ब्रेकिंग न्यूज़
सवाई माधोपुर में 6 जुलाई तक दस्तक देगा मानसून:मौसम विभाग ने 2-4 जुलाई तक आंधी का अलर्ट किया जारी

सवाई माधोपुर जिले में बारिश का दौर 6 जलाई तक शुरू होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 2 से 4 जुलाई के बीच पूर्वी जिलों में तेज धूलभरी हवा चलने और अंधड़ आने का अलर्ट भी जारी किया है। जिसका असर सवाई माधोपुर जिले पर भी दिखाई देगा। इससे पहले यहां मंगलवार को पूरे दिन मौसम सुहावना रहा। इस दौरान यहां आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलती रही। जिससे मौसम में ठंडक घुली रही। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 2 या 3 जुलाई को मानसून प्रवेश कर सकता है। इसके प्रभाव से उदयपुर, कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ भागों में 2 जुलाई से ही आंधी-बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। 3 से 6 जुलाई के दौरान राज्य के कुछ और हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। सवाई माधोपुर में 6 जुलाई तक पहुंचेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार सवाई माधोपुर में मानसून 6 जुलाई तक दस्तक देगा। जिससे लोगों को तेज गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। वहीं मंगलवार को सवाई माधोपुर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

नाबालिग से गैंगरेप, 3 होटलों पर चला बुलडोजर:पुलिस को बंधक मिली थी; संचालक समेत 14 आरोपी गिरफ्तार

श्रीगंगानगर में 13 साल की नाबालिग से हुए गैंगरेप मामले में आखिरकार प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन होटलों को तोड़ दिया। बुधवार सुबह करीब 3:30 बजे पुलिस और प्रशासन की भारी मौजूदगी में जेसीबी व हाइड्रोलिक मशीनें मौके पर पहुंचीं और होटल खुंगर, जॉय इन तथा होटल सफायर को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। अब पढ़िए … सिलसिलेवार घटनाक्रम 1. छापेमारी में होटल से बंधक मिली थी नाबालिग 23 जून को पुलिस ने शहर के एक होटल में छापेमारी की थी। इस दौरान 13 साल की नाबालिग लड़की बंधक अवस्था में बरामद हुई। शुरुआती जांच में सामने आया कि होटल संचालक और मैनेजर उसे होटल में रखकर अन्य लोगों को बुलाते थे और गैंगरेप करवाते थे। 2. रिक्शा चालक ने होटल संचालकों को बेचा, शहर में फूटा गुस्सा पीड़िता ने पुलिस को बताया कि एक रिक्शा ड्राइवर उसे होटल संचालकों के पास बेच गया था। घटना सामने आने के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया। लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन किए। बढ़ते जनदबाव के बाद प्रशासन ने तीनों होटलों पर बुलडोजर कार्रवाई की। 3. तड़के भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान बुधवार तड़के हुई कार्रवाई के दौरान एसडीएम नयन गौतम, एएसपी दीपक शर्मा, सीओ सिटी विष्णु खत्री, कोतवाल सहित 50 से अधिक पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। 4. अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी एसपी हरी शंकर ने बताया – मामले में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की जांच जारी है और जो भी इस मामले में आरोपी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

राजस्थान का हॉस्पिटल… डॉक्टर नहीं, रेडियोलॉजिस्ट इलाज करता है:गहलोत से कहा- जब से आप गए हैं..; 'खास मुखौटा' लगाकर आया चोर

नमस्कार, मोदीजी का मुखौटा लगाए हुए एक चोर CCTV में कैद हो गया। कविराज ने अशोक गहलोतजी को कविता सुनाई, जिसका उनवान यानी शीर्षक था- जब से आए गए हैं। अजमेर और नावां के अस्पतालों के हालात देखकर लगता है कि ढर्रा सुधरा नहीं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. चेहरे पर कपड़ा ही बांध लेते चोर महोदय आपको चेहरा ही छुपाना था तो मुंह पर कपड़ा बांध जाते। वह भी मंजूर नहीं तो मार्केट में एक से बढ़कर एक मास्क आए हुए हैं। उदयपुर वाले चोरों से सबक लेते। उन्होंने लंगूर का मुखौटा लगाकर चोरी की कोशिश की थी। लेकिन यह क्या? आपने मोदीजी का मुखौटा लगाकर ताला तोड़ने की कोशिश की। कोशिश ही नहीं की बल्कि कामयाब हो गए। 35 मोबाइल चुरा ले गए। आपने चोरी को राजनीतिक रंग में रंग दिया। अब मार्केट में चोरी से ज्यादा आपके मुखौटे की चर्चा है। कुछ लोग कह रहे हैं कि आप उनके जबरा फैन हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह विरोधियों की साजिश है। हकीकत क्या है, यह तो तब पता चलेगा, जब आप पकड़े जाओगे और पुलिस डंडा फटकार पर पूछेगी- चोरी करने के लिए यही एक मुखौटा रह गया था? 2. पूर्व CM को सुनाई कविता कविराज ने मंच पर ही पर्चा खोल लिया। इस पर्चे से कविता लीक हुई। कविराज पूर्व मुखियाजी (अशोक गहलोत) की मौजूदगी से उत्साहित थे। कविता का उनवान था- जब से आए गए हैं। कविराज ने सुनाया- RGHS बंद है..जब से आए गए हैं। जनसेवा महज कविता का एक छंद है..जब से आप गए हैं। मुफ्त इलाज हो गया नानी-दादी की कहानी। प्रसूताओं को इंजेक्शन में लगाया जा रहा पानी। जब से आप गए हैं, जब से आप गए हैं। पूर्व मुखियाजी मंत्रमुग्ध होकर अपनी ‘विदाई’ की तुकबंदी सुनते रहे। कविराज का फोकस व्यवस्था की ओर था। लेकिन बारम्बार वे ‘गए हैं-गए हैं’ कहकर पूर्व मुखियाजी का दर्द कुरेदते रहे। वैसे पूर्व मुखियाजी जब मुखिया थे, तब कुछ लोग ‘मानेसर’ भी चले गए थे। मुखियाजी भी तब से आज तक कविता की तरह वे लाइनें दोहराते हैं- जब से आप गए हैं…जब से आप गए हैं। 3. चलते-चलते तो भैया कुल मिलाकर बात ये है कि हेल्थ विभाग की हालत पतली चल रही है। बीकानेर में तो विरोधियों ने कलेक्ट्रेट घेर लिया। टीकाराम जूली ने कहा- ये क्या व्यवस्था है? मजाक बना रखा है? अब सरकार शेखावाटी के लिए पानी लाने का रास्ता बना लाई तो उन्हें भी घेरने के लिए कुछ चाहिए। बाकी हेल्थ डिपार्टमेंट का यकीनन किसी की नजर लग गई है। बात अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल की है। यहां इमारत नई बन गई, लेकिन नर्सिंग स्टाफ का ढर्रा वही पुराना है। अटेंडेंट से एक महिला नर्सिंगकर्मी अबे-तबे करते हुए नजर आई। वह नंबर लगाकर बैठा था। लेकिन चौथा नंबर काफी देर से चौथे पर ही रुका था। कृपा कहां अटकी है, वह समझ नहीं पाया। समझने के लिए उसने स्टाफ से शिकायत की तो वह गरजी- तेरे जैसे यहां 315 आते हैं। बदतमीजी से बात करती महिला कर्मचारी ने अटेंडेंट से कहा- तमीज से रहो। ये हालात तो नई इमारत के थे। अब नए जिले की सुनो। डीडवाना-कुचामन जिले में नावां के सरकारी हॉस्पिटल की बात है। पत्रकार साहब पीक आवर्स में हॉस्पिटल पहुंच गए। वहां देखा कि मरीज डॉक्टर के इंतजार में बैठे हैं। फलां डॉक्टर साहब की कुर्सी- खाली। फलां डॉक्टर महोदय- गायब। फलां डागडर जी- नदारद। पत्रकारजी उस दिशा में बढ़े, जहां CMO बैठा करते हैं। CMO साहब की कुर्सी भी खाली। हालांकि उन्हीं की टेबल पर बराबर की कुर्सी पर एक डॉक्टर साहब मरीजों को चेक कर रहे थे। दवा की पर्ची लिख रहे हैं। उन्हें देख पत्रकार साहब भौचक्के रह गए, क्योंकि मरीज देख रहे साहब डॉक्टर नहीं, बल्कि रेडियोलॉजिस्ट थे। इनपुट सहयोग- मनीष जैन (भीलवाड़ा), प्रकाश तंवर (नागौर), भरत मूलचंदानी (अजमेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

राजस्थान- 48 घंटे में पहुंचेगा मानसून, 24 जिलों में अलर्ट:3 दिन तक अंधड़ की भी चेतावनी, जुलाई में सामान्य से कम बरसात की आशंका

राजस्थान में इस साल साल मानसून 8 दिन की देरी से अगले 48 घंटे में पहुंचने की संभावना है। एक्सपर्ट का दावा है कि 13 साल में ये तीसरा मौका है, जब मानसून जुलाई में एंट्री करेगा। इसके प्रभाव से कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि 6 जुलाई तक राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है। इस साल जुलाई महीने में राज्य में सामान्य से काफी कम बारिश होने की आशंका है। मानसून के पहुंचने से पहले आज भी 24 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। अगले तीन दिन अंधड़ की भी चेतावनी जारी की गई है। राजस्थान के मौसम से जुड़ी PHOTOS… ये शहर रहे सबसे ज्यादा गर्म गर्मी-बारिश की बड़ी अपडेट्स पूर्वी हिस्से से एंट्री की संभावना: मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 2 या 3 जुलाई को मानसून प्रवेश कर सकता है। इसके प्रभाव से उदयपुर, कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ भागों में 2 जुलाई से ही आंधी-बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। बीकानेर संभाग में अंधड़ की चेतावनी: बीकानेर संभाग के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर जिलों में 2 से 4 जुलाई के बीच अंधड़ आ सकता है। इस दौरान 50-60 Km प्रतिघंटा या उससे ज्यादा की स्पीड से हवा चलने के साथ धूल का बवंडर भी आ सकता है। इस दौरान इन एरिया के साथ-साथ जोधपुर, फलोदी, जालोर के एरिया में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। दिनभर तेज धूप-उमस, लेकिन तापमान में गिरावट: पिछले 24 घंटे की स्थिति देखें तो कोटा, उदयपुर, भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों को छोड़कर शेष राज्य में मौसम ड्राय रहा। बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर संभाग के सभी जिलों में दिनभर धूप, उमस रही। हालांकि इस बीच कुछ जगह हवाएं चलने से तापमान में थोड़ी गिरावट हुई। कोटा में एक इंच बरसात: कोटा, उदयपुर, भरतपुर संभाग के एरिया में मंगलवार को हल्की बारिश हुई। कोटा के मंडाना में 30MM, पीपल्दा में 9, झालावाड़ के बाकनी में 13, धौलपुर के बसेड़ी में 12, बारां के किशनगंज में 14MM बरसात दर्ज हुई। आगे कैसा रहेगा मौसम…. राजस्थान के प्रमुख शहरों का मौसम जयपुर : राजधानी में मंगलवार को दिनभर तेज धूप और उमस का असर रहा, जिससे हल्की गर्म हवाएं (लू) भी चलीं। जयपुर में भीषण गर्मी और उमस के कारण दिन का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आंशिक गिरावट के बावजूद हवा में नमी होने से लोगों को उमस से राहत नहीं मिल पाई। जोधपुर : मंगलवार को मौसम सोमवार की तुलना में थोड़ा राहत भरा रहा। पिछले 24 घंटों में यहां का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.0 डिग्री अधिक है। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री और न्यूनतम 32.3 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम विभाग ने जुलाई के पहले सप्ताह में जोधपुर में बारिश होने की संभावना जताई है। उदयपुर : मंगलवार को तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन दिनभर भारी उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। जिले का अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। अधिकतम तापमान में कमी के बावजूद न्यूनतम तापमान बढ़ने से हवा में नमी बनी रही, जिससे दिनभर चिपचिपी गर्मी का असर महसूस किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में बारिश होने से उमस से राहत मिल सकती है। अजमेर: मंगलवार सुबह से ही तेज गर्मी और उमस ने लोगों को खासा परेशान किया। जिले का अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। हालांकि सोमवार की तुलना में तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिली। अलवर: मंगलवार दोपहर को हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन बारिश थमने के बाद उमस काफी बढ़ गई। हवा में नमी बढ़ने से लोग पसीने से तरबतर नजर आए। शहर के कुछ इलाकों में तेज तो कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई, जिससे कई जगह सड़कों पर पानी भर गया। मंगलवार को अलवर का अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए जिले में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सीकर: गर्मी का तीखा असर जारी है। जून महीने के अंतिम दिनों में भी लोग दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सीकर सहित पूरे शेखावाटी इलाके में दिनभर तेज धूप और उमस का मौसम बना रहा। कोटा: कोटा शहर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां दिनभर लोग तेज गर्मी और उमस से परेशान रहे। कोटा के ग्रामीण क्षेत्र मंडाना में दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया और करीब डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस बारिश से मंडाना और आसपास के इलाकों का मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।

चार मर्डर के बाद चश्मदीद मासूम को मारने दौड़े हत्यारे:जिस जमीन के लिए जानें लीं, वह 17 साल से बंजर पड़ी, पार्ट-2

पाली से 15 किमी दूर इद्रको की ढाणी गांव के बाबू खान उर्फ उस्मान गनी, उसके भाई शरीफ खान और दोनों बेटे साबिर मोहम्मद व लाल मोहम्मद की हत्या का चश्मदीद गवाह था 10 साल का बच्चा। मासूम शरीफ खान (मृतक) का बेटा है, जिसे घटना वाले दिन 19 जुलाई, 2009 को उसकी मां ने खेत पर भेजा था। असल में आरोपी शकूर खान व उसके चारों बेटों ने बाबू व उसके भाई शरीफ को जमीन पर पैर रखने पर जिंदा नहीं छोड़ने की धमकी दी थी। घटना वाले दिन इन पांचों आरोपियों को शरीफ की पत्नी ने हथियारों से लैस होकर खेत की जमीन पर जाते हुए देखा था। उसका पति शरीफ व जेठ बाबू खान और जेठ के दोनों लड़के भी खेत पर गए थे। ऐसे में अनहोनी की आशंका में शरीफ की पत्नी ने अपने सबसे छोटे बेटे को उनके पीछे यह जानने के लिए भेजा था कि कहीं वहां लड़ाई-झगड़ा तो नहीं हो रहा। खेत में अपनों को तड़पते हुए मासूम में देखा पुलिस की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि मासूम जब खेत पर गया तो वहां शकूर खान व उसके चारों बेटे कत्लेआम मचा रहे थे। मासूम के पिता शरीफ, ताऊ बाबू खान व उनके दोनों बेटे साबिर व लाल मोहम्मद खेत में पड़े तड़प रहे थे। उनका शरीर खून से लथपथ था और आरोपी उनके मुंह में तेजाब से भरी पिचकारी उड़ेल रहे थे। 10 साल के बच्चे के पीछे दौड़े हत्यारे यह देख मासूम सिहर उठा और वापस गांव जाने के लिए मुड़ा। मगर उसी समय आरोपियों ने मासूम को देख लिया। वे लोग बोल रहे थे कि इस बच्चे को भी मार कर खेत में इनके बीच पटक दो। आरोपी मासूम को पकड़ने के लिए दौड़े। मासूम सड़क पर बदहवास दौड़ रहा था। इतने में उधर से जेसीबी लेकर गुजर रहे ड्राइवर की नजर खेत पर पड़े लोगों व मासूम के पीछे दौड़ रहे आरोपियों पर पड़ी। जेसीबी ड्राइवर ने बचाई जान जेसीबी ड्राइवर ने तुरंत जेसीबी का अगला बकेट नीचे किया और मासूम को उसमें बैठा लिया। इसके बाद ड्राइवर ने बकेट ऊपर किया और मासूम को लेकर जेसीबी की स्पीड बढ़ा दी। ड्राइवर ने गांव के पास मासूम को सुरक्षित उतारा, जिसने घर जाकर पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार की महिलाएं ग्रामीणों को लेकर मौके पर पहुंची। तब जाकर पुलिस को इस सामूहिक हत्याकांड की सूचना मिली। कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा मामले में 20 जुलाई, 2009 को आरोपी शकूर खान के साथ उसके पुत्र शहाबुदीन व कालू खान को पुलिस ने अरेस्ट किया। 25 जुलाई को आरोपी पिता-पुत्रों को कोर्ट के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा (ज्यूडिशियल कस्टडी) में जेल भेज दिया गया। 27 जुलाई, 2009 को आरोपी शकूर के बेटे रहीमबक्स व उस्मान खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे भी बाद में न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। 26 सितंबर, 2009 को जांच अधिकारी एवं तत्कालीन एसएचओ पारस चौधरी ने कोर्ट में पांचों आरोपियों के खिलाफ जांच पूरा कर कोर्ट में चालान पेश किया। 6 अक्टूबर 2016 को पाली में अपर एवं सेशन न्यायालय ने पांचों को दोषी ठहराते हुए हत्याकांड को ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ केस मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। आजीवन कारावास में बदली सजा 2023 में राजस्थान हाईकोर्ट ने पाली में एडीजे कोर्ट की ओर से भेजे गए डेथ रेफरेंस तथा आरोपियों की अपील निस्तारित करते हुए पांचों आरोपियों को दी गई फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। जघन्य अपराध का क्राइम स्पॉट और भी डरावना था: तत्कालीन एसपी तत्कालीन पाली एसपी और वर्तमान में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) जयपुर डॉ. बीएल मीणा ने बताया कि मैं उस घटना को कभी नहीं भूल पाऊंगा। घटनास्थल बहुत ही डरावना और दिल झकझोर देने वाला था। हमने सभी फैक्ट और सबूत को शामिल कर दो माह में ही कोर्ट में चालान पेश कराया। साथ ही इस मामले को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सबूत पेश किए। सीनियर एडवोकेट एवं इस केस के स्पेशल पीपी कमलेश दवेरा ने बताया कि मामले में राज्य सरकार ने पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी के लिए 2009 में मुझे स्पेशल लोक अभियोजक नियुक्त किया था। 2016 में फैसला देते समय न्यायालय ने मामले में अपराध की प्रकृति और प्रवृत्ति को भी ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ माना है। उस समय तक यह प्रदेश का पहला मामला था, जिसमें एक साथ 5 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई। जमीन पड़ी बंजर, 17 साल से झाड़ियां नहीं कटी रोहट के इंद्रको की ढाणी के निकट सरदार समंद-पाली रोड पर जिस 12 बीघा जमीन के लिए आज से 17 साल पहले 2009 में दो परिवारों में जंग हुई, वो बंजर पड़ी है। बाबू खान व उसके दोनों बेटों की जान गई। बाबू खान के छोटे भाई शरीफ का भी कत्ल हुआ। अब बाबू खान (मृतक) के परिवार में सिर्फ महिलाएं ही रह गई हैं। उसके दोनों बेटे की भी आरोपियों ने बलि ले ली। परिवार खत्म हो गया। शरीफ (मृतक) का बेटा भी अब 27 साल का हो गया, जो अपने पांचों भाइयों के साथ मुंबई में शिफ्ट हो चुका है। उसके पांचों भाई घटना वाले दिन भी घर से बाहर ही थे। इधर, जमीन के लिए अपने सगे दोनों ममेरे भाई बाबू व शरीफ समेत 4 लोगों की जान लेने वालों का परिवार भी टूट गया। कत्लेआम करने के बाद शकूर खान व उसके चारों बेटों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया। उसके दो बेटे और हैं, लेकिन वे घटना के पहले से ही गांव से बाहर थे। पांचों आरोपी पिता-पुत्रों के परिवार के लोग गांव से पलायन कर गए थे। पाली-सरदार समंद रोड पर भांगेसर सरहद में स्थित झगड़े की जड़ माने जाने वाली वह जमीन अब बंजर हो चुकी है। घटना के बाद 2009 से मृतक परिवार के लोगों ने भी इस जमीन पर पैर नहीं रखे। अंग्रेजी बबूल की झाड़ियों का झुरमुट इस जमीन में नजर आता है। गांव वाले भी इस जमीन की ओर जाने से कतराते हैं। पशुपालक व चरवाहे भी जमीन में भूलकर भी मवेशियों को नहीं जाने देते हैं। 1 परिवार के 4 की हत्या,पानी मांगा तो तेजाब पिलाया:6 बीघा जमीन के लिए हथियारों से काटा, ट्रैक्टर से कुचला, पार्ट-1

राजस्थान पुलिस के 100 पुलिस निरीक्षकों के ट्रांसफर:सबसे ज्यादा पोस्टिंग अजमेर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा रेंज में की, सतपाल सिंह का तबादला निरस्त

राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर 100 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के ट्रांसफर किए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी ट्रांसफर संबंधित अधिकारियों की स्वयं की प्रार्थना (Self Request) के आधार पर किए गए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। सूची के अनुसार पुलिस आयुक्तालय जयपुर, आयुक्तालय जोधपुर, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा रेंज के अलावा सीआईडी-सीबी, सीआईडी-सीबी सतर्कता शाखा, सीआईडी-सीबी सिविल राइट्स, एटीएस-एसओजी, एसीबी, जीआरपी, राजस्थान पुलिस अकादमी, प्रशिक्षण निदेशालय, पीटीएस भरतपुर, पीटीएस जोधपुर, पीटीएस खैरवाड़ा, पीटीएस बीकानेर, एजीटीएफ, लीगल सेल, पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं, एससीआरबी तथा राजस्थान राज्य महिला आयोग सहित कई इकाइयों में कार्यरत निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची में रोहिताश, मेघना त्रिपाठी, हेमलता शर्मा, तुलसीराम, नरेंद्र सिंह, सुनील ताडा, मोहन सिंह, मुकेश चौधरी, छोटीलाल मीणा, रामेश्वरी, जगदीश सिंह, मुकेश चंद, करतार सिंह, प्रहलाद चंद, दिग्विजय सिंह, मुरारीलाल मीणा, सुमेर सिंह, हरिमन मीणा, हीरालाल, अजीत कुमार, कुसुमलता, तेजपाल सैनी, बच्चू सिंह, युधिष्ठिर, कंचन कुमारी, मांगेलाल, हरलाल, दयाराम मीणा, सुरेंद्र यादव, चौथमल बलाई, लक्ष्मीनारायण, कमल पुरी गोस्वामी, सत्यवीर, बशीलाल, महेंद्र सिंह, केशर, चंद्रवीर, अवधेश सांदू, महेश श्रीमाली, सुरेंद्र कुमार राणा, ज्ञानचंद, गंभीर सिंह, रामभरोसी मीणा, हरीसिंह मीणा, मदनलाल, हरेंद्र सिंह सौदा, आनंद यादव, मोहम्मद रफीक, माधोसिंह, दीप सिंह, प्रवीण राजपुरोहित, मिठूलाल मेघवाल, दलबीर सिंह, नेहरीलाल गुर्जर, हिमांशु सिंह राजावत, भीमसेन कौशिक, सुखवीर सिंह, प्रेमचंद, प्रदीप सिंह, विकांत शर्मा, विक्रम सिंह, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार, गौरव प्रधान, सुधीर कुमार उपाध्याय, कमल किशोर, लीला कुमारी, चंपाराम मेघवाल, सुरेश कुमार सोनी, भारत सिंह, अमित कुमार, शिवदास, महीराम बिश्नोई, बेगराज मीणा, रमेशचंद मीणा, राजेश कुमार, संगीता बंजारा, सुरेशचंद मेघवाल, राजेश शर्मा, शैफाली सांखला, सरोज कुमारी, मोहनलाल, जितेंद्र कुमार गंगवानी, भरत सिंह, धर्मसिंह, अर्चना मीणा, रामकेश मीणा, भवानी सिंह राजावत, गीता कुमारी, संजू रानी, उर्मिला कुमारी, अशोक, नेकीराम, शेषकरण बारहट, मुकेश कुमार मीणा, विनोद कुमार शर्मा, अशोक कुमार सैनी, मनीषा, रूपनारायण तथा हरिसिंह देपावत समेत कुल 100 निरीक्षकों को नई तैनाती दी गई है। पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में भी भेजा सबसे पदस्थापन अजमेर रेंज, भरतपुर रेंज, जयपुर रेंज, जोधपुर रेंज, उदयपुर रेंज, कोटा रेंज, पुलिस आयुक्तालय जयपुर, पुलिस आयुक्तालय जोधपुर तथा सीआईडी-सीबी में किए गए हैं। कई अधिकारियों को एटीएस-एसओजी, जीआरपी, एसीबी, प्रशिक्षण संस्थानों और पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में भी भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन निरीक्षकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के प्रकरण अथवा राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-16 के तहत कार्रवाई विचाराधीन या प्रस्तावित है, उन्हें फील्ड में पदस्थापित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय ने 19 जून 2026 को जारी आदेश संख्या 1521 के तहत क्रम संख्या-3 पर अंकित पुलिस निरीक्षक सतपाल सिंह का अजमेर रेंज से पुलिस आयुक्तालय जयपुर किया गया स्थानांतरण निरस्त कर दिया है। सभी पुलिस आयुक्तों, रेंज महानिरीक्षकों, जिला पुलिस अधीक्षकों, प्रशिक्षण संस्थानों के कमांडेंट और संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानांतरित निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित करें तथा इसकी अनुपालना रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजें। कुछ समय पहले भी हुए थे ट्रांसफर उस समय जयपुर के पुलिस आयुक्तालय और JDA में भी कई अहम बदलाव देखने को मिला था। रमेश कुमार पारीक, ओम प्रकाश मीणा और सुरेश कुमार स्वामी को जेडीए में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती मिली। राजधानी में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नए एसीपी भी लगाए गए। जबकि बीते मई महीने में 19 पुलिस निरीक्षकों के तबादले किए गए। उस समय दौसा, कोटपुतली-बहरोड़, जयपुर ग्रामीण और झुंझुनू सहित कई जिलों के थाना प्रभारियों व निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हुआ था। मुख्य तबादले: कौन कहां गया यहां देखें सूची

बस ड्राइवर को हार्टअटैक आया, सूझबूझ से बचा गया जिंदगियां:हालत बिगड़ते ही साइड में रोकी, फिर हो गया बेसुध, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

नदबई में मंगलवार रात राजस्थान रोडवेज के एक बस ड्राइवर की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। ड्राइवर ने आखिरी समय में भी सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को सुरक्षित सड़क किनारे खड़ा कर दिया, जिससे बस में सवार दो यात्रियों की जान बच गई और संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद ड्राइवर को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जयपुर के रामगढ़ निवासी वंशीधर पुत्र गिरधारीलाल राजस्थान रोडवेज के वैशाली नगर डिपो में ड्राइवर के पद पर कार्यरत थे। मंगलवार को वह निर्धारित समय के अनुसार जयपुर से नदबई के लिए रोडवेज बस लेकर रवाना हुए थे। पूरे सफर के दौरान बस का संचालन सामान्य रूप से होता रहा, लेकिन नदबई शहर पहुंचने के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। चक्कर आते ही बस को सुरक्षित किनारे लगाया प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के अनुसार, जैसे ही बस नदबई के कुम्हेर रोड तिराहे के पास पहुंची, ड्राइवर को अचानक चक्कर आने लगे। इसके बावजूद उन्होंने संयम बनाए रखा और बस को नियंत्रित करते हुए सुरक्षित तरीके से सड़क किनारे खड़ा कर दिया। ड्राइवर की हालत गंभीर होते ही यात्रियों और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें नदबई के राजकीय जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत राजकीय जिला अस्पताल में डॉक्टर्स ने ड्राइवर की जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टर्स ने मौत का कारण हार्ट अटैक माना है। ड्राइवर के निधन की सूचना मिलते ही रोडवेज कर्मचारियों में शोक का माहौल बन गया। पुलिस ने शव मॉर्च्युरी में रखवाया, परिजनों को दी सूचना घटना की जानकारी मिलने पर नदबई थाने के एएसआई राजेश कुमार अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। साथ ही मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई। एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि परिजनों को सूचना भेज दी गई है। उनके नदबई पहुंचने के बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

जयपुर के इंद्रा-मार्केट में कपड़े की दुकान में लगी आग:एसी में शॉर्ट सर्किट के चलते हुआ हादसा, आसपास अफरा तफरी मची

जयपुर में इंद्रा मार्केट में मंगलवार रात करीब 10:30 बजे एक कपड़े की दुकान में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग एसी में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। फायर-ब्रिगेड की टीम ने समय रहते पाया काबू थानाधिकारी (SHO) राजेश गौतम अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से आग विकराल रूप नहीं ले सकी और आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग की कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। आग पर काबू पाने के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने राहत की सांस ली।

राजस्थान पुलिस में 100 इंस्पेक्टर के तबादले:एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ ने जारी किए ट्रांसफर आदेश; देखें पूरी लिस्ट

राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 100 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के तबादला आदेश जारी किए हैं। ये स्थानांतरण संबंधित अधिकारियों की स्वयं की प्रार्थना (Self Request) के आधार पर तत्काल प्रभाव से किए गए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी आदेश के अनुसार निरीक्षकों को पुलिस आयुक्तालय जयपुर, जोधपुर, विभिन्न रेंज, सीआईडी-सीबी, एटीएस-एसओजी, एसीबी, जीआरपी, प्रशिक्षण संस्थानों और पुलिस मुख्यालय की अलग-अलग शाखाओं में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची में सबसे अधिक अधिकारियों की पोस्टिंग अजमेर रेंज, भरतपुर रेंज, जयपुर रेंज, जोधपुर रेंज, उदयपुर रेंज, कोटा रेंज, आयुक्तालय जयपुर, आयुक्तालय जोधपुर और सीआईडी-सीबी में की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के प्रकरण या राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-16 (CCA Rule-16) के तहत कार्रवाई विचाराधीन या प्रस्तावित है, उन्हें फील्ड पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को इसकी सूचना पुलिस मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, 19 जून को जारी आदेश के तहत सतपाल सिंह का अजमेर रेंज से जयपुर पुलिस आयुक्तालय किया गया स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्थानांतरित निरीक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। यहां देखें सूची

सीकर में नर्सिंग संविदाकर्मियों ने कैंडल मार्च निकाला:3 साल सेवा देने के बाद बिना कारण हटाए, बहाल करने और बोनस अंक देने की मांग

सीकर में नर्सिंग संविदाकर्मियों ने कैंडल मार्च निकाला। SK मेडिकल कॉलेज और उससे अटैच SK हाॅस्पिटल और जनाना हॉस्पिटल में हटाए गए नर्सिंग संविदाकर्मियों ने आक्रोश जताया। राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले संविदा नर्सिंगकर्मियों ने तुरंत प्लेसमेंट बहाल करने और अगली भर्तियों में एक्सपीरियंस के बोनस देने की भी मांग की है। नर्सिंग संविदाकर्मी मंगलवार देर शाम मोमबत्ती हाथों में लेकर कल्याण सर्किल पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए। संघर्ष समिति के रामनिवास चाहर ने बताया कि 3 साल पहले राजस्थान सरकार ने सरकारी हॉस्पिटलों में प्लेसमेंट और संविदा के आधार पर नर्सिंगकर्मियों को नियुक्ति दी थी। अब बिना कारण बताए इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन कर नर्सिंग संविदाकर्मियों की सेवा बहाल करने और अगली सरकारी नर्सिंग ऑफिसर की भर्तियों में एक्सपीरियंस के आधार पर 10 या 20 बोनस अंक देने की मांग की गई है। पहले देखें प्रदर्शन की ये PHOTOS आत्महत्या करने वाले संविदाकर्मी के परिजन को मिले 1 करोड़ मुआवजा राजेश कुमार बाटड़ ने बताया- नर्सिंग संविदाकर्मियों ने जयपुर में आहत होकर आत्महत्या करने वाले जयपुर के नर्सिंग संविदाकर्मी दीपक के परिजनों को 1 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि और उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। नर्सिंगकर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि कैंडल मार्च के जरिए राज्य सरकार को जगाने की‌ कोशिश की है। अगर समय रहते सरकार मांगों को नहीं मानती है तो संपूर्ण राजस्थान में नर्सिंग कर्मियों का चल रहा धरना प्रदर्शन उग्र आंदोलन के रूप में तेज होगा। कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में नर्सिंग संविदाकर्मी शामिल हुए।