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गड्ढे में डूबे चचेरे-भाइयों की मौत, परिजन धरने पर बैठे:आर्थिक मुआवजा, नौकरी समेत विभिन्न मांगों पर अड़े

अवैध खनन से बने गड्ढों में डूबने से दो चचेरे भाइयों की मौत के बाद आक्रोशित परिजन बाड़मेर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। आर्थिक मुआवजा व नौकरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन शनिवार को धरना जारी जारी है। शनिवार को बड़ी संख्या में समाज व जनप्रतिनिधि और नेता पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अवैध खनन से जो गड्ढे हुए है एक दो दिन में हुए नहीं है कई साल लगे। इसके बावजूद प्रशासन सो रहा है। इधर पुलिस व प्रशासन लगातार परिजनों और समाज के लोगों से समझाइश करने का प्रयास कर रहा है। परिजनों का आरोप: लीज छोड़ दूसरी जगह की खुदाई जनप्रतिनिधि उदाराम मेघवाल ने बताया- दरूड़ा के अंदर अवैध खनन कर गड्ढे खोदे गए थे। इसमें दो युवकों की जान जाना यह प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। क्रेशर मालिका ने जहां पर लीज ली है वहां पर खुदाई नहीं करके अवैध तरीके से खुदाई की है। प्रशासन को इसको लेकर संज्ञान में लेना चाहिए। शनिवार को धरना स्थल पर पूर्व विधायक मेवाराम जैन, कांग्रेस नेता मांगीलाल वडेरा, आजादसिंह, रिड़मलसिंह दांता, भाजपा नेता लक्ष्मण बडेरा, जनप्रतिनिधि और समाज के लोग मौजूद है। घर से आधा किलोमीटर दूर हुआ हादसा मृतक के चाचा सुरताराम ने बताया कि दरूड़ा गांव निवासी देवराम (18) पुत्र किशनाराम, उसका चचेरा भाई किरताराम (20) पुत्र गणेशकुमार और गांव का ही एक अन्य युवक प्रवीण किसी से मिलने के लिए घर से निकले थे। घर से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित स्टोन क्रेशर के पास पानी से भरे गहरे गड्ढे हैं। वहां से गुजरने के दौरान देवराम का पैर फिसल गया और वह गड्ढे में गिर गया। उसे बचाने के लिए किरताराम ने भी छलांग लगा दी, लेकिन वह भी डूब गया। दोनों को डूबता देख प्रवीण ने परिजनों और आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद जसाई से आर्मी को बुलाया गया। अवैध खनन से बने हैं 50–100 फीट गहरे गड्ढे सुरताराम ने बताया कि दरूड़ा गांव में करीब 20–30 स्टोन क्रेशर संचालित हैं। क्रेशर संचालकों ने अवैध खनन कर जगह-जगह 50–100 फीट गहरे गड्ढे कर दिए हैं। इनमें पानी भरा रहता है। गांव जाने का रास्ता भी इन गड्ढों के पास से होकर गुजरता है, जिससे हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। यह है प्रमुख मांगे पढ़े इससे जुड़ी खबर…. अवैध-खनन से बने गड्ढे में डूबने से चचेरे-भाइयों की मौत:एक का पैर फिसला तो दूसरा बचाने बचाने कूदा था, एक घंटे बाद निकाले जा सके शव बाड़मेर में अवैध खनन से बने गहरे गड्ढे में पैर फिसलने से एक भाई गिर गया, उसे डूबता देख दूसरा भाई बचाने कूदा। मौके पर मौजूद तीसरे साथी ने शोर मचाया, लेकिन तब तक दोनों चचेरे भाई डूब चुके थे। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सेना को सूचना दी। एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों चचेरे भाइयों को बाहर निकाला जा सका। उन्हें जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। (पढ़े पूरी खबर)

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