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कोटा में मादा पैंथर ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ा:शिकार के लिए लगाए फंदे में फंसी, रातभर संघर्ष करती रही; वन विभाग ने बढ़ाई पेट्रोलिंग

कोटा के मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के बफर एरिया में शिकार के लगाए गए फंदे में फंसकर मादा पैंथर ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। शनिवार रात को मादा पैंथर फंदे में फंसी थी, जिससे बाहर निकलने के लिए वह रातभर संघर्ष करती रही। आखिरकार रविवार सुबह उसका शव बरामद हुआ। विभाग ने मादा पैंथर का पोस्टमॉर्टम करवाया है। वन विभाग ने पूरे इलाके में पेट्रोलिंग और कॉम्बिंग बढ़ा दी गई है। मुख्य वन संरक्षक (CCF) सुगनाराम जाट ने बताया- मादा पैंथर की उम्र करीब 3-4 साल थी और बोराबास रेंज के बफर एरिया में उसका लगातार मूवमेंट रहता था। संभवतः किसी शिकारी ने जंगली सूअर या अन्य जानवरों को पकड़ने के लिए क्लच वायर या जीआई (GI) वायर का यह मजबूत फंदा लगा रखा था, जिसकी चपेट में यह पैंथर आ गई। सिटी एसपी ने देखा मादा पैंथर का शव CCF सुगनाराम जाट ने बताया- मादा पैंथर शनिवार रात को शिकारी के फंदे में फंस गई थी। उसने फंदे से बाहर निकलने की काफी कोशिश की होगी, लेकिन इसी जद्दोजहद में फंदा और टाइट हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह करीब 6 बजे कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम चंबल सफारी के लिए गई थीं। चंबल की कराइयों में उन्होंने पैंथर का शव देखा, जिसके बाद उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। पैर, छाती और गले में फंसा था क्लच वायर सुगनाराम जाट ने बताया- रविवार को प्रोटोकॉल के तहत मादा पैंथर का पोस्टमॉर्टम करवाया गया है। हालांकि, मौत के असली कारणों का पता रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा, लेकिन शुरुआती जांच में सामने आया है कि पैर, छाती और गले में फंदा फंसने और दम घुटने से पैंथर की मौत हुई है। मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक मुथु एस. ने बताया- मामले में अज्ञात शिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। यह शिकारी फंदा किसने लगाया था, इसकी जांच की जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से इलाके में पेट्रोलिंग-कॉम्बिंग बढ़ा दी गई है। बता दें कि मुकंदरा में इस समय 100 से ज्यादा पैंथर हैं।

ट्रेन के आगे कूदा युवक, सिर कटकर अलग गिरा:शरीर और सिर अलग होकर ट्रैक पर पड़े रहे, 50 मिनट तक रुकी रही ट्रेन

जालोर और जागनाथ रेलवे स्टेशन के बीच सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे भक्त की कोठि-चेन्नई एक्सप्रेस (20626) के आगे कूदकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली। ट्रेन की चपेट में आते ही उसका सिर धड़ से अलग हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि रेलवे ट्रैक पर सिर और धड़ अलग-अलग पड़े रहे। हादसे के बाद ट्रेन करीब 50 मिनट तक मौके पर खड़ी रही। सूचना मिलते ही जीआरपी और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रैक से सिर और धड़ को हटाकर कब्जे में लिया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
जीआरपी के गजेसिंह ने बताया कि युवक के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान जालोर जिले के सेवड़ी गांव निवासी कृष्ण राम (40) पुत्र पीराराम देवासी के रूप में हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कृष्ण राम हैदराबाद में हार्डवेयर का काम करता था। कुछ समय पहले वह अपने घर जालोर आया था। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है और पूरे मामले की जांच कर रही है। जालोर स्टेशन पार करते ही ट्रेन के आगे कूदा युवक ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे भक्त की कोठि-चेन्नई एक्सप्रेस (20626) जालोर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। कुछ दूरी चलने के बाद बागरा स्टेशन से पहले एक युवक रेलवे ट्रैक के पास खड़ा था। ट्रेन नजदीक आते ही उसने अपना बैग ट्रैक के पास रखा और ट्रेन के आगे कूद गया। हादसे में ट्रेन से उसका सिर धड़ से अलग हो गया। घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को रेलवे ट्रैक से हटाया। इसके बाद करीब 50 मिनट बाद ट्रेन को दोबारा रवाना किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटाकर जांच शुरू कर दी है। मॉर्च्युरी में रखवाया शव पुलिस ने शव को जालोर जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है और परिजनों को सूचना दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद युवक का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

जोधपुर में भैरूजी चौराहे की पुलिया पर भरा पानी,बस फंसी,VIDEO:करीब 10 यात्री आधे घंटे तक फंसे रहे, धक्का देकर बाहर निकाला; सड़कें भी डूबी

जोधपुर शहर में सुबह से ही मौसम बदला हुआ है। सुबह करीब 11 बजे अचानक बादल छाए और अंधेरा हो गया। इसके बाद आंधी के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। शहर के भैरूजी चौराहे की खतरनाक पुलिया पर पानी भर गया। इस पानी के बीच में सवारियों से भरी एक बस फंस गई। बस में करीब 10 यात्री सवार थे। सभी करीब आधे घंटे तक बीच पानी में फंसे रहे। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से बस को धक्का देकर बाहर निकाला। फोटो में देखें पूरा घटनाक्रम… पहले फंसी पिकअप, ट्रैक्टर से बाहर निकाला लोग रोकते रहे लेकिन नहीं माना ड्राइवर पानी में बस उतारता ड्राइवर बस को निकालने के लिए ट्रैक्टर बुलाया लेकिन रस्सा टूटा लोगों ने धक्का देकर बाहर निकाला

भैरूजी चौराहे पर की बैरिकेडिंग, पिकअप फंसी थी, फिर भी बस उतारी दरअसल, सुबह से ही शहर में बारिश का दौर चल रहा है। शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। ऐसे में खतरनाक पुलिया पर भी पानी भर गया। ऐसे में गाड़ियों को वहां जाने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए ताकि लोग वहां नहीं जा सके। ऐसे में एक पिकअप ड्राइवर ने खतरनाक पुलिया पर पिकअप उतार ​दी। इसके बाद वह फंस गया, हालांकि ट्रैक्टर की मदद से उसे निकाला। इतने में सिटी बस ड्राइवर आया और पिकअप फंसे होने के बाद भी उसे पानी में उतार दिया। इस दौरान लोगों ने उसे रोकने की भी कोशिश की, लेकिन नहीं माना। पानी में उतरते ही यात्रियों से भरी बस खतरनाक पुलिया के बीच फंस गई। ट्रैक्टर को बुलाया लेकिन रस्सा टूट गया, धक्का देकर बाहर निकाला इस पर कंडक्टर बार-बार बस को बाहर निकालने की गुहार लगाता रहा। वहां मौजूद लोगों ने ट्रैक्टर बुलाया। लेकिन, जब रस्सा बांधकर बस को बाहर निकालने का प्रयास किया तो रस्सा टूट गया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने धक्का दिया और बड़ी मशक्कत के बाद बस को बाहर निकाला। इस दौरान सिटी बस में मौजूद यात्री करीब आधे घंटे तक खतरनाक पुलिया के बीच पानी में फंसे रहे। यहां पढ़ें बारिश से जुड़े बड़े अपडेट्स शहर की सड़कों पर भरा पानी: शहर में बारिश के चलते जलभराव की स्थिति हो गई। प्रतापनगर में सड़कों पर पानी जमा हो गया और कारों के टायर तक डूब गए। शहर में एक घंटे हुई तेज बारिश के चलते शहर में जलभराव की स्थिति बन गई। ऐसे में कारों के टायर तक डूब गए। ग्रामीण इलाकों में भी बारिश:शहर के आस-पास सटे ग्रामीण इलाकों लूणी और डांगियावास में भी तेज बारिश के चलते स्कूल, स्टेशन और हाईवे पर पानी भर गया। लूणी रेलवे स्टेशन पर यात्री बारिश से बचने के लिए टीन शेड के नीचे खड़े हो गए। मौसम विभाग का अलर्ट:पिछले दिनों लगातार बदल रहे मौसम और बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। अनुमान है कि अगले 24 घंटे में मानसून जोधपुर में एंट्री कर सकता है। आगे क्या: इस पूरे सप्ताह आंधी-बारिश का येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार जोधपुर शहर में पूरा सप्ताह आंधी-बारिश का दौर चलेगा। विभाग के अनुसार 12 जुलाई तक ​आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। देखिए, जोधपुर शहर में बारिश की PHOTOS

सतीश पूनिया बोले-'दिल्ली जाओ,कुर्सी बचाओ' यह कांग्रेस में होता है:मैं कार्यकर्ताओं से कहता हूं- जो ऊंट रखेगा उसे टिकट मिलेगा

राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने कहा- दिल्ली जाने का मतलब पैरवी करना होता है। योजनाओं का रिव्यू कर बजट लाना होता है। यह कांग्रेस में होता है कि ‘दिल्ली जाओ, कांग्रेस बचाओ’। पूर्व सीएम अशोक गहलोत को लेकर भी पूनिया ने कहा- रिफाइनरी के काम को लेकर उन्हें कंजूसी न करके इसकी तारीफ करनी चाहिए। मीडिया ने जब ऊंटों के संरक्षण को लेकर सवाल किया गया, तो वे बोले- मैं कार्यकर्ताओं से मजाक में कहता हूं कि जो ऊंट रखेगा, उसे टिकट मिलेगा। नई जिम्मेदारी मिलने पर पूनिया ने कहा- मैंने भी सामान्य कार्यकर्ता के रूप में काम किया था, समय के साथ मेरी भूमिका बदलती रही। जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने सोमवार को ये बातें कहीं। राहुल गांधी और गहलोत किसी सिस्टम को मानने को तैयार नहीं मीडिया ने सवाल पूछा कि सीएम बार-बार दिल्ली जाते हैं और विपक्ष बयान देता है कि कुछ बदलने वाला है। इस पर पूनिया ने कहा- दिल्ली जाने का मतलब योजनाओं का रिव्यू कर उनका बजट लाना और प्रदेश के लिए पैरवी करना होता है। पूनिया ने आगे कहा- सीएम ने भी कहा था कि जब भी मैं दिल्ली जाता हूं, कुछ न कुछ लेकर आता हूं और वे लेकर भी आए। यह कांग्रेस में जरूर होता है कि ‘दिल्ली जाओ, कुर्सी बचाओ’। यह बीजेपी में नहीं होता। परिसीमन को लेकर पूनिया ने कहा- यह सब एक सिस्टम का हिस्सा है। लेकिन राहुल गांधी, कांग्रेस और अशोक गहलोत किसी भी सिस्टम को मानने को तैयार नहीं हैं। लोग घोषणा और भाषण नहीं, परिणाम देखते हैं मीडिया ने सतीश पूनिया से रिफाइनरी के क्रेडिट लेने को लेकर सवाल किया गया, तो पूनिया ने कहा- लोग घोषणा और भाषण नहीं, परिणाम देखते हैं। 2013 में जब उनकी विदाई तय हो चुकी थी, तब सोनिया गांधी को बुलाकर इसकी शुरुआत की गई थी। राजस्थान में एक मिजाज रहा है कि केंद्र और राज्य में एक सरकार नहीं रही। केंद्र में मोदी की सरकार थी और राज्य में गहलोत की सरकार थी, तो गहलोत सरकार में जल जीवन मिशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। गहलोत पर पलटवार करते हुए कहा- गहलोत ने केंद्र सरकार की योजनाओं को विफल किया। रिफाइनरी की घोषणा भले ही गहलोत ने की हो, लेकिन उसे धरातल पर लाने का काम बीजेपी ने किया है। अशोक गहलोत को इस काम की प्रशंसा करनी चाहिए। ऐसी कई योजनाएं और बातें हैं, जिन पर उन्हें उदारता रखते हुए तारीफ करने में कंजूसी नहीं करनी चाहिए। पूनिया बोले- प्रदेश में ऊंट संरक्षण पर चल रहा है रिसर्च दरअसल, सतीश पूनिया रविवार को बीकानेर गए थे। यहां वे नेशनल केमल रिसर्च सेंटर भी गए थे। पूनिया ने बताया- हम किताबों में पढ़ते हैं कि ऊंट रेगिस्तान का जहाज है। जहां भी राजस्थान की बात होती है, वहां ऊंट जरूर होता है। बीकानेर का राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र (नेशनल केमल रिसर्च सेंटर) ऊंटों की प्रजाति और संरक्षण के लिए काम कर रहा है। ऊंट के प्रोडक्ट्स जैसे दूध और आइसक्रीम बन रहे हैं। एक रिसर्च चल रही है कि रायका और रेबारी समाज के लोग जो ऊंट चराते हैं, उनमें डायबिटीज नहीं होती। इस रिसर्च को लेकर टीम काम कर रही है। जब उनसे पूछा गया कि कार्यकर्ताओं को ऊंट बचाने के लिए क्या मैसेज देंगे, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा- मैं कार्यकर्ताओं को मजाक में यही कहता हूं कि जो ऊंट रखेगा, उसे टिकट मिलेगा।

बीकानेर में नवजात के बाद मां की भी मौत:पीबीएम हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद बिगड़ी थी तबीयत

बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में रविवार की रात एक और प्रसूता की मौत हो गई। नापासर के कुचौर की रहने वाली लीला(27), पत्नी रेखाराम की जनाना अस्पताल की ओटी में 3 जुलाई को सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद उनके नवजात शिशु की मौत हो गई थी, जिसके बाद रविवार की रात महिला ने भी ट्रोमा आईसीयू में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। फिलहाल महिला के इलाज की फाइल लेने के बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डॉ. बी.सी. घीया ने बताया- प्रसव के बाद ज्यादा ब्लीडिंग होने से प्रसूता की हालत गंभीर हो गई। उन्हें तत्काल ट्रॉमा आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। इलाज के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी आया। डॉक्टरों ने सीपीआर देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद बिगड़ती गई प्रसूता की तबीयत
कांग्रेस नेता रामनिवास कूकणा ने बताया- लीला को प्रसव पीड़ा होने पर पीबीएम हॉस्पिटल लाया गया था। 3 जुलाई को जनाना अस्पताल की ओटी में उनकी सिजेरियन डिलीवरी कराई गई। ऑपरेशन के बाद नवजात शिशु की मौत हो गई। इसके बाद लीला की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। प्रसूता की मौत के बाद परिजन पीबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर एकत्रित हो गए। घटना की सूचना मिलने पर कांग्रेस नेता रामनिवास कूकना भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। कूकना ने बताया कि मामले को लेकर प्रशासन से बातचीत की जा रही है। बता दें कि पिछले एक महीने में पीबीएम हॉस्पिटल में लीला समेत 3 प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। ऐसे में हॉस्पिटल में इलाज की व्यवस्थाओं को लेकर मरीजों की चिंताएं बढ़ गई है। फिलहाल मामले को लेकर हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सिलसिलेवार पढ़िए- एक महीने में हुआ घटनाक्रम ………………………… पीबीएम हॉस्पिटल से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी; अब तक 2 की जान गई बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी, 20 दिन से वेंटिलेटर पर थी चिकित्सा-मंत्री बोले- ‘पैदल नाचती हुई आईं थी या बीमार होकर’:कहा- 1000 में से 2 की डेथ हो जाती है, दुरुस्त लोगों को आप नहीं देख रहे सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेल:बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही, एक मरीज वेंटिलेटर पर; अधीक्षक बोले- जांच कमेटी बनाई बाजार से मंगवाकर लगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन:प्रसूताओं की किडनी फेल होती रही, हॉस्पिटल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, 7 दिन बाद बनाई कमेटी प्रसूताओं की किडनी फेल मामले में डॉक्टर्स को क्लीन चिट!:जांच टीम ने इलाज में लापरवाही नहीं मानी; ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का रिकॉर्ड लिया कांग्रेस-पुलिसकर्मियों में धक्का-मुक्की, पूर्व सभापति ने उतारा शर्ट:सर्किट हाउस के गेट पर चिपकाया ज्ञापन, चूड़ियां रखीं

स्कूल बस से भिड़ी लोक परिवहन की बस:पीछे से आकर टकराई, बच्चों को बैठाने सड़क किनारे रुकी थी बाल-वाहिनी; बड़ा हादसा टला

झुंझुनूं मंडावा मोड़ से चूरू बाईपास जाने वाले मार्ग पर आज सुबह सड़क हादसा हो गया। गांधी नगर के सामने बच्चों से भरी एक स्कूल बस को पीछे से आ रही तेज रफ्तार लोक परिवहन बस ने जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया और सभी बच्चे सुरक्षित हैं। घटना आज सुबह करीब 7:30 बजे की है। जानकारी के अनुसार, टैगोर स्कूल की बस बच्चों को बैठाने के लिए सड़क किनारे रुकी थी। तभी सगीरा सर्किल की ओर से आ रही लोक परिवहन बस बेकाबू होकर स्कूल बस से पीछे से भिड़ गई। देखें मौके की तस्वीरें… महिला गंभीर घायल हादसे के समय सड़क किनारे साफ-सफाई का काम कर रही एक महिला बस की चपेट में आ गई। इस दुर्घटना में महिला के सिर में गंभीर चोट आई है। शम्मी पत्नी जगदीश निवासी तारानगर घायल हो गई। सिर और पैर में चोट आई है। वहीं, लोक परिवहन बस में सवार यात्रियों को मामूली झटके लगे, लेकिन किसी को गंभीर चोट नहीं आई। बच्चे सहमे टक्कर के बाद स्कूल बस में सवार बच्चे डर गए और वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया और वे तुरंत अस्पताल पहुंचे। स्कूल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बच्चों को सुरक्षित निकाल कर दूसरी बस के जरिए स्कूल भेजा। घायलों का उपचार जारी प्राथमिक जानकारी के अनुसार बस में सवार एक बच्चे को हल्की चोट आई है, जिसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाकर उपचार दिया गया। एहतियात के तौर पर कुछ अन्य बच्चों को भी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सफाईकर्मी महिला का गंभीर स्थिति में अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि लोक परिवहन बस का चालक समय पर ब्रेक नहीं लगा सका और हादसा हो गया।

उदयपुर में दिन और रात के तापमान में कमी आई:दोपहर बाद रुक-रुक कर हल्की बारिश, कल भी ऑरेंज अलर्ट, जानिए इस हफ्ते कैसा रहेगा मौसम

उदयपुर में मानसून की एंट्री के बाद से रोजाना रुक-रुक कर बारिश हो रही है। एक दिन पहले रविवार शाम को जिले में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने भी मानसून की सबसे ज्यादा एक्टिविटी वाले जिलों में उदयपुर को शामिल किया है। उदयपुर में आज दोपहर बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम दिनभर बदलता रहा सुबह बादल छाए हुए थे। उसके बाद धूप निकली और इसके बाद फिर बादलों ने डेरा डाला। शाम साढ़े चार बजे बाद शहर में बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश हुई। इस बीच आज उदयपुर का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले रविवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री से. रहा। उदयपुर में दिन और रात, दोनों के तापमान में कमी आई है। न्यूनतम तापमान में अधिक गिरावट दर्ज होने से सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत अधिक ठंडा महसूस हुआ, जबकि दिन का तापमान भी रविवार की तुलना में 1.2 डिग्री से. कम रहा। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने मंगलवार को उदयपुर जिले में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां पर तेज बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम एक्सपर्ट भूगोल विषय के सहायक आचार्य डॉ. आर.एस.देवड़ा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के सिस्टम की वजह से मानसून को अच्छी नमी मिल रही है। इसके चलते पूर्वी तट से लगे क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के दक्षिणी और पूर्वी भाग में वर्षा होगी। मेवाड के अधिकांश हिस्सों में तीन से चार दिनों तक बादल छाए रहने के साथ भारी बारिश की संभावना है। तापमान स्थिर बना रहेगा। उमस वाली गर्मी महसूस होगी
इधर बीते चौबीस घंटे में उदयपुर शहर में सर्वाधिक करीब डेढ़ इंच और बागोलिया बांध और स्वरूपसागर पर एक-एक इंच बारिश हुई है। उदयपुर में आज सुबह 8 बजे तक पिछले चौबीस घंटे की बारिश (मिलीमीटर में) पिछले सात दिनों का उदयपुर का तापमान (डिग्री से. में)

नागौर के पूर्व-सरपंच के भाई की मौत पर बवाल:भाई ने कहा- 5-6 महीने से रची जा रही थी साजिश, 4 घंटे प्रदर्शन के बाद FIR

नागौर की पीह ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच और पूर्व छात्र नेता अमरचंद जाजड़ा के बड़े भाई देवकरण जाजड़ा (35) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। विरोध में सोमवार सुबह से ही अजमेर के जेएलएन (JLN) अस्पताल की मोर्चरी के बाहर परिजनों, ग्रामीणों और समाज के लोगों का भारी धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया। करीब 4 घंटे तक चले इस तीखे विरोध और पुलिस द्वारा हत्या और लूट का मामला दर्ज करने के बाद ही परिजन पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए। मौके पर 2 डीएसपी (DSP) सहित 4 थानों का भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों से लंबी समझाइश की, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। पीह के पूर्व सरपंच अमरचंद जाजड़ा ने कहा- मेरे भाई की मौत सामान्य नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। पिछले पांच-छह महीनों से देवकरण की हत्या की साजिश रची जा रही थी। संदिग्ध लोगों के नाम पुलिस को दिए जा चुके हैं और उन्हें तत्काल हिरासत में लेने की मांग की गई है। मामला व्यापारिक रंजिश से जुड़ा हो सकता है। देवकरण रविवार सुबह करीब 11:30 बजे घर से निकले थे। शाम करीब 4:30 बजे गेगल थाना पुलिस का फोन आया कि उनकी तबीयत खराब होने पर उन्हें जेएलएन (JLN) अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ‘मेरे पीछे पुलिस लगी है… मुझे बचाओ’ पुलिस के अनुसार, रविवार( 5 जुलाई) को चाचियावास गांव के नदी क्षेत्र में देवकरण की लग्जरी कार कीचड़ में फंस गई थी। इसके बाद बदहवास हालत में खेतों की ओर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे लगातार चिल्ला रहे थे कि, “मेरे पीछे पुलिस लगी है… मुझे बचाओ…” इसके बाद वे एक ग्रामीण के मकान में घुस गए, पानी मांगा और काफी घबराए हुए दिखाई दिए। झाड़ियों में छिपने की कोशिश की, अपने सिर पर पत्थर भी मारे और कुछ देर बाद एक मकान की दीवार के पास अचेत होकर गिर पड़े। सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह दर्ज हुई FIR कार्यालय से प्रस्थान और पुलिस का फोन
अमरचंद जाजड़ा ने रिपोर्ट में बताया- मेरा भाई देवकरण जाजड़ा 5 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे अजमेर-नागौर रोड स्थित शिवजी चौराहे पर अपने निजी कार्यालय से कार लेकर निकला था। उस समय उसके पास कार में एक आईपैड, ब्राउन रंग का हैंडबैग, तीन मोबाइल फोन और गाड़ी की चाबी थी। साथ ही, उसने हाथ में सोने का कड़ा और गले में सोने की चेन भी पहन रखी थी। शाम करीब 5 बजे गेगल थाना सीआई नरपतराम का फोन आया कि देवकरण की तबीयत ठीक नहीं है और वे तुरंत जेएलएन अस्पताल पहुंचें। हत्या का षड्यंत्र और कीमती सामान गायब होने का आरोप
देवकरण के साथ उठने-बैठने वाले परिचित लोगों और अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर कोई जहरीला पदार्थ दिया और उसकी हत्या का षड्यंत्र रचा। देवकरण के पास मौजूद आईपैड, हैंडबैग, तीनों मोबाइल फोन, गाड़ी की चाबी, हाथ का सोने का कड़ा और गले की सोने की चेन भी मौके से गायब मिले। अमरचंद ने पुलिस से गायब हुए उक्त कीमती सामान की बरामदगी करने और भाई की हत्या का षड्यंत्र रचने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस जुटा रही वैज्ञानिक साक्ष्य एडिशनल एसपी (ग्रामीण) डॉ. लालचंद कायल ने बताया- परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने की तैयारी की जा रही है। एफएसएल (FSL) टीम ने घटनास्थल, कार और आसपास से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। —— ये खबर भी पढ़िए.. पूर्व सरपंच के भाई की संदिग्ध स्थिति में मौत:आरोप- नशीला पदार्थ देकर की हत्या; अजमेर के जेएलएन अस्पताल में जुटे लोग नागौर के पीह गांव के पूर्व सरपंच और प्रशासक अमरचंद जाजड़ा के भाई देवकरण जाजड़ा की अजमेर में संदिग्ध स्थिति में रविवार को मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर

एलडीसी परीक्षा में खिड़की से पेपर बाहर भेजने का आरोप:प्रशासन ने रिपोर्ट कर्मचारी चयन बोर्ड भेजी, निर्देश अनुसार कार्रवाई होगी

जैसलमेर में रविवार को एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा के दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर लगे नकल के आरोपों के मामले में सोमवार को प्रशासन ने रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों की शिकायतों के आधार पर प्रकरण तैयार कर बोर्ड को भेजा गया है। अब बोर्ड से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रविवार को मॉडल स्कूल सेंटर पर लगे थे आरोप रविवार को सुरक्षा के दावों के बीच जैसलमेर के 19 परीक्षा केंद्रों पर एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा दो पारियों में हुई थी। इसी दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि खिड़की के रास्ते प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को दिया गया। साथ ही प्रशासन पर लापरवाही और खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजकर नकल कराने के गंभीर आरोप भी लगाए गए। इसके बाद सेंटर पर विवाद की स्थिति बन गई। एडीएम पुलिस बल के साथ पहुंचे, वीक्षकों से पूछताछ की घटना की जानकारी मिलने के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) परसाराम सैनी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वीक्षकों से पूछताछ की और परीक्षार्थियों को शांत कराया। साथ ही निष्पक्ष जांच का भरोसा भी दिया। शिकायतों के आधार पर तैयार किया गया प्रकरण सोमवार को प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की। एडीएम परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों द्वारा रिलीवर पर नकल करवाने के लगाए गए आरोपों के आधार पर एक विस्तृत प्रकरण तैयार किया गया है। यह रिपोर्ट सोमवार को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी गई है। बोर्ड के निर्देशों के बाद होगी आगे की कार्रवाई प्रशासन ने साफ किया है कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एडीएम परसाराम सैनी के अनुसार, अब बोर्ड से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार ही आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रविवार को छात्रों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया था, जिस पर अब कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

पति को मारकर गाड़ा, 500-रुपए में सीमेंट का प्लास्टर करवाया:जेठ ने पूछा तो बोली- बागेश्वर धाम गए होंगे; आश्रम में ढूंढते रहे परिजन

पति की हत्या कर बॉडी बाथरूम में गाड़ने वाली रूबी लगातार झूठ बोल रही थी। हर दिन कोई नया बहाना करती और रोने लग जाती। पूछताछ में सामने आया है कि रूबी का पति सुरेंद्र शर्मा (44) अक्सर बागेश्वर धाम जाता रहता था। ऐसे में रूबी से जब जेठ अनिल शर्मा ने सुरेंद्र के बारे में पूछा तो उसने कहा था कि हो सकता है वो बागेश्वर धाम गए हों। अनिल ने पुलिस को बताया कि इसके बाद हम सुरेंद्र को ढूंढने बागेश्वर धाम भी गए, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। वहीं, बाथरूम का प्लास्टर करने वाला मिस्त्री भी सामने आया है। उसने कहा- मुझे 500 रुपए देकर रूबी ने अर्जेंट सीमेंट का प्लास्टर करने को कहा था। जब मैं गया तो वहां प्लास्टर से पहले मिट्टी और कंक्रीट का मलबा समतल किया हुआ था। ब्रीफ में जान लीजिए पूरा मामला घटना आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र की रेणुका धाम कॉलोनी की है। 17 मई को हुए इस हत्याकांड का खुलासा 3 जुलाई को हुआ था। रूबी ने 17 मई की रात को पति सुरेंद्र को डेढ़ दर्जन से ज्यादा नींद की गोलियां खीर में मिलाकर खिलाई थीं। पति की हत्या के बाद रूबी बॉडी को घसीटकर बाथरूम में ले गई थी। इसके बाद हथौड़ी-छेनी से बाथरूम के फर्श पर 3 फीट गहरा गड्ढा कर पति को गाड़ दिया था। ऊपर से सीमेंट का प्लास्टर करवाया और इसी बाथरूम में नहाती रही ताकि किसी को शक न हो। जेठ की शिकायत पर पुलिस ने सर्च किया तो सुरेंद्र की सड़ी-गली लाश मिली। पुलिस ने रूबी को गिरफ्तार कर लिया। अभी रूबी 14 दिन की रिमांड पर है। आरोपी रूबी उत्तर प्रदेश के इटावा की रहने वाली है। वहीं, मृतक सुरेंद्र राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला था। अब ग्राफिक्स से समझिए हत्या की कहानी… 1. खीर खिलाई 2. शव को बाथरूम में गाड़ा 3. मिस्त्री बुला कर फर्श बनवाया 4. पुलिस ने खुदाई करवाई तो निकला कंकाल बागेश्वर धाम आश्रम में ढूंढने गए परिजन अनिल शर्मा ने पुलिस को बताया- हत्या के दूसरे दिन से ही रूबी उसके घर से चले जाने का नाटक करती रही। भाई सुरेंद्र की बागेश्वर धाम में आस्था थी। वह 2 साल से बागेश्वर धाम में होने कार्यक्रमों में अक्सर जाता रहता था। अनिल ने पुलिस को बताया- रूबी 19 मई को जब घर आई थी, हमने फिर सुरेंद्र के बारे में पूछा तो उसने कहा था- हो सकता है वो बागेश्वर धाम गए हों। इसके बाद हमारे परिजन बागेश्वर धाम आश्रम भी गए। वहां एक दिन रुक कर सुरेंद्र के बारे में पूछताछ भी की। सुरेंद्र का कोई पता नहीं चला। धीरे-धीरे रूबी की बातों से शक बढ़ता जा रहा था। जैसे ही उसे कुछ कहते, वह रोने लग जाती थी। रातभर सो नहीं पाया प्लास्टर करने वाला मिस्त्री इधर, बाथरूम में प्लास्टर करने वाले राजमिस्त्री रवि और लेबर दिनेश भी सामने आए हैं। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रवि ने कहा- जैसे ही मुझे हत्याकांड के बारे में मालूम चला, मैं पूरी रात सो नहीं पाया। प्लास्टर के 500 रुपए मिले थे रवि से पूछताछ में सामने आया कि उसने 500 रुपए में बाथरूम का फर्श तैयार किया था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि जहां वह प्लास्टर कर रहा है, उसके नीचे कोई लाश भी है। उसी की गली की रहने वाली एक महिला ने रूबी से उसका संपर्क करवाया था। हत्या वाले दिन दोपहर में रूबी ने रवि को घर बुलाया था। तब रवि के पास समय नहीं था, इसलिए शाम करीब 6 बजे रूबी के घर पहुंचा। रवि जब घर पहुंचा तो रूबी ने मिट्टी का लेवल किया हुआ था। रूबी खुद ही मोरंग (बालू) और सीमेंट बाजार से खरीद लाई थी। रूबी ने रवि को बताया था कि उसने फर्श पर मिट्टी डालकर कूट दिया है। इससे लेवल (समतल) हो गया है। रवि को सिर्फ सीमेंट का प्लास्टर करना था। इसके वह 500 रुपए दे देगी। प्लास्टर करते समय नहीं लगा कि नीचे लाश दफन है रवि ने करीब 2 घंटे में काम को पूरा कर लिया और अपनी मजदूरी लेकर घर चला गया। रवि को प्लास्टर करते समय बिल्कुल नहीं लगा कि बाथरूम में लाश दफन है। इसके अलावा रूबी के चेहरे के हाव-भाव भी बिल्कुल ठीक थे। इसलिए रवि को रूबी पर कोई शक नहीं हुआ। पुलिस रूबी से मामले में पूछताछ कर रही है और ये भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या उसके साथ कोई और भी शामिल था। … हत्याकांड से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 3 फीट के गड्ढे में गाड़ी थी पति की लाश:बॉडी को घसीटकर बाथरूम तक लाई, हथौड़ी-छेनी से टाइल्स तोड़कर खुदाई की पति की हत्या कर शव को बाथरूम में दफनाया:टाइल्स लगवाईं, वहीं रोजाना नहाती रही; खीर में नींद की गोली खिलाकर मर्डर किया