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आंध्रप्रदेश में कोरोना से 46 साल के मरीज की मौत:4 दिन इलाज के बाद दम तोड़ा; 2 जिलों में 5 एक्टिव केस मिले

आंध्र प्रदेश के कडप्पा में बुधवार को 46 साल के व्यक्ति की कोविड-19 से मौत हो गई। उसे पिछले महीने वेल्लोर के CMC अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसका कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया था। 4 दिन इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। हेल्थ ऑफिसर ने बताया कि मरीज के फेफड़े खराब हो गए थे। मरीज को कंटेनमेंट जोन में रखा गया था। उसके संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग भी की जा रही है। इलाके में सैनिटाइजेशन भी शुरू कर दिया गया है। कडप्पा-तिरुपति में 5 नए केस कोरोना से मौत की खबर के बाद कडप्पा और तिरुपति जिलों में 5 और पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टर (DME) ने राज्य के सरकारी अस्पतालों से आइसोलेशन बेड, ICU बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, दवाइयों, रैपिड टेस्ट किट, एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता का ब्यौरा मांगा है। भारत में कोरोना से 47 लाख मौतों का अनुमान भारत में कोविड से आधिकारिक तौर पर 2022 के अंत तक करीब 5.3 लाख मौतें दर्ज की गईं थीं। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अनुमान लगाया कि महामारी से भारत में लगभग 47 लाख मौतें हुईं। वहीं दुनियाभर में 2022 के अंत तक करीब 66–67 लाख आधिकारिक मौतें दर्ज की गई थीं। कोरोना के अब तक हजारों वैरिएंट आ चुके अब तक कोरोना वायरस के हजारों वैरिएंट सामने आ चुके हैं। इनमें से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कुछ प्रमुख वैरिएंट को विशेष श्रेणी में रखा है, जिनमें अल्फा (Alpha), बीटा (Beta), गामा (Gamma), डेल्टा (Delta) और ओमिक्रॉन (Omicron) शामिल हैं। ओमिक्रॉन के भी समय-समय पर कई सब-वैरिएंट, जैसे JN.1, XFG और NB.1.8.1, सामने आए हैं। ————————- यह खबर भी पढ़ें… केरलम में निपाह वायरस लौटा, संक्रमित वेंटिलेटर पर, संपर्क में आए 15 लोग क्वारंटीन केरलम में इस साल निपाह वायरस का पहला केस सामने आया। 43 साल मरीज कोझिकोड का रहने वाला है। मरीज को हल्का बुखार आने पर प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। बाद में कोझिकोड मेडिकल कॉलेज भेजा गया। उसकी हालत गंभीर है और वह वेंटिलेटर पर है। पूरी खबर पढ़ें…

जोधपुर में होटल मालिक ने खुद पर ऑयल छिड़का:हाथ से तोड़ा कांच का गेट; जेसीबी पर चढ़ा युवक, अतिक्रमण हटाने गई टीम से धक्का-मुक्की

जोधपुर नगर निगम की टीम गुरुवार को भदवासिया मंडी में अतिक्रमण हटाने पहुंची। जब टीम होटल से अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो मालिक ने खुद पर ऑयल छिड़क लिया और हंगामा करने लगे। इसके बाद उन्होंने हाथ से कांच का गेट भी तोड़ दिया। मामला गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे का है। नगर निगम की टीम जब भदवासिया मंडी में अतिक्रमण हटा रही थी, उसी दौरान युवक की चाय का केबिन हटाया गया, तो वह टीम के साथ धक्का-मुक्की करने लगा। इसके बाद वह विरोध जताते हुए जेसीबी पर चढ़ गया। अतिक्रमण प्रभारी रजनीश बारासा ने बताया- टीम का कार्रवाई के दौरान विरोध भी हुआ। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस को एक्शन लेने के लिए कहा गया है। अब देखिए, कार्रवाई से जुड़ी PHOTOS… पहले विरोध, फिर लाया ऑयल की बोतल और खुद पर उड़ेल ली जानकारी के अनुसार, भदवासिया मंडी मोड़ पर ‘रामदेव रेस्टोरेंट’ है। यहां होटल के बाहर लगे शेड को हटाया जाना था, जिसका होटल मालिक विरोध करने लगा। होटल मालिक का कहना था कि उनके साथ-साथ दूसरे लोगों का भी अतिक्रमण हटाया जाए। कुछ देर तक बहस चलने के बाद, बुजुर्ग अचानक अंदर से ऑयल से भरी बोतल लेकर आया और उसे अपने ऊपर उड़ेल लिया। यह देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बुजुर्ग पर डाला गीला तौलिया, खींचकर अंदर ले गए तो तोड़ा कांच मौके पर हुए इस घटनाक्रम को देखकर निगम की टीम भी हैरान रह गई। टीम ने तुरंत होटल मालिक को पकड़ा और जैसे-तैसे स्थिति को संभाला। इसके बाद परिवार के लोगों ने उन पर गीला तौलिया (टॉवल) डाला। निगम की कार्रवाई के बीच परिवार के सदस्य और स्टाफ मालिक को रेस्टोरेंट के अंदर ले गए। वहां होटल मालिक ने कांच के गेट पर मुक्का मारकर उसे तोड़ दिया। इस घटना में उनके हाथ से खून बहने लगा, जिसके बाद परिजन और स्टाफ के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर भागे। होटल मालिक ने कहा – नगर निगम की टीम बिना कोई नोटिस दिए यह कार्रवाई कर रही है। इस इलाके में और भी अतिक्रमण हैं, लेकिन टीम भेदभाव कर रही है और गरीबों की हाय ले रही है। टीम के साथ धक्का-मुक्की, जेसीबी पर चढ़ा युवक नगर निगम की ओर से की जा रही इस कार्रवाई का लगातार विरोध होता रहा। जब टीम ‘विष्णु रेस्टोरेंट’ के पास लगे चाय के केबिन को जेसीबी की मदद से हटाने लगी, तो एक युवक इसका कड़ा विरोध करने लगा। पुलिस-निगम की टीम ने उसे समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना और टीम के साथ धक्का-मुक्की करने लगा। इसके बाद वह युवक जेसीबी मशीन पर चढ़ गया और मांग करने लगा कि गली और आसपास में हो रहे अन्य अतिक्रमणों को भी हटाया जाए। कार्रवाई से जुड़े 5 बड़े अपडेट्स… ढाई किलोमीटर में हटाए 50 से ज्यादा अतिक्रमण: नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी रजनीश बारासा ने बताया- गुरुवार को भदवासिया इलाके में करीब ढाई किलोमीटर इलाके में 50 से ज्यादा अतिक्रमण हटाए गए। करीब पांच घंटे चली कार्रवाई के दौरान होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, बैंक, मेडिकल शॉप आदि ने अवैध टीन शेड, रेलिंग और चाय के कैबिन लगा रखे थे, उन सभी को हटाया गया। टीम की ओरसे सामान भी जब्त किया गया। डॉक्यूमेंट्स दिखाने पर रोने लगी महिला: भदवासिया मंडी के बाहर ही बुजुर्ग महिला कमलादेवी का सरस का कैबिन था। टीम इसे हटाने गई तो महिला ने बताया कि उनके पास इसकी परमिशन है। इस पर कमलादेवी अपने घर से डॉक्यूमेंट लेकर आई। जब वह डॉक्यूमेंट्स दिखाने लगी तो रोने लगी। बोली- 2025 तक की परमिशन है। एक-दो दिन में परमिशन रिन्यू करवानी थी लेकिन उनके पति की तबीयत खराब हो गई थी। वे हॉस्पिटल में एडमिट है। इस पर टीम ने लाइसेंस रिन्यू के लिए दो दिन का समय दिया। कार्रवाई को लेकर हुआ विरोध: भदवासिया में नगर निगम की इस कार्रवाई को लेकर काफी विरोध हुआ। एक युवक कार्रवाई के विरोध में जेसीबी पर चढ़ गया और दूसरे लोगों पर एक्शन लेने की बात करने लगा। वहीं एक बुजुर्ग अपने मेडिकल स्टोर के आगे खड़ा हो गया। हालांकि समझाइश के बाद उसे हटाया और वहां लगे टीन शेड को तोड़ा गया। भदवासिया बस स्टैंड पर महिला हुई बेसुध: टीम भदवासिया बस स्टैंड भी पहुंची। यहां लगे एक कैबिन को स्थानीय लोगों की ओर से हटाया जा रहा था। तभी एक बच्चे का हाथ कैबिन के एंगल के नीचे आ गया तो वह चिल्लाने लगा। इस पर उस बच्चे की मां वहां पर पहुंची और उसकी हालत देख चीखने लगी। बेटे की हालत देख वह बेसुध हो गई। हालांकि वहां मौजूद लोग लड़के को हॉस्पिटल ले गए और औरतों ने उसकी मां को संभाला। ट्रैफिक हुआ जाम, विरोध करने वालों के खिलाफ होगा एक्शन: इधर, इस कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। भदवासिया मंडी के आगे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस की ओर से रास्ता क्लियर करवाया गया। वहीं अतिक्रमण प्रभारी रजनीश बारासा ने बताया कि अतिक्रमण कार्रवाई का विरोध करने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। —— यह खबर भी पढ़िए…. जोधुपर में JCB के आगे खड़े होकर रोया बुजुर्ग, VIDEO:अफसरों के पैर पकड़े, फूड कार्ट हटाने गई टीम से बोला- मुझे खुद घर ले जाने दो जोधपुर नगर निगम की टीम बुधवार को जब एक फास्ट फूड कार्ट को हटाने लगी, तो एक बुजुर्ग JCB के आगे खड़ा हो गया। वह रोने लगा और टीम के आगे हाथ जोड़ते हुए अधिकारियों के पैर पकड़ने लगा। वह गुहार लगाते हुए कहने लगा- मैंने इसे ले जाने के लिए क्रेन बुलाई है। मुझे इसे खुद घर ले जाने दो। यह घटनाक्रम करीब 20 मिनट तक चला। पढ़ें पूरी खबर

दोस्त ने नर्सिंग छात्र की चाकू मारकर हत्या की:बाइक को धक्का देने की बात पर हुआ झगड़ा; मां को बोला था-थोड़ी देर में आऊंगा

उदयपुर में नर्सिंग छात्र की दोस्त ने चाकू मारकर हत्या कर दी। छात्र परिजनों को बाइक ठीक कराने जाने की कहकर घर से निकला था। रास्ते में बाइक को धक्का देने की बात पर उसका दोस्त से विवाद हो गया। इसके बाद दोस्त ने उसे चाकू मार दिया। घटना सवीना थाना इलाके में सेक्टर-14 श्रीराम अपार्टमेंट के पास बुधवार रात 11 बजे की है। सवीना खेड़ा निवासी छात्र दिनेश मीणा (23) के परिजनों के पास एमबी हॉस्पिटल से रात 11:45 बजे फोन आया कि उनका बेटा भर्ती है। परिजन हॉस्पिटल पहुंचे तो डॉक्टरों ने दिनेश को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद से दिनेश के परिजन और समाज के लोग आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एमबी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरना दे रहे हैं। परिजनों ने चेतावनी दी है कि आरोपी को गिरफ्तार नहीं किए जाने तक पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे। चाकू मारने वाले की तलाश कर रही पुलिस थानाधिकारी गजवीर सिंह सोलंकी ने बताया- पुलिस जांच में सामने आया कि दिनेश, ललित गमेती और एक अन्य दोस्त बाइक पर साथ में थे। दिनेश और ललित के बीच बाइक को धक्का देने की बात पर झगड़ा हुआ था। गुस्से में ललित ने दिनेश पर चाकू से वार कर दिया। दिनेश गंभीर घायल हो गया। ललित वहां से फरार हो गया। ऐसे में तीसरा दोस्त उसे एमबी हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने दिनेश को मृत घोषित कर दिया। थानाधिकारी ने बताया कि परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर टीमें कोशिश में जुटी हैं। मां बोली- मुझे मेरा बेटा चाहिए दिनेश के पिता दोलाराम मीणा ने बताया- शाम करीब 6 बजे बेटा बाइक ठीक कराने की बात कहकर घर से निकला था। फिर रात को हमें हॉस्पिटल से फोन आया कि बेटा यहां भर्ती है। हॉस्पिटल पहुंचे तो बेटा मृत अवस्था में मिला। मां सूरज ने कहा- मुझे मेरा लड़का चाहिए और कुछ नहीं। बेटे से मेरी अंतिम बात बुधवार रात 9 बजे हुई थी। जब मैंने उसको फोन कर पूछा था कि घर कब तक आएगा। उसने बोला कि थोड़ी देर मैं आ रहा हूं। दिनेश उदयपुर में डाकन कोटड़ा स्थित वागड नर्सिंग कॉलेज में सेकंड ईयर का छात्र था। हमलावर ललित उसी के गांव का रहने वाला है। वह कोई काम नहीं करता है। ये खबर भी पढ़ें बेटे ने पिता को डंडों से पीटकर मार डाला:साले और ससुर के साथ घर में घुसा था, जमीन के रुपयों को लेकर विवाद था बाड़मेर में बेटे ने अपने ससुर और साले के साथ मिलकर पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। बुरी तरह घायल पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पिता ने अपने हिस्से की जमीन बेची थी। बेटा वो रुपए मांग रहा था। (पूरी खबर पढ़ें)

शरद पवार के NDA में जाने की अटकलें:पार्टी ने कहा- विपक्ष को कमजोर करने की साजिश; एक दिन पहले पवार-शिंदे की मुलाकात हुई थी

शरद पवार की पार्टी NCP के NDA में शामिल होने या कांग्रेस में विलय की अटकलें हैं। हालांकि, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने इन सभी चर्चाओं को अफवाह बताया है। सूत्रों के मुताबिक, शरद की पार्टी के नेता NDA में शामिल के फेवर में नहीं हैं। कुछ नेताओं ने इस पर असहमति जताई है। पोता रोहित पवार इस फैसले के खिलाफ हैं। दरअसल, इन अटकलों को उस समय और बल मिला, जब शरद पवार ने महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर 8 जुलाई को मुंबई में विधानभवन में मीटिंग हुई थी। इसके बाद पवार ने डिप्टी CM शिंदे के कमरे में अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की। 2 वजह से अटकलों को हवा मिली शरद गुट के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि पवार की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें लंबी दूरी तक पैदल चलाना उचित नहीं था। डिप्टी CM शिंदे का कमरा विधान भवन से निकलने वाले दरवाजे के बिल्कुल नजदीक है, इसलिए सुविधा के लिहाज से वहीं बैठक करने का निर्णय लिया गया। संजय राउत ने कहा- पवार से बात करेंगे कांग्रेस से अलग होकर बनाई थी NCP राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की स्थापना 10 जून 1999 को शरद पवार, पीए संगमा और तारिक अनवर ने की थी। तीनों नेताओं ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे। कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके बाद तीनों ने NCP का गठन किया। —— ये खबर भी पढ़ें: शरद पवार बोले-अजित चाहते थे कि दोनों NCP एक हों:सब कुछ तय था, 12 फरवरी को ऐलान होना था; बारामती में घर पर बैठक हुई महाराष्ट्र में एनसीपी के दोनों गुटों के विलय पर शरद पवार ने शनिवार को कहा, ‘यह अजित पवार की भी इच्छा थी। इसे जरूर पूरा होना चाहिए।’ शरद ने कहा कि अजित, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों गुटों के विलय के बारे में बातचीत शुरू की थी। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को विलय का ऐलान होना था लेकिन दुर्भाग्य से, अजित उससे पहले हमें छोड़कर चले गए। पढ़ें पूरी खबर…

डायबिटीज पेशेंट को हफ्ते में एकबार लेना होगा इंसुलिन इंजेक्शन:भारत में पहली बार बेसल इंसुलिन लॉन्च, 40% तक सस्ती होगी डोज

डायबिटीज मरीजों के लिए राहत की खबर है। डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने बुधवार को भारत में Awiqli (इंसुलिन आइकोडेक) लॉन्च की। कंपनी का दावा है कि यह हफ्ते में एक बार दिए जाने वाला बेसल इंसुलिन है, जो टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के वयस्क मरीजों के लिए है। इसके आने से साल में हर दिन लगने वाले इंसुलिन इंजेक्शन घटकर 52 रह जाएंगे। कंपनी के मुताबिक, Awiqli का उद्देश्य भारत में इंसुलिन शुरू करने में होने वाली देरी को कम करना है। नोवो नॉर्डिस्क का कहना है कि रोज इंजेक्शन लगाने का डर मरीजों के बीच इंसुलिन थेरेपी शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा है, जिसके कारण औसतन सात से नौ साल की देरी हो जाती है। 700 यूनिट का पैक ₹2611 में कंपनी ने 700 यूनिट का पैक ₹2611 में लॉन्च किया है। यानी इसकी कीमत ₹3.73 प्रति यूनिट पड़ेगी, जो मौजूदा दैनिक बेसल इंसुलिन की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक सस्ती बताई गई है। यदि किसी मरीज को रोज 10 यूनिट इंसुलिन की जरूरत होती है, तो उसे सप्ताह में 70 यूनिट इंसुलिन लगेगी, जिसकी लागत करीब ₹261 प्रति सप्ताह होगी। भारत में 10 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित भारत में 10.1 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। 13.6 करोड़ लोग प्री-डायबिटीज की स्थिति में हैं। देश में 9 लाख से अधिक लोग टाइप-1 डायबिटीज से प्रभावित हैं, जिनके इलाज का मुख्य आधार इंसुलिन है। वहीं टाइप-2 डायबिटीज के लगभग 10 प्रतिशत मरीजों को भी इंसुलिन थेरेपी की जरूरत पड़ती है। पेन डिवाइस से लगाया जाएगा भारत में करीब 60 लाख लोग इंसुलिन ले रहे श्रोत्रिया ने कहा कि भारत में लगभग 60 लाख लोग इंसुलिन थेरेपी ले रहे हैं, और नोवो नॉर्डिस्क को उम्मीद है कि निकट भविष्य में यह संख्या बढ़कर 90 लाख हो जाएगी, जिससे कंपनी को व्यावसायिक रूप से लाभ होगा। आईएमएआरसी के अनुसार, भारत का इंसुलिन बाजार 2025 में 660.5 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2034 तक 916.4 मिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण गतिहीन जीवनशैली, खराब आहार और आनुवंशिक प्रवृत्ति से जुड़े मधुमेह के बढ़ते प्रसार है। कंपनी ने बताया कि अविक्ली, जिसे सामान्यतः इंसुलिन इकोडेक के नाम से जाना जाता है, को इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिका से मंजूरी मिल चुकी है और इसे यूरोपीय संघ तथा कई अन्य देशों में भी मंजूरी मिल चुकी है। भारत सातवां देश है जहां इस दवा को लॉन्च किया गया है। ————————— डायबिटीज से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… डायबिटीज से बिगड़ती सेक्शुअल हेल्थ:फर्टिलिटी पर असर, कंट्रोल जरूरी, डॉक्टर से जानें, डाइट और लाइफस्टाइल टिप्स डायबिटीज सिर्फ शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है। अगर यह लंबे समय तक अनियंत्रित रहे तो शरीर के लगभग हर अंग पर असर डाल सकती है। इसका एक असर ऐसा भी है, जिसके बारे में लोग खुलकर बात नहीं करते। वो है सेक्शुअल हेल्थ। पूरी खबर पढ़ें…

मानसून सीजन के दौरान रणथंभौर में टेंट में अस्थाई चौकियां:गश्त भी बढ़ाई, आवाजाही देखते हुए वन कर्मी तैनात किए

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने मानसून के आगमन को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा वन क्षेत्र में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापक तैयारियां की गई हैं। मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एडिशनल स्टाफ की तैनाती, अस्थाई शिविरों (टेंट) की स्थापना और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। टेंट एवं अस्थायी कैंप बनाए रणथंभौर टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र के भीतर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुव्यवस्थित रहे तथा वन्यजीवों एवं आमजन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त टेंट एवं अस्थायी कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे फील्ड स्टाफ को मानसून के दौरान प्रभावी ढंग से कार्य करने में सुविधा मिले। गश्त एवं मॉनिटरिंग बढ़ाई मानसून के दौरान वन्यजीवों की गतिविधियों में होने वाले बदलाव को ध्यान में रखते हुए गश्त एवं मॉनिटरिंग को और सुदृढ़ किया गया है। फील्ड स्टाफ को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी, वन्यजीवों की गतिविधियों का सतत अवलोकन तथा मानव-वन्यजीव संपर्क की संभावित स्थितियों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रण एवं संचार व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। वन क्षेत्र में लगातार तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मानसून के दौरान उनके सुरक्षित एवं सुचारु रूप से कार्य करने के लिए आवासीय टेंट, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, आवश्यक खाद्य सामग्री, संचार उपकरण, वर्षा से बचाव के लिए सामग्री तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे विपरीत मौसम में भी संरक्षण कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सके। इसके अतिरिक्त, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया गया है। संयुक्त कार्ययोजना के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, आपदा अथवा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की समुचित व्यवस्था की गई है।

बेटे ने पिता को डंडों से पीटकर मार डाला:साले और ससुर के साथ घर में घुसा था, जमीन के रुपयों को लेकर विवाद था

बाड़मेर में बेटे ने अपने ससुर और साले के साथ मिलकर पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। बुरी तरह घायल पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 60 साल के पिता ने अपने हिस्से की जमीन बेची थी। बेटा वो रुपए मांग रहा था। बुधवार रात को रुपयों के लेनदेन को लेकर वह अपने साले, ससुर समेत 6-7 लोगों को लेकर अपने पिता के घर पहुंच गया। इस दौरान दोनों के बीच बहस हो गई। जिससे उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ​पिता पर हमला कर दिया। घटना बाड़मेर जिले के सदर थाना इलाके शोभाला जेतमाल गांव के सियोलो की ढाणी बुधवार रात की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में ​रखवाया। रुपयों को लेकर अनबन थी मृतक के भाई किस्तुराराम ने बताया- शोभाला जैतमाल गांव के सियोलों की ढाणी निवासी किसान रावताराम (60) पुत्र भारमल के तीन बेटे हैं। दूसरे नंबर के बेटा रेखाराम पिता से अलग रहता है। इनके बीच में काफी समय से रुपयों को लेकर अनबन चल रही थी। किस्तुराराम ने बताया- इसे लेकर रेखाराम और उसके साले, ससुर और 6-7 लोगों को लेकर बुधवार रात को अपने पिता रावताराम के घर पर पहुंचे। वहां किसी बात को लेकर बहस हो गई। तभी रेखाराम ने अपने पिता पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले से रावताराम गंभीर रूप से घायल हो गए। बेटे और परिजनों ने घायल हालात में रावताराम को बाड़मेर जिला हॉस्पिटल लेकर आए। जहां उन्हें गंभीर हालात में भर्ती करवाया गया। इस दौरान गुरुवार को सुबह रावताराम की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेटा रेखाराम टैक्सी चलता है जानकारी के अनुसार आरोपी बेटा रेखाराम टैक्सी चलाता है। इससे एक बड़ा भाई है। वह भी अलग रहता है। वहीं छोटे भाई के साथ पिता रहता है। मृतक के भाई किस्तुराराम ने बताया- रावताराम ने अपने नाम की जमीन बेची थी। उसके रुपए को लेकर विवाद था। इस दौरान सदर थाना SHO करतार सिंह ने बताया- भाई की रिपोर्ट पर बेटा, उसके साले और ससुर सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम कार्रवाई चल रही है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।

सिंगर ने किया सुसाइड, लिखा- पैसों के लिए परेशान किया:गाने-बजाने का सामान भी छीन लिया; मेरा किसी ने साथ नहीं दिया

बारां के लोकल गायक कलाकार (सिंगर) कुलदीप महावर (25) ने कर्ज से परेशान होकर सेल्फॉस खाकर सुसाइड कर लिया। सुसाइड से पहले उसने एक नोट भी लिखा, जिसमें परेशान करने वालों के नाम लिखे हैं। सिंगर कुलदीप सेल्फॉस खाने के बाद दोस्त विनोद के घर चला गया। तबीयत बिगड़ने पर दोस्त से हॉस्पिटल ले जाने को कहा। बुधवार शाम बारां हॉस्पिटल से रेफर होकर आए सिंगर को कोटा हॉस्पिटल में मृत घोषित कर दिया। घटना बारां शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र की है। परिजनों की मौजूदगी में आज सिंगर के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। गायक कलाकर कुलदीप बारां में लंका कॉलोनी का रहने वाला था। उसने सुसाइड नोट में परेशान करने वालों के नाम लिखे हैं। अलविदा सबको कुलदीप ने नोट में लिखा- बंटी सुमन, अंकुश शर्मा, हेमंत राव इन लोगों ने परेशान कर दिया। मेरे पास देने को पैसे भी नहीं है। मेरा किसी ने साथ नहीं दिया, अलविदा सबको। मेरी प्यारी मम्मी, भाई, दादी चाचा, नाना, मामा सबसे मिलने जरूर आऊंगा। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है’। दोस्त से बोला-हॉस्पिटल ले चलो दोस्त विनोद ने बताया कि कुलदीप जागरण व धार्मिक प्रोग्राम करता था। उसके पास गाने-बजाने के सामान थे। वह बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे मेरे घर आया। उसने कहा मेरा बीपी लो हो रहा है। उसने 50 रुपए दिए और ईनो का पैकेट मंगवाया। आधे घंटे बाद उसके मुंह से झाग निकलना शुरू हो गए। कोटा हॉस्पिटल लाते ही दम तोड़ दिया कुलदीप ने कहा कि मुझे हॉस्पिटल ले चलो। उसकी मां और छोटा भाई काम पर गए हुए थे, उन्हें फोन कर बुलाया। उसके बाद उसे बारां हॉस्पिटल लाए। हॉस्पिटल में डॉक्टर के पूछने पर कुलदीप ने सेल्फॉस खाने की बात कही। बारां से शाम को करीब 5 बजे उसे कोटा रेफर किया। कोटा हॉस्पिटल लाते ही उसने दम तोड़ दिया। तीन-चार दिन से परेशान था कुलदीप मां ममता ने बताया कि तीन-चार दिन से कुलदीप परेशान था। पूछने पर भी उसने कोई बात नहीं बताई। आज सुसाइड नोट पढ़कर पता लगा कि उसने 3-4 लाख का कर्ज ले रखा था। ये पता नहीं किस-किस से कर्जा लिया था। उसके पास जागरण में गाने-बजाने के सामान थे। चार-पांच दिन पहले सामान को कोई छीनकर ले गया। कुलदीप को फोन पर धमकियां मिल रही थी। सुसाइड नोट को जांच में शामिल करेंगे बारां कोतवाली थाने के ASI जमनालाल ने बताया कि हॉस्पिटल से युवक के जहर खाने की सूचना मिली थी। तबीयत बिगड़ने से कोटा में उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने रिपोर्ट दी है, जिसमें जहर खाने से तबीयत बिगड़ने की बात लिखी है। साथ ही एक सुसाइड नोट मिलना बताया है। उसे जांच में शामिल करेंगे।

पटियाला में बैंक मैनेजर ने परिवार समेत जहर खाया:बाप और बेटी की मौत; मां-बेटे की हालत नाजुक, अस्पताल में भर्ती कराया गया

पटियाला में एक ही परिवार के चार सदस्यों ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते सभी को राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान पिता और बेटी की मौत हो गई। जबकि, मां और बेटे का इलाज चल रहा है। मृतकों में बैंक मैनेजर पिता विकास बातिश (45) और बेटी खुशी बातिश (13) शामिल हैं। जबकि, मां तमन्ना बातिश (43) और बेटा कनव (11) की हालत गंभीर बनी हुई है। डीएसपी सिटी-1 संजीव सिंगला ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घरेलू लेन-देन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। रात में जहर खाया, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल भेजा
जानकारी के अनुसार, पटियाला शहर की ऑफिसर कॉलोनी में रहने वाले विकास बातिश, उनकी पत्नी तमन्ना बातिश, बेटी खुशी बातिश और बेटा कनव बातिश ने जहर खाया। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद लोगों ने उन्हें राजिंदरा अस्पताल पहुंचाया। यहां पर इलाज के बाद भी विकास बातिश और बेटी खुशी की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और दोनों की मौत हो गई। हालांकि, पत्नी तमन्ना और बेटा कनव का अभी इलाज चल रहा है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है, डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। पुलिस को अस्पताल से मिली सूचना डीएसपी सिटी-1 संजीव सिंगला ने बताया कि घटना की सूचना बुधवार रात को अस्पताल से मिली। सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। मामले की जांच कर रही पुलिस DSP संजीव सिंगला ने कहा- अन्य साक्ष्य भी पुलिस जुटा रही है। परिजन और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना किन हालात में हुई। यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है, तो उस आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जाच रही है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि परिवार ने किन हालातों में जहर खाया और इसके पीछे का कारण क्या रहा। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ ये खबर भी पढ़ें: फिरोजपुर के युवक की लंदन में संदिग्ध हालात में मौत: पांच साल बाद घर लौटने की टिकट बुक कराईं थी पंजाब के फिरोजपुर जिले के गांव सूबा कदीम से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। उच्च शिक्षा और सुनहरे भविष्य का सपना लेकर लंदन गए 24 वर्षीय नौजवान सहजीत सिंह की वहां संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। (पढ़ें पूरी खबर)

राजस्थान के 2 जिलों में इंटरनेट बंद:पांचना बांध के पानी को लेकर किसानों का आंदोलन; सोशल मीडिया पोस्ट से गर्माया माहौल

करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे आंदोलन के कारण इंटरनेट बंद है। रात 12 बजे से पूरे जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इसके अलावा सवाई माधोपुर जिले की 3 तहसीलों गंगापुर सिटी, बामनवास और वजीरपुर में भी इंटरनेट बंद है। दरअसल, पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के बाद भी कमांड एरिया में पानी नहीं पहुंचा था। इससे नाराज किसानों ने करौली-सवाई माधोपुर जिले के कई गांवों में धरना-प्रदर्शन किया और नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे के साथ ही अन्य प्रमुख रास्ते बंद कर दिए थे। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियों के बाद माहौल गर्मा गया था। पुलिस ने 2 समाजों के कुछ लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए। सोशल मीडिया पर भड़काऊ और अभद्र टिप्पणियां रोकने के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने, भड़काऊ सामग्री शेयर करने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मंत्रियों के आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की अध्यक्षता में गुरुवार अलसुबह 3 से 4 बजे के बीच गंगापुर सिटी में बैठक हुई, जिसमें दोनों जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कमांड क्षेत्र के किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। किसानों ने समयबद्ध जल वितरण, नहरों की मरम्मत, तकनीकी खामियों के स्थायी समाधान, पारदर्शी जल प्रबंधन और भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने सहित कई सुझाव सरकार के समक्ष रखे। मंत्रियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी उचित मांगों पर सकारात्मक और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि पांचना परियोजना के टेस्ट रन के दौरान सामने आई तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान किया जा रहा है, ताकि भविष्य में सिंचाई व्यवस्था प्रभावित न हो। 20 साल बाद खुले गेट, 7 दिन में मरम्मत के निर्देश
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा- करीब 20 साल बाद बांध के गेट खुलने के कारण तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने किसानों को हुई असुविधा पर खेद जताते हुए अधिकारियों को सभी गेटों और संबंधित संरचनाओं की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत 7 दिनों में पूरी करने के निर्देश दिए। 17-18 जुलाई को होगा दोबारा परीक्षण
मंत्री रावत ने बताया कि 17-18 जुलाई को किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बांध के गेटों का पुनः परीक्षण किया जाएगा। साथ ही कमांड एरिया की नहरों में पानी छोड़कर पूरी सिंचाई व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा, ताकि किसानों को निर्बाध सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा सके। प्रमुख मांगों पर सहमति के बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया और गंगापुर सिटी-हिंडौन मार्ग पर कुसाय और मेडी पास में लगा जाम खोल दिया। मंत्री किरोड़ीलाल ने धरनास्थलों पर किसानों से बात की
इससे पहले कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने आधी रात को विभिन्न धरनास्थलों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि सरकार कमांड और कैचमेंट क्षेत्र के सभी किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। किरोड़ीलाल मीणा ने किसानों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए भ्रामक सोशल मीडिया संदेशों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा- कुछ लोग माहौल को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। यह खबर भी पढ़े… 1. 2-जिलों में 40-घंटे से ज्यादा समय से कई रास्ते बंद:पांचना बांध से छोड़ा पानी नहरों में नहीं पहुंचने से किसान नाराज; हाईवे पर भी जाम
करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आंदोलन में बदल गया। नहरों में पानी छोड़ने के बाद भी किसानों ने कई स्थानों पर जाम लगा दिए। करौली और सवाई माधोपुर जिलों के कई रास्तों पर 40 घंटे से ज्यादा समय से ट्रैफिक जाम रहा। (पूरी खबर पढ़ें) 2. पांचना बांध से 20 साल बाद छोड़ा गया पानी:74 गांवों के बीच चल रहा था विवाद, लिफ्ट परियोजनाओं का भी शिलान्यास करौली जिले के पांचना बांध से 20 साल बाद 6 जुलाई को पानी छोड़ा गया। बांध के 3 गेट खोलकर गंभीरी नदी में पानी की निकासी शुरू की गई। इसके साथ ही बांध से जुड़ा पानी निकासी का 20 साल पुराना विवाद भी खत्म हो गया। इस दौरान गुडला पांचना लिफ्ट में भी पानी छोड़ने की शुरुआत की गई। (पूरी खबर पढ़ें)