कांग्रेस प्रभारी रंधावा बदले जाएंगे:पंजाब कांग्रेस में चल रही लड़ाई की आंच राजस्थान तक पहुंची, 55 पीसीसी पदाधिकारियों का हटना भी तय
पंजाब कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह वडिंग और पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी में चल रही गुटबाजी की आंच राजस्थान पहुंच गई है। प्रदेश कांग्रेस के भीतर ही राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदरसिंह रंधावा को लेकर विरोध मुखर हो गया है। दिल्ली तक उनकी कार्यशैली की शिकायतें भी की गई हैं। इधर, पार्टी सूत्रों का कहना है कि सुखजिंदर रंधावा का बदला जाना तय है। पूर्व राज्यमंत्री पवन गोदारा सहित कई नेताओं ने रंधावा से सवाल किया है कि पिछले ढाई वर्षों से राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश का बड़ा कार्यकर्ता वर्ग आज भी प्रत्यक्ष संवाद और मार्गदर्शन की प्रतीक्षा कर रहा है। आप राजस्थान के जिलों का दौरा कब करेंगे? कार्यकर्ता से सीधा संवाद कभी नहीं किया? कब करेंगे? दूसरी तरफ, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 55 पदाधिकारियों के बदले जाने संबंधी सूची पीसीसी चीफ गोविंद ससिंह डोटासरा दिल्ली एआईसीसी को देकर आए हैं। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल के साइन से उनको हटाया जाएगा। बदलाव की सूची जल्द आएगी। प्रदेश कमेटी में बदलाव के बाद नीचे स्तर पर बदलाव होंगे। कहीं अमरिंदर सिंह वडिंग के इशारे पर रंधावा का विरोध तो नहीं हो रहा राजस्थान में रंधावा के विरोध के पीछे पंजाब कनेक्शन माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार 2009-10 में जब पवन गोदारा प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब अमरिंदर सिंह राजा वडिंग राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रभारी थे। इस कारण राजस्थान कांग्रेस के युवा नेताओं के अमरिंदर से पुराने संबंध हैं। हालांकि गोदारा का कहना है उन्होंने तो कार्यकर्ताओं की बात उठाई है। हम कांग्रेस पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं। पिछले ढाई वर्षों से कई जिलों में प्रभारी कार्यकर्ताओं से नहीं मिल पाए हैं।

