शिक्षा विभाग आदेश के खिलाफ प्राइवेट स्कूल बंद:हर महीने जांच के खिलाफ एक संगठन ने किया बंद का समर्थन तो दूसरे संघ ने किया किनारा
बीकानेर में शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों की हर महीने अनिवार्य जांच के आदेश के विरोध में आंदोलन तेज हो गया है। वहीं सोमवार को निजी स्कूल बंद रखने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दरअसल, एक निजी स्कूल संगठन ने बंद का आह्वान किया है, जबकि दूसरे प्रमुख संगठन ने इससे दूरी बना ली है। ऐसे में शहर के स्कूल संचालक देर शाम तक स्कूल खोलने या बंद रखने को लेकर मंथन लगातार जारी है। हालांकि कुछ स्कूलों ने शाम होते-होते छुट्टी की घोषणा कर दी है। हर महीने निजी स्कूलों की जांच होगी माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने शिक्षा संबल योजना के तहत आदेश जारी कर शिक्षा अधिकारियों को हर महीने अपने क्षेत्र के निजी स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। जांच में स्कूल की मान्यता सहित विभिन्न बिंदुओं की पड़ताल होगी। इसके लिए विभाग ने एक ऐप भी तैयार किया है, जिसमें निरीक्षण रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। 24 जुलाई तक निर्णय लेने का आश्वासन निजी स्कूल संगठन पैपा ने बताया- इस मुद्दे पर उनकी निदेशक और अतिरिक्त शिक्षा सचिव से वार्ता हो चुकी है। संगठन के प्रदेश पदाधिकारी गिरिराज खैरीवाल ने कहा कि सरकार ने 24 जुलाई तक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है, इसलिए तब तक इंतजार किया जाना चाहिए। इसी कारण पैपा ने 20 जुलाई के बंद का समर्थन नहीं किया है। सेवा संगठन ने बंद का आह्वान किया वहीं सेवा संगठन ने 20 जुलाई को स्कूल बंद रखने और शिक्षा निदेशालय पर बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन के कोडाराम भादू ने कहा कि निजी स्कूल संचालक सरकार के इस आदेश का विरोध करेंगे और आंदोलन के लिए तैयार हैं। कुछ स्कूलों ने की छुट्टी घोषित दोनों संगठनों के अलग-अलग रुख के चलते बीकानेर में निजी स्कूल संचालक असमंजस में रहे। हालांकि देर शाम कुछ स्कूलों ने सोमवार की छुट्टी घोषित करते हुए अभिभावकों को इसकी सूचना भेज दी, जबकि कई स्कूल अंतिम समय तक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करते रहे।

