॉफ्टवेयर लगा है, जो उड़ान के अंतिम चरण में चलते हुए लक्ष्य की खुद पहचान कर उस पर हमला करने में सक्षम है। ऑटेरियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लॉरेंज मेयर के अनुसार, कुछ ड्रोन पहले ही यूक्रेन को भेजे जा चुके हैं और बाकी की आपूर्ति 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी इस वर्ष विभिन्न निर्माताओं के कम से कम एक लाख ड्रोन के लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रही है, जिनकी फंडिंग कई पश्चिमी सरकारें कर रही हैं। रॉयटर्स के अनुसार, स्काईफॉल ने इस सौदे में जर्मनी की भागीदारी की पुष्टि की है, लेकिन और जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, जर्मनी और यूक्रेन के रक्षा मंत्रालयों ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। चीन में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई पार्टी से निष्कासित
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई को कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मा पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। मा शिंगरुई को अप्रैल में “कानून और पार्टी अनुशासन के गंभीर उल्लंघन” के आरोप में जांच के दायरे में लिया गया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने अधिकारियों की नियुक्ति और पदोन्नति में दूसरों को अनुचित लाभ पहुंचाया, अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया तथा रिश्तेदारों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर संपत्ति खरीदने में मदद की। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, मा ने महंगे उपहार स्वीकार किए और अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़े आर्थिक लाभ दिलाए। जांच एजेंसियों ने इसे बड़े पैमाने पर “पारिवारिक भ्रष्टाचार” (फैमिली करप्शन) बताया है। मा शिंगरुई पहले चीन के एयरोस्पेस उद्योग में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वे राजनीति में आए और पोलित ब्यूरो तक पहुंचे। 2025 के बाद किसी मौजूदा पोलित ब्यूरो सदस्य के खिलाफ यह तीसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

जालोर में शराब ठेके से चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार:48 घंटों में दबोचा, चोरी की शराब और कार बरामद

जालोर जिले की बागोड़ा थाना पुलिस ने 12 जुलाई को शराब ठेके में हुई नकबजनी के मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया माल बरामद करने के साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली है। सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस बागोड़ा थानाधिकारी बलदेवराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रवण कुमार (31) पुत्र सुजानाराम विश्नोई निवासी कुकावास, थाना बागोड़ा को गिरफ्तार किया। चोरी की शराब और कार बरामद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई अंग्रेजी शराब, देशी शराब, बीयर और आरएमएल की बोतलें तथा कार्टन बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को भी जब्त कर लिया गया है। इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका कार्रवाई में थानाधिकारी बलदेवराम, एएसआई धर्माराम, कांस्टेबल रमेश कुमार, बाबूराम, मसराराम और कृष्णकुमार की अहम भूमिका रही। वहीं मामले के खुलासे में साइबर सेल जालोर के हेड कांस्टेबल त्रिलोकसिंह का विशेष योगदान रहा।