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डोटासरा बोले- शेखावाटी में राजनीतिक रंजिश निकालने तबादले किए:यह शिक्षा मंत्री की बेशर्मी, क्षेत्र-विशेष के लोगों को निशाना बनाने का अधिकार किसने दिया?

राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों में राजनीतिक रंजिश निकालने का आरोप लगाते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। डोटासरा ने इसे लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र (चिट्ठी) लिखकर कड़ी आपत्ति जताई है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी तीखा निशाना साधा है। डोटासरा ने मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी में कहा- मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में शिक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर राजनीतिक दुर्भावना से तबादले किए हैं। मुख्यमंत्री जी, क्या शेखावाटी की जनता ने इसीलिए भाजपा को वोट दिए थे? भाजपा सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना और तानाशाही रवैए से सीकर, चूरू और झुंझुनूं में शिक्षकों के जो तबादले किए हैं, वह शिक्षा मंत्री की हठधर्मिता (बेशर्मी) को दर्शाता है।”
शेखावाटी में शिक्षा विभाग के तबादलों के आंकड़े बेहद चिंताजनक डोटासरा ने लिखा- शेखावाटी में शिक्षा विभाग के तबादलों के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। शिक्षा विभाग में अब तक अकेले लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से करीब 400 ट्रांसफर किए जा चुके हैं। ये केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनादेश, जनप्रतिनिधित्व और क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का षड्यंत्र भी है। द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की तबादला सूची में शिक्षा मंडल चूरू के कुल 808 तबादलों में से 356 ट्रांसफर प्रशासनिक (टीए/डीए) आधार पर किए गए हैं। मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ (सीकर) में कुल 174 में से 147 तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए, जो कुल ट्रांसफर का करीब 84.48% है। शिक्षकों को तबादलों के जरिए डराने की रणनीति डोटासरा ने लिखा- इससे पहले व्याख्याता तबादला सूची में मेरे विधानसभा क्षेत्र लक्ष्‍मणगढ़ से कुल 143 में से 122 ( 85.31%) और प्रधानाचार्य सूची में 81 में से 71 ( 87.65%) ट्रांसफर प्रशासनिक आधार पर किए गए थे। क्या शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय तबादलों के जरिए डराने और प्रताड़ित करने की नीति अपनाई जा रही है? सिर्फ शेखावाटी ही नहीं पूरे प्रदेश का यही हाल जहां से कांग्रेस के जनप्रतिनिधि हैं। एक संभाग,एक विधानसभा क्षेत्र को निशाना बनाना सवालों के घेरे में डोटासरा ने लिखा- लगातार एक ही संभाग और एक ही विधानसभा क्षेत्र को इस प्रकार निशाना बनाना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अगर सरकार जनहित के मुद्दे उठाने वाले जनप्रतिनिधियों की आवाज़ दबाने के उद्देश्य से इस प्रकार के कदम उठा रही है, तो ये लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। इतिहास गवाह है कि जनता की आवाज़ को दबाने के प्रयास कभी सफल नहीं हुए हैं। मैं अपने क्षेत्र के लोगों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों की आवाज़ पहले भी उठाता रहा हूं, और आगे भी पूरी मजबूती से उठाता रहूंगा।

परिवार के 4 लोगों को कुचलने वाला ड्राइवर गिरफ्तार:पुलिस ने ट्रोला जब्त कर मालिक को भी हिरासत में लिया; पूछताछ जारी

जयपुर साउथ पुलिस ने 200 फीट बाईपास (अजमेर रोड) स्थित होटल अमर पैलेस के सामने हुए भीषण सड़क हादसे के मामले में ट्रोला चालक को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे में एक ही परिवार के तीन बच्चों और पिता की मौत हो गई थी, जबकि मां गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने दुर्घटना में प्रयुक्त ट्रोला भी जब्त कर लिया है और वाहन मालिक को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। श्याम नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक सतवीर सिंह (42) निवासी गांव आजड़ोली, तहसील डीडवाना, जिला डीडवाना-कुचामन को गिरफ्तार किया। बस का इंतजार कर रहे परिवार को रौंदा डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि 7 जुलाई सुबह करीब 8:45 बजे दिल्ली से अजमेर की ओर जा रहे ट्रोला (नंबर RJ19GF8085) के चालक ने होटल अमर पैलेस के सामने अजमेर रोड पर तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए सड़क किनारे बस का इंतजार कर रहे एक परिवार को टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक बिना घायलों की मदद किए और पुलिस को सूचना दिए मौके से फरार हो गया। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हादसे में चंद्रप्रकाश बागरिया, उनके तीन बच्चों गोपाल, रमेश और दीपक की मौके पर मौत हो गई। वहीं उनकी पत्नी कैलाशी देवी उर्फ कैलाश देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी है। पुलिस के मुताबिक परिवार मूल रूप से राजसमंद जिले का रहने वाला है और जयपुर के चित्रकूट क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ी में रहकर झाड़ू बनाने का काम करता था। घटना वाले दिन पूरा परिवार अपने गांव लौटने के लिए बस का इंतजार कर रहा था। रिश्तेदार की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ मामला मृतक चंद्रप्रकाश के साले पन्नालाल बागरिया की रिपोर्ट पर श्याम नगर थाने में मामला दर्ज किया गया। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विशेष टीम ने दबोचा आरोपी मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित शर्मा के मार्गदर्शन और सहायक पुलिस आयुक्त सत्येंद्र सिंह नेगी (RPS) के सुपरविजन में थाना प्रभारी रामकेश के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने आरोपी चालक सतवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वाहन मालिक से पूछताछ, जांच जारी पुलिस ने हादसे में शामिल ट्रोला RJ19GF8085 को जब्त कर लिया है। वाहन मालिक को भी डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

अमायरा मौत मामला,परिवार बोला-बच्ची को आत्महत्या के लिए मजबूर किया:पुलिस ने हमें ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, चार्जशीट पर परिजनों ने उठाए सवाल

जयपुर में कक्षा 4 की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में पुलिस ने अदालत में जो चार्जशीट पेश की है, उस पर परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमायरा के माता-पिता ने पुलिस जांच को अधूरा और पक्षपातपूर्ण बताया है। परिवार का आरोप है कि मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने चार्जशीट में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा नहीं जोड़ने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। इस मामले को लेकर अमायरा के माता-पिता ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बता दें कि 9 साल की अमायरा ने 1 नवंबर 2025 को स्कूल बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या (सुसाइड) कर ली थी। चार्जशीट में महत्वपूर्ण पहलुओं को कोई महत्व नहीं दिया अमायरा के पिता विजय मीणा ने कहा- जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि स्कूल में पढ़ाने वाले कई शिक्षक योग्य नहीं हैं और उनके पास बीएड (B.Ed) की डिग्री तक नहीं है। इस संबंध में मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है, लेकिन पुलिस ने चार्जशीट में इन महत्वपूर्ण पहलुओं को कोई महत्व नहीं दिया। परिवार को ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया अमायरा की मां शिवानी ने कहा- पुलिस ने जांच के नाम पर उनके परिवार को ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उनसे बार-बार ऐसे सवाल पूछे गए, जिससे ऐसा प्रतीत होता था कि पुलिस उनकी बच्ची की ही मानसिक स्थिति पर सवाल उठा रही है। स्कूल की निगरानी की जिम्मेदारी प्रिंसिपल की होती है, लेकिन इस मामले में उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। यदि शिक्षिका ने समय रहते बच्ची के व्यवहार और उसकी स्थिति पर ध्यान दिया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश पुलिस ने इस मामले में नीरजा मोदी स्कूल के संचालक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदु दुबे, शिक्षिका पुनीता शर्मा और सफाई कर्मचारी राम के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की है। हालांकि, अमायरा के परिजनों ने इस चार्जशीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अधूरा और पक्षपातपूर्ण बताया है। परिजनों का कहा- आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद मामूली हैं, जबकि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी जानी चाहिए थीं। उन्होंने न्यायपालिका से निष्पक्ष सुनवाई और पुलिस की इस चार्जशीट की दोबारा समीक्षा करने की मांग की है, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके। घटना से पहले किस पीड़ा में थी मासूम अमायरा? मामले में क्लास के अंदर का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल और गहरे हो गए हैं। फुटेज में मासूम अमायरा कई बार टीचर के पास जाती हुई दिखाई देती है और बार-बार अपने कान व सिर पर हाथ लगाती नजर आती है। इसके बाद वह कक्षा से बाहर निकल जाती है। इन दृश्यों के सामने आने के बाद यह यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि घटना से ठीक पहले बच्ची किस शारीरिक या मानसिक पीड़ा से गुजर रही थी और उस दौरान कक्षा में मौजूद टीचर या स्कूल प्रबंधन ने उसकी सुध लेने के लिए क्या कदम उठाए।

कोर्ट बोला-लोगों को कीड़े-मकोड़े, खुद को राजा समझता है नगर-निगम:कर्मचारी के रिटायरमेंट पर मिले रुपयों से सैलरी काटने पर जताई नाराजगी, कमिश्नर से मांगा जवाब

जयपुर नगर निगम में कार्यरत श्रमिक (लेबर) को काम के बदले दिए गए वेतन की राशि उसके रिटायरमेंट बेनिफिट (सेवानिवृत्ति परिलाभों) से काटने के मामले में लेबर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने नगर निगम कमिश्नर से गुरुवार सुबह 11:30 बजे तक जवाब मांगा है। जयपुर महानगर द्वितीय के लेबर कोर्ट-1 के जज दिनेश कुमार गुप्ता ने निगम की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा- नागरिकों के साथ लोकसेवकों का इस तरह का गुलामी जैसा व्यवहार लोकतंत्र को शीर्षासन की मुद्रा में लाने का प्रयास है। ऐसी स्थिति में आमजन में व्यवस्था के प्रति असंतोष उत्पन्न होता है और समाज में अराजकता की स्थिति पैदा होती है। कोर्ट ने कहा- शासन-प्रशासन में बैठे लोकसेवकों का इस तरह का निंदनीय और असंवेदनशील व्यवहार, नागरिकों को कीड़े-मकोड़े और खुद को राजा-महाराजा समझने की मानसिकता को दर्शाता है। घिनौनी घटना को साधारण बताया कोर्ट ने कहा- इस मामले में सुनवाई के दौरान निगम के लेखाधिकारी जयराम चौधरी ने बताया कि श्रमिक रामकरण ने 30 जून 2015 को सेवानिवृत्ति की उम्र प्राप्त कर ली थी। इसके बावजूद उससे 31 मार्च 2016 तक ड्यूटी करवाई गई। वहीं, इसके बदले भुगतान किए गए वेतन-भत्तों की राशि श्रमिक की सेवानिवृत्ति के समय उपार्जित अवकाश (अर्न लीव) के भुगतान में से कटौती करके वसूल की गई। कोर्ट ने कहा- लेखाधिकारी का ऐसा व्यवहार बताता है कि वह मानवीय गरिमा के साथ खिलवाड़ किए जाने की श्रेणी में आने वाली इस असाधारण रूप से घिनौनी घटना को एक साधारण घटना बता रहे हैं। एक सरकारी अधिकारी द्वारा इस वीभत्स घटना को गंभीरता से लेने के बजाय मजाक का विषय समझा जा रहा है। ‘काम के बदले दिए वेतन’ की वसूली समझ से परे कोर्ट ने कहा- हम काम के बदले दिए गए वेतन की राशि की वसूली किए जाने के पीछे की वजह को समझने में पूरी तरह से असफल हैं। यह और भी तकलीफदायक है कि निगम अपने द्वारा की गई इस कार्रवाई को जायज ठहराने का प्रयास कर रहा है। जबकि होना यह चाहिए था कि जब श्रमिक ने 26 मार्च 2018 को लिखित में प्रार्थना पत्र दिया था, उसी समय उसकी कटौती की गई राशि उसे तुरंत लौटाई जाती। दोषी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती। 11 साल तक निगम आयुक्त रहे अफसरों को नोटिस कोर्ट ने 30 जून 2015 से लेकर अभी तक नगर निगम आयुक्त रहे सभी अधिकारियों को नोटिस जारी करके उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने कहा कि क्यों न इन सभी के खिलाफ श्रमिक से बेगार (पेमेंट) लेने, धोखाधड़ी करने और उसका उत्पीड़न करने के आपराधिक कृत्यों को लेकर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

झुंझुनूं में 6 हजार से ज्यादा स्टिंग बोतलें सीज:रीको गोदाम में छापा मारा, CMHO बोले- भ्रामक दावे करने वालों पर करेंगे सख्त कार्रवाई

‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रीको शास्त्री नगर स्थित एक गोदाम पर छापा मारा। टीम ने भ्रामक दावों के साथ बेचे जा रहे एनर्जी ड्रिंक की 6012 बोतलों को सीज कर दिया है। ​खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) महेंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में टीम ने जब गोदाम की जांच की, तो वहां भारी मात्रा में ‘स्टिंग क्लासिक’ की बोतलें स्टॉक में पाई गईं। जांच के दौरान अधिकारियों का ध्यान इन बोतलों के लेबल पर लिखे विज्ञापनों और दावों पर गया। इन बोतलों पर दिमाग को उत्तेजित करने वाले और शरीर को ऊर्जा देने वाले जैसे दावे लिखे थे। CMHO डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के कड़े निर्देश हैं कि किसी भी कैफिनेटेड पेय पदार्थ पर ‘एनर्जी ड्रिंक’, ‘स्पोर्ट्स ड्रिंक’ या ‘स्टिमुलेट्स माइंड’ जैसे दावे नहीं किए जा सकते। ये दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाली श्रेणी में आते हैं। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कार्रवाई करते हुए टीम ने 200 कार्टूनों में भरी कुल 6012 बोतलों को सीज कर दिया है। ​सेहत के लिए खतरनाक हैं ऐसे ड्रिंक्स
डॉ. गुर्जर ने बताया कि ​अत्यधिक कैफीन का सेवन इन लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। इसी के चलते हाल ही में पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर नोटिस भी दिए गए थे। विभाग की टीम ने इन बोतलों के सैंपल ले लिए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। सीएमएचओ ने बताया कि लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद अधिनियम के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।

बीकानेर में एनर्जी ड्रिंक्स के 36 हजार कैन सीज:लगातार दूसरे दिन कार्रवाई, CMHO बोले- भ्रामक दावे करने वालों पर करेंगे कार्रवाई

बीकानेर में कैफिनेटेड बेवरेज के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। बुधवार को कानासर रोड पर करनी औद्योगिक क्षेत्र में मैसर्स श्री विनायक एंटरप्राइजेज से 36 हजार कैन सीज किए गए हैं। कैन के नमूने पास होने के बाद ही इन्हें बिक्री के लिए जारी करना संभव होगा। सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कैफिनेटेड बेवरेज ‘कैंपा एनर्जी’ का नमूना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act) के तहत जांच के लिए लिया गया। साथ ही मौके पर उपलब्ध 35,936 कैन को एहतियातन सीज किया गया। उन्होंने बताया कि FSSA के दिशा-निर्देशों के अनुसार कैफिनेटेड बेवरेज के लेबल पर स्टिमुलेट्स माइंड, एनर्जाइज़ बॉडी, एनर्जी ड्रिंक, स्पोर्ट्स ड्रिंक जैसे दावे करना भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है। इसी संबंध में देश के प्रमुख बेवरेज ब्रांडों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। डॉ. साध ने बताया कि अधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थ गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, बच्चों और कैफीन के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इस संबंध में आयुक्त, खाद्य सुरक्षा द्वारा सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि लिए गए नमूनों को परीक्षण के लिए बीकानेर की लैब में भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को की गई कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रवण कुमार वर्मा, भानु प्रताप सिंह, सुरेंद्र कुमार और राकेश गोदारा ने की।

जैसलमेर LDC परीक्षा मामले में स्वतंत्र SIT की मांग:सांसद उम्मेदाराम बोले-लोकल प्रशासन मामला दबाने में जुटा; माफिया को संरक्षण

बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने LDC सेकेंड ग्रेड भर्ती परीक्षा में नकल के मामले में सरकार से स्वतंत्र उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की है। बता दें कि 5 जुलाई को हुई एलडीसी द्वितीय ग्रेड भर्ती परीक्षा में जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल केंद्र में नकल के आरोप लगे थे। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों और पुलिस के संरक्षण में आरोपियों को बचाने और धांधली को दबाने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। खिड़की से प्रश्नपत्र बाहर फेंककर हल कराने का आरोप सांसद बेनीवाल ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए इस पूरी परीक्षा प्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा- परीक्षा के दौरान एक रिलीवर और वीक्षक ने सुनियोजित तरीके से प्रश्नपत्र को परीक्षा कक्ष की खिड़की से बाहर फेंका। इसके बाद बाहर मौजूद साठ-गांठ वाले तत्वों से उसे हल करवाकर कुछ विशेष अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। परीक्षार्थियों ने मौके पर ही विरोध दर्ज कराया और हंगामा मचाया। इसके बावजूद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की। अधिकारियों की मिलीभगत और देर रात तक बैठक का दावा सांसद ने जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका को कटघरे में खड़ा करते सांसद ने कहा- प्रभावशाली राजनीतिक लोगों और चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए विवादित पृष्ठभूमि वाले कर्मचारियों की ड्यूटी जानबूझकर इसी केंद्र पर लगाई गई थी। बेनीवाल के अनुसार- सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि परीक्षा समाप्त होने के बाद देर रात तक अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर रुककर मामले को दबाने और साक्ष्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया। जब जिला प्रशासन खुद संदेह के घेरे में है, तो उससे न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। विपक्ष हमलावर: सरकार के पारदर्शी दावों की खुली पोल इस प्रकरण के बाद राजस्थान की सियासत में उबाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित विपक्ष के तमाम शीर्ष नेताओं ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि एक तरफ मुख्यमंत्री मंचों से पेपर लीक और परीक्षा माफियाओं को पूरी तरह खत्म करने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इसके उलट है। प्रदेश में पेपर माफियाओं को सत्ता का खुला संरक्षण मिला हुआ है, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ बार-बार खिलवाड़ हो रहा है।

खेत में करंट लगने से किसान की मौत:गायों के लिए कुट्टी ले जाते समय चपेट में आए; 5 साल पहले हुई थी पिता की मौत

राजसमंद के आमेट थाना क्षेत्र के जाटों का दुदालिया गांव में खेत पर कृषि कार्य के दौरान करंट लगने से किसान योगेश शर्मा(38) पुत्र सत्यनारायण शर्मा की दर्दनाक मौत हो गई। परिजन गंभीर हालत में उन्हें आमेट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार- योगेश खेत पर गायों के लिए कुट्टी और चारा डालने जा रहे थे। इसी दौरान बारिश के कारण खेत में करंट फैल गया और वे उसकी चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 5 साल पहले योगेश के पिता सत्यनारायण शर्मा का निधन हो चुका था। इसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी योगेश के कंधों पर थी। वे परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। परिवार में मां, दो बेटे कौस्तुभ और यज्ञनेश और बेटी माधवी को छोड़ गए हैं। सूचना पर आमेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। ग्रामीणों ने बिजली निगम और कृषि विभाग से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

महिला सुरक्षा-जागरुकता में उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाएं सम्मानित:एसपी बोलीं- महिला सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी, महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत आयोजन

उदयपुर पुलिस की ओर से संचालित ‘महिला सुरक्षा संकल्प अभियान’ के तहत बुधवार को नगर निगम के टाउन हॉल में महिला सम्मान समारोह हुआ। कार्यक्रम में महिला सुरक्षा और जागरुकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाली 35 महिलाओं को सम्मानित किया गया। उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन ने कहा- महिलाओं को अपने अधिकार पता होने चाहिए। आपराधिक चंगुल में फंसने पर कहां और कैसे तुरंत शिकायत करनी है, ये आपको पता होना चाहिए। उन्होंने कहा- अगर कोई स्कूल जाती बच्चियों को छेड़ता है। बस में जाती महिलाओं को बेड टच करता है तो ऐसी सूचना हमें दें। ताकि मामले में जांच कर कार्रवाई कर सकें। एसपी ने महिला सुरक्षा को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न महिला सहायता सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 1090, राजकोप एप, महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण, महिला बीट अधिकारी योजना, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट के बारे में भी बताया। साइबर अपराध से बचाव और हेल्पलाइन की जानकारी भी दी साइबर थाने के डीएसपी विनय चौधरी ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी, डिजीटल सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया। डीएसपी छवि शर्मा ने महिलाओं से राजकोप एप और पुलिस की नागरिक हितैषी सेवाओं की अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में एएसपी चेतना भाटी, एएसपी माधुरी वर्मा और पुलिस निरीक्षक पूनाराम मौजूद थे। इसके अलावा इस अवसर पर जिलेभर से महिला वॉलंटियर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, जनप्रतिनिधि, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, महिला एडवोकेट सहित विभिन्न विभागों की महिला अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

उच्च शिक्षा मंत्री बैरवा से मिले ABVP के पदाधिकारी:छात्रसंघ चुनाव कराने समेत कई मांगें रखीं

जयपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिनंडल ने उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा से मिलकर उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा के नेतृत्व में परिषद के सदस्यों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मुताबिक सिलेबस बनाकर उसे लागू करने और मूल्यांकन में प्रभावी समन्वय स्थापित करने, प्रदेशभर में एकेडमिक कैलेंडर लागू करने, नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, राज्य शिक्षा आयोग के गठन, फीस स्ट्रक्चर, निजी विश्वविद्यालय निगरानी आयोग के गठन करने, अगले सत्र से छात्रसंघ चुनाव कराने समेत कई मांगें रखीं। इसके अलावा हॉस्टल्स के जर्जर भवन के निर्माण और मरम्मत कराने की मांग भी उठाई गई। राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा ने कहा- परिषद का उद्देश्य केवल समस्याओं को सामने रखना नहीं, बल्कि उनके व्यवहारिक और सकारात्मक समाधान भी कराना है। सरकार उनकी मांगें पूरी करे, जिससे राजस्थान की उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं विद्यार्थी केंद्रित बन सके। इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्वनी शर्मा, जयपुर प्रांत मंत्री शुभेन्द्र सिंह, जोधपुर प्रांत मंत्री दशरथ गर्ग, चित्तौड़ प्रांत मंत्री जितेन्द्र लोधा और जयपुर प्रांत सह मंत्री उमा सैनी उपस्थित रहे।