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जैसलमेर में अंधड़ से सड़कों पर जमा हुई रेत:गांवों का संपर्क टूटा, मरीजों-राहगीरों की परेशानी बढ़ी; लोग चंदा जुटाकर करा रहे सफाई

जैसलमेर के ग्रामीण इलाकों में तेज अंधड़ के बाद सड़कों पर जमा हुई रेत से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। म्याजलार-पोछीना और छापण-नाचना मार्ग पर आवागमन ठप होने से मरीजों, राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण चंदा जुटाकर खुद रास्तों की सफाई कराने को मजबूर हैं और प्रशासन से जल्द राहत की मांग कर रहे हैं। महीनेभर से बंद पड़े हैं अहम मार्ग
तेज हवाओं और अंधड़ के कारण ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर भारी मात्रा में मिट्टी और रेत जमा हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है। भारतमाला परियोजना के तहत म्याजलार से पोछीना के बीच बन रही सड़क का करीब दो किलोमीटर हिस्सा पिछले एक महीने से बंद पड़ा है। वहीं, छापण-नाचना मार्ग पर भी रेत के टीले बनने से यातायात ठप हो गया है। इससे वाहन चालक, आम लोग और बस संचालक परेशान हैं। वैकल्पिक रास्ता नहीं होने से ग्रामीण प्रशासन से सड़कों की तत्काल सफाई की मांग कर रहे हैं। मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए 90 किमी का चक्कर
बंद रास्तों का सबसे ज्यादा असर मरीजों पर पड़ रहा है। शनिवार को करड़ा निवासी मगसिंह अपनी बीमार मां को म्याजलार अस्पताल ले जा रहे थे। मठ ख्याला के पास उनकी गाड़ी रेत में धंस गई। करीब एक घंटे की कोशिश के बाद भी वाहन नहीं निकल सका और मरीज की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद उन्हें वापस लौटकर करीब 90 किलोमीटर का लंबा वैकल्पिक रास्ता तय कर अस्पताल पहुंचना पड़ा। ग्रामीण खुद करा रहे सफाई, फिर भी बनी हुई है परेशानी
ग्रामीण लालूसिंह सोढा ने बताया कि सरकारी स्तर पर राहत नहीं मिलने पर स्थानीय लोगों और निजी बस संचालकों ने चंदा जुटाकर अपने स्तर पर मिट्टी हटवाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवाओं से सड़क पर फिर से रेत जमा हो जाती है। नाचना क्षेत्र के छायण गांव के लोगों को बिजली विभाग, पंचायत समिति और उपनिवेशन विभाग के काम से रोज नाचना जाना पड़ता है, लेकिन मार्ग बंद होने से उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। दुपहिया वाहन चालक भी रेत में फिसलकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी और जिला प्रशासन से मार्ग को जल्द चालू कराने की मांग की है।

भगवान परशुराम सहित 5 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित:गौड़ ब्राह्मण सभा भवन में हुई मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा, भंडारे में उमड़े श्रद्धालु

हनुमानगढ़ में गौड़ ब्राह्मण सभा भवन में नवनिर्मित मंदिर में 5 देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। इनमें भगवान परशुराम, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान हनुमान, माता दुर्गा और भगवान भोलेनाथ शामिल हैं। इस धार्मिक समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना, हवन और यज्ञ के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर विश्व शांति, समाज की उन्नति और परिवारों की सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। नई पीढ़ी को संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना है उद्देश्य
सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि मंदिर की स्थापना का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना है। इसका लक्ष्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना भी है। यह मंदिर भविष्य में समाज के लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां नियमित रूप से धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। धार्मिक आयोजन के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए अटूट भंडारे की व्यवस्था की गई। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सेवा, श्रद्धा और सामाजिक एकता का वातावरण देखने को मिला, जिसमें समाज के वरिष्ठजनों के साथ युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर डॉ. एम.पी. शर्मा, डॉ. भारत भूषण शर्मा, आशीष पारीक, अखिलेश कौशिक, सुरेश कुमार कौशिक, ओमप्रकाश बिश्नोई, हंसराज शर्मा, प्रदीप एरी, सूर्यप्रकाश जोशी, रामनाथ शर्मा, महेंद्र कुमार शर्मा, भवानी शंकर शर्मा, मनोज पालीवाल, युवा ब्राह्मण सभा अध्यक्ष सुबोध शर्मा और बजरंग गौड़ सहित अनेक समाजबंधु मौजूद रहे।

भरतपुर में स्टूडेंट्स ने स्कूल के गेट पर लगाया ताला:ग्रामीण बोले-पढ़ाई नहीं हो रही; आंदोलन की चेतावनी, दो दिन का अल्टीमेटम

भरतपुर के उच्चैन क्षेत्र स्थित राजकीय संस्कृत विद्यालय, सैदपुरा में सोमवार को छात्रों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। करीब दो घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में 12 शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। 12 शिक्षकों और प्रिंसिपल का पद खाली
गांव के युवक विजय सिंह ने बताया कि विद्यालय में 12 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसके अलावा प्रिंसिपल का पद भी खाली है। इस कारण विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार इस समस्या से अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। 700 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार, जब उनकी सुनवाई नहीं हुई तो छात्रों और ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर तालाबंदी कर दी। प्रदर्शन के दौरान किसी भी शिक्षक को विद्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया गया। विद्यालय में करीब 700 विद्यार्थियों का नामांकन है, इसके बावजूद शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। दो दिन में कार्रवाई का भरोसा
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल परीक्षा कार्य चल रहा है, इसलिए वे उसमें व्यस्त हैं। परीक्षा समाप्त होते ही विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि दो दिन में टीचर नहीं लगाए गए तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।

कोटा में मानसून रूठा, 18% कम हुई बरसात:बारिश की कामना के लिए घास भैरव की सवारी निकाली, जानिए इस सप्ताह कैसा रहेगा मौसम

कोटा में मानसून की बेरुखी ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी है। गर्मी व उमस बरकरार है। बारिश पर ब्रेक लगने से पारा भी बढ़ने लगा है। बारिश की कामना को लेकर रविवार को शहर के छावनी इलाके के कुम्हारों के मोहल्ले से घास भैरव का 4.5 किलोमीटर तक नगर भ्रमण करवाया गया। इस दौरान व्यापारियों,महिलाओं ने पूजा अर्चना की मानसून में अच्छी बरसात के लिए प्रार्थना की। मौसम विभाग के अनुसार वेदर सिस्टम कमजोर बने रहने से फिलहाल मौसम ड्राई रहेगा। 15 जुलाई के बाद बारिश की संभावना जताई है। रविवार को 1 डिग्री तापमान बढ़ने के बाद अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री व न्यूनतम 28.6 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में 12 जुलाई तक 18% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 12 जुलाई तक औसत 173.3 मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 142.7 मिमी बारिश हुई है। जुलाई दूसरे सप्ताह तक पर्याप्त बारिश नहीं होने से खरीफ सीजन प्रभावित हो गया है। कृषि विभाग के अनुसार कोटा संभाग में खरीफ बुवाई का लक्ष्य 12.14 लाख हेक्टेयर रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 6.19 लाख हेक्टेयर (51.03%) क्षेत्र में ही बुवाई हो सकी है। करीब 5.81 लाख हेक्टेयर यानी 49 प्रतिशत क्षेत्र अब भी खाली पड़ा है। सबसे ज्यादा असर सोयाबीन पर पड़ा है।

युवक को चाकू घोंपा, कमर में फंस गया था:डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकाला बाहर, पुलिस ने तीनों भाइयों को दबोचा

उदयपुर में युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने अंबामाता थाना क्षेत्र स्थित एकलव्य कॉलोनी में तीन दिन पहले युवक पर हमला किया था। थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ ने बताया- पुलिस ने पहले दो सगे भाइयों हितेश रावत और निखिल रावत को हिरासत में लिया था। इसके बाद इनसे हुई कड़ाई से पूछताछ के आधार पर वारदात में शामिल तीसरे आरोपी और इनके सगे भाई हिमांशु रावत को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। घटना के बाद से ही तीनों भाई फरार चल रहे थे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है और मामले की अग्रिम जांच जारी है। गाड़ी लेकर जाते भाई पर पीछे से चाकू से हमला किया: पीयूष
प्रार्थी ने थाने में दी रिपोर्ट में बताया था कि उन्होंने लक्ष्मी रावत नाम की महिला से 2014 में प्लॉट खरीदा था। जिसका पेमेंट कर दिया था। उस महिला द्वारा हमसे बिना पूछे उस प्लॉट पर घर बनाया जा रहा है। जिसके लिए हमने उन्हें रोका। 10 जुलाई 2026 को भाई विनोद गाड़ी लेकर दुकान जा रहे थे। तभी महिला के तीन बेटों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू कमर और हाथ पर लगा। हमलावर ने इतनी तेज चाकू मारा कि कमर में पूरा चाकू घुस गया और वहीं फंसा रह गया। कमर में फंसे हुए चाकू के साथ ही घायल को गंभीर हालत में एमबी हॉस्पिटल कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन के बाद बड़ी मशक्कत से चाकू बाहर निकाला था। थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ के नेतृत्व में अमजद खान, आसिफ मोहम्मद, गोविंद सिंह, कांस्टेबल करतार, राजकमल और ओमप्रकाश इस कार्रवाई में शामिल थे।

डूंगरपुर नगर परिषद में 2 दिन में आयुक्त बदले:ललित सिंह देथा नए आयुक्त, भंवराराम को सचिव का प्रभार

डूंगरपुर नगर परिषद में स्वायत्त शासन विभाग ने 2 दिन बाद ही आयुक्त को फिर बदल दिया। भंवराराम की जगह अब ललित सिंह देथा नए आयुक्त होंगे। जबकि भंवराराम को सचिव के पद पर लगाया है। दो दिनों में ही इस बदलाव को लेकर कई तरह की चर्चाएं है। डूंगरपुर नगर परिषद में ट्रांसफर लिस्ट के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। स्वायत्त शासन विभाग की ओर से 2 दिन पहले जारी ट्रांसफर लिस्ट में डूंगरपुर नगर परिषद के अयुक्त प्रकाश डूडी का ट्रांसफर कर दिया गया। उनकी जगह भंवराराम को डूंगरपुर नगर परिषद का आयुक्त लगाया। लेकिन अब 2 दिन बाद ही फिर एक आदेश में भंवराराम की जगह ललित सिंह देथा को आयुक्त लगाया है। देथा अभी आयुक्तालय में आदेशों की प्रतिक्षा में थे। आदेश ने ट्रांसफर की लेकर प्रशासनिक कारण बताए गए है।
उसी आदेश में भंवराराम को आयुक्त की जगह अब सचिव का चार्ज दिया गया है। 2 दिन में हो इन फेरबदल को लेकर राजनीतिक कारण भी बताए जा रहे है। ऐसे में कई तरह की चर्चाएं चल रही है।

पुलिसकर्मी के परिवार पर तलवारों से हमला:4 के सिर फोड़े, महिलाओं समेत 6 घायल, खेत की डोल पर विवाद

अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के बड़ा गांव (नेथला) में रविवार दोपहर खेत की मेड़ (डोल) के विवाद को लेकर एक पुलिसकर्मी के परिवार पर तलवार और लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया गया। इस हमले में 3 महिलाओं सहित परिवार के 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पुलिसकर्मी वर्तमान में प्रतापगढ़ थाने में कार्यरत है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, पूरा विवाद पुश्तैनी खेत तक जाने वाले रास्ते को लेकर था। रविवार दोपहर जब लाखन सिंह का परिवार खेत पर जा रहा था, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते आरोपी पक्ष के लोग हाथों में तलवारें और लाठियां लेकर आए और लाखन सिंह के परिवार पर टूट पड़े। परिवार पर ताबड़तोड़ हमला किया आरोप है कि धर्मेंद्र राजपूत, जितेंद्र, दिलीप और गब्बर ने परिवार पर ताबड़तोड़ हमला किया। इस हमले में मनजीत सिंह, अमित सिंह, गीता देवी, उषा और मोनिका सहित छह लोग घायल हो गए। इनमें से 4 लोगों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, जबकि एक सदस्य के हाथ पर तलवार का गहरा घाव लगा है। मौके पर पहुंची पुलिस, आरोपियों की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही मालाखेड़ा थाना पुलिस भारी जाब्ते (बल) के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद से ही सभी आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

'नी रुह', 'मस्त बना दे' पर झूम उठे हजारों लोग:कंवर ग्रेवाल ने सूफी गीतों से बांधा समां, जिला स्थापना दिवस के समापन समारोह में उमड़ी भीड़

हनुमानगढ़ जिला स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 3न दिवसीय ‘पंच गौरव भटनेर उत्सव’ का समापन रविवार रात हुआ। राजीव गांधी स्टेडियम में ‘सुरमई संध्या’ स्टार नाइट कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रसिद्ध पंजाबी सूफी गायक कंवर ग्रेवाल ने अपनी प्रस्तुति दी। उनकी सूफी गायकी ने हजारों श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। कंवर ग्रेवाल ने अपनी चर्चित सूफी प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने ‘नी रुह’, ‘मस्त बना दे’ जैसे लोकप्रिय सूफियाना गीत प्रस्तुत किए, जिन पर दर्शक झूम उठे। इन गीतों ने माहौल को भक्तिमय और संगीतमय बना दिया। बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, परिवार और संगीत प्रेमी कार्यक्रम का आनंद लेने पहुंचे और तालियों से कलाकार का उत्साहवर्धन किया। लाइट शो ने बांधा समां
स्टार नाइट के दौरान मंच पर आधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था की आकर्षक प्रस्तुति की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच दर्शकों में पूरे समय उत्साह बना रहा। स्टेडियम देर रात तक खचाखच भरा रहा, जहां लोगों ने कलाकार की हर प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, एसपी नरेंद्र सिंह मीणा, एडीएम उम्मेदीलाल मीणा, एडीएम (सतर्कता) कुलदीप ढिल्लों, भाजपा नेता अमित साहू, विधायक प्रतिनिधि सुरेश भार्गव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और लोग मौजूद रहे।

शुरुआती गिरावट के बाद संभला बाजार:सेंसेक्स 47 अंक बढ़कर 77616 पर बंद, IT और मीडिया शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही

शेयर बाजार में आज यानी 13 जुलाई को शुरुआती गिरावट के बाद फ्लैट कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स 47 अंक बढ़कर 77,616 पर बंद हुआ। निफ्टी में 4 अंक बढ़त रही, ये 24,211 पर बंद हुआ। इससे पहले सेंसेक्स 606 अंक गिरकर 76,963 पर ओपन हुआ था। निफ्टी में भी 167 अंक की गिरावट थी। IT, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही। FMCG और मेटल शेयर्स ज्यादा बिकवाली रही। कच्चा तेल 4% चढ़कर 79 डॉलर पर पहुंचा कच्चे तेल की कीमतें भी 4% चढ़कर दोबारा 79 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि ईरान के साथ हुआ समझौता अब खत्म हो चुका है। इसके बाद से पेट्रोल डीजल के दाम में तेजी है। एशियाई बाजारों में भी आज मिला-जुला कारोबार रहा 10 जुलाई को अमेरिकी बाजार में बढ़त रही थी बीते 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने 4,427 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। शुक्रवार को बाजार में रही थी तेजी इससे पहले बीते हफ्ते यानी शुक्रवार, 10 जुलाई को बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया था।

मॉडल आंसर-की पर आपत्ति दर्ज कराने की लास्ट डेट आज:स्टैंडर्ड बुक्स के प्रमाण देना जरूरी, लेक्चरर एंड कोच भर्ती के 9 सब्जेक्ट का मामला

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से 10 जून व 11 जून को आयोजित लेक्चरर एंड कोच (माध्यमिक शिक्षा) ,एग्जाम- 2025 के 9 सब्जेक्ट की आंसर-की पर आपत्ति दर्ज कराने की आज लास्ट डेट है। इसमें जनरल स्टडिज ग्रुप सी, कोच एथेलेटिक्स, कोच बास्केट बॉल, कोच हैंड बॉल, कोच कबड्डी, कोच टेबिन टेनिस, कोच वॉलीबॉल, जीके ग्रुप डी एवं फिजिकल एज्युकेशन शामिल हैं। आपत्तियां आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न पत्र के क्रमानुसार ही दर्ज करनी होगी। परीक्षा के मॉडल प्रश्न पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। रात 12 बजे तक आपत्ति दर्ज कराने का समय है। बिना प्रमाण आपत्ति पर विचार नहीं होगा मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आपत्तियां केवल इन मॉडल प्रश्न-पत्रों के क्रम के अनुसार ही दर्ज की जा सकती हैं। हर आपत्ति के साथ प्रामाणिक (स्टैंडर्ड और ऑथेंटिक) पुस्तकों से प्रमाण अटैच करना जरूरी है। बिना प्रमाण के आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। आपत्ति केवल अभ्यर्थी स्वयं ही दर्ज कर सकते हैं। कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल नहीं हो सकता। यहां करें कॉन्टेक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 और 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं। ……….. पढें ये खबर भी…. इंजीनियर्स का 2 लाख का खेल,चहेतों को 43.86-करोड़ का ठेका:पोल खुली तो 50 लाख के टेंडर देने वाला SE सस्पेंड, करोड़ों वालों पर एक्शन नहीं अजमेर डिस्कॉम (14 जिलों) के अंदर एक बड़ा खेल सामने आया है। इंजीनियर्स ने पिछले दो सालों में 43.86 करोड़ के टेंडर अपने चहेते ठेकेदारों को दे दिए। इसके लिए उन्होंने एक नियम का फायदा उठाया, जिसमें 2 लाख से कम के काम के लिए ई टेंडर जारी करने की जरूरत नहीं होती। (पूरी खबर पढें)