साइबर ठगों पर पुलिस का शिकंजा:किसान को ₹25,500 लौटाए, 15 दिन में साइबर ठगी का पूरा पैसा वापस
बारां के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का शिकार हुए एक किसान को पुलिस ने महज 15 दिन में बड़ी राहत दिलाई। सोशल मीडिया विज्ञापन के जरिए ठगे गए 25,500 रुपए तकनीकी जांच, भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) और संबंधित वित्तीय संस्था के समन्वय से पीड़ित के बैंक खाते में वापस जमा करा दिए गए। सोशल मीडिया विज्ञापन से हुई ठगी पुलिस के अनुसार, सिमलोद निवासी नेमीचंद लोधी 1 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन के झांसे में आ गए। ठगों ने उनसे 25,500 रुपए की धोखाधड़ी कर ली। घटना के बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। तकनीकी जांच से मिली सफलता शिकायत मिलते ही नाहरगढ़ थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी। भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के समन्वय से संबंधित वित्तीय संस्था प्रामेरिका लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड से पत्राचार और लगातार संपर्क किया गया। त्वरित फॉलोअप के बाद शनिवार को ठगी गई पूरी राशि पीड़ित के बैंक खाते में रिफंड कर दी गई। पुलिस टीम की रही अहम भूमिका पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवाड़ी के सुपरविजन तथा शाहाबाद वृत्ताधिकारी आशीष भार्गव के निर्देशन में नाहरगढ़ थानाधिकारी विवेक हरसाना की टीम ने मामले में त्वरित कार्रवाई की। इस सफलता में नाहरगढ़ थाने के कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार की विशेष भूमिका रही। पुलिस की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। शुरुआती घंटों में शिकायत करने पर ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

