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रात में नाले में गिरे दो युवक, मौत:घर लौटते समय नाला नहीं दिखा, बाइक बेकाबू होकर गिरी

राजतालाब थाना क्षेत्र में भापोर रोड स्थित इंडस्ट्रीयल एरिया के पास एक दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक रात के समय बाइक से लौट रहे थे, इसी दौरान निर्माणाधीन पुल के पास खोदे गए नाले में बाइक सहित गिर गए। हादसे की जानकारी लोगों को सोमवार सुबह लगी, जिसके बाद पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। अंधेरे में नहीं दिखा निर्माणाधीन पुल जानकारी के अनुसार वडली पाडा भापोर निवासी पंकज पुत्र कालिया निनामा और सुनील पुत्र राजू दायमा रात में बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान भापोर रोड पर इंडस्ट्रीयल एरिया ठीकरिया के पास निर्माणाधीन पुल के पास पहुंचने पर वे स्थिति का अंदाजा नहीं लगा पाए। बताया जा रहा है कि बाइक असंतुलित होकर सीधे वहां बने गहरे नाले में जा गिरी। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह राहगीरों ने देखी बाइक और शव सोमवार सुबह जब राहगीरों की नजर नाले में गिरी बाइक और दोनों युवकों के शवों पर पड़ी तो लोगों ने इसकी सूचना परिजनों और राजतालाब थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद परिजन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों के शवों को नाले से बाहर निकलवाया। मौके पर पहुंचे परिजन घटना की सूचना मिलते ही मृतक युवकों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और आगे की कार्रवाई शुरू की। फिलहाल राजतालाब थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

पंजाब में बेअदबी आरोपी की गला काटकर हत्या:7 महीने पहले जमानत पर जेल से छूटा; बेटी बोली- डैडी 'मैनूं बचा लो, मैनूं मारता' चिल्ला रहे थे

पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में बेअदबी के आरोपी की तेजधार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। नकाबपोश हमलावर आधी रात को घर में घुसे। जिसके बाद तेजधार हथियार से उस पर हमला कर दिया। इस दौरान व्यक्ति के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी बेटी और पत्नी की आंख खुल गई। वह 7 महीने पहले ही जमानत पर जेल से छूटा था। बेटी ने कहा कि डैडी ‘मैनूं बचा लो, मैनूं मारता-मैनूं मारता’ चिल्ला रहे थे। जब हम डंडा लेकर बचाने गए तो हमलावरों ने हम पर अटैक कर दिया। हमने कमरे के दरवाजे को कुंडी लगाकर जान बचाई। फिर पड़ोसियों को फोन कर बुलाया। उनके आने का पता चलते ही हमलावर दीवार फांदकर भाग निकले। कत्ल की वजह से घर के अंदर चारों तरफ खून ही खून फैला हुआ था। इसके बाद पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस हत्या की वजह के बारे में पता चल रही है। मरने वाले का नाम मेवा सिंह है। वह मंडी गोबिंदगढ़ के गांव लाडपुर तूरां स्थित गुरुद्वारा साहिब में 6 साल पुराने बेअदबी केस का आरोपी था। वह जमानत पर जेल से छूटकर आया था। पिता के कत्ल की चश्मदीद बेटी ने क्या कहा… मृतक से जुड़ा बेअदबी केस, 2 बार जेल गया था
पुलिस के मुताबिक मेवा सिंह के खिलाफ अक्टूबर 2020 में गांव तुरां स्थित गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने का आरोप लगा था। इसके बाद उसके खिलाफ मंडी गोबिंदगढ़ थाने केस दर्ज कराया गया था। आरोपी मेवा सिंह को वर्ष 2020 में बेअदबी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में वह करीब एक वर्ष तक जेल में रहा, जिसके बाद उसे जमानत मिल गई थी। जमानत पर रिहा होने के बाद मामले का ट्रायल लगातार चल रहा था। परिजनों के मुताबिक कुछ समय पहले उसकी कमर टूट गई थी, जिसके कारण वह कई बार कोर्ट में पेश नहीं हो सका। इसके चलते उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। करीब 7 महीने जेल में रहने के बाद उसे फिर से जमानत मिल गई थी। मेवा सिंह बेअदबी के मामले में दो बार जेल जा चुका था और फिलहाल जमानत पर बाहर था। गवाहों के चलते उसे अंतिम राहत नहीं मिली थी। मिल में काम करता था मेवा सिंह
मेवा सिंह पहले गांव में ही कपड़ों की सिलाई का काम करता था। हालांकि अब उसने सिलाई का काम बंद कर दिया था और एक मिल में काम करने लगा था और गांव में घर पर रह रहा था। 6 साल पुराने बेअदबी केस से जुड़ा मामला
वहीं डीएसपी बिक्रमजीत सिंह घुम्मण ने कहा कि मेवा सिंह की बेहद बेरहमी से हत्या की गई है। उसके शरीर पर तेजधार हथियारों से कई वार किए गए, जिनके कारण उसकी मौत हुई। पुलिस मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान कर जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। यह मामला करीब छह साल पुराने बेअदबी प्रकरण से जुड़ा है, जिसका ट्रायल अभी अदालत में चल रहा है।
************ ये खबर भी पढ़ें: बठिंडा में भरभराकर गिरी छत, मां-बेटे की मौत: मलबे में दबने से 2 बेटियों की हालत गंभीर; जर्जर मकान बारिश से कमजोर हुआ
बठिंडा के तलवंडी साबो में एक घर की छत गिरने से मां और बेटे की मौत हो गई। परिवार की दो बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों का इलाज एम्स बठिंडा में चल रहा है। बताया जा रहा है कि जर्जर मकान बारिश से कमजोर हो गया था। (पढ़ें पूरी खबर)

कोटा में लोगों को अच्छी बारिश का इंतजार:इस बार 21% कम हुई बरसात, पारा 35 के पार पहुंचा; 2 दिन बाद बदलेगा मौसम

कोटा में मानसून पूरी तरह से थम गया है। बीते एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। सोमवार को भी बादलों की आवाजाही रही, लेकिन कहीं भी बरसात नहीं हुई। एक सप्ताह से पारा 35 डिग्री के ऊपर चल रहा है। सूरज के तेवर भी तीखे हो गए हैं। जिले में गर्मी व उमस बरकरार है। आज भी सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार वेदर सिस्टम कमजोर बने रहने से फिलहाल मौसम ड्राई रहेगा। 15 जुलाई के बाद बारिश की संभावना है। सोमवार को अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री व न्यूनतम 28.4डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में 13 जुलाई तक 21% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 13 जुलाई तक औसत 180.3मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 142.7 मिमी बारिश हुई है। कोटा में 8 जुलाई के बाद से बरसात नहीं हुई। लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

राममंदिर ट्रस्ट कोषाध्यक्ष बोले- चढ़ावे से ₹3 करोड़ चोरी हुए:लवकुश का मकान सील होगा, 2 आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लिया

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा- जहां तक मेरा अनुमान है करीब 3 करोड़ रुपए की चोरी हुई होगी। 14 करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी होने की बात गलत है। गोविंददेव गिरि ने पुणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने इस्तीफे की खबरों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा- मैंने कोई इस्तीफा नहीं दिया है। इधर, अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान पर अंतिम नोटिस चस्पा कर दिया है। ADA ने इससे पहले 3 जुलाई को नोटिस दी थी, लेकिन लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा ने कोई जवाब नहीं दिया। अब प्राधिकरण ने 15 जुलाई तक का अंतिम अवसर दिया है। एडीए ने चेतावनी दी है कि अगर जवाब नहीं मिला तो निर्माणाधीन मकान को सील कर दिया जाएगा। पुलिस ने आरोपी रमाशंकर मिश्रा और रिटायर्ड बैंक कर्मी सुभाष श्रीवास्तव को 14 घंटे के लिए रिमांड पर लिया है। पुलिस ने कोर्ट से 7 दिन की रिमांड मांगी थी। बुधवार सुबह दोनों आरोपियों को जेल से बाहर लाकर पूछताछ की जाएगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट से पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र का नाम हटा दिया गया है। इससे पहले दोनों की VIP पास आईडी भी ब्लॉक कर दी गई थी। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास के नाम पर नई VIP पास आईडी जारी की गई है। अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर- दिल में बाबर, मुंह में राम अयोध्या, बाराबंकी, मथुरा समेत यूपी के कई जिलों में सोमवार देर रात सपा के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। इनमें मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की तस्वीरों के साथ लिखा है- ‘दिल में बाबर, मुंह में राम।’ मंगलवार सुबह सपा कार्यकर्ताओं ने होर्डिंग्स फाड़ दिए। आरोपी टिन्नू और सुभाष की रिमांड मांगेगी पुलिस चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस मंगलवार को कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। सूत्रों के मुताबिक पुलिस दोनों की 7 दिन की रिमांड मांग सकती है। रिमांड मिलने पर दोनों से पूछताछ की जाएगी। इससे पहले, पुलिस आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। राम मंदिर से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-

वीणा कैसेट के मालिक केसी मालू का अंतिम संस्कार आज:देर रात हुआ निधन, राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी

वीणा कैसेट के मालिक केसी मालू का सोमवार देर रात डेढ़ बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनका आज शाम साढ़े 4 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा शांति पथ मालू हाउस पार्श्वनाथ कॉलोनी निर्माण नगर स्थित घर से पुरानी चुंगी मोक्ष धाम जाएगी। 1946 में चूरू के सुजानगढ़ में जन्मे केसी मालू ने अपना पूरा जीवन राजस्थानी भाषा, लोकसंगीत और लोक कलाकारों को समर्पित किया। वीणा कैसेट्स के माध्यम से उन्होंने हजारों लोकगीत, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को रिकॉर्ड कर देश-विदेश तक पहुंचाया और अनेक नए कलाकारों को मंच दिया। वे राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के आंदोलन से भी लंबे समय तक जुड़े रहे। वर्ष 1987 में राजस्थान के भीषण अकाल के दौरान उन्होंने जयपुर में ऐतिहासिक ‘लता मंगेशकर नाइट’ का आयोजन कर राहत कार्यों के लिए करीब 1 करोड़ रुपए जुटाए थे। कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड से नवाजा गया कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें समग्र कला साधना अवॉर्ड, डागर घराना अवॉर्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। राजस्थानी संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए राजस्थान सरकार ने उन्हें ‘राजस्थान रत्न अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था। यह सम्मान उनके दशकों लंबे सांस्कृतिक योगदान और लोककला के संरक्षण के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण माना जाता है। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त किया उनके निधन पर ग्रैमी विजेता विश्वमोहन भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कला, साहित्य और सामाजिक जगत की कई हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्हें राजस्थानी लोकसंगीत को वैश्विक पहचान दिलाने वाले अग्रदूत के रूप में याद किया जा रहा है। ग्रेमी अवॉर्ड विनर विश्वमोहन भट्ट ने कहा कि लोक संगीत के महान संरक्षक का यों अचानक चले जाना व्यथित कर गया है। लोक संगीत के उनके योगदान को कोई नहीं भूल पाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले सप्ताह ही निवास पर उनसे मुलाकात हुई थी। उन्होंने अपना पूरा जीवन संगीत जगत को समर्पित किया। उन्होंने देश-दुनिया में राजस्थानी गानों को नई पहचान दिलाई थी। उनका निधन हम सभी के लिए एक बड़ी क्षति है। भास्कर की बातचीत में बताया था लता मंगेश्कर नाइट का किस्सा भास्कर से बातचीत में केसी मालू ने बताया था कि स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने पूरे जीवनकाल में जयपुर में सिर्फ एक बार प्रोग्राम किया। 26 नवंबर 1987 को यह आयोजन हुआ था। तब राजस्थान में अकाल पड़ा था। ऐसे में अकाल पीड़ितों के लिए फंड जुटाने के लिए लताजी ने बिना फीस लिए प्रोग्राम किया था। वह अपनी टीम के साथ 4 दिन जयपुर रहीं। इस दौरान उन्होंने राजस्थानी में ही बात की और राजस्थानी खाना ही खाया। आयोजन हमारी संस्था सुरसंगम संस्थान ने ही आयोजित किया था, इसलिए एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करते हुए मैंने कहा- ‘धन्यभाग राजस्थान रा ज्यो थे पधारया’। वह तपाक से बोलीं- ‘अत्ता दिन थे बुलाया ही कोनी।’ यहां पहुंचकर उनका राजस्थान प्रेम देखकर मैं भी दंग था। प्रोग्राम एसएमएस स्टेडियम में था। पहले दिन उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधकर रिहर्सल की। चौथे दिन प्रोग्राम शाम 6 बजे शुरू हुआ। लताजी आमतौर पर 20 से ज्यादा गाने नहीं गाती थीं, लेकिन जयपुर का उत्साह देखकर उन्होंने रिकॉर्ड 26 गाने गाए। वह भी बैक-टू-बैक। इसमें उनका मशहूर गीत ‘आएगा आने वाला’ भी शामिल था। इस गीत में राजस्थान के संगीतकार खेमचंद्र प्रकाश ने उन्हें ब्रेक दिया था। उन्होंने मंच पर खेमचंद्र को याद भी किया। 39 साल पहले भी आयोजन से 1.01 करोड़ का फंड जमा हुआ था। इसका चेक लताजी ने तत्कालीन सीएम हरिदेव जोशी को सौंपा। खुद सीएम भी टिकट लेकर प्रोगाम देखने पहुंचे थे। लताजी के अलावा प्रोग्राम में मोहम्मद अजीज, नितिन मुकेश और उषा मंगेशकर ने भी गीत गाए।

बिना किसी सरकारी सहायता के की सेवा विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि बिना किसी सरकारी सहायता के मालू जी का जीवन लोक सेवा और कला साधना का अद्वितीय उदाहरण रहा है। उन्होंने राजस्थानी विवाह गीतों पर एक ऐतिहासिक शोध कार्य किया। उनके द्वारा रचित 221 राजस्थानी विवाह गीतों के 2 विशाल ग्रंथ संस्कृति की अनमोल धरोहर हैं। हिंदी, अंग्रेजी और राजस्थानी—इन तीन भाषाओं में सचित्र तैयार किया गया यह संकलन विश्वभर में विवाह गीतों का सबसे बड़ा संकलन माना जाता है। इसके साथ ही इन गीतों की 24 ऑडियो-वीडियो सीडी भी जारी की गईं, जिसने इस परंपरा को डिजिटल रूप में हमेशा के लिए अमर कर दिया। उन्होंने 5,000 से अधिक राजस्थानी लोकगीतों की पांडुलिपि और ध्वनिलिपि तैयार कर उनकी ऑडियो रिकॉर्डिंग की, जो आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी। ‘घूमर’, ‘चीरमी’ और ‘कांगसियो’ जैसे कई कालजयी और सदाबहार राजस्थानी गीतों के एल्बम प्रोड्यूस कर उन्होंने लोक धुनों को हर दिल की धड़कन बनाया। मालू जी ने स्वदेशी संगीत को समर्पित श्रेष्ठ संस्था ‘सुर-संगम’ और राजस्थान लोक संगीत के सबसे प्रतिष्ठित समूह ‘वीणा म्यूजिक’ की स्थापना कर नए कलाकारों को मंच दिया। उन्होंने महान संगीतकार नौशाद साहब के साथ मिलकर देश के जाने-माने कलाकारों के माध्यम से राजस्थानी लोक संगीत को शिखर पर पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया।

रुस्तम प्रिंस बने नागौर कांग्रेस के महासचिव:भानु को कोषाध्यक्ष बनाया; नई कार्यकारिणी में 50 पदाधिकारी शामिल

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नागौर जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की स्वीकृति के बाद संगठन महासचिव ललित तुनवाल ने सूची जारी की। नई कार्यकारिणी में हनुमानराम बांगड़ा को जिलाध्यक्ष, रुस्तम प्रिंस को संगठन महासचिव और भानु प्रकाश सैनी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई टीम में अध्यक्ष सहित कुल 50 पदाधिकारी शामिल किए गए हैं, जिनमें उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी के पद शामिल हैं। 50 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष सहित कुल 50 पदाधिकारी शामिल किए गए हैं। इनमें 10 उपाध्यक्ष, 15 महासचिव, 20 सचिव, 2 प्रवक्ता और 2 सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। कांग्रेस संगठन के अनुसार कार्यकारिणी के गठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का ध्यान रखा गया है। साथ ही सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है। इन नेताओं को बनाया गया उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष पद पर मोहिनी देवी, मोतीलाल चंदेल, शब्बीर अहमद, अल्ताफूर राठौड़, रामनिवास मेघवाल, अनुपचंद विश्नोई, किशोर सिंह बालवा, भोमसिंह बारानी, धनश्याम शारदा और भैराराम धुंधवाल को जिम्मेदारी दी गई है। 15 नेताओं को बनाया गया महासचिव महासचिव पद पर नाथूराम मेघवाल, इकबाल खान, रमेश्वर डिडेल, केशाराम छंगां, छोटाराम, बरकत खान, अशोक मच्छी, रामनिवास करवा, प्रेमसुख झाझड़ा, शिवसिंह राठौड़, मणीराम, हरीश मिर्धा, चांद मोहम्मद, धर्मेंद्र पवार और हीरालाल भाटी को शामिल किया गया है। प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी भी घोषित प्रवक्ता पद पर अजय गोदारा और शिवदयाल को नियुक्त किया गया है। वहीं सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी मुकेश कुमार खटीक और प्रेमराज शालीह को सौंपी गई है। जिलाध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा ने कहा कि नई कार्यकारिणी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कांग्रेस की गतिविधियों को गति देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी में पूर्व जनप्रतिनिधियों, स्थानीय निकायों और सहकारी संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों को भी पदेन सदस्य बनाया गया है। नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत किया गया नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद जिला कांग्रेस कार्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान नवनियुक्त जिला सचिव देवीसिंह गोयल और कपिल चारड़िया का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा ने सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नई टीम संगठन को मजबूत करने के लिए समर्पित भाव से काम करेगी।

इंस्टाग्राम पर हुआ था नकली नोट के मास्टरमाइंड से कॉन्टैक्ट:सप्लायर ने बदमाशों तक 4 लाख पहुंचाए, हर डिलीवरी पर मिलते थे 5 हजार रुपए

अजमेर में नकली नोटों के साथ गिरफ्तार आरोपी डेढ़ महीने में 3 लोगों को करीब 4 लाख रुपए की डिलीवरी कर चुका था। आरोपी यह डिलीवरी इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए संपर्क में आए एक युवक (मास्टरमाइंड) के निर्देश पर कर रहा था। हर डिलीवरी के बदले उसे 4 से 5 हजार रुपए मिलते थे। आरोपी विक्रम जोन (27) निवासी प्रिंस हिल्स कॉलोनी, बड़ी नागफणी (अजमेर) से पूछताछ में खुलासा हुआ कि मास्टरमाइंड ने इंस्टाग्राम पर ऑनलाइन बातचीत में धीरे-धीरे उससे बातचीत बढ़ाई। इसके बाद विक्रम की आर्थिक स्थिति देखते हुए उसे नकली नोट चलाने का प्रस्ताव दिया। विक्रम ने नोटों की क्वालिटी खराब होने की कहकर मना कर दिया। इस पर मास्टरमाइंड ने विक्रम को करीब डेढ़ महीने पहले 17 लाख रुपए के नकली नोट देकर अलग-अलग लोगों को डिलीवरी करने का ऑफर दिया। आरोपी विक्रम जॉन से अब कई केंद्रीय एजेंसियां भी पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि इस नेटवर्क के तार कहीं पाकिस्तान या किसी अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से तो नहीं जुड़े हैं। पुलिस आरोपी से मास्टरमाइंड और अब तक नकली नोटों की हुई डिलीवरी के हर पहलू पर पूछताछ कर रही है। दरअसल, अजमेर की गंज थाना पुलिस ने 12 जुलाई को विक्रम जॉन को गिरफ्तार किया था। उसके पास से एक बैग मिला था। बैग में 13 लाख 6 हजार रुपए के नकली नोट और प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाली शीटें मिली हैं। इनमें 500 रुपए के कुल 2612 नकली नोट थे। दैनिक भास्कर ने कैमरे पर किया था एक्सपोज 9 जुलाई को नकली नोट खपाने वालों को दैनिक भास्कर ने कैमरे पर एक्सपोज किया था। इंस्टाग्राम की एक रील से शुरू हुई इन्वेस्टिगेशन नकली नोटों के उस सिंडीकेट तक ले गई, जो रील्स में काउंटिंग मशीन में डालकर दावा करते हैं- ये नोट न मशीन पकड़ पाएगी न एटीएम। रिपोर्टर ने ग्राहक बनकर नकली नोट के माफिया से कॉन्टैक्ट किया था। बाकायदा 1 लाख रुपए के बदले 10 लाख के नकली नोटों की डील ऑफर हुई थी। पढ़ें पूरी खबर… इंस्टाग्राम पर हुआ कॉन्टैक्ट, डेढ़ महीने में जीता भरोसा पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विक्रम जॉन ने करीब डेढ़ महीने पहले इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे संपर्क किया। धीरे-धीरे दोनों में बातचीत बढ़ने लगी। पहले उसने विक्रम की निजी जानकारी जुटाई। मास्टरमाइंड ने विक्रम की आर्थिक स्थिति देखी। लगातार बातचीत और वीडियो कॉल के जरिए मास्टरमाइंड ने विक्रम का विश्वास जीता। जब मास्टरमाइंड को भरोसा हो गया कि विक्रम उसके लिए काम कर सकता है, तब उसने नकली नोटों के नेटवर्क में शामिल करने की योजना बनाई। पहले बाजार में रुपए चलाने को कहा, मना करने पर बदला रोल मास्टरमाइंड ने शुरुआत में विक्रम को 500 रुपए के नकली नोट बाजार में चलाने का प्रस्ताव दिया। विक्रम ने जब पहली बार नकली नोट देखे तो उनकी क्वालिटी खराब होने की बात कहकर बाजार में चलाने से इनकार कर दिया, लेकिन मास्टरमाइंड पीछे नहीं हटा। उसने रणनीति बदली और विक्रम को डिलीवरी बॉय की भूमिका ऑफर की। उसे कहा कि तय आदमी तक सिर्फ नोट पहुंचाने हैं। हर डिलीवरी पर 4 से 5 हजार रुपए देने का लालच दिया। पहली खेप में 17 लाख के नकली नोट दिए, चौथी डिलीवरी करते पकड़ा गया पुलिस के अनुसार- करीब डेढ़ महीने पहले मास्टरमाइंड और आरोपी विक्रम पहली व आखिरी बार मिले थे। तब शहर के बस स्टैंड क्षेत्र के पास मास्टरमाइंड ने विक्रम को करीब 17 लाख रुपए के 500-500 के नकली नोट सौंपे थे। इसके बाद इंस्टाग्राम मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए हर बार डिलीवरी का पता और सामने वाले व्यक्ति का हुलिया बताया जाता। विक्रम तय जगह पहुंचकर नोट सौंप देता और बदले में अपना कमीशन ले लेता। जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी से पहले विक्रम ने 17 लाख रुपए में से तीन जगह करीब 4 लाख रुपए के नकली नोट पहुंचाए थे। विक्रम 12 जुलाई को 13.06 लाख लेकर चौथी डिलीवरी के लिए निकला था, तभी गंज थाना पुलिस ने उसे पकड़ लिया। शीट भी मिली, घर पर करता था कटिंग पूछताछ में सामने आया कि मास्टरमाइंड ने कुछ तैयार गड्डियां आरोपी विक्रम को दी थीं। वहीं कुछ नकली नोट शीट के रूप में दिए थे। विक्रम घर पर उनकी कटिंग करता था। बरामद सभी नकली नोट अलग-अलग सीरियल नंबर के पाए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन नोटों की छपाई कहां हुई। इन्हें तैयार करने वाला नेटवर्क कौन संचालित कर रहा है। पाकिस्तान कनेक्शन पर भी पूछताछ भारी मात्रा में नकली नोट मिलने के बाद केंद्रीय एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। कई केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों ने दरगाह थाने पहुंचकर आरोपी से सोमवार को लंबी पूछताछ की। उससे यह जानने का प्रयास किया कि कहीं पाकिस्तान या विदेशी नेटवर्क से निर्देश तो नहीं मिले। फिलहाल इस एंगल पर भी जांच जारी है और पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही। मास्टरमाइंड की असली पहचान अब भी रहस्य पूछताछ में विक्रम ने एक नाम का जिक्र किया है। वहीं पुलिस सहित खुद आरोपी को भी भरोसा नहीं है कि वह नाम असली है या फर्जी। पूरे नेटवर्क में केवल इंस्टाग्राम चैट और वीडियो कॉल के जरिए ही संपर्क होता था। इसी वजह से पुलिस के सामने मास्टरमाइंड की वास्तविक पहचान तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती है। अब सीसीटीवी से जुड़ेंगी कड़ियां आरोपी विक्रम जॉन को सोमवार को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। वहीं पुलिस अब उस स्थान की पहचान कर रही है, जहां पहली बार नकली नोटों की खेप सौंपी गई थी। साथ ही जिन तीन लोगों को डिलीवरी की गई, उनकी पहचान भी की जा रही है। पुलिस संबंधित जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर मास्टरमाइंड और नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। नकली नोट बाजार में पहुंचे या नहीं, पुलिस कर रही जांच जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन चार लाख रुपए के नकली नोटों की डिलीवरी हो चुकी है। वे बाजार में चल चुके हैं या अभी भी किसी के पास हैं। पुलिस उन सभी लोगों और स्थानों की पहचान करने में जुटी है, जहां यह नकली नोट हो सकते हैं। पिता बीएसएफ से थे रिटायर्ड, मौत के बाद अजमेर आया पुलिस जांच में सामने आया कि विक्रम के पिता बीएसएफ से रिटायर्ड थे। रिटायरमेंट होने के बाद विक्रम के पिता पाली में बैंक गार्ड की नौकरी कर रहे थे। कुछ समय पहले उनकी मौत के बाद विक्रम अजमेर आकर नौकरी करने लगा। वह अविवाहित है। ………… अब पढ़िए भास्कर सीरीज की ये 2 खबरें… 1- पहली बार कैमरे पर नकली नोट गिरोह : 1 लाख के बदले 10 लाख के नोट, दावा- एटीएम भी नहीं पकड़ सकता, पार्ट-1 पहली बार कैमरे पर देखिए आपके पर्स तक नकली नोट पहुंचने वाले गैंग के चेहरे। इंस्टाग्राम की एक रील से शुरू हुई इन्वेस्टिगेशन नकली नोटों के उस सिंडीकेट तक ले गई, जो रील्स में काउंटिंग मशीन में डालकर दावा करते हैं- ये नोट न मशीन पकड़ पाएगी न एटीएम। पूरी खबर पढ़िए… 2- नकली नोट में गांधीजी का वाटरमार्क, सिल्वर लाइन भी:एक पेपर पर छपते 500 के 3 नोट, इंडस्ट्री की तरह गैंग में प्रोडक्शन दैनिक भास्कर एप की स्पेशल सीरीज के पहले पार्ट में आपने ऑन कैमरा नकली नोट माफिया के चेहरे देखे। भास्कर रिपोर्टर ने ग्राहक बनकर पूरे नेटवर्क को एक्सपोज किया। भास्कर की पड़ताल में नकली नोट बनाने वाले एक और गैंग का सच सामने आया। पूरी खबर पढ़िए…

ग्रामीणों ने तार चोरी करते युवक को पकड़ा:ट्यूबवेल और सबमर्सिबल के तार काटकर तांबा बेचने का आरोप

भरतपुर जिले के बयाना सदर थाना इलाके में ग्रामीणों ने खेतों में ट्यूबवेल और सबमर्सिबल के तार चोरी करते हुए एक युवक को पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी खेतों में लगे ट्यूबवेल और सबमर्सिबल के तार चोरी करता था। खेत में तार चोरी करते पकड़ा गया आरोपी महरावर गांव निवासी देशराज गुर्जर ने बताया कि देर रात गांव के कुछ लोग खेतों की तरफ गए थे। इस दौरान उन्होंने एक व्यक्ति को खेतों में लगे ट्यूबवेल और सबमर्सिबल के तार चोरी करते हुए देखा। इसके बाद ग्रामीण ने इसकी सूचना गांव में दी। सूचना मिलते ही गांव के लोग खेत में पहुंचे और तार चोरी करने वाले व्यक्ति को मौके पर ही पकड़ लिया। पहले काटता था मेन कनेक्शन ग्रामीणों के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम हनीफ निवासी खानवां, थाना गहनौली मोड़ बताया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर खेतों में लगे ट्यूबवेल और सबमर्सिबल के पहले मेन कनेक्शन को काटता था। इसके बाद बिजली के तारों को चोरी कर उनमें से निकलने वाले पीतल और तांबे को बाजार में बेच देते थे। पुलिस कर रही पूछताछ बयाना सदर थाना के एएसआई विनीत कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया है। ग्रामीणों ने बताया कि वह खेतों में लगे ट्यूबवेल और सबमर्सिबल से बिजली के तार चोरी कर रहा था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।

तेरा तुझको अर्पण संस्था के दो साल पूरे:बंदर-कुत्तों के लिए चलाया भोजन अभियान, दिव्यांग आश्रमों भी कर रहे सेवा कार्य

पाली जिले के रोहट क्षेत्र में सामाजिक संस्था ‘तेरा तुझको अर्पण’ के स्थापना के दो साल पूरे होने पर मंगलवार को दानाशनी-दूदनी के पास सेवा और जीव दया अभियान चलाया गया। इस दौरान संस्था के करीब 30 सदस्य कीड़ीनगरा करने पहुंचे और जीव-जंतुओं के प्रति सेवा भावना का संदेश दिया। दो साल पहले हुई थी संस्था की शुरुआत संस्था के सदस्यों ने बताया कि ‘तेरा तुझको अर्पण’ का गठन दो साल पहले मानव सेवा और जीव दया के उद्देश्य से किया गया था। स्थापना के बाद से संस्था लगातार सामाजिक और सेवा कार्यों से जुड़ी गतिविधियां संचालित कर रही है। गोशालाओं से लेकर दिव्यांग आश्रमों तक कर रहे सेवा कार्य संस्था की ओर से गोशालाओं में सेवा, बकरा शाला में सहयोग, कीड़ीनगरा, बंदरों को भोजन उपलब्ध कराने, कुत्तों को दूध और रोटी खिलाने तथा दिव्यांग आश्रमों में सेवा कार्य किए जा रहे हैं। संस्था के सदस्यों का कहना है कि आगे भी इस तरह के कार्य जारी रहेंगे। ये सदस्य रहे मौजूद कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष मनोज नाबरिया, सचिव मुकेश मोदी, रोहित गोलेछा, आनंद कोठारी, विनोद सालेचा, सुरेंद्र मरलेचा, मनीष गोलेछा, जितेंद्र कोठारी, यशवंत पारख, विमल कंटालिया, जय सालेचा, दीपक नाबरिया, शुभम पंच, पुनीत कागरेचा, सचिन पगारिया, रजत पंच, लक्की गिरिया, संदेश बांठिया, नमन मेहता, लंदन मेहता, चंद्रप्रकाश मेहता, सौरभ संचेती, हेमंत कटारिया, दिशांत बलोता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

सवाई माधोपुर में अब तक 65.05 एम बारिश:पिछले साल 407.90 एमएम बारिश हुई थी, किसान बुवाई का इंतजार कर रहे

सवाई माधोपुर जिले में इस बार मानसून की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। जिले में पिछले कई दिनों से मानसून पूरी तरह निष्क्रिय है और 14 जुलाई तक केवल औसत 65.05 एमएम बारिश दर्ज हुई है। पिछले साल इसी अवधि तक जिले में औसत 407.90 एमएम बारिश हो चुकी थी। बारिश की कमी के कारण दिन में तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, वहीं अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बारिश नहीं होने से किसानों की बढ़ी चिंता जिले के किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेती-बाड़ी प्रभावित हो रही है। बारिश में देरी के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि आसमान में बादल छाए रहने से वातावरण में नमी बनी हुई है। इसके चलते लोगों को गर्मी के साथ उमस का भी सामना करना पड़ रहा है। जुलाई महीने में अब तक जिले में बहुत कम बारिश हुई है। पिछले 24 घंटे में किसी भी रेनगेज सेंटर पर बारिश नहीं सवाई माधोपुर जिले के सभी 20 रेनगेज सेंटरों पर पिछले 24 घंटे के दौरान 00 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जिले के ढील, मानसरोवर, देवपुरा, पांचोलास, खंडार, मोरा सागर, भाड़ौती, सवाई माधोपुर मानटाउन, सवाई माधोपुर तहसील, खंडार तहसील, चौथ का बरवाड़ा तहसील, बामनवास तहसील, मलारना डूंगर तहसील, बौंली तहसील, मित्रपुरा तहसील, गंगापुर सिटी तहसील, वजीरपुर तहसील, तलावड़ा तहसील, बरनाला तहसील और भांवरा तहसील में 00 एमएम बारिश दर्ज की गई। धूप और उमस से लोग परेशान जिले में पिछले कुछ दिनों से दिनभर तेज धूप निकल रही है। बारिश नहीं होने और वातावरण में नमी बने रहने के कारण उमस लगातार बढ़ रही है। इससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है और दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।