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घर बुलाकर बॉयफ्रेंड की हत्या, कुल्हाड़ी से गर्दन काटी:फरीदकोट में हाथ-पैर व मुंह बांधा; पिता पंजाब पुलिस में हेड कांस्टेबल

फरीदकोट में बॉयफ्रेंड को घर बुलाकर हत्या कर दी गई। परिजनों के अनुसार, महिला ने उसे मिलने के लिए बुलाया था, लेकिन महिला के पति-भाई और उसने मिलकर युवक के हाथ-पैर और मुंह बांधा। इसके बाद कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन काट दी। मृतक की पहचान पहचान धारा सिंह कॉलोनी निवासी अर्शदीप सिंह (26) के रूप में हुई है। वह मूलरूप से गांव हसनभट्टी का रहने वाला था। पिता हरनेक सिंह ने बताया कि वह पंजाब पुलिस की कमांडो बटालियन में हेड कांस्टेबल हैं और उनकी ड्यूटी चंडीगढ़ में है। उनका बड़ा बेटा अर्शदीप सिंह जो शादीशुदा था, पिछले कुछ दिनों से काफी परेशान था। संबंध रखने का दबाव बना रही थी महिला पिता ने कहा कि पूछने पर अर्शदीप ने बताया था कि गांव मचाकी कलां में विवाहित गांव पिपली की हरप्रीत कौर उस पर अपने साथ संबंध रखने का दबाव बना रही है। इस पर उन्होंने बेटे से कहा था कि वे पंचायत लेकर महिला के मायके गांव जाएंगे। हरनेक सिंह ने बताया कि रविवार को उनका बेटा घर पर नहीं मिला। काफी तलाश करने के बाद उन्हें शक होने पर वह गांव पिपली पहुंचे, जहां हरप्रीत कौर के घर से अर्शदीप सिंह का शव बरामद हुआ। कुल्हाड़ी से वार कर उसकी बेरहमी से हत्या की पिता ने कहा कि उसके हाथ-पैर और मुंह बंधे हुए थे। कुल्हाड़ी से वार कर उसकी बेरहमी से हत्या की हुई थी। हरनेक सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या हरप्रीत कौर, उसके पति सिमरजीत सिंह, पिता चमकौर सिंह उर्फ कौर सिंह और भाई सतनाम सिंह ने मिलकर की है। उनके बयान के आधार पर थाना सदर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए थाना सदर के एसएचओ इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अर्शदीप सिंह को घर बुलाया गया था, जहां उसके हाथ-पैर और मुंह बांधकर तेजधार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई। मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। महिला, उसके पति और भाई पर केस दर्ज कर लिया है। ——————- हत्या से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें:- अमृतसर रेलवे स्टेशन के सामने युवक की हत्या:तेजधार हथियार से मारा, मुख्य आरोपी को पुलिस ने पकड़ा; पैसों का था लेन-देन अमृतसर रेलवे स्टेशन के सामने सोमवार सुबह एक युवक की हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। यह भी पढ़ें:-

‘वंदे मातरम्’ की 150 साल की यात्रा सामने लाएगा IIAS:उपराष्ट्रपति 10 जुलाई को कॉफी-टेबल बुक का विमोचन करेंगे; विवादों का भी उल्लेख

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडी (IIAS) राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास, उसके विकास और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका को प्रमाणिक दस्तावेजों के साथ सामने लाने जा रहा है। IIAS ने अध्ययन के बाद ‘वंदे मातरम्: ए जर्नी’ कॉफी टेबल बुक तैयार कर ली है। ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 10 जुलाई को इसका विमोचन करेंगे। उपराष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर राज्य के चीफ सेक्रेटरी केके पंत आज (सोमवार को) तैयारियों की समीक्षा बैठक करेंगे। IIAS द्वारा तैयार इस कॉफी टेबल बुक में वर्ष 1875 से 1950 तक ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा को मूल अभिलेखों और प्रमाणिक दस्तावेजों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। संस्थान का कहना है कि उद्देश्य राष्ट्रीय गीत से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और प्रमाणों को आम लोगों तक पहुंचाना है, क्योंकि यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़ा रहा है। कांग्रेस अधिवेशन में गीत पर आपत्तियां भी शामिल इस पुस्तक में ‘वंदे मातरम्’ की रचना, उसके महत्व, स्वतंत्रता संग्राम में उसकी भूमिका और समय-समय पर सामने आए विवादों का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है। इसमें वर्ष 1923 में कांग्रेस के काकीनाडा अधिवेशन में पहली बार इस गीत पर उठी आपत्तियों से लेकर 1937 में इसके चार छंद हटाए जाने की प्रक्रिया तक का शोध आधारित विवरण शामिल किया गया है। 20 दुर्लभ चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी विमोचन समारोह के साथ ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाने वाली 20 दुर्लभ चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, ताकि लोग राष्ट्रीय गीत के विकासक्रम को प्रमाणिक साक्ष्यों के साथ समझ सकें। IIAS का कहना है कि संस्थान किसी भी अकादमिक प्रकाशन को सार्वजनिक करने से पहले उसकी गुणवत्ता और प्रमाणिकता सुनिश्चित करता है। इसलिए इस पुस्तक में शामिल सभी तथ्य मूल अभिलेखों और ऐतिहासिक स्रोतों पर आधारित हैं। संस्थान का मानना है कि इतिहास को बदला नहीं जा सकता और लोगों को ‘वंदे मातरम्’ के बारे में तथ्यात्मक एवं प्रमाणिक जानकारी मिलनी चाहिए। दो अलग-अलग वैचारिक धाराओं का भी उल्लेख सूत्रों के अनुसार- पुस्तक में यह भी उल्लेख किया गया कि भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान नेतृत्व की दो अलग-अलग वैचारिक धाराएं उभरकर सामने आई थीं। एक धारा आधुनिक विचारों को अपनाते हुए भी भारतीय सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रही, जबकि दूसरी पश्चिमी प्रभावों से अधिक प्रभावित थी। अध्ययन के अनुसार ‘वंदे मातरम्’ को लेकर समय-समय पर सामने आए मतभेदों को उस दौर की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में समझना आवश्यक है।

झज्जर में डबल मर्डर में बड़ा खुलासा:यूपी के रहने वाले थे दोनों, राजस्थान में PG चलाते थे; नीले ड्रम में शव जलाने की कोशिश

झज्जर में गुरुग्राम रोड पर सोमवार सुबह सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास मिले अर्धनग्न शवों की पहचान हो गई। दोनों यूपी के मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे और राजस्थान के नीमराना में एक PG चलाते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों का मर्डर कर रोड किनारे फेंका गया था। उनकी पहचान मिटाने के लिए शवों का जलाने का भी प्रयास किया गया। पुलिस को मौके से लोहे का पाना, नीला ड्रम भी मिला है। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे पुलिस को रोड किनारे 2 डेडबॉडी मिलने की सूचना मिली थी। दोनों के सिर और मुंह पर चोट के निशान थे। सदर थाना पुलिस, सीआईए, स्पेशल स्टाफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवाया गया है। इधर, शवों की पहचान कर झज्जर पहुंचे परिजनों ने कहा- दैनिक भास्कर की खबर देखकर यहां पहुंचे हैं। इस माध्यम से उन्हें कामिल (50) और इरशाद (40) की पहचान हुई। अब सिलसिलेवार पढ़िए, पूरा घटनाक्रम… SHO बोले- फोरेंसिक जांच के बाद खुलासे होंगे SHO परमजीत का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

जयपुर में दोस्तों को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, VIDEO:होटल के बाहर खड़ी कारों के शीशे तोड़े, कैश काउंटर से 30 हजार रुपए लूटे

जयपुर के एक होटल से निकलते समय दोस्तों को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमलावरों ने मारपीट के बाद होटल के बाहर खड़ी कारों के शीशे तोड़ डाले। श्याम नगर थाना पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर हमलावरों की तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया- जयपुर के रहने वाले रवि ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। श्याम नगर के मेट्रो पिलर नंबर-1 के सामने स्थित होटल में वह अपने दोस्तों के साथ खाना खाने आया था। बिल चुकाकर बाहर निकलते समय होटल में मौजूद कुछ लड़कों से उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि रात करीब 11 बजे झगड़ा होने पर उन लड़कों ने अपने साथियों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की। लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की गई। हमलावरों ने होटल में मौजूद युवकों को तब तक पीटा, जब तक उनके शरीर से खून नहीं बहने लगा। होटल में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बदमाशों ने होटल में तोड़फोड़ करने के साथ कैश काउंटर से करीब 30 हजार रुपए लूट लिए। जाते-जाते सड़क पर खड़ी कारों के शीशे भी तोड़ दिए। पूरी वारदात होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने बताया- होटल-बार में जोर-जोर से बात करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया। पुलिस के जाने के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई। रुपए लूटने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस फुटेज के आधार पर उपद्रव करने वाले लोगों की पहचान कर रही है। पूरा मामला शराब पीने के बाद शुरु हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।

5 लाख लूटने के लिए व्यापारी की गोली मारकर हत्या:प्लॉट देखकर घर लौट रहे थे; खुद ही बाइक चलाकर पहुंचे थे हॉस्पिटल

भरतपुर में शनिवार रात बदमाशों ने 5 लाख रुपए से भरा बैग लूटने के लिए बर्तन व्यापारी को गोली मार दी थी। घायल व्यापारी की रविवार रात 1:30 बजे जयपुर के SMS हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सुभाष नगर निवासी व्यापारी चंद्रभान (50) पेट में गोली लगने के बाद खुद बाइक चलाकर भरतपुर के RBM हॉस्पिटल पहुंचे थे। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया था। SMS हॉस्पिटल में ऑपरेशन कर उनके पेट से गोली निकाली गई। उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया था। व्यापारी की मौत के बाद परिजनों ने SMS हॉस्पिटल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही पूरे मामले की जांच की मांग की है। इधर, भरतपुर में गंगा मंदिर स्थित बर्तन बाजार आज (सोमवार को) बंद है। व्यापारियों ने बाजार में धरना देकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने पुलिस को आज (सोमवार) शाम तक आरोपियों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। बैग में थे 5 लाख रुपए, बदमाशों ने गोली मारी मृतक के बड़े बेटे केशव ने बताया कि मेरे पिता चंद्रभान शनिवार रात मथुरा (यूपी) में प्लॉट देखने गए थे। उनके साथ दुकान पर काम करने वाला युवक नीरज भी था। मेरे पिता अपने साथ 5 लाख रुपए भी लेकर गए थे। रात करीब साढ़े नौ बजे भरतपुर लौटते समय बाइक सवार तीन बदमाश उनका पीछा करने लगे। मेरे पिता ने पहले नीरज को उसके घर छोड़ा। इसके बाद जब वे अपने घर की तरफ आ रहे थे, तब अनोखी होटल के पास बाइक सवार बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग छीनने की कोशिश की। मेरे पिता ने बैग नहीं छोड़ा तो बदमाशों ने उनके पेट में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। खुद बाइक चलाकर पहुंचे थे हॉस्पिटल पेट में गोली लगने के बाद भी चंद्रभान ने हिम्मत नहीं हारी। खून बहने और दर्द के बावजूद उन्होंने खुद ही अपनी बाइक संभाली और सीधे आरबीएम हॉस्पिटल पहुंच गए। हॉस्पिटल पहुंचते ही उन्होंने परिजनों को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। परिवार के लोग घबराए हुए हॉस्पिटल पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया और गंभीर हालत को देखते हुए ICU में भर्ती कर लिया। शनिवार रात करीब 12:30 बजे उनकी हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके पेट में फंसी गोली निकाल दी। ऑपरेशन के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इलाज के दौरान रविवार रात करीब 1:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। चंद्रभान के एक बेटी डिम्पल और 2 बेटे केशव व कान्हा हैं। चंद्रभान बेटे केशव के साथ बर्तन की दुकान संभालते थे। व्यापारियों का आरोप- RBM हॉस्पिटल में समय पर गोली नहीं निकाली भरतपुर में गंगा मंदिर स्थित बर्तन बाजार के व्यापारियों ने आरबीएम हॉस्पिटल की चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि समय पर व्यापारी के पेट से गोली नहीं निकाली गई और उन्हें जल्दबाजी में जयपुर रेफर कर दिया गया। अगर समय पर सही इलाज मिलता तो उनकी जान बच सकती थी। व्यापारियों ने जयपुर के SMS हॉस्पिटल पर भी इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। … यह खबर भी पढ़ें… भरतपुर में आधे घंटे में 2 व्यापारियों को गोली मारी: व्यापारी से कैश से भरा बैग लूटा, विरोध करने पर बर्तन व्यवसायी को अधमरा किया

‘पति का असली हत्यारा सामने आए…मैं रहूंगी या वो’:पूर्व डकैत कोमेश बोली-पुलिस ये बता दे जगन गुर्जर को क्यों मारा; मर्डर पर उठाए सवाल

‘एक बार मेरे पति का असली हत्यारा मेरे सामने आ जाए…..या तो मैं रहूंगी या वो जिंदा रहेगा। जो मारने वाला है, वो कबूल करके ये तो बता दे कि क्या दुश्मनी थी? क्यों उसने मारा? इसके पीछे क्या साजिश थी।’ ये कहना है 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में मारे गए डकैत जगन गुर्जर की दूसरी पत्नी और पूर्व महिला डकैत कोमेश गुर्जर का। पति की हत्या के बाद ब्लड प्रेशर कम होने के चलते कोमेश धौलपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट है। जब भी उसे होश आता है, बार-बार अपने पति की हत्या के बदले की बात करती है। एक जमाने में चंबल की महिला डकैतों में कोमेश गुर्जर का नाम गूंजता था। वहीं जगन गुर्जर के साथ उसकी लव स्टोरी आगे बढ़ी और दोनों ने शादी कर ली थी। तीन बच्चों के साथ कोमेश एक आम गृहिणी की जिंदगी बिता रही थी। हत्याकांड के बाद भास्कर टीम डकैत जगन के पैतृक गांव भवुतीपुरा पहुंची और कोमेश गुर्जर से बात करने की कोशिश की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. धौलपुर से 40 किमी दूर भवुतीपुरा गांव में जगन गुर्जर के तीये की शोक बैठक चल रही थी। मध्यप्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग शहरों से जगन के कई समर्थक और रिश्तेदारों की भीड़ लगी थी। हत्याकांड की सीबीआई जांच और परिजनों की अन्य मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए पंचायत चल रही थी। कोमेश गुर्जर बार-बार बेहोश हो रही थी। अचानक बीपी (ब्लड प्रेशर) कम होने के चलते उसे हॉस्पिटल ले जाया गया। कोमेश से बातचीत के लिए हम भी उसी अस्पताल पहुंचे। करीब 3 घंटे ट्रीटमेंट के बाद वहां के डॉक्टर्स ने हमें मिलने की परमिशन दी। हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या पर आपका क्या कहना है… हमारा सवाल पूरा होने से पहले ही कोमेश ने उत्तर देना शुरू किया… सबसे मेरा तो एक ही निवेदन है, एसपी साहब उसको (हत्या के आरोपी विष्णु जाट को) रिमांड पर लेवें और उससे कुछ कबूल करवा कर हमारे सामने लाएं। वो बस हमें एक बार ये बता दे कि जेल सुपरिटेंडेंट ने मरवाया है या उसने खुद ने दुश्मनी के चलते जगन को मारा है या फिर कोई राजनीतिक वजह से ये मर्डर करवाया गया है। एसपी साहब उसका रिमांड लें और उससे ये पूछताछ करें। हमें तो न्याय तभी मिलेगा जब मेरे पति जगन गुर्जर की हत्या का पूरा सच सामने आएगा। इसके बाद ही तसल्ली मिलेगी। जेल कर्मचारियों को भी सजा होनी चाहिए कि आखिर हाई सिक्योरिटी जेल में ये हो कैसे गया? मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और दूसरे नेताओं से मेरी यही मांग है कि हमारे असली दुश्मन का बस नाम बता दो, जिसने ये किया और करवाया है। असल दुश्मन को हमारे सामने ले आओ। जेल सुपरिटेंडेंट है, जेलर है या कोई और, उनको ये एहसास होना चाहिए कि मर्डर क्या होता है? ऐसे तो किसी भी कैदी को कल कोई मार देगा…बहुत पब्लिक भरी हुई है जेल में। इतने बड़े आदमी जगन को ही धोखा दे दिया और उसके साथ गद्दारी कर दी। छोटे-बड़े आदमी का तो क्या ही होगा अब? सुपरिटेंडेंट और जेलर से मुझे ये जवाब लेना है कि ये घटना हो कैसे गई? देवर ने बताया जेल में बेहोशी के इंजेक्शन देकर मारा कोमेश गुर्जर ने बताया कि जगन के अंतिम संस्कार में जेल से कुछ घंटों के लिए लाए गए देवर पप्पू गुर्जर ने भी कई राज खोले। कोमेश के अनुसार पप्पू गुर्जर ने बताया कि जगन को नींद की गोली या इंजेक्शन देकर बेहोश किया गया। इसके बाद मारा गया। कोमेश ने कहा- जब जेल में कुछ भी नहीं जाने देते हैं तो फिर ये गोलियां कहां से आ गई? डॉक्टर ही इस बारे में बता सकता है, वो भी जेलर और सुपरिटेंडेंट से मिला हुआ है। मैं जब जेल में थी…तब मेरी छोटी सी बच्ची भी मुझसे कभी मिलने आती थी तो उसे कम से कम 50 बार चेक करते थे। आखिर जेल में ये कैसे हो सकता है कि हत्या हो जाए और किसी को कुछ पता ही न चले? हत्या वाले दिन ही हुई थी बात कोमेश गुर्जर ने बताया- उसी दिन (29 जून) सुबह मेरी जगन से जेल की एसटीडी पर बात हुई थी। तब भी बढ़िया प्रेम से बात की थी। जेल में किसी से झगड़े और विवाद की कोई बात नहीं बताई। उसी दिन कोर्ट में उनकी बेल की अर्जी भी लगी हुई थी। हां, इस दौरान जगन ने ही बताया था जेलर पूछ रहा है कि तुम्हारी बेल कब हो रही है? मैंने बता दिया… आज ही हो जानी चाहिए। कोमेश आगे कहती हैं- जेल स्टाफ का तो उन्हें मारने का प्री प्लान था, इसीलिए दोनों भाइयों को पहले अलग-अलग कर दिया था। दोनों की सेल बदल दी थी। पहले साथ रहे दोनों भाई, फिर अलग की गई सेल जगन गुर्जर का भाई पप्पू गुर्जर पहले से ही हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। 29 मार्च 2026 को जगन के अजमेर जेल आने के बाद दोनों भाइयों को शुरुआत में एक ही वार्ड में रखा गया था। बाद में दोनों को अलग-अलग ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया। जेल प्रशासन का कहना है- दोनों भाइयों के बीच विवाद होने के बाद 16 मई को जगन को अलग ब्लॉक में भेज दिया गया था। फिर 27 जून को ही विष्णु को जगन की सेल में शिफ्ट किया गया था। इसके ठीक 2 दिन बाद 29 जून को उसने जगन की हत्या कर दी। ब्लॉक का CCTV चालू, लेकिन सेल का कैमरा खराब जांच में सामने आया कि जिस ब्लॉक में दोनों विष्णु और जगन बंद थे, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में विष्णु का जगन की सेल में जाना, जेल प्रहरी की गश्त, कंपाउंडरों का इंजेक्शन लगाने आना और अन्य गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। हालांकि, जेल प्रशासन का दावा है कि जिस सेल में हत्या हुई, उसका कैमरा कई दिनों से खराब पड़ा था। विष्णु को इसकी जानकारी नहीं थी। यही वजह थी कि उसने वारदात वाले दिन सुबह करीब 10 बजे सबूत मिटाने की नीयत से कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगा दिया था, ताकि कुछ दिखाई न दे। अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया है कि जेल में CCTV की देखरेख के लिए कोई टेक्निकल स्टाफ नहीं है। करीब 20 कैमरे समय-समय पर अचानक खराब हो जाते हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए 7-8 बार डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (DOIT) को ईमेल भी भेजा गया, लेकिन समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई। कई कैमरे अपने आप कुछ समय के लिए चालू हो जाते हैं और फिर बंद हो जाते हैं। पिता की मौत का बदला लेने के लिए बनी थी डकैत कोमेश के पिता छीतरिया गुर्जर की हत्या हो गई थी, वो गांव के सरपंच थे। पिता की हत्या का बदला लेने के लिए कोमेश डकैत बनने बीहड़ों में चली गई। वहीं उसकी पहली बार जगन गुर्जर से मुलाकात हुई। जगन का उसके घर पर पहले से आना-जाना था, तभी से वो उसको पसंद करती थी। बीहड़ में मुलाकात के बाद जगन ने कोमेश को बंदूक थमाई और बदला लेने में मदद की। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। साल 2000 के आसपास जब कोमेश प्रेग्नेंट थी। पुलिस से बचने के लिए वो बीहड़ों से होते हुए हिंडौन सिटी के एक नर्सिंग होम पहुंची थी। यहां उसने अपने पहले बच्चे लवकुश को जन्म दिया। उसी नर्सिंग होम से कोमेश को पहली बार पुलिस ने पकड़ा था। कोमेश की गिरफ्तारी के बाद जगन ने भी साल 2001 में पहली बार तत्कालीन धौलपुर एसपी बीजू जॉर्ज जोसेफ के सामने सरेंडर कर दिया था। जमानत पर आने के बाद कोमेश फिर से बीहड़ों में चली गई। साल 2008 में पुलिस ने उसे और उसकी गैंग को घेर लिया था। कई घंटे मुठभेड़ चली। अंत में एक गोली कोमेश को लगी और वो घायल हो गई। इस दौरान कोमेश प्रेग्नेंट थी और गर्भ में ही उसके बच्चे की मौत हो गई थी। गिरफ्तारी के बाद कोमेश फिर जमानत पर बाहर आई और फरार हो गई। बाद में सीधे कोर्ट में ही सरेंडर कर दिया था। साल 2009 में जगन ने कैमरी गांव के जगन्नाथ मेले में दूसरी बार कांग्रेस नेता सचिन पायलट के सामने सरेंडर कर दिया था। जेल से छूटने के बाद करीब 9 साल पहले कोमेश ने बेटी काजल को जन्म दिया था। साल 2014 में कोमेश के छोटे भाई रामू की हत्या हुई। पुलिस रिकॉर्ड अनुसार साल 2014 में कोमेश अपने पति डकैत जगन गुर्जर के साथ जेल में थी। इसके बाद कोमेश ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए अपने रिश्तेदार देवर की मदद से आरोपी संजीत कोली की हत्या करवा दी। इसके बाद से वो बाड़ी में खेती-बाड़ी कर और दो भैंस रखकर उनका दूध बेचकर जीवन गुजार रही है। … जगन गुर्जर हत्याकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें डकैत जगन गुर्जर की हत्या करने वाला विष्णु जाट गिरफ्तार:बोला- वह मुझसे कपड़े धुलवाता था, कमेंट भी करता था; झगड़े के कारण मार डाला डकैत जगन गुर्जर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा:पकड़ कर दो बार दबाया गया गला, बचने के लिए संघर्ष तक नहीं किया डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, साथ में लूडो खेला था

किसान बोले-क्रूड ऑयल से खेत बंजर हुए, दाना नहीं उगेगा:पिछली बार 3 हजार मुआवजा मिला था, हकीकत में करोड़ों से भी भरपाई नहीं होगी

बाड़मेर जिले के बोथिया गांव में रविवार को क्रूड ऑयल की पाइपलाइन में लीकेज होने से 16 घंटे तक दो खेतों में तेल बहता रहा। क्रूड के रिसाव के कारण खेतों में तेल का तालाब बन गया। गड्ढा बनाकर 15 वैक्यूम (खाली) टैंकरों में तेल को भरा गया। जिन किसानों के खेत में तेल का तालाब बना, अब वे किसान चिंता में डूबे हैं। उनका कहना है- क्रूड के कारण करीब एक बीघा जमीन बंजर हो गई, जहां अब कोई फसल नहीं हो सकेगी। जमीन तैलीय (ऑयली) हो चुकी है और वहां एक दाना तक उगना मुश्किल है। जहां-जहां क्रूड ऑयल फैला, वहां खेती करना नामुमकिन है। केमिकल के कारण जमीन पैदावार लायक नहीं रहेगी। पिछले साल भी इसी क्षेत्र के खेतों में क्रूड ऑयल फैला था। तब कंपनी ने पीड़ितों को सिर्फ 3 से 5 हजार रुपए का मुआवजा दिया था। ऐसे में इस बार स्थायी समाधान होना चाहिए। देखिए- क्रूड ऑयल के रिसाव के बाद खेत के हालात अब 2 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला अब पढ़िए किसानों का दर्द किसान बोले- 3 हजार रुपए का मुआवजा मिला था पीड़ित किसान दौलतराम का कहना है- रविवार सुबह करीब 6 बजे लीकेज हुआ था। केयर्न वेदांता वालों ने हमें कोई सूचना नहीं दी। ड्राइवरों ने हमें सूचना दी। हम मौके पर पहुंचे तो देखा कि हमारी जमीन में क्रूड ऑयल फैल गया है। हमारे आने से पहले कंपनी के लोग 7 टैंकर भरकर ले जा चुके थे। वे वैक्यूम टैंकर में क्रूड ऑयल भर रहे थे। फिर हमने उन्हें रुकवाया। इसके बाद दोपहर में हमने उन्हें टैंकर भरने की अनुमति दी। शाम होने तक वे 15 से ज्यादा टैंकर भर चुके थे। पूछने पर कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि हमारा पूरा प्रोजेक्ट बंद हो रहा है, इसलिए हम इसे रिकवर कर रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि उनके फैले तेल के कारण हमारे खेतों की जमीन बर्बाद हो रही है। उनका कहना है- क्रूड ऑयल फैलने से खेतों में एक पौधा तक नहीं उगता। केमिकल के कारण जमीन पैदावार लायक नहीं रहती। पहले भी जब खेतों में तेल फैला था, तब केयर्न वेदांता से कोई अधिकारी नहीं आया। एक-दो लोग आए थे। उन्होंने कहा था कि नाप लेकर मुआवजा देंगे। पहले जब लीकेज हुआ था, तब 5-6 बीघा में तेल फैला था। लेकिन मुआवजे के तौर पर सिर्फ 3 हजार रुपए का चेक दिया गया। हमसे कहा गया था कि उचित मुआवजा देंगे। जमीन की नाप लेकर ऊपर से क्रूड हटा दिया, लेकिन दो महीने बाद केवल 3 हजार रुपए का चेक दिया। दौलतराम ने बताया- हम चाहते हैं कि हमारी बंजर जमीन को पूरी तरह साफ किया जाए। 20-25 लोग हमारे बेरोजगार बैठे हैं। किसी को भी इस कंपनी ने रोजगार नहीं दिया। न कोई वाहन लगा हुआ है। जितने लोग लगे हैं, वे सभी बाहर के हैं। हमारी जमीन खराब हुई है। एक करोड़ रुपए भी दे दें तो कम है। यह जमीन हमेशा के लिए बंजर हो गई है, इसकी भरपाई नहीं हो सकती। ‘हर साल हमारे खेत खराब हो रहे’ किसान गौतम का कहना है- हम लोग यहां पहुंचे, उससे पहले ही जेसीबी मशीन लगी हुई थी। हमें भी रोकने की कोशिश की गई। जेसीबी से गड्ढा खोदा गया। कंपनी के अधिकारी आए तो हमने कहा कि आप काम कीजिए, लेकिन हर साल हमारे खेत खराब किए जा रहे हैं। मुआवजे के नाम पर दो-तीन हजार रुपए दिए जाते हैं। अब तक क्षेत्र में 100 से ज्यादा बीघा जमीन प्रभावित हो चुकी है। अगर क्रूड ऑयल से प्रभावित खेत की 10 फीट तक खुदाई कर दूसरी रेत डाली जाए तो फिर से बुवाई हो सकती है। हम किसान इतना खर्च कभी नहीं कर पाएंगे। कंपनी को पाइपलाइन बिछाए 10 साल से ज्यादा हो चुके हैं। इस इलाके से 5-6 पाइपलाइनें गुजरती हैं। पुरानी होने की वजह से कई जगह कमजोर पॉइंट हैं, जहां हर साल लीकेज होता है। हर साल किसानों को सिर्फ आश्वासन देकर अपना काम निकाल लेते हैं। भाजपा नेता बोले- कारणों की जांच होनी चाहिए बाड़मेर के भाजपा नेता दीपक कड़वासरा ने कहा कि दुनियाभर में हालात बदल रहे हैं। क्रूड ऑयल एक महत्वपूर्ण संसाधन है। ऐसे में पाइपलाइन लीकेज की बार-बार होने वाली घटनाओं के कारणों की जांच होनी चाहिए। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। अफसर बोले- हमने तुरंत रोक दी थी सप्लाई केयर्न वेदांता के रेवेन्यू ऑफिसर चक्रेश कुमार का कहना है- लीकेज की सूचना मिलते ही उसे तुरंत रोक दिया गया था। प्रभावित क्षेत्र से क्रूड ऑयल और मिश्रित पानी हटाने का कार्य जारी है और पूरे क्षेत्र की सफाई की जाएगी। किसानों के साथ नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पाइपलाइन का नियमित रखरखाव किया जाता है। … ये खबर भी पढ़िए… किसान के खेत में निकलने लगा क्रूड ऑयल:इलाके से गुजर रही पाइपलाइन में सप्लाई बंद की; वेलपैड से 1KM दूर मिला लीकेज पॉइंट बाड़मेर जिले के बोथिया गांव के एक खेत में रविवार सुबह 6 बजे क्रूड ऑयल का रिसाव होने लगा। क्रूड ऑयल 2 खेतों में 500 मीटर के दायरे में फैल गया। पूरी खबर पढ़िए रेगिस्तान में क्रूड ऑयल के 20 कुएं बंद:खेत से 60 टैंकर तेल निकला, कंपनी का दावा- 24 की रात ब्लास्ट नहीं, भूकंप आया था बाड़मेर में खेत से निकल रहा क्रूड ऑयल शुक्रवार को पांचवें दिन बंद हो गया है। हालांकि अभी खेत से तेल के निकलने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पूरी खबर पढ़िए

अमरनाथ गुफा में शिवलिंग 90% गायब, ऊंचाई एक फीट बची:3 दिन में 56000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए; यह आंकड़ा पिछले साल से 18% ज्यादा

अमरनाथ में बनने वाले पवित्र शिवलिंग का आकार एक फीट रह गया है। 23 मई को BSF के जवानों ने जो तस्वीर जारी की थी, उसमें शिवलिंग का आकार करीब 7 फीट था। 29 जून को पहली पूजा के दिन भी हिमलिंग की ऊंचाई 5 फीट से ज्यादा थी। 6 जुलाई को सामने आई तस्वीर में हिमलिंग लगभग 90% गायब हो चुका है। 57 दिन चलने वाली यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी। पिछले 3 दिनों में 56 हजार से ज्यादा तीर्थयात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले साल से करीब 18.6% ज्यादा रहा। 2025 में पहले तीन दिन में 47,972 श्रद्धालु पहुंचे थे। 48 किमी लंबे नुनवान-पहलगाम रूट और 14 किमी वाले छोटे लेकिन कठिन बालटाल रूट से लगातार यात्री दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन खत्म होगी। यात्रा के तीसरे दिन से जुड़ी तस्वीरें… 9 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन स्लॉट बुक, प्रशासन बोला- नए यात्री कुछ दिन रुकें जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बिना रजिस्ट्रेशन करवाए अमरनाथ पहुंच रहे यात्रियों से कहा है कि वे अपनी यात्रा कुछ दिन के लिए टाल दें। प्रशासन के मुताबिक, 9 जुलाई तक सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह भर चुके हैं। ऐसे में अगर कोई यात्री बिना रजिस्ट्रेशन बालटाल या पहलगाम रूट से आगे बढ़ने की कोशिश करेगा तो उसे चेक पॉइंट्स पर रोक दिया जाएगा। उसे 9 जुलाई के बाद ही आगे बढ़ने दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि रविवार से केवल रजिस्टर्ड यात्री ही कश्मीर की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को चेक पोस्ट पर रोक दिया जाएगा। उन्हें 9 जुलाई के बाद ही आगे बढ़ने मिलेगा। अमरनाथ के बाबा बर्फानी प्राकृतिक बनते हैं, तराशा नहीं जाता अमरनाथ का हिम शिवलिंग किसी बर्फ के ब्लॉक को तराशकर नहीं बनाया जाता, बल्कि यह प्राकृतिक आइस स्टैलेग्माइट है। जैसे चूना-पत्थर की गुफाओं में जमीन से खनिज जमा होकर स्टैलेग्माइट बनते हैं, उसी तरह अमरनाथ गुफा में छत से टपकने वाला पानी जमकर बर्फ का शिवलिंग बनाता है। इसका आकार हर साल मौसम, तापमान और पानी की उपलब्धता के अनुसार अलग-अलग होता है। यही इसकी सबसे अनोखी विशेषता है। शिवलिंग इसलिए तेजी से घट रहा है, क्योंकि गुफा में बढ़ती मानवीय और प्राकृतिक गतिविधियों से मौसम गर्म हो रहा है। ऊपर से टपकने वाला पानी पहले की तरह जम नहीं पा रहा है। शिवलिंग गायब होने से यात्रा पर क्या असर पड़ेगा, समझिए सवाल-जवाब में… 1. सवाल: अमरनाथ गुफा में शिवलिंग क्यों गायब हो गया? जवाब: गर्म मौसम और तापमान बढ़ने के कारण बर्फ का प्राकृतिक शिवलिंग तेजी से पिघल गया है। 2. सवाल: क्या शिवलिंग फिर से बन सकता है? जवाब: इसकी संभावना बहुत कम है। ताजा बर्फबारी या तापमान शून्य से नीचे जाने पर ही दोबारा बन सकता है। 3. सवाल: प्राकृतिक शिवलिंग कैसे बनता है? जवाब: सर्दियों और वसंत में गुफा के अंदर पानी की बूंदें जमकर धीरे-धीरे बर्फ का शिवलिंग बनाती हैं। 4. सवाल: क्या शिवलिंग पिघलने से अमरनाथ यात्रा रुक जाएगी? जवाब: फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है। यात्रा पहले की तरह जारी है। 5. सवाल: अब तक कितने श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं? जवाब: यात्रा शुरू होने के बाद अब तक 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। 6. सवाल: इस साल यात्रा के लिए कितने लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है? जवाब: इस साल करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यात्रा के 2 रूट, एक 48km लंबा लेकिन सरल, दूसरा 14km का लेकिन कठिन चढ़ाई अमरनाथ यात्रा दो रास्तों से की जाती है। पारंपरिक रास्ता 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम से है। दूसरा रास्ता गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबे बालटाल से है। यात्रा 28 अगस्त को खत्म होगी।

राजस्थान बोर्ड:10-12वीं एग्जाम के लिए आज से भरे जाएंगे फॉर्म:इस साल 200 रुपए बढ़ी फीस; जानें लेट फीस और आवेदन की आखिरी तारीख

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं-12वीं एग्जाम के लिए आवेदन फॉर्म आज से भरे जा सकते हैं। इस बार 200 रुपए की फीस बढ़ा दी गई है। 6 अगस्त तक 850 रुपए फीस होगी। बिना लेट फीस एक माह का समय दिया गया है। बोर्ड सचिव के अनुसार, लेट फीस के साथ 6 अगस्त से 12 अगस्त तक 1100 रुपए, अतिरिक्त लेट फीस के साथ 13 से 18 अगस्त तक 1350 रुपए, दोगुनी फीस के साथ 19 अगस्त से 24 अगस्त तक 1700 रुपए और इससे ज्यादा लेट होने पर 25 अगस्त से 1 सितंबर तक 2350 रुपए फीस लगेगी। आवेदन फॉर्म में संशोधन की डेट 7 नवंबर से 17 नवंबर रखी गई है। बता दें कि पूर्व में यह फीस 650 रुपए थी, जिसे इस बार बढ़ा दिया गया है। करीब 20 लाख स्टूडेंट्स इन परीक्षाओं के लिए आवेदन करते हैं। प्रायोगिक परीक्षा फीस में भी 100 रुपए की बढ़ोतरी कर 200 रुपए कर दी गई है, जो हर सब्जेक्ट के लिए अलग से देनी होगी। विशेष आवश्यकता वाले छात्र, दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग परीक्षार्थी, युद्ध में वीरगति को प्राप्त अथवा अपाहिज सैनिकों के बेटे-बेटियों और पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों के आश्रितों की कोई फीस नहीं लगेगी। इन्हें केवल टोकन शुल्क के 50 रुपए जमा कराने होंगे। जिन स्कूलों की उच्च माध्यमिक स्तर की संबद्धता संबंधी कार्रवाई अभी तक पेंडिंग है, वे स्कूल बिना देरी के कार्रवाई पूरी कर लें। कार्रवाई पूर्ण नहीं होने पर ऐसे स्कूलों के परीक्षा आवेदन पत्र रद्द कर दिए जाएंगे। ऑनलाइन परीक्षा आवेदन पत्र भरने से संबंधित आवश्यक निर्देश बोर्ड की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं। अन्य जानकारी के लिए बोर्ड कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0145-2632866, 2632867, 2632868 पर अथवा एसीपी के दूरभाष नंबर 0145-2627454 पर संपर्क कर सकते हैं। ……….. पढें ये खबर भी… पीएम-सीएम पर अभद्र टिप्पणी, आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने शांति भंग में पकड़ा; जांच के आधार पर जोड़ेंगे अन्य धाराएं सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में कृष्णगंज थाना पुलिस ने एक यू-ट्यूबर नरेश राघानी को शांतिभंग में गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढें

खामेनेई की अंतिम यात्रा- 10km लंबे रूट पर लाखों लोग:10 घंटे तक चलेगा जुलूस, हेलिकॉप्टर से शहर के ऊपर घुमाया जाएगा ताबूत

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार को तेहरान में आगे बढ़ रही है। 10 किलोमीटर लंबे रूट पर लाखों लोग अंतिम दर्शन के लिए जुटे हैं। सरकारी मीडिया ने इसे देश के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा जनसमूह बताया है। भीड़ इतनी ज्यादा है कि कई जगह ताबूत ले जा रहा वाहन धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। आजादी स्ट्रीट समेत कई इलाकों में लोगों की इतनी भीड़ है कि कुछ समय के लिए वाहन को रुकना भी पड़ा। प्रशासन ने लोगों से अंतिम यात्रा मार्ग पर बने रहने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, आखिर में खामेनेई के पार्थिव शरीर को हेलिकॉप्टर से अंतिम यात्रा मार्ग के ऊपर ले जाया जाएगा, ताकि दूर खड़े लोग भी अंतिम दर्शन कर सकें। अंतिम यात्रा के बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को धार्मिक रस्मों के लिए कोम ले जाया जाएगा। इसके बाद उन्हें उनके गृह शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी 5 तस्वीरें… पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडे्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…