बुढ़ली गांव में बुलडोजर से तोड़े अवैध कब्जे:नोटिस का समय खत्म होने के बाद एक्शन, ग्रामीणों की जुटी भीड़, कार्रवाई पर गरमाई राजनीति
डीग में सीकरी उपखंड के बुढ़ली गांव में प्रशासन बड़ी कार्रवाई की है। यहां रास्ते और घरों के आगे किए गए अवैध अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाया गया। अतिक्रमण हटाने से पहले करीब 12 लोगों को आधिकारिक नोटिस जारी कर खुद कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई थी। नोटिस का समय समाप्त होने के बाद भारी पुलिस बल के साथ टीम मौके पर पहुंची और चस्पा किए गए नोटिस के आधार पर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा रही। पूर्व विधायक ने जताया कड़ा ऐतराज
इस तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व विधायक वाजिब अली ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे प्रशासन की ‘द्वेषपूर्ण’ कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन चुनिंदा लोगों को निशाना बना रहा है। वाजिब अली ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर प्रशासन वाकई अतिक्रमण के खिलाफ है, तो सबसे पहले मुख्य बाजारों और प्रमुख सरकारी जमीनों पर कुंडली मारकर बैठे रसूखदारों के अवैध कब्जे हटाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ गरीब ग्रामीणों के आशियाने उजाड़ना पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है। पूर्व प्रधान ने भी उठाए सवाल
वहीं इस मामले में पूर्व प्रधान जलिश खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट डालते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, “बुलडोजर राज को रोकने के बजाय यदि अधिकारी भी उसके सामने नतमस्तक नजर आएं, तो यह कानून के शासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।” जलिश खान ने आगे आरोप लगाया कि बुढ़ली में पुलिस अत्याचार की कहानी केवल पीड़ित लोगों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। उन्होंने भाजपा मंत्री पर व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने और विशेषकर मेव समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे किसी सरकार, राजनीतिक दल या सामाजिक सौहार्द के लिए अच्छा संकेत नहीं बताया।

