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जोधपुर में आज कवि शैलेश लोढ़ा की बेटी की शादी,VIDEO:संगीत कार्यक्रम में बॉलीवुड गानों पर किया डांस, फोटो शूट करवाया

कवि और एक्टर शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा लोढ़ा सोमवार को जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में सात फेरे लेंगी। रविवार (5 जुलाई) को आईटीसी के वेलकम होटल में संगीत कार्यक्रम हुआ। सिंगर सुदेश भोसले के गानों पर कवि उनकी पत्नी और बेटी ने भी खूब डांस किया। इससे पहले उम्मेद भवन में मेहंदी की रस्म हुई। परिवार ने यहां फोटोशूट भी करवाया। आज होने वाले शादी फंक्शन में शामिल होने के लिए बॉलीवुड सेलिब्रिटी राकेश बेदी, रजा मुराद, मनोज मुंतशिर, गुरुदीप मेहंदी भी जोधपुर पहुंचे हैं। सबसे पहले देखिए- संगीत-मेहंदी कार्यक्रम के PHOTOS… हर लोकेशन के लिए अलग-अलग थीम मेहमानों के स्वागत के लिए भी उम्मेद भवन पैलेस के बाहर घोड़ों और ऊंटों को खड़ा किया गया है। नगाड़ों की धुन के साथ मेहमानों का राजशाही अंदाज में स्वागत किया जा रहा है। संगीत के लिए आईटीसी होटल को खास तौर पर पूरी तरह लाल रंग से डेकोरेट किया गया था। वहीं, उम्मेद भवन पैलेस में भी मैरिज फंक्शन के लिए अलग थीम रखी गई है। मनोज मुंतशिर बोले- अपने आप को पॉजिटिव रखें जोधपुर पहुंचे मनोज मुंतशिर से बातचीत में कहा- खुशी कोई ऑप्शन नहीं है। खुशी ही एक मात्र रास्ता है। उसको ढूंढिए, जहां मिले जैसे मिले। अपने आपको पॉजिटिव रखें। यह मानकर चलें कि नेगेटिव ताकतें बहुत कमजोर हैं। मैं माता-पिता से भी अनुरोध करता हूं कि अपने बच्चों के टैलेंट को पहचा​निए। मुंबई में हुआ था प्री-वेडिंग इवेंट, शैलेश लोढ़ा ने केंद्रीय मंत्री के साथ गाया सॉन्ग इससे पहले स्वरा और शाश्वत का प्री-वेडिंग इवेंट मुंबई में आयोजित किया गया था। इसमें कई बॉलीवुड हस्तियां भी पहुंची थीं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल हुए थे। इस दौरान शैलेश लोढ़ा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’ सॉन्ग गाया था। —- कवि शैलेश लोढ़ा की बेटी की शादी से जुड़ी ये 2 खबरें भी पढ़िए… 1. कवि शैलेश लोढ़ा की बेटी की मेहंदी की रस्म हुई:कल जोधपुर में होंगे फेरे; सीएम भजनलाल ने दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया कवि और अभिनेता शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की शादी 6 जुलाई को जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में होगी। 5 जुलाई की शाम को मेहंदी की रस्म हुई। इसके बाद रात को शहर की एक होटल में संगीत कार्यक्रम भी हुआ। पढ़ें पूरी खबर 2. जोधपुर में कवि शैलेश लोढ़ा की बेटी की शादी:तीन दिन तक चलेंगे कार्यक्रम; कवि और बॉलीवुड सितारे भी आएंगे कवि और अभिनेता शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की शादी 6 जुलाई को जोधपुर में होगी। आज शाम से शादी की रस्में शुरू हो गई हैं। ‘संस्कृति स्वर’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर

झज्जर में डबल मर्डर में बड़ा खुलासा:यूपी के रहने वाले थे दोनों, राजस्थान में PG चलाते थे; नीले ड्रम में शव जलाने की कोशिश

झज्जर में गुरुग्राम रोड पर सोमवार सुबह सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास मिले अर्धनग्न शवों की पहचान हो गई। दोनों यूपी के मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे और राजस्थान के नीमराना में एक PG चलाते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों का मर्डर कर रोड किनारे फेंका गया था। उनकी पहचान मिटाने के लिए शवों का जलाने का भी प्रयास किया गया। पुलिस को मौके से लोहे का पाना, नीला ड्रम भी मिला है। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे पुलिस को रोड किनारे 2 डेडबॉडी मिलने की सूचना मिली थी। दोनों के सिर और मुंह पर चोट के निशान थे। सदर थाना पुलिस, सीआईए, स्पेशल स्टाफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवाया गया है। इधर, शवों की पहचान कर झज्जर पहुंचे परिजनों ने कहा- दैनिक भास्कर की खबर देखकर यहां पहुंचे हैं। इस माध्यम से उन्हें कामिल (50) और इरशाद (40) की पहचान हुई। अब सिलसिलेवार पढ़िए, पूरा घटनाक्रम… SHO बोले- फोरेंसिक जांच के बाद खुलासे होंगे SHO परमजीत का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

जयपुर में दोस्तों को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, VIDEO:होटल के बाहर खड़ी कारों के शीशे तोड़े, कैश काउंटर से 30 हजार रुपए लूटे

जयपुर के एक होटल से निकलते समय दोस्तों को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमलावरों ने मारपीट के बाद होटल के बाहर खड़ी कारों के शीशे तोड़ डाले। श्याम नगर थाना पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर हमलावरों की तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया- जयपुर के रहने वाले रवि ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। श्याम नगर के मेट्रो पिलर नंबर-1 के सामने स्थित होटल में वह अपने दोस्तों के साथ खाना खाने आया था। बिल चुकाकर बाहर निकलते समय होटल में मौजूद कुछ लड़कों से उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि रात करीब 11 बजे झगड़ा होने पर उन लड़कों ने अपने साथियों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की। लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की गई। हमलावरों ने होटल में मौजूद युवकों को तब तक पीटा, जब तक उनके शरीर से खून नहीं बहने लगा। होटल में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बदमाशों ने होटल में तोड़फोड़ करने के साथ कैश काउंटर से करीब 30 हजार रुपए लूट लिए। जाते-जाते सड़क पर खड़ी कारों के शीशे भी तोड़ दिए। पूरी वारदात होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने बताया- होटल-बार में जोर-जोर से बात करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया। पुलिस के जाने के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई। रुपए लूटने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस फुटेज के आधार पर उपद्रव करने वाले लोगों की पहचान कर रही है। पूरा मामला शराब पीने के बाद शुरु हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।

5 लाख लूटने के लिए व्यापारी की गोली मारकर हत्या:प्लॉट देखकर घर लौट रहे थे; खुद ही बाइक चलाकर पहुंचे थे हॉस्पिटल

भरतपुर में शनिवार रात बदमाशों ने 5 लाख रुपए से भरा बैग लूटने के लिए बर्तन व्यापारी को गोली मार दी थी। घायल व्यापारी की रविवार रात 1:30 बजे जयपुर के SMS हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सुभाष नगर निवासी व्यापारी चंद्रभान (50) पेट में गोली लगने के बाद खुद बाइक चलाकर भरतपुर के RBM हॉस्पिटल पहुंचे थे। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया था। SMS हॉस्पिटल में ऑपरेशन कर उनके पेट से गोली निकाली गई। उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया था। व्यापारी की मौत के बाद परिजनों ने SMS हॉस्पिटल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही पूरे मामले की जांच की मांग की है। इधर, भरतपुर में गंगा मंदिर स्थित बर्तन बाजार आज (सोमवार को) बंद है। व्यापारियों ने बाजार में धरना देकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने पुलिस को आज (सोमवार) शाम तक आरोपियों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। बैग में थे 5 लाख रुपए, बदमाशों ने गोली मारी मृतक के बड़े बेटे केशव ने बताया कि मेरे पिता चंद्रभान शनिवार रात मथुरा (यूपी) में प्लॉट देखने गए थे। उनके साथ दुकान पर काम करने वाला युवक नीरज भी था। मेरे पिता अपने साथ 5 लाख रुपए भी लेकर गए थे। रात करीब साढ़े नौ बजे भरतपुर लौटते समय बाइक सवार तीन बदमाश उनका पीछा करने लगे। मेरे पिता ने पहले नीरज को उसके घर छोड़ा। इसके बाद जब वे अपने घर की तरफ आ रहे थे, तब अनोखी होटल के पास बाइक सवार बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग छीनने की कोशिश की। मेरे पिता ने बैग नहीं छोड़ा तो बदमाशों ने उनके पेट में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। खुद बाइक चलाकर पहुंचे थे हॉस्पिटल पेट में गोली लगने के बाद भी चंद्रभान ने हिम्मत नहीं हारी। खून बहने और दर्द के बावजूद उन्होंने खुद ही अपनी बाइक संभाली और सीधे आरबीएम हॉस्पिटल पहुंच गए। हॉस्पिटल पहुंचते ही उन्होंने परिजनों को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। परिवार के लोग घबराए हुए हॉस्पिटल पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया और गंभीर हालत को देखते हुए ICU में भर्ती कर लिया। शनिवार रात करीब 12:30 बजे उनकी हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके पेट में फंसी गोली निकाल दी। ऑपरेशन के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इलाज के दौरान रविवार रात करीब 1:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। चंद्रभान के एक बेटी डिम्पल और 2 बेटे केशव व कान्हा हैं। चंद्रभान बेटे केशव के साथ बर्तन की दुकान संभालते थे। व्यापारियों का आरोप- RBM हॉस्पिटल में समय पर गोली नहीं निकाली भरतपुर में गंगा मंदिर स्थित बर्तन बाजार के व्यापारियों ने आरबीएम हॉस्पिटल की चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि समय पर व्यापारी के पेट से गोली नहीं निकाली गई और उन्हें जल्दबाजी में जयपुर रेफर कर दिया गया। अगर समय पर सही इलाज मिलता तो उनकी जान बच सकती थी। व्यापारियों ने जयपुर के SMS हॉस्पिटल पर भी इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। … यह खबर भी पढ़ें… भरतपुर में आधे घंटे में 2 व्यापारियों को गोली मारी: व्यापारी से कैश से भरा बैग लूटा, विरोध करने पर बर्तन व्यवसायी को अधमरा किया

‘पति का असली हत्यारा सामने आए…मैं रहूंगी या वो’:पूर्व डकैत कोमेश बोली-पुलिस ये बता दे जगन गुर्जर को क्यों मारा; मर्डर पर उठाए सवाल

‘एक बार मेरे पति का असली हत्यारा मेरे सामने आ जाए…..या तो मैं रहूंगी या वो जिंदा रहेगा। जो मारने वाला है, वो कबूल करके ये तो बता दे कि क्या दुश्मनी थी? क्यों उसने मारा? इसके पीछे क्या साजिश थी।’ ये कहना है 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में मारे गए डकैत जगन गुर्जर की दूसरी पत्नी और पूर्व महिला डकैत कोमेश गुर्जर का। पति की हत्या के बाद ब्लड प्रेशर कम होने के चलते कोमेश धौलपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट है। जब भी उसे होश आता है, बार-बार अपने पति की हत्या के बदले की बात करती है। एक जमाने में चंबल की महिला डकैतों में कोमेश गुर्जर का नाम गूंजता था। वहीं जगन गुर्जर के साथ उसकी लव स्टोरी आगे बढ़ी और दोनों ने शादी कर ली थी। तीन बच्चों के साथ कोमेश एक आम गृहिणी की जिंदगी बिता रही थी। हत्याकांड के बाद भास्कर टीम डकैत जगन के पैतृक गांव भवुतीपुरा पहुंची और कोमेश गुर्जर से बात करने की कोशिश की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. धौलपुर से 40 किमी दूर भवुतीपुरा गांव में जगन गुर्जर के तीये की शोक बैठक चल रही थी। मध्यप्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग शहरों से जगन के कई समर्थक और रिश्तेदारों की भीड़ लगी थी। हत्याकांड की सीबीआई जांच और परिजनों की अन्य मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए पंचायत चल रही थी। कोमेश गुर्जर बार-बार बेहोश हो रही थी। अचानक बीपी (ब्लड प्रेशर) कम होने के चलते उसे हॉस्पिटल ले जाया गया। कोमेश से बातचीत के लिए हम भी उसी अस्पताल पहुंचे। करीब 3 घंटे ट्रीटमेंट के बाद वहां के डॉक्टर्स ने हमें मिलने की परमिशन दी। हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या पर आपका क्या कहना है… हमारा सवाल पूरा होने से पहले ही कोमेश ने उत्तर देना शुरू किया… सबसे मेरा तो एक ही निवेदन है, एसपी साहब उसको (हत्या के आरोपी विष्णु जाट को) रिमांड पर लेवें और उससे कुछ कबूल करवा कर हमारे सामने लाएं। वो बस हमें एक बार ये बता दे कि जेल सुपरिटेंडेंट ने मरवाया है या उसने खुद ने दुश्मनी के चलते जगन को मारा है या फिर कोई राजनीतिक वजह से ये मर्डर करवाया गया है। एसपी साहब उसका रिमांड लें और उससे ये पूछताछ करें। हमें तो न्याय तभी मिलेगा जब मेरे पति जगन गुर्जर की हत्या का पूरा सच सामने आएगा। इसके बाद ही तसल्ली मिलेगी। जेल कर्मचारियों को भी सजा होनी चाहिए कि आखिर हाई सिक्योरिटी जेल में ये हो कैसे गया? मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और दूसरे नेताओं से मेरी यही मांग है कि हमारे असली दुश्मन का बस नाम बता दो, जिसने ये किया और करवाया है। असल दुश्मन को हमारे सामने ले आओ। जेल सुपरिटेंडेंट है, जेलर है या कोई और, उनको ये एहसास होना चाहिए कि मर्डर क्या होता है? ऐसे तो किसी भी कैदी को कल कोई मार देगा…बहुत पब्लिक भरी हुई है जेल में। इतने बड़े आदमी जगन को ही धोखा दे दिया और उसके साथ गद्दारी कर दी। छोटे-बड़े आदमी का तो क्या ही होगा अब? सुपरिटेंडेंट और जेलर से मुझे ये जवाब लेना है कि ये घटना हो कैसे गई? देवर ने बताया जेल में बेहोशी के इंजेक्शन देकर मारा कोमेश गुर्जर ने बताया कि जगन के अंतिम संस्कार में जेल से कुछ घंटों के लिए लाए गए देवर पप्पू गुर्जर ने भी कई राज खोले। कोमेश के अनुसार पप्पू गुर्जर ने बताया कि जगन को नींद की गोली या इंजेक्शन देकर बेहोश किया गया। इसके बाद मारा गया। कोमेश ने कहा- जब जेल में कुछ भी नहीं जाने देते हैं तो फिर ये गोलियां कहां से आ गई? डॉक्टर ही इस बारे में बता सकता है, वो भी जेलर और सुपरिटेंडेंट से मिला हुआ है। मैं जब जेल में थी…तब मेरी छोटी सी बच्ची भी मुझसे कभी मिलने आती थी तो उसे कम से कम 50 बार चेक करते थे। आखिर जेल में ये कैसे हो सकता है कि हत्या हो जाए और किसी को कुछ पता ही न चले? हत्या वाले दिन ही हुई थी बात कोमेश गुर्जर ने बताया- उसी दिन (29 जून) सुबह मेरी जगन से जेल की एसटीडी पर बात हुई थी। तब भी बढ़िया प्रेम से बात की थी। जेल में किसी से झगड़े और विवाद की कोई बात नहीं बताई। उसी दिन कोर्ट में उनकी बेल की अर्जी भी लगी हुई थी। हां, इस दौरान जगन ने ही बताया था जेलर पूछ रहा है कि तुम्हारी बेल कब हो रही है? मैंने बता दिया… आज ही हो जानी चाहिए। कोमेश आगे कहती हैं- जेल स्टाफ का तो उन्हें मारने का प्री प्लान था, इसीलिए दोनों भाइयों को पहले अलग-अलग कर दिया था। दोनों की सेल बदल दी थी। पहले साथ रहे दोनों भाई, फिर अलग की गई सेल जगन गुर्जर का भाई पप्पू गुर्जर पहले से ही हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था। 29 मार्च 2026 को जगन के अजमेर जेल आने के बाद दोनों भाइयों को शुरुआत में एक ही वार्ड में रखा गया था। बाद में दोनों को अलग-अलग ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया। जेल प्रशासन का कहना है- दोनों भाइयों के बीच विवाद होने के बाद 16 मई को जगन को अलग ब्लॉक में भेज दिया गया था। फिर 27 जून को ही विष्णु को जगन की सेल में शिफ्ट किया गया था। इसके ठीक 2 दिन बाद 29 जून को उसने जगन की हत्या कर दी। ब्लॉक का CCTV चालू, लेकिन सेल का कैमरा खराब जांच में सामने आया कि जिस ब्लॉक में दोनों विष्णु और जगन बंद थे, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में विष्णु का जगन की सेल में जाना, जेल प्रहरी की गश्त, कंपाउंडरों का इंजेक्शन लगाने आना और अन्य गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। हालांकि, जेल प्रशासन का दावा है कि जिस सेल में हत्या हुई, उसका कैमरा कई दिनों से खराब पड़ा था। विष्णु को इसकी जानकारी नहीं थी। यही वजह थी कि उसने वारदात वाले दिन सुबह करीब 10 बजे सबूत मिटाने की नीयत से कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगा दिया था, ताकि कुछ दिखाई न दे। अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया है कि जेल में CCTV की देखरेख के लिए कोई टेक्निकल स्टाफ नहीं है। करीब 20 कैमरे समय-समय पर अचानक खराब हो जाते हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए 7-8 बार डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (DOIT) को ईमेल भी भेजा गया, लेकिन समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई। कई कैमरे अपने आप कुछ समय के लिए चालू हो जाते हैं और फिर बंद हो जाते हैं। पिता की मौत का बदला लेने के लिए बनी थी डकैत कोमेश के पिता छीतरिया गुर्जर की हत्या हो गई थी, वो गांव के सरपंच थे। पिता की हत्या का बदला लेने के लिए कोमेश डकैत बनने बीहड़ों में चली गई। वहीं उसकी पहली बार जगन गुर्जर से मुलाकात हुई। जगन का उसके घर पर पहले से आना-जाना था, तभी से वो उसको पसंद करती थी। बीहड़ में मुलाकात के बाद जगन ने कोमेश को बंदूक थमाई और बदला लेने में मदद की। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। साल 2000 के आसपास जब कोमेश प्रेग्नेंट थी। पुलिस से बचने के लिए वो बीहड़ों से होते हुए हिंडौन सिटी के एक नर्सिंग होम पहुंची थी। यहां उसने अपने पहले बच्चे लवकुश को जन्म दिया। उसी नर्सिंग होम से कोमेश को पहली बार पुलिस ने पकड़ा था। कोमेश की गिरफ्तारी के बाद जगन ने भी साल 2001 में पहली बार तत्कालीन धौलपुर एसपी बीजू जॉर्ज जोसेफ के सामने सरेंडर कर दिया था। जमानत पर आने के बाद कोमेश फिर से बीहड़ों में चली गई। साल 2008 में पुलिस ने उसे और उसकी गैंग को घेर लिया था। कई घंटे मुठभेड़ चली। अंत में एक गोली कोमेश को लगी और वो घायल हो गई। इस दौरान कोमेश प्रेग्नेंट थी और गर्भ में ही उसके बच्चे की मौत हो गई थी। गिरफ्तारी के बाद कोमेश फिर जमानत पर बाहर आई और फरार हो गई। बाद में सीधे कोर्ट में ही सरेंडर कर दिया था। साल 2009 में जगन ने कैमरी गांव के जगन्नाथ मेले में दूसरी बार कांग्रेस नेता सचिन पायलट के सामने सरेंडर कर दिया था। जेल से छूटने के बाद करीब 9 साल पहले कोमेश ने बेटी काजल को जन्म दिया था। साल 2014 में कोमेश के छोटे भाई रामू की हत्या हुई। पुलिस रिकॉर्ड अनुसार साल 2014 में कोमेश अपने पति डकैत जगन गुर्जर के साथ जेल में थी। इसके बाद कोमेश ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए अपने रिश्तेदार देवर की मदद से आरोपी संजीत कोली की हत्या करवा दी। इसके बाद से वो बाड़ी में खेती-बाड़ी कर और दो भैंस रखकर उनका दूध बेचकर जीवन गुजार रही है। … जगन गुर्जर हत्याकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें डकैत जगन गुर्जर की हत्या करने वाला विष्णु जाट गिरफ्तार:बोला- वह मुझसे कपड़े धुलवाता था, कमेंट भी करता था; झगड़े के कारण मार डाला डकैत जगन गुर्जर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा:पकड़ कर दो बार दबाया गया गला, बचने के लिए संघर्ष तक नहीं किया डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, साथ में लूडो खेला था

किसान बोले-क्रूड ऑयल से खेत बंजर हुए, दाना नहीं उगेगा:पिछली बार 3 हजार मुआवजा मिला था, हकीकत में करोड़ों से भी भरपाई नहीं होगी

बाड़मेर जिले के बोथिया गांव में रविवार को क्रूड ऑयल की पाइपलाइन में लीकेज होने से 16 घंटे तक दो खेतों में तेल बहता रहा। क्रूड के रिसाव के कारण खेतों में तेल का तालाब बन गया। गड्ढा बनाकर 15 वैक्यूम (खाली) टैंकरों में तेल को भरा गया। जिन किसानों के खेत में तेल का तालाब बना, अब वे किसान चिंता में डूबे हैं। उनका कहना है- क्रूड के कारण करीब एक बीघा जमीन बंजर हो गई, जहां अब कोई फसल नहीं हो सकेगी। जमीन तैलीय (ऑयली) हो चुकी है और वहां एक दाना तक उगना मुश्किल है। जहां-जहां क्रूड ऑयल फैला, वहां खेती करना नामुमकिन है। केमिकल के कारण जमीन पैदावार लायक नहीं रहेगी। पिछले साल भी इसी क्षेत्र के खेतों में क्रूड ऑयल फैला था। तब कंपनी ने पीड़ितों को सिर्फ 3 से 5 हजार रुपए का मुआवजा दिया था। ऐसे में इस बार स्थायी समाधान होना चाहिए। देखिए- क्रूड ऑयल के रिसाव के बाद खेत के हालात अब 2 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला अब पढ़िए किसानों का दर्द किसान बोले- 3 हजार रुपए का मुआवजा मिला था पीड़ित किसान दौलतराम का कहना है- रविवार सुबह करीब 6 बजे लीकेज हुआ था। केयर्न वेदांता वालों ने हमें कोई सूचना नहीं दी। ड्राइवरों ने हमें सूचना दी। हम मौके पर पहुंचे तो देखा कि हमारी जमीन में क्रूड ऑयल फैल गया है। हमारे आने से पहले कंपनी के लोग 7 टैंकर भरकर ले जा चुके थे। वे वैक्यूम टैंकर में क्रूड ऑयल भर रहे थे। फिर हमने उन्हें रुकवाया। इसके बाद दोपहर में हमने उन्हें टैंकर भरने की अनुमति दी। शाम होने तक वे 15 से ज्यादा टैंकर भर चुके थे। पूछने पर कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि हमारा पूरा प्रोजेक्ट बंद हो रहा है, इसलिए हम इसे रिकवर कर रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि उनके फैले तेल के कारण हमारे खेतों की जमीन बर्बाद हो रही है। उनका कहना है- क्रूड ऑयल फैलने से खेतों में एक पौधा तक नहीं उगता। केमिकल के कारण जमीन पैदावार लायक नहीं रहती। पहले भी जब खेतों में तेल फैला था, तब केयर्न वेदांता से कोई अधिकारी नहीं आया। एक-दो लोग आए थे। उन्होंने कहा था कि नाप लेकर मुआवजा देंगे। पहले जब लीकेज हुआ था, तब 5-6 बीघा में तेल फैला था। लेकिन मुआवजे के तौर पर सिर्फ 3 हजार रुपए का चेक दिया गया। हमसे कहा गया था कि उचित मुआवजा देंगे। जमीन की नाप लेकर ऊपर से क्रूड हटा दिया, लेकिन दो महीने बाद केवल 3 हजार रुपए का चेक दिया। दौलतराम ने बताया- हम चाहते हैं कि हमारी बंजर जमीन को पूरी तरह साफ किया जाए। 20-25 लोग हमारे बेरोजगार बैठे हैं। किसी को भी इस कंपनी ने रोजगार नहीं दिया। न कोई वाहन लगा हुआ है। जितने लोग लगे हैं, वे सभी बाहर के हैं। हमारी जमीन खराब हुई है। एक करोड़ रुपए भी दे दें तो कम है। यह जमीन हमेशा के लिए बंजर हो गई है, इसकी भरपाई नहीं हो सकती। ‘हर साल हमारे खेत खराब हो रहे’ किसान गौतम का कहना है- हम लोग यहां पहुंचे, उससे पहले ही जेसीबी मशीन लगी हुई थी। हमें भी रोकने की कोशिश की गई। जेसीबी से गड्ढा खोदा गया। कंपनी के अधिकारी आए तो हमने कहा कि आप काम कीजिए, लेकिन हर साल हमारे खेत खराब किए जा रहे हैं। मुआवजे के नाम पर दो-तीन हजार रुपए दिए जाते हैं। अब तक क्षेत्र में 100 से ज्यादा बीघा जमीन प्रभावित हो चुकी है। अगर क्रूड ऑयल से प्रभावित खेत की 10 फीट तक खुदाई कर दूसरी रेत डाली जाए तो फिर से बुवाई हो सकती है। हम किसान इतना खर्च कभी नहीं कर पाएंगे। कंपनी को पाइपलाइन बिछाए 10 साल से ज्यादा हो चुके हैं। इस इलाके से 5-6 पाइपलाइनें गुजरती हैं। पुरानी होने की वजह से कई जगह कमजोर पॉइंट हैं, जहां हर साल लीकेज होता है। हर साल किसानों को सिर्फ आश्वासन देकर अपना काम निकाल लेते हैं। भाजपा नेता बोले- कारणों की जांच होनी चाहिए बाड़मेर के भाजपा नेता दीपक कड़वासरा ने कहा कि दुनियाभर में हालात बदल रहे हैं। क्रूड ऑयल एक महत्वपूर्ण संसाधन है। ऐसे में पाइपलाइन लीकेज की बार-बार होने वाली घटनाओं के कारणों की जांच होनी चाहिए। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। अफसर बोले- हमने तुरंत रोक दी थी सप्लाई केयर्न वेदांता के रेवेन्यू ऑफिसर चक्रेश कुमार का कहना है- लीकेज की सूचना मिलते ही उसे तुरंत रोक दिया गया था। प्रभावित क्षेत्र से क्रूड ऑयल और मिश्रित पानी हटाने का कार्य जारी है और पूरे क्षेत्र की सफाई की जाएगी। किसानों के साथ नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पाइपलाइन का नियमित रखरखाव किया जाता है। … ये खबर भी पढ़िए… किसान के खेत में निकलने लगा क्रूड ऑयल:इलाके से गुजर रही पाइपलाइन में सप्लाई बंद की; वेलपैड से 1KM दूर मिला लीकेज पॉइंट बाड़मेर जिले के बोथिया गांव के एक खेत में रविवार सुबह 6 बजे क्रूड ऑयल का रिसाव होने लगा। क्रूड ऑयल 2 खेतों में 500 मीटर के दायरे में फैल गया। पूरी खबर पढ़िए रेगिस्तान में क्रूड ऑयल के 20 कुएं बंद:खेत से 60 टैंकर तेल निकला, कंपनी का दावा- 24 की रात ब्लास्ट नहीं, भूकंप आया था बाड़मेर में खेत से निकल रहा क्रूड ऑयल शुक्रवार को पांचवें दिन बंद हो गया है। हालांकि अभी खेत से तेल के निकलने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पूरी खबर पढ़िए

राजस्थान बोर्ड:10-12वीं एग्जाम के लिए आज से भरे जाएंगे फॉर्म:इस साल 200 रुपए बढ़ी फीस; जानें लेट फीस और आवेदन की आखिरी तारीख

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं-12वीं एग्जाम के लिए आवेदन फॉर्म आज से भरे जा सकते हैं। इस बार 200 रुपए की फीस बढ़ा दी गई है। 6 अगस्त तक 850 रुपए फीस होगी। बिना लेट फीस एक माह का समय दिया गया है। बोर्ड सचिव के अनुसार, लेट फीस के साथ 6 अगस्त से 12 अगस्त तक 1100 रुपए, अतिरिक्त लेट फीस के साथ 13 से 18 अगस्त तक 1350 रुपए, दोगुनी फीस के साथ 19 अगस्त से 24 अगस्त तक 1700 रुपए और इससे ज्यादा लेट होने पर 25 अगस्त से 1 सितंबर तक 2350 रुपए फीस लगेगी। आवेदन फॉर्म में संशोधन की डेट 7 नवंबर से 17 नवंबर रखी गई है। बता दें कि पूर्व में यह फीस 650 रुपए थी, जिसे इस बार बढ़ा दिया गया है। करीब 20 लाख स्टूडेंट्स इन परीक्षाओं के लिए आवेदन करते हैं। प्रायोगिक परीक्षा फीस में भी 100 रुपए की बढ़ोतरी कर 200 रुपए कर दी गई है, जो हर सब्जेक्ट के लिए अलग से देनी होगी। विशेष आवश्यकता वाले छात्र, दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग परीक्षार्थी, युद्ध में वीरगति को प्राप्त अथवा अपाहिज सैनिकों के बेटे-बेटियों और पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों के आश्रितों की कोई फीस नहीं लगेगी। इन्हें केवल टोकन शुल्क के 50 रुपए जमा कराने होंगे। जिन स्कूलों की उच्च माध्यमिक स्तर की संबद्धता संबंधी कार्रवाई अभी तक पेंडिंग है, वे स्कूल बिना देरी के कार्रवाई पूरी कर लें। कार्रवाई पूर्ण नहीं होने पर ऐसे स्कूलों के परीक्षा आवेदन पत्र रद्द कर दिए जाएंगे। ऑनलाइन परीक्षा आवेदन पत्र भरने से संबंधित आवश्यक निर्देश बोर्ड की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं। अन्य जानकारी के लिए बोर्ड कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0145-2632866, 2632867, 2632868 पर अथवा एसीपी के दूरभाष नंबर 0145-2627454 पर संपर्क कर सकते हैं। ……….. पढें ये खबर भी… पीएम-सीएम पर अभद्र टिप्पणी, आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने शांति भंग में पकड़ा; जांच के आधार पर जोड़ेंगे अन्य धाराएं सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में कृष्णगंज थाना पुलिस ने एक यू-ट्यूबर नरेश राघानी को शांतिभंग में गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढें

राजस्थान के 25 सांसदों का रिपोर्ट कार्ड:हर साल मिलता है 5 करोड़ का फंड, ज्यादातर दिखा रहे कंजूसी, एक ने जीरो खर्च किया

राजस्थान के ज्यादातर लोकसभा सांसद हर साल मिलने वाले 5-5 करोड़ रुपए का फंड खर्च करने में कंजूसी दिखा रहे हैं। इस लिस्ट में कई केंद्रीय मंत्रियों के नाम भी हैं। पर्यटन और कला संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत दो साल में सिर्फ 74 लाख 40 हजार रुपए ही खर्च किए हैं। जबकि कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीना ने फंड से एक रुपया भी खर्च नहीं किया है। 19 जून, 2026 तक कांग्रेस-बीजेपी के ज्यादातर सांसदों का करोड़ों रुपये का फंड बिना खर्च हुए पड़ा है। सभी सांसदों को सड़क, स्कूल, अस्पताल और बुनियादी सुविधाओं को ठीक करने के लिए 3 बार 5-5 करोड़ रुपये का फंड मिल चुका है। केंद्र सरकार की ‘सांसद निधि’ वेबसाइट से आंकड़े दिखाते हैं कि प्रदेश के सांसद इस फंड का इस्तेमाल करने में काफी पीछे हैं। मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए- सांसदों ने विकास के लिए मिले पैसे का कितना इस्तेमाल किया है एक भी रुपए खर्च नहीं करने वाले सांसद टोंक-सवाई माधोपुर से सांसद हरीश चंद्र मीना ने सांसद विकास निधि से एक रुपया भी खर्च नहीं किया है। मीना ने इस सीट से लगातार दो बार के भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया को हराया था। हर साल 5 करोड़ के हिसाब से उन्हें अब तक 15 करोड़ का फंड जारी हुआ था। हरीश मीना ने 19 जून, 2026 तक एक भी विकास कार्य की अनुशंसा नहीं की है। इनके एमपी लैड फंड में 14 करोड़ 70 लाख का फंड है। सबसे कम खर्च करने वाले सांसद कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीना को छोड़ दें तो सबसे कम फंड इस्तेमाल करने वालों में जोधपुर से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत हैं। उन्होंने अबतक 14 करोड़ 70 लाख के फंड से लगभग 74 लाख रुपए के काम की अनुशंसा की है। इसके बाद बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और चित्तौड़गढ़ से सांसद चंद्रप्रकाश जोशी का नाम है। उन्होंने अबतक 14 करोड़ 70 लाख में से 1 करोड़ 4 लाख से ज्यादा रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। झालावाड़-बारां से सांसद दुष्यंत सिंह एक करोड़ 33 लाख से ज्यादा रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। वहीं, करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव ने 2 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। भूपेंद्र यादव, हनुमान बेनीवाल और संजना जाटव अव्वल संजना जाटव: राजस्थान में विकास कार्य के लिए सांसद निधि से सबसे अधिक खर्च करने वाले सांसदों में भरतपुर सांसद संजना जाटव पहले नंबर पर हैं। संजना जाटव दो साल में 14 करोड़ 70 लाख में से 11 करोड़ से ज्यादा विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुकी हैं। भूपेंद्र यादव: अलवर सांसद और केंद्रीय मंत्री यादव भी दिल खोलकर विकास कार्यों की अनुशंसा कर रहे है। उन्होंने 2 साल में 10 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। हनुमान बेनीवाल: नागौर सांसद भी सांसद निधि से विकास कार्य कराने में पीछे नहीं है। दो साल के एमपी लैड फंड 14 करोड़ 70 लाख में से 9 करोड़ 79 लाख से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुके हैं। अर्जुनराम मेघवाल: बीकानेर सांसद और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम भी 14 करोड़ 70 लाख में से 8 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुके हैं। सभी 25 लोकसभा पर सांसदों का रिपोर्ट कार्ड पढ़िए… भरतपुर : कांग्रेस सांसद संजना जाटव ने 26 जून, 2026 तक सांसद विकास निधि से 11 करोड़ 92 लाख रुपये का काम की अनुशंसा की है। अलवर : बीजेपी सांसद केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 10 करोड़ 50 लाख रुपए के काम की अनुशंसा (रिकमेंड) किया है। बाड़मेर : उम्मेदाराम बेनीवाल ने 9 करोड़ 68 लाख रुपये के काम की अनुशंसा की है। भीलवाड़ा : दामोदर अग्रवाल ने 9 करोड़ 64 लाख रुपये की काम की अनुशंसा की है। दौसा : मुरारी लाल मीना 5 करोड़ 84 लाख रुपये के काम की अनुशंसा कर चुके हैं। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ : कुलदीप इंदौरा 6 करोड़ 40 लाख रुपये की विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जयपुर : मंजू शर्मा ने 8 करोड़ 57 लाख रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जयपुर ग्रामीण : राव राजेंद्र सिंह ने 4 करोड़ 48 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जालोर : लुंबाराम 8 करोड़ 27 लाख विकास कार्यों की अनुशंसा की है। झुंझुनूं :बृजेंद्र सिंह ओला ने 7 करोड़ 83 लाख विकास कार्यों की अनुशंसा की है। करौली-धौलपुर : भजनलाल जाटव ने 2 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। राजसमंद : महिमा कुमारी मेवाड़ ने 8 करोड़ 88 लाख रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। सीकर : अमराराम ने 7 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। टोंक-सवाई माधोपुर : हरीश चंद्र मीना ने एक भी रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा नहीं की है। उदयपुर : मन्नालाल रावत ने 6 करोड़ 35 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। बीकानेर : अर्जुनराम मेघवाल ने 8 करोड़ 79 लाख रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। चित्तौड़गढ़ : चंद्रप्रकाश जोशी ने 1 करोड़ 4 लाख से ज्यादा रुपए के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। चूरू : राहुल कस्वां 9 करोड़ 74 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुके हैं। झालावाड़-बारां : दुष्यंत सिंह एक करोड़ 33 लाख से ज्यादा रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। जोधपुर : गजेंद्र सिंह शेखावत 14 करोड़ 70 लाख में 74 लाख 40 हजार के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। पाली : पीपी चौधरी ने 2 करोड़ 63 लाख से ज्यादा रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। अजमेर : भागीरथ चौधरी ने 9 करोड़ 95 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। कोटा : लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसद निधि की राशि 14 करोड़ 70 लाख में से 4 करोड़ 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। बांसवाड़ा : राजकुमार रोत ने 9 करोड़ 67 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। नागौर : हनुमान बेनीवाल ने 9 करोड़ 79 लाख रुपये के विकास कार्यों की अनुशंसा की है। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सांसद कुलदीप इंदौरा से सीधी बात सवाल : 2 वर्ष में एमपीलैड फंड से कितना बजट खर्च किया है? जवाब : मैं दो वित्तीय वर्ष में सांसद निधि से 6 करोड़ 40 लाख से ज्यादा के विकास कार्यों की अनुशंसा कर चुका है। मेरा प्रयास है कि सांसद निधि की राशि स्कूल, अस्पताल और आंगनबाड़ी पर खर्च हो। मेरा बजट हर ग्राम पंचायत पर खर्च हो। सवाल : कांग्रेस-बीजेपी के कई सांसदों ने फंड बहुत कम खर्च किया है, क्या वजह है? जवाब : यह सांसद का व्यक्तिगत अधिकार है कि वह फंड से कितना खर्च करेंगे और कब खर्च करेंगे। कई सांसद चुनाव से ठीक पहले ही एमपी लैड फंड खर्च करते हैं। यह सांसद का निजी मामला है। सवाल : एमपीलैड फंड का बजट समय पर खर्च क्यों नहीं करते हैं? जवाब : देखिए, मेरा तो प्रयास रहता है कि जो अनुशंसा हो उस पर बजट खर्च हो। प्रस्ताव आते ही विकास कार्यों की अनुशंसा कर देता हूं। जैसा- आपने कहा केंद्रीय मंत्री ने बजट खर्च नहीं किया तो मेरा मानना है कि यह उनका व्यक्तिगत मामला है। कब फंड जारी करेंगे। कहां खर्च करना है। यह उनका व्यक्तिगत मामला है। सवाल : क्या बजट पर्याप्त है? जवाब : लोकसभा क्षेत्र में 8 विधानसभा क्षेत्र हैं। एमपीलैड फंड से मिली राशि का वितरण करना बड़ा मुश्किल है। क्योंकि मेरे पास अनुशंसा ही 100 करोड़ से ज्यादा की आई हुई है। हमें 5 साल में 25 करोड़ रुपए के फंड ही मिलते हैं। यह बजट अपर्याप्त है। केंद्र सरकार को बजट बढ़ाना चाहिए।

जोधपुर में तेज बारिश, सीकर पानी-पानी:जयपुर में पेड़ टूटे, कई जिलों में 2 इंच पानी बरसा; 5 दिन भारी बरसात की चेतावनी

राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में मानसून सक्रिय हो गया है। जोधपुर में सोमवार दोपहर करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। जलभराव के कारण शहर की कई सड़कें दरिया बन गईं। सीकर जिले में भारी बरसात से हालात बिगड़े हैं। शहर के प्रमुख इलाकों में 1 से 3 फीट तक पानी भर गया है। इसके कारण बाइक सवार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी भरने से रास्ते भी बंद हुए हैं। जयपुर में देर रात हुई तेज बारिश के कारण कई सड़कें धंस गई हैं, जगह-जगह बड़े पेड़ भी टूटे हैं। सड़कों पर भारी जलभराव होने के कारण वहां खड़ी कारों के पहिए तक पानी में डूब गए। बीते 24 घंटे में सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में भी 2 इंच से ज्यादा पानी बरसा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सबसे ज्यादा एक्टिविटी उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में नजर आ रही है। रविवार को भी इन संभाग के जिलों में अच्छी बरसात हुई। राजस्थान के कई इलाकों में अगले 4-5 दिनों तक भारी बरसात की आशंका है। गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स जयपुर में अब तक सामान्य से ज्यादा बरसात: सीकर में रविवार देर रात शुरू हुआ बारिश का दौर सोमवार सुबह तक जारी रहा। यहां कुछ घंटों में 29 मिमी. से जयादा पानी बरसा है। शहर के प्रमुख सड़कें पानी में डूब गई हैं। जयपुर में रातभर रुक-रुककर बरसात हुई। राजधानी के मानसरोवर और गोपालपुरा इलाकों में सड़कें धंसने से 8 से 10 फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। जगह-जगह पेड़ भी टूटे हैं। भराव क्षमता का 67 प्रतिशत जलस्तर: बीसलपुर बांध में पानी की आवक शुरू हो गई है। बांध के भीलवाड़ा और टोंक जिले में स्थित कैचमेंट एरिया में पिछले चार दिन से बारिश होने से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बांध में 20 सेमी पानी आया है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 313.66 आरएल मीटर यानी कुल भराव क्षमता का 67 प्रतिशत हो गया है। अगले 5-6 दिन सक्रिय रहेगा मानसून: राधेश्याम शर्मा ने बताया- इस नए वेदर सिस्टम के असर से राज्य के पूर्वी भागों में आगामी 5-6 दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इसके प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। अब देखिए- राजस्थान में बारिश की PHOTOS… … यह खबर भी पढ़ें… जयपुर में बारिश से सड़कें धंसी, 10-फीट गहरे गड्‌ढे हुए:कार गिरी, क्रेन से निकालना पड़ा; रास्ता बंद होने से ट्रैफिक हुआ प्रभावित … मौसम के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

7-बच्चों की मौत के बाद भी स्कूलों में घटिया मरम्मत:जहां छतें मजबूत होनी थीं, वहां सिर्फ पेंट किया; 503 करोड़ के फंड में फर्जीवाड़ा

झालावाड़ के पिपलोदी में पिछले साल स्कूल की छत गिरने से 7 मासूम बच्चों की मौत हुई थी। इसके बाद जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए 503 करोड़ का बजट जारी किया गया था। लेकिन जिम्मेदारों की नाक के नीचे ऐसा फर्जीवाड़ा हुआ, जिसने हजारों मासूमों की जिंदगी फिर खतरे में डाल दी। आदेश थे 20 हजार से ज्यादा स्कूलों की जर्जर छतों को हटाकर मजबूत करने के, लेकिन दरारों में रंगाई-पुताई भरकर छोड़ दिया। जहां 2 लाख खर्च करने थे, वहां महज 40-45 हजार का काम कर पूरा भुगतान उठा लिया। दैनिक भास्कर ने 5 जिलों- जयपुर, अजमेर, दौसा, नागौर और डीडवाना-कुचमान के 20 स्कूलों की ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन की। हम सर्टिफाइड सिविल इंजीनियर और टाउन प्लानर डॉ. अंकित कश्मीरी गुप्ता को साथ लेकर गए। फिर कैमरे में जो सच रिकॉर्ड हुआ वो चौंकाने वाला था। पढ़िए- किस जिले में क्या हुआ… 1. जयपुर: जिले के 1691 स्कूलों के लिए प्रति स्कूल 1.96 लाख के हिसाब से 33.77 करोड़ रुपए मंजूर हुए थे। टेंडर के अनुसार इस बजट में वाटर प्रूफ करने के साथ-साथ 10-11 अलग-अलग काम होने थे। अब देखिए- स्कूलों के हालात… स्कूल-1 : पीएम श्री राजकीय उच्च उच्च माध्यमिक विद्यालय, दूदू एक्सपर्ट ऑब्जर्वेशन : एक्सपर्ट कमेंट : ब्रांडेड कंपनियां 12 लेयर वाटरप्रूफिंग के लिए 32 रुपए से 42 रुपए प्रति स्क्वायर फीट की दर से चार्ज करती हैं। यह उतनी बड़ी राशि का काम नहीं लगता, जितना कागजों में दर्शाया गया है। मेरे अनुमान से कुल खर्च 40 से 50 हजार रुपए से अधिक का नहीं बैठता। स्कूल-2 : राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय, दूदू एक्सपर्ट ऑब्जर्वेशन : एक्सपर्ट कमेंट : वायर मैश के साथ वाटरप्रूफिंग की बाजार लागत अधिकतम 32-40 रुपए प्रति वर्ग फीट है। बिना वायर मैश के 20-22 रुपए प्रति वर्ग फीट है। इस लिहाज से यहां हुए काम की अधिकतम लागत 40,000 या उससे भी कम बैठती है। स्कूल एलडीसी हनुमंत सिंह ने बताया: करीब 2-3 महीने पहले कुछ मजदूर आए थे। दो-तीन कमरों की छत पर व्हाइट पेंट मारकर चले गए। बजरी-सीमेंट, पाइप डालने जैसा कोई भी काम नहीं हुआ। 2. दौसा: जिले के 1010 स्कूलों में प्रति स्कूल 1 लाख 96 हजार रुपए के हिसाब से कुल 19 करोड़ 79 लाख 60 हजार रुपए के टेंडर निकाले थे। टेंडर शर्तों के अनुसार कई स्कूलों में तो 26 तरीके के काम होने थे। देखिए- 4 स्कूलों के हालात स्कूल-1 : महात्मा गांधी स्कूल, दौसा प्रिंसिपल का दावा: प्रिंसिपल पीएल मीणा ने फोन पर बताया कि बताया कि फंड से प्रिंसिपल ऑफिस की छत और एक बड़े हॉल की छत पर वाटरप्रूफिंग का काम किया गया है। स्कूल-2 : रामकरण जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दौसा स्कूल-3 : आनंद शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दौसा स्कूल-4 : राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामकुंड, दौसा ठेकेदार ने की खानापूर्ति: रामकुंड स्कूल में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल सिंगवाड़ा (दौसा) के प्रिंसिपल सुशील कुमार राय मिले। उन्होंने बताया कि ऐसा ही वाटरप्रूफिंग का काम उनके स्कूल में भी हुआ है। छत की पट्टियों में दरारें थीं। बारिश में पानी टपकता था। वहां ठेकेदार ने दरारें साफ कर उनको वाटरप्रूफ कोटिंग से भर दिया। न तो पट्टियां बदली और न RCC का कोई काम हुआ। 3. नागौर: जिले के 1287 स्कूलों को 25.74 करोड़ बजट मंजूर हुआ था। प्रति स्कूल 1 लाख 96 हजार रुपए के हिसाब से टेंडर किए थे। हम अखावास और बीजाथल के 4 स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचे। देखिए- यहां के हालात स्कूल-1 : प्राइमरी स्कूल, गुर्जरों की ढाणी, बीजाथल स्कूल-2 : राजकीय प्राथमिक विद्यालय, अखावास स्कूल-3 : प्राइमरी स्कूल, नैणों की ढाणी, अखावास 4. अजमेर: जिले के 219 स्कूलों में रिपेयरिंग के लिए टेंडर सम्रग शिक्षा अभियान (SAMSA) एजेंसी ने किए थे। 536 स्कूलों के टेंडर जिला परिषद् अजमेर ने पंचायत समिति स्तर से किए। प्रत्येक स्कूल में 2 लाख वहीं हर आंगनबाड़ी केंद्रों पर ये काम 1 लाख 86 हजार रुपए से होने थे। देखिए- यहां के हालात स्कूल-1 : राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोविंदगढ़ स्कूल प्रिंसिपल सरला का दावा- न तो हमें कुछ बताया गया और न ही हमसे कुछ पूछा गया था। ठेकेदार के आदमी आए और 2 दिन में काम करके चले गए। क्या काम होना था? हमें कोई जानकारी नहीं थी। छत पहले से ही कमजोर थी, भारी टाइल्स बिछाकर वजन और बढ़ा दिया। स्कूल-2 : राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, रामपुरा नांद स्कूल-3 : राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, गेगल 5. डीडवाना-कुचामन: जिले में 1018 स्कूलों में रिपेयरिंग के लिए टेंडर सम्रग शिक्षा अभियान (SAMSA) एजेंसी ने किए थे। इसके लिए 20 करोड़ से ज्यादा खर्च होने थे। क्या बोले- कलेक्टर और जिम्मेदार अधिकारी सवाल : SDRF फंड से सभी स्कूलों में रिपेयर के काम करवाए थे। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि निर्धारित जी शेड्यूल के अनुसार नहीं हुए हैं? सवाल : ज्यादातर स्कूलों में काम 40-45 हजार का हुआ और भुगतान पूरा 2 लाख कर दिया गया? जवाब : SDRF के काम में किसी एक व्यक्ति का काम नहीं होता। सरपंच और स्कूल की मॉनिटरिंग थी। जिला कलेक्टर ने भी इंस्पेक्शन के लिए कमेटी बनाई गई थी। तीन डिपार्टमेंट के AEN ने उस काम को अपनी एजेंसी के माध्यम से वेरिफाई किया। लास्ट में एसडीएम ने देखा। उसके बाद पेमेंट हुआ। यह कहना ठीक नहीं कि 40-45 हजार का ही काम हुआ है। सवाल : हमारे पास सबूत हैं, दूदू के एक स्कूल में वायर मैश के साथ 12 लेयर वाटरप्रूफिंग करनी थी, वहां वायर मैश के बिना 3-4 कोटिंग की गई थी। जवाब : इस तरह का कोई केस यदि ध्यान में आएगा तो जांच कराएंगे और कार्रवाई करेंगे। सवाल : जिन जगहों पर काम ही पूरा नहीं हुआ वहां ठेकेदारों को भुगतान तक हो गया, कैसे? जवाब : NOC या तो स्कूल के प्रधानाचार्य या वहां के हमारे एईएन ने जारी की होगी। कई जगह पंचायत समिति के प्रतिनिधियों ने NOC जारी की होगी। ये नहीं कहा जा सकता कि गलत NOC जारी हुई है। इस तरह की शिकायत है तो उसकी जांच कर सकते हैं। इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के दूसरे पार्ट में कल पढ़िए