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दौसा में घर से लाखों के जेवर और कैश चोरी:सो रहे परिवार को कुंदी लगाकर कमरे में बंद किया

दौसा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के धूलकोट गांव में लाखों रुपए की चोरी की वारदात सामने आई है। बीती देर रात अज्ञात चोर एक घर में घुस गए और 1 लाख रुपए नकद तथा करीब 10 लाख रुपए के जेवरात चोरी कर फरार हो गए। वारदात का पता सोमवार सुबह उस समय लगा, जब परिवार के लोगों ने देखा कि कमरों की कुंदी बाहर से बंद है। सूचना मिलने पर मानपुर डिप्टी एसपी धर्मराज चौधरी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए। बच्चू सिंह गुर्जर के घर हुई वारदात जानकारी के अनुसार चोरी की वारदात धूलकोट गांव निवासी बच्चू सिंह गुर्जर के घर में हुई। गर्मी के कारण परिवार के कुछ सदस्य घर के बाहर सो रहे थे, जबकि कुछ लोग कमरों में सो रहे थे। देर रात चोरों ने घर में घुसकर अंदर सो रहे लोगों के कमरों के दरवाजों की कुंदी बाहर से लगा दी। इसके बाद चोर एक-एक कर तीन कमरों में पहुंचे और वहां रखी अलमारियों को खंगाला। अलमारी से नकदी और जेवर लेकर फरार हुए चोर चोर अलमारी में रखे 1 लाख रुपए नकद और करीब 10 लाख रुपए के जेवरात चोरी कर मौके से फरार हो गए। परिवार के लोगों को रात में वारदात की भनक तक नहीं लगी। सुबह जब परिवार के सदस्य उठे तो कमरों की कुंदी बाहर से बंद मिली। कुंदी खुलवाने के बाद दूसरे कमरों में जाकर देखा तो चोरी की घटना का पता चला। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर मानपुर थाना पुलिस और मानपुर डिप्टी एसपी धर्मराज चौधरी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मौका मुआयना किया। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। एक ही रात में दो घटनाओं से लोगों में नाराजगी मानपुर थाना क्षेत्र में एक ही रात में दो घटनाएं सामने आने से लोगों में नाराजगी है। धूलकोट में चोरी और सिकराय में एटीएम लूट के प्रयास की घटना के बाद लोगों ने पुलिस गश्त व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:मेल में लिखा-जनमानस को नुकसान पहुंचाना हमारा इरादा नहीं, केवल बिल्डिंग को नुकसान होगा

राजस्थान हाईकोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली हैं। हाईकोर्ट प्रशासन को रात 12 बजकर 19 मिनट पर आए मेल में कहा गया कि जनमानस को नुकसान पहुंचाना हमारा इरादा नहीं है, लेकिन बिल्डिंग को नुकसान होगा, इसलिए 6 जिलेटिन बम प्लांट किए गए हैं सुबह प्रशासन ने मेल देखा, उसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी गई। हालांकि समय पर सूचना मिलने से कोर्ट समय से पहले ही बम स्कवायड और डॉग स्कवायड ने पूरे परिसर की सघन तलाशी पूरी कर ली। जिससे हाईकोर्ट में सुनवाई बाधित नहीं हुई। तलाशी अभियान में किसी भी प्रकार की कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, जिसके बाद हाईकोर्ट परिसर को करीब 9:30 बजे खोल दिया गया। इससे पहले 13 अप्रेल को हाईकोर्ट की जयपुर बैंच को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। हाईकोर्ट परिसर में तलाशी की PHOTOS
साढ़े 8 महीने में 13वीं बार मिली बम की धमकी
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बैंच को पिछले साढ़े 8 महीने में 13वीं बार बम से उड़ाने की धमकी मिली है। 31 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट प्रशासन के पास पहली बार धमकी भरा मेल आया था। लेकिन उसके बाद से लगातार कुछ समय के अंतराल में इस तरह के मेल आ रहे हैं। इसके बाद हाईकोर्ट को 5 दिसंबर, 8, 9, 10 और 11 दिसंबर को धमकी मिली। वहीं, साल 2026 में 6, 17,19,20 फरवरी को हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इसके बाद 17 मार्च को और 13 अप्रेल को भी राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिल थी।

एयरफोर्स स्टेशन पर कर्मचारी की मौत:बुजुर्ग महिला को पड़ोसियों ने पीटा, ब्लैकमेल कर युवती से किया रेप; पढ़िए- जोधपुर शहर की क्राइम की खबरें

जोधपुर कमिश्नरेट के पूर्व व पश्चिम जिले में पिछले 24 घंटों में ठगी, रेप, जालसाजी की वारदात सामने आई हैं। एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात कर्मचारी की मौत हो गई। आपसी विवाद में पड़ोसियों ने घर में घुसकर हमला कर तोड़फोड़ की। मार्बल-ग्रेनाइट के नाम पर धोखाधड़ी की गई। वहीं युवती को ब्लैकमेल कर उससे रेप का मामला सामने आया है। 1. एयरफोर्स स्टेशन पर कर्मचारी की मौत एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के अंतर्गत एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात कार्मिक की ड्यूटी के दौरान अचानक से तबियत बिगड़ गई। एंबुलेंस से मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 36 साल के आलोक कुमार सिंह मूल रूप से भदसान, जिला औरैया उत्तर प्रदेश के थे। उन्हें ड्यूटी के दौरान अचानक चक्कर आए थे। उनके पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की। 2. युवती ने ब्लैकमेल का लगाया आरोप क युवती को ब्लैकमेल कर उससे रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसके अश्लील फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रुपए मांगे। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज करवाया है। 3. आपसी रंजिश में पड़ोसियों पर हमला नागौरी गेट थाना इलाके में पड़ोसियों की गाड़ियों में तोड़फोड़ और हमले के दो मामले सामने आए है। जालौरियों का बास और शिप हाउस सरगरा कॉलोनी में आपसी रंजिश के चलते पड़ोसियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया। बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी कार के कांच फोड़ दिए और बीच-बचाव करने आए परिवार पर हमला कर दिया। वहीं मेहता जी का नोहरा (जालौरियों का बास) निवासी बुजुर्ग हेमराज खत्री (67) ने नागौरी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि आपसी विवाद को लेकर पड़ोस में ही रहने वाले संजय टांक, और बेटे गौरव टांक ने एक राय होकर उनके घर पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने घर के बाहर खड़ी उनकी कार के कांच पत्थरों से तोड़ दिए और विरोध करने पर उनके बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट की। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच एएसआई मदनसिंह को सौंपी है। 4. 73 साल की बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर तोड़फोड़ नागौरी गेट इलाके की ही दूसरी घटना शिप हाउस सरगरा कॉलोनी की है। यहां रहने वाली 73 साल की बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाले श्रवण कुमार और अन्य ने एक राय होकर उनके घर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। आरोपियों ने घर का सामान तोड़ दिया और जान से मारने की नीयत से बुजुर्ग महिला और उसके बेटे पर हमला कर दिया। 5. मार्बल-ग्रेनाइट के नाम पर धोखाधड़ी माता का थान इलाके में गुलाब नगर निवासी कैलाशदान चारण से मकान निर्माण के लिए मार्बल व ग्रेनाइट लाने के नाम पर लाखों रुपए हड़प लिए गए। आरोपी ईसा कालबेलिया ने रुपए लेने के बाद न तो माल दिया और न ही पैसे लौटाए। पीड़ित ने 7 लाख रुपए की ठगी को लेकर मामला दर्ज करवाया है। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है। 6. करवड़ में चेन स्नैचिंग की वारदात कमिश्नरेट के करवड़ थाना क्षेत्र में चैन स्नेचिंग का मामला सामने आया है। नेतड़ा निवासी भानाराम जाट (35) ने रिपोर्ट दी कि आरोपी सुनील मदेरणा ने उसके साथ बीच रास्ते में मारपीट की और गले में पहनी 2 तोले की सोने की चेन झपट कर भाग गया। 7. अवैध शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार बोरानाडा पुलिस ने आशियाना द्वारका के पीछे धीनाला नाडा से सांगरिया निवासी दिनेश गुर्जर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से बिना लाइसेंस के बेची जा रही अवैध देसी शराब के 42 पव्वे बरामद किए गए हैं।

कोटा MBS अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड को सांप ने काटा:लाइट बोर्ड के पीछे छिपा था 2 फीट लंबा वुल स्नेक ,स्नेक कैचर ने रेस्क्यू किया

कोटा शहर के एमबीएस अस्पताल के एक सिक्योरिटी गार्ड को ड्यूटी के दौरान सांप ने काट लिया। घटना अस्पताल की रोकड़ शाखा के पास हुई, जहां लाइट बोर्ड के पीछे छिपे करीब दो फीट लंबे वुल स्नेक ने गार्ड की उंगली पर काट लिया। सांप के काटते ही उंगली से खून निकलने लगा। घबराकर गार्ड महेंद्र सिंह तुरंत अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा, जहां उसका उपचार किया गया। वुल स्नेक के काटने से जान का खतरा नहीं घटना की सूचना मिलते ही स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने बताया कि लाइट बोर्ड के पीछे छिपा सांप वुल स्नेक था, जो देखने में जहरीले करैत जैसा लगता है, लेकिन यह जहरीला प्रजाति का सांप है। इसी भ्रम के कारण लोग अक्सर डर जाते हैं। गोविंद शर्मा ने बताया कि वुल स्नेक मुख्य रूप से कीड़े-मकोड़े, छिपकलियां और छोटे जीव खाता है। इसके काटने से जान का खतरा नहीं होता, लेकिन घाव में संक्रमण होने की आशंका रहती है, इसलिए तत्काल चिकित्सकीय उपचार जरूरी होता है। रेस्क्यू के दौरान सांप लाइट बोर्ड के पीछे छिपा मिला, जिसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर अस्पताल परिसर से बाहर निकाला गया। इसके बाद वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया। स्नेक कैचर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं सांप या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे नुकसान पहुंचाएं। तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि वन्यजीव और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल सिक्योरिटी गार्ड की हालत सामान्य बताई जा रही है।

महाराज ट्रॉफी फाइनल में द्रविड़ के बेटे का दोहरा प्रदर्शन:फिर भी टीम हारी, शिवमोगा योद्धा ने पहली बार खिताब जीता

राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ ने महाराजा ट्रॉफी के फाइनल मैच में दोहरा प्रदर्शन किया है। उन्होंने बेंगलुरु ब्लास्टर्स की ओर से 37 रन बनाए। साथ ही 4 विकेट भी झटके। हालांकि, ऑलराउंड प्रदर्शन के बावजूद वे अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रविवार को खेले फाइनल को शिवमोगा योद्धा ने 4 विकेट से जीत लिया। उसके कप्तान लुवनिथ सिसोदिया ने 45 गेंदों पर 87 रन की मैच विनिंग पारी खेली। लुवनिथ प्लेयर ऑफ द फाइनल चुने गए। जबकि, अभिलाष शेट्‌टी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे। शेट्‌टी ने 18 विकेट झटके। द्रविड़-हेगड़े में फिफ्टी पार्टनरशिप, ब्लास्टर्स 185/8 टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 185 रन बनाए। समित द्रविड़ ने 37 गेंदों पर 37 रन बनाए। उन्होंने कप्तान शुभांग हेगड़े (31 रन) के साथ चौथे विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी की। सिसोदिया की कप्तानी पारी ने शिवमोगा को जिताया 186 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शिवमोगा ने 19.4 ओवर में 6 विकेट पर 186 रन बनाकर मैच खत्म कर दिया। अंत में अनीश केवी 19 गेंदों में 38 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत दिलाई। कप्तान लुवनिथ सिसोदिया ने 9 चौके और 4 छक्कों की मदद से 87 रन बनाए। उन्होंने पहले नवीन एमजी के साथ 68 रन और फिर अनीश केवी के साथ सिर्फ 22 गेंदों में 53 रन जोड़कर मैच शिवमोगा के पक्ष में कर दिया। ——————————– राहुल द्रविड़ से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… द्रविड़ इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच बन सकते हैं, एंडी फ्लावर, फ्लिंटॉफ और लैंगर के नाम पर भी चर्चा टीम इंडिया के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल हैं। ब्रेंडन मैकुलम के पद छोड़ने के बाद ECB (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) पॉसिबल कैंडीडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है, जिसमें द्रविड़ का नाम भी है। पढ़ें पूरी खबर

पेट के मरीज को दे दी किडनी की दवा, मौत:ऑक्सीजन और ICU में देरी; परिजनों ने JLN अस्पताल पर लगाए लापरवाही के आरोप

अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती मरीज के इलाज में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मरीज के परिजनों का आरोप है कि पेट की बीमारी के चलते बुजुर्ग किसान को भर्ती करवाया गया था, हॉस्पिटल स्टाफ की लापरवाही से जांच रिपोर्ट बदल गई। जिससे डॉक्टरों ने किडनी की बीमारी की दवा दे दी। इससे भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा निवासी 66 वर्षीय किसान की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने उनकी जांच रिपोर्ट किसी अन्य महिला मरीज की रिपोर्ट से बदल दी। गलत रिपोर्ट से इलाज चलता रहा। हालत बिगड़ने के बाद भी समय पर ऑक्सीजन, ट्रॉली और आईसीयू की व्यवस्था नहीं हो सकी। परिजनों ने कोतवाली थाने में शिकायत देकर दोषी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं जेएलएन हॉस्पिटल के अधीक्षक अरविंद खरे ने कहा- मरीज के परिजनों की शिकायत के बाद जांच कमेटी बनाई गई है। जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा है। गैस्ट्रोलॉजी की समस्या पर भीलवाड़ा से किया गया था रेफर मृतक किसान के मित्र धनराज ने बताया-भंवरलाल को पेट संबंधी बीमारी थी। महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा मे इलाज चल रहा था। 9 जुलाई को जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया था। दोपहर करीब तीन बजे उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर इलाज शुरू किया। पहली रात तबीयत सुधरी, अगले दिन अचानक बिगड़ने लगी हालत भंवरलाल के बेटे पप्पू लाल ने बताया- भर्ती होने के बाद रात तक मेरे पिताजी की तबीयत में काफी सुधार था। वे सामान्य बातचीत कर रहे थे और उन्हें दलिया व नारियल पानी भी दिया गया। डॉक्टरों ने उन्हें सामान्य वार्ड में भर्ती रखा। लेकिन 10 जुलाई की सुबह नया इलाज शुरू होने के बाद शाम तक उनकी मानसिक स्थिति बदलने लगी। वे परिजनों को पहचान नहीं पा रहे थे, बहकी-बहकी बातें करने लगे और रात में दर्द से तड़पते हुए बार-बार उठकर भागने की कोशिश कर रहे थे। परिजनों ने ड्यूटी स्टाफ को इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। रात दो बजे बेटे खोली फाइल, सामने आई बड़ी चूक पप्पू लाल ने बताया- रविवार रात करीब दो बजे बेड के पास रखी मेडिकल फाइल देखी तो मैं हैरान रह गया। फाइल में मेरे पिताजी की जांच रिपोर्ट के बजाय वार्ड में भर्ती एक युवती कोमल की रिपोर्ट लगी हुई थी। आरोप है कि उसी रिपोर्ट के आधार पर भंवरलाल को दवाइयां और इंजेक्शन दिए जा रहे थे। परिजनों का कहना है कि गलत इलाज के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। डॉक्टर बदलते रहे बीमारी के कारण परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर अलग-अलग बीमारियां बताते रहे। सुबह एक डॉक्टर ने दिमाग में टीबी होने की आशंका जताते हुए रीढ़ की हड्डी से सैंपल लेने की बात कही। बाद में दूसरे डॉक्टर ने पेट का कैंसर होने की संभावना बताई। परिजनों का कहना है कि दोनों डॉक्टर गलत फाइल में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर ही इलाज कर रहे थे। ICU शिफ्ट करने में देरी, खाली निकला ऑक्सीजन सिलेंडर परिजनों के मुताबिक 12 जुलाई की रात भंवरलाल की हालत बेहद गंभीर हो गई। उन्होंने बार-बार स्टाफ से आईसीयू में शिफ्ट करने और बलगम साफ कराने की गुहार लगाई, लेकिन समय पर कोई मदद नहीं मिली। परिजनों को खुद ट्रॉली तलाशनी पड़ी, जिसमें करीब 20 मिनट लग गए। इसके बाद जो ऑक्सीजन सिलेंडर लाया गया, वह भी खाली निकला। दूसरा सिलेंडर लाने और मरीज को इमरजेंसी से आईसीयू तक पहुंचाने में और समय लग गया। वार्ड में पहुंचने से पहले ही भंवरलाल ने दम तोड़ दिया। आईसीयू में ईसीजी करने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने दी शिकायत पप्पू लाल ने कोतवाली थाने में शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल की लापरवाही से चली गई। दोषी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना न हो। — ये खबर भी पढ़ें… मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान युवक की मौत:भाई बोला- गलत इंजेक्शन लगाने से जान गई, डॉक्टर फरार बाड़मेर में मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान एक युवक की ज्यादा तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस दौरान झोलाछाप डॉक्टर वहां से भाग गया। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना बाड़मेर शहर के थार हॉस्पिटल के पास की गली हरियाणा नागल मेडिकल स्टोर पर शाम करीब 8 बजे की है। (पूरी खबर पढ़ें)

राजस्थान में शिक्षा विभाग के 1.20 लाख पद खाली:टोंक में 3588 मंजूर पदों में से 1041 पद रिक्त, पढ़ाई पर पड़ रहा असर

सरकार शिक्षा में सुधार, नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट कम करने के दावे कर रही है, लेकिन स्कूलों में स्टाफ की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। शाला दर्पण पोर्टल के 1 जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में शिक्षा विभाग के मंजूर 4 लाख 13 हजार 910 पदों में से 2 लाख 93 हजार 760 पदों पर ही कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 1 लाख 20 हजार 150 पद खाली पड़े हैं। टोंक जिले में भी 3588 मंजूर पदों में से 2547 पद भरे हुए हैं, जबकि 1041 पद खाली हैं। स्कूलों में शिक्षक, प्रिंसिपल, प्रयोगशाला सहायक, लाइब्रेरियन और सहायक कर्मचारियों की कमी के कारण पढ़ाई की गुणवत्ता, नामांकन और बच्चों के स्कूल में बने रहने पर असर पड़ रहा है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि पर्याप्त स्टाफ के बिना शिक्षा सुधार के लक्ष्य कैसे पूरे होंगे। एक शिक्षक को पढ़ानी पड़ रही कई कक्षाएं राज्य के सरकारी स्कूलों में मानव संसाधनों की भारी कमी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। कई स्कूलों में शिक्षक कम होने के कारण एक ही शिक्षक को कई कक्षाएं पढ़ानी पड़ रही हैं। वहीं कई जगहों पर विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में स्थिति और ज्यादा गंभीर है। कई स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के कारण पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ के बिना शिक्षा सुधार की योजनाएं जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पाएंगी। भर्ती के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुश्किल शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि जब तक स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद नहीं भरे जाएंगे, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग को जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। साथ ही बकाया वरिष्ठ अध्यापक और लेक्चरर पदोन्नति, स्टाफिंग पैटर्न, पदोन्नत प्रिंसिपल और उप प्रिंसिपल की काउंसलिंग प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर खाली पद भरने चाहिए। नामांकन और ठहराव पर भी पड़ रहा असर सरकार की ओर से नामांकन बढ़ाने के लिए अलग-अलग अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और गतिविधियां नहीं होने के कारण बच्चों का स्कूल से जुड़ाव कमजोर पड़ जाता है। जहां शिक्षक कम होते हैं वहां पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती। गतिविधियां सीमित रह जाती हैं और बच्चों की पढ़ाई में रुचि कम होने लगती है। ऐसी स्थिति में कई बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं या नियमित रूप से स्कूल नहीं आते। राजस्थान में शिक्षा विभाग में पदों की स्थिति टोंक जिले में पदों की स्थिति सहायक कर्मचारियों की कमी भी बनी परेशानी स्कूलों में केवल शिक्षकों की ही नहीं बल्कि प्रशासनिक और सहायक कर्मचारियों की कमी भी कामकाज को प्रभावित कर रही है। कनिष्ठ सहायक, वरिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला परिचारक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हजारों पद खाली हैं। इसके कारण कई स्कूलों में शिक्षकों को ही कार्यालय और प्रबंधन से जुड़े काम भी संभालने पड़ते हैं। इससे पढ़ाई के लिए मिलने वाला समय कम हो जाता है और शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है।

डीडवाना में 11,111 हनुमान चालीसा पाठ किए:श्री दोजराज गणेश मंदिर में 6 साल पूरे होने का मनाया उत्सव

डीडवाना के श्री दोजराज गणेश मंदिर में राष्ट्र एवं धर्म जागृति के उद्देश्य से भव्य हनुमान चालीसा महापाठ का आयोजन किया गया। यह आयोजन मंदिर में हर मंगलवार और शनिवार को होने वाले सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के 6 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में हुआ। इस अवसर पर 11,111 सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किए गए। राजेंद्र प्रसाद पटवारी ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य यजमान नटवरलाल बांगड़ परिवार ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान हनुमान का विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर मंदिर समिति ने नटवरलाल बांगड़ परिवार सहित आयोजन में सहयोग करने वाले सभी सदस्यों का सम्मान किया। 111 दीपों से भव्य महाआरती में उमड़े श्रद्धालु
पंडित उमेश गौड़, गिरिराज जोशी और शरद पुरोहित सहित अन्य विद्वान आचार्यों के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया।
कार्यक्रम का समापन पुजारी रामावतार दाधीच के नेतृत्व में 111 दीपों से भव्य महाआरती के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को नियमित रूप से हनुमान चालीसा पाठ में भाग लेने वाले बालक-बालिकाओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

काशी, मथुरा, संभल में सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता से इनकार:हिंदू-मुस्लिम पक्ष ने कहा- बातचीत से समाधान नहीं, मुकदमा लड़कर फैसला चाहते हैं

यूपी के तीन मंदिर-मस्जिद विवादों को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। ये तीनों विवाद वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद, मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह और संभल की शाही जामा मस्जिद से जुड़े हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए ‘समाधान समारोह 2026’ पहल के तहत लेटर भेजकर मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया था और दोनों पक्षों से सहमति मांगी थी। हालांकि, किसी भी पक्ष ने इसके लिए सहमति नहीं दी। हालांकि कोर्ट ने यह लेटर कब भेजा था, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों पक्षों ने कहा है कि वे अदालत में ही मुकदमा लड़कर फैसला चाहते हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट परिसर में 21 से 23 अगस्त तक ‘समाधान समारोह’ के तहत विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय बातचीत के जरिए हल निकालना है।

अजमेर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:ईमेल में लिखा-6 ब्लास्ट होंगे, जजों को बाहर निकालो; सुरक्षा बलों ने खंगाला चप्पा-चप्पा

अजमेर कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने का धमकी उड़ाने का ईमेल मिला। धमकी मिलते ही सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे सीओ (नॉर्थ) शिवम जोशी और सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। कोर्ट परिसर खाली होने के कारण सुरक्षा बलों को सर्च ऑपरेशन चलाने में आसानी हुई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की तत्काल घेराबंदी कर दी। इसके बाद कोर्ट के चैंबर, पार्किंग एरिया, मुख्य कोर्ट भवन और बाहरी हिस्से के चप्पे-चप्पे की बारीकी से तलाशी ली गई। धमकी भरे मेल में लिखा- कोर्ट ऑफिस में जल्द ही 6 जिलेटिन बम ब्लास्ट होंगे। दुर्गा स्टालिन ने शिया मुसलमान की मदद से पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है। सभी जजों को बाहर निकाल दिया जाए। हमारा मकसद सिर्फ प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना है।
अब देखिए, सर्च ऑपरेशन से जुड़ी PHOTOS… खाली कोर्ट परिसर की घेराबंदी कर चप्पे-चप्पे की ली गई तलाशी सीओ (नॉर्थ) शिवम जोशी ने बताया कि जिला न्यायाधीश की ओर से पुलिस को इस धमकी भरे ईमेल की सूचना दी गई थी, जिसमें कोर्ट परिसर में जिलेटिन की छड़ों से विस्फोट करने का सनसनीखेज दावा किया गया था। सूचना मिलते ही शुरू किए गए इस सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा टीमों ने पूरे परिसर को खंगाल डाला, लेकिन राहत की बात यह रही कि गहन तलाशी के बाद भी वहां किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। पिछले एक सप्ताह के भीतर अजमेर शहर में बम से उड़ाने की यह दूसरी बड़ी धमकी है। इससे महज चार दिन पहले आरटीओ (RTO) कार्यालय को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया था। साइबर सेल खंगाल रही IP एड्रेस, पुलिस बोली- मामले को हल्के में नहीं लेंगे सीओ शिवम जोशी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह ईमेल भी पूर्व में मिले धमकी भरे मेल की तरह ही शरारतपूर्ण या दुर्भावनापूर्ण (होक्स) प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सुरक्षा के लिहाज से इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं ले रही है। पुलिस और साइबर सेल की टीमें अब दोनों ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस करने, मेल भेजने वाले शातिर की पहचान करने और उसके पूरे नेटवर्क व वास्तविक उद्देश्य का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच में जुटी हैं।