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एसआई भर्ती री-एग्जाम: 2021 के सभी कैंडिडेट्स दे सकेंगे परीक्षा:आवेदन अपडेट करना जरूरी, ओटीपी वैरिफिकेशन नहीं किया तो रिजेक्ट होगा फॉर्म

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने 20 सितंबर 2026 को प्रस्तावित एसआई भर्ती-2021 की री-एग्जाम में आवेदन करने वाले सभी कैंडिडेट्स को शामिल होने का मौका दिया है। 2021 की भर्ती में ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थी फिर एग्जाम दे पाएंगे। इसके लिए कैंडिडेट्स को 8 से 22 जुलाई तक अपने आवेदन में जरूरी जानकारी अपडेट करनी होगी। हालांकि, जिन कैंडिडेट्स ने 8 मई 2026 के प्रेस नोट के अनुसार पहले ही आवेदन अपडेट कर दिया है, उन्हें दोबारा संशोधन करने की जरूरत नहीं होगी। कैंडिडेट्स को आवेदन में ये अपडेट करने होंगे आयोग के अनुसार आवेदन अपडेट करने से पहले कैंडिडेट्स को अपने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) में केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। इसके बाद आवेदन में संशोधन कर स्वघोषणा पत्र स्वीकार करते हुए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापन करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। कैंडिडेट्स एसएसओ आईडी से लॉगिन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन में जाकर आवेदन अपडेट कर सकते हैं। जिनका ओटीआर नई एसएसओ आईडी में माइग्रेट हो चुका है, वे फेच एप्लीकेशन फॉर्म विकल्प का उपयोग कर सकेंगे। यदि आवेदन ट्रांसफर में तकनीकी समस्या आती है तो कैंडिडेट्स 15 जुलाई तक आयोग के कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती की पात्रता शर्तें 3 फरवरी 2021 के मूल विज्ञापन और 7 जून 2021 के शुद्धिपत्र के अनुसार ही लागू रहेंगी। परीक्षा का सिलेबस भी 22 मई 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार रहेगा। आवेदन में केवल मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, पत्राचार का पता, लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर ही बदले जा सकेंगे। आयु, शैक्षणिक योग्यता और आरक्षण जैसी मूल जानकारी में कोई बदलाव नहीं होगा। यह निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ के 2 जुलाई 2026 के अंतरिम आदेश के बाद लिया गया है। आयोग ने कहा है कि 2021 भर्ती के सभी कैंडिडेट्स को फिलहाल अनंतिम रूप से री-एग्जाम में शामिल होने की अनुमति दी गई है। हालांकि, ओटीआर में उपयोग किए गए फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान के उपयोग की सहमति देकर ओटीपी सत्यापन के साथ आवेदन फाइनल सब्मिट करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले कैंडिडेट्स का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। — ये खबर भी पढ़ें… एसआई भर्ती-2021 री-एग्जाम में याचिकाकर्ताओं को राहत:हाईकोर्ट ने कहा-मूल एग्जाम में फॉर्म भरने वालों को भी शामिल करें राजस्थान हाईकोर्ट ने सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 की पुन: परीक्षा को लेकर याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने आरपीएससी को गुरुवार को निर्देश दिए कि वे सभी याचिकाकर्ताओं को फॉर्म एडिट का मौका देकर प्रोविजनली परीक्षा में शामिल करें। (पूरी खबर पढ़ें)

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में 38 दोषियों की फांसी बरकरार:गुजरात हाईकोर्ट का फैसला, 11 को उम्रकैद; 18 साल पहले 70 मिनट में 21 धमाके हुए थे

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में स्पेशल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। निचली अदालत ने फरवरी 2022 में 38 दोषियों को फांसी और 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। दोषियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। आज जस्टिस एवाई कोगजे और समीर दवे की बेंच ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर सभी अपीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) से जुड़े लोगों की सजा को सही ठहराया। कोर्ट ने सरकार को 56 मृतकों के परिजन को 10-10 लाख रुपए और 200 से ज्यादा घायलों को 1-1 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश भी दिया। कोर्ट ने कहा कि मुआवजा राशि का भुगतान 30 मार्च 2027 तक कर दिया जाए। 2009 में ट्रायल की शुरुआत, लॉकडाउन में भी सुनवाई धमाकों के बाद पुलिस ने अहमदाबाद की सभी ब्लास्ट साइट्स और सूरत में मिले बमों के मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कीं। बाद में करीब 35 मामलों को मिलाकर एक बड़ा केस बनाया गया। सभी मामलों को एक साथ जोड़ने के बाद 2009 में इस केस का ट्रायल शुरू हुआ। जांच और अदालत की सुनवाई 12 साल तक चली। करीब 80 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला। कोरोना के समय भी सुनवाई बंद नहीं हुई। प्रॉसिक्यूशन ने जज एआर पटेल की अदालत में 1,100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज कराए। कोर्ट में 6,000 से अधिक दस्तावेज पेश किए गए। मामले में 5,47 चार्जशीट के कुल 3,47,800 पन्ने दाखिल किए गए, जबकि सिर्फ मुख्य चार्जशीट ही 9,800 पन्नों की थी। ब्लास्ट में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ था जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि धमाकों के पीछे आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) और प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से जुड़े लोगों का हाथ था। इसे 2000 के दशक में बनाया गया था। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… हाफिज सईद ने ही पहलगाम हमले की साजिश रची, NIA बोली- भारत के खिलाफ जंग छेड़ी पहलगाम हमले पर NIA ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी ने कहा कि बैसरनघाटी में हुए आतंकी हमले की साजिश लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद ने ही रची थी। NIA ने हाफिज पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ने का आरोप लगाया है। 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में फायरिंग की थी। पूरी खबर पढ़ें…

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में 38 दोषियों की फांसी बरकरार:गुजरात हाईकोर्ट का फैसला, 11 को उम्रकैद; 18 साल पहले 70 मिनट में 21 धमाके हुए थे

गुजरात हाईकोर्ट ने 2008 के सीरियल ब्लास्ट मामले में स्पेशल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने सभी 38 दोषियों की फांसी की सजा और 11 अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा की पुष्टि की। साथ ही, कोर्ट ने 56 मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए और 200 से ज्यादा घायलों को 1-1 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया। क्या था अहमदाबाद बम विस्फोट मामला? क्या था अहमदाबाद बम विस्फोट मामला? 26 जुलाई 2008, यही वह दिन था जब 70 मिनट के दौरान 21 बम धमाकों ने अहमदाबाद की रूह को हिलाकर रख दिया। शहर भर में हुए इन धमाकों में 56 लोगों की जान गई, जबकि 200 लोग घायल हुए थे। धमाकों की जांच-पड़ताल कई साल चली और करीब 80 आरोपियों पर मुकदमा चला। 2022 में सुनाई गई थी सजा
अहमदाबाद की विशेष अदालत ने फरवरी 2022 में इस मामले में 38 दोषियों को फांसी और 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब गुजरात हाईकोर्ट ने उस फैसले को बरकरार रखते हुए सभी दोषियों की अपील खारिज कर दी। लॉकडाउन के दौरान चली सुनवाई अहमदाबाद विस्फोट के बाद करीब 12 साल तक इस मामले की जांच और सुनवाई चली थी। लॉकडाउन के दौरान भी इस मामले की सुनवाई लगातार चलती रही। देश में पहली बार एकसाथ 49 आरोपियों को आतंकवाद के गुनाह में दोषी ठहराया गया था। खबर अपडेट हो रही है…

प्रॉपर्टी के लिए बेटी ने करवाई मां की हत्या-VIDEO:जेठ के साथ प्लानिंग की, तेज स्पीड में गाड़ी से कुचलवा दिया; 7 गिरफ्तार

जयपुर में प्रॉपर्टी और नौकरी के लिए बेटी ने मां की हत्या करवा दी। बेटी ने जेठ के साथ मर्डर प्लान किया था। इसके बाद 7 लाख रुपए में सुपारी देकर मां को स्कॉर्पियो से कुचलवा दिया। स्कॉर्पियो से टक्कर का एक वीडियो भी सामने आया है। करीब 130 KM की स्पीड में आई XUV की टक्कर से महिला 100 फीट दूर उछलकर गिरी और मौके पर ही दम तोड़ दिया। मामले में बेटी और उसके जेठ समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्कॉर्पियो को भी बरामद कर लिया गया है। हादसा 3 जुलाई को प्रतापनगर थाने का है। बेटे को कोचिंग छोड़कर घर जा रही थी महिला DCP (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया- प्रताप नगर के रविन्द्र नगर में रहने वाली नीरज शर्मा (45) की हत्या हुई है। एक साल पहले उनके पति का निधन हो गया था। पिछले 8 महीने से पति की जगह उनकी एलडीसी की पोस्ट पर नौकरी लगी थी। वह अपने 16 साल के बेटे के साथ रहती थी। 3 जुलाई को शाम करीब 4:45 बजे वह बेटे को कोचिंग छोड़कर वापस घर लौट रही थी। इसी दौरान ओवर स्पीड XUV ने उन्हें टक्कर मार दी। करीब 130 KM की स्पीड से टक्कर लगने से महिला 100 फीट दूर उछलकर गिरी। मौके पर मौत होने पर स्कॉर्पियों लेकर ड्राइवर फरार हो गया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया था। CCTV में टक्कर मारते नजर आई स्कॉर्पियो घटना स्थल पर लगे CCTV फुटेज में XUV गाड़ी से महिला को उड़ाने की घटना कैद मिली। मृतका के भाई की ओर से भांजी सहित अन्य के खिलाफ हत्या करने का मामला दर्ज करवाया था। भरतपुर के बयाना निवासी राकेश कुमार शर्मा ने रिपोर्ट में बताया कि भांजी आयुषी ने उसे कॉल कर बताया था कि मामा, मम्मी का एक्सीडेंट हो गया है। मम्मी एक्सीडेंट में खत्म हो गई है। ऐसा कहकर उसने तुरंत ही कॉल काट दिया। मेरी बहन नीरज शर्मा पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रही थी। बहन ने पहले बताया भी था कि उसकी सास, जेठ का लड़का बलराम उर्फ रवि और बेटी आयुशी शर्मा मिलकर परेशान करते है। मेरी प्रॉपर्टी हड़पने के लिए कई बार जान से मारने की धमकी दे चुके है। मुझे शक है कि मेरी बहन की गाड़ी से कुचलकर हत्या करवाई गई है।
देखिए, हादसे से जुड़े 2 PHOTOS बेटी ने मां की रैकी करवाई फिर हत्या करवाई DCP (ईस्ट) ने बताया कि पिछले दो- तीन साल से महिला का अपनी ही बेटी से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। वह अपने पिता की नौकरी लगना चाहती थी। ऐसे में मां की हत्या कर नौकरी पाने का प्लान था। महिला के मर्डर की पूरी प्लानिंग उसकी बेटी आयुषी (24) ने अपने जेठ के साथ मिलकर की थी। इसमें मृतक महिला के ससुराल वाले भी शामिल थे। बेटी व उसके ताऊ ने 7 लाख रुपए में हत्या की सुपारी दी गई थी। बलराम उर्फ रवि (मृतका के जेठ का लड़का) और उसके पिता मोहन स्वरूप व मृतका की बेटी आयुषी ने सुपारी किलर हेमंत को घर बुलाया। कहा- आपको नीरज शर्मा की हत्या करनी है, जिसके बदले हम आपको 7 लाख रुपए देंगे। सुपारी लेने के बाद हेमंत ने बलराम की मदद से रेकी की। भरतपुर से एक थार गाड़ी रेंट पर ली। पैसा लेने के बाद भी काम नहीं हो सका, जिसके बाद एक महीने तक दोबारा रैकी कर स्कॉर्पियो गाड़ी से वारदात को अंजाम दिया। महिला की लगातार रैकी कर रहे थे और लगातार मौका देख रहे थे कि कैसे हत्या की जाए। 7 लाख रुपए में दी थी सुपारी पुलिस ने वारदात स्थल के आस-पास लगे CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में सामने आया कि एक सफेद कलर की स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर महिला की हत्या की गई। वारदात के दौरान मौके पर सड़क किनारे पिता-पुत्र बैठे थे। वो दोनों बाल-बाल बचे। हेड कॉन्स्टेबल दयाराम ने स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। सामने आया कि हत्या के समय आकाश स्कॉर्पियो चला रहा था। उसके पास वाली सीट पर अरविंद बैठा था। मोहित के जरिए महिला के आने-जाने के बारे में लगातार सूचना दी जा रही थी। बाइक पर रोहित कुछ दूरी पर खड़ा था। हत्या के बाद रोहित के साथ बाइक पर बैठकर मोहित नारायण सिंह सर्किल पहुंचे। मोहित को बस में बैठाने के बाद आकाश व अरविन्द बाइक से सेवर चले गए। स्कॉर्पियो भी बरामद कर ली गई। मां ने बात नहीं मानी, इसलिए मारा पूछताछ में आरोपी बेटी ने बताया कि मेरे पापा विजय कुमार शर्मा की मौत के बाद मैंने मेरी मां नीरज को कहा कि मुझे पापा की जगह नौकरी लग जाने दो, लेकिन उन्होंने नहीं मानी और खुद नौकरी पर लग गई। इस वजह से मैं टेंशन में आ गई और अपने ताऊ के लड़के बलराम के साथ मिलकर मेरी मां को रास्ते से हटाकर उनकी जगह नौकरी लगने और उनके नाम की प्रॉपर्टी को हड़पने की प्लानिंग की। जिसमें उसके ताऊ मोहन शर्मा भी शामिल थे। इनको किया गिरफ्तार हत्या के मामले में आरेापी बेटी आयूषी (23) पुत्री विजय कुमार निवासी कल्याण नगर थर्ड सांगानेर, ताऊ मोहन स्वरूप (56) निवासी सेवर भरतपुर, सुपारी किलर मोहित शर्मा (21) निवासी गहनोली मोड भरतपुर, आकाश शर्मा (23) निवासी रुपवास भरतपुर, अरविन्द शर्मा (21) निवासी गहनोली मोड भरतपुर, हेमंत शर्मा (20) निवासी बयाना भरतपुर और रोहित जाटव (22) निवासी गहनोली मोड भरतपुर को अरेस्ट किया है। मामले में ताऊ का बेटा बलराम उर्फ रवि फरार चल रहा है।

अजमेर में तेज बारिश, अगले तीन दिन भी अलर्ट:पानी के बीच में से होकर स्कूल गए बच्चे; जिले में अब तक सामान्य से 76% ज्यादा बारिश

अजमेर में मंगलवार सुबह से एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया। शहर में सुबह से तेज बारिश का दौर जारी है, जबकि नांदला समेत कई ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश हुई। लगातार हुई बारिश के बाद शहर की कई सड़कों पर जल भराव देखने को मिला। यहां वाहनों को आवाजही में परेशानी हुई। सोमवार को 26.2 मिमी बारिश दर्ज होने के बाद जिले में अब तक 162.8 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो 7 जुलाई तक की सामान्य बारिश (92.5 मिमी) से 76% अधिक है। मौसम विभाग ने मंगलवार से अगले तीन दिन तक जिले में मध्यम से तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। शहर में सुबह से रिमझिम, गांवों में झमाझम बारिश अजमेर शहर में मंगलवार सुबह अचानक मौसम बदला और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इससे मौसम सुहावना हो गया तथा लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। दूसरी ओर नांदला सहित आस-पास के गांवों में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। बारिश से नालों और रपटों में पानी का बहाव तेज हो गया तथा कई स्थानों पर पानी सड़क तक पहुंचने से कुछ देर के लिए आवागमन प्रभावित रहा। भूडोल गांव में 10 मिनट की बारिश भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई। नागा जी महाराज मंदिर के पास पानी भर जाने से स्कूल जाने वाले बच्चों को पानी के बीच होकर निकलना पड़ा। ग्रामीणों ने जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए। सामान्य से 76% ज्यादा बारिश, जुलाई की शुरुआत रही बेहतर मौसम विभाग के अनुसार सोमवार सुबह 8:30 बजे तक 26.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही 1 जून से अब तक जिले में कुल 162.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई है। 7 जुलाई तक सामान्य बारिश 92.5 मिमी मानी जाती है, जबकि इस बार 162.8 मिमी बारिश हो चुकी है, यानी सामान्य से करीब 76 प्रतिशत अधिक। जुलाई के शुरुआती सात दिनों में ही 78.4 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जो मानसून की अच्छी रफ्तार का संकेत है। अगले तीन दिन बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को न्यूनतम 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मंगलवार से गुरुवार तक जिले में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने के आसार हैं। सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम सुहावना बने रहने के संकेत हैं।

पत्नी से मारपीट कर खुद फंदे पर लटका था पति:FSL की जांच में चेहरे-पेट पर चोट के निशान; जॉब के लिए उदयपुर शिफ्ट होने वाले थे

भीलवाड़ा में पत्नी की हत्या कर खुद भी सुसाइड करने वाले पति के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पति उदयपुर में नई जॉब की तलाश में उदयपुर शिफ्ट होने वाला था। इसके लिए उदयपुर में एक दोस्त के यहां जाने का प्लान था। वहीं मौके पर पहुंची FSL टीम की जांच में सामने आया है कि हत्या से पहले पति ने पत्नी के साथ मारपीट की थी। पत्नी के चेहरे और गले पर चोटों के निशान हैं। टीम ने गला दबा कर हत्या करने की आशंका जताई है। दोनों के जाने के बाद अब घर में बूढ़ी मां और दो मासूम ही बचे हैं। बहन देखा था छोटी बहन और जीजा का शव सोमवार को कालू जाट (30) ने अपनी पत्नी दुर्गा (29) की हत्या कर सुसाइड लिया। वह बन का खेड़ा गांव से अपनी साली के यहां हमीरगढ़ थाना इलाके से बरडोद गांव आया था। साढू जगदीश और साली निरमा के बाहर जाते ही दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसमें कालू ने अपनी पत्नी दुर्गा की हत्या कर दी। दोनों के शव सबसे पहले दुर्गा की बहन निरमा ने देखे। इसके बाद अपने पति को बताया और पुलिस बुला ली। जॉब की तलाश में उदयपुर जाने वाले थे चचेरे भाई गोपाल ने बताया- कालू और दुर्गा की शादी 11 साल पहले हुई थी। दोनों के 11 साल का बेटा और 7 साल की बेटी है। कालू को पिछले कुछ समय से काम की तलाश थी। इसके चलते वो उदयपुर में रहने वाले अपने एक मित्र के यहां रोजगार की तलाश में जा रहा था। पति-पत्नी ने अपने दोनों बच्चों को उनकी दादी के पास छोड़ा था। यह प्लान किया था कि अगर उन्हें उदयपुर में कुछ काम मिल जाता है तो फिर वो बच्चों को भी आकर ले जाएंगे। लेकिन इससे पहले ही साढू के घर पर दोनों की जिंदगी खत्म हो गई। बच्चों को साथ स्कूल छोड़ने गए थे चचेरे भाई गोपाल ने बताया- कालू और दुर्गा के बीच बेहद प्रेम था, दोनों ने अपनी मर्जी से लव मैरिज की थी। कुछ ही दिन पहले जब स्कूल खुली थी तो अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने दोनों साथ जाते हुए भी नजर आए थे। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी दोनों काफी एक्टिव रहते थे। अपने बच्चों के साथ रील बनाते थे। पत्नी ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बेटी के नाम से प्रोफाइल बना रखी थी। जिस पर परिवार के साथ बिताए गए पल भी शेयर किए हैं। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत से बरडोद गांव के साथ-साथ कालू के गांव बन का खेड़ा और दुर्गा के पीहर सालरिया (मंगरोप थाना क्षेत्र)में शोक की लहर है। FSL में हत्या से पहले मारपीट का अंदेशा एफएसएल टीम के मुताबिक मर्डर से पहले पत्नी के साथ काफी मारपीट की गई थी। उसके चेहरे, गले और पेट पर कई जगह चोटों के निशान थे। साथ ही उसके शरीर पर लोहे की क्लिप (फैट) के निशान भी मिले हैं। आशंका है कि पति ने गुस्से में आकर पत्नी के साथ में हाथापाई की उसके बाद कपड़े से गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद खुद ने भी सुसाइड कर लिया। बुजुर्ग महिला बोली: बाइक गिरी तो बाहर आया था कालू जगदीश ने बताया- वारदात स्थल के मकान के बाहर बैठी बुजुर्ग महिला का दावा है कि हत्या के बाद कालू घर बाहर आया था। उसकी बाइक किसी जानवर ने गिरा दी थी। कालू जब बाइक उठाने आया तो वो काफी हड़बड़ाहट में था। उसने बाइक को खड़ा किया और उसके बाद वो घर के भीतर चला गया। बुजुर्ग महिला ने घर में किसी के चीखने चिल्लाने का शोर नहीं सुना। हत्या से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पत्नी की हत्या कर फंदे पर लटका पति:कहासुनी होने पर गला घोंटा; साली-साढ़ू खेत से घर लौटे तो शव मिले भीलवाड़ा जिले में पत्नी का मर्डर करने के बाद पति ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। युवक अपनी पत्नी के साथ रविवार रात को साढ़ू के घर आया था। (पढ़ें पूरी खबर)

नदी से 5-किमी दूर पहाड़ी पर मिला मगरमच्छ का बच्चा:वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट ने रेस्क्यू कर चंबल नदी में छोड़ा

कोटा के जवाहर सागर चंबल नदी से करीब पांच किलोमीटर दूर पहाड़ी पर सड़क पर मगरमच्छ का बच्चा घूमता मिला। वाइल्ड लाइफ टीम ने उसे रेस्क्यू कर सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। रेंजर राजपाल शर्मा ने दावा किया कि नदी से करीब चार से पांच किलोमीटर दूर मगरमच्छ मिलने का यह पहला मामला है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं मगरमच्छ या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो उन्हें नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट आदिल सैफ ने बताया कि कई बार मगरमच्छ भोजन की तलाश में एक जलाशय से दूसरे जलाशय तक पहुंच जाते हैं। दरअसल, वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट आदिल सैफ को सोमवार रात 7 बजे के लगभग जवाहर सागर से लौटते समय सड़क पर करीब डेढ़ से दो फीट लंबा मगरमच्छ चलता हुआ दिखाई दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मगरमच्छ नदी किनारे से करीब चार से पांच किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में मिला, जहां आस-पास कोई तालाब, तलैया या जल स्रोत भी मौजूद नहीं था। मगरमच्छ को देखकर आदिल सैफ ने अपने साथी मोहम्मद शाहरुख की मदद से उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद क्षेत्रीय वन अधिकारी राजपाल शर्मा को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट आदिल सैफ ने बताया कि कई बार मगरमच्छ भोजन की तलाश में एक जलाशय से दूसरे जलाशय तक पहुंच जाते हैं। वहीं बड़े मगरमच्छों के साथ क्षेत्रीय संघर्ष के कारण भी छोटे मगरमच्छ अपना इलाका छोड़ देते हैं और सड़क पर भटकते हुए दिखाई देते हैं। हालांकि यह पहला मौका है, जब किसी मगरमच्छ को पूरी पहाड़ी चढ़कर नदी से इतनी दूर देखा गया है।

कनाडा में डूबने से 2 पंजाबी युवकों की मौत:एक का पैर फिसला, बचाने कूदा दूसरा भी डूबा; बरनाला-अमृतसर के रहने वाले थे

कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर की लाशीन नहर में डूबने से दो पंजाबी युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में बरनाला जिले के तपा मंडी निवासी लवप्रीत सिंह (26 साल) और अमृतसर के गांव बुटाला (नौरंगपुर) निवासी एक अन्य युवक शामिल हैं। लवप्रीत सिंह के माता-पिता ने केंद्र सरकार, पंजाब सरकार, विदेशों में रह रहे समाजसेवियों और एनआरआई समुदाय से मदद की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि उनके इकलौते बेटे के पार्थिव शरीर को कनाडा से पंजाब लाने के लिए प्रशासनिक और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे उसका अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कर सकें। गहरे पानी के कारण दोनों की डूबने से मौत यह हादसा उस समय हुआ, जब दोनों दोस्त मॉन्ट्रियल की लाशीन नहर के किनारे मौजूद थे। बताया जा रहा है कि अचानक अमृतसर निवासी युवक का पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गया। उसे बचाने के प्रयास में लवप्रीत सिंह भी पानी में कूद गया, लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण दोनों की डूबने से मौत हो गई। कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही मॉन्ट्रियल फायर डिपार्टमेंट व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाला गया। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ढाई साल पहले वर्क परमिट पर गया था इस घटना से तपा मंडी निवासी पूर्व सैनिक बलवीर सिंह का परिवार गहरे सदमे में है। मृतक लवप्रीत सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह करीब ढाई साल पहले वर्क परमिट पर कनाडा गया था और वहां एक कंपनी में ट्राला चालक के रूप में काम कर रहा था। बेटे को विदेश भेजने के लिए बेची जमीन 12वीं कक्षा पास करने के बाद बेटे के बेहतर भविष्य के लिए सीआरपीएफ के पूर्व जवान बलवीर सिंह ने अपनी दो एकड़ जमीन बेचकर उसे कनाडा भेजा था। परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि जिस बेटे को उज्ज्वल भविष्य के लिए विदेश भेजा है, उसकी पार्थिव देह वापस आएगी। लवप्रीत ने करीब 10 दिन पहले ही परिवार से फोन पर बातचीत की थी।

जैसलमेर में एलडीसी परीक्षा केंद्र पर जड़ा ताला:पेपर बाहर भेजने की आशंका पर किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने की SOG जांच की मांग

राजस्थान में एलडीसी (लिपिक ग्रेड द्वितीय) भर्ती परीक्षा के दौरान जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल केंद्र पर पेपर बाहर भेजने और नकल कराने की आशंका के मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने विवादित परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लगाकर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मामले की एसओजी से जांच की मांग उठाई है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर को भेज दी गई है। केंद्र के मुख्य गेट पर ताला, बाहरी लोगों की एंट्री बंद एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल केंद्र पर पेपर बाहर भेजने और नकल कराने की आशंका सामने आने के बाद प्रशासन ने केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इसके साथ ही बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। मामले के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उठाए सवाल संभावित पेपर लीक के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया के जरिए राज्य सरकार पर सवाल उठाए। तीनों नेताओं ने मामले की एसओजी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। बार-बार इस तरह की घटनाएं उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। रिलीवर ड्यूटी और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर सवाल शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश विश्नोई ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पसंद के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है। उन्होंने मांग की कि इस साल हुई अलग-अलग परीक्षाओं में बार-बार रिलीवर बने लोगों की जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिस परीक्षार्थी का पेपर परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाने की बात सामने आई है, प्रशासन ने अब तक उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया है। सीसीटीवी और रिलीवर की तैनाती पर उठे सवाल पूर्व अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर और स्थानीय संगठनों ने परीक्षा की प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरे चालू थे या नहीं। अगर कैमरे चालू थे तो उनकी फुटेज अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। साथ ही यह भी सवाल उठाया गया कि जब मुख्य वीक्षकों की ड्यूटी लॉटरी प्रक्रिया से लगती है, तो रिलीवर की तैनाती किस आधार पर की गई। यह आशंका भी जताई गई कि परीक्षा केंद्र पर तैनात कुछ कर्मचारियों के सगे-संबंधी परीक्षा में शामिल थे। एडीएम बोले- तथ्यात्मक रिपोर्ट बोर्ड को भेज दी मामले में अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम सैनी ने बताया कि रविवार को आयोजित एलडीसी द्वितीय परीक्षा के दौरान छात्रा का पेपर परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाने के मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर को भेज दी गई है। अब आगे की कार्रवाई बोर्ड के निर्देशों के अनुसार होगी। कांग्रेस और एनएसयूआई ने किया प्रदर्शन संभावित पेपर लीक के मामले को लेकर सोमवार को जैसलमेर में कांग्रेस और एनएसयूआई ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एसओजी से निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार और परीक्षा प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए। ……………………… ये खबर भी पढ़ें…. जैसलमेर में LDC भर्ती परीक्षा विवाद पर कांग्रेस-NSUI का प्रदर्शन:SOG जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, बोले-अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर… राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की लिपिक ग्रेड द्वितीय (LDC) भर्ती परीक्षा में संभावित पेपर लीक के मामले को लेकर जैसलमेर में सोमवार को कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मामले की SOG से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार और परीक्षा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। (पूरी खबर पढ़ें)

निम्बाहेड़ा में बिजली गिरने से तीन की मौत:खेत पर बनी झोपड़ी में सोए थे दादा-दादी और पोता, बेटा-बहू ने शरीर से धुआं निकलते देखा

चित्तौड़गढ़ जिले के कनेरा थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दादा, दादी और पोता शामिल हैं। ये तीनों फसल की रखवाली के लिए खेत पर बने झोपड़े में सोए हुए थे। हादसा सोमवार रात करीब 9 बजे कनेरा थाना क्षेत्र के लुनखन्दा गांव में हुआ। कनेरा थानाधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया – मृतकों की पहचान बद्रीलाल (40) उनकी पत्नी चंद्री बाई (38) और पोता विशाल (5) के रूप में हुई है। तीनों गांव से करीब दो किलोमीटर दूर अनोपपुरा-सुखानंदजी मार्ग स्थित अपने खेत पर बने झोपड़े में रुके हुए थे। क्षेत्र में सोमवार सुबह से ही बारिश हो रही थी। पास की झोपड़ी में थे बेटा-बहू
मृतक बद्रीलाल और उनका बेटा उसी खेत पर अलग-अलग झोपड़ियों में रहते थे। हादसे के समय बद्रीलाल, पत्नी चंद्रीबाई और पोता विशाल एक ही झोपड़े में सोए हुए थे, जबकि बेटा-बहू पास की झोपड़ी में सोए थे। तेज धमाके की आवाज सुनकर दोनों दौड़कर वहां पहुंचे। अंदर जाकर देखा तो तीनों के शरीर से धुआं निकल रहा था।
बेटे ने घटना की सूचना ग्रामीणों को दी। सूचना मिलने पर ग्रामीण और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और तीनों को तुरंत कनेरा सीएचसी ले गए, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव मॉर्च्युरी में रखवाए, आज होगा पोस्टमाॅर्टम
सूचना मिलते ही कनेरा थाने के एएसआई महेंद्र सिंह मय जाप्ता मौके और अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने तीनों के शव कनेरा सीएचसी की मॉर्च्युरी में रखवाए हैं। मंगलवार को तीनों का पोस्टमाॅर्टम किया जाएगा।