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रीको के सीनियर-DGM रिटायरमेंट से 21-दिन पहले रिश्वत लेते गिरफ्तार:जूनियर असिस्टेंट को भी पकड़ा; 2 कामों के लिए मांगी थी अलग-अलग घूस

अजमेर में राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) के सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) को शुक्रवार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। सीनियर डीजीएम का 31 जुलाई को रिटायरमेंट था। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने ब्यावर में रीको के जूनियर असिस्टेंट को भी घूस लेते पकड़ा है। दोनों अधिकारी प्लॉट अलॉटमेंट के बाद पट्टा जारी करने और प्रोडक्ट चेंज की अनुमति देने के नाम पर रिश्वत मांग रहे थे। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को दोपहर करीब 2 बजे सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर जयपुर हेड ब्रांच जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन एसीबी ने दोपहर करीब 12 बजे ही गिरफ्तार कर लिया। पहले देखिए, कार्रवाई से जुड़ी 2 PHOTOS.. एक ही प्लॉट के लिए 2 अफसरों ने मांगी अलग-अलग रिश्वत
एडिशनल एसपी मनोज गुप्ता ने बताया- शिकायतकर्ता की ओर से एसीबी को एक शिकायत मिली थी। इसमें शिकायतकर्ता ने बताया था कि सरथाना इंडस्ट्रियल एरिया में प्लॉट अलॉटमेंट के बाद पट्टा जारी करने और प्रोडक्ट चेंज की अनुमति देने के नाम पर रीको के अफसर रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत के वेरिफिकेशन के बाद एसीबी ने ब्यावर और अजमेर में एक साथ ट्रैप की कार्रवाई की। अजमेर में रीको के यूनिट हेड (सीनियर डीजीएम) अंजय विश्वकर्मा को 50 हजार रुपए और ब्यावर में जूनियर असिस्टेंट कमलेश गुर्जर को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। एडिशनल एसपी ने बताया- जूनियर असिस्टेंट कमलेश गुर्जर के पास पट्टा जारी करने की फाइल पेंडिंग थी, जबकि यूनिट हेड अंजय विश्वकर्मा के पास प्रोडक्ट चेंज का काम पेंडिंग था। एक ही प्लॉट के काम के लिए दोनों अधिकारियों ने अलग-अलग रिश्वत मांगी थी। फिलहाल इस मामले में एसीबी की जांच जारी है। दोनों आरोपियों के आवास और ठिकानों पर सर्च जारी है। 31 जुलाई को रिटायर होने वाले थे सीनियर DGM
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए यूनिट हेड (सीनियर डीजीएम) अंजय विश्वकर्मा 31 जुलाई को रिटायर होने वाले थे। विश्वकर्मा की मूल पोस्टिंग किशनगढ़ में है, लेकिन उनके पास अजमेर का अतिरिक्त कार्यभार (चार्ज) भी था। ये खबर भी पढ़िए… भरतपुर में 2 पटवारी रिश्वत लेते गिरफ्तार:बाजार में 30 हजार लेते पकड़े गए; जमीन की माप और निशानदेही की एवज में मांगी थी घूस भरतपुर एसीबी ने 30 हजार की रिश्वत लेते दो पटवारियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पटवारी भू-प्रबंधन विभाग में तैनात थे। पढ़ें पूरी खबर

कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल चीन पहुंचा:लिपुलेख दर्रे पर चीनी सुरक्षा एजेंसियों ने दस्तावेज जांचे, दूसरा जत्था गुंजी पहुंचा

करीब पांच साल बाद शुरू हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा में शुक्रवार को पहला दल लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत (चीन) पहुंच गया है। 52 सदस्यीय दल ने सुबह 9 बजे सीमा पार की, जहां चीनी सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों के दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें प्रवेश दिया। पहला दल सुबह 7 बजे नाभीढांग से लिपुलेख दर्रे के लिए रवाना हुआ। दल में 48 श्रद्धालु, एक चिकित्सा कर्मी और तीन किचन स्टाफ शामिल थे। आईटीबीपी के जवान यात्रियों को सीमा तक लेकर पहुंचे। लिपुलेख दर्रे पर चीनी सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों के दस्तावेजों की जांच की, जिसके बाद दल को चीनी प्रशासन की निगरानी में कैलाश मानसरोवर यात्रा के अगले चरण के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं, तवाघाट-गुंजी सड़क कुछ समय बंद रहने से दूसरा दल देर से रवाना हुआ, लेकिन दोपहर तक सभी यात्री सुरक्षित गुंजी पहुंच गए। सड़क बंद होने से दूसरा दल डेढ़ घंटे रुका यात्रा का दूसरा दल शुक्रवार को धारचूला से गुंजी के लिए निकला। तवाघाट-गुंजी सड़क पर भूस्खलन के कारण मार्ग कुछ समय के लिए बंद हो गया, जिससे यात्रियों को करीब डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ा। सड़क खुलने के बाद दल आगे बढ़ा और दोपहर तक सभी यात्री गुंजी पहुंच गए। प्रशासन और कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने यात्रा मार्ग पर भोजन, आवास, स्वास्थ्य और सुरक्षा की व्यवस्थाएं बनाए रखीं। मौसम को देखते हुए यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर लगातार निगरानी की जा रही है। टनकपुर में CM धामी ने दिखाई थी हरी झंडी कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष करीब पांच साल बाद उत्तराखंड के टनकपुर-लिपुलेख मार्ग से फिर शुरू हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5 जुलाई को टनकपुर से पहले दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस वर्ष लिपुलेख मार्ग से 10 दलों में कुल 500 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। अब कितना आसान हुआ सफर इस बार कैलाश मानसरोवर यात्रा की कुल दूरी 1738 किलोमीटर होगी। इसमें लगभग 1690 किलोमीटर यात्रा वाहन से और सिर्फ 38 किलोमीटर पैदल ट्रेक रहेगा। साल 2019 से पहले यात्रियों को धारचूला से लिपुलेख दर्रे तक 60 किलोमीटर से ज्यादा पैदल चलना पड़ता था। रास्ते में ऑक्सीजन की कमी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण होती थी। अब भारत और चीन दोनों तरफ सड़क बनने के बाद यह यात्रा काफी आसान हो गई है। सीमावर्ती क्षेत्र तक वाहन पहुंचने लगे हैं, जिससे बुजुर्ग और पहली बार यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह यात्रा पहले की तुलना में ज्यादा सुलभ हो गई है। 2020 से बंद यात्रा इस साल फिर हुई शुरू कैलाश मानसरोवर यात्रा वर्ष 2020 से बंद थी। पहले कोरोना महामारी और बाद में पूर्वी लद्दाख के गलवान क्षेत्र में भारत-चीन सीमा पर सैन्य तनाव के कारण यात्रा का संचालन लगातार बंद रहा। दोनों देशों के बीच सहमति बनने के बाद इस वर्ष यात्रा दोबारा शुरू हुई है। उत्तराखंड के लिपुलेख मार्ग से जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए टनकपुर पहला प्रमुख पड़ाव है। यहां से यात्री पिथौरागढ़, धारचूला और गुंजी होते हुए लिपुलेख दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर पहुंचेंगे। इस बार यात्रा के लिए दो मार्ग निर्धारित किए गए हैं – उत्तराखंड का लिपुलेख दर्रा और सिक्किम का नाथूला दर्रा। क्यों खास है इस साल की यात्रा इस साल की कैलाश मानसरोवर यात्रा धार्मिक दृष्टि से भी बेहद खास मानी जा रही है। 60 वर्षों बाद अग्नि अश्व वर्ष का दुर्लभ योग बन रहा है, जिसे हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। तिब्बती ज्योतिष दौलत रायपा के अनुसार यह 60 साल के चक्र का विशेष वर्ष होता है। मान्यता है कि इस वर्ष की गई एक परिक्रमा का फल सामान्य वर्षों की 12 परिक्रमा के बराबर होता है। इसी वजह से इस बार देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से श्रद्धालुओं के इस यात्रा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। —————– ये खबर भी पढ़ें : भारत-चीन व्यापार की शुरुआत टली: गुंजी में इंतजार कर रहे 100 भारतीय व्यापारी; चीन ने कहा- दुकानों और गोदामों का काम जारी उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से छह साल बाद शुरू होने जा रहे परंपरागत भारत-चीन व्यापार की शुरुआत एक बार फिर टल गई है। भारतीय व्यापारियों को 8 जुलाई तक चीन के तकलाकोट पहुंचना था, लेकिन वहां मंडी, दुकानें और गोदाम तैयार नहीं होने से व्यापार की तारीख आगे बढ़ गई। पढ़ें पूरी खबर…

वकील ने CJI का नाम लेकर अपशब्द कहे:सुप्रीम कोर्ट में जजों को आदेश देने लगा, फाइल फेंकी; सिक्योरिटी ने बाहर निकाला

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एक वकील ने हंगामा किया। सीजेआई सूर्यकांत को अपशब्द कहे और फाइल भी फेंकी। इस दौरान सीजेआई कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थे। यह घटना जस्टिस केवी विश्वनाथन, जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने हुई। हंगामे के बाद कोर्ट के आदेश पर सिक्योरिटी ने वकील को तुरंत बाहर निकाल दिया। जब उस याचिकाकर्ता वकील ने अभद्रता शुरू की, तब कोर्ट रूम में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। दिल्ली पुलिस वकील को पूछताछ के लिए ले गई है। कोर्ट रूम में हुए हंगामे की 2 तस्वीरें… जज बोले- वकील से सहानुभूति, पूरा मामला समझें… कोर्ट ने नहीं लिया एक्शन, लेकिन बार काउंसिल कर सकता है कार्रवाई इस वकील के खिलाफ बार काउंसिल भी कार्रवाई कर सकता है। दरअसल, अगर कोई वकील अपने पेशे के नियमों का पालन नहीं करता या गलत आचरण करता है, तो उसके खिलाफ एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के तहत कार्रवाई हो सकती है। पहले शुरुआती जांच होती है, अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो उसे बार काउंसिल की अनुशासनात्मक समिति के पास भेजा जाएगा। वकील दोषी मिला तो उसे चेतावनी दी जा सकती है, कुछ समय के लिए वकालत करने से रोका जा सकता है। उसका नाम बार काउंसिल की सूची से हटाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में अभद्रता के मामले सुप्रीम कोर्ट में कभी-कभार किसी वकील द्वारा बहस के दौरान ऊंची आवाज, तीखी बहस या अनुचित टिप्पणी के मामले सामने आए हैं, लेकिन CJI पर शारीरिक हमला या कोर्ट रूम के अंदर गंभीर अभद्रता जैसी घटनाएं सार्वजनिक रिकॉर्ड में मिलती ही नहीं हैं। CJI से अभद्रता की अबतक केवल 2 घटनाओं का जिक्र मिलता है… एक वकील ने सुनवाई के दौरान CJI बीआर गवई की ओर जूता फेंका और नारे लगाए। जूता CJI को नहीं लगा। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद बार काउंसिल ने भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की। बाहर जाते वक्त वकील ने नारा लगाया- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। घटना के बाद CJI ने अदालत में मौजूद वकीलों से अपनी दलीलें जारी रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इस सबसे परेशान न हों। मैं भी परेशान नहीं हूं, इन चीजों से मुझे फर्क नहीं पड़ता। पढ़ें पूरी खबर… ————————- ये खबर भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट बोला- फैसलों में AI के फर्जी उदाहरण खतरनाक:ये मिथाइल आइसोसाइनेट जैसे, इससे न्याय व्यवस्था को नुकसान; NCLT का फैसला रद्द नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए नकली कानूनी उदाहरणों का इस्तेमाल खतरनाक है। कोर्ट ने इसकी गंभीरता समझाने के लिए कहा कि यह खतरा उतना ही बड़ा है, जितना भोपाल गैस त्रासदी में जहरीली (AI) गैस का रिसाव था। पढ़ें पूरी खबर…

ED का दावा- AAP मंत्री फर्जी आईफोन घोटाले के मास्टरमाइंड:₹103 करोड़ के मोबाइल सिर्फ कागजों में दुबई भेजे, एक जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल मिले

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ गुरुग्राम की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी ने चार्जशीट में उन्हें कथित फर्जी मोबाइल एक्सपोर्ट और मनी लॉन्ड्रिंग मामले का मास्टरमाइंड बताया है। ED का दावा है कि इस मामले में 103 करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई है। जांच के अनुसार, संजीव अरोड़ा ने आईफोन का निर्यात दुबई भेजने का दावा किया, लेकिन जांच में पता चला कि मोबाइल भेजे ही नहीं गए और पूरा एक्सपोर्ट केवल कागजों में दिखाया गया। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी खरीद बिल और निर्यात से जुड़े दस्तावेज तैयार किए गए। ED इस मामले में अरोड़ा की 55 करोड़ रुपए की संपत्ति पहले ही अटैच कर चुकी है। ED का कहना है कि इस कथित फर्जीवाड़े के जरिए निर्यात से मिलने वाले वित्तीय लाभ हासिल करने और अवैध धन के स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसी ने करीब 44 हजार मोबाइल फोन के फर्जी निर्यात का दावा किया है। संजीव अरोड़ा को ईडी ने इसी साल 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास पर दिनभर चली छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पंजाब सरकार ने उनके सभी मंत्रालय अन्य मंत्रियों को सौंप दिए थे। गुरुग्राम की अदालत से रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था, जब से वह जेल में ही हैं।
चार्जशीट में ED के ये बड़े दावे किए **************** ये खबर भी पढ़ें: कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा फिलहाल जेल में ही रहेंगे: जमानत पर फैसला टला, हाईकोर्ट ने ED से मांगी स्टेटस रिपोर्ट; अगली डेट पर होगी चर्चा पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई फिलहाल टाल दी है। अदालत ने जमानत अर्जी पर फैसला सुनाने से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर 3 सितंबर को सुनवाई होगी। (पढ़ें पूरी खबर)

नगर परिषद की लहरवाही से बासनी पुलिया पर खतरा:आधा उखड़ा सांकेतिक बोर्ड कभी भी बन सकता है हादसे की वजह

नागौर की बासनी पुलिया पर लगा सांकेतिक बोर्ड लंबे समय से क्षतिग्रस्त हालत में खड़ा है। बोर्ड का एक हिस्सा उखड़ चुका है और वह केवल लोहे के फ्रेम के सहारे टिका हुआ है। बारिश के मौसम में चल रही तेज हवाओं और अंधड़ के बीच इसके कभी भी नीचे गिरने की आशंका बनी हुई है। ऐसा होने पर पुलिया के नीचे बनी सर्विस रोड से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ा हादसा हो सकता है। बासनी पुलिया शहर के व्यस्त मार्गों में शामिल है। यहां दिनभर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पैदल लोगों की आवाजाही रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बोर्ड कई दिनों से इसी हालत में है, लेकिन नगर परिषद ने अब तक न तो इसे हटाया है और न ही इसकी मरम्मत करवाई है। ऐसे में लोगों को लग रहा है कि जिम्मेदार विभाग किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग से नगर परिषद, प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारियों का रोजाना आना-जाना रहता है। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त बोर्ड पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की नजर नहीं पड़ी, या फिर नजर पड़ने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे नगर परिषद की नियमित निगरानी व्यवस्था और रखरखाव के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बारिश और तेज हवाओं का दौर अभी जारी है। ऐसे में यदि बोर्ड गिरता है तो किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने या जानमाल के नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से बोर्ड को तुरंत हटाने या सुरक्षित तरीके से दोबारा स्थापित करने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले ही खतरे को टाला जा सके।

प्रतापगढ़ में पुलिस प्रशासन में फेरबदल:90 पुलिसकर्मियों का किया ट्रांसफर, 9 नए अधिकारी

उदयपुर रेंज पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। महानिरीक्षक पुलिस गौरव श्रीवास्तव ने 9 जुलाई को ट्रांसफर आदेश जारी किए। इन आदेशों के तहत प्रतापगढ़ जिले में 9 नए अधिकारियों की तैनाती की गई है, जबकि विभिन्न रैंक के कुल 90 पुलिसकर्मियों का अन्य जिलों में तबादला किया गया है। ये आदेश प्रशासनिक एवं कार्यहित में तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। प्रतापगढ़ में 8 नए सीआई अधिकारी आदेशों के अनुसार, प्रतापगढ़ जिले को पुलिस निरीक्षक (सीआई) स्तर के आठ नए अधिकारी मिले हैं। इनमें कानाराम, कैलाश सोनी, ओम सिंह, ओमप्रकाश गोदारा, देवेन्द्र सिंह कविया, शिवराज सिंह गुर्जर, ईश्वरानन्द और लक्ष्मण सिंह शामिल हैं। वहीं, प्रतापगढ़ से प्रवीण टांक का चित्तौड़गढ़ और रोहित कुमार का राजसमंद तबादला किया गया है। पुलिस उप निरीक्षक (एसआई) स्तर पर देवी सिंह का उदयपुर से प्रतापगढ़ स्थानांतरण हुआ है। दूसरी ओर, देवलाल मीणा, इन्द्रजीत, नारायण लाल, सोहन लाल, रविन्द्र पाटीदार और जयेश पाटीदार सहित छह एसआई को प्रतापगढ़ से अन्य जिलों में भेजा गया है। सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) श्रेणी में प्रतापगढ़ से 29 अधिकारियों का तबादला किया गया है। इनमें से 13 को चित्तौड़गढ़, 11 को राजसमंद और 5 को उदयपुर स्थानांतरित किया गया है। इस श्रेणी में प्रतापगढ़ को कोई नई पोस्टिंग नहीं मिली है। 45 कॉन्स्टेबलों का ट्रांसफर किया गया इसके अतिरिक्त, 45 हेड कॉन्स्टेबलों का भी जिले से स्थानांतरण किया गया है। इनमें से 31 को चित्तौड़गढ़, 11 को उदयपुर और 3 को राजसमंद भेजा गया है। हेड कांस्टेबल श्रेणी में भी प्रतापगढ़ को कोई नई तैनाती प्राप्त नहीं हुई है। कुल मिलाकर, प्रतापगढ़ जिले में 8 पुलिस निरीक्षक और 1 पुलिस उप निरीक्षक सहित कुल 9 अधिकारियों की नई पोस्टिंग हुई है। वहीं, प्रतापगढ़ से 2 सीआई, 5 एसआई, 45 हेड कांस्टेबल और 38 अन्य कार्मिकों सहित कुल 90 पुलिसकर्मियों का अन्य जिलों में स्थानांतरण किया गया है। इन सभी स्थानांतरण आदेशों पर महानिरीक्षक पुलिस, उदयपुर रेंज, गौरव श्रीवास्तव के हस्ताक्षर हैं। ये आदेश प्रशासनिक दक्षता और कार्यहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से जारी किए गए हैं।

यूपी से पकड़कर ला-रहे बदमाशों ने पुलिस पर की फायरिंग:भागने समय बदमाश के पैर में लगी गोली, 5 दिन पहले व्यापारियों पर किया था फायर

भरतपुर में 5 जुलाई को बदमाशों ने किराना व्यापारी और बर्तन व्यापारी को गोली मारी थी। जिसमें बर्तन व्यापारी चंद्रभान की मौत हो गई थी, जबकि किराना व्यापारी का इलाज चल रहा है। बदमाश व्यापारी से 60 हजार रुपए से भरा बैग भी लूटकर ले गए थे। इस मामले में 8 जुलाई को आरोपी महेश (28) निवासी कासौट (डीग) को गिरफ्तार किया था। दो आरोपी फरार चल रहे थे। जिन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की थी। पुलिस को सूचना मिली की दोनों फरार आरोपी यूपी में देखें गए है। पुलिस की टीम यूपी पहुंची। वहां पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। दोनों को पकड़कर भरतपुर लेकर आ रहे थे। चिकसाना थाना इलाके में पुलिसकर्मी टॉयलेट करने रुके। उस समय आरोपी प्रवीण ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। इसके बाद दोनों भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में प्रवीण के पैर में गोली लगी और बलराम भागते समय गिर गया। जिससे उसके पैर में चोट आई है। दोनों को RBM अस्पताल में भर्ती किया गया है। दोनों आरोपी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित है। आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमों का गठन किया एसपी राजेश मीणा ने बताया- 5 जुलाई की रात दो व्यापारियों को तीन बदमाशों ने गोली मार दी थी। उसमें से 1 आरोपी को 8 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया था। दो आरोपी फरार चल रहे थे। दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया था। सीसीटीवी CCTV कैमरों की मदद ली गई। दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगातार काम कर रहीं थी। उत्तर प्रदेश से पकड़े दोनों आरोपी एसपी राजेश मीणा ने बताया- पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों फरार आरोपियों को उत्तर प्रदेश में कहीं देखा गया है। सूचना पर पुलिस की कई टीमें उत्तर प्रदेश पहुंची। दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। साथ ही जो बाइक आरोपियों ने वारदात के समय उपयोग में ली थी उसे भी जब्त कर लिया गया है। गुरुवार रात को जब आरोपियों को भरतपुर लाया जा रहा था। आरोपी ने पुलिसकर्मी की पिस्टल से की फायरिंग एसपी ने बताया- उस समय पुलिस की टीमें चिकसाना थाना इलाके में टॉयलेट के लिए रुकी। इस दौरान आरोपी प्रवीण ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर पुलिस के ऊपर फायर किया और दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में प्रवीण के पैर में गोली लगी और बलराम भागते समय गिर गया। जिससे उसके पैर में चोट आई है। दोनों को RBM अस्पताल में भर्ती किया गया है। 8 जुलाई को भी पुलिस पर दो राउंड फायरिंग की थी एसपी ने बताया- महेश निवासी कासौट को 8 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसने भी पुलिस पर दो राउंड फायरिंग की थी। जवाबी कार्रवाई में उसके भी पैर में भी गोली लगी थी। आरोपियों ने दोनों वारदातों को अंजाम दिया था। फिलहाल दोनों वारदातों को लेकर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

घर में घुसकर बुजुर्ग महिला के परिवार पर हमला:पोती के सिर में आई गंभीर चोट, 8 के खिलाफ मामला दर्ज

खैरथल के नांगल संतोकड़ा गांव में एक बुजुर्ग महिला और उसके परिवार पर घर में घुसकर हमला करने का मामला सामने आया है। हमले में महिला की पोती गंभीर रूप से घायल हो गई। सिर में लोहे की रॉड लगने से कई टांके आए हैं। पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डंडे और लोहे की रॉड लेकर घर में घुसे आरोपी पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया- नांगल संतोकड़ा निवासी मूर्ति देवी (72) ने बताया- 7 जुलाई की शाम करीब 7:20 बजे वह अपने घर पर थीं। इसी दौरान विनोद, तारा, अन्नू, अमीचंद, खिल्लू, मामचंद, दुल्ली सहित उनके परिवार के अन्य लोग कथित तौर पर लकड़ी के डंडे, लोहे की रॉड और तलवार लेकर घर में घुस आए। आरोप है कि हमलावरों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की, उन्हें घसीटा और लाठियों से हमला किया। इस दौरान मूर्ति देवी के हाथ और पैर में चोटें आईं। उनकी पोती कुसुम के सिर पर लोहे की रॉड से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास के लोग पहुंचने पर आरोपी मौके से भागे आसपास के लोगों के मौके पर पहुंचने पर हमलावर वहां से चले गए। पीड़िता का आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। परिवार ने आरोपियों से अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। खैरथल थाना पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल भीम सिंह को सौंपी गई है।

शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी:कहा- कोर्ट में सरेंडर करूंगी, हत्या हो जाए तो भी मंजूर, देश की धरती पर मरना चाहती हूं

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह दिसंबर में भारत से बांग्लादेश देश लौटेंगी और कोर्ट में सरेंडर करेंगी। उन्होंने कहा कि उनके साथ अवामी लीग के कई सीनियर नेता भी आत्मसमर्पण करेंगे। रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- अवामी लीग के लगभग सभी बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई लोग छिपकर रहने को मजबूर हैं। हालांकि, हसीना ने वापसी की तारीख नहीं बताई। हसीना 2024 में सरकार विरोधी आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद उन्हें छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मामले में मौत की सजा सुनाई गई। वह इन आरोपों से इनकार करती रही हैं। हसीना बोलीं- सरकार से वापसी पर कोई बातचीत नहीं शेख हसीना ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश लौटने को लेकर सरकार से कोई बातचीत नहीं की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र, चुनाव, अवामी लीग के राजनीतिक अधिकार और न्याय जैसे मुद्दों पर पर्दे के पीछे बातचीत नहीं हो सकती। हसीना ने दावा किया कि बांग्लादेश सरकार उन्हें वापस भेजने के लिए भारत को लगातार पत्र लिख रही है। उन्होंने कहा, “मुझे वापस लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, मैं खुद ही लौटूंगी।” हालांकि, हसीना के इस दावे पर बांग्लादेश सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं भारत ने भी फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की। इससे पहले अप्रैल में भारत ने कहा था कि वह बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध पर विचार कर रहा है और नई सरकार के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। हसीना बोलीं- अगर गलती की है तो फैसला जनता करे शेख हसीना ने कहा कि उन्हें जेल जाने का डर नहीं है, क्योंकि वह पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में लंबे समय तक रहने वाली किसी भी सरकार से गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उसका फैसला अदालत नहीं, जनता को करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर हमारी सरकार से गलतियां हुई हैं, तो जनता फैसला करेगी।” रॉयटर्स के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में 2024 के छात्र आंदोलन पर कार्रवाई में करीब 1,400 लोगों की मौत होने की बात कही गई है। इसी मामले में शेख हसीना को अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई थी। हसीना ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अदालत की सुनवाई शुरू होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। चार दिन पहले हसीना विरोधी रैली में धमाका राजधानी ढाका के पास सावर में चार दिन पहले सोमवार को शेख हसीना विरोधी रैली के दौरान बम धमाका हुआ था। इस हमले में 3 लोग घायल हुए, जबकि मंच पर छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल नाहिद इस्लाम समेत नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। धमाका सोमवार रात करीब 9:45 बजे उस समय हुआ, जब पार्टी की एक नेता सभा को संबोधित कर रही थीं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह रैली जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन की दूसरी बरसी के मौके पर निकाली गई थी। इसी आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। फिलहाल धमाके की वजह साफ नहीं हो सकी है और मामले की जांच जारी है।
बांग्लादेश सरकार बोली- शेख हसीना को वापस लाने की कोशिश जारी बांग्लादेश सरकार के मुताबिक हसीना को वापस लाने की कोशिश की जा रही है। विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने मंगलवार को बताया था कि हसीना को अदालत के सामने पेश करने के लिए सरकार राजनयिक स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है और इस प्रक्रिया में कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हसीना को वापस लाने की प्रक्रिया अंतरिम सरकार के समय शुरू हुई थी और मौजूदा सरकार भी इसे आगे बढ़ा रही है। उनके मुताबिक, प्रत्यर्पण अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होता है, इसलिए इसमें समय लगना स्वाभाविक है। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत इस मामले में सहयोग कर रहा है, तो उन्होंने सीधे जवाब नहीं दिया।

नहाते वक्त महिला का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया:महिला ने आरोपी को रुपए भी दिए, आखिर परेशान होकर पति को बताया

सीकर में 29 साल की महिला का नहाते वक्त वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने महिला को ब्लैकमेल कर रुपए भी हड़प लिए। महिला ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि गांव के ही रहने वाले आरोपी ने 16 जून को नहाते वक्त वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आरोपी ने महिला को ब्लैकमेल किया। डर के मारे महिला ने आरोपी को रुपए भी दे दिए। लेकिन इसके बाद भी आरोपी लगातार महिला को परेशान करता रहा। अंत में यह बात महिला ने अपने पति को बताई और पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। 17 साल की नाबालिग से घर और होटल में रेप हुआ वहीं, दूसरी तरफ 17 साल की नाबालिग लड़की से रेप का मामला सामने आया है। नाबालिग लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि गांव के ही रहने वाले आरोपी ने उनकी बेटी को अपने झांसे में लेकर रेप किया। रेप करने के दौरान आरोपी ने अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। बाद में इन अश्लील फोटो और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर घर और होटल में कई बार रेप किया। नाबालिग लड़की की मां की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।