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इंद्रगढ़ अस्पताल में सरकारी उपभोक्ता भंडार दवा केंद्र शुरू:कर्मचारियों, पेंशनरों को एक ही जगह मिलेंगी सभी दवाएं

बूंदी के इंद्रगढ़ स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में गुरुवार को सरकारी उपभोक्ता भंडार दवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। अब राज्य सरकार की योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलने वाली दवाइयां अस्पताल परिसर में ही उपलब्ध होंगी। इससे लाभार्थियों को अन्य स्थानों पर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय के साथ-साथ पैसे की भी बचत होगी। दवा के लिए अब नहीं होगी भागदौड़ नए दवा केंद्र के शुरू होने से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को आवश्यक दवाइयां एक ही स्थान पर आसानी से मिल सकेंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक सुलभ होगी तथा अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अतिथियों की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ शुभारंभ समारोह में नगर पालिका इंद्रगढ़ के ईओ बृजभूषण शर्मा, अस्पताल प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता, पेंशनर समाज के अध्यक्ष जगदीश नारायण शर्मा, संरक्षक गोपाल गोस्वामी, हेमराज गौतम, गणेश गौतम, शिक्षक संघ के अध्यक्ष जोधराज मीणा, ट्रेजरी विभाग से हरिओम, चिकित्सक डॉ. प्रियंका मीणा एवं डॉ. रितिका शर्मा, दवा केंद्र के संचालक सुनील शर्मा एवं मोहित शर्मा तथा देईखेड़ा व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश व्यास सहित कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी, पेंशनर और विभिन्न समाजों के लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। अतिथियों ने बताया महत्वपूर्ण कदम कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अस्पताल परिसर में दवा केंद्र का संचालन सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा। आवश्यक दवाइयां एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी। उन्होंने इस पहल को आमजन और सरकारी कार्मिकों के लिए उपयोगी बताते हुए इसके सफल संचालन की शुभकामनाएं दीं।

पीड़िताओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश:डीएलएसए सचिव ने सखी वन स्टॉप सेंटर व बाल संप्रेषण गृह का लिया जायजा

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रेखा यादव ने गुरुवार को सखी वन स्टॉप सेंटर और गवर्नमेंट बाल संप्रेषण एवं किशोर गृह का आकस्मिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश और जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं, बालिकाओं और किशोरों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं और लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सखी वन स्टॉप सेंटर में सचिव रेखा यादव ने आगंतुक पंजी, केस रजिस्टर, परामर्श रजिस्टर और चिकित्सा सहायता संबंधी अभिलेखों की गहन जांच की। उन्होंने लंबित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आपातकालीन चिकित्सा सहायता, विधिक परामर्श, निःशुल्क अधिवक्ता, अस्थायी आश्रय, पुलिस समन्वय और एफआईआर सहायता जैसी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। इस दौरान स्वच्छता, सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। केंद्र में मौजूद चार बालिकाओं और एक महिला से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं, उनके प्रकरणों की जानकारी ली गई और उन्हें विधिक अधिकारों और नालसा एवं रालसा की योजनाओं से अवगत कराते हुए सकारात्मक जीवन अपनाने व परिवार के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। इसके उपरांत सचिव रेखा यादव ने राजकीय बाल संप्रेषण एवं किशोर गृह का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सकीय सुविधाओं, परामर्श सेवाओं और मनोरंजन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। किशोरों से सीधे संवाद कर उनके प्रकरणों और दैनिक दिनचर्या की जानकारी ली गई, साथ ही उन्हें अनुशासन का पालन करने और भविष्य में गलत गतिविधियों से दूर रहने की सीख दी गई। सचिव ने देखरेख एवं संरक्षण श्रेणी के बच्चों तथा शिशु गृह का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की उचित देखभाल, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सखी वन स्टॉप सेंटर प्रबंधक शिप्रा पचौरी, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मधु शर्मा, बाल संप्रेषण गृह के अधीक्षक मुरारीलाल मीणा और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडोतिया सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीकर में परिवारों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे फल-सब्जी के ठेलेवाले:बोले- अब पेट पालना मुश्किल हो जाएगा, धर्मशाला मैनेजमेंट का विरोध

सीकर में दंग की नसियां तहसील के सामने ठेले-रेहड़ी लगाने वालों ने विरोध-प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया- दंग की नसियां के सामने काफी वर्षों से सैकड़ों ठेले वाले रेहड़ी लगाकर परिवार पाल रहे हैं। ठेलेवालों ने आरोप लगाया है कि दंग की नसियां धर्मशाला को मैरिज होम के रूप में काम में लिया जा रहा है। शादियों के फंक्शन के दौरान पार्किंग व्यवस्था के लिए धर्मशाला के मैनेजमेंट वाले फल-सब्जी के ठेले हटाने का दबाव बनाया जाता है। ठेले-रेहड़ी वालों ने बताया- पुलिस प्रशासन के नाम का डर दिखाकर और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर ठेलेवालों को हटाया जा रहा है। यदि ठेले हटाए गए तो सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट हो जाएगा। जबकि इनमें से ज्यादातर ठेलेवालों-रेहड़ीवालों के पास नगर परिषद की ओर से जारी वैध स्ट्रीट वेंडर लाइसेंस मौजूद हैं। ऐसे में बिना कोई दूसरी व्यवस्था के ठेले हटाना सही नहीं है। ठेलेवालों ने ज्ञापन देकर एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया है। ज्ञापन देकर बताया कि दंग की नसियां मैनेजमेंट को परेशानी है तो प्रशासन और पुलिस की मध्यस्थता में समाधान किया जा सकता है। सीधी कार्रवाई से फल-सब्जी के ठेलेवालों को काफी आर्थिक नुकसान होगा। ठेलेवालों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर रोजी-रोटी का ध्यान रखते हुए समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।

इंडियन एयरफोर्स में निकली मेडिकल असिस्टेंट की वैकेंसी:26 जुलाई लास्ट डेट, तीन चरणों में होगी भर्ती

इंडियन एयर फोर्स (IAF) ने अग्निवीर वायु एवं ग्रुप-‘Y’ मेडिकल असिस्टेंट पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 26 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती परीक्षा का आयोजन 22 और 23 सितंबर 2026 को ऑनलाइन किया जाएगा। महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थी पात्र वायुसेनिक चयन केंद्र, जोधपुर की कमान अधिकारी विंग कमांडर नैन्सी माहेश्वरी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अग्निवीर वायु पदों के लिए महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थी आवेदन के पात्र हैं। वहीं ग्रुप-‘Y’ मेडिकल असिस्टेंट पद केवल पुरुष भारतीय एवं गोरखा (नेपाल) नागरिकों के लिए निर्धारित हैं। 12वीं में न्यूनतम 50% अंक जरूरी अग्निवीर वायु पद के लिए अभ्यर्थी की आयु 16.5 से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अभ्यर्थी का 12वीं कक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक तथा अंग्रेजी विषय में भी 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा अथवा दो वर्षीय व्यावसायिक (वोकेशनल) पाठ्यक्रम वाले अभ्यर्थी भी पात्र होंगे। यह भर्ती चार वर्ष की अवधि के लिए होगी। ग्रुप-‘Y’ मेडिकल असिस्टेंट पद के लिए 12वीं (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी एवं अंग्रेजी) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 16 से 20 वर्ष तथा डिप्लोमा/बी.फार्मा/बी.एससी. फार्मेसी धारकों के लिए 18 से 23 वर्ष निर्धारित की गई है। इन अभ्यर्थियों के लिए भी न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक एवं अंग्रेजी विषय में 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। तीन चरणों में भर्ती होगी भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित होगी। प्रथम चरण में ऑनलाइन लिखित परीक्षा होगी। द्वितीय चरण में दस्तावेज सत्यापन एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा (DV एवं PFT) आयोजित की जाएगी, जिसमें 1.6 किलोमीटर दौड़, पुश-अप, सिट-अप एवं स्क्वैट्स जैसी शारीरिक परीक्षाएं शामिल होंगी। तृतीय चरण में विस्तृत मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट जरूरी आवेदन शुल्क 550 रुपये निर्धारित किया गया है। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा। साथ ही निर्धारित मानकों के अनुसार नवीनतम फोटो अपलोड करना होगा। ऑनलाइन आवेदन एवं विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी भारतीय वायु सेना की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट https://iafrecruitment.edcil.co.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 26 जुलाई 2026 है।

शिक्षकों को कार्यमुक्त न करने की मांग:पूर्व विधायक ने शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र, सिरोही में कमी का मुद्दा

पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने सिरोही जिले में बिना रिप्लेसमेंट शिक्षकों को कार्यमुक्त न करने का आग्रह किया है। लोढ़ा ने राज्य के मुख्य सचिव के 11 अक्टूबर 2019 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सिरोही में बिना रिप्लेसमेंट शिक्षकों को हटाने और तबादले के बाद भी कार्यमुक्त करने पर रोक है। लोढ़ा ने अपने पत्र में बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय में उनकी जनहित याचिका पर दिए गए निर्देशों के बाद, मुख्य सचिव राजस्थान ने 11 अक्टूबर 2019 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश (पत्र संख्या पी 1 (124) ग्रा वि./अनु-8/नीति आयोग/2017) में सभी विभागों को निर्देशित किया गया था कि आकांक्षी जिलों से बिना रिप्लेसमेंट के कर्मचारियों को नहीं हटाया जाए। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि इस आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है। लोढ़ा ने पत्र में उल्लेख किया कि हाल ही में 8 जुलाई 2026 तक जारी की गई तबादला सूची में शिक्षा विभाग ने सिरोही जिले से 73 शिक्षकों का तबादला किया है। इसके विपरीत, जिले में केवल 23 नए शिक्षक लगाए गए हैं। इस प्रकार, सिरोही जिले में शिक्षकों की संख्या में 50 की कमी आई है। उन्होंने बताया कि जिले में दर्जनों प्राथमिक विद्यालय सिंगल टीचर स्कूल हैं, और कम से कम 20 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में केवल 3 से 4 शिक्षक ही कार्यरत हैं। उन्होंने जोर दिया कि जिले के बच्चों के भविष्य के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि बिना रिप्लेसमेंट के शिक्षकों को नहीं हटाया जाए। लोढ़ा ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव से आग्रह किया कि जारी किए गए सभी तबादला आदेशों के संबंध में मुख्य सचिव के 11 अक्टूबर 2019 के आदेश का संज्ञान लिया जाए। उन्होंने मांग की कि सिरोही जिला कलेक्टर को निर्देशित किया जाए कि वे शिक्षा विभाग और अन्य विभागों से बिना रिप्लेसमेंट हटाए गए किसी भी कर्मचारी को जिले से कार्यमुक्त न करें।

खान विभाग के ऑफिस में छत से प्लास्टर-गिट्टी गिरी:कर्मचारी बाल-बाल बचे, दो वर्ष पहले ही जर्जर घोषित कर दिया था

शहर स्थित खान एवं भू विज्ञान विभाग के जर्जर ऑफिस भवन में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। कार्यालय की छत से अचानक प्लास्टर और गिट्टी गिरने से वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, इस घटना में किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई। यह घटना दोपहर के समय हुई जब कर्मचारी अपने काम में व्यस्त थे। छत से गिरे मलबे के कुछ टुकड़े पास रखे कंप्यूटरों पर भी गिरे। कर्मचारियों ने समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। खान एवं भू विज्ञान विभाग का यह भवन वर्ष 1992 में निर्मित हुआ था और लंबे समय से इसकी स्थिति बदहाल है। छत से पानी का रिसाव, प्लास्टर का झड़ना और लोहे के सरियों का बाहर निकलना यहां आम बात हो गई है। भवन की दीवारों में भी कई स्थानों पर चौड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। खनिज अभियंता पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति से उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इस भवन को दो वर्ष पहले ही जर्जर घोषित कर दिया था। नए भवन के निर्माण के लिए 31.57 लाख रुपए का प्रस्ताव भी भेजा गया है। इसके बावजूद नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया अब तक आगे नहीं बढ़ सकी है और न ही प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है। ऐसे में कर्मचारियों को अभी भी जोखिम भरे माहौल में काम करना पड़ रहा है।

तिलक-माला से हुआ नन्हे विद्यार्थियों का स्वागत:सिरोही में नए केंद्रीय स्कूल का शुभारंभ, सांसद लुम्बाराम चौधरी की पहल पर प्रवेशोत्सव

सिरोही के नव-स्वीकृत केंद्रीय स्कूल में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यमंत्री ओटाराम देवासी मुख्य अतिथि थे, जबकि जालोर-सिरोही सांसद लुम्बाराम चौधरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। स्कूल में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का अतिथियों ने तिलक लगाकर, माला पहनाकर और शुभकामनाएं देकर स्वागत किया। राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने सांसद लुम्बाराम चौधरी को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अध्ययन करने और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। देवासी ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए स्कूल की प्रगति पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने सिरोही में मेडिकल कॉलेज और कृषि स्कूल सहित लगभग 1500 करोड़ रुपए के विकास कार्य कराए हैं। सांसद लुम्बाराम चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश भर में शिक्षा के ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस नए केंद्रीय स्कूल की स्थापना से जिले के बच्चों को उच्चस्तरीय शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। सांसद चौधरी के प्रयासों से स्कूल के लिए लगभग 6 लाख रुपए का फर्नीचर त्वरित विभागीय कार्यवाही से उपलब्ध कराया गया। इसके अतिरिक्त, सांसद निधि से महात्मा गांधी स्कूल के पुराने भवन की मरम्मत पर लगभग 8 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। शेष कार्यों के लिए 15 लाख रुपए डीएमएफटी फंड से स्वीकृत हुए हैं, जिनका उपयोग केंद्रीय स्कूल के लिए किया जाएगा। चौधरी ने विश्वास दिलाया कि अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए महानगरों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह स्कूल क्षेत्र के शैक्षणिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वीरेंद्र सिंह चौहान ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि जिला महामंत्री गणपत सिंह राठौड़ ने मंच संचालन किया।

ममता TMC के बैंक खातों से सीमित लेनदेन कर सकेंगी:हाईकोर्ट ने निगरानी के लिए विशेष अधिकारी तैनात किया, बड़े खर्च पर रोक

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट को पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से सीमित लेनदेन की इजाजत दे दी। हालांकि खातों से सिर्फ रोजमर्रा और कानूनी मामलों से जुड़े खर्च ही किए जा सकेंगे। खातों के भुगतान पर निगरानी के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस सुब्रत तालुकदार की नियुक्ति की है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने यह आदेश दिया। कोर्ट के आदेश की 3 बड़ी बातें बागी गुट की शिकायत पर खाते फ्रीज किए 18 जून को बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि TMC के एक निजी बैंक में मौजूद तीन खाते अपराध की कमाई रखने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं। FIR दर्ज होने के अगले ही दिन इन खातों से डेबिट लेनदेन पर रोक लगा दी गई। यह शिकायत TMC के बागी गुट के नेताओं, विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा की ओर से की गई थी। यही शिकायत बैंक खातों के फ्रीज होने का आधार बनी। कोर्ट रूम लाइव ED ने भी 440 करोड़ रुपए फ्रीज किए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा करीब 440 करोड़ रुपए फ्रीज किए हैं। जांच चार्टर्ड प्लेन और निजी जेट किराए पर लेने में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी बताई गई है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें: ममता ने घर के बाहर 3 लोगों को थप्पड़ मारा:TMC की रैली में BJP कार्यकर्ताओं ने अंडे फेंके, तो नाराज हुईं कोलकाता पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बुधवार को TMC की रैली में हंगामा हो गया। इस दौरान ममता बनर्जी नाराज हो गई। वे अपनी ही पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं थप्पड़ मारते नजर आईं। दरअसल, रैली बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ रेप-मर्डर के विरोध में निकाली जा रही थी। इस दौरान चोर-चोर के नारे लगने लगे और कुछ लोगों ने रैली में शामिल लोगों पर अंडे फेंकने शुरू कर दिए। पढ़ें पूरी खबर…

रिटायर्ड टीचर और पत्नी को कुचलते हुए निकला ट्रक, मौत:बेटे का जन्मदिन मनाने कोटा जा रहे थे, बाइक को टक्कर मारकर भागा ट्रक

बेटे का जन्मदिन मनाने कोटा आ रहे रिटायर्ड टीचर और पत्नी को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। घटना बूंदी जिले के केशवरायपाटन थाना क्षेत्र में कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर गुडला टोल नाके के पास हुई। हादसे के बाद जिस घर में जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम पसर गया। गुरुवार दोपहर 12 बजे कापरेन निवासी केदार लाल शर्मा (65) अपनी पत्नी गीता शर्मा (55) के साथ बाइक से कोटा जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए अज्ञात ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। ट्रक उन्हें कुचलता हुआ निकल गया। सूचना पर केशवरायपाटन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कापरेन अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। कोटा में रहते हैं बेटे ASI हरिशंकर शर्मा ने बताया- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी अपने बेटे का जन्मदिन मनाने कोटा जा रहे थे। उनके दो बेटे कोटा में रहते हैं, जिनमें एक बड़ा बेटा रामलाल मेडिकल विभाग में कार्यरत है। छोटा बेटा सुनील शर्मा इलेक्ट्रॉनिक्स का व्यवसाय करता है। हादसे के बाद पुलिस को घटनास्थल से हेलमेट मिला, जिसकी बेल्ट मृतक केदार लाल शर्मा के गले में फंसी हुई थी। सिर में गंभीर चोट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गुडला टोल सहित आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फरार चालक की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके।

बेटे का जन्मदिन-मनाने जा रहे दंपती को ट्रक ने कुचला:माता-पिता का इंतजार करते रहे परिजन, खुशियां मातम में बदली

बेटे का जन्मदिन मनाने कोटा जा रहे बाइक सवार रिटायर्ड टीचर और उनकी पत्नी को ट्रक ने कुचल दिया। टायर कमर और सिर के ऊपर से निकलने से दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा गुरुवार दोपहर बूंदी जिले के केशवरायपाटन थाना क्षेत्र में कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर गुडला टोल नाके के पास हुआ। जिस घर में माता-पिता के स्वागत और जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं, वहां हादसे की खबर पहुंचते ही मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। केशवरायपाटन थाने के सहायक उपनिरीक्षक हरिशंकर शर्मा ने बताया- कापरेन निवासी रिटायर्ड टीचर केदार लाल शर्मा (65) अपनी पत्नी गीता शर्मा (55) के साथ बाइक से कोटा जा रहे थे। इसी दौरान कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर गुडला टोल नाके के पास पीछे से तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। ट्रक के टायर केदारलाल शर्मा की कमर और गीता शर्मा के सिर के ऊपर से निकल गए, जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
दुर्घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में राहगीर और स्थानीय लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर केशवरायपाटन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कापरेन अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। बेटे के जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं
सहायक उपनिरीक्षक हरिशंकर शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दंपती अपने बेटे से मिलने कोटा जा रहे थे। गुरुवार को बेटे का जन्मदिन था, जिसे पूरा परिवार साथ मिलकर मनाने वाला था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सारी खुशियां छीन लीं। परिजनों के अनुसार मृतक के दो बेटे कोटा में रहते हैं। एक बेटा मेडिकल विभाग में कार्यरत है, जबकि दूसरा इलेक्ट्रॉनिक्स का बिजनेस करता है। माता-पिता के आने का इंतजार कर रहे दोनों बेटों को हादसे की सूचना मिली तो वे सदमे में आ गए। हेलमेट पहनने के बावजूद नहीं बच सकी जान
पुलिस के अनुसार पति-पत्नी ने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन हादसा इतना भीषण था कि हेलमेट भी उनकी जान नहीं बचा सका। घटनास्थल पर मिले हेलमेट की बेल्ट केदार लाल शर्मा के गले में फंसी हुई थी। टायर ऊर से गुजरने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश जारी
हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर वाहन सहित फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ड्राइवर की पहचान के लिए गुडला टोल प्लाजा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।