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LDC भर्ती परीक्षा विवाद,बोर्ड अध्यक्ष बोले-लाइट गुल हुई या करवाई:खुलासा होगा; कैमरों की रिकॉर्डिंग से जरूरी सबूत मिले हैं, एजेंसियों को मदद मिलेगी

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) की एलडीसी भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और नकल के आरोपों को लेकर कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने कहा है कि मामले को छिपाने के बजाय तत्काल कार्रवाई की गई और अब एफआईआर के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी। दरअसल, एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान जैसलमेर में सामने आए घटनाक्रम के बाद परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे। इस पर बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- ये नकल कराने का मामला था या पेपर लीक? जिला प्रशासन या बोर्ड ने मामला छिपाया या तुरंत जांच शुरू की? इसका निर्णय जनता खुद करे। एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अब यह भी खुलासा होगा कि लाइट गुल हुई या करवाई गई। उन्होंने आगे लिखा- बोर्ड पहले ही बता चुका था कि परीक्षा के सभी कक्षों में करीब 28 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। क्या है मामला 5 जुलाई को राज्य में एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा दो पारियों में हुई थी। इस दौरान जैसलमेर के राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि खिड़की के रास्ते प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को दिया गया। साथ ही प्रशासन पर लापरवाही और खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजकर नकल कराने के गंभीर आरोप भी लगाए गए। इसके बाद सेंटर पर विवाद की स्थिति बन गई थी।
सांसद बेनीवाल ने सरकार को घेरा वहीं, बाड़मेर-जैसलमेर से सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा- जैसलमेर में एलडीसी भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में 72 घंटे बाद एफआईआर दर्ज होना सरकार के उन दावों की पोल खोलता है, जिनमें परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और पेपर लीक मुक्त बनाने की बात कही जाती रही है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि परीक्षा दो पारियों में आयोजित हुई थी और दूसरी पारी शुरू होते ही प्रश्नपत्र को परीक्षा केंद्र की खिड़की से बाहर फेंककर लीक किए जाने के आरोप सामने आए। इतने गंभीर मामले को केवल नकल का मामला बताना कई तरह की आशंकाओं को जन्म देता है, जबकि आरोप सीधे पेपर लीक के हैं। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ के आरोप सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ और फुटेज हटाए जाने जैसी बातें भी सामने आ रही हैं। उनके अनुसार यदि ऐसा हुआ है तो यह पूरे मामले को दबाने की कोशिश की ओर संकेत करता है। इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुरानी भर्ती परीक्षाओं की भी जांच की मांग उम्मेदाराम बेनीवाल ने केवल एलडीसी भर्ती परीक्षा ही नहीं, बल्कि, पूर्व में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की भी उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी या विशेष समिति से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई परीक्षाओं में सुनियोजित तरीके से धांधली कर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और परिचितों को चयनित कराने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जिन परीक्षा केंद्र अधीक्षकों, वीक्षकों और रिलीवरों की बार-बार संवेदनशील भर्ती परीक्षाओं में ड्यूटी लगाई गई। उनके चयन के कारणों, उन पर लगे आरोपों और उनसे जुड़े चयनित अभ्यर्थियों की भी व्यापक जांच कराई जाए। ये भी पढ़ें… एलडीसी परीक्षा में खिड़की से पेपर बाहर भेजने का आरोप:प्रशासन ने रिपोर्ट कर्मचारी चयन बोर्ड भेजी, निर्देश अनुसार कार्रवाई होगी जैसलमेर में रविवार को एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा के दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर लगे नकल के आरोपों के मामले में सोमवार को प्रशासन ने रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों की शिकायतों के आधार पर प्रकरण तैयार कर बोर्ड को भेजा गया है। अब बोर्ड से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। (पूरी खबर पढ़ें)

महाराष्ट्र में डॉक्टर को थप्पड़ मारने वाला शिवसेना पार्षद गिरफ्तार:3 साथी भी पकड़े गए; डॉक्टर ने इस्तीफा दिया, कहा- डर से शहर छोड़ा

महाराष्ट्र के ठाणे में हॉस्पिटल के डॉक्टरों से मारपीट के मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को बुधवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके तीन साथियों को भी पकड़ा गया है। वहीं, एक डॉक्टर ने नौकरी से इस्तीफा देकर ठाणे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यहां डर का माहौल है। अब कभी वापस नहीं लौटूंगा। घटना सोमवार को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल की है। अस्पताल के NICU में कोई बेड खाली नहीं था। इसलिए डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। परिजन इससे नाराज हो गए। उन्होंने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। वह अपने तीन साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से मारपीट की। मारपीट की 4 तस्वीरें… डॉक्टर बोले- गुंडे नजर रख रहे हैं, अब कभी नहीं लौटूंगा पीड़ित डॉक्टर ने मीडिया से कहा, ‘ मैं घटना के बाद खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा हूं। इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है।’ डॉक्टर ने कहा, ‘यहां बहुत डर का माहौल है। गुंडे नजर रख रहे हैं। दूसरे डॉक्टर काम करना चाहें तो करें, लेकिन मैं अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटूंगा।’ शिंदे ने पार्षद को फटकार लगाई, पार्टी ने नोटिस भेजा राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने गुरुवार को कहा कि डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने आरोपी पार्षद को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना गलत है और शिवसेना इस घटना का समर्थन नहीं करती। मामले में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप भी नहीं किया गया। कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे समेत शिवसेना के कई नेताओं और विपक्ष ने घटना की आलोचना की है। ठाणे सांसद नरेश म्हास्के ने बताया कि पार्टी ने आरोपी पार्षद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। —————- ये खबर भी पढ़ें… भाजपा मंत्री नितेश राणे को 1 महीने जेल की सजा:मुंबई-गोवा हाइवे पर NHAI इंजीनियर पर कीचड़ फेंका था; 29 आरोपी बरी महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे को सिंधुदुर्ग कोर्ट ने इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में एक महीने की जेल की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि (सांसद, विधायक या पार्षद) कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते। पूरी खबर पढ़ें…

हिरण का शिकार करते पकड़े गए, मांस बरामद:गांव वालों को देखते ही भागने लगे, बोलेरो से 10 किमी पीछा कर दबोचा

ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों की मुस्तैदी से हिरण का शिकार करने वाले तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया है। आरोपियों के पास से हिरण का मांस, शिकार में इस्तेमाल कटर, टॉर्च और बाइक बरामद हुई है। वन विभाग ने तीनों को डिटेन कर कार्रवाई (वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत) शुरू कर दी है। मामला बालोतरा के गिड़ा थाना क्षेत्र के कोलू और कानोड़ रोड का है। बोलेरो से पीछा कर पकड़ा रेंजर रूपाराम ने बताया- बुधवार देर रात पनावड़ा गांव के रहने वाले धमाराम, जुंझाराम और प्रहलादराम बुधवार रात बायतू थाना क्षेत्र के कोलू गांव में टॉर्च की रोशनी की मदद से हिरण का शिकार कर रहे थे। इसकी भनक ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों को लग गई। वे मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को आता देख तीनों शिकारी अपनी बाइक पर सवार होकर भागने लगे। ग्रामीणों ने बोलेरो गाड़ी से करीब 10 किमी तक पीछा कर कानोड़ रोड पर पकड़ लिया। देर रात वन विभाग की टीम को सूचना आरोपियों को पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने 8 जुलाई की रात में ही बायतु वन विभाग की टीम को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंची विभाग की टीम ने तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया। रेंजर के मुताबिक, शिकारियों के पास से हिरण के अवशेष और शिकार में काम आने वाले कटर व अन्य उपकरण मिले हैं। विभाग ने हिरण का पोस्टमॉर्टम करवाया गया।

सोना ₹1,306 बढ़कर ₹1.44 लाख पर पहुंचा:इस साल ₹10 हजार महंगा हुआ, चांदी ₹2,244 बढ़कर ₹2.24 लाख किलो हुई

सोने-चांदी के दाम में 9 जुलाई को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,306 रुपए बढ़कर 1.44 लाख रुपए हो गया है। वहीं, 1 किलो चांदी का दाम 2,244 रुपए बढ़कर 2.24 लाख रुपए पर पहुंच गई है। सोना इस साल ₹10,457 महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 10,457 रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.44 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 6,626 रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.24 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

OBC परिवारों का सर्वे करने कल से घर-घर जाएंगे कर्मचारी:आयोग ने कहा- कर्मचारियों के ट्रांसफर से काम में देरी की संभावना; रिपोर्ट के बाद ही पंचायत चुनाव की होगी घोषणा

प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनावों से पहले ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग का सर्वे शुरू हो रहा है। ओबीसी परिवारों का सर्वे करने के लिए शुक्रवार 10 जुलाई से कर्मचारी घर-घर जाएंगे, 13 दिन में सर्वे पूरा होगा। इसके बाद रिपोर्ट तैयार होगी। ओबीसी आयोग की इस रिपोर्ट के बाद ही निकाय और पंचायत चुनावों में ओबीसी का आरक्षण तय होगा और राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों की घोषणा करेगा। आयोग ने सरकार को चेताया- सर्वे में शामिल कर्मचारियों के तबादलों से काम अटकेगा ओबीसी आयोग ने अब सर्वे में तबादलों की वजह से देरी की आशंका जताई है। ओबीसी आयोग ने सरकार को चिट्ठी लिखकर सर्वे में शमिल कर्मचारियों के तबादलों से काम में बाधा आने और आयोग की रिपोर्ट में देरी होने की चेतावनी दी है। आयोग ने मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी में लिखा है- सरकार ने 10 जुलाई तक कर्मचारियों के तबादलों से बैन हटाया है। इस दौरान कई विभाागों में तबादले हो रहे हैं, इनमें सर्वे के काम में शामिल अफसर, कर्मचारी भी शामिल हैं। सर्वे के काम में लगे कर्मचारियों को मौजूदा जगह से रिलीव कर तबादला वाली नई जगह लगाया जाता है तो सर्वे के काम में बाधा आने की संभावना है। ऐसा होने से सर्वे का काम समय पर पूरा नहीं हो पाएगा और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में बेवजह की देरी होगी। 23 जुलाई तक घर घर जाकर सर्वे करना है ओबीसी आयोग को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में राज्य में ओबीसी वर्ग का स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों आरक्षण से जुड़ी सिफारिश की रिपोर्ट तैयार करनी है। रिपोर्ट के लिए सर्वे के काम में सभी कलेक्टर ने नॉडल अधिकारी,सहायक नॉडल अधिकारी, ​प्रगणक की नियुक्तियां की गई हैं। 10 जुलाई से 23 जुलाई तक ओबीसी वर्ग के परिवारों का घर-घर जाकर ऑनलाईन सर्वे का काम पूरा किया जाना है। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अगस्त के दूसरे सप्ताह तक आने की संभावना ओबीसी आयोग अगस्त के दूसरे सप्ताह तक रिपोर्ट देने की तैयारी में है। अगर दूसरे सप्ताह तक रिपोर्ट आई तो अगस्त अंत या सितंबर तक राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों की घोषणा कर सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग नवंबर तक दोनों चुनाव पूरे करवा सकता है। हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक चुनाव करवाने के आदेश दिए थे हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव करवाने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट की समय सीमा में चुनाव नहीं हो पाएंगे। सरकार का तर्क है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बिना चुनाव नहीं करवाए जा सकते। ओबीसी आरक्षण तय तभी हो पाएगा, जब ओबीसी आयोग रिपोर्ट देगा। इस बीच कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर रखी है। सरकार चुनाव के लिए और समय मांगने के लिए याचिका दायर करने की तैयारी में है, लोढ़ा ने कैविएट भी दायर कर दी है इसलिए समय बढ़ाने का फैसला देने से पहले उन्हें भी सुनना होगा। — ये खबर भी पढ़िए- शिक्षा विभाग में 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर:सबसे ज्यादा ग्रेड सेकेंड टीचर्स के तबादले, पहली बार देना होगा शपथ-पत्र राजस्थान में शिक्षा विभाग में अलग-अलग आदेश जारी कर करीब 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। (पढ़िए पूरी खबर)

महिला ने एक साथ 4 बच्चों को दिया जन्म:पति बोला- मैंने तो 1 बेटी की उम्मीद की थी, भगवान ने 3 दे दी और 1 बेटा भी दिया

झालावाड़ के राजकीय जनाना अस्पताल में एक महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया है। इनमें 3 बेटियां और 1 बेटा शामिल हैं। बुधवार को दोपहर में यह प्रसव हुआ।
इसके बाद महिला के पति ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मैंने तो एक बेटी की ही उम्मीद की थी, लेकिन भगवान ने मुझे 3 बेटियां और 1 बेटा दिया है। जो भी दिया है, उसकी खुशी है। दरअसल झालावाड़ शहर निवासी ज्योति कश्यप (25) पत्नी अरुण कश्यप (32) का बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब जनाना अस्पताल में सिजेरियन के जरिए यह दुर्लभ प्रसव कराया गया।
प्रसव के बाद प्रसूता ज्योति कश्यप की हालत सामान्य और स्थिर है। हालांकि जन्म के समय कम वजन होने के कारण चारों नवजातों को अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है और आवश्यक उपचार जारी है। 7 साल पहले हुई थी शादी
अरुण और ज्योति की शादी साल 2019 में हुई थी। इस डिलीवरी से पहले भी उनका 5 साल का बेटा हर्ष है। यह ज्योति की दूसरी डिलीवरी है। नवजातों के पिता अरुण कश्यप जनाना अस्पताल में ही कंप्यूटर ऑपरेटर है। उन्होंने इस अवसर पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह सब भगवान की मर्जी है। मैंने तो एक बेटी की ही उम्मीद की थी, लेकिन भगवान ने मुझे तीन बेटियां और एक बेटा दिया है। जो भी दिया है, उसकी खुशी है।”
चार बच्चों के जन्म की खबर फैलते ही परिजनों और मोहल्ले में खुशी का माहौल है। लोग परिवार को बधाई देने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। 24 हजार प्रसव में एक मामला आता है ऐसा
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि झालावाड़ जनाना अस्पताल में यह उनके सामने आया पहला ऐसा मामला है। डॉ. गुप्ता के अनुसार प्रसूता और सभी नवजात फिलहाल स्वस्थ हैं।

सतलुज विवाद, मंत्री ने हथियारबंद युवाओं के फोटो जारी किए:पूछा- AK-47, ड्रम मैगजीन वाले कौन?; खालड़ा मर्डर केस का दोषी DSP गायब

पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज विवाद के बीच केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू ने हथियारबंद युवाओं के फोटो जारी किए हैं। इस पोस्ट में उन्होंने बताया है कि ये 1990 के दशक के आतंकी हैं, जो पंजाब की गलियों में घूमते थे। पोस्ट में उन्होंने पूछा है कि AK-47 और ड्रम मैगजीन लेकर घूमने वाले ये लोग कौन थे? इधर, सतलुज विवाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। मोहाली के व्यक्ति सरवन सिंह ने याचिका लगाकर फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म पर वापस लाने की मांग की है। इसी बीच मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के कत्ल का मामला भी गरमा गया है। अब नाभा ओपन एग्रीकल्चर जेल प्रशासन ने होशियारपुर पुलिस को पत्र लिखकर इस मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी पूर्व DSP जसपाल सिंह का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। होशियारपुर थाना सदर ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें पूर्व DSP को ढूंढने के लिए कहा गया है। दरअसल, जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड में उम्रकैद काट रहे पूर्व DSP जसपाल सिंह को मई 2023 में नाभा ओपन एग्रीकल्चर जेल से 1 लाख रुपए के निजी बॉन्ड पर जमानत पर रिहा किया गया था। सितंबर 2022 में पंजाब सरकार ने जसपाल सिंह की समय से पहले सजा माफी का प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा था। यह प्रस्ताव अब भी राज्यपाल के पास पेंडिंग पड़ा है। एग्रीकल्चर जेल नाभा ने होशियारपुर पुलिस को जल्द से जल्द उसका पता लगाने को कहा है। बिट्‌टू ने ये फोटो जारी किए… बिट्‌टू ने पोस्ट में ये 2 बातें लिखीं हाईकोर्ट के इस नियम के आधार पर मिली थी जमानत जेल के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, सरकार के प्रस्ताव पर राज्यपाल की तरफ से लंबे समय तक कोई फैसला नहीं लिया गया। हाईकोर्ट के एक पुराने आदेश (COCP नंबर 2020/2022) के अनुसार, यदि सरकार के सजा माफी के प्रस्ताव पर राज्यपाल 3 महीने तक कोई फैसला नहीं लेते हैं, तो अंतिम फैसला आने तक कैदी को जमानत पर रिहा किया जा सकता है। इसी नियम के आधार पर पटियाला की चीफ ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट (CJM) नवदीप कौर गिल ने जसपाल सिंह को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे। 2019 में तत्कालीन राज्यपाल ने खारिज की थी अर्जी जसपाल सिंह को हाईकोर्ट से पैरोल मिली थी, लेकिन टांडा के एक अन्य मामले (FIR 81/1996) में 5 साल की सजा के चलते जेल प्रशासन ने उसे अंदर ही रखा। इसके खिलाफ उसने हैबियस कॉर्पस याचिका लगाई, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। तत्कालीन राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की आपत्ति के बाद जसपाल सिंह की सजा माफी की अर्जी को खारिज कर दिया था। इसके बाद उसकी उम्रकैद की सजा दोबारा शुरू हो गई थी। कोरोना काल में पैरोल मिली कोरोना महामारी के दौरान जसपाल सिंह को फिर पैरोल मिली। 2021 में उसने दोबारा हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन अगस्त 2022 में केस वापस ले लिया। कोर्ट ने उसे 16 अगस्त 2022 तक सरेंडर करने को कहा था। जसपाल सिंह ने अपनी ज्यादातर सजा ओपन जेल में ही काटी है। जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड के बारे में जानिए साल 1995 में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा को अगवा कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस हाई प्रोफाइल मामले में 2005 में पटियाला की CBI कोर्ट ने तत्कालीन DSP जसपाल सिंह और ASI अमरजीत सिंह को उम्रकैद और 4 अन्य पुलिसकर्मियों को 7-7 साल की सजा सुनाई थी। बाद में हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान ASI अमरजीत सिंह को बरी कर दिया था। जबकि बाकी 4 पुलिसकर्मियों (सुरिंदरपाल सिंह, जसबीर सिंह, सतनाम सिंह और पृथ्वीपाल सिंह) की सजा को 7 साल से बढ़ाकर उम्रकैद में तब्दील कर दिया था। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… दिलजीत की ‘सतलुज’ OTT पर लौट सकती है, केंद्र ने रिव्यू कमेटी बनाई केंद्र सरकार ने पंजाबी एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर रिव्यू कमेटी का गठन किया है। भाजपा के पंजाब प्रधान केवल ढिल्लों की अपील के बाद यह कमेटी बनाई गई। इसकी पुष्टि भाजपा नेता आरपी सिंह ने की। कमेटी फिल्म की सामग्री, तथ्यों और प्रस्तुत किए गए विषयों का अध्ययन करेगी। पढ़ें पूरी खबर…

सीनियर साइंटिस्ट भर्ती के आवेदन की कल लास्ट डेट:RPSC ने 3 पदों पर निकाली वैकेंसी, हर पद के लिए अलग फार्म भरना होगा

राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के कुल 3 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा निकाली गई इस भर्ती में आवेदन की कल लास्ट डेट है। इसमें टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक डिवीजन (पद) के लिए योग्यता रखता है और आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आवेदन फॉर्म भरना होगा। परीक्षा का आयोजन 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच में किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा कम्प्यूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसका शेड्यूल तय समय पर जारी कर दिया जाएगा। भर्ती प्रोसेस 10 जुलाई से शुरू किया गया था। यह रहेगा परीक्षा शुल्क

टाइपिंग की गलती से गिरफ्तारी अवैध कैसे?:राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की बेल पर सुप्रीम कोर्ट में सवाल, बड़ी बेंच जा सकता है मामला

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। अदालत ने संकेत दिए कि वह इस कानूनी सवाल को बड़ी बेंच के पास भेज सकती है कि क्या गिरफ्तारी मेमो में केवल टाइपिंग की गलती (टाइपो) होने से गिरफ्तारी अवैध मानी जा सकती है और आरोपी को जमानत मिल सकती है। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि वह इस मुद्दे पर विस्तार से विचार करेगी। साथ ही यह भी जांचेगी कि क्या मेघालय हाईकोर्ट ने केवल टाइपिंग की गलती के आधार पर सोनम रघुवंशी को जमानत देकर सही फैसला किया था। सरकार बोली- टाइपो के आधार पर जमानत देना गलत मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि यह बेहद गंभीर और सुनियोजित हत्या का मामला है। ऐसे मामले में गिरफ्तारी मेमो में एक टाइपिंग की गलती के आधार पर जमानत देना कानून की गलत व्याख्या है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध कराए गए थे। मेमो में गलत धारा का उल्लेख केवल एक लिपिकीय (क्लेरिकल) त्रुटि थी। हाईकोर्ट ने क्यों दी थी जमानत? मेघालय हाईकोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत इस आधार पर बरकरार रखी थी कि पुलिस गिरफ्तारी के उचित लिखित आधार उपलब्ध नहीं करा सकी। अदालत ने यह भी कहा था कि गिरफ्तारी मेमो में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या से जुड़ी धारा 103(1) की जगह गलती से धारा 403 लिख दी गई थी। हाईकोर्ट ने इसे जांच एजेंसी की “न्यायिक सोच के पूर्ण अभाव” का उदाहरण माना था। सुप्रीम कोर्ट ने मांगे मूल दस्तावेज सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के समय लिखित आधार देना कितना जरूरी है, इस पर अलग-अलग फैसले हैं और इस कानूनी सवाल पर स्पष्टता जरूरी है। अदालत ने मेघालय पुलिस को निर्देश दिया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को दिए गए मूल दस्तावेज की स्पष्ट प्रतियां पेश की जाएं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उस समय वास्तव में क्या जानकारी दी गई थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस मनोज मिश्रा ने मौखिक रूप से कहा कि यदि जमानत का तकनीकी आधार टिकाऊ नहीं पाया गया, तो जमानत आदेश भी रद्द हो सकता है। 23 मई को दोनों लापता हुए, 2 जून को राजा का शव मिला था इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मई 2025 में हनीमून मनाने मेघालय गए थे। 23 मई को दोनों लापता हो गए थे। बाद में 2 जून को राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ। पुलिस का आरोप है कि सोनम ने आर्थिक लाभ के लिए सुपारी किलर्स के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर है, जबकि अन्य आरोपी जेल में बंद हैं। ………………………. यह खबर भी पढ़ें राजा की हत्या का मास्टरमाइंड राज कुशवाह: सोनम की शादी के 11 दिन पहले प्लान किया मर्डर इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या का मास्टरमाइंड सोनम का प्रेमी राज कुशवाह है। उसने राजा और सोनम की शादी के 11 दिन पहले मर्डर का प्लान बना लिया था। यह खुलासा मेघालय पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने किया है। पढ़ें पूरी खबर

स्मार्टफोन-लैपटॉप सस्ते हो सकते हैं:सरकार ने लीथियम-आयन सेल और डिस्प्ले पर कस्टम ड्यूटी माफ की, मार्च 2029 तक छूट मिलेगी

केंद्र सरकार ने देश में स्मार्टफोन, लैपटॉप, वियरेबल्स (स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड) और स्मार्ट टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान से बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) हटा दी है। इससे स्मार्टफोन, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी सस्ते हो सकते हैं। अब डिस्प्ले असेंबली, लीथियम-आयन सेल और इंडक्टर कॉयल मॉड्यूल के मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले सामानों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। सरकार ने घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए ये कदम उठाया है। मार्च 2029 तक लागू रहेगी छूट, कंपनियों की लागत कम होगी इन खास प्रोडक्शन मशीनों के इम्पोर्ट पर अब नहीं देना होगा कोई टैक्स ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट की नई लिस्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी बनाने वाली लगभग सभी जरूरी चीजें शामिल हैं। अब कंपनियों को पाउडर ड्रायर, ऑटोमैटिक फीडिंग और ब्लेंडिंग सिस्टम, स्लरी ट्रांसफर सिस्टम, कैथोड और एनोड एक्सट्रूज़न कोटिंग मशीनें, कम्प्रेशन इक्विपमेंट और हाई वैक्यूम पंप मंगाने पर टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा वाइंडिंग मशीन, इलेक्ट्रोड कटिंग और स्लिटिंग मशीन, टेस्टिंग मशीन, ऑटो-पैकिंग सिस्टम, सेपरेटर कोटिंग मशीन और स्टैकिंग मशीन भी इस छूट के दायरे में आएंगी। स्मार्टफोन, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी हो सकते हैं सस्ते इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिस्प्ले असेंबली और लीथियम-आयन सेल किसी भी स्मार्टफोन, लैपटॉप या स्मार्ट टीवी की कुल लागत का एक बहुत बड़ा हिस्सा होते हैं। इन पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटने से कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी राहत मिलेगी। आने वाले समय में कंपनियां इसका फायदा ग्राहकों को ट्रांसफर कर सकती हैं, जिससे भारत में बने इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की कीमतें कम हो सकती हैं। PLI स्कीम को सपोर्ट करना और इम्पोर्ट पर निर्भरता घटाना है मकसद सरकार का यह फैसला इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए चल रही प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI स्कीम के उद्देश्यों के लिए सही है। अभी में भारत को डिस्प्ले असेंबली और लीथियम-आयन सेल जैसी प्रमुख चीजों के लिए बड़े पैमाने पर दूसरे देशों (विशेषकर चीन और वियतनाम) पर निर्भर रहना पड़ता है। इस ड्यूटी छूट के बाद स्थानीय स्तर पर प्रोडक्शन बढ़ेगा, जिससे विदेशी देशों पर भारत की निर्भरता कम हो जाएगी। क्या होती है बेसिक कस्टम ड्यूटी? बेसिक कस्टम ड्यूटी यानी BCD वह टैक्स है जो देश के बाहर से आने वाले सामानों के इम्पोर्ट पर लगाया जाता है। इसे हटाने का मतलब है कि अब कंपनियां विदेशों से कच्चा माल बिना किसी अतिरिक्त टैक्स के मंगा सकेंगी और भारत में फाइनल प्रोडक्ट तैयार करेंगी।