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अर्जेंटीना-स्पेन को फाइनल में पहुंचाने वाले 10 गेमचेंजर:मेसी ने सबसे ज्यादा 8 गोल दागे, स्पेनिश गोलकीपर सिमोन ने सिर्फ 1 गोल खाया

102 मैच, 31 दिन और 46 टीमों के बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 को दो फाइनलिस्ट मिल गए हैं। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार खिताबी मुकाबले में पहुंचा है, जबकि स्पेन 16 साल बाद फाइनल खेलेगा। दोनों टीमें 19 जुलाई की रात 12:30 बजे ट्रॉफी के लिए आमने-सामने होंगी। फाइनल तक पहुंचने का रास्ता दोनों टीमों के लिए आसान नहीं रहा। कहीं आखिरी मिनट में मैच पलटा, कहीं एक्स्ट्रा टाइम में जीत मिली तो कहीं गोलकीपर ने शानदार बचाव कर टीम को बाहर होने से बचाया। अर्जेंटीना और स्पेन के इस सफर में 10 खिलाड़ी ऐसे रहे, जो जीत की सबसे बड़ी वजह बने। अर्जेंटीना के टॉप-5 प्लेयर्स 1. लियोनेल मेसी, कप्तान, फॉरवर्ड 39 साल के मेसी एक बार फिर अर्जेंटीना के सबसे बड़े मैच विनर साबित हुए। ग्रुप स्टेज में अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक लगाई। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ टीम 85 मिनट तक 0-1 से पिछड़ रही थी, लेकिन आखिरी सात मिनट में मेसी ने दो असिस्ट देकर मैच पलट दिया। उनके नाम पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 8 गोल हैं। 2. एंजो फर्नांडीज, मिडफील्डर सेमीफाइनल में एंजो ने इंग्लैंड के खिलाफ 25 गज दूर से शानदार शॉट लगाकर बराबरी दिलाई। डिफेंस और अटैक के बीच तालमेल बैठाने, गेंद पर नियंत्रण रखने और खेल की रफ्तार तय करने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही। 3. लॉटारो मार्टिनेज, स्ट्राइकर इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच 1-1 से बराबरी पर था। लॉटारो बतौर सब्स्टिट्यूट खेलने उतरे। इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में उन्होंने हेडर से गोल कर अर्जेंटीना को लगातार दूसरे वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचा दिया। 4. क्रिस्टियन रोमेरो, सेंटर बैक राउंड ऑफ-16 में मिस्र के खिलाफ अर्जेंटीना 0-2 से पीछे थी। 79वें मिनट में रोमेरो ने गोल कर वापसी की शुरुआत की और अगले 13 मिनट में टीम ने तीन गोल दागकर मैच पलट दिया। डिफेंस में उनके टैकल और इंटरसेप्शन ने कई मजबूत टीमों के हमले रोके। 5. जूलियन अल्वारेज, स्ट्राइकर स्विट्जरलैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल एक्स्ट्रा टाइम तक खिंच गया था। 112वें मिनट में अल्वारेज ने बॉक्स के बाहर से शानदार गोल कर अर्जेंटीना को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। स्पेन के 5 गेमचेंजर 1. उनाई सिमोन, गोलकीपर स्पेन के फाइनल तक पहुंचने की सबसे बड़ी वजह उसका मजबूत डिफेंस रहा और उस डिफेंस की सबसे मजबूत कड़ी गोलकीपर उनाई सिमोन रहे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाया। फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल में एमबाप्पे के कई शॉट रोके। उन्होंने सभी मैच मिलाकर 609 मिनट तक गोल नहीं खाने का रिकॉर्ड भी बनाया। 2. लामिन यमाल, राइट विंगर यमाल ने अपनी स्पीड और ड्रिब्लिंग से हर मुकाबले में डिफेंडरों को परेशान किया। फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने बॉक्स के अंदर फाउल हासिल किया, जिस पर मिले पेनल्टी को मिकेल ओयारजाबाल ने गोल में बदला। 3. मिकेल ओयारजाबाल, स्ट्राइकर स्पेन के सबसे भरोसेमंद फिनिशर ओयारजाबाल ने सेमीफाइनल में पेनल्टी पर गोल कर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने पांच गोल और एक असिस्ट किया। 4. पॉ क्यूबार्सी, डिफेंडर 19 साल के क्यूबार्सी ग्रुप स्टेज के हर मिनट मैदान पर रहने वाले इकलौते टीनएजर रहे। उन्होंने 295 में से 290 पास पूरे किए। 16 बार गेंद रिकवर की और सिर्फ एक फाउल किया। एमबाप्पे और रोनाल्डो जैसे स्टार खिलाड़ियों के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। 5. पेड्रो पोरो, मिडफील्डर पोरो ने मिडफील्ड और अटैक के बीच सबसे मजबूत कड़ी का काम किया। छोटे-छोटे पास और बेहतरीन मूवमेंट से उन्होंने विपक्षी डिफेंस को लगातार तोड़ा। फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल में दूसरा गोल कर स्पेन की फाइनल में जगह पक्की कर दी। ——————————————————- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अर्जेंटीना फुटबॉल वर्ल्डकप फाइनल में, इंग्लैंड हारा; मेसी ने 2 गोल असिस्ट किए डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया है। लियोनेल मेसी की टीम ने बुधवार रात को दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराया। टीम 85 मिनट 0-1 से पिछड़ रही थी। उसके बाद आखिरी 7 मिनट में दो गोल दागे और जीत हासिल की। फाइनल में उसका मुकाबला 19 जुलाई को स्पेन से होगा। पढ़ें पूरी खबर

ब्रॉन्ज के लिए फुटबॉल वर्ल्डकप में फ्रांस Vs इंग्लैंड मैच:2022 क्वार्टर फाइनल के बाद फिर आमने-सामने; एमबाप्पे-केन की गोल्डन बूट पर नजर

2022 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल के बाद फ्रांस और इंग्लैंड एक बार फिर फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबले में आमने-सामने होंगे। हालांकि दोनों टीमों के बीच तीसरे स्थान (ब्रॉन्ज मेडल) के लिए यह पहली भिड़ंत होगी। मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में शनिवार देर रात 2:30 बजे से मुकाबला खेला जाएगा। फ्रांस तीसरी बार वर्ल्ड कप का ब्रॉन्ज मेडल जीतने उतरेगा। टीम इससे पहले 1958 और 1986 में तीसरे स्थान पर रही थी। दूसरी ओर इंग्लैंड के पास पहली बार वर्ल्ड कप में तीसरा स्थान हासिल करने का मौका होगा। फ्रांस के कोच दिदिएर डेशां का आखिरी मैच होगा। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट में सबसे आगे हैं। फ्रांस के किलियन एमबाप्पे भी 8 गोल कर चुके हैं, जबकि इंग्लैंड के हैरी केन और जूड बेलिंघम के नाम 6-6 गोल हैं। ऐसे में तीनों प्लेयर्स के पास मेसी को पीछे छोड़ने का आखिरी मौका होगा। दोनों टीमों के बीच अब तक 32 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें इंग्लैंड ने 17, जबकि फ्रांस ने 10 मैच जीते हैं और 5 मुकाबले ड्रॉ रहे। फीफा वर्ल्ड कप में दोनों टीमें चौथी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 1966 और 1982 के ग्रुप स्टेज में इंग्लैंड ने जीत दर्ज की थी, जबकि 2022 के क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने 2-1 से इंग्लैंड को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। फ्रांस लगातार तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल नहीं खेल सका फ्रांस ने इस वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में सेनेगल, इराक और नॉर्वे को हराया। इसके बाद नॉकआउट में स्वीडन, पराग्वे और मोरक्को को हराकर लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालांकि स्पेन के खिलाफ मिडफील्ड की लड़ाई हारने के कारण 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और लगातार तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल खेलने का सपना टूट गया। इंग्लैंड फाइनल से सिर्फ 30 मिनट दूर था इंग्लैंड ने ग्रुप स्टेज में क्रोएशिया, घाना और पनामा को पीछे छोड़ नॉकआउट में जगह बनाई। इसके बाद डीआर कांगो, मेक्सिको और नॉर्वे को हराकर सेमीफाइनल पहुंचा। अर्जेंटीना के खिलाफ एंथनी गॉर्डन के गोल से बढ़त भी बनाई, लेकिन आखिरी आधे घंटे में सिर्फ 12% बॉल पोजेशन रखने की वजह से मैच हाथ से निकल गया। अर्जेंटीना ने 2-1 से जीत गया। एमबाप्पे का अटैक Vs केन की फिनिशिंग फ्रांस की सबसे बड़ी ताकत किलियन एमबाप्पे और उस्मान डेम्बेले की जोड़ी है। एमबाप्पे इस टूर्नामेंट में 8 और डेम्बेले 5 गोल कर चुके हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड के लिए हैरी केन और जूड बेलिंघम पर नजरें होंगी। केन 14 वर्ल्ड कप गोल के साथ रोनाल्डो की बराबरी से सिर्फ एक गोल दूर हैं, जबकि बेलिंघम ने इस वर्ल्ड कप में 6 गोल किए हैं। पॉसिबल स्टार्टिंग XI फ्रांस: माइक मैग्नन (गोलकीपर), जूल्स कौंडे, दायो उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, ऑरेलियन चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, उस्मान डेम्बेले, माइकल ओलीसे, ब्रैडली बारकोला, किलियन एमबाप्पे। इंग्लैंड: जॉर्डन पिकफोर्ड (गोलकीपर), काइल वॉकर, मार्क गुएही, लेवी कोलविल, ल्यूक शॉ, डेक्लान राइस, कोबी मैनू, बुकायो साका, जूड बेलिंघम, एंथनी गॉर्डन, हैरी केन।

BCCI ने रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलें खारिज कीं:कहा- लॉर्ड्स ODI के बाद भी खेलते रहेंगे; चर्चा थी 19 जुलाई का मैच आखिरी होगा

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कप्तान रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया है। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा का आखिरी इंटरनेशनल मैच नहीं होगा। सैकिया ने PTI से कहा- रोहित के भविष्य को लेकर मीडिया में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है कि रोहित रविवार को लॉर्ड्स में अपना आखिरी मैच खेलेंगे। उन्होंने कहा कि रोहित आगे भी भारत के लिए खेलना जारी रखेंगे। इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 19 जुलाई को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा वनडे रोहित शर्मा का आखिरी इंटरनेशनल मैच हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया था कि BCCI ने रोहित को बता दिया है कि वे 2027 वनडे वर्ल्ड कप की प्लानिंग का हिस्सा नहीं हैं। इंग्लैंड दौरे पर खराब प्रदर्शन के कारण संन्यास की अटकलें थीं इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, BCCI के चयनकर्ताओं ने कहा था कि रोहित की जगह यशस्वी जायसवाल जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा। संन्यास लेने या चयन के लिए उपलब्ध रहने का फैसला रोहित शर्मा पर छोड़ दिया है। साथ ही, इंग्लैंड दौरे पर उनके प्रदर्शन को भी इस चर्चा की एक वजह बताया गया। पहले दो वनडे में रोहित 11 और 26 रन ही बना सके थे। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फिटनेस पर काम करने के बावजूद रोहित चयनकर्ताओं के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने BCCI के कुछ अधिकारियों से भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी। क्यों उठी थीं रोहित के संन्यास की चर्चाएं? 1. 2027 वर्ल्ड कप को लेकर रिपोर्ट कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चयनकर्ता 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए नई टीम तैयार करना चाहते हैं और रोहित शर्मा उस योजना का हिस्सा नहीं हैं। हालांकि, BCCI ने इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की। 2. इंग्लैंड दौरे पर खराब प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो वनडे में रोहित शर्मा 11 और 26 रन ही बना सके। इसके बाद उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गईं। 3. युवा खिलाड़ियों को मौका मिलने की चर्चा रिपोर्ट्स में कहा गया कि चयनकर्ता यशस्वी जायसवाल जैसे युवा खिलाड़ियों को वनडे टीम में ज्यादा मौके देने की तैयारी कर रहे हैं। 4. दो फॉर्मेट से पहले ही ले चुके हैं संन्यासरोहित शर्मा टी-20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके हैं। इसी वजह से माना जाने लगा कि वह वनडे क्रिकेट को भी अलविदा कह सकते हैं। भारत को 2 ICC खिताब जिताए रोहित की कप्तानी में भारत 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा। उन्होंने टीम को पहले गेंद से अटैक करने की स्ट्रैटिजी सिखाई। इससे वनडे क्रिकेट में भारत का नजरिया बदल गया। इसी टेम्पलेट पर भारत ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप भी जीता। फिर 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीताई। बतौर कप्तान 103 मैच जीते रोहित शर्मा भारत के सबसे सफल कप्तानों में शामिल हैं। उन्होंने 2017 से 2025 के बीच तीनों फॉर्मेट मिलाकर 142 मैचों में कप्तानी की। इसमें भारत ने 103 मुकाबले जीते। वनडे में उन्होंने 56 मैचों में 42 जीत, टी-20 इंटरनेशनल में 62 मैचों में 49 जीत और टेस्ट में 24 मैचों में 12 जीत दर्ज की। उनकी कप्तानी में भारत ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर दो ICC खिताब अपने नाम किए। उन्होंने भारत को 2018 और 2023 एशिया कप भी जिताया। ———————————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रोहित-कोहली में 8 हजार वनडे रन से ज्यादा की साझेदारी; विराट ने विवियन रिचर्ड्स की बराबरी की इंग्लैंड ने दूसरे वनडे में भारत को 4 विकेट से हरा दिया। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में कई रिकॉर्ड बने और दिलचस्प घटनाएं भी देखने को मिलीं। विराट ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना 14वां 50+ स्कोर बनाकर वेस्टइंडीज के दिग्गज सर विवियन रिचर्ड्स की बराबरी कर ली। पढ़ें पूरी खबर

सर गैरी सोबर्स का 89 साल की उम्र में निधन:वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट खेले, फर्स्ट-क्लास में पहली बार 6 गेंद पर 6 छक्के लगाए

वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स का 89 साल की आयु में निधन हो गया है। एक ओवर की सभी 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने का पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड उन्होंने बनाया था। उन्होंने यह कारनामा फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में किया था। उन्होंने 1968 में नॉटिंघमशायर की तरफ से खेलते हुए ग्लेमोर्गन के खिलाफ सेंट हेलेन्स मैदान पर एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे। 16 साल की उम्र में डेब्यू सोबर्स ने साल 1953 में 16 साल की उम्र में बारबाडोस के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था। इसके अगले ही साल 1954 में उन्हें वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया। साल 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया और नाबाद 365 रन की पारी खेली। यह टेस्ट मैच की एक पारी में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था, जिसे 1994 में वेस्टइंडीज के ही ब्रायन लारा ने तोड़ा। 38 साल की उम्र में लिया संन्यास सोबर्स ने साल 1974 में 38 साल की उम्र में संन्यास ले लिया था। विजडन ने 1975 में टिप्पणी की थी कि वे मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके थे और खेल के प्रति उनका उत्साह कम हो गया था। 93 टेस्ट मैच में 8 हजार से ज्यादा रन बनाए सर गैरी सोबर्स ने 1954 से 1974 तक वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 57.78 की औसत से 8,032 रन बनाए और 235 विकेट लिए। अपने करियर के आखिरी दिनों में साउथ ऑस्ट्रेलिया और नॉटिंघमशायर के लिए खेलने वाले सोबर्स ने 383 फर्स्ट-क्लास मैचों में 28,000 से ज्यादा रन बनाए और 1,000 से ज्यादा विकेट चटकाए। साल 1975 में उन्हें ‘नाइटहुड’ (सर) की उपाधि और 2009 में ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।से नवाजा गया था। वैभव सूर्यवंशी ने श्रद्धांजलि दी वैभव सूर्यवंशी ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, मुझे सर गैरी सोबर्स को खेलते देखने का मौका कभी नहीं मिला, लेकिन बचपन से ही अपने पिता से उनकी महानता के किस्से सुनते हुए बड़ा हुआ हूं। वह ऐसी महान शख्सियत थे, जिनका नाम पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। ——————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली ने विवियन रिचर्ड्स की बराबरी की:रोहित के साथ 8 हजार साझेदारी रन पूरे इंग्लैंड ने दूसरे वनडे में भारत को 4 विकेट से हरा दिया। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेले गए इस मैच में विराट ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना 14वां 50+ स्कोर बनाकर वेस्टइंडीज के सर विवियन रिचर्ड्स की बराबरी कर ली। पूरी खबर…

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनजोत कालरा श्रीलंका में गिरफ्तार:खिलाड़ी को रिश्वत देने का आरोप, 2018 अंडर-19 फाइनल में शतक लगाया था

पूर्व भारतीय अंडर-19 क्रिकेटर मनजोत कालरा को श्रीलंका में गिरफ्तार किया गया है। उन पर लंका प्रीमियर लीग (LPL) में एक खिलाड़ी को रिश्वत देने का आरोप लगा है। कालरा LPL की टीम जाफना किंग्स के को-ऑनर हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी टूर्नामेंट के छठे सीजन की शुरुआत से कुछ घंटे पहले की गई। 27 साल के कालरा को खेल से जुड़े अपराधों की जांच करने वाली श्रीलंका पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने हिरासत में लिया। उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने 31 जुलाई तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। इस मामले में उनके सहयोगी युवराज पुष्पा को भी गिरफ्तार किया गया है। श्रीलंकाई खिलाड़ियों की शिकायत के बाद कार्रवाई श्रीलंकाई पुलिस के अनुसार, कालरा पर लंका प्रीमियर लीग से जुड़े एक खिलाड़ी को पैसों का लालच देने का आरोप है। जांच एजेंसियों ने बताया कि संबंधित खिलाड़ी ने करीब 10 दिन पहले हुई इस कथित पेशकश की जानकारी अधिकारियों को दी थी। कोर्ट में बताया गया कि इस मामले की शिकायत भानुका राजपक्षे, अविष्का फर्नांडो, दुनिथ वेलालागे और दो अन्य खिलाड़ियों ने दर्ज कराई है। टूर्नामेंट के पहले दिन हुई गिरफ्तारी गिरफ्तारी ऐसे समय हुई, जब कोलंबो के SSC ग्राउंड्स में जाफना किंग्स और गाले गैलेंट्स के बीच LPL 2026 का ओपनिंग मैच खेला जाना था। पांच टीमों वाला यह टूर्नामेंट 24 मैचों का है और 8 अगस्त तक चलेगा। इसी साल इससे पहले भी एक अन्य फ्रेंचाइजी मालिक को रिश्वत के आरोप मे सजा सुनाई जा चुकी है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने घटना का संज्ञान लेते हुए कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। 2018 अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक लगाया मनजोत कालरा 2018 अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत की खिताबी जीत के हीरो रहे थे। न्यूजीलैंड के माउंट माउंगानुई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए फाइनल में उन्होंने नाबाद 101 रन बनाए थे। भारत ने 217 रन का लक्ष्य 38.5 ओवर में हासिल कर चौथी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था। उस टीम के कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान पृथ्वी शॉ थे, जबकि शुभमन गिल, शिवम मावी, कमलेश नागरकोटी और इशान पोरेल भी उसी टीम का हिस्सा थे। IPL और घरेलू क्रिकेट में नहीं मिला मौका अंडर-19 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद IPL 2018 के ऑक्शन में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। हालांकि उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। उन्होंने दिल्ली के लिए फर्स्ट क्लास, लिस्ट-ए और टी-20 क्रिकेट भी खेला। —————
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क्या कोहली और गंभीर के बीच बातचीत बंद है, दावा- ट्रेनिंग में दूर-दूर दिखे इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से ठीक पहले विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच अनबन की अटकलें हैं। इन अटकलों को टाइम्स नॉउ न्यूज की रिपोर्ट ने हवा दी है, जिसमें दावा किया गया है कि कोहली और गंभीर के बीच बातचीत नहीं हो रही है। भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे आज बर्मिंघम में है। पढ़ें पूरी खबर

कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेंगे भारत के 125 खिलाड़ी:पिछली बार से 85 कम, सबसे ज्यादा 32 खिलाड़ी एथलेटिक्स के

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत ने अपने 125 एथलीटों के दल की घोषणा कर दी है। ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी कुल 13 खेल विधाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 32 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा बॉक्सिंग और जूडो में 14-14 और वेटलिफ्टिंग में 12 खिलाड़ी शामिल हैं। 2022 के बर्मिंघम गेम्स में भारत ने 210 एथलीट भेजे थे और 61 पदक जीते थे। इस बार क्रिकेट, बैडमिंटन, हॉकी, स्क्वॉश, टेबल टेनिस और कुश्ती जैसे खेल शामिल नहीं हैं। इसलिए खिलाड़ियों की संख्या कम हुई है। किस खेल में कौन से खिलाड़ी 3×3 बास्केटबॉल रीना रमेशचंद्र गुप्ता, इरेंगबम रितु चानू, जाधव मीनाक्षी हरिचंद्र, रायन्नावर लक्ष्मी रायप्पा (सभी खिलाड़ी विमेंस व्हीलचेयर कैटेगरी की हैं)। आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स मेंस कैटेगरी- तपन मोहंती, तपेश्वरनाथ दास, स्वातिश केपी, सत्यजीत मंडल विमेंस कैटेगरी- प्रणति नायक, निश्का अग्रवाल, ईशिता रेवाले, प्रतिष्ठा सामंता एथलेटिक्स ट्रैक मेंस कैटेगरी- गुरिंदरवीर सिंह (100 मीटर), अनिमेष कुजूर (200 मीटर), विशाल टीके (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), गुलवीर सिंह (5000 मीटर, 10,000 मीटर), तेजस शिर्से (110 मीटर हर्डल), यशस पलाक्ष (400 मीटर हर्डल), संतोष कुमार तमिलरासन (400 मीटर हर्डल) ट्रैक विमेंस कैटेगरी- रशदीप कौर (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), नीरू पाठक (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), अंसा बाबू (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), पारुल चौधरी (3000 मीटर स्टीपलचेज़, 5000 मीटर), प्रियंका गोस्वामी (10,000 मीटर वॉक), रवीना गायकवाड़ (10,000 मीटर वॉक) फील्ड मेंस कैटेगरी- देव मीणा (पोल वॉल्ट), कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), सर्वेश अनिल कुशारे (हाई जंप), आदर्श राम जे (हाई जंप), तेजस्विन शंकर (हाई जंप, डेकाथलॉन), मुरली श्रीशंकर (लॉन्ग जंप), लोकेश सत्यनाथन (लॉन्ग जंप), प्रवीण चित्रावेल (ट्रिपल जंप), सेल्वा प्रभु (ट्रिपल जंप), समरदीप सिंह गिल (शॉट पुट), तजिंदरपाल सिंह तूर (शॉट पुट), नीरज चोपड़ा (जेवलिन थ्रो), रोहित यादव (जेवलिन थ्रो), यश वीर सिंह (जेवलिन) फील्ड विमेंस कैटेगरी- पूजा सिंह (हाई जंप), मनप्रीत कौर (शॉट पुट), सीमा कालिरामना (डिस्कस थ्रो), निधि रानी (डिस्कस थ्रो) पैरा एथलेटिक्स मेंस ट्रैक- राकेशभाई भट्ट (100 मीटर T38), श्रेयांश त्रिवेदी (100 मीटर T38), मोहम्मद बासिल एम (100 मीटर T47), दिलीप महादू गावित (100 मीटर T47), रमेश शनमुगम (1500 मीटर T54) मेंस फील्ड- देवेंद्र कुमार (डिस्कस थ्रो F44), सागर थायत (डिस्कस थ्रो F44), शुभम जुयाल (शॉट पुट F57), सोमन राणा (शॉट पुट F57) विमेंस फील्ड- शर्मिला धनखड़ (शॉट पुट F57), शिल्पा के. शायला (शॉट पुट F57) लॉन बॉल्स मेंस कैटेगरी- पुतुल सोनोवाल (सिंगल्स), नवनीत सिंह (डबल्स), दिनेश कुमार (डबल्स) विमेंस कैटेगरी- नयनमोनी सैकिया (सिंगल्स), रूपा रानी तिर्की (डबल्स), पिंकी सिंह (डबल्स) बॉक्सिंग मेंस कैटेगरी- जादुमणि सिंह (55 kg), सचिन सिवाच (60 kg), आदित्य प्रताप सिंह (मेंस 65 kg), सुमित कुंडू (70 kg), अंकुश (80 kg), कपिल पोखरिया (90 kg), नरेंद्र बेरवाल (90+ kg) विमेंस कैटेगरी- साक्षी चौधरी (51 kg), प्रीति पवार (54 kg), जैस्मीन लांबोरिया (57 kg), प्रिया घंघास (60 kg), परवीन हुड्डा (65 kg), अरुंधति चौधरी (70 kg), लवलीना बोरगोहेन (75 kg) जूडो मेंस कैटेगरी- हर्ष सिंह (60 kg), रोहित बसीर माजगुल (66 kg), अरुण कुमार (73 kg), हर्ष तोकस (81 kg), करणजीत सिंह मान (90 kg), अवतार सिंह (100 kg), यश घंघास (100+ kg) विमेंस कैटेगरीः अस्मिता डे (48 kg), श्रद्धा कदाबुल चोपड़े (52 kg), यामिनी मौर्य (57 kg), उन्नति शर्मा (63 kg), इनुंगनबी ताखेल्लामबम (70 kg), इशरूप नारंग (78 kg), तुलिका मान (78+ kg) पैरा पावरलिफ्टिंग मेंस कैटेगरी- अशोक कुमार मलिक (लाइटवेट), परमजीत कुमार (लाइटवेट), सुधीर (हैवीवेट), झंडू कुमार (हैवीवेट) विमेंस कैटेगरी- सुमन देवी (लाइटवेट), जसप्रीत कौर (लाइटवेट), कस्तूरी राजामणि (हैवीवेट) तैराकी श्रीहरि नटराज (50 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले), आर्यन नेहरा (400 मीटर फ्रीस्टाइल, 800 मीटर फ्रीस्टाइल, 1500 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले), साजन प्रकाश (50 मीटर बटरफ्लाई, 200 मीटर बटरफ्लाई, 200 मीटर फ्रीस्टाइल), अनीश एस. गौड़ा (200 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले), धक्षण शशिकुमार ((400 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले) पैरा तैराकी रवि वीरा वेंकट बुडिगिना (50 मीटर फ्रीस्टाइल S7), अली इमाम (100 मीटर फ्रीस्टाइल S13), सुयश नारायण जाधव (50 मीटर फ्रीस्टाइल S7), चैतन्य विश्वास कुलकर्णी (200 मीटर फ्रीस्टाइल S14), स्वातिक पाटिल (50 मीटर फ्रीस्टाइल S) नोट: तेजस नंदकुमार (200 मीटर फ्रीस्टाइल S14) को टीम में शामिल किया गया था, लेकिन क्लासिफिकेशन से जुड़ी समस्या के कारण उन्हें बाहर होना पड़ा। ट्रैक साइक्लिंग रोनाल्डो सिंह लैटोंजाम (1000 मीटर टाइम ट्रायल), डेविड बेकहम एलकटोहचूंगो (पुरुष एलीट कीरिन), जेम्स सिंह कीथेल्लाक्रम (एलीट कीरिन), दिनेश कुमार (एंड्योरेंस / पर्स्यूट स्पर्धाएं), रोजित सिंह यांगलेम (पुरुष एंड्योरेंस / पर्स्यूट स्पर्धाएं), सेखों हर्षवीर सिंह (4000 मीटर टीम पर्स्यूट) पैरा ट्रैक साइक्लिंग लिशा दास (महिला पैरा ट्रैक साइक्लिंग) वेटलिफ्टिंग मेंस कैटेगरी- ऋषिकांत सिंह (60 kg), एम. राजा (65 kg), अजया बाबू (79 kg), दिलबाग सिंह (94 kg), लवप्रीत सिंह (110+ kg), विमेंस कैटेगरी- मीराबाई चानू (48 kg), ज्ञानेश्वरी यादव (53 kg), बिंद्यारानी देवी (58 kg), हरजिंदर कौर (69 kg), संजना (77 kg), सेराम निरुपमा देवी (86 kg), मार्टिना देवी (86+ kg)

फुटबॉल वर्ल्ड चैंपियन को पहली बार मिलेंगे ₹490 करोड़:फीफा रिकॉर्ड ₹8,400 करोड़ की इनामी राशि बांटेगा, इस बार मेडल के साथ चैंपियनशिप रिंग भी

इस बार फुटबॉल वर्ल्ड कप चैंपियन को 51 मिलियन डॉलर करीब 490 करोड़ रुपए मिलेंगे। पहली बार विश्व चैंपियन को इतनी बड़ी रकम मिलेगी। FIFA ने इस बार 871 मिलियन डॉलर यानी करीब 8,400 करोड़ रुपए की इनामी राशि बांटने का ऐलान किया है। वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने वाले हर देश को कम से कम 12.5 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹120 करोड़ रुपए मिलेंगे। फाइनल मुकाबले से पहले FIFA ने ऐलान किया कि विजेता टीम के खिलाड़ियों को मेडल के साथ चैंपियनशिप रिंग भी दी जाएगी। टॉप-4 टीमों को मिलेगी सबसे बड़ी इनामी राशि FIFA वर्ल्ड कप 2026 में अंतिम चार में पहुंचने वाली टीमों को सबसे ज्यादा इनामी राशि मिलेगी। उपविजेता टीम को करीब 317 करोड़ (33 मिलियन डॉलर) मिलेंगे। तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को करीब 279 करोड़ (29 मिलियन डॉलर), चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को करीब 259 करोड़ (27 मिलियन डॉलर) की पुरस्कार राशि दी जाएगी। मेडल के साथ पहनाई जाएगी चैंपियनशिप रिंग स्पेन-अर्जेंटीना में खिताबी भिड़ंत वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल यूरोपियन चैंपियन स्पेन और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना के बीच खेला जाना है। स्पेन ने सेमीफाइनल में मजबूत मानी जा रही फ्रांस की टीम को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। वहीं, अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार और कुल सातवीं बार वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा है। अर्जेंटीना ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 2-1 से शिकस्त दी थी। 2022 में चैंपियन को मिले थे 348 करोड़ फीफा वर्ल्ड कप 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 348 करोड़ रुपए (42 मिलियन डॉलर) की प्राइज मनी मिली थी। फाइनल हार कर रनर-अप रहे फ्रांस को भी 248 करोड़ रुपए मिले। टूर्नामेंट में भाग लेने वाली 32 टीमों में कुल 3600 करोड़ रुपए से ज्यादा की इनामी राशि बांटी गई थी। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली ने विवियन रिचर्ड्स की बराबरी की:रोहित के साथ 8 हजार साझेदारी रन पूरे इंग्लैंड ने दूसरे वनडे में भारत को 4 विकेट से हरा दिया। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेले गए इस मैच में विराट ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना 14वां 50+ स्कोर बनाकर वेस्टइंडीज के सर विवियन रिचर्ड्स की बराबरी कर ली। पूरी खबर…

मेसी बोले- हमें कुछ भी थाली में परोसकर नहीं मिला:फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना रेफरी से फेवर मिलने के आरोपाें का जवाब दिया

अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया कि 2026 फीफा वर्ल्ड कप में उनकी टीम को रेफरी से फेवर मिला है। मेसी ने कहा कि मौजूदा चैंपियन टीम ने अपनी मेहनत और जुझारूपन से लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई है। द एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 2-1 की जीत के बाद मेसी ने कहा- चाहे किसी को पसंद हो या न हो, हम पिछले चार साल से सर्वश्रेष्ठ रहे हैं। हमने साबित किया है कि हमारी सफलता कोई तुक्का नहीं है और हमें कुछ भी मुफ्त में नहीं मिला है। अटलांटा में बुधवार को हुए सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन के गोल से बढ़त बनाई थी। हालांकि, इंग्लैंड के डिफेंसिव रुख का फायदा उठाते हुए अर्जेंटीना के लिए एंजो फर्नांडीज और लाउटारो मार्टिनेज ने देर से गोल कर टीम को जीत दिलाई। टूर्नामेंट के दौरान अर्जेंटीना के मैचों में रेफरी के फैसलों पर सवाल उठे थे। स्विट्जरलैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में ब्रिल एम्बोलो को रेड कार्ड मिलने पर स्विस कोच मूरत याकिन ने कहा था, “हमें एक ऐसे नियम की सजा मिली जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। यह हार बहुत दर्दनाक है।” मिस्र फुटबॉल एसोसिएशन ने भी राउंड ऑफ 16 के मैच में विवादास्पद फैसलों पर नाराजगी जताई थी। मिस्र का आरोप था कि मुस्तफा जिको का गोल VAR रिव्यू में गलत तरीके से रद्द किया गया और मोहम्मद सलाह को गिराए जाने के बावजूद पेनल्टी नहीं दी गई। अर्जेंटीना अब रविवार को न्यू जर्सी में होने वाले फाइनल में स्पेन का सामना करेगा। वहीं, शनिवार को मियामी में तीसरे स्थान के लिए फ्रांस और इंग्लैंड के बीच मुकाबला होगा। इससे पहले अर्जेंटीना ने केप वर्डे, मिस्र और स्विट्जरलैंड के खिलाफ कड़े मुकाबलों के बाद जीत हासिल की थी। इंग्लैंड को हराकर अर्जेंटीना फुटबॉल वर्ल्डकप फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया है। लियोनेल मेसी की टीम ने बुधवार रात को दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराया। टीम 85 मिनट 0-1 से पिछड़ रही थी। उसके बाद आखिरी 7 मिनट में दो गोल दागे और जीत हासिल की। फाइनल में उसका मुकाबला 19 जुलाई को स्पेन से होगा। अटलांटा में एंथनी गॉर्डन के 55वें मिनट के गोल से इंग्लैंड फाइनल की ओर बढ़ता दिख रहा था। लेकिन लियोनेल मेसी की टीम ने आखिर वक्त में मैच का रुख पलट दिया। मेसी के पास पर एंजो फर्नांडेज ने 25 गज से शानदार गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। फिर इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में मेसी के सटीक क्रॉस पर सब्स्टीट्यूट लॉटारो मार्टिनेज ने हेडर से गोल दागकर जीत दिला दी। जीत के बाद अर्जेंटीना के प्लेयर्स ने मैदान पर ‘Las Malvinas son Argentinas’ (फॉकलैंड/माल्विनास अर्जेंटीना के हैं) लिखा हुआ बैनर लहराया था। इस पर विवाद हो गया और दोनों देशों के फैंस भिड़ गए। फॉकलैंड अटलांटिक महासागर में स्थित एक द्वीप है, जिस पर दोनों देश अपना दावा करते हैं। 2 अप्रैल 1982 को अर्जेंटीना ने फॉकलैंड पर कब्जा कर लिया। फिर ब्रिटेन ने 74 दिन चले युद्ध के बाद द्वीपों पर दोबारा कब्जा हासिल कर लिया। 1816 में स्पेन से आजाद होने के बाद फॉकलैंड अर्जेंटीना का था। अर्जेंटीना 7वीं बार फाइनल में पहुंचा है यह अर्जेंटीना का 7वां वर्ल्ड कप फाइनल होगा। टीम इससे पहले 1930, 1978, 1986, 1990, 2014 और 2022 में फाइनल खेल चुकी है। अर्जेंटीना 1978, 1986 और 2022 में विश्व कप जीत चुकी है। अब उसके पास लगातार दूसरी बार और कुल चौथा खिताब जीतने का मौका है। पहला हाफ- फुटबॉल कम, लड़ाई ज्यादा मैच की शुरुआत से ही यह साफ हो गया था कि मुकाबला सिर्फ फुटबॉल का नहीं है। तीसरे ही मिनट में इंग्लैंड के इलियट एंडरसन पर टैकल के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। रेफरी इस्माइल एलफाथ को बीच-बचाव करना पड़ा। पूरे पहले हाफ में कई बार खिलाड़ी भिड़े और फाउल की भरमार रही। 33वें मिनट में इंग्लैंड को पहला मौका मिला। डेक्लन राइस की फ्री-किक पर जॉन स्टोन्स ने हेडर लगाया, लेकिन गेंद नेट में लगाकर बाहर चली गई। अर्जेंटीना की ओर से एंजो फर्नांडेज ने 38वें मिनट में बॉक्स के बाहर से शॉट लगाया, जो गोलपोस्ट के ऊपर निकल गया। 37वें मिनट में लियोनेल मेसी आगे बढ़े, लेकिन इलियट एंडरसन ने उन्हें रोकने के लिए फाउल किया। इस पर एंडरसन को येलो कार्ड मिला। 42वें मिनट में जूड बेलिंगहम की जर्सी खींचने पर अर्जेंटीना के लिसांद्रो मार्टिनेज को भी कार्ड दिखाया गया। हाफ टाइम की सीटी के बाद भी दोनों टीमों के खिलाड़ी रेफरी से बहस करते रहे और मेसी सबसे आखिर में मैदान से बाहर गए। दूसरे हाफ की शुरुआत में इंग्लैंड का गोल ब्रेक के बाद अर्जेंटीना ने तेज शुरुआत की। जूलियन अल्वारेज ने 48वें मिनट में पहला ऑन-टारगेट शॉट लगाया, जिसे जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार तरीके से रोक दिया। 55वें मिनट में मैच का पहला गोल इंग्लैंड ने किया। हैरी केन के लंबे पास पर अर्जेंटीना का डिफेंस पूरी तरह क्लियरेंस नहीं कर सका। डेक्लन राइस ने गेंद मॉर्गन रोजर्स को दी। रोजर्स ने दाईं ओर से सटीक क्रॉस डाला, जिस पर एंथनी गॉर्डन ने बॉक्स से आसान फिनिश किया। यह टूर्नामेंट में गॉर्डन का पहला गोल था और इंग्लैंड 1-0 से आगे हो गया। मेसी के पास ने पलटा मैच, लॉटारो ने तोड़ा इंग्लैंड का सपना गोल खाने के बाद अर्जेंटीना ने अटैकिंग गेम खेलना शुरू कर दिया। टीम को 86वें मिनट में कॉर्नर मिला। लियोनेल मेसी ने शॉर्ट कॉर्नर खेलकर गेंद एंजो फर्नांडेज को दी। फर्नांडेज ने करीब 25 गज की दूरी से शॉट लगाया। गेंद खिलाड़ियों के बीच से निकलते हुए सीधे नेट में जा समाई। इस गोल के साथ स्कोर 1-1 हो गया। इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में मेसी ने फिर कमाल कर दिखाया। उन्होंने दाईं ओर से बॉल बॉक्स में भेजी। सब्स्टीट्यूट स्ट्राइकर लॉटारो मार्टिनेज डिफेंडरों से आगे निकले और शानदार हेडर के जरिए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। अर्जेंटीना ने 7 मिनट के भीतर मैच पलटते हुए 2-1 की बढ़त बना ली। मैच के टॉप-5 रिकॉर्ड्स… 1. लगातार दूसरे वर्ल्ड कप फाइनल में स्कालोनी अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी लगातार दूसरे वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने वाले इतिहास के 7वें कोच बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि सिर्फ विटोरियो पोजो, हेल्मुट शॉन, मारियो जगालो, कार्लोस बिलार्डो, फ्रांज बेकेनबाउर और डिडिएर डेशां ने हासिल की थी। 2. अर्जेंटीना पहली बार लगातार दो फाइनल में 2022 में चैंपियन बनने के बाद अर्जेंटीना ने 2026 में भी फाइनल में जगह बना ली। टीम इतिहास में पहली बार लगातार दो वर्ल्ड कप फाइनल खेलेगी। अर्जेंटीना ने वर्ल्ड कप इतिहास में अपना छठा सेमीफाइनल खेला। अर्जेंटीना कभी भी सेमीफाइनल नहीं हारा। 3. अर्जेंटीना ने लगातार 14वां मैच जीता इंग्लैंड को हराकर अर्जेंटीना ने सभी प्रतियोगिताओं में लगातार 14वीं जीत दर्ज की। टीम सितंबर 2025 में इक्वाडोर से हारने के बाद एक भी मैच नहीं हारी है। 4. एक वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल अर्जेंटीना ने मौजूदा टूर्नामेंट में 19 गोल किए हैं। यह टीम का एक वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड है। अर्जेंटीना ने लगातार 14 वर्ल्ड कप मैचों में कम से कम 2 गोल किए हैं। यह भी अपने आप में एक रिकॉर्ड है। 5. हैरी केन सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले आउटफील्ड खिलाड़ी अर्जेंटीना के खिलाफ उतरते ही हैरी केन ने इंग्लैंड के लिए 121वां मैच खेला। वह वेन रूनी को पीछे छोड़कर इंग्लैंड के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले आउटफील्ड खिलाड़ी बन गए। ओवरऑल उनसे आगे सिर्फ गोलकीपर पीटर शिल्टन (125 मैच) हैं। भास्कर नॉलेज 1. भारत ने 1950 में खुद छोड़ दिया फीफा वर्ल्ड कप खेलने का मौका 1950 में भारत बिना कोई क्वालिफाइंग मैच खेले फीफा वर्ल्ड कप के लिए चुन लिया गया था। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि एशिया की कई टीमों ने टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया था, लेकिन ब्राजील तक लंबी यात्रा, ज्यादा खर्च, टीम की पूरी तैयारी न होना और उस समय ओलंपिक को ज्यादा महत्व दिए जाने के कारण अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने टीम को वर्ल्ड कप में नहीं भेजा। इसके बाद से आज तक भारत फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया है। 2. 1982 से हर फीफा वर्ल्ड कप की फुटबॉल पाकिस्तान में बन रही 1982 के स्पेन वर्ल्ड कप से लेकर 2026 वर्ल्ड कप तक लगभग हर आधिकारिक मैच बॉल पाकिस्तान के सियालकोट शहर में तैयार की गई है। 2026 वर्ल्ड कप की आधिकारिक गेंद ‘Trionda’ भी सियालकोट की फॉरवर्ड स्पोर्ट्स कंपनी ने एडिडास के लिए बनाई है। ———————————————————- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… स्पेन 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्डकप फाइनल में; फ्रांस को 2-0 से हराया स्पेन 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया है। टीम ने पहले सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई। डलास स्टेडियम में मिकेल ओयारजाबाल ने 22वें मिनट में पेनल्टी पर पहला गोल किया। इसके बाद 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने गोल दागकर स्पेन की जीत पक्की कर दी। पढ़ें पूरी खबर

मर्सिडीज की 8 कंस्ट्रक्टर्स जीत और हैमिल्टन के 6 खिताब:300 सेंसर और एआई तकनीक से मर्सिडीज बनी फॉर्मूला-1 की सबसे सफल टीम

फॉर्मूला-1 की रेस देखते समय हमारी नजर आमतौर पर ड्राइवर की स्पीड, ओवरटेक या आखिरी लैप पर टिक जाती है। लगता है कि जीत उसी की होगी जिसकी कार सबसे तेज होगी या जिसका ड्राइवर सबसे बेहतर होगा। लेकिन आज की फॉर्मूला-1 में एक और खिलाड़ी है, जो ट्रैक पर दिखाई नहीं देता। उसका नाम है- डेटा। इसी डेटा ने मर्सिडीज-एएमजी पेट्रोनास को दुनिया की सबसे मजबूत तकनीकी टीमों में शामिल कर दिया है। रेस शुरू होते ही मर्सिडीज की हर कार सिर्फ दौड़ती नहीं, बल्कि लगातार ‘बोलती’ भी रहती है। कार में लगे करीब 300 सेंसर हर सेकंड 10 लाख से ज्यादा जानकारी टीम तक भेजते हैं। इंजन कितना गर्म है, टायर कितने घिस चुके हैं, ब्रेक कितने दबाव में हैं, ईंधन कितनी तेजी से खर्च हो रहा है, ड्राइवर कब एक्सिलरेटर दबा रहा है और कब ब्रेक लगा रहा है… हर छोटी-बड़ी चीज लगातार रिकॉर्ड होती रहती है। ट्रैक पर ड्राइवर स्टीयरिंग संभाल रहा होता है, लेकिन सैकड़ों किलोमीटर दूर कंट्रोल रूम में इंजीनियर इन आंकड़ों को पढ़ रहे होते हैं। कई बार इन्हीं आंकड़ों से कुछ सेकंड में फैसला लिया जाता है कि ड्राइवर को पिट स्टॉप के लिए बुलाना है या नहीं, टायर बदलने हैं या नहीं, या फिर रणनीति पूरी तरह बदलनी है। यही कुछ सेकंड पूरी रेस का नतीजा बदल सकते हैं। मर्सिडीज के आईटी डायरेक्टर माइकल टेलर 25 साल से टीम के साथ हैं। उनका मानना है कि पहले जीत का पैमाना सिर्फ स्टॉपवॉच थी, लेकिन अब कार के लगभग हर हिस्से को मापा जाता है। उनका सीधा-सा सिद्धांत है- जिस चीज को मापा जा सकता है, उसे बेहतर भी बनाया जा सकता है। हालांकि रेस के दौरान कार से लाइव डेटा भेजने की शुरुआत नई नहीं है। फॉर्मूला-1 में यह तकनीक 1980 के दशक से मौजूद है। ब्रिटेन के ब्रैक्ली में बने मर्सिडीज के विशाल टेक्नोलॉजी कैंपस में यही आंकड़े नई कारों का डिजाइन तय करते हैं। कौन-सा पार्ट बेहतर होगा, कहां वजन कम करना है, हवा का असर कैसे घटाना है और अगली रेस में क्या बदलाव करने हैं, लगभग हर फैसला डेटा के आधार पर लिया जाता है। अब इस खेल में एआई भी उतर चुका है। मर्सिडीज मशीन लर्निंग और एआई की मदद से प्रोडक्शन प्लानिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और दूसरे तकनीकी काम आसान बना रही है। फिर भी टीम पूरी तरह मशीनों पर भरोसा नहीं करती। अंतिम फैसला आज भी इंसान ही लेता है। तकनीक सलाह देती है, लेकिन जिम्मेदारी इंसान की रहती है। यही वजह है कि मर्सिडीज ने 2014 से 2021 तक लगातार आठ कंस्ट्रक्टर्स चैम्पियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया। इसी दौरान लुईस हैमिल्टन ने टीम के साथ छह बार ड्राइवर्स वर्ल्ड चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया। मौजूदा सीजन में भी मर्सिडीज 333 अंक लेकर कंस्ट्रक्टर्स चैम्पियनशिप में टॉप पर है। उसके ड्राइवर किमी एंटोनेली (179 अंक) पहले और जॉर्ज रसेल (154) दूसरे नंबर पर हैं।