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फसल देखते समय किसान की तबीयत बिगड़ी, मौत:अचानक पेट में तेज दर्द हुआ, अचेत होकर गिरे; अस्पताल में मृत घोषित

प्रतापगढ़ जिले के चुपना गांव में खेत पर फसल देखते समय एक किसान की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय विक्रम पुत्र रामेश्वर डांगी के रूप में हुई है। यह घटना बुधवार सुबह हुई। जानकारी के अनुसार, विक्रम बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे अपने मौसी के लड़के सोनू कुमार डांगी के साथ खेत पर गया था। इसी दौरान उसे अचानक पेट में तेज दर्द उठा और वह अचेत होकर गिर पड़ा। सोनू कुमार ने तत्काल परिजनों और पुलिस को सूचना दी। परिजन विक्रम को अचेत अवस्था में जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अरनोद थाना के हेड कांस्टेबल दिनेश दास ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे मृतक के मौसी के लड़के सोनू कुमार डांगी की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज किया गया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक विक्रम विवाहित था। उसके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। वह खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।

यूडीएच मंत्री बोले- निकाय-पंचायत चुनाव पर सरकार की तैयारी पूरी:फैसला निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग के हाथ में; कांग्रेस पर साधा निशाना

राजस्थान में लंबे समय से लंबित नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने साफ किया है कि राज्य सरकार अपने स्तर पर चुनाव से जुड़ी सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर चुकी है। अब चुनाव कार्यक्रम घोषित करना राज्य निर्वाचन आयोग और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया पर निर्भर है। उन्होंने विपक्ष पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ कांग्रेस चुनाव में देरी का मुद्दा उठा रही है, वहीं दूसरी ओर ओबीसी राजनीतिक आरक्षण भी बनाए रखना चाहती है। दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक निकाय और पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं होने पर कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने अवमानना याचिका दायर की है, जिसमें राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए यूडीएच मंत्री ने कहा कि सरकार ने परिसीमन और पुनर्सीमांकन का कार्य मार्च 2026 में ही पूरा कर दिया था। सरकार के स्तर पर अब कोई लंबित प्रक्रिया नहीं बची है। चुनाव की चाबी अब निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग के पास खर्रा ने कहा कि संविधान के अनुसार निकाय और पंचायत चुनाव कराने का अधिकार राज्य निर्वाचन आयोग के पास है। वहीं ओबीसी को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करना राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की जिम्मेदारी है। ऐसे में चुनाव की अगली प्रक्रिया दोनों आयोगों के बीच समन्वय पर निर्भर करेगी। ट्रिपल टेस्ट के लिए वैज्ञानिक आंकड़ों पर जोर यूडीएच मंत्री ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय निकायों में ओबीसी को राजनीतिक आरक्षण देने से पहले ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। इसके तहत वास्तविक जनसंख्या, स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति और उनके प्रतिनिधित्व का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग इसी आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संवैधानिक आवश्यकता है। इसलिए सरकार चाहती है कि रिपोर्ट पूरी तरह तथ्यात्मक और कानूनी रूप से मजबूत हो, ताकि भविष्य में चुनाव प्रक्रिया किसी न्यायिक विवाद में न फंसे।
आंकड़ों में विसंगतियों से बढ़ी देरी खर्रा ने बताया कि आयोग को स्थानीय स्तर से जो आंकड़े प्राप्त हुए थे, उनके सत्यापन के दौरान कई विसंगतियां सामने आई। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान कई सूचनाएं वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती मिलीं। इसी कारण अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में अपेक्षा से अधिक समय लग गया। उन्होंने कहा कि अब आयोग को निर्देश दिए गए हैं कि वह जल्द से जल्द फील्ड सत्यापन पूरा कर ट्रिपल टेस्ट के अनुरूप अंतिम रिपोर्ट तैयार करे, ताकि चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ सके। मंत्री ने चुनाव में देरी का एक कारण मानव संसाधनों की कमी को भी बताया। उनके अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), सर्वेक्षण और अन्य प्रशासनिक कार्य एक साथ चलने से आयोग के सामने कर्मचारियों की उपलब्धता चुनौती बनी रही। इसी कारण रिपोर्ट तैयार करने की गति प्रभावित हुई। झाबर सिंह खर्रा ने कहा- विधानसभा के बजट सत्र में भी यह मुद्दा उठा था। उस समय सरकार ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि वे चाहते हैं कि ओबीसी राजनीतिक आरक्षण के बिना चुनाव करा दिए जाएं तो वे लिखित में अपनी सहमति दें।सरकार उस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने ऐसा कोई लिखित प्रस्ताव नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आज वही विपक्ष चुनाव में देरी को मुद्दा बना रहा है, जबकि उस समय उसने स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट तैयार होने पर जल्द होगा चुनाव यूडीएच मंत्री ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला साल 2022-23 में आया था, जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। अगर कांग्रेस गंभीर होती तो उसी समय राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया शुरू कर सकती थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद इस विषय को प्राथमिकता दी गई और आयोग का गठन कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कराई गई। खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग को जल्द से जल्द फील्ड वेरिफिकेशन पूरा कर अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जैसे ही यह रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को मिलेगी, ओबीसी राजनीतिक आरक्षण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और उसके बाद निकाय एवं पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

सीकर में 3 दिन शेखावाटी की खूबियों पर होगा मंथन:26 से 28 सितंबर तक देशभर के दिग्गज स्पीकर जुटेंगे; आर्कियोलॉजी एंड एपिग्राफी सोसाइटी का छठवां अधिवेशन

सीकर में 26 से 28 सितंबर तक शेखावाटी के कल्चर, मंदिरों, शिलालेख, हवेलियों, पुरातत्व और फ्रेस्को पेंटिंग पर मंथन होगा। आयोजन मंडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आर्कियोलॉजी एंड एपिग्राफी सोसाइटी और त्रिलोक सिंह रिसर्च इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में देश की 11 यूनिवर्सिटी के टॉप प्रोफेसर, स्पीकर और शोधकर्ता जुटेंगे। 3 दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस में शेखावाटी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राचीन भित्ति चित्रों और मूर्तिकला पर नए सिरे से शोध और चर्चा की जाएगी। त्रिलोक सिंह रीसर्च एंड डवलपमेंट संस्थान के अध्यक्ष प्रोफेसर शिवराज सिंह ने बताया- एकेडमिक आयोजन में देश के विभिन्‍न इतिहासकार शेखावाटी के छिपे हुए ऐतिहासिक पहलुओं और नई खोज की संभावनाओं पर मंथन करेंगे। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन उद्घाटन सत्र और की-नोट स्पीकर्स के सत्र होंगे। वहीं दूसरे दिन स्पीकर्स और आर्कियोलॉजी स्पेशलिस्ट शेखावाटी का भ्रमण करेंगे। तीसरे दिन अधिवेशन की थीम पर चर्चा-परिचर्चा और समापन सत्र होगा। भारतीय पुरातत्व और शेखावाटी का योगदान रहेगी उद्घाटन सत्र की थीम अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के विभागाध्यक्ष और आर्कियोलॉजी एंड एपिग्राफी सोसाइटी के प्रोफेसर बीएल भादाणी ने बताया- 26 सितंबर को उद्घाटन सत्र को मुख्य वक्ता डेक्कन यूनिवर्सिटी पुणे के पूर्व VC बसंत शिंदे, मुख्य अतिथि राजस्थान पुरातत्व विभाग के पंकज धरेंद्र और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जेपी नेहरा संबोधित करेंगे। उद्घाटन सत्र की थीम भारतीय पुरातत्व और उसमें शेखावाटी का योगदान होगी। पहले दिन कुल 3 सत्र होंगे। सोसाइटी के डॉ. रितेश व्यास ने बताया- 27 सितंबर को सभी प्रोफेसर और स्पीकर शेखावाटी के पौराणिक व आर्कियोलॉजिकल स्पॉट हर्ष, जीणमाता, रैवासा, सकराय, नवलगढ़ की विजिट करेंगे। अधिवेशन के अंतिम दिन 28 सितंबर को कुल 3 सत्र होंगे। इसमें शेखावाटी की हवेलियों, पुरातत्व, फ्रेस्को पेंटिंग, मंदिर, वाटर सोर्सेज और शिलालेखों पर की-नोट प्रजेंटेशन होगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडवोकेट सूरजभान, केशरदेव नेहरा, बीएल भादाणी, श्याम लाल महर्षि डूंगरगढ़, डॉ. रितेश व्यास, डॉ. गोपाल व्यास आदि मौजूद थे।

रसैल वाइपर के डसने से महिला बेहोश:खेत में काम करते समय काटा, ट्रॉमा सेंटर में भर्ती; 24 घंटे निगरानी

सिरोही के कृष्णगंज में खेत में काम कर रही एक महिला को जहरीले रसैल वाइपर सांप ने डस लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। महिला डसने के कुछ ही मिनटों में बेहोश हो गई। परिजन सांप को प्लास्टिक की थैली में लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। डॉक्टर अगले 24 घंटे तक महिला की विशेष निगरानी कर रहे हैं। खेत में काम के दौरान हुआ हादसा घटना बुधवार की है। कृष्णगंज निवासी नाना राम कलबी की पत्नी वनी देवी अपने खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे रसैल वाइपर सांप ने उनके बाएं पैर में डस लिया। कुछ ही मिनटों में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह मूर्छित हो गईं। सांप को साथ लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन महिला की हालत बिगड़ते देख परिजनों ने तत्काल उन्हें कृष्णगंज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। पहचान के लिए वे सांप को भी प्लास्टिक की थैली में साथ लेकर पहुंचे। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने सांप को रसैल वाइपर के रूप में पहचानते ही महिला को प्राथमिक उपचार दिया और बेहतर इलाज के लिए सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। 24 घंटे विशेष निगरानी में इलाज ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने महिला को भर्ती कर तत्काल उपचार शुरू किया। प्रोटोकॉल के तहत उसके खून की हर तीन घंटे में जांच की जा रही है। शाम तक महिला की हालत में सुधार होने पर उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, अगले 24 घंटे तक उसे विशेष निगरानी में रखा जाएगा।

ममता ने घर के बाहर 3 लोगों को थप्पड़ मारा:TMC की रैली में BJP कार्यकर्ताओं ने अंडे फेंके, तो नाराज हुईं

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बुधवार को TMC की रैली में हंगामा हो गया। इस दौरान ममता बनर्जी नाराज हो गई। वे अपनी ही पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं थप्पड़ मारते नजर आईं। दरअसल, रैली बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ रेप-मर्डर के विरोध में निकाली जा रही थी। इस दौरान चोर-चोर के नारे लगने लगे और कुछ लोगों ने रैली में शामिल लोगों पर अंडे फेंकने शुरू कर दिए। टीएमसी ने आरोप लगाया कि हंगामा भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। इस दौरान मारपीट भी की। ममता ने कहा कि बंगाल में अराजकता फैल गई है। पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रही है। टीएमसी की रैली में अंडे फेंके गए ममता के घर के बाहर पूरा हंगामा, 5 तस्वीरों में देखें… 1. रैली ममता के घर के बाहर पहुंची 2. ममता ने घर से निकल लोगों से व्यवस्था बनाने को कहा 3. नाराज ममता ने एक शख्स को थप्पड़ मारा 4. दूसरे शख्स को पीठ पर मारा 5. तीसरे शख्स को भी पीठ पर मारा पूरा मामला समझें… दरअसल, बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ रेप-मर्डर का मामला सामने आया था। इसका मुख्य आरोपी प्रभास मंडल पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। जबकि फरार आरोपी कबीर मोल्ला भी गिरफ्तार हो गया है। अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। TMC ने हाईकोर्ट से घटना के विरोध में रैली निकालने की परमिशन मांगी थी। हाईकोर्ट से परमिशन के बाद TMC बुधवार को बालीगंज फाड़ी से हाजरा क्रॉसिंग तक रैली निकाल रही थी। इस दौरान ममता के घर के पास बालीगंज में BJP और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया। घटना के बाद कार्यकर्ता ममता के घर के बाहर पहुंचे थे। इस दौरान वहां हंगामा हो गया। ममता ने लोगों से हटने और व्यवस्था बनाने को कहा। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई। वे वहां मौजूद तीन लोगों को मारते हुए नजर आईं। TMC की रैली में झड़प की 4 तस्वीरें ED ने TMC के ₹440 करोड़ बैंक डिपॉजिट फ्रीज किए बुधवार को ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और फंड हेराफेरी मामले में TMC के तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए। यह कार्रवाई PMLA के तहत की गई। मामले पर TMC की ओर से अभी कोई बयान नहीं आया है। ED ने कोलकाता में केयरवेल ग्रुप और उसकी एविएशन कंपनी समेत पांच ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी का आरोप है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच TMC के खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल ग्रुप की कंपनियों को भेजे गए। ED के मुताबिक, इस रकम का एक हिस्सा बिजनेस जेट और हेलीकॉप्टर खरीदने में लगाया गया। बाद में इन्हें TMC को किराये पर दिया गया। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में बच्ची से रेप-मर्डर का आरोपी एनकाउंटर में ढेर, पुलिस बोली- राइफल छीनकर भाग रहा था पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग से रेप और मर्डर का एक आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पूछताछ के दौरान पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। पूरी खबर पढ़ें…

वक्फ बोर्ड विवाद में भोपाल के निकाह काजी का इस्तीफा:बोले- गैर मुस्लिमों को शामिल करना स्वीकार नहीं; मुफ्ती को अध्यक्ष के स्वागत पर आपत्ति

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति से उपजा विवाद थम नहीं रहा है। ताजा घटनाक्रम में इस फैसले का विरोध करते हुए भोपाल में निकाह काजी मोहम्मद मआज खान नोमानी नदवी ने इस्तीफा दे दिया है। नदवी ने बुधवार को निकाह काजी के पद के साथ ही दीनी तालीमी बोर्ड, जमीयत उलेमा मध्य प्रदेश के महासचिव पद से भी त्यागपत्र सौंपा है। उन्होंने पहला इस्तीफा शहर काजी मौलाना सैयद मुश्ताक अली नदवी जबकि दूसरा दीनी तालीमी बोर्ड, जमीयत उलेमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद अब्दुल कलाम कासमी को भेजा। दोनों ही पत्रों में उन्होंने वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों और उनके समर्थन को अपने इस्तीफे का कारण बताया है। नदवी ने लिखा- मुझे जो जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, मैंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा से उन्हें निभाने का प्रयास किया। वर्तमान परिस्थितियों में इन पदों पर बने रहना संभव नहीं रह गया है। वहीं, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के स्वागत समारोह पर मुफ्ती मोहम्मद मसरूर ने नाराजगी जताई है। बोले- धार्मिक संस्था में हमवतन भाइयों का क्या काम? दैनिक भास्कर से बातचीत में नदवी ने कहा कि वक्फ बोर्ड एक धार्मिक और इस्लामिक संस्था है। ऐसे में इसमें गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया जाना उन्हें स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा, “धार्मिक संस्था में हमारे हमवतन भाइयों का क्या काम है? कम से कम जिम्मेदार लोगों को इतना तो कहना चाहिए था कि यह फैसला ठीक नहीं है।” नदवी ने बताया कि उन्हें केवल गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति से ही आपत्ति नहीं है, बल्कि उसके बाद हुए घटनाक्रम ने भी उन्हें आहत किया। उन्होंने कहा- भोपाल में दो दिन पहले शहर काजी की मौजूदगी में नवगठित मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल का स्वागत किया गया। जिन लोगों से इस फैसले का विरोध करने की उम्मीद थी, उन्होंने विरोध दर्ज कराने के बजाय स्वागत किया। मुफ्ती बोले- धार्मिक संस्थाओं से जुड़े फैसलों पर सवाल पूछे समाज उधर, मुफ्ती मोहम्मद मसरूर ने वीडियो संदेश जारी कर कहा- धार्मिक संस्थाओं से जुड़े जिम्मेदार लोगों द्वारा इस तरह का सार्वजनिक स्वागत मुस्लिम समाज के एक वर्ग के लिए पीड़ादायक है। उन्होंने वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मस्जिद कमेटियों के नवीनीकरण में राजनीतिक हस्तक्षेप हो रहा है और सिफारिशें मांगी जाती हैं। मसरूर ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वह धार्मिक संस्थाओं से जुड़े फैसलों को लेकर जागरूक रहे और आवश्यक सवाल पूछे। मुस्लिम त्योहार कमेटी ने किया था प्रदर्शन दरअसल, देश में पहली बार किसी राज्य के वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम (हिंदू) सदस्यों की नियुक्ति हुई है। मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के राघौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को सदस्य बनाया है। सनवर पटेल को दोबारा बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने के विरोध में सोमवार को भोपाल के बुधवारा चौराहे पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इन दो हिंदू सदस्यों की वक्फ बोर्ड में नियुक्ति अब जानिए, मुस्लिम संगठन क्यों कर रहे विरोध? त्योहार कमेटी के संरक्षक बोले- नियुक्ति उचित नहीं ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि वक्फ मुस्लिम समाज की धार्मिक और सामाजिक संस्था है, जहां लोग अपनी संपत्ति अल्लाह की रजा के लिए वक्फ करते हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के प्रबंधन में गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति उचित नहीं है। जल्दबाजी में वक्फ बोर्ड के गठन का आरोप शमशुल हसन ने अयोध्या, सोमनाथ और मथुरा की धार्मिक संस्थाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि जब मुस्लिम समाज ने कभी उन संस्थाओं के प्रबंधन में प्रतिनिधित्व की मांग नहीं की, तो वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने की जरूरत क्यों महसूस की गई? शमशुल हसन ने आरोप लगाया कि नए कानून के लागू होने के तुरंत बाद जल्दबाजी में वक्फ बोर्ड का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि नए सदस्यों की नियुक्ति करनी थी, तो मुस्लिम समाज के योग्य और अनुभवी लोगों, जैसे सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य विशेषज्ञों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी। कांग्रेस विधायक बोले- मैं सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों को शामिल करने के मामले में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसी क्या आवश्यकता पड़ी थी, जो सनवर पटेल को इतनी जल्दबाजी करनी पड़ी। मध्य प्रदेश शासन ने एक और गलती की है। दो अन्य समाज के लोगों को रखने का प्रावधान है, शासन ने तीन रख दिए। आयुक्त भी अन्य कास्ट के हैं। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… देश में पहली बार वक्फ बोर्ड में 2 हिंदू सदस्य देश में पहली बार किसी राज्य के वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम यानी हिंदू सदस्यों की नियुक्ति हुई है। मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के राघौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को सदस्य बनाया है। पढ़ें पूरी खबर…

राहुल गांधी ने कहा- ₹2.25 लाख में बिका UGC-NET पेपर:हरियाणवी एडवोकेट के दावे को आधार बनाया, वो अंडरग्राउंड; छात्र नेताओं से पूछताछ कर रही पुलिस

NEET विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने UGC-NET परीक्षा को लेकर नए पेपर लीक का दावा किया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि सोशियोलॉजी का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले 2.25 लाख रुपये में बेचा गया। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में हरियाणा के एडवोकेट और आम आदमी पार्टी की छात्र विंग ASAP की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष दीपक धनखड़ से जुड़ी खबर को अटैच किया है। धनखड़ ने करीब 100 पेज की PDF जारी कर दावा किया है कि 28 और 29 जून की रात को सवाल लीक हुए थे। उनके अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने सौदा किया, उन्हें जो सवाल पहले से तैयार कराए गए थे, वही अगले दिन परीक्षा में पूछे गए। धनखड़ ने 6 जुलाई को एक ऑडियो संदेश भी जारी कर कहा है कि उन्हें पेपर लीक माफिया से जान का खतरा है, इसलिए वे अंडरग्राउंड हैं। हालांकि, अब तक उनकी ओर से इस मामले में पुलिस या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के समक्ष कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी नहीं है। उधर, राहुल गांधी की पोस्ट के बाद रोहतक पुलिस एक्टिव हो गई है। एडवोकेट धनखड़ की तलाश शुरू कर दी है। शहीद भगत सिंह छात्र संगठन के अध्यक्ष प्रदीप मोटा के मुताबिक पुलिस धनखड़ को खोज रही है। उसके बारे में कई छात्र संगठनों के नेताओं से भी पूछताछ की गई है। इस समय धनखड़ कहां है, यह उन्हें नहीं पता। इस बीच इनसो प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने ने कहा कि रोहतक एसपी स्पष्ट करें कि दीपक धनखड़ को क्यों खोजा जा रहा है? पहले जानिए, राहुल की पोस्ट में क्या दावा राहुल गांधी ने बुधवार को एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा- पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। NEET पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई। यह PDF उस क्वेश्चन पेपर सेटिंग की है, जो सिर्फ NTA के पास उपलब्ध होती है। PDF के लगभग 90 सवाल सोशियोलॉजी के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं। वही प्रश्नपत्र ₹2.25 लाख में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था। इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया। NEET और NET में बार-बार सामने आए घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत उनके लिए कोई मायने नहीं रखती। सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है। न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा। बदलाव का एकमात्र औजार हमारी सम्मिलित आवाज है। देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा रिवोल्यूशन लाकर रहेगी। अब पढ़िए….दीपक धनखड़ के 3 बड़े दावे दीपक की वो ऑडियो, जिसमें पेपर लीक के बारे में बताया दीपक धनखड़ ने 6 जुलाई को 2 मिनट 10 सेकेंड की एक ऑडियो भी जारी की थी। इसमें उन्होंने कहा था- मैं दीपक धनखड़, छात्र नेता एमडीयू रोहतक। यूजीसी नेट के 30 जून को जो एग्जाम हुए थे, उनके पेपर लीक होने की बात मैंने जनता में उठाने की कोशिश की। उसकी भनक प्रशासन व सरकार को लगी। हमारा ये अंदरुनी एक प्लान बनाया हुआ था कि कैसे एक्सपोज करना है, लेकिन सरकार ने प्रशासन पर दबाव डालकर मेरे व मेरे परिवार को बार-बार परेशान किया। मेरे निर्दोष परिजनों को बार-बार हिरासत में लिया जा रहा है। मेरे भाई को कई दिन से इलीगल कस्टडी में रखा हुआ है। मुझे आशंका है पेपर लीक की सच्चाई को दबाने के लिए मेरे परिवार के खिलाफ षड़यंत्र किया जा रहा है। मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि मुझे दबाने की बजाय निष्पक्ष तरीके से जांच करें और असली पेपर माफिया को पकड़े। हमने पेपर माफिया को एक्सपोज किया है। आप बिना बात जाने, बिना किसी बात के मेरे परिवार को परेशान कर रहे हो। हम पीछे हटने वाले नहीं है। हम बिल्कुल सामने आकर सारे साक्ष्य देने व बात की गवाही देने को तैयार है। देश के भविष्य की लड़ाई जो हम लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार युवाओं को लड़वाने की कोशिश कर रही है। मेरा अनुरोध है कि मेरे परिवार को परेशान ना किया जाए। हम कहीं भाग नहीं रहे। सारे सबूत के साथ सामने आएंगे। और बताएंगे कि जो माफिया पेपर लीक करवाते हैं। एक रात पहले वो पेपर लेकर आए और रात को पढ़ाए, वही पेपर एग्जाम में आए। मेरा सरकार से अनुरोध है कि सच्चाई को जाने और बिना बात के मेरे परिवार को परेशान ना करे। ————— यह खबर भी पढ़ें… UGC-NET पेपर परीक्षा से पहले लीक होने का दावा:रोहतक में छात्र नेता ने दिखाए कथित प्रश्नपत्र; फॉरेंसिक जांच करवाने की मांग रोहतक में छात्र नेताओं ने NTA द्वारा आयोजित UGC-NET-2026 जून परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों ने दावा किया कि 29 और 30 जून को आयोजित कुछ विषयों के कथित प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही एक संगठित नेटवर्क तक पहुंच चुके थे। (पूरी खबर पढ़ें)

2027 में NEET परीक्षा 6 दिन चलेगी, कम्प्यूटर बेस्ड होगी:1000 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, पेपर लीक विवाद के बाद बदलाव की तैयारी

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2027 में कम से कम छह दिन चलेगी। यह पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी। परीक्षा के लिए देश भर में 1 हजार से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। NEET पेपर लीक विवाद के बाद यह बदलाव किए जा रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) हर साल मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए NEET आयोजित करता है। अभी तक यह परीक्षा पेन-पेपर मोड में होती रही है। NEET-UG में हर साल करीब 25 लाख कैंडिडेट्स हिस्सा लेते हैं। PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि परीक्षा की नई योजना अभी तैयार की जा रही है। इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE की तरह NEET भी अलग-अलग दिनों में आयोजित होगी। एग्जाम मोड में बदलाव की वजह पेपर लीक विवाद NEET में यह बदलाव 2024 में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के विवाद के बाद सामने आया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि NEET-UG अब पेन-पेपर की बजाय CBT मोड में कराई जाएगी। शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच कई वर्षों से इस बदलाव पर चर्चा चल रही थी, लेकिन परीक्षा सुधारों की प्रक्रिया पेपर लीक विवाद के बाद तेज हुई। इसी परीक्षा के नतीजों के आधार पर डेंटिस्ट्री, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में भी दाखिला दिया जाता है। इस साल 3 मई को परीक्षा हुई, 9 दिन बाद रद्द इस साल यानी 2026 में NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 सेंटर्स में हुई थी। इसमें करीब 20 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख का ऐलान किया। इस मामले की जांच CBI कर रही है। सुधारों के लिए बनी थी समिति जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा सुधारों के लिए पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। समिति को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। —————————– ये खबर भी पढ़ें: NEET री-एग्जाम, 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री:गेट पर रोती रहीं छात्राएं; हिजाब-कलावा पर विवाद; एग्जाम से पहले 2 स्टूडेंट का सुसाइड देश के 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने रविवार को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। इसके लिए देश के 551 और विदेश के 14 शहरों में 5440 सेंटर बनाए गए। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच हुई। छात्रों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक ही एंट्री दी गई। कई सेंटर्स पर एक-दो मिनट देर से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी गई। इसके चलते कई स्टूडेंट्स का एग्जाम छूट गया। पढ़ें पूरी खबर…

जयपुर में बाइक सवार युवक-युवती को ट्रेलर ने कुचला;VIDEO:लड़की के सिर पर से निकला टायर; एक दिन पहले यहां 4 की जान गई थी

जयपुर में तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार युवक-युवती को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बेकाबू ट्रेलर युवती के सिर-चेहरे को कुचलते हुए निकल गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने खून से लथपथ युवक को नजदीकी अस्पताल भर्ती करवाया। हादसा बुधवार दोपहर करीब 3:45 बजे श्याम नगर थाना इलाके में जयपुर-अजमेर रोड पर 200 फीट बाइपास के पास हुआ। 1 दिन पहले इसी जगह पर तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे एक परिवार के 5 लोगों को कुचल दिया था। हादसे में 3 बच्चों और पिता की मौत हो गई। मां के दोनों पैर टूट गए। हादसा इतना भीषण था कि बच्चों के शवों के चीथड़े बिखर गए। एक बच्चे के शव के 2 टुकड़े हो गए। पहले देखिए, हादसे से जुड़ी 3 PHOTOS… वेयरहाउस में काम करती थी युवती
ASI वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया- दौसा के गीजगढ़ की रहने वाली भारती सैनी (19) जयपुर में अजमेर रोड स्थित महिंद्रा सेज (SEZ) के एक वेयरहाउस में नौकरी करती थी। भांकरोटा जाने के लिए उसने ऑनलाइन बाइक टैक्सी बुक की थी। बाइक ड्राइवर नवदीप उसे लेकर हीरापुरा बाइपास से गुजर रहा था, तब वहां सड़क का काम चल रहा था। सड़क पर खड़ी गाड़ियों के कारण नवदीप ने बाइक अपनी दाईं ओर मोड़ी तो पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने चपेट में ले लिया। टक्कर लगते ही भारती सड़क पर गिर गई और ट्रेलर उसे कुचलते हुए निकल गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बाइक ड्राइवर नवदीप बाईं ओर गिरने के कारण बच गया। हालांकि उसे भी चोटें आई हैं। हादसे के बाद ट्रेलर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंची पुलिस-एम्बुलेंस
प्रत्यक्षदर्शी छोटू राम ने बताया- ट्रेलर ने बाइक को टक्कर मारी तो बहुत तेज आवाज आई। इस पर मैं दौड़कर मौके पर पहुंचा। लड़की का सिर और चेहरा पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था, जिसे मैंने अपने कपड़े से ढका। मैं करीब डेढ़ घंटे तक घटनास्थल पर ही खड़ा रहा। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे बाद पुलिस को तुरंत फोन कर दिया गया, लेकिन डेढ़ घंटे बाद पुलिस आई। वहीं एम्बुलेंस भी एक घंटे की देरी से आई। इसके बाद शव को अस्पताल भिजवाया जा सका। दोनों हादसे बेहद दुखद हैं
डीसीपी ट्रैफिक योगेश गोयल ने कहा- कल और आज हुए दोनों हादसे बेहद दुखद हैं। इस ब्लैक स्पॉट की रोड इंजीनियरिंग में सुधार के लिए जांच की जा रही है। यह थोड़ा जटिल (टिपिकल) पॉइंट है, क्योंकि यहां शहर से आने वाला ट्रैफिक और फ्लाईओवर से उतरने वाला ट्रैफिक आपस में मर्ज होकर अजमेर रोड की तरफ बढ़ता है। डीसीपी ने बताया- इस समस्या के समाधान के लिए NHAI के अधिकारियों से बात की गई है। 9 जुलाई को इस स्पॉट पर ट्रैफिक पुलिस, NHAI और JDA के अधिकारी जॉइंट निरीक्षण करेंगे। प्रशासन की कोशिश है कि यहां सुगम और एक्सीडेंट फ्री यातायात सुनिश्चित किया जाए। दोनों हादसों के संबंध में मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। ये खबर भी पढ़िए… जयपुर में परिवार पर चढ़ा ट्रेलर, 4 की मौत:बच्चों के शव टुकड़ों में नाले में गिरे, मां के पैर टूटे; ट्रेलर के 5 चालान पेंडिंग जयपुर में तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे एक परिवार के 5 लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीन बच्चों और पिता की मौत हो गई। मां के दोनों पैर टूट गए। हादसा इतना भीषण था कि बच्चों के शवों के चिथड़े उड़ गए। एक बच्चे के शव के दो टुकड़े हो गए। सभी लोग नाले में गिर गए। पढ़ें पूरी खबर पिता के साथ जली तीन बेटों की चिता:अंतिम संस्कार में गांव की हर आंख नम हुई; जयपुर में बेकाबू ट्रेलर के रौंदने से हुई थी मौत राजसमंद के जेतपुरा गांव में बुधवार को पिता के साथ 3 बेटों की चिता जली तो गांव में हर किसी की आंखें नम हो गईं। हालात ऐसे थे कि किसी घर में चूल्हा तक नहीं जला। पढ़ें पूरी खबर

चोरी से पहले चोरों ने फ्रिज से कोल्ड ड्रिंक पी:2 लाख की चांदी की शील्ड और कैश ले गए; दीवार में छेद कर ट्रैक्टर शोरूम में घुसे थे

श्रीगंगानगर में सदर थाना क्षेत्र के खुराना आयशर ट्रैक्टर शोरूम में शातिर चोरों ने मंगलवार रात को चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने शोरूम की तीसरी मंजिल से चढ़ाई की और फर्स्ट फ्लोर पर आकर दीवार में छेद किया और गेट खोलकर अंदर घुस गए। इसके बाद शोरूम से 2 लाख रुपए की चांदी की शील्ड्स, गल्ले में रखे 5 हजार कैश और अन्य सामान चुराकर फरार हो गए। चोरी के दौरान चोरों ने शोरूम के फ्रिज से पानी की पांच बोतलें निकालकर पी लीं। साथ ही कोका-कोला और जीरा की बोतलें भी खाली कर दीं। शोरूम के मालिक विनोद खुराना ने बताया कि बुधवार सुबह जब वे शोरूम पहुंचे तो गेट टूटा हुआ मिला और अंदर सामान बिखरा पड़ा था। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस अब आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और चोरों की तलाश में जुट गई है।