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अवैध हुक्का बार में 15 पकड़े, इनमें आठ सवाईमाधोपुर जिले के लोग

कासं| सवाईमाधोपुर पुलिस थाना बजाज नगर, जयपुर पूर्व की स्पेशल टीम ने डिओना रेस्ट्रो में अवैध हुक्का बार पर कार्रवाई कर 15 युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवकों में आठ युवक सवाईमाधोपुर जिले के हैं। पुलिस ने 10 युवकों का कोटपा एक्ट के तहत चालान किया है। अवैध हुक्का बार से 10 हुक्का, 10 चिलम, 22 पाइप, 1 चिमटा, 1 कोयला जाली, 3 खुले फ्लेवर पैकेट जब्त किए हैं। पुलिस ने संचालक को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त, जिला जयपुर पूर्व, रंजीता शर्मा ने बताया कि जिले में अवैध तरीके से चल रहे हुक्का बार के संचालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। गठित टीम ने थाना क्षेत्र में अवैध रूप से हुक्का बार चला रहे कैफे डिओना रेस्ट्रो, टोंक रोड पर दबिश दी। टीम ने 10 हुक्का, 10 चिलम, 22 पाइप, 1 चिमटा, 1 कोयला जाली, 3 खुले फ्लेवर पैकेट जब्त किए। कैफे डिओना रेस्ट्रो में बैठकर हुक्का पीने वाले 10 युवकों के कोटपा एक्ट 2003 के तहत चालान काटे गए। कैफे डिओना रेस्ट्रो के संचालक मनोज कुमार (38) पुत्र कालूराम, निवासी चक 1 जी.एम.डी., पुलिस थाना संगरिया, जिला हनुमानगढ़ को गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज किया गया। 15 युवक गिरफ्तार, इनमें 8 सवाईमाधोपुर के पुलिस टीम ने कार्रवाई के दौरान कैफे डिओना रेस्ट्रो से 15 युवकों को गिरफ्तार किया है। हुक्का बार से गिरफ्तार युवकों में सवाईमाधोपुर जिले के नमोनारायण (21) पुत्र हरिमोहन मीणा निवासी सैलू थाना कुण्डेरा सवाईमाधोपुर, जयसिंह (19) पुत्र प्यारेलाल मीणा निवासी सारसोप थाना चौथ का बरवाड़ा, अखलेश (19) पुत्र मस्ताराम निवासी एण्डा थाना कुण्डेरा, दीपक (23) पुत्र गिर्राज निवासी भूखा थाना मलारना डूंगर, कुलदीप मीणा पुत्र मुकेश मीणा निवासी ग्राम एण्डा थाना कुण्डेरा, आकाश (19) पुत्र परसुराम मीणा निवासी सैलू थाना कुण्डेरा, नीरज मीणा (23) पुत्र हरिमोहन मीणा निवासी सैलू थाना कुण्डेरा, विक्रम (23) पुत्र आशाराम मीणा निवासी गांव सैलू थाना कुण्डेरा शामिल हैं।

भूप्रेमी की गिरफ्तारी पर आंदोलन तेज, 8 दिन में महापंचायत, संघर्ष समिति का गठन, कुंडेरा पुलिस थाना घेराव की तैयारी

सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज मीणा भूप्रेमी प्रकरण को लेकर चल रहे आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बुधवार को ग्राम रावल के भैरूजी मंदिर में बैठक हुई। इसमें संघर्ष को संगठित रूप देने के लिए अंतरिम संघर्ष समिति बनाई गई। आने वाले दिनों में महापंचायत कर कुंडेरा थाने के घेराव की रणनीति बनाने का निर्णय िकया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि 26 जून को कुंडेरा थाना पुलिस ने हेमराज मीणा भूप्रेमी को अवैध रूप से गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ शांति भंग में झूठी कार्रवाई की गई। मारपीट की गई। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस व राज्य सरकार से मांग की गई कि तत्कालीन थाना अधिकारी, संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। बैठक में मांग रखी गई कि गांव में हुई चोरी की जिन घटनाओं की रिपोर्ट पहले दर्ज नहीं की गई, उनकी निष्पक्ष जांच हो। बताया गया कि कलेक्टर, एसपी को गांव के लोग ज्ञापन देकर अवगत करा चुके हैं। बैठक में तय हुआ कि ज्ञापन के अनुसार थाना अधिकारी, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 8 दिन के अंदर सर्व समाज की महापंचायत होगी। उसी दिन रणनीति बनाकर पुलिस थाना कुंडेरा का घेराव किया जाएगा। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत दी। इसके बाद भी पुलिस वालों के खिलाफ आज तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। रावल गांव की बैठक में पूर्व सरपंच राम सिंह मीणा, लाखन सिंह एडवोकेट ने कहा कि रावल ही नहीं, क्षेत्र के गांवों में मंदिरों में चोरी हो रही है। किसानों की बोरिंग से केबल चोरी हर दो-चार दिन में हो रही है। पुलिस ने आज तक एक भी चोरी का खुलासा नहीं किया।

सख्त आदेश जारी:राज शाला संबलन एप से अब निजी स्कूलों का भी होगा डिजिटल निरीक्षण, अधिकारियों को मौके से ही दर्ज करनी होगी जानकारी

प्रदेश के सभी गैर-सरकारी (निजी) स्कूलों का निरीक्षण अब पूरी तरह डिजिटल होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इसके लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। अब सरकारी स्कूलों की तरह ही निजी स्कूलों की व्यवस्थाओं को भी ‘राज शाला संबलन’ एप के जरिए परखा जाएगा। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस नई व्यवस्था को तुरंत और प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्कूल परिसर में मौजूद रहना अनिवार्य होगा। उन्हें मौके से ही एप पर लाइव जानकारी दर्ज करनी होगी, जो ओटीपी आधारित होगी। इस दौरान स्कूल की पढ़ाई, प्रशासनिक व्यवस्था, फीस, और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था में निरीक्षण करने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की गई है। हर अधिकारी को अपने मासिक लक्ष्य का कम से कम 75 प्रतिशत निरीक्षण अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। शिक्षा विभाग हर 15 दिन में इन निरीक्षणों की वर्चुअल समीक्षा करेगा। खत्म होगा कागजी निरीक्षण: अब तक विभाग को शिकायतें मिलती थीं कि कई बार अधिकारी स्कूल जाए बिना ही दफ्तर में बैठकर ‘टेबल इंस्पेक्शन’ (कागजी रिपोर्ट) तैयार कर लेते थे। स्कूल प्रबंधन और निचले स्तर के कर्मचारियों की मिलीभगत से कई कमियां छुपा ली जाती थीं। ‘राज शाला संबलन’ एप इसी भ्रष्टाचार को खत्म करने का हथियार है। यह एप ‘जियो-फेंसिंग’ तकनीकपर काम करता है। इसका मतलब है कि जब तक अधिकारी स्कूल की सटीक लोकेशन (जीपीएस कोऑर्डिनेट्स) के दायरे में खड़ा नहीं होगा, तब तक एप में निरीक्षण का फॉर्म ही नहीं खुलेगा। इससे फर्जी रिपोर्टिंग और सेटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। मोनोपोली पर रोक: अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म, जूते या स्कूल बैग खरीदने का दबाव तो नहीं बनाया जा रहा।n किताबों का बदलाव: स्कूल प्रबंधन हर साल बेवजह पाठ्यपुस्तकें तो नहीं बदल रहा।n फीस नियमन: राजस्थान विद्यालय (फीस विनियमन) अधिनियम-2016 और 2017 के तहत फीस कमेटी बनी है या नहीं। इसके दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड हैं या नहीं।n बुनियादी सुविधाएं व सुरक्षा: फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र, खेल का मैदान, लैब, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय और रैंप जैसी सुविधाओं की जांच।n आरटीई: शिक्षा के अधिकार से जुड़े नियमों का सही से पालन हो रहा है या नहीं। डेटा से तय हो सकेगी स्टार रेटिंग इस डिजिटल लाइव मॉनिटरिंग का लॉन्ग-टर्म फायदा सीधे अभिभावकों को मिलेगा। शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो एप के जरिए जो रियल-टाइम डेटा इकट्ठा होगा, उसका इस्तेमाल भविष्य में प्राइवेट स्कूलों की ग्रेडिंग के लिए किया जा सकता है। जिन स्कूलों में सुरक्षा, आरटीई और फीस नियमों का शत-प्रतिशत पालन मिलेगा, उन्हें बेहतर ‘स्टार रेटिंग’ दी जा सकेगी। इस डेटा को शाला दर्पण पोर्टल से लिंक किया जा सकता है, ताकि नए सत्र में एडमिशन के समय पैरेंट्स आसानी से देख सकें कि कौन सा स्कूल नियमों के मामले में कितना पारदर्शी और सुरक्षित है। बता दें कि ‘राज शाला संबलन’ एप ‘जियो-टैगिंग’ तकनीक पर आधारित है। इसका मतलब यह है कि निरीक्षण अधिकारी किसी दफ्तर या घर में बैठकर खानापूर्ति नहीं कर सकते, उन्हें स्कूल की वास्तविक लोकेशन पर जाकर ही एप में डेटा दर्ज करना होगा। यह पूरी तरह से पेपरलेस प्रक्रिया है।

झुंझुनूं में 15 को लगाई जाएगी टेलीफोन अदालत

दूरसंचार उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए 15 जुलाई को सुबह 11 बजे दूरभाष केंद्र टेलीफोन एक्सचेंज झुंझुनूं में टेलीफोन अदालत का आयोजन किया जाएगा। सहायक महाप्रबंधक ने बताया कि इस अदालत में झुंझुनूं कस्बे के टेलीफोन उपभोक्ताओं की सेवाओं से जुड़े प्रकरणों व विवादों पर विचार किया जाएगा। न्यायालय या उपभोक्ता परिषद में विचाराधीन, जिनमें अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है, ऐसे मामलों पर विचार नहीं होगा।

महिला सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : एसपी मैत्रेयी

चौथ का बरवाड़ा | महाराजा हम्मीर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने मंगलवार को अन्वेषण भवन, पुलिस लाइन सवाई माधोपुर में महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम, संवाद एवं सम्मान समारोह में भाग लिया। एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने कहा कि राजस्थान पुलिस का इतिहास वीरता, साहस, कर्तव्यनिष्ठा की गौरवशाली परंपराओं से समृद्ध रहा है। पुलिस जवानों ने अपराधियों में भय, आमजन में विश्वास की भावना को साकार किया। कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, यह समाज के हर नागरिक का दायित्व है। महिला सुरक्षा, जागरूकता, सामाजिक सहभागिता विषयों पर संवाद हुआ।

लाइसेंस सस्पेंड हुआ तो बहाली से पहले रिफ्रेशर ट्रेनिंग जरूरी

सड़क सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बहाली की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत अब किसी चालक का लाइसेंस निलंबित होने पर सिर्फ निलंबन अवधि पूरी होने से लाइसेंस अपने आप सक्रिय नहीं होगा। लाइसेंस दोबारा चालू कराने के लिए चालक को परिवहन विभाग से मान्यता प्राप्त संस्थान में अनिवार्य रिफ्रेशर ट्रेनिंग कोर्स करना होगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद ही लाइसेंस बहाल होगा। नई व्यवस्था का मकसद सिर्फ दंड देना नहीं है। चालकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। परिवहन विभाग का मानना है कि प्रशिक्षण से चालकों को यातायात नियमों की बेहतर जानकारी मिलेगी। आगे नियमों का पालन ज्यादा जिम्मेदारी से होगा। रिफ्रेशर कोर्स में सड़क सुरक्षा के नियम, सुरक्षित ड्राइविंग, ट्रैफिक संकेतों का पालन, दुर्घटना से बचाव के उपाय, आपातकाल में सही व्यवहार, मोटर वाहन अधिनियम के प्रमुख प्रावधान सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण के बाद प्रमाण-पत्र जारी होगा। यह प्रमाण-पत्र जिला परिवहन कार्यालय में जमा कराने के बाद ही लाइसेंस फिर से सक्रिय किया जाएगा। परिवहन विभाग ने चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। तय गति सीमा में वाहन चलाएं। शराब पीकर वाहन चलाने से बचें। सड़क सुरक्षा के सभी नियम मानें। विभाग ने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को दंडित करना नहीं है। सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति विकसित करना है। इन मामलों में लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई परिवहन विभाग के अनुसार शराब पीकर वाहन चलाना, ओवरस्पीड, खतरनाक ड्राइविंग, बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन तथा अन्य गंभीर मामलों में पुलिस और परिवहन विभाग की कार्रवाई के तहत ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाता है। पहले तीन माह की निलंबन अवधि पूरी होने पर लाइसेंस स्वतः सक्रिय हो जाता था, लेकिन अब यह सुविधा समाप्त कर दी गई है। बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, बिना प्रशिक्षण नहीं मिलेगा लाइसेंस जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सिंह का कहना है कि लगातार यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था से वाहन चालकों में अनुशासन बढ़ेगा, नियमों के प्रति जागरूकता आएगी और सड़क हादसों में कमी लाने में मदद मिलेगी। नई गाइडलाइन के अनुसार निलंबन अवधि समाप्त होने के बाद भी लाइसेंस तब तक निष्क्रिय रहेगा, जब तक चालक रिफ्रेशर प्रशिक्षण पूरा कर उसका प्रमाण-पत्र जमा नहीं करा देता। इसके बाद ही विभाग लाइसेंस को पुनः सक्रिय करेगा।

बहरावंडा खुर्द में 20 मिनट तक हुई बारिश, उमस से मिली राहत

क्षेत्र में बुधवार को करीब 20 मिनट बारिश हुई। भीषण उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली। दोपहर बाद मौसम बदला। आसमान में काले बादल छाए। तेज हवा चली। बारिश शुरू हुई। पूरे क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया। सड़कों पर पानी बहने लगा। तापमान में गिरावट दर्ज हुई। कई दिनों से गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बच्चे घरों से बाहर निकले। बारिश का आनंद लिया। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी मौसम खुशनुमा रहा। लोगों के चेहरों पर खुशी दिखी। बारिश से किसानों में सबसे ज्यादा खुशी रही। किसान गिरधर जाट, पुष्पेंद्र चौधरी, चेतन जाट ने कहा कि यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभदायक होगी। खेतों में बोई सोयाबीन, बाजरा, मक्का, उड़द को नमी मिली। बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। जिन किसानों ने अभी बुवाई नहीं की है, उनके लिए भी बारिश अनुकूल मानी जा रही है। खेतों में नमी बढ़ी। कृषि कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। बारिश करीब 20 मिनट ही हुई। इस दौरान अच्छी वर्षा हुई। खेतों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी। ग्रामीणों ने इसे मौसम के लिहाज से राहत भरा बताया। मौसम साफ हुआ। ठंडी हवाएं चलती रहीं। शाम तक वातावरण सुहावना बना रहा।

पुलिस महकमे में फेरबदल; 9 सीआई जिले में आएंगे, 6 का यहां से तबादला

चूरू | बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश ने बुधवार को रेंज में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 24 सीआई के तबादला आदेश जारी किए हैं। इसके अनुसार चूरू को 9 नए सीआई मिले हैं, जबकि यहां तैनात छह सीआई का अन्य जिलों में तबादला हुआ है। जल्द ही 9 सीआई चूरू एसपी ऑफिस में जॉइनिंग रिपोर्ट पेश करेंगे, जिसके बाद सर्किलों या थाने सौपेंगे। सूची के अनुसार सीआई सुभाष कच्छावा, कैलाशचंद्र अपने प्रार्थना पत्र और जगदीश सिंह गोदारा, हनुमानाराम प्रशासनिक आधार पर हनुमानगढ़ से चूरू आएंगे। सीआई राजेंद्र सिंह, बजरंगलाल, अजय कुमार प्रार्थना पत्र व कृष्ण कुमार प्रशासनिक आधार पर श्रीगंगानगर से चूरू आ रहे हैं। सीआई धीरेंद्र सिंह शेखावत प्रशासनिक आधार पर बीकानेर से चूरू आएंगे।
जिले के आठ एसएचओ के पद हुए रिक्त : जिले में पांच थानों में एसएचओ के पद बुधवार की सूची के बाद हुए हैं। इससे पहले भानीपुरा एसएचओ अरविंद कुमार, बीदासर एसएचओ दिलीप सिंह व सांडवा एसएचओ चौथमल का दूसरी रेंज में तबादला हो गया। जिले से 6 सीआई को बीकानेर, हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर भेजा है। हमीरवास एसएचओ राय सिंह, सुजानगढ़ सदर एसएचओ पुष्पेंद्र झाझड़िया प्रार्थना पत्र व सरदारशहर एसएचओ मदनलाल विश्नोई, चूरू डीएसटी प्रभारी जयप्रकाश झाझड़िया का प्रशासनिक आधार पर चूरू से हनुमानगढ़ तबादला किया है। सिद्धमुख एसएचओ इमरान खान का श्रीगंगानगर व राजलदेसर एसएचओ सुरेंद्र बारुपाल का प्रार्थना पत्र के आधार पर बीकानेर तबादला हुआ है।

डॉक्टर बोले-हम उनके कलेजे पर कटर नहीं चला पाएंगे:मोर्चरी के जिस टेबल पर हर दिन अनजान शवों की चीरफाड़ करते थे, वहां लेटे थे गुरु

प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल की मोर्चरी ने अपने इतिहास में कई भयानक और वीभत्स मंजर देखे हैं, लेकिन सोमवार का दिन यहां के डॉक्टरों के लिए सबसे कठिन और रूह कंपा देने वाला रहा। रोजाना अनजान शवों का पोस्टमार्टम करने वाले फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों के सामने जब उनके अपने मार्गदर्शक, गुरु और विभागाध्यक्ष डॉ. नंदलाल डिसानिया का शव आया, तो पूरी मोर्चरी चीखों और आंसुओं में डूब गई। जूनियर से लेकर सीनियर डॉक्टरों ने एक सुर में कह दिया-‘आज हमसे मत कराइए… हम अपने गुरु के कलेजे पर कटर या छुरी नहीं चला पाएंगे।’ जाते-जाते नई मोर्चरी और प्रदेश की पहली आधुनिक लैब दिला गए ‘डॉ. डिसानिया की खुदकुशी से पूरा मेडिकल कॉलेज स्तब्ध था लेकिन सबसे बड़ी परीक्षा फॉरेंसिक विभाग की थी…। सीनियर प्रोफेसर डॉ. डी.के. शर्मा ने बताया, ‘जब मोर्चरी में पोस्टमार्टम करने को कोई भी डॉक्टर तैयार नहीं था। एक बार विचार आया कि पोस्टमार्टम किसी दूसरे सरकारी अस्पताल में ट्रांसफर कर दें। फिर दिल पर पत्थर रखकर साथियों को समझाया।’ इसके बाद मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। इसमें डॉ. दीपाली पाठक, डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. ज्ञानप्रकाश गौड़ और डॉ. श्वेता गोयल थीं। डॉ. दीपाली ने बताया कि ‘हमने कभी नहीं सोचा था कि अपने ही एचओडी पर हमें कटर और छुरी चलानी पड़ेगी। पहली बार हमारे हाथ कांप रहे थे। नम आंखें लिए बोर्ड के डॉक्टरों ने कहा कि पोस्टमार्टम टेबल पर सामने मरीज नहीं, उनके एचओडी थे। ऐसे में हाथ कांप गए। 1 करोड़ की लैब उनकी अंतिम देन…उन्होंने प्रयासों से 1 करोड़ से प्रदेश की पहली ‘पॉइजन डिटेक्शन एंड ड्रग लेवल लैब’ तैयार करवाई थी। संबंधित खबर पेज 4 पर

आधा-अधूरा बजट मिला:शेरगढ़ किले के विकास कार्यों के लिए चौथी बार में भी फर्म नहीं आई, 3 ऐतिहासिक बावड़-कुंडों की डीपीआर तक के लिए कोई नहीं आया

पर्यटन के लिहाज से ‘आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ में शामिल शेरगढ़ किला (बारां) की आभा लौटाने के लिए कोई फर्म नहीं आ रही। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग इस काम के टेंडर कर करके थक गया। अक्टूबर 2025 के बाद से 4 बार निविदा आमंत्रित की जा चुकी। जैसे ही इसको खोला जाता है किसी फर्म का नाम नहीं दिखता। एक बार फिर विभाग ने रिकॉर्ड पांचवीं बार निविदा आमंत्रित की है। ऐतिहासिक शीतला माता कुंड (वल्लभनगर), मेडतानी बावड़ी (झुंझुनूं) और सुंदर विलास कुंड (नाथद्वारा) की डीपीआर के लिए भी 5 बार टेंडर निकाले जा चुके, लेकिन किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। ऐसे हालात क्यों उपजे? पड़ताल में आया कि विभाग में पहले से जो कामकाज चल रहे हैं, उनके लिए ही बजट का भारी टोटा है। जो काम चल रहे हैं, उनके लिए बजट नहीं आ रहा। ऐसे में काम रेंग रहे हैं या रुक चुके हैं। अब विभाग जब नए कार्यों की निविदा जारी कर रहा है तो उनके लिए कोई फर्म दिलचस्पी नहीं दिखा रही। अफसर-इंजीनियर फर्मों को दिलासा देकर निविदा में भाग लेने के लिए कह रहे हैं, लेकिन मौजूदा हालात के आगे ये सब फीका पड़ रहा है। फर्में जारी कार्यों के पेमेंट मांग रही है, इसका संबंधित अफसर-इंजीनियरों के पास कोई जवाब नहीं। वहीं उच्चाधिकारी केवल मीटिंग-मीटिंग खेल रहे हैं। हाल देख 10 से ज्यादा स्मारकों की सालभर पहले की घोषणाओं पर जीर्णोद्धार कार्यों की निविदा ही नहीं लगाई जा रही। बजट घोषणाओं का हाल…2024-25 और 2025-26में सरकार ने 32 ऐतिहासिक महत्व की इमारतों के जीर्णोद्धार और विकास की घोषणाएं की थीं। 45.5 करोड़ के बजट के बाद उम्मीद थी कि इनकी रौनक जागेगी। इनमें से केवल 4 के लिए ही आधा-अधूरा बजट मिल पाया। उधर काम आगे बढ़ाने के लिए बजट नहीं मिल पाया। फर्में विभाग पर दबाव बना रही हैं तो विभाग ऊपर सरकार का मुंह ताक रहा है। 16 स्मारकों में बिना बजट काम शुरू किया, अब डांवाडोल…
विभाग ने 16 पर काम शुरू करा दिए, लेकिन अब वो या तो रेंग रहे हैं या फिर रुक गए हैं। इनमें मांजी की बावड़ी-आमेर, रैवासा बावड़ी-खाटूश्यामजी मार्ग, हाड़ी रानी की बावड़ी-स.माधोपुर, शोरती की बावड़ी-खंडार पाली घाट, खिलचीपुर की बावड़ी-स.माधोपुर, बाईजी की बावड़ी, गोगुंदा, छोटा गोपालपुरा की बावड़ी-नाथद्वारा, मूसी महारानी की छतरी-अलवर जैसे स्मारक हैं। 4 के लिए ही बजट मिला, वह भी आधा
करणी माता मंदिर (उदयपुर), वीर हनुमान मंदिर (सामोद), खेड़ापती बालाजी मंदिर (माधोपुराजपुरा) और वैर किला एवं सफेद महल के लिए ही बजट मिला है। इनमें भी केवल खेड़ापती को छोड़कर किसी के लिए पूरा बजट आवंटित नहीं हुआ। काम चल रहे हैं। हां, बजट रहेगा तो स्पीड रहेगी। कुछ में है, कुछ में मांगा हुआ है। बजट आ जाएगा। शेरगढ़ किले की लोकेशन आदि के चलते फर्म नहीं आई होगी, फिर से टेंडर लगाए हैं।
-आशीष गर्ग, एक्सईएन, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग