करौली में 40 घंटे से प्रमुख मार्गों पर लगा जाम:पांचना बांध के पानी से जुड़े विवाद को लेकर यातायात ठप
करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक आंदोलन में बदल गया है। नहरों में पानी पहुंचने के बावजूद किसानों ने कई स्थानों पर लगाए गए जाम नहीं हटाए हैं। करौली और सवाई माधोपुर जिलों के प्रमुख मार्गों पर 40 घंटे से ज्यादा समय से यातायात ठप है। इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के दौरान तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे कमांड एरिया तक पानी पहुंचने में देरी हुई। इस खराबी को दूर करने के लिए मथुरा और देवली से गोताखोरों और तकनीकी टीम को बुलाया गया। 7 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे कुसांय गांव तक नहर का पानी पहुंच गया, लेकिन किसानों ने अपना आंदोलन जारी रखा। किसानों ने बंद कर रखे है रास्ते
हिंडौन क्षेत्र में कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। श्रीमहावीरजी-नादौती मार्ग पर कोड़िया और कैमला गांव, हिंडौन-करौली मार्ग पर कटकड़ गांव, हिंडौन-गंगापुर मार्ग और गुडला गांव सहित अन्य स्थानों पर किसानों ने रास्ते बंद कर रखे हैं। प्रशासन की लगातार समझाइश के बावजूद किसान जाम खोलने को तैयार नहीं हैं। रोडवेज बसों का संचालन बंद
जाम के कारण राजस्थान रोडवेज ने हिंडौन-करौली और हिंडौन-गंगापुर सहित कई मार्गों पर बसों का संचालन रोक दिया है। निजी वाहन, मालवाहक और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन भी फंसे हुए हैं। यातायात बाधित होने से यात्रियों, मरीजों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को परेशानी हो रही है। दूध और रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। गुडला में धरना प्रदर्शन जारी
गुडला में करौली-हिंडौन मार्ग पर गुडला-पांचना संघर्ष समिति के बैनर तले धरना प्रदर्शन जारी है। समिति ने घोषणा की है कि उनकी सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। अभद्र भाषा के प्रयोग पर फूटा गुर्जर समाज का आक्रोश
इसी बीच गुढ़ाचंद्रजी क्षेत्र में भी एक अलग विवाद ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। सोशल मीडिया पर गुर्जर समाज के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने से नाराज लोगों ने गुढ़ाचंद्रजी-सिकंदरा मार्ग पर मुहाना मोड़ के पास जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
मुहाना, राजाहेड़ा, भंवरवाड़ा, सन्देड़ा, राजकुवा और वास सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और सड़क पर झाड़ियां व पत्थर डालकर रास्ता बंद कर दिया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर गुढ़ाचंद्रजी थाना पुलिस और नादौती थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों की गिरफ्तारी और जिलेभर में लगे जाम खुलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। फिलहाल पूरे जिले में कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आंदोलन समाप्त कराने के प्रयास जारी हैं, जबकि आमजन को लगातार बढ़ती परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुंसाय गांव में 36 घंटे से धरना जारी
इधर, वजीरपुर उपखंड क्षेत्र के कुंसाय गांव में पांचना नहर में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने के विरोध में किसानों का धरना बुधवार को लगातार 36 घंटे से जारी है। किसानों ने हिंडौन-गंगापुर सिटी मुख्य मार्ग पर अवरोधक लगाकर जाम कर दिया है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मंगलवार देर शाम तक कलेक्टर और एसपी मौके पर मौजूद थे। नहर में पानी का बहाव बढ़ाने की मांग
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण डटे हुए हैं, जो सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक नहर में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता और उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। किसान नेता रघुवीर पीलोदा ने मांग की कि नहर में पानी का बहाव बढ़ाया जाए, ताकि टेल क्षेत्र के किसानों तक भी पर्याप्त पानी पहुंच सके। उन्होंने पांचना बांध के गेटों में तकनीकी खराबी होने पर उसे तुरंत ठीक कराने की भी बात कही। आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी
पीलोदा ने उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की, जिनकी लापरवाही के कारण नहर का पानी समय पर नहीं पहुंच सका। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सभी मांगें पूरी नहीं हुईं तो धरना जारी रहेगा और आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसान नेताओं ने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की कि भ्रामक टिप्पणियां कर किसानों या नेताओं को बदनाम करने और एक-दूसरे को भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
धरना स्थल पर किसानों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि नहरों तक पर्याप्त पानी अभी भी नहीं पहुंच रहा है।

