मामा-भांजे का असिस्टेंट प्रोफेसर में एक साथ चयन:नैनवां के कैलाश और रामसहाय ने अभावों के बीच पढ़ाई कर सफलता अर्जित की
बूंदी जिले के नैनवां क्षेत्र से स्वामी विवेकानंद सरकारी मॉडल स्कूल, नैनवां में शारीरिक शिक्षा व्याख्याता कैलाश चीता और उनके भांजे रामसहाय मीणा का राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर शारीरिक शिक्षा भर्ती में एक साथ चयन हुआ है। कैलाश चीता मूल रूप से मीणा भजनेरी के पास स्थित चितों की झोपड़िया गांव के निवासी हैं। उन्होंने बचपन से ही गरीबी का सामना किया, लेकिन शिक्षा और खेल के प्रति उनकी लगन ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कैलाश ने पहले तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक के रूप में झालावाड़ और द्वितीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक के रूप में अजमेर में सेवाएं दीं। वर्तमान में वे नैनवां के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में कार्यरत हैं। सरकारी सेवा में आने से पूर्व कैलाश चीता ने नैनवां के भगवान आदिनाथ जय राज मारवाड़ा महाविद्यालय में दो वर्ष, राजकीय महाविद्यालय बूंदी में चार वर्ष (2009 से 2013 तक) और कोटा विश्वविद्यालय, कोटा में भी अपनी सेवाएं दीं। उनके मार्गदर्शन में कई खिलाड़ियों ने राज्य, राष्ट्रीय और अखिल भारतीय विश्वविद्यालय स्तर पर पहचान बनाई। उनके कई शिष्य आज विभिन्न राजकीय सेवाओं में कार्यरत हैं। कैलाश चीता के भांजे डेलपुरा निवासी रामसहाय मीणा का भी असिस्टेंट प्रोफेसर शारीरिक शिक्षा पद पर चयन हुआ है। रामसहाय वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल मोहम्मदगढ़, जिला टोंक में शारीरिक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी धर्मपत्नी भी गवर्नमेंट उच्च माध्यमिक स्कूल बोसरिया, जिला टोंक में शारीरिक शिक्षिका हैं। मामा-भांजे दोनों की खेलों में बचपन से ही गहरी रुचि थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देई से साथ में शुरू की, जिसके बाद बूंदी कॉलेज और कोटा विश्वविद्यालय में भी एक साथ अध्ययन किया। दोनों ने एक साथ सरकारी सेवा में प्रवेश किया और अब एक साथ असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित हुए हैं।

