ब्रेकिंग न्यूज़
बरलुट में मानसून से पहले अव्यवस्था:नालियां जाम, कीचड़ और बदबू से लोग परेशान, ग्राम विकास अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

सिरोही जिले की बरलुट ग्राम पंचायत में मानसून की शुरुआत से पहले ही अव्यवस्थाओं ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पंचायत प्रशासन द्वारा नालियों की समय पर सफाई न होने के कारण गांव की गलियां जलमग्न हो रही हैं और चारों ओर गंदगी फैल रही है। इन समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव की छोटी-बड़ी नालियां मिट्टी, प्लास्टिक और कचरे से पूरी तरह पट चुकी हैं। तली से सफाई न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर आ रहा है और कई घरों में घुस रहा है, जिससे घरेलू सामान को नुकसान हो रहा है। पवित्र श्रावण मास के दौरान मंदिरों और तालाबों पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को कीचड़ और बदबू के बीच से गुजरना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त गांव के सार्वजनिक शौचालय, विशेषकर बस स्टैंड और पुलिस थाने के पास वाले, रखरखाव के अभाव में बदबूदार हो चुके हैं। इससे बस स्टैंड पर उतरने वाले यात्रियों और थाने में आने वाली महिलाओं को परेशानी हो रही है। ग्रामीण अर्जुन कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने VDO को ज्ञापन सौंपकर इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में दिनेश कुमार और हरीश कुमार भी शामिल थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो गांव में डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं। उन्होंने तालाबों की तली से सफाई कराने और शौचालयों के उचित रखरखाव की भी मांग की है। ग्रामीणों ने दिखावटी सफाई के बजाय यहां नियमित सफाईकर्मी और पानी की स्थाई व्यवस्था की मांग उठाई है।

केवल फोटो खिंचवाने का दिखावा, ढक्कनयुक्त डस्टबिन लगें
स्कूल, अस्पताल, मंदिर और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के अंबार लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई के नाम पर केवल 1-2 दिन का दिखावा और फोटो खिंचवाने की औपचारिकता की जाती है। उन्होंने मांग की प्रमुख चौराहों पर ढक्कनयुक्त बड़े डस्टबिन रखे जाएं और कचरे का प्रतिदिन उठान कर वैज्ञानिक निस्तारण किया जाए।

शीतला माता मंदिर मार्ग पर घुटनों तक कीचड़
जालोर चौराहे से शीतला माता मंदिर जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। नालियां टूटी होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे घुटनों तक कीचड़ और गहरे गड्ढे बन गए हैं। मंदिर जाने वाले श्रद्धालु, स्कूली बच्चे और दुपहिया वाहन चालक रोजाना फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। इस मार्ग पर अविलंब नाली निर्माण और गड्ढों में मुरम भराई की मांग की गई है।

महामारी और जहरीले जीवों का बढ़ा खौफ
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया है कि जमा पानी और कचरे के ढेरों के कारण मच्छर पनप रहे हैं। साथ ही जहरीले कीड़े और सांप-बिच्छू आबादी वाले इलाकों में घुस रहे हैं। यदि पंचायत प्रशासन ने समय रहते सुध नहीं ली, तो बरलुट में किसी भी समय जन-धन की बड़ी हानि हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *