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पति के सामने पत्नी को ट्रक ने कुचला:सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े; स्कूटी पर डॉक्टर के जा रहा था दंपती

पाली में नेशनल हाईवे पर स्कूटी सवार दंपती को ट्रेलर ने टक्कर मार दी, बैलेंस बिगड़ने के कारण पति सड़क किनारे, वहीं पत्नी हाईवे के बीचों-बीच गिरी। पीछे से आ रहा ट्रक पति के सामने महिला को रौंदते हुए निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई और शव क्षत-विक्षत हो गया। हादसा नेशनल हाईवे-162 (ब्यावर–पिंडवाड़ा) पर गुंदोज के पास मंगलवार की दोपहर करीब 3 बजे हुआ। गुंदोज चौकी के एएसआई समुद्र सिंह ने बताया- हादसे के बाद ट्रक का पीछा कर उसे जब्त कर लिया गया, लेकिन ड्राइवर मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश कर रहे हैं। वहीं, मृतका सीतादेवी (45) के शव को गुंदोज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। घायल हीरालाल (50) का बांगड़ हॉस्पिटल में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, फालना निवासी हीरालाल पुत्र भैरूलाल लौहार अपनी पत्नी सीतादेवी को घुटनों के इलाज के लिए स्कूटी से पाली शहर लेकर जा रहे थे। रास्ते में गुंदोज के पास एक ट्रेलर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से स्कूटी का बैलेंस बिगड़ गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे में हीरालाल स्कूटी सहित सड़क किनारे जा गिरे, जबकि सीतादेवी हाईवे के बीचों-बीच गिर गईं। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई और शव क्षत-विक्षत हो गया। हीरालाल के पैर में फ्रैक्चर हुआ है। उन्हें तत्काल पाली के बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पत्नी की आंखों के सामने हुई दर्दनाक मौत से वह सदमे में हैं। सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

हुरून रियल एस्टेट रिच लिस्ट में गौतम अडाणी नंबर-1:अडाणी प्रॉपर्टीज की वैल्यू ₹38,000 करोड़ बढ़ी, राजीव सिंह की DLF को पीछे छोड़ा

भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में साल 2026 में बड़ा उलटफेर हुआ है। ग्रोहे-हुरून इंडिया रियल एस्टेट रिच लिस्ट में गौतम अडाणी और उनका परिवार पहली बार नंबर-1 पोजीशन पर पहुंच गया। अडाणी प्रॉपर्टीज की वैल्यू में इस साल 38,000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही उन्होंने इस मामले में डीएलएफ के राजीव सिंह को पीछे छोड़ दिया है। अडाणी प्रॉपर्टीज बनी सबसे बड़ी वैल्यू क्रिएटर 2026 की ग्रोहे-हुरून इंडिया रियल एस्टेट 150 रिपोर्ट के मुताबिक, अडाणी प्रॉपर्टीज इस साल भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में सबसे ज्यादा वैल्यू जोड़ने वाली कंपनी बनकर उभरी है। सालाना आधार पर कंपनी की वैल्यूएशन 72.5% बढ़कर 90,400 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है। अहमदाबाद बेस्ड यह कंपनी चार पायदान की छलांग लगाकर देश की चौथी सबसे वैल्युएबल रियल एस्टेट कंपनी बन गई है। इसके साथ ही यह भारत की सबसे वैल्यूएबल अनलिस्टेड रियल एस्टेट डेवलपर भी बनी हुई है। पहली बार रिच लिस्ट के टॉप पर अडाणी फैमिली वैल्यूएशन में आए इस तेज उछाल के कारण गौतम अडाणी और उनकी फैमिली हुरून इंडिया रियल एस्टेट रिच लिस्ट में पहले नंबर पर आ गई है। अडाणी फैमिली की रियल एस्टेट वेल्थ सालाना आधार पर 73% बढ़कर 90,400 करोड़ रुपए हो गई है। यह रैंकिंग अडाणी प्रॉपर्टीज में इस फैमिली की पूरी 100% ओनरशिप को दर्शाती है। हुरून ने बताया- क्यों आई इतनी बड़ी तेजी हुरून के मुताबिक, अडाणी प्रॉपर्टीज की वैल्यू में इस बड़े उछाल की मुख्य वजह अडाणी ग्रुप का एक स्ट्रैटेजिक फैसला है। ग्रुप ने अपने पूरे रियल एस्टेट ऑपरेशंस को एक करके अडाणी प्रॉपर्टीज के तहत शामिल कर दिया है। रिसर्च फर्म ने नोट किया है कि भारत के सबसे अमीर व्यक्ति इस इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म के जरिए देश का सबसे बड़ा रियल एस्टेट बिजनेस खड़ा कर रहे हैं। DLF भारत की सबसे वैल्यूएबल रियल एस्टेट कंपनी एक तरफ जहां अडाणी प्रॉपर्टीज ने लंबी छलांग लगाई, वहीं दूसरी तरफ लिस्टेड डेवलपर्स के लिए यह साल काफी मुश्किलों भरा रहा। गुरुग्राम बेस्ड डेवलपर DLF की वैल्यूएशन में सालाना आधार पर 29.3% की गिरावट आई और यह घटकर 1.46 लाख करोड़ रुपए रह गई। हालांकि, इस बड़ी गिरावट के बावजूद DLF ने रैंकिंग में अपनी टॉप पोजीशन बरकरार रखी है और यह भारत की सबसे वैल्यूएबल रियल एस्टेट कंपनी बनी हुई है। लोढ़ा डेवलपर्स दूसरे और इंडियन होटल्स तीसरे नंबर पर रैंकिंग में दूसरे नंबर पर लोढ़ा डेवलपर्स है। हालांकि, इसकी वैल्यूएशन में 32.2% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद इसकी वैल्यू 93,700 करोड़ रुपए रह गई है। वहीं इंडियन होटल्स कंपनी 13.9% की गिरावट के साथ 93,300 करोड़ रुपए की वैल्यूएशन के साथ तीसरे नंबर पर है। ओयो (प्रिज्म) 106.8% की भारी बढ़त के साथ 67,200 करोड़ रुपए की वैल्यू लेकर 5वें नंबर पर आ गई है। रियल एस्टेट सेक्टर में सुस्ती के संकेत हुरून की इस रिपोर्ट ने देश के ओवरऑल रियल एस्टेट सेक्टर की सुस्ती को भी उजागर किया है। लिस्ट में शामिल सभी 151 कंपनियों की कुल वैल्यूएशन सिर्फ 2% बढ़कर 16.5 लाख करोड़ रुपए ही हो सकी है। यह पिछले 9 साल (जब से ये रैंकिंग शुरू हुई है) में सबसे धीमी ग्रोथ रेट है। इसके मुकाबले पिछले साल की लिस्ट में 14% की मजबूत ग्रोथ देखी गई थी। रियल एस्टेट सेक्टर में सुस्ती की मुख्य वजहें हुरून के मुताबिक, इस सुस्ती के पीछे शेयर बाजार के BSE रियलिटी इंडेक्स में आई 20% की गिरावट है। जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बनी चिंताओं ने निवेशकों के सेंटिमेंट को कमजोर किया है, जिसका सबसे ज्यादा असर रेजिडेंशियल रियल एस्टेट पर पड़ा है। इस साल लिस्ट में शामिल सिर्फ 31 कंपनियों की वैल्यू में बढ़ोतरी हुई, जबकि 74 कंपनियों को गिरावट का सामना करना पड़ा। इस दौरान सभी कंपनियों की कुल वैल्यू सिर्फ ₹34,300 करोड़ रही, जो पिछली बार के ₹1.4 लाख करोड़ के मुकाबले बहुत कम है। गौर करने वाली बात यह है कि इस कुल वैल्यू क्रिएशन का करीब दो-तिहाई (2/3) हिस्सा अकेले अडाणी प्रॉपर्टीज और प्रिज्म (ओयो) ने मिलकर बनाया है, जो दिखाता है कि मुनाफा सिर्फ गिने-चुने प्लेयर्स के पास ही सिमट कर रह गया है। क्या होती है अनलिस्टेड कंपनी? कंपनियां जो शेयर बाजार (BSE/NSE) पर लिस्टेड नहीं होतीं और जिनके शेयर आम लोग नहीं खरीद सकते, उन्हें अनलिस्टेड कंपनी कहते हैं। जैसे- अडाणी प्रॉपर्टीज। क्या होती है एंटरप्राइज वैल्यू? किसी कंपनी की कुल वित्तीय कीमत आंकने का पैमाना, जिसमें कंपनी का मार्केट कैप, कर्ज और उसके पास मौजूद कैश को मिलाकर असल वैल्यू निकाली जाती है। ये खबर भी पढ़ें… खाने-पीने और रोजाना जरूरत के सामान महंगे: जून में थोक महंगाई 9.81%, 44 महीने में सबसे ज्यादा; रिटेल महंगाई भी 6 महीने से लगातार बढ़ रही जून में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.87% पर पहुंच गई है। यह पिछले महीने 9.68% पर थी। जून में महंगाई 44 महीने में सबसे ज्यादा है। सितंबर 2022 में ये 10.70% पर पहुंच गई थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 14 जुलाई को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

गुजरात के अंबाजी मंदिर में भी दान की चोरी:2 महीने पुराना CCTV हुआ वायरल, तीन कर्मचारियों की मिलीभगत से हुई थी चोरी

राम मंदिर में चंदे की चोरी का मुद्दा देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर के खजाने में हुई चोरी का एक सीसीटीवी फुटेज वायरल है। हालांकि, यह फुटेज दो महीने पुराना है। इसमें आउटसोर्सिंग कर्मचारी नोटों का एक बंडल अपने पैरों के नीचे छिपाते नजर आ रहा है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी चिराग ठाकोर समेत तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। मंदिर ट्र्स्ट इनकी सेवाएं खत्म कर चुका है। फुटेज वायरल होने पर बनासकांठा कलेक्टर मिहिर प्रवीणकुमार पटेल ने भी बताया कि यह घटना 5 मई, 2026 की है। घटना सामने आते ही मंदिर ट्रस्ट ने FIR दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद मंदिर के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं। बाथरूम जाते समय नोटों का बंडल गिर गया था यह चोरी उस समय हुई थी, जब भंडारगृह में नोटों की गिनती की जा रही थी। रुपये का बंडल छुपाने के बाद चिराग ठाकोर बाथरूम जाने के बहाने निकल रहा था। इसी दौरान उसकी जेब से 1,04,000 रुपए का एक बंडल गिर गया था। वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों जब उसे देखा तो तुरंत उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी थी। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ने ठाकोर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। अदालत ने भी तीनों 5 दिन की रिमांड पर भी भेजा था। ——————— दानचोरी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… राममंदिर ट्रस्ट कोषाध्यक्ष बोले- चढ़ावे से ₹3 करोड़ चोरी हुए:आरोपी लवकुश का मकान सील होगा अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा- जहां तक मेरा अनुमान है करीब 3 करोड़ रुपए की चोरी हुई होगी। 14 करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी होने की बात गलत है। पूरी खबर पढ़ें… दान-चोरी; बगलामुखी मंदिर समिति के पदाधिकारी अंडरग्राउंड:कोई बोला- मैं सदस्य ही नहीं आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच शुरू हो चुकी है। मंदिर के नाम पर तीन साल पहले यानी 2024 में बनी ‘नलखेड़ा सुदर्शन सेवा समिति’ के पदाधिकारी अंडरग्राउंड हैं। नियम विरुद्ध बनी इस समिति में 12 सदस्य हैं। पूरी खबर पढ़ें…

देश की पहली AI यूनिवर्सिटी कर्नाटक में बनेगी:यहीं AI हब बनाया जाएगा, रिसर्च और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा; मुख्यमंत्री शिवकुमार की घोषणा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के महत्व को देखते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आज यानी 14 जुलाई को घोषणा की है कि राज्य में देश की पहली सरकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही एक AI हब भी बनाया जाएगा, जहां स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स और कंपनियां मिलकर नई टेक्नोलॉजी पर काम कर सकेंगी। AI एजुकेशन और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा बेंगलुरु में आयोजित Google I/O Connect India 2026 कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने AI यूनिवर्सिटी और हब से जुड़ी यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित AI यूनिवर्सिटी का उद्देश्य ग्लोबल लेवल के AI एक्सपर्ट्स तैयार करना है। यहां छात्रों को मॉडर्न टेक्नोलॉजी की शिक्षा के साथ रिसर्च और इंडस्ट्री से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे विश्वविद्यालय, इंडस्ट्री और सरकार के बीच बेहतर तालमेल भी विकसित होगा। बेंगलुरु में लगभग 100 एकड़ में विकसित होगा परिसर शिक्षा में सुधार सहित AI से सरकार का उद्देश्य शिक्षा में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, किसानों को बेहतर सलाह उपलब्ध कराना और सरकारी सेवाओं को अधिक तेज और पारदर्शी बनाना है। प्रस्तावित AI यूनिवर्सिटी का मुख्य परिसर बेंगलुरु में लगभग 100 एकड़ में विकसित किया जाएगा। इसके रीजनल कैंपस कलबुर्गी, बेलगावी, हुबली-धारवाड़, मंगलुरु और मैसूरु में स्थापित करने की योजना है। मौजूदा पीढ़ी की अहम टेक्नोलॉजी क्रांति AI को बताया शिवकुमार ने टेक्नोलॉजी लीडर्स, एंटरप्रेन्योर्स, डेवलपर्स, रिसर्चर्स और पॉलिसी मेकर्स को संबोधित करते हुए कहां कि AI मौजूदा पीढ़ी की सबसे अहम टेक्नोलॉजी क्रांति है। उन्होंने इसकी तुलना स्टीम इंजन, बिजली, इंटरनेट और मोबाइल टेक्नोलॉजी के आने से की। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु न सिर्फ भारत की टेक्नोलॉजी राजधानी है, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े इनोवेशन इकोसिस्टम में से एक है। कर्नाटक का विजन AI के लिए दुनिया के प्रमुख केंद्रों में से एक बनना है। सरकार का मकसद कर्नाटक को AI-नेटिव राज्य बनाना शिवकुमार ने कहा कि भारत के सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट में कर्नाटक की हिस्सेदारी 40% है। जबकि बेंगलुरु में 17,000 से ज्यादा स्टार्टअप और हजारों ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCCs) हैं, जो ग्लोबल मार्केट के लिए प्रोडक्ट डिजाइन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद कर्नाटक को एक AI-नेटिव राज्य बनाना है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से गवर्नेंस और पब्लिक सर्विस डिलीवरी बेहतर हो सके। गूगल के साथ पार्टनरशिप की भी तारीफ शिवकुमार के अनुसार AI की मदद से टीचर बेहतर शिक्षा दे पाएंगे। डॉक्टर्स बीमारियों का जल्दी पता लगा पाएंगे। किसानों को बेहतर एडवाइजरी सर्विस मिलेगी। नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ मिलेगा और निश्चित रूप से छोटे बिजनेस आत्मविश्वास के साथ कॉम्पिट कर पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कर्नाटक के साथ गूगल की दो दशक पुरानी पार्टनरशिप की भी तारीफ की और कहा कि बेंगलुरु कंपनी के प्रमुख ग्लोबल इंजीनियरिंग, रिसर्च और इनोवेशन सेंटर्स में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि सर्च, एंड्रॉयड, यूट्यूब, मैप्स, क्रोम, जीमेल और गूगल पे जैसे प्रोडक्ट्स ने भारतीयों के जानकारी पाने, बिजेनेस करने और सरकारी सेवाओं का इस्तेमाल करने के तरीके को बदल दिया है।
छात्रों के लिए खुलेंगे नए अवसर AI यूनिवर्सिटी शुरू होने से छात्रों को अल्ट्रा-मॉडर्न टेक्नोलॉजी सीखने का मौका मिलेगा। साथ ही उन्हें रिसर्च, स्टार्टअप्स और बड़ी टेक कंपनियों के साथ काम करने के बेहतर अवसर भी मिलेंगे। सरकार का मानना है कि यह पहल कर्नाटक को जिम्मेदार और भरोसेमंद AI विकास का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगी। ये खबर भी पढ़ें CBSE ने शुरू किए 19 ऑनलाइन कोर्स:डेढ़ से 20 घंटे का कोर्स, 8वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स नि:शुल्क करें अप्लाई केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी से स्टूडेंट्स को परिचित कराने के लिए 19 नए कोर्स की शुरुआत की है। यह कोर्स कक्षा 8वीं से 12वीं तक के लिए है। पूरी खबर यहां पढ़ें

किन्नर कैलाश यात्रा रोकने को आक्रोश रैली:रिकांगपिओ में ग्रामीणों का प्रदर्शन, डीसी को सौंपा ज्ञापन; देव आदेशों पर यात्रा का विरोध

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। टुकपा-खुनाग क्षेत्र की कई पंचायतों के ग्रामीणों और देव समाज से जुड़े लोगों ने आज रिकांगपिओ में आक्रोश रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने डीसी किन्नौर को ज्ञापन सौंपा और किन्नर कैलाश यात्रा को पूरी तरह बंद करने की मांग की। स्थानीय निवासी जिया लाल नेगी ने कहा कि उनका विरोध किसी की धार्मिक आस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि किन्नर कैलाश की पवित्रता, स्थानीय धार्मिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के लिए है। उनका आरोप है कि यात्रा के दौरान स्थानीय मान्यताओं, देव आदेशों और परंपराओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे क्षेत्र की धार्मिक मर्यादा प्रभावित हो रही है। देवता के यात्रा बंद करने के आदेश: राम लाल राम लाल नेगी ने कहा कि पोवारी, रिब्बा सहित कई गांवों के कुल देवताओं ने देववाणी के माध्यम से किन्नर कैलाश यात्रा को पूर्ण रूप से बंद करने के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद कुछ लोग चोरी-छिपे यात्रा कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से पवित्र स्थल पर गंदगी फैल रही है। जल स्रोतों, दुर्लभ वनस्पतियों और प्राकृतिक पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन भी प्रभावित हो रहा है। रोक के बावजूद चोरी-छिपे यात्रा जारी ज्ञान देवी, स्नेह नेगी और परमेश्वर नेगी ने कहा कि क्षेत्र के देवी-देवताओं के आदेश के बाद पहले भी प्रशासन को ज्ञापन देकर यात्रा बंद कराने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि चोरी-छिपे यात्रा जारी है और प्रशासन इसे रोकने में विफल रहा है। यात्रा नहीं रोकी तो आंदोलन उग्र करेंगे प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किन्नर कैलाश यात्रा पर रोक लगाने और अवैध रूप से यात्रा करने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो देव समाज और ग्रामीण फिर से बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। गौरतलब है कि प्रशासन ने भी यात्रा मार्ग पर लगातार भूस्खलन और ग्लेशियर से जुड़े खतरों को देखते हुए किन्नर कैलाश यात्रा को अगले आदेशों तक स्थगित कर रखा है। इसके बावजूद कथित तौर पर कुछ लोग अवैध रूप से यात्रा कर रहे हैं, जिसे रोकने में प्रशासन की कार्रवाई पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए। किन्नर कैलाश यात्रा क्या है? किन्नर कैलाश हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित एक अत्यंत पवित्र पर्वत शिखर है। हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों में इसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यहां स्थित प्राकृतिक शिलाखंड (शिवलिंग) भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। यह शिवलिंग लगभग 79 फीट (करीब 24 मीटर) ऊंचा बताया जाता है और समुद्र तल से लगभग 4,800 मीटर (करीब 15,700 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। धार्मिक महत्व मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती का निवास किन्नर कैलाश पर्वत पर है। किन्नौर के लोग इसे अपने प्रमुख देवस्थलों में गिनते हैं। हिंदू श्रद्धालु इसे कैलाश पर्वत का ही एक पवित्र स्वरूप मानकर दर्शन करने जाते हैं। स्थानीय किन्नौरी संस्कृति में यह केवल तीर्थ नहीं, बल्कि देव परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र भी है। यात्रा कब होती है? किन्नर कैलाश यात्रा सामान्यतः जुलाई से अगस्त के बीच आयोजित होती है। यात्रा का प्रमुख मार्ग टांगलिंग गांव (कल्पा के पास) से शुरू होता है। यह बेहद कठिन ट्रेक है, जिसमें श्रद्धालुओं को लगभग 18–20 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई तय करनी पड़ती है। इस यात्रा के लिए देशभर से श्रद्धालु किन्नर कैलाश आते है।

लॉरेंस गैंग पर अमेरिकी एक्शन का भारत ने किया समर्थन:MEA ने कहा-दोनों देश रोकेंगे ग्लोबल काइम; शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध

अमेरिका द्वारा हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर आरोप लगाए जाने के बाद भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि भारत हमेशा से ही अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, आतंकवाद और नशीली दवाओं की तस्करी जैसी वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आपराधिक नेटवर्क समाज के लिए एक बेहद गंभीर खतरा हैं और इनसे निपटने के लिए भारत-अमेरिका की एजेंसियां सालों से आपसी तालमेल के साथ बेहद मजबूत सहयोग कर रही हैं। लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर अमेरिकी कार्रवाई हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं के तहत भारत के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा में छिपे उसके साथी गोल्डी बराड़ पर खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के इस बड़े कदम के बाद पूरी दुनिया का ध्यान इस हाई-प्रोफाइल मामले की ओर खिंचा है। भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होता सहयोग रणधीर जायसवाल ने अपने बयान में आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ भारत-अमेरिका की साझा जंग को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही मोर्चों पर भारत और अमेरिका के बीच बेहद मजबूत और प्रभावी सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों की सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस दिशा में काफी लंबे समय से एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रही हैं। सालों पुराना और गहरा है सुरक्षा एजेंसियों का तालमेल विदेश मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों की खुफिया और जांच एजेंसियों के बीच का यह नेटवर्क सिर्फ तात्कालिक नहीं है, बल्कि सालों पुराना है। यह सहयोग समय के साथ और अधिक मजबूत, पारदर्शी तथा गहरा होता जा रहा है।

5-महीने में 1.50 लाख के नकली नोट बाजार में चलाए:एमपी से आकर राजस्थान में खरीददारी करता, 200 के नोट से सिर्फ 50 रुपए का सामान लेता

कोटा पुलिस की गिरफ्त में आया एमपी का युवक 5 महीने में 1.50 लाख के नकली नोट बाजार में चला चुका। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि खरीददारी के बहाने आरोपी युवक ने राजस्थान बॉर्डर के गांव में ये जाली नोट चलाए हैं। रविवार शाम को बपावर थाना क्षेत्र में आरोपी जाली नोट से खरीददारी कर रहा था। लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी के पास से 59300 (200 के 50-50 के 4 बंडल, 200 के 85 नोट व 100 के 23 नोट) के नकली नोट बरामद किए थे। ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि आरोपी आनंद कुशवाह (40) एमपी के गुना का रहने वाला है। मजदूरी करता है। 5-6 महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए आनंद की दोस्ती गुना निवासी रवि से हुई। इसके बाद आनंद ने रवि से नकली नोट लिए। आरोपी ने 20 हजार में 50 हजार के नकली नोट खरीदे। फिर उन नकली नोटों को खपाने एमपी से सटे राजस्थान के गांव में आता था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अब तक तीन बार (20-20 हजार देकर) रवि से नकली नोट की खेप ले चुका है। बपावर से पहले आरोपी बारां जिले छबड़ा, छिपाबडोद इलाके में नकली नोट चला चुका था। 200 का नोट देकर 50 का व 100 का नोट देकर 20 का सामान खरीदता आरोपी शातिर तरीके से नकली नोटों को बाजार में चलाता था। वो 200 रुपए का नकली नोट देकर 50 रूपए तक का सामान खरीदता। वहीं, 100 का नकली नोट देकर 20 रूपए तक के आइटम खरीदता था। बाकी असली नोट ले लेता था। नकली नोट देखने में हूबहू असली जैसे दिखते हैं। पुलिस ने जब इनकी जांच की तो 200 की गड्डी पर एक ही सीरीज के नोट मिले। 100 के नोट एक ही नंबर की सीरीज के थे। उन पर वाटर मार्क नहीं था। इनका कागज असली नोटों से हल्का था। ———————– ये खबर भी पढ़े- कोटा में नकली नोट खर्च करता एमपी का युवक पकड़ा:दुकानदार को 200 रुपए देकर सामान खरीदा, शक होने पर भागने लगा; 59 हजार रुपए मिले

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर इलाकों में संदिग्ध जमीन सौदों की जांच शुरू:सरकारी ऑफिस पर इनकम टैक्स विभाग का छापा, फाइलें खंगाल रही टीम

भारत- पाकिस्तान बॉर्डर पर बसे जैसलमेर के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में मंगलवार को इनकम टैक्स विभाग ने छापा मारा। जांच टीम ने संदिग्ध जमीनों से जुड़े लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की। इस कार्रवाई में उदयपुर और जैसलमेर की संयुक्त टीम शामिल है। करीब आठ सदस्यीय टीम कार्यालय पहुंचकर विभिन्न भूमि रजिस्ट्रियों और संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जांच का मुख्य फोकस उन जमीन रजिस्ट्रियों पर है, जिनमें पैन कार्ड का उपयोग नहीं किया गया है या गलत जानकारी देकर रजिस्ट्री कराई गई है। टीम संबंधित फाइलों और दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी हुई है। सूत्रों के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और काले धन के संभावित उपयोग से जुड़े मामलों का ब्यौरा एकत्र कर रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। हाल ही में महेश कुल्हरी ने जिले के इनकम टैक्स ऑफिसर के पद पर कार्यभार संभाला है। सरकारी ऑफिस में आयकर विभाग की कार्रवाई के चलते दिनभर कर्मचारियों और आम लोगों के बीच हलचल का माहौल बना रहा। फिलहाल आयकर विभाग की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ये खबर भी पढ़िए… जज ने कहा- ‘ना मंदिर, ना मस्जिद…राष्ट्र प्रधान रहे’:हाईकोर्ट में फैसला सुनाते हुए बोले- राष्ट्र सुरक्षा सर्वोपरि; बॉर्डर पर हर प्रॉपर्टी की होगी जांच राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और आस्था के नाम पर बॉर्डर पर कानून और नियमों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बने धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए जारी नोटिसों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सोमवार को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। पूरी खबर पढ़िए

मंत्री की जनसुनवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं का हंगामा:विधायक को नहीं बुलाने पर की नारेबाजी; गोदारा ने गलती मानी, बोले- आगे से मिलकर काम करेंगे

बीकानेर के कोलायत में मंगलवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा की जनसुनवाई में हंगामा हो गया। कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी को नहीं बुलाने से भाजपा कार्यकर्ता नाराज हो गए। उन्होंने नारेबाजी की। मंत्री ने गलती मानते हुए कहा- आगे से मिलकर काम करेंगे। कोलायत के पंचायत भवन में दोपहर 1.30 बजे लाभार्थी सम्मेलन और जनसुनवाई कार्यक्रम थी। कार्यक्रम में मंत्री सुमित गोदारा लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान कार्यक्रम के पोस्टर में स्थानीय विधायक अंशुमान सिंह भाटी का फोटो नहीं होने और उन्हें कार्यक्रम में नहीं बुलाने पर कार्यकर्ता नाराज हो गया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी और ‘देवीसिंह भाटी जिंदाबाद’ और ‘अंशुमान सिंह’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। विरोध बढ़ता देखकर मंत्री सुमित गोदारा ने नाराज कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। इसके बाद गोदारा मंच पर चढ़े। उन्होंने कहा कि विधायक का कार्यक्रम में नहीं होना एक गलती है। सरकारी कार्यक्रमों में छोटी-मोटी गलतियां हो जाती हैं। अगली बार जब भी कार्यक्रम होगा, तब विधायक को साथ रखकर कार्यक्रम करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आप सभी भाजपा के सिपाही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि चार से पांच महीने बाद जब भी कार्यक्रम होंगे, जब विधायक के साथ मिलकर आयोजित किए जाएंगे। गोदारा ने कहा कि विधायक अंशुमान सिंह भाटी के साथ मिलकर क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले श्रीडूंगरगढ़ में भी भाजपा विधायक ने आरएलपी कार्यकर्ताओं को कह दिया था कि ‘पहले मर गए थे क्या?’ तब आरएलपी नेता भड़क गए थे। हालांकि तब भी सुमित गोदारा ने वहां समझाइश करते हुए विरोधी पार्टी के कार्यकर्ताओं को शांत करवाया था। अब देखिए- घटना की सिलसिलेवार तस्वीरें वीडियो सपोर्ट : अमित रंगा, कोलायत …….. ये खबर भी पढ़िए.… भाजपा मंत्री के साथ ट्रैक्टर पर बैठे कांग्रेसी नेता, पद से हटाया:कांग्रेस ने 5 दिन पहले ही बनाया था बीकानेर देहात जिला उपाध्यक्ष कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता सुमित गोदारा के कोलायत दौरे के दौरान उनके ट्रैक्टर पर बैठे कांग्रेस नेता श्याम सिंह भाटी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने कार्रवाई की है। प्रदेश कांग्रेस ने श्याम सिंह भाटी को बीकानेर देहात कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष पद से हटा दिया है। पूरी खबर पढ़िए RLP-नेता पर भड़के BJP विधायक, कहा-पहले मर गए थे क्या?:ट्रोमा सेंटर बनाने की उठाई थी मांग; भीषण एक्सीडेंट में हुई 6 की मौत बीकानेर में सोमवार को भाजपा विधायक ताराचंद सारस्वत और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के नेता विवेक माचरा के बीच बहस हो गई। श्रीडूंगरगढ़ के पंचायत समिति भवन में दोपहर 3 बजे कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा जनसुनवाई कर रहे थे। पूरी खबर पढ़िए

अमेरिका अंतरिक्ष में ‘दर्पण’ लगाएगा, रात को भी सूरज चमकेगा:जब चाहें, जहां चाहें, मिलेगी रोशनी; इस साल लॉन्च हो सकते हैं दो सैटेलाइट

अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफसीसी) ने कैलिफोर्निया की कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल को अंतरिक्ष में विशाल दर्पण वाला उपग्रह भेजने की मंजूरी दे दी है। कंपनी का पहला प्रायोगिक उपग्रह एरेन्डिल-1 करीब 60 फीट चौड़े रिफ्लेक्टर मिरर से लैस होगा। यह पृथ्वी से लगभग 640 किमी ऊपर कक्षा में रहेगा और जरूरत पड़ने पर सूर्य की किरणों को किसी खास स्थान की ओर मोड़ देगा। कंपनी का दावा है कि इससे करीब 5 किमी के दायरे में पूर्णिमा के चांद से चार गुना अधिक रोशनी पहुंचाई जा सकेगी। कंपनी की योजना है कि 2026 के अंत तक दो उपग्रह तैनात किए जाएं। 2027 तक 36 उपग्रहों का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य है। सबसे महत्वाकांक्षी योजना 2035 तक 50,000 से अधिक उपग्रह तैनात करने की है। आपदा राहत, बचाव में मदद मिलेगी कंपनी का कहना है कि सूरज की इस कृत्रिम रोशनी का इस्तेमाल आपदा राहत, खोज एवं बचाव अभियान, रात में निर्माण कार्य, खेती, सौर ऊर्जा परियोजनाओं और दूरदराज के इलाकों में हो सकेगा। 4.7 लाख रु. प्रति घंटे पर मिलेगी कृत्रिम रोशनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के सीईओ बेन नोवाक का कहना है कि यदि कोई ग्राहक कम से कम 1,000 घंटे के लिए सालाना अनुबंध करता है, तो कंपनी एक दर्पण से एक घंटे की धूप के लिए लगभग 5,000 डॉलर (4.7 लाख रुपए) का शुल्क लेगी। बड़ी चिंता – दुनिया की जैविक घड़ी बदल जाएगी कई वैज्ञानिकों ने इस प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए कहा है कि अगर रात का अंधेरा खत्म होने लगा तो इंसानों की नींद, हार्मोन, पक्षियों का प्रवास, निशाचर जीवों का व्यवहार, पौधों के मौसमी चक्र और समुद्री खाद्य श्रृंखला तक प्रभावित हो सकती है।