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जिलेभर में 10 लाख+ पौधे लगाने का दावा

चूरू | जिलेभर में बुधवार को सघन पौधरोपण अभियान चलाया गया। अभियान के तहत विभिन्न विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों व आमजन की भागीदारी से जिले में 10 लाख नौ हजार से अधिक पौधे लगाए गए। सीईओ श्वेता कोचर ने बताया कि शाम छह बजे तक पंचायती राज विभाग की ओर से सभी ब्लॉकों में 527820 पौधे लगाए गए। वन विभाग की ओर से 183746, स्वायत्त शासन विभाग ने 44150, सानिवि ने 5700, चिकित्सा विभाग ने 51, आईजीएनपी ने 2390, शिक्षा विभाग ने 222386, राजस्व विभाग ने 2261, आईसीडीएस ने 2761, उद्योग विभाग ने 1400, रीको की ओर से 450, सहकारिता विभाग ने 4130, महिला अधिकारिता विभाग ने 4000, खेल विभाग ने 3070, आयुर्वेद विभाग ने 1608, श्रम विभाग ने 700, पीएचईडी की ओर से 2390 सहित कुल 10 लाख नौ हजार 13 पौधे लगाए गए। -संबंधित समाचार पेज 20 पर

गांजा , 1.58 लाख नकद जब्त

दतवास| अवैध मादक पदार्थों, अवैध शराब के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान में दतवास पुलिस ने 22 ग्राम गांजा, 2.25 लीटर अवैध हथकड़ देशी शराब, मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त से जुड़े 1 लाख 58 हजार रुपए नकद, एक क्रेट कार जब्त की। एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने 21 जुलाई 2026 की रात संदिग्ध हालत में क्रेट कार को रोका। तलाशी ली। वाहन से 22 ग्राम अवैध गांजा मिला। 2.25 लीटर अवैध हथकड़ देशी शराब मिली। 1 लाख 58 हजार रुपए बरामद हुए। पुलिस ने सामग्री, वाहन जब्त किए। आरोपी राकेश पुत्र रामेश्वर सांसी, उम्र 42 साल, निवासी ललवाड़ी, हाल निवासी दतवास को गिरफ्तार किया। दतवास थाने में मामला दर्ज हुआ। पुलिस के अनुसार आरोपी से मादक पदार्थों के स्रोत को लेकर पूछताछ चल रही है। जब्त नकदी के संबंध में भी पूछताछ जारी है।

मालगाड़ी के वैगन में गैस रिसाव, ढाई घंटे बाद रुका, फिर ट्रेन रवाना

ब्यावर| गुजरात के गांधीधाम से कानपुर जा रही एलपीजी गैस से भरी मालगाड़ी के एक वैगन में गैस रिसाव होने से बुधवार को हड़कंप मच गया। ट्रेन को तत्काल ब्यावर के बांगड़ ग्राम रेलवे स्टेशन पर रोका गया। सूचना पर जिला प्रशासन, रेलवे और डीएफसी की टीमें मौके पर पहुंचीं। बारिश के बीच करीब ढाई घंटे बाद रिसाव रोककर ट्रेन को रवाना किया। मालगाड़ी के नौवें टैंकर के वॉल्व में लीकेज होने से गैस का रिसाव शुरू हुआ। खतरे को देखते हुए डीएफसी ने स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दमकल को सूचना दी। दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर वॉल्व की जांच की। उन्होंने बताया कि वॉल्व में लीकेज और ढक्कन पर लगे बोल्ट खराब होने के कारण गैस निकल रही थी। वॉल्व को दुरुस्त कर खराब बोल्ट बदला गया, जिसके बाद रिसाव पूरी तरह रोक लिया गया। सूचना पर कलेक्टर, एसपी, एडीएम, एसडीएम सहित रेलवे और डीएफसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। गैस रिसाव रोकने तक सीओ राजेश कसाना, सदर थानाधिकारी गजराज और आरपीएफ के जवान तैनात रहे। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई और किसी को भी घटनास्थल के पास नहीं जाने दिया गया।

तेजाजी व देहलवालजी की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा

नैनसुख की बगिया में लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज व देहलवाल जी की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव बुधवार को श्रद्धापूर्वक, उत्साह के साथ संपन्न हो गया। क्षेत्रवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाते हुए मूर्ति स्थापना व हवन-पूजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत 7 दिन पूर्व भगवान गणेश को विधिवत निमंत्रण देने के साथ हुई। इसके बाद संतोषी माता मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाए। आयोजन की पूर्व संध्या पर भव्य जागरण का आयोजन हुआ, जिसमें भक्त मंडली ने ढोलक-मंजीरे की मधुर धुनों पर भजनों की प्रस्तुति दी। देर रात तक चले इस जागरण में हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति रस में डूबकर नृत्य एवं भजन-कीर्तन का आनंद लिया। आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन संपन्न हुआ। दूध, दही, गौमूत्र, गंगाजल एवं पंचामृत से मूर्तियों का अभिषेक कर विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद सामूहिक महाप्रसादी व भोज का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान धन्नाराज धार, प्रकाश चांदमा, सत्यनारायण सरसवाल, कोतवाल ओमप्रकाश, रामलाल चांदमा, विमल सैनी, महेश तंवर, चांदमल तंवर, भोपा गोविंद खातोला, कमल मंडावरा, मुरारी सैनी आदि उपस्थित रहे।

निकाय चुनाव सितंबर में प्रस्तावित:भाजपा के 30 साल के गढ़ को ढहाने की तैयारी में कांग्रेस, अस्थायी कार्यालय शुरू किया

नगर निगम सहित प्रदेशभर में निकाय चुनाव सितंबर में प्रस्तावित हैं। परिसीमन के बाद इस बार उदयपुर में 70 की जगह 80 वार्डों पर मतदान होगा। वार्ड बढ़ने से नए सियासी समीकरण बने हैं और भाजपा-कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 1994 से लगातार छह चुनावों से निगम बोर्ड पर काबिज भाजपा इस बार अंदरूनी असंतोष और विवादों से दबाव में है। शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह की कार्यकारिणी से पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया समर्थित वरिष्ठ नेताओं को दूर रखने से असंतोष है। ‘उदयपुर फाइल्स’ विवाद के बाद संगठन की एकजुटता पर भी सवाल हैं। यह चुनाव गजपाल की अग्निपरीक्षा माना जा रहा है। वहीं दोबारा शहर कांग्रेस अध्यक्ष बने फतह सिंह राठौड़ ने मोर्चा संभाल लिया है। कांग्रेस ने शास्त्री सर्कल के पास अस्थायी चुनाव कार्यालय शुरू कर दिया। पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया व महामंत्री दिनेश कुमार दवे भी मौजूद रहे। भाजपा: 6 चुनावों से अजेय, इस बार अपनों की चुनौती 6 चुनावों से जीत रही भाजपा के लिए इस बार राह आसान नहीं है। शहर भाजपा संगठन में डेढ़ साल से जारी अंतर्कलह सामने आ रही है। जिला कार्यकारिणी में गुलाबचंद कटारिया समर्थित वरिष्ठ व पूर्व पदाधिकारी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि, जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह का कहना है कि भाजपा में गुटबाजी नहीं है और संगठन सर्वोपरि है। 10 वार्ड बढ़ने के कारण टिकट दावेदारों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में टिकट वितरण के दौरान बगावत भी बढ़ सकती है। कांग्रेस: नए चेहरों पर दांव और वार्ड स्तर पर घेराबंदी कांग्रेस ने भी इस बार अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पार्टी स्थानीय जन समस्याओं जैसे सड़क, सफाई, जल निकासी, पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था को भी प्रमुखता से उठाएगी। चुनाव कार्यालय की शुरुआत के साथ ही कांग्रेस ने वार्ड और बूथ स्तर पर घर-घर जनसंपर्क के निर्देश दिए हैं। संगठन विस्तार के तहत नई कार्यकारिणी की भी जल्द घोषित होंगे। 80 वार्ड होने से इस बार नए और युवा चेहरों को मौका मिल सकता है।

रास्ते में गंदा पानी जमा होने से लोग परेशान

टोंक| डारडा हिंद में चौराहे से स्कूल के रास्ते की तरफ आम रास्ता है, जो कि पूरे 12 महीने गंदे पानी की झील बना रहता है। संबंधित विभाग की अनदेखी की वजह से स्कूल जाने वाले परेशान होते हैं। कभी-कभीं बच्चे कीचड़ में गिर भी जाते हैं। कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोग गंदे पानी में आने जाने को मजबूर होते हैं, यहां पर मच्छर आदि भी बढ़ रहे हैं। – शंकर, डारडाहिंद

सेंट सोल्जर एकेडमी : लविश यादव व गुंजन राठौर को नीट में सफलता

भास्कर न्यूज | टोंक सेंट सोल्जर एकेडमी ने अपने पहले प्रयास में ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की है। एकेडमी के छात्र लविश यादव ने 720 में से 569 और छात्रा गुंजन राठौर ने 550 अंक लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए पात्रता हासिल की। जिसपर समारोहपूर्वक दोनों विद्यार्थियों का ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच स्वागत करते हुए उनके अभिभावकों का भी शॉल व चुनरी ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले संस्था के पूर्व छात्र डॉ. अभिनव शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता के साथ-साथ संस्था निदेशक बाबूलाल शर्मा को दिया। दूसरी तरफ सफल विद्यार्थियों ने अपनी उपलब्धि का श्रेय सेंट सोल्जर एकेडमी के मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि उचित दिशा-निर्देशन से ही यह सफलता संभव हो सकी। प्रबंध निदेशक हितेश शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं, जबकि निदेशक बाबूलाल शर्मा ने कहा कि टोंक के विद्यार्थियों को अब नीट-जेईई की तैयारी के लिए घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा और संस्था इस संकल्प को आगे भी मजबूती से निभाएगी। प्राचार्य डॉ. शिप्रा बारेगामा ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का संदेश दिया। स्कूल प्राचार्य मदन गोपाल, प्राचार्य मंजु माथुर ने अभिभावकों को संस्था पर विश्वास जताने पर सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भरोसा दिलाया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. धीरज कुमार शर्मा, डॉ. सरोज चाम्पावत, डॉ. सुधीर पारीक, डॉ. विनोद नाकरा, डॉ. राघवेन्द्र नामा, डॉ. शिव सिंह राजावत सहित सभी स्टाफ व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

मेट्रो फेज-2 का भूमिपूजन:सीएम बोले- 5 साल में पूरा हो जाएगा फेज-2, फेज-3 व 4 भी बनेंगे

राजधानी के बहुप्रतीक्षित मेट्रो फेज-2 प्रोजेक्ट का काम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भूमिपूजन के बाद शुरू हो गया। सीएम भजनलाल ने टोंक रोड बंबाला स्थित मेट्रो यार्ड की जमीन पर पूजा-अर्चना कर पाइलिंग का उद्घाटन किया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई को बाड़मेर पचपदरा में रिफाइनरी उद्घाटन के साथ मेट्रो प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। बुधवार को भूमिपूजन के बाद मुख्यमंत्री, विधायक और ब्यूरोक्रेट्स के साथ बस से मेट्रो स्टेशन पहुंचे, फिर मेट्रो में चौपड़ तक सफर किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में जल्द ही मेट्रो फेज-3 और फेज-4 पर काम शुरू किया जाएगा। टोंक रोड के प्रहलादपुरा से सीकर रोड स्थित टोडी मोड़ तक बनने वाले 41 किमी लंबे मेट्रो फेज-2 का काम 4 पैकेज में पूरा होगा। पहले पैकेज में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल करीब 12 किमी का रूट मई-2029 तक पूरा कर लिया जाएगा। जल्द ही दूसरे, तीसरे और चौथे पैकेज के टेंडर खुलेंगे। 13 हजार करोड़ की लागत से बन रहे फेज-2 का काम सितंबर 2031 तक पूरा करने का टारगेट है। कार्यक्रम में दो मंत्री, तीन विधायक, सीएस सहित 8 आईएएस; भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा आईएएस अफसरों की उपस्थिति रही। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, एसीएस आलोक गुप्ता, सीएम सचिव जितेंद्र सोनी, ज्वाइंट सेक्रेटरी उत्सव कौशल, कलेक्टर संदेश नायक, जेडीसी सिद्धार्थ महाजन, हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर अरविंद पोसवाल, निगम कमिश्नर ओम कसेरा, पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल, मंत्री झाबर सिंह खर्रा, जोगाराम पटेल, विधायक कैलाश वर्मा, बालमुकुंदाचार्य सहित अन्य विधायक उपस्थित रहे। 27 हेक्टेयर यार्ड बनेगा; इस 41 किमी लंबे रूट पर मेट्रो का यार्ड टोंक रोड बंबाला पुलिया के पास बनेगा। इसके लिए मेट्रो को 27 हेक्टेयर जमीन दी गई है। यहीं मेट्रो ट्रेनों का मेंटेनेंस होगा। सीएम ने देखा इंटरचेंज स्टेशन पॉइंट- मानसरोवर-बड़ी चौपड़ लाइन पर खासाकोठी में नया स्टेशन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मेट्रो में सवार होकर यह इंटरचेंज स्टेशन पॉइंट देखा। खासाकोठी पर फेज-1 और फेज-2 के स्टेशन आमने-सामने होंगे। दोनों स्टेशनों को 150 मीटर लंबे फुटओवर ब्रिज कनेक्ट करेंगे। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद रोजाना 2.50 लाख यात्री सफर करेंगे।

पूर्व उपमुख्यमंत्री बनवारी लाल बैरवा की पुण्यतिथि पर कांग्रेसियों ने दी श्रद्धांजलि

भास्कर न्यूज |टोंक राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री, पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेसी रहे बनवारी लाल बैरवा की पुण्यतिथि पर बुधवार को टोंक बस स्टैंड के बाहर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी-कार्यकर्ता ओं के अलावा सामाजिक संगठनों से जुडे लोगों ने बैरवा के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व विधायक कमल बैरवा ने कहा कि डिप्टी सीएम और राजनीति में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए बनवारी बैरवा का सादगीपूर्ण जीवन, उनका हंसमुख, मिलनसार और सहज व्यक्तित्व ही उनकी पहचान था। स्वयं को सबसे पहले कांग्रेस का एक समर्पित कार्यकर्ता मानते थे और जीवनभर जनता के सुख-दुख में सहभागी बनकर सेवा करते रहे। जिला कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी जर्रार खान ने बताया कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम में स्व. बैरवा के पुत्र मनिंदर बेरवा, पूर्व जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बेरवा, अलका बैरवा, दिनेश चौरासिया, हंसराज फागणा, कैलाशी देवी मीणा, देवकरण गुर्जर, रामदेव गुर्जर, बरकात हसीन, सलीमुद्दीन खान, फोजूराम मीणा, शब्बीर अहमद, शिवजीराम मीणा, विकास लोदी, अशोक महावर, हंसराज गाता सहित काफी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी-कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

100 करोड़ का अस्पताल; न डॉक्टर, न सुपरस्पेशलिटी:ईएसआईसी : 2.5 लाख मरीजों से 180 करोड़ की वसूली, इलाज के बजाय कर रहे रेफर

यदि आप उदयपुर संभाग के उन ढाई लाख ईएसआईसी कार्डधारक बीमित कर्मचारियों में से हैं, जो हर महीने अपनी गाढ़ी कमाई से 15 करोड़ रुपए (सालाना 180 करोड़ रुपए) सरकारी खजाने में जमा कराते हैं। आपकी ही बदौलत उदयपुर में 100 करोड़ रुपए की लागत से एक आलीशान इमारत बनकर खड़ी हो चुकी है। कागजों में इसे मॉडल हॉस्पिटल और सुपरस्पेशलिटी सेंटर कहा जाता है, लेकिन हकीकत में यह सिर्फ एक भव्य रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। इलाज को छोड़कर बाकी सब कुछ प्रथम श्रेणी का है। यहां 64 की जगह 75 नर्सेज (जरूरत से ज्यादा) मुस्तैद हैं, लेकिन गंभीर बीमारी का इलाज करने वाले डॉक्टर नहीं हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के स्वीकृत 34 पदों में से केवल 4 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इनमें भी सिर्फ आंख (ओप्थाल्मोलॉजी), स्किन (डर्मेटोलॉजी), शिशु रोग (पिडियाट्रिक) और रेडियोलॉजी के डॉक्टर ही ड्यूटी बजा रहे हैं। गंभीर रोगों के इलाज के लिए आवश्यक सुपरस्पेशलिटी विभागों नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, आंकोलॉजी (कैंसर), न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी का तो खाता तक नहीं खुला है। यहां एक भी डॉक्टर नहीं हैं। पैरामेडिकल स्टाफ में 77 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 25 हैं। रेजिडेंट डॉक्टर्स 38 में से केवल 1 रेजिडेंट कार्यरत हैं। गत वर्ष आए तीन सीनियर रेजिडेंट्स तो दो-दो महीने काम करके ही यहां से निकल गए। मुख्यालय या तो अस्पताल की क्षमता 100 बेड से बढ़ाकर 150 या 200 बेड करे, ताकि यहां आने वाले डॉक्टरों का अनुभव काउंट हो सके और वे टिक पाएं। या फिर मुख्यालय स्तर से ही स्थायी विशेषज्ञों की सीधी पदस्थापना की जाए, ताकि ढाई लाख बीमित श्रमिकों को उनके हक का इलाज उदयपुर में ही मिल सके। अनोखा आदेश… इलाज मत करो, मरीज को बाहर भेजो जब स्थानीय बीमित श्रमिकों ने डॉक्टर भेजने की गुहार लगाई तो दिल्ली-जयपुर बैठे आकाओं ने डॉक्टर भेजने के बजाय एक और अनोखा आदेश जारी कर दिया। इसमें कहा गया है कि स्थानीय आरएनटी (आरएनटी) मेडिकल कॉलेज से टाइअप कर काम चलाओ, या फिर मरीज को उठाकर जयपुर, कोटा, अहमदाबाद, अलवर या बीकानेर के ईएसआईसी अस्पतालों में रेफर कर दो। यह स्थिति तब है जब उदयपुर का श्रमिक अपनी जेब से सालाना 180 करोड़ रुपए प्रीमियम भर रहा है और जब इलाज की नौबत आए तो 300 से 500 किलोमीटर दूर दूसरे शहरों की दौड़ लगाएं। आंकड़ों में हकीकत : इस साल 1200 मरीजों को कर चुके रेफर अस्पताल के निर्माण पर 100 करोड़ रु. खर्च हुए हैं। ईएसआईसी का मासिक प्रीमियम कलेक्शन 15 करोड़ रु. है, जो सालाना 180 करोड़ तक पहुंचता है। उदयपुर जिले में 92 हजार और संभाग में 2.50 लाख कार्मिक ईएसआईसी के दायरे में हैं। गत वर्ष 90 हजार ओपीडी व 21 हजार आईपीडी मरीज आए थे। इस वर्ष जनवरी से जुलाई तक 44,100 ओपीडी और 17 हजार आईपीडी मरीज दर्ज हुए हैं। गत वर्ष 3,800 मरीजों को बाहर रेफर किया था। इस वर्ष जनवरी से जुलाई तक 1,200 रेफर किए जा चुके हैं। इनमें अधिकांश एमआरआई, सीटी स्कैन, हृदय रोग और न्यूरो से जुड़ी समस्याओं के मरीज हैं। 100 बेड की सीमा: डॉक्टर लंबे समय तक टिकना नहीं चाहते 100 बेड का अस्पताल होने से यहां कार्यरत डॉक्टरों का अनुभव आगे की पढ़ाई या उच्च पदों के लिए मान्य नहीं माना जाता। यही डॉक्टरों के यहां नहीं टिकने का मुख्य कारण है। कॅरिअर प्रभावित होने की आशंका के चलते डॉक्टर यहां लंबे समय तक काम नहीं करना चाहते। 18 मई को इंटरव्यू के जरिए गायनिक और सर्जरी के दो डॉक्टर नियुक्त किए गए थे, लेकिन इनमें से सर्जरी के डॉक्टर ही टिके। बता दें कि अशोक नगर, बेदला रोड, फतेहपुरा और मादड़ी रोड नंबर-3 के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े 1 लाख बीमितों को बेहतर इलाज देने के उद्देश्य से अस्पताल शुरू किया गया था, लेकिन अब मेडिकल क्लेम महीनों अटक रहे हैं। हम मुख्यालय से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार ही कार्य कर रहे हैं। जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए समय-समय पर वॉक-इन इंटरव्यू लिए जाते हैं। जो विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे मरीजों को सही समय पर उपचार दिलाने के लिए रेफर करना नियम अनुसार अनिवार्य है।
-डॉ. अनुराधा गहलोत, अधीक्षक, ईएसआईसी हॉस्पिटल उदयपुर