डिलीवरी के दौरान इस्तेमाल होने वाली जेल-क्रीम का सैंपल फेल:मेडिकल कॉलेज के ड्रग वेयर हाउस से 1117 पैकेट सीज; कोटा में मृतका 5 प्रसूताओं को लगाई थी
कोटा में प्रसूताओं को डिलीवरी के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाली जेल-क्रीम (डायनोप्रोस्टोन) का सैंपल फेल हो गया है। ये जेल-क्रीम सरकारी सप्लाई की है। ड्रग कंट्रोल विभाग ने प्रदेशभर में इसकी बिक्री रोकने और स्टॉक वापस मंगाने के निर्देश जारी किए। बता दें कि कोटा में 5 प्रसूताओं की मौत के बाद ड्रग विभाग ने सरकारी हॉस्पिटल्स में सप्लाई हुई दवाओं के सैंपल लिए थे। औषधि नियंत्रण विभाग ने 17 मई को न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (एनएमसीएच) के स्टोर से डायनोप्रोस्टोन (Gel Dinoprostone बैच नंबर H-084) का सैंपल लिया था। ये जेल-क्रीम भी 5 मृत प्रसूताओं को लगाई गई थी। जयपुर स्थित ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी की जांच में इस बैच का सैंपल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। यानी दवा में कंटेंट तो था, लेकिन अन्य पैरामीटर में फेल पाया गया। यह दवा Cotec Healthcare Pvt. Ltd., रुड़की (उत्तराखंड) द्वारा निर्मित है। स्टोर से 1117 जेल-क्रीम पैकेट किए सीज जांच में सैंपल फेल होने के बाद ड्रग विभाग की टीम नयापुरा स्थित एमसीडीडब्ल्यू स्टोर में पहुंची। अलग अलग सरकारी हॉस्पिटल्स में सप्लाई हुई जेल/क्रीम (डायनोप्रोस्टोन) को वापस मंगवाया। ड्रग विभाग की टीम ने एमसीडीडब्ल्यू स्टोर से इसी बैच के लगभग 1,117 जेल/क्रीम पैकेट सीज किए। अलग अलग संस्थानों में उपलब्ध इस बैच का स्टॉक वापस मंगाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी। औषधि नियंत्रण विभाग ने बताया- मामले में औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रसव के दौरान होती है उपयोगी डाइनोप्रोस्टोन जेल प्रसूति और स्त्री रोग विभाग में उपयोग की जाने वाली महत्वपूर्ण दवा है। इसका उपयोग गर्भवती महिलाओं में प्रसव पीड़ा शुरू कराने, गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) को प्रसव के लिए तैयार करने और चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर प्रसव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह दवा केवल विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में अस्पताल में ही उपयोग की जाती है।

