ब्रेकिंग न्यूज़
अब अस्पताल ही पोर्टल पर अपलोड करेगा दस्तावेज:कैंसर मरीजों को 30 हजार से महंगी दवा की मंजूरी ऑनलाइन; अब मेडिकल बोर्ड के लिए चक्कर खत्म

राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RSHAA ) की लापरवाही के चलते पिछले तीन माह से आरजीएचएस में कैंसर मरीजों के लिए बनी नई गाइडलाइन भारी पड़ रही है। ऐसे में कैंसर मरीज दवा के लिए दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर है। स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेन्सी की ओर से नई गाइडलाइन के तहत कैंसर की 30 हजार से अधिक की दवा के लिए मेडिकल बोर्ड की ऑफलाइन अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया था। इसके कारण न केवल कैंसर मरीजों बल्कि उनके परिवार पर भी चिंता की लकीरें साफ दिख रही थी। अब कैंसर मरीजों की परेशानियों को देखते हुए कैंसर मरीजों को मेडिकल बोर्ड की अनुमति के लिए इधर-उधर चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। अब ऑनलाइन प्लेटफार्म बनाया है। इसके तहत अस्पताल को ही मरीजों के सारे दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करना पड़ेगा। जांच के बाद मरीजों को ऑनलाइन ही दवा की अनुमति मिल जाएगी। दरअसल, स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेन्सी ने राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम के तहत नई गाइडलाइन के अनुसार 30 हजार रुपए से अधिक कीमत वाली दवा के लिए मेडिकल बोर्ड से ऑफलाइन अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया था, जिसके कारण मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा था। अभी तक बोर्ड बनाने से लेकर रिपोर्ट लेने के लिए मरीजों और उनके परिजनों को चक्कर काटना पड़ रहा था। ये मिलेगा फायदा : दवा की अनुमति के लिए ऑफलाइन की बजाय ऑनलाइन सुविधा होने से समय की बचत के साथ पारदर्शिता बढ़ेगी। वहीं मरीजों को केस कहां लंबित है, उसकी जानकारी भी रहेगी। विभाग की ओर से रोज मॉनिटरिंग की जाएगी। ये ही नहीं हर सप्ताह समीक्षा कर आ रही दिक्कतों का समाधान भी होगा। भास्कर विश्लेषण- इनमें मेडिकल बोर्ड की अनुमति मेडिकल बोर्ड की अनुमति के लिए पोर्टल बनाया है, जिससे अस्पताल प्रशासन को मरीजों के दस्तावेज अपलोड करने होंगे। मरीजों को जयपुर नहीं आना पड़ेगा। ऑफलाइन पत्राचार नहीं करना पड़ेगा। -हरजीलाल अटल, सीईओ, राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *