अब सुनने को नहीं मिलेगा- सॉरी नो बेड:5 अस्पतालों को इसी साल मिलेंगे 1800 बेड; 1430 से बढ़कर 3230 हो जाएगी क्षमता
एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में गंभीर मरीजों को भर्ती के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस साल के अंत तक पांच अस्पतालों में 1800 नए बेड उपलब्ध हो जाएंगे। इससे इन अस्पतालों की बेड क्षमता करीब 1430 से बढ़कर 3230 से अधिक हो जाएगी। सबसे ज्यादा राहत गर्भवती महिलाओं, नवजात, हृदय और कैंसर रोगियों को मिलेगी। महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में 550, जनाना अस्पताल चांदपोल में 300, गणगौरी अस्पताल में 300 और स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में 450 बेड बढ़ेंगे। कार्डियक इंस्टीट्यूट में 200 बेड की सुविधा विकसित की जा रही है। महिला चिकित्सालय और जनाना अस्पताल में अभी 1058 बेड हैं। नए भवन शुरू होने के बाद यहां क्षमता बढ़कर करीब 1900 बेड हो जाएगी। इससे प्रसव और नवजात उपचार के लिए आने वाली महिलाओं को भर्ती के लिए एक से दूसरे अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। दो अस्पतालों का निर्माण पूरा महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में 107 करोड़ रुपए और जनाना अस्पताल चांदपोल में 75 करोड़ रुपए की लागत से नए भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। गणगौरी अस्पताल का 100 करोड़ रुपए की लागत वाला भवन निर्माणाधीन है। स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट का 85 करोड़ रुपए का काम अंतिम चरण में है। मरीजों को ये फायदे; भर्ती, जांच और ऑपरेशन जल्दी होंगे

