ब्रेकिंग न्यूज़
फेरारी इटली की मशहूर कार कंपनी:दो बार गंभीर आर्थिक संकट में फंस चुकी है, आज टॉप सुपर-कार ब्रांड में शामिल है

अगर आपके पास करोड़ों रुपए हैं, तो भी आप शोरूम जाकर अपनी पसंद की फेरारी कार नहीं खरीद सकते। इसके कुछ स्पेशल और लिमिटेड एडिशन मॉडल्स जैसे- फेरारी ला-फेरारी या हालिया पुरोसांग्वे एसयूवी को खरीदने के लिए पहले आपको अपना बैकग्राउंड बताना होगा। यहां तक कि हो सकता है कि कंपनी खुद तय करे कि वह आपको गाड़ी बेचेगी या नहीं। फेरारी को लेकर दीवानगी का आलम यह है कि अगर आज आप कोई कार बुक करते हैं तो 2028 या 2029 में वह आपको मिल पाएगी। फेरारी रफ्तार और लग्जरी का ऐसा संगम है जो इसे सुपर-कार बनाती है। हालांकि फेरारी के इतिहास में दो ऐसे संकट भी आए जब कंपनी दिवालिया होने के करीब पहुंच कर अस्तित्व के लिए जूझती नजर आई। 1969 में यह दिवालिया होने के कगार पर थी, लेकिन तब फिएट ने हिस्सेदारी खरीदकर इसे बचा लिया। असली चुनौती 1988 में इसके संस्थापक एंजो फेरारी के निधन के बाद आई। 80 के दशक के अंत में सट्टेबाजों की वजह से कारों की कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ गई थीं। इसे कलेक्टर बबल कहा गया। जब 90 के दशक में वैश्विक मंदी आई और यह बुलबुला फूटा, तो 1991 के पीक के मुकाबले 1993 तक इसकी बिक्री आधी रह गई। कारें अपनी साख खोने लगी थीं। 8.50 लाख करोड़ रुपए की कंपनी है फेरारी आज फेरारी दुनिया के सबसे मजबूत ऑटोमोटिव और सुपर-कार ब्रांड्स में से एक है। ब्रांड्स फाइनेंस की रिपोर्ट के अनुसार इसे दुनिया के सिर्फ 12 ब्रांड को मिलने वाली AAA+ रेटिंग हासिल है। आज यह करीब 8.50 लाख करोड़ रु. मूल्य की कंपनी है। वर्तमान में इसके दुनियाभर में करीब 5,718 कर्मचारी हैं। अगर भारत की बात करें तो यहां फेरारी की एक्स-शोरूम कीमत ₹3.76 करोड़ से शुरू होकर ₹10.37 करोड़ रु. तक जाती है। नई फेरारी कार के लिए ग्राहकों को दो साल तक की वेटिंग रहती है। देश में पूरा कोटा सोल्ड-आउट रहता है। शुरुआत – गाड़ियों के टेस्ट ड्राइवर ने रखी थी फेरारी की नींव इटली के मोदेना शहर में जन्मे और गाड़ियों के टेस्ट ड्राइवर एंजो फरारी ने 1939 में ऑटो एवियो कोस्त्रुजियोनी नाम से कंपनी शुरू की थी, लेकिन दूसरा विश्व युद्ध शुरू होने के कारण करीब 8 साल तक काम बंद रहा। इसके बाद 1947 में उन्होंने फेरारी नाम से पहली कार सड़क पर उतारी। कार रेसिंग उनका जुनून था। नए कदम – लाइफस्टाइल और फैशन के क्षेत्र में भी उतरी कंपनी कंपनी लाइफस्टाइल और फैशन के क्षेत्र में भी धूम मचा रही है। हाल ही में मिलान फैशन वीक में फेरारी कलेक्शन पेश किया गया। कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में कदम रख रही है, जिसके लिए मारानेलो में एक नई ‘ई-बिल्डिंग’ शुरू की गई है। इसके अलावा, मरीन इंजीनियरिंग और सेलिंग की दुनिया में भी प्रवेश की तैयारी कर रही है। यूं संकट में फंसी थी रेसिंग पर फोकस, ग्राहकों की अनदेखी – एंजो फेरारी का जुनून सिर्फ रेसिंग और फॉर्मूला वन जीतना था। इस रवैये के कारण उन्होंने कभी ग्राहकों की पसंद, आराम या लग्जरी को प्राथमिकता नहीं दी। लीडरशिप का अड़ियल रवैया, आंतरिक कलह – 1961 में एंजो की पत्नी ने प्रबंधन के कामों में दखल देना शुरू किया। जब अधिकारियों ने विरोध किया, तो एंजो ने कई प्रबंधकों को नौकरी से निकाल दिया। आर्थिक मंदी और कलेक्टर बबल का फूटना – 80 के दशक के अंत में लोग ये कारें निवेश के तौर पर खरीदते थे। 90 के दशक में मंदी की वजह से बिक्री आधी रह गई और कंपनी गहरे वित्तीय घाटे में डूब गई। भविष्य की रणनीति का अभाव – एंजो की मृत्यु के बाद फिएट के अधिकारियों ने कमान संभाली, लेकिन उनके पास कोई स्पष्ट रणनीति नहीं थी। इस तरह की वापसी लुका डि मोंटेजेमोलो की लीडरशिप – 1991 में लुका डि मोंटेजेमोलो फेरारी के चेयरमैन बने। सबसे पहले कारों की क्वालिटी को सुधारा। सुनिश्चित किया कि फेरारी सड़क पर भी आरामदायक और भरोसेमंद हो। ब्रांड लाइसेंसिंग का विस्तार – मोंटेजेमोलो ने लग्जरी कपड़े, घड़ियां, परफ्यूम और अन्य लाइफस्टाइल उत्पादों के लिए अपने मशहूर ‘प्रान्सिंग हॉर्स’ लोगो को लाइसेंस पर देकर करोड़ों रुपए कमाए। एक्सक्लूसिविटी बरकरार रखना – लुका की रणनीति स्पष्ट थी- ‘हमेशा बाजार की मांग से एक कार कम बनाओ। इस कृत्रिम कमी ने अमीरों के बीच फेरारी का आकर्षण कई गुना बढ़ा दिया पर्सनलाइजेशन – 1993 में ‘फेरारी चैलेंज’ शुरू किया, जो फेरारी मालिकों के लिए एक एमेच्योर रेसिंग सीरीज थी। कई भारी पर्सनलाइजेशन के विकल्प दिए। ऐसे पड़ा नाम – कंपनी का नाम इसके संस्थापक एंजो फेरारी के सरनेम पर रखा गया है। रेसिंग शौकीन एंजो ने खुद ही यह नाम तय किया था। सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी – लैंबॉर्गिनी, मैकलारेन, पॉर्श, एस्टन मार्टिन और बुगाटी दुनियाभर में इसके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों में हैं। – 3.5 लाख कारें ही बनाई हैं फेरारी ने आज तक।
– 60 से ज्यादा देशों में व्यापार करती है कंपनी दुनियाभर में।
– 179 अधिकृत डीलर हैं दुनियाभर में फेरारी के।
-13,640 कारें बिकी कंपनी की 2025 में विभिन्न देशों में।

दतिया से नरोत्तम नहीं, आशुतोष तिवारी BJP कैंडिडेट:8KM तक हाईवे जाम, जिलाध्यक्ष समेत पार्षदों के इस्तीफे; आधी रात तक डटे रहे समर्थक

भाजपा ने एक बार फिर चौंकाने वाला फैसला लिया। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव में पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया। टिकट की घोषणा होते ही पार्टी में बगावत खुलकर सामने आ गई। समर्थकों ने ग्वालियर-झांसी हाईवे पर करीब 8 किलोमीटर लंबा जाम लगा दिया। जिलाध्यक्ष समेत कई पदाधिकारियों और पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफे दे दिए। रात साढ़े 12 बजे तक 500 से ज्यादा कार्यकर्ता हाईवे पर डटे रहे, जबकि पुलिस ने रूट डायवर्ट कर यातायात की व्यवस्था संभाली। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए BJP ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। टिकट की घोषणा के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थक, व्यापारी और बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतर आए। महिलाओं ने सड़क पर लेटकर विरोध जताया और आशुतोष तिवारी के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन भाजपा कार्यालय तक पहुंच गया, जहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। नरोत्तम ने नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था
उधर, उपचुनाव की घोषणा के बाद से नरोत्तम मिश्रा लगातार चुनावी तैयारियों में जुटे थे। वे जनसभाएं कर अपनी पुरानी गलतियों के लिए माफी मांग रहे थे। उन्होंने बुधवार को नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था। हालांकि, पार्टी ने अंतिम समय में उनका टिकट काट दिया। अब तक 13 लोगों ने नामांकन फॉर्म खरीदे हैं, जिनमें से 4 उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर चुके हैं। आशुतोष तिवारी बोले- नरोत्तम जी हमारे अभिभावक दैनिक भास्कर से बातचीत में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने कहा कि पार्टी ने एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में जो जिम्मेदारी दी है, उसका वे पूरी निष्ठा से पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा उनके अभिभावक हैं। उनका आशीर्वाद उनके साथ है। उन्होंने फोन कर बधाई भी दी है। ग्वालियर-झांसी हाईवे पर 8KM तक जाम
टिकट की घोषणा के बाद ग्वालियर-झांसी हाईवे समेत जिले के कई स्थानों पर चक्काजाम कर दिया गया। हाईवे पर करीब 8 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। डबरा के हरिपुर तिराहे पर भी समर्थकों ने हाईवे जाम कर नारेबाजी की। हजारों वाहन घंटों तक फंसे रहे। रात करीब 12:30 बजे तक भी 500 से अधिक कार्यकर्ता हाईवे पर डेरा जमाए बैठे रहे। दतिया के अलावा पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में समर्थक विरोध में पहुंचे। जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने रूट डायवर्ट कर यातायात नियंत्रित किया। एसपी मंजीत सिंह चावला पुलिस बल के साथ देर रात तक मौके पर डटे रहे। जिलाध्यक्ष समेत पदाधिकारियों और पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के विरोध में भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण समेत कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। नगर मंत्री और भाजपा कोषाध्यक्ष ने भी इस्तीफा सौंप दिया। विरोध के दौरान कई कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही अपने इस्तीफों पर हस्ताक्षर किए। समर्थकों का दावा है कि भाजपा के सभी पार्षदों ने भी सामूहिक रूप से इस्तीफे दे दिए हैं। व्यापारी बोले- नरोत्तम ही दतिया हैं
व्यापारी महेश गुलवानी ने कहा, “हम भाजपा कार्यकर्ता हैं। दतिया का विकास नरोत्तम मिश्रा ने किया है। हम चाहते हैं कि पार्टी उन्हें ही टिकट दे। यदि फैसला नहीं बदला गया तो व्यापारी बाजार बंद कर भोपाल में भी विरोध प्रदर्शन करेंगे। नरोत्तम मिश्रा ही दतिया हैं और दतिया ही नरोत्तम मिश्रा हैं।” प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए… पूर्व विधायक ममता मीना का भाजपा पर हमला गुना जिले की चांचौड़ा की पूर्व विधायक ममता मीना ने वीडियो जारी कर नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने को एक बड़े नेता की “राजनीतिक हत्या” बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह वसुंधरा राजे, उमा भारती और यशोधरा राजे को किनारे किया गया, उसी तरह नरोत्तम मिश्रा के साथ भी हुआ है। जाम में फंसे लोग बोले- भूखे-प्यासे परेशान मुरैना से ट्रक लेकर आ रहे चालक भरत ने बताया कि वे तीन घंटे से जाम में फंसे हैं। ट्रक में सिर्फ पानी है। आसपास खाने की कोई व्यवस्था नहीं है और वे भूखे-प्यासे सफर कर रहे हैं। दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे ट्रक चालक साबेर ने बताया कि वे काफी देर से जाम में फंसे हैं। उनके अनुसार 5 से 7 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी है और जाम खुलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। प्रदर्शनकारी रास्ता नहीं खोल रहे हैं। रायपुर से दिल्ली माल लेकर जा रहे ट्रक चालक सत्यवीर गुर्जर ने बताया कि वे ढाई घंटे से जाम में फंसे हैं और खाने-पीने में काफी परेशानी हो रही है। जाम के चलते ट्रैफिक डायवर्ट स्थिति को देखते हुए दतिया पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। झांसी की ओर से आने वाले वाहनों को चिरौला स्थित बाईपास से निकाला गया, जबकि ग्वालियर की ओर से आने वाले वाहनों को गोराघाट मार्ग से डायवर्ट किया गया। दतिया और ग्वालियर जिला प्रशासन ने ट्रैफिक प्रबंधन के लिए समन्वय किया। गोराघाट पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के बाद ग्वालियर प्रशासन ने सिकरोदा और आंतरी में भी वाहनों को रोक दिया। दोनों जिलों की पुलिस लगातार यातायात व्यवस्था संभालने में जुटी रही। PHQ से मांगा गया अतिरिक्त पुलिस बल एडिशनल एसपी मंजीत सिंह चावला ने बताया कि जिले में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें करीब 150 लोग शामिल हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस मुख्यालय (PHQ) से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है, जो जल्द पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों से समन्वय बनाकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास जारी है। दतिया चुनाव से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

सरकार का आदेश- पहले वंदे मातरम् फिर जन-गण-मन होगा:5 महीने में दूसरी बार निर्देश, राज्यों से कहा- सख्ती से पालन कराएं

केंद्र सरकार ने राष्ट्रगान जन-गण-मन और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को नए निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि नियमों में पहले से तय है कि किन कार्यक्रमों में दोनों को गाना या बजाना जरूरी है। मंत्रालय ने कहा कि एक ही कार्यक्रम में दोनों में से पहले वंदे और फिर जन-गण-मन होगा। जिन राज्यों में राज्य गीत होता है, वहां भी सीक्वेंस का पालन करना होगा। 9 जुलाई को सभी राज्यों और मंत्रालयों को पत्र भेजा गया, जिसकी जानकारी शुक्रवार को सामने आई है। सभी राज्यों से कहा गया है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत हमेशा उनके असली शब्दों, सही उच्चारण और तय नियमों के अनुसार ही गाया और बजाया जाए। इसके लिए दोनों की ऑफिशियल कॉपी मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। 28 जनवरी को पहली बार आदेश आया बंकिम चंद्र ने 1875 में लिखा था, आनंदमठ में छपा था भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी पर लिखा था। यह 1882 में पहली बार उनकी पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के हिस्से के रूप में छपा था। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने मंच पर वंदे मातरम गाया। यह पहला मौका था जब यह गीत सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर गाया गया। सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं। वंदे मातरम एक संस्कृत वाक्यांश है, जिसका मतलब है- हे मां, मैं तुम्हें नमन करता हूं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों का नारा बन गया था। गणतंत्र दिवस परेड में वंदे मातरम की झांकी निकली थी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड में इस साल 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य परेड की थीम वंदे मातरम रखी गई थी। परेड में संस्कृति मंत्रालय ने वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाने वाली झांकी निकाली थी। इस झांकी को मंत्रालयों और विभागों की कैटेगरी में बेस्ट झांकी का अवॉर्ड मिला। वंदे मातरम् पर संसद में हुआ था विवाद ———————————– ये खबर भी पढ़ें… मोदी ऑस्ट्रेलिया से न्यूजीलैंड पहुंचे, दोनों देश FTA डील फाइनल करेंगे पीएम मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए। यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड के दौरे पर गए थे। पीएम के दौरे की शुरुआत न्यूजीलैंड सरकार के साथ द्विपक्षीय बातचीत से शुरू होगी। पूरी खबर पढ़ें…

स्पेन के जंगल में आग, 12 की मौत, VIDEO:4 लोग कार में जिंदा जले, 19 अब भी लापता; इलेक्ट्रिक वायर से आग की आशंका

स्पेन के दक्षिणी हिस्से में एंडालूसिया के लॉस गैलार्डोस में शुक्रवार को जंगल की भीषण आग में 12 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 19 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों के मुताबिक आठ लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, एक गाड़ी में चार लोग जिंदा जल गए। उनकी कार का स्टीयरिंग व्हील दाईं ओर था, जिससे वे ब्रिटिश लग रहे थे। वहीं, अपनी कारें छोड़ भागने की कोशिश कर रहे 7 लोग भी मृत पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि वे निर्धारित निकासी मार्ग की बजाय दूसरे रास्ते से निकलने की कोशिश कर रहे थे और वहीं उनकी मौत हो गई। एंडालूसिया की इमरजेंसी सर्विस ने शुरुआती कॉल के आधार पर बताया कि बिजली की गिरी हुई वायर से आग लगी, जो तेजी से जंगल में फैल गई। दूसरी तरफ बिजली कंपनी एंडेसा के प्रवक्ता ने इस दावे से इनकार करते हुए कहा कि जांच में जिस केबल की बात हो रही है, उसमें बिजली का प्रवाह ही नहीं था। इसलिए आग की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। भीषण आग की 4 तस्वीरें 2005 के बाद सबसे घातक जंगल की आग 12 मौतों के साथ यह 2005 के बाद स्पेन की सबसे घातक जंगल की आग मानी जा रही है। 2005 में ग्वाडालाहारा प्रांत में बारबेक्यू से लगी आग में 11 फायरफाइटरों की मौत हुई थी। उस हादसे के बाद स्पेन ने जंगल की आग की रोकथाम और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम में बड़े बदलाव किए थे। शुक्रवार को इस भीषण आग को काबू पाने के लिए करीब 150 फायरफाइटर जुटे हैं, जबकि सेना की इमरजेंसी यूनिट भी राहत और बचाव अभियान में शामिल हो गई है। एंडालूसिया के आपातकाल प्रमुख एंटोनियो सान्ज के मुताबिक, मरने वालों में एक स्पेनिश नागरिक और बाकी ज्यादातर विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार कई लोगों ने अधिकारियों के घर में ही सुरक्षित रहने के निर्देशों का पालन नहीं किया और कारों से भागने की कोशिश की। इसी दौरान वे आग की चपेट में आ गए। मेयर बोले- ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा लॉस गालार्डोस के मेयर फ्रांसिस्को मिगुएल रेयेस ने स्थानीय रेडियो से कहा, “यह पहली बार है जब हमने इतनी भयावह आग देखी है। पूरा इलाका ऐसा लग रहा है, जैसे यहां बम गिरा हो।” राहत अभियान के बीच कई परिवार सोशल मीडिया पर अपने लापता परिजनों की जानकारी साझा कर रहे हैं। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि यह घटना उन्हें गहरे दुख और तबाही का एहसास करा रही है। यूरोपियन फॉरेस्ट फायर इंफॉर्मेशन सिस्टम के मुताबिक इस साल अब तक स्पेन में करीब 57 हजार हेक्टेयर क्षेत्र जल चुका है। यह पिछले दो दशकों के औसत वार्षिक क्षेत्रफल का लगभग आधा है और यूरोपीय संघ में इस साल जले कुल क्षेत्र का करीब 40% हिस्सा है। यूरोप में हीटवेव से जंगल की आग का खतरा बढ़ा इस साल यूरोप में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव ने जंगल की आग का खतरा काफी बढ़ा दिया है। फ्रांस की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी के प्रमुख जूलियन मेरियन ने कहा कि 2026 का वाइल्डफायर सीजन असामान्य रूप से तेज शुरुआत के साथ आया है। उनके मुताबिक सर्दियों और वसंत में हुई अच्छी बारिश से उगी घनी वेजिटेशन अब लगातार पड़ रही गर्मी में सूख चुकी है और आग के लिए ईंधन का काम कर रही है। फ्रांस में इस साल अब तक 8,000 से ज्यादा आग की घटनाओं में लगभग 100 वर्ग मील क्षेत्र जल चुका है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुना है। वहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया भर में हीटवेव पहले से ज्यादा गर्म, लंबी और बार-बार आने लगी हैं। यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन चुका है। जर्मनी में जून के आखिर में पड़ी रिकॉर्ड गर्मी के कारण करीब 5,100 लोगों की मौत होने का अनुमान है।

कोटा में NSUI-ABVP के कार्यकर्ता भिड़े:NSUI प्रदेश सचिव बोले- मेरा सिर फोड़ा, छात्रा नेता के बाल खींचे; बीच-बचाव में थानाधिकारी 2 बार गिरे

कोटा के राजकीय महाविद्यालय में एनएसयूआई और एबीवीपी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आपस में धक्का-मुक्की और मारपीट करने लगे। सूचना पर मौके पर पहुंची नयापुरा थाना पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण किया। नयापुरा थानाधिकारी भी बीच-बचाव करते हुए 2 बार गिर पड़े। घटना दोपहर 2 बजे की है। एनएसयूआई ने प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा का लोहे की रॉड से सिर फोड़ने और अन्य छात्र नेता के बाल खीचने का आरोप लगाया है। नयापुरा थानाधिकारी विनोद कुमार ने बताया- गवर्नमेंट कॉलेज में एनएसयूआई और एबीवीपी के कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद की मूर्ति खंडित होने के विवाद को लेकर आपस में झगड़ गए थे। मौके पर पहुंचकर मामले को शांत करवाया गया है। दोनों पक्षों की ओर से शिकायत ले ली गई है और आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब देखिए, PHOTOS… छात्रों पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला NSUI के प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा ने कहा- ABVP कार्यकर्ताओं ने छात्र नेता मोहित वाल्मीकि, कावेरी कुमारी, हंसवी समेत कई छात्रों पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया। बीच-बचाव के दौरान पुलिसकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद एनएसयूआई ने नयापुरा थाने में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। रिद्धम शर्मा ने बताया- कॉलेज परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में पहले भी प्राचार्य को ज्ञापन दिया था। शुक्रवार को वे खून से लिखा पत्र लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे। उनकी मांग थी कि प्रतिमा को क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और सात दिन के भीतर नई प्रतिमा स्थापित की जाए। कॉलेज गेट के बाहर पहले से ही कुछ बाहरी युवक मौजूद थे, जिनमें से कई कॉलेज के नियमित छात्र भी नहीं थे। नारेबाजी के बीच अचानक मेरे पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। इस दौरान छात्रा नेता कावेरी कुमारी के बाल खींचे गए और अन्य छात्रों के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई। बाहरी छात्रों ने की गाली-गलौज, रिद्धम शर्मा खुद कॉलेज के छात्र नहीं एबीवीपी के विभाग संयोजक निखिल सिंह ने बताया- मेरे साथी छात्र शांतिपूर्वक प्रिंसिपल को ज्ञापन देने जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे बाहरी छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी और गाली-गलौज करने लगे। इनमें से अधिकांश युवक गवर्नमेंट कॉलेज के छात्र नहीं थे। निखिल सिंह ने कहा- जेडीबी गर्ल्स कॉलेज की जिस छात्रा नेता कावेरी कुमारी के नाम पर शिकायत दी गई है, उनका कॉलेज अलग है। ऐसे में वह हमारे कॉलेज परिसर में क्या करने आई थीं? एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा खुद इस कॉलेज के छात्र नहीं हैं, वे केवल यहां राजनीति चमकाने आते हैं। जबकि एबीवीपी के सभी कार्यकर्ता इसी कॉलेज के नियमित (रेगुलर) छात्र हैं। हमारे किसी भी छात्र ने हमला नहीं किया है। घटना के समय नयापुरा थाना पुलिस मौके पर ही मौजूद थी। एबीवीपी की तरफ से भी नयापुरा थाने में शिकायत दर्ज करवाकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

फेरों में दूल्हा बेहोश, 20 दिन बाद मौत:वेंटिलेटर से भी नहीं लौटी सांसें, 28 साल उम्र, मौत की वजह बनी पहेली

शादी में फेरों के समय पाली निवासी 28 साल के दूल्हे ओमप्रकाश की तबीयत बिगड़ गई। किसी तरह 7 फेरे पूरे कराए गए। इसके बाद लोग बेहोशी की हालत में दूल्हे को अस्पताल लेकर गए। डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर सपोर्ट दिया। 20 दिन तक मौत से संघर्ष के बाद 9 जुलाई को दूल्हे की मौत हो गई। मौत के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। मृतक अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता देवाराम का भी निधन हो चुका है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट फेरों के देर बाद दूल्हा हो गया था अचेत पाली के सुकरलाई गांव के वजाराम ने बताया कि उनका भतीजा ओमप्रकाश जयपुर के मानसरोवर के विजय पथ इलाके में जयपुर लेगेसी में काम करता था। पिता की मौत के बाद वह अपनी विधवा मां व इकलौती बहन का सहारा था। परिवार के लोगों ने पास के गांव मांडावास में कविता से उसकी शादी तय की। 20 जून को बारात लेकर हम लोग मांडावास गांव में गए। सुबह 10.15 बजे फेरे शुरू हुए। मैंने देखा तीसरे फेरे के बाद ही ओमप्रकाश असहज होने लगा। मैंने पूछा तो उसने कहा- सीने में दर्द हो रहा है। पसीने आ रहे हैं। हमने सोचा- गर्मी तेज होने की वजह से ऐसा होगा। हमने किसी तरह आनन–फानन में सात फेरे पूरे कराए। फेरों के कुछ देर बाद ओम की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। वह अचेत हो गया था। हम लोग उसे दुल्हन के घर के पास डेरे (बारात ठहराने वाली जगह) पर लेकर गए। जहां उसे रेस्ट कराने के लिए चारपाई पर लेटा दिया, लेकिन तबीयत ठीक नहीं हुई। वजाराम ने बताया- दूल्हे को बेहोशी की हालत में पाली के बांगड़ अस्पताल लेकर गए। डयूटी डॉक्टर्स ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए जोधपुर रेफर कर दिया। रात को ही जोधपुर के एमडीएम अस्पताल पहुंचे, जहां ओम को आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर पर रखा गया। उधर, दुल्हन कविता को लेकर बाकी बाराती सुकरलाई गांव पहुंचे। वहां दुल्हन को छोड़ कर वे लोग भी रात को जोधपुर अस्पताल पहुंच गए। वजाराम ने बताया कि 21 जून से लेकर 8 जुलाई की रात तक ओमप्रकाश जोधपुर के एमडीएम अस्पताल के आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर पर रहा। इलाज करने वाले डॉक्टर्स से ओम की बीमारी के बारे में पूछा, लेकिन उनका कहना था कि एमआरआई व सिटी स्कैन में भी कोई बीमारी पकड़ में नहीं आई। 9 जुलाई को ओमप्रकाश की मौत हो गई ऐसे में हमने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। पुलिस ने बॉडी हमें सौंप दी। 9 जुलाई को दोपहर बाद परिजन जोधपुर के एमडीएम अस्पताल से उसकी बॉडी लेकर पाली के निकट सुकरलाई गांव पहुंचे। जहां देर शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया। डॉक्टर बोले- परिजनों ने पूरी बात नहीं बताई बांगड़ अस्पताल के डॉक्टर राजेंद्र कुमार का कहना है कि ओम प्रकाश को परिजन अस्पताल लेकर आए थे। वह उस समय भी बेहोशी हालत में था। परिजनों ने पूरी बात नहीं बताई। मरीज को गंभीर हालत में तुरंत ही हाई सेंटर पर रेफर कर दिया था।

रॉन्ग साइड आए ट्रक की टक्कर से 3-दोस्तों की मौत:चकनाचूर कार को काटकर निकाले शव; दोस्त की शादी के लिए शॉपिंग करने निकले थे

दोस्त की शादी की खरीदारी के लिए घर से निकले तीन युवकों की शुक्रवार दोपहर दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। नेशनल हाईवे-62 (श्रीगंगानगर-सूरतगढ़) पर गांव नेतेवाला के पास रॉन्ग साइड में आए ट्रक ने सामने से कार को टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए और शवों को बाहर निकालने के लिए कार को काटना पड़ा। हादसा चूनावढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे गणेश मंदिर के पास हुआ। थानाधिकारी ने बताया कि हादसे में मोनू वर्मा (25) पुत्र रायसाहब निवासी बींझबायला, कुलदीप सिंह (25) निवासी बींझबायला और प्रदीप लूणा (23) निवासी 48 LNP, श्रीगंगानगर की मौत हो गई। मृतक प्रदीप के भाई की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, तीनों दोस्त अपने एक दोस्त की दो दिन बाद होने वाली शादी के लिए खरीदारी करने कार से श्रीगंगानगर आ रहे थे। इसी दौरान श्रीगंगानगर की ओर से आ रहे खाली ट्रक-ट्रेलर से उनकी कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। गाड़ी में बुरी तरह फंसे तीनों के शव
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक ड्राइवर आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने के दौरान रॉन्ग साइड में आ गया। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रही कार से उसकी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। तीनों युवक कार में बुरी तरह फंस गए। राहत दल ने कार को कई जगह से काटकर शव बाहर निकाले। जिला अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसपी हरिशंकर यादव, ग्रामीण डीएसपी भूपेंद्र सोनी, चूनावढ़ थाना प्रभारी रामप्रताप और सदर थाना प्रभारी सुभाषचंद्र ढील मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद हाईवे के दोनों ओर जाम लग गया, जिसे पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद खुलवाया। कार के पीछे आ रही एक बाइक भी हादसे की चपेट में आ गई। बाइक सवार ने अचानक ब्रेक लगाए तो बाइक फिसल गई। दोनों सवारों को मामूली चोटें आईं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक प्रदीप लूणा के भाई संदीप की रिपोर्ट पर ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम शनिवार को कराया जाएगा। इस बीच एक साथ तीन युवकों की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया। बींझबायला और चक 48 एलएनपी गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिस दोस्त की शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां भी खुशियां मातम में बदल गईं।

बाड़ी में पानी की टंकी से गिरा युवक, मौत:6 महीने से मामा के घर रह रहा था, ग्रामीण बोले-फोन पर बात कर रहा था

धौलपुर जिले के बाड़ी में शहर में पंचायत समिति ऑफिस के कैंपस में बन रही पानी की टंकी से 22 साल का युवक फोन पर बात करते हुए गिर गया। जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि रास्ते से निकल रही एक महिला ने कहा कि युवक फोन पर बात करते हुए टंकी पर चढ़ा और नीचे कूद गया। युवक की पहचान शिवकुमार (22) निवासी खूब नगर, मासलपुर (करौली) के रूप में हुई है। युवक ने 6 महीने से सरमथुरा रोड पर स्थित मीणा कॉलोनी में अपने मामा के पास रह रहा था। थाना अधिकारी देवेंद्र शर्मा ने बताया- दोपहर 11:30 बजे सूचना मिली कि पंचायत समिति ऑफिस में बन रही पानी की टंकी से एक युवक गिर गया है। जिसे बाड़ी अस्पताल लेकर पहुंचे हैं। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक शिवकुमार के मामा जनवेद मीणा ने रिपोर्ट दी है। मामा के पास बाड़ी रह रहा था युवक जनवेद ने रिपोर्ट में बताया- उनका भांजा शिवकुमार 6 महीने से बाड़ी रह रहा था। 2 साल तक उसने जयपुर से आरएएस की तैयारी की थी। गुरुवार को पूरा परिवार अपने गांव सरमथुरा गया हुआ था। भांजा शिवकुमार घर पर अकेला था। फोन पर घटना की सूचना के बाद परिवार बाड़ी पहुंचा। पंचायत समिति के कार्मिकों को पत्थरों में पड़ा मिला पंचायत समिति के सहायक विकास अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया- घटना करीब सुबह 11:30 बजे की है। गिरने की आवाज सुनकर वे अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। युवक प्रधान कार्यालय के पास पत्थरों के बीच अचेत पड़ा मिला। उसे तुरंत पंचायत समिति के लेखा अधिकारी की गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर कुछ महिलाएं मौजूद थीं। जिनका कहना है कि युवक फोन पर बात करते हुए टंकी पर चढ़ गया। इसके बाद नीचे कूद गया। जांच में जुटी पुलिस थाना अधिकारी देवेंद्र शर्मा ने बताया- शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। मृतक के मामा ने रिपोर्ट दी है। सुसाइड के एंगल से भी मामले की जांच की जा रही है। … यह खबर भी पढ़ें मुझे माफ कर देना भाई…बोलकर युवक ने लगाया फंदा:वीडियो बनाकर ससुराल वालों पर लगाया आरोप; जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहा भीलवाड़ा शहर के भीमगंज थाना क्षेत्र के आदर्श नगर बुधवार को युवक ने सुसाइड से पहले एक वीडियो भी बनाया। जिसे अपने भाई और दोस्तों को सैंड कर दिया। वीडियो में युवक ने सुसाइड का कारण ससुराल वालों को बताया। (पढ़ें पूरी खबर)

सड़क किनारे मिला 4 महीने का भ्रूण; कुत्तों ने नोचा:अज्ञात व्यक्ति द्वारा फेंकने की आशंका, मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू

भीलवाड़ा के धोला भाटा सड़क के किनारे शुक्रवार को करीब चार माह का एक भ्रूण पड़ा मिला।सड़क के कुत्ते उसे नोच रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और भ्रूण को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। बाद में उसे कोटड़ी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भ्रूण को वहां कौन छोड़कर गया। सड़क किनारे पड़ा था भ्रूण, कुत्ते नोच रहे थे मामला भीलवाड़ा के बड़लियास थाना क्षेत्र का है। थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि धोला भाटा की सड़क के किनारे करीब चार माह का एक भ्रूण पड़ा होने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां भ्रूण के आसपास कई कुत्ते जमा थे, जो उसे नोच रहे थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार कुत्ते भ्रूण के निचले हिस्से को खा चुके थे। भ्रूण को देखकर मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घटना की जानकारी गांव और आसपास के इलाके में फैलने के बाद लोग मौके पर पहुंचते रहे। पुलिस ने करवाया पोस्टमॉर्टम पुलिस भ्रूण को अपने कब्जे में लेकर कोटड़ी हॉस्पिटल पहुंची, जहां उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस भ्रूण को सड़क किनारे कौन छोड़कर गया और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं। अज्ञात व्यक्ति द्वारा फेंकने की आशंका प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने भ्रूण को यहां लाकर फेंक दिया। हालांकि घटना के पीछे की असली वजह और पूरी स्थिति का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि देर रात या सुबह के समय इलाके में कोई संदिग्ध गतिविधि तो नहीं देखी गई थी। पुलिस आसपास से मिले संभावित साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जरूरत पड़ने पर मेडिकल जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की भी मदद ली जाएगी। घटना के बाद पूरे इलाके में इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है।

चांदी आज ₹3,404 सस्ती, इस महीने ₹5,040 गिरी:सोना ₹288 घटकर ₹1.43 पर आया; जानें अपने शहर के दाम

सोने-चांदी की कीमतों में 10 जुलाई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3,404 रुपए घटकर 2,20,390 रुपए पर आ गई है, जो गुरुवार को 2,23,794 रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 288 रुपए घटकर 1,43,368 लाख रुपए आ गया। इससे पहले 9 जुलाई को यह 1,43,656 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 1,736 रुपए बढ़े हैं, जबकि चांदी की कीमत 5,040 रुपए गिरी है। 1 जुलाई को सोना ₹1.42 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.25 लाख/किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ऑल टाइम हाई से 1.66 लाख रुपए गिरी चांदी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 32,753 रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 162 दिन में चांदी 1.66 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15% हुई केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है। इस तरह कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% की थी। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें…