मंत्री किरोड़ी की राह में बिछाए फूल:IPS अफसर के लिए कवि बना ASI; सरिस्का में हिचकोले खाते हुए सफर
नमस्कार IPS शरत कविराज पर लिखी एक कविता सोशल मीडिया पर खूब घूम रही है। कवि हैं- ASI हरसहाय। करौली में पांचना का पानी पहुंचा तो जयपुर में कृषि मंत्रीजी के लिए गुलाब की पंखुड़ियों का कारपेट बिछा दिया और सरिस्का में सड़कों की हालत खराब है। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. किरोड़ी बाबा की राह में बिछाए फूल किरोड़ी बाबा अपने मिशन पर लगे रहते हैं। बीते दिनों कृषि विभाग में बहुत कुछ चला। मामला शांत होता आया। फिर पांचना के पानी को लेकर तीन पक्षों के किसान हो-हल्ला करने लगे। इनमें एक कमांड एरिया के किसान भी थे। उनकी नहर भी 20 साल से सूखी थी। किरोड़ीलाल मीणा ने ही उन्हें आश्वासन दिया था कि पानी आ जाएगा। लंबे इंतजार के बाद नहर में दग-दग करते हुए पानी बहा तो लोगों की भीड़ जमा हो गई। मोबाइल कैमरों में धारा को कैद किया गया। यह पानी टेस्टिंग के लिए छोड़ा गया था। टेस्टिंग सफल रही। पानी आने से किसान इतने खुश हुए कि किरोड़ी बाबा को जयपुर में उनके सरकारी आवास पर सरप्राइज दे दिया। रात में ही किरोड़ी बाबा की सीढ़ियों के पास से लेकर खुले अहाते तक गुलाब की पंखुड़ियों का कारपेट बिछा दिया। जिस प्रकार सूखी नजर में पानी आया था, उसी तरह गुलाब के कारपेट पर सुबह किरोड़ी बाबा चलते हुए मॉर्निंग वॉक करने मैदान में पहुंचे। 2. क्राइम ब्रांच में गए ‘कविराज’ जोधपुर को कमिश्नर सूट नहीं कर रहे या कमिश्नरों को जोधपुर सूट नहीं कर रहा। भगवान जाने क्या मैटर है कि एक साल में तीन कमिश्नर बदल गए। IPS कविराज तो यहां 138 दिन ही रह पाए। अब जयपुर जाकर क्राइम ब्रांच में IG हो गए हैं। यूं तो सुरा और कविता का पुराना गठजोड़ रहा है। लेकिन जोधपुर में कविराज का नियम के खिलाफ चलने वाले शराब कारोबारियों से छत्तीस का आंकड़ा रहा। रात को 8 बजे बाद कमिश्नर साहब एक्टिव हो जाते थे। सादा कपड़ों में बाजारों में घूमते। कहीं 8 बजे बाद शटर के ऊपर से, नीचे से, इधर से, उधर से, खिड़की से, झरोखे से, कहीं से भी शराब बिकती देखते तो दूसरे दिन पूरा अमला पहुंच जाता। कार्रवाइयों से हड़कंप मच गया। साहब ने अपना सिक्का जमा दिया था। एक ASI हरसहाय मीणा तो कविराज की कार्यशैली देख क्रिएटिव हो गए और कल्पना कर-करके कमाल की कविता क्रिएट कर दी। ASI की कविता के कुछ अंश इस प्रकार हैं- मैं कमिश्नरेट की रज हूं
आप कमिश्नरेट के ताज हैं
अल्प सा एहसास हूं मैं
आप बुलंद आवाज हैं
मैं अदना सा कवि हूं
आप स्वयं कविराज हैं कवि ने अपनी कल्पना से शब्द गढ़े तो नेतागण ने अपने हिसाब से ट्रांसफर का अर्थ गढ़ना शुरू कर दिया। पूर्व मुखियाजी ने एक्स पर लिखा-शराब माफिया के दवाब में कमिश्नर साहब की बदली कर दी गई। नजाकत अपनी जगह और सियासत अपनी जगह। साहब तो ट्रांसफर ऑर्डर लेकर निकल चुके क्राइम ब्रांच। 3. चलते-चलते.. जयपुर से अलवर जाने के सड़क मार्ग में सरिस्का का जंगल आता है। रिजर्व फोरेस्ट का इलाका होने के कारण वन विभाग यहां सड़क सुधारने से बचता है। सड़क पर जंगली जानवरों का आना-जाना होता है। ऐसे में करीब ढाई साल पहले एक प्लान की बड़ी चर्चा हुई। कहा गया कि सरिस्का के जंगल में थानागाजी से कुशालगढ़ तक एलिवेटेड रोड बना दी जाएगी। ऊपर से गाड़ियां गुजरेंगी और नीचे जंगली जानवर स्वच्छंद विचरण करेंगे। जंगल भी डिस्टर्ब नहीं होगा और रास्ता भी बंद नहीं होगा। इस प्लान पर चर्चा तो खूब हुई, लेकिन यह ठंड बस्ते में चला गया। अब इलाके के दर्जनों गांवों के लोग जयपुर या अलवर जाते वक्त इस रोड पर हिचकोले खाने को मजबूर हैं। अपनी परेशानी बयान करने के लिए क्षेत्र के युवाओं ने AI वीडियो बनाया जिसमें बस टूटी सड़क से होती हुई अलवर जा रही है। परेशान यात्री प्रार्थना करते हैं- हे भर्तृहरि बाबा ये रोड तो मार ही डालेगा। बचा ले। सवारियां कमर-गर्दन सहलाते बस से उतरती हैं। एक बुजुर्ग मन्नत मांगता है- अगर ये सड़क बन गई तो सवा-मणी कर दूंगा। इनपुट सहयोग- जयदीप पुरोहित (जोधपुर), धर्मेंद्र शर्मा (करौली)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मंगलवार 7 बजे मुलाकात होगी।

