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संत और पुजारी बोले- भाजपा राज में हम सुरक्षित नहीं:मंदिरों की जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे, रोकने पर मारपीट हो रही

सीकर में आज पुजारी, संत और महंत कलेक्ट्रेट पहुंचे। संतों के साथ हो रही हिंसक घटनाओं के विरोध में आक्रोश जताया है। पुजारियों और संतों ने कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर कहा कि अजीब बात है कि भाजपा के राज में ही पुजारी और संत-महंत सुरक्षित नहीं हैं। संतों ने कहा- गनेड़ी में एक मंदिर के पुजारी पर जानलेवा हमले और रानोली में एक पुजारी के सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या करने के मामले में कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में दूजोद के रघुनाथजी मंदिर का रास्ता खुलवाने की मांग भी की गई। संतों ने ज्ञापन देकर कहा कि सीकर जिले में विभिन्न मंदिर के पुजारियों पर जानलेवा हमले, मानसिक प्रताड़ना और मंदिर की जमीनों पर अवैध अतिक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पुजारी ने मंदिर की जमीन पर कब्जे का विरोध किया तो मारपीट हुई लोहार्गल के अवधेशदास महाराज ने कहा- सीकर के गनेड़ी गांव में महंत श्रीराम प्रपन्नाचार्य पर असामाजिक तत्वों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी मंदिर की कीमती जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहे थे। पुजारी और उनके परिवार ने इसका विरोध किया तो लाठी-डंडों से हमला बोल दिया गया। इस खूनी संघर्ष में पुजारी के बेटे का हाथ बुरी तरह तोड़ दिया गया। नेछवा पुलिस थाने में नामजद मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सूदखोरों से परेशान पुजारी ने आत्महत्या की लड्‌डू गोपालदास महाराज ने कहा- शिश्यूं रानोली में लक्ष्मीनारायण मंदिर के पुजारी रामावतार शर्मा ने सूदखोरों और असामाजिक तत्वों की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। भूमाफिया और सूदखोर लंबे समय से पुजारी को मन्दिर से जुड़ी जमीनों को लेकर परेशान कर रहे थे। वहीं, दूजोद गांव में जिला कलेक्टर के आदेश के बावजूद रघुनाथजी महाराज मंदिर की जमीन के रास्ते को असामाजिक तत्त्वों ने रोक दिया। तीनों मामले में कार्रवाई की मांग पुजारियों व संत-महंतों ने कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर तीनों मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में माधवदास महाराज, पुजारी सेवक महासंघ के सीकर जिलाध्यक्ष शंकरलाल शर्मा, महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा, शत्रुघ्नदास महाराज, पारसारनाथ महाराज समेत कई पुजारी व संत-महंत शामिल थे।

बारां में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 16 जुलाई को:पुरी की तर्ज पर निकलेगा विशेष रथ, समिति ने साझा की रूपरेखा

बारां शहर में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा का आयोजन 16 जुलाई को पुरी की तर्ज पर किया जाएगा। वर्ष 2000 से चली आ रही इस परंपरा के तहत शाम 4 बजे मेला मैदान स्थित श्री प्यारे रामजी महाराज मंदिर से यात्रा शुरू होगी। विशेष रूप से तैयार रथ में भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन सुभद्रा विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। यात्रा मार्ग पर पुष्पवर्षा, महाआरती, आकर्षक सजावट और भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। वर्ष 2000 से निभाई जा रही परंपरा श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव समिति अध्यक्ष नृसिंह नागर ने बताया कि बारां में रथ यात्रा की शुरुआत वर्ष 2000 में हुई थी। तब से यह यात्रा हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जा रही है। पुरी की परंपरा के अनुरूप प्रत्येक 12 वर्ष में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं का परिवर्तन कर विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा भी की जाती है। इन मार्गों से होकर निकलेगी रथ यात्रा कार्यक्रम संयोजक छोटूलाल सुमन ने बताया कि 16 जुलाई को शाम 4 बजे पूज्य संतों द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद यात्रा रवाना होगी। रथ यात्रा धर्मादा चौराहा, सदर बाजार, चौमुखा बाजार, श्रीजी मंदिर, सब्जी मंडी, इंदिरा मार्केट और पुलिस चौकी के पीछे से होते हुए दीनदयाल पार्क पहुंचेगी। इसके बाद प्रताप चौक पर महाआरती और भव्य आतिशबाजी के साथ यात्रा का समापन होगा। विशेष आकर्षण और स्वागत की तैयारियां समिति के सचिव मनोज शर्मा ने बताया कि इस वर्ष रथ यात्रा को अधिक आकर्षक बनाने के लिए विशेष इवेंट आधारित प्रस्तुतियां शामिल की गई हैं। पूरे यात्रा मार्ग को सजाया जाएगा। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठन जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान के रथ का स्वागत करेंगे। करीब एक दर्जन स्थानों पर भगवान की आरती और पूजन भी होगा। सुरक्षा के रहेंगे विशेष इंतजाम रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस प्रशासन के साथ शहर की अखाड़ा समितियां भी व्यवस्था संभालने में सहयोग करेंगी। शहरवासियों से की सहभागिता की अपील आचार्य परमानंद ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रथ यात्रा में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने और धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का भी प्रतीक है। पत्रकार वार्ता में समिति अध्यक्ष नृसिंह नागर, सचिव मनोज शर्मा, कोषाध्यक्ष योगेश सोनी, कार्यक्रम संयोजक छोटूलाल सुमन, उपाध्यक्ष सत्यनारायण गर्ग, आचार्य परमानंद, ओमप्रकाश सारस्वत, कमल नागर, रमेशचंद्र यादव, हिंदू अखाड़ा समिति के जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा (नेपाली), बृजगोविंद टेलर, शिवशंकर चतुर्वेदी, गौरव चैरसिया, पुरुषोत्तम नामा सहित समिति के सदस्य एवं शहर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

सीकर में 24-साल की युवती का दोस्तों ने किया गैंगरेप:अश्लील वीडियो बनाया, सोशल मीडिया जरिए आरोपी से हुई थी दोस्ती

सीकर में दो दोस्तों ने मिलकर 24 साल की युवती से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने युवती का अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। युवक की सोशल मीडिया के जरिए युवती से दोस्ती हुई थी। आरोपी ने मिलने के बहाने बुलाया और दोस्त के साथ मिलकर गैंगरेप किया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती को ब्लैकमेल कर बार-बार आरोपी रेप करते रहे। इससे परेशान होकर युवती ने आरोपियों के खिलाफ थाने में गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस जांच में जुट गई है। आरोपियों ने युवती के अश्लील वीडियो भी बनाया 24 साल की युवती ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उसकी सोशल मीडिया पर एक युवक से बातचीत होती थी। उस युवक ने युवती को मिलने के लिए बुलाया। वहां युवक और उसके दोस्त ने उसके साथ गैंगरेप किया। आरोपियों ने गैंगरेप के दौरान अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। फिर इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर युवती के साथ अलग-अलग जगह रेप किया। जब भी युवती मना करती तो आरोपी वीडियो को वायरल करने की धमकी देते। ऐसे में युवती डर गई थी। पहले तो उसने यह बात किसी को नहीं बताई। आखिर में परेशान होकर युवती ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। मामले की जांच DSP लेवल रैंक के ऑफिसर कर रहे हैं। 20 साल के युवक ने किया सुसाइड दूसरी तरफ सीकर के जीणमाता थाना इलाके में 20 साल के युवक ने फांसी के फंदे पर लटककर सुसाइड कर लिया। युवक रविवार सुबह से घर से लापता था। युवक का नाम अंकित मीणा है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, युवक का शव पुलिस को जोहड़ में पेड़ पर फंदे से लटका मिला। युवक का मोबाइल भी फ्लाइट मोड पर था। मौके से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है।

पांचना बांध के 3 गेट खोलकर की पानी की निकासी:मंत्री रावत और बेढम ने दबाया बटन, 2 नई लिफ्ट परियोजनाओं का भी शिलान्यास

करौली जिले में पांचना बांध के 3 गेट खोलकर पानी की निकासी सोमवार को की गई। जल संसाधन व सिंचाई मंत्री सुरेश रावत, गृह राज्य मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने बटन दबाकर बांध के गेट खोले। बांध के 3 गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी की निकासी शुरू की गई।
चाबी से गेट खोलकर बांध की नहरों में पानी छोड़ा गया। इसके साथ ही गुडला पांचना लिफ्ट में भी बटन दबाकर पानी छोड़ने की शुरुआत की गई।
इस तरह पांचना बांध से एक साथ 3 क्षेत्रों में पानी की निकासी शुरू की गई। इसके साथ ही बांध से जुड़ा पानी निकासी का 20 साल पुराना विवाद भी खत्म हो गया। लिफ्ट परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया
इससे पहले बांध से पानी निकासी के लिए 2 नई लिफ्ट परियोजनाओं और गुड़ला लिफ्ट परियोजना की पीडीएन सिस्टम रिमॉडलिंग का शिलान्यास भी किया गया। इन परियोजनाओं पर 61 लाख रुपए की लागत आएगी। इस दौरान करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर समेत कई जनप्रतिनिधि और लोग समारोह में मौजूद रहे। यह समारोह पहाड़ी गांव स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित किया गया है।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल, संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया, आईजी कैलाश बिश्नोई, कलेक्टर अक्षय गोदारा और एसपी लोकेश सोनवाल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पांचना गुडला संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक धाबाई और जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता भुवन भास्कर, भाजपा जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह, भाजपा की करौली-धौलपुर लोकसभा प्रत्याशी रहीं इंदु देवी और पूर्व विधायक हिंडौन राजकुमारी भी मौजूद रहे। इन फोटोज में देखिए समारोह के जुड़ी झलकियां यह खबर भी पढ़ें…
20 साल पुराने पांचना-बांध जल विवाद पर बनी सहमति:जयपुर में किरोड़ी समेत 3 मंत्रियों ने दोनों पक्षों से की वार्ता, 6 जुलाई तक खुलेगा पानी पांचना-बांध विवाद पर हाईकोर्ट नाराज, कहा-पानी क्यों नहीं दे रहे:15 दिन का दिया समय; कलेक्टर को कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा पांचना डैम पर किरोड़ी की चेतावनी, सीएम को लिखी चिट्ठी:बोले-नहरों में तुरंत पानी छुड़वाएं, नहीं तो मुझे मजबूरन कुछ कदम उठाना पड़ेगा दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक लगातार तीसरे दिन किया जाम:पटरी पर महिलाओं का डांस, 200 ट्रैक्टर-JCB के साथ पहुंचे किसान दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर आए किसान:डेढ़ घंटे तक फाटक को बंद नहीं होने दिया, पुलिस-प्रशासनिक अफसर पहुंचे

कोटपूतली में आर्य समाज की नई कार्यकारिणी का गठन:डॉ. हरीश कुमार बने प्रधान, रामकुमार आर्य संरक्षक नियुक्त

कोटपूतली के खरकड़ी रोड स्थित वैदिक आश्रम में आर्य समाज की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इस दौरान डॉ. हरीश कुमार को सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया। बैठक की अध्यक्षता जगदीश आर्य ने की। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए पूर्व प्रधान रामकुमार आर्य को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ अशोक आर्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ कराकर किया गया। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने आम सहमति से नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का चयन किया। निर्वाचन अधिकारी रामकुमार आर्य ने नई कार्यकारिणी की आधिकारिक घोषणा की। इसमें रामकुमार आर्य को संरक्षक, डॉ. हरीश कुमार को प्रधान, नीतेश कुमार आर्य को उपप्रधान, सत्यदेव आर्य को मंत्री, शीशराम यादव को कोषाध्यक्ष, श्रीकांत को पुस्तकालय अध्यक्ष, ताराचंद आर्य को आर्यवीर अधिष्ठाता और अशोक आर्य को वैदिक प्रवक्ता चुना गया। इस अवसर पर सुनील कुमार, पूर्व प्रधानाचार्य रामेश्वर प्रसाद गुर्जर, लालचंद गुर्जर, नेतराम सैनी और अजीत सैनी ने आर्य समाज की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने आर्य समाज के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार, वैदिक संस्कृति के संरक्षण, शिक्षा और संस्कारों के विस्तार के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक में धर्मपाल आर्य, हंसराज मुक्कड़, बहादुर सिंह आर्य, ब्रह्मदेव कोकचा, चंद्रशेखर और आर्यन सहित कई लोग उपस्थित रहे।

श्रीगंगानगर जिले के लोग बिजली कटौती से परेशान:बोले- रात को बार- बार हो रहा पावरकट; कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया

भीषण गर्मी और उमस के मौसम में बिजली कटौती की मार झेल रहे ग्रामीणों ने सोमवार को श्रीगंगानगर जिला कलेक्ट्रेट में विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और मुर्दाबाद के नारे लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले कई दिनों से पूरे जिले में बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। खासकर जीएसएस कालियां से जुड़े गांवों में बार-बार अवैध कट लगाए जा रहे हैं, जिससे किसान और आमजन बेहाल हैं। किसान नेता संतवीर सिंह ने कहा- कालियां और मोहनपुरा क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिजली के अवैध कट लगाए जा रहे हैं। जीएसएस कालियां से 6 वार्ड सहित तहसील और जिले के कई गांवों को बिजली मिलती है, लेकिन पिछले कई दिनों से आपूर्ति बेहद खराब है। गर्मी के इस मौसम में बार-बार कट लगने से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि 11 हजार वोल्ट की तारें कई जगहों पर काफी ढीली हो चुकी हैं। कई बिजली खंभे टूटे हुए हैं और तारें लगभग जमीन को छू रही हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। हमने संबंधित अधिकारियों को कई बार इसके बारे में बताया, लेकिन प्रशासन किसी हादसे का इंतजार कर रहा है। वहीं, श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर और लालगढ़ जाटान क्षेत्र में भी बिजली विभाग की मनमानी चल रही है। रात के समय सैकड़ों बार बिना वजह बिजली काट दी जाती है। गर्मी और उमस में लोगों का जीना हराम हो चुका है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर आने वाले दिनों में बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो पूरे जिले में उग्र विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर प्रधान बॉबी बराड, मोहनपुरा, सुखप्रीत सिंह, डायरेक्टर जिला परिषद, सुखचरण सिंह, जस्सा भुंदड, संतवीर सिंह, मंदर बराड, अमृतपाल सिंह, नेकराम पूर्व सरपंच सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

बूंदी विधायक ने शहरी सेवा शिविर को बताया विफल:कहा- सरकार के अभियान में तैयारी की कमी, निरीक्षण में मिली कई कमियां

बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने बूंदी नगर परिषद में आयोजित शहरी सेवा शिविर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें शिविर में कई कमियां मिलीं। विधायक शर्मा ने इस अभियान को ‘पूर्णतया विफल’ बताया। शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने बिना पर्याप्त तैयारी के जल्दबाजी में यह अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के अभियानों में जैसी तैयारी होती थी, वैसी वर्तमान में नहीं दिख रही। अधिकारियों को भी परेशानी हो रही है और केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। अभियान को बंद करने की दी सलाह
उन्होंने बताया कि पिछली सरकार में लाखों पट्टे दिए गए थे, जबकि वर्तमान अभियान में सैकड़ों की संख्या भी पार नहीं हुई है। विधायक ने सरकार को बिना तैयारी के चल रहे इस अभियान को बंद करने की सलाह दी। विधायक शर्मा के शिविर में पहुंचते ही, कई आवेदनकर्ताओं ने अपने काम नहीं होने की शिकायत की। उन्होंने विधायक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रार्थना पत्र सौंपे। इस पर विधायक शर्मा ने नगर परिषद आयुक्त को तत्काल इन कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया। विधायक ने आयुक्त को दिए निर्देश
विधायक शर्मा ने आयुक्त से शिविर में विभिन्न योजनाओं से संबंधित आंकड़े भी मांगे। उन्होंने आयुक्त को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी पट्टों और अन्य कार्यों के आवेदनों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।
आयुक्त ने विधायक शर्मा को आश्वासन दिया कि नियमानुसार प्राप्त सभी आवेदनों का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद प्रेम प्रकाश एवरग्रीन, समाजसेवी संजय शर्मा और विशाल शर्मा भी विधायक के साथ मौजूद रहे।

बिजली-कनेक्शन के लिए अब नहीं काटने होंगे दफ्तर के चक्कर:जयपुर डिस्कॉम में बिजली सेवाएं हुईं ऑनलाइन, हर स्तर पर तय होगी जिम्मेदारी, जानिए कैसे

जयपुर डिस्कॉम के बिजली उपभोक्ताओं को अब नया कनेक्शन, बिजली लोड बढ़ाने और कनेक्शन डिस्कनेक्ट करने के लिए बिजली दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। डिस्कॉम ने इन सुविधाओं को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया है। इसके तहत अब बिजली का नया कनेक्शन, बिजली लोड बढ़ाने और कनेक्शन डिस्कनेक्ट करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। सभी आवेदन निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे और हर स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। नई व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना, फाइलों में होने वाली देरी खत्म करना और तय समय में सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए आवेदन से लेकर स्वीकृति और कार्य पूरा होने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से मॉनिटर की जाएगी। आवेदन के बाद ऐसे होगी कार्रवाई ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी दस्तावेजों की जांच करेंगे। आवश्यकता होने पर मौके का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में बिजली लाइन, ट्रांसफार्मर की उपलब्ध क्षमता और तकनीकी मानकों की जांच होगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ऑनलाइन स्वीकृति जारी की जाएगी और निर्धारित समय में कार्य पूरा कराया जाएगा। हर अधिकारी की तय होगी जिम्मेदारी SOP में सहायक अभियंता (AEN), कनिष्ठ अभियंता (JEN), कार्यालय स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं। किस अधिकारी को आवेदन जांचना है, किसे निरीक्षण करना है और किसे अंतिम स्वीकृति देनी है, इसकी पूरी कार्यप्रणाली निर्धारित कर दी गई है। इससे किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी होने पर जवाबदेही तय की जा सकेगी। शिकायतों के निस्तारण पर भी जोर नई व्यवस्था में केवल आवेदन प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि शिकायतों के समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाए और सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट किए जाएं। उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा? नई SOP लागू होने से नए कनेक्शन और लोड बढ़ाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी होगी। उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा, आवेदन की स्थिति ऑनलाइन पता चल सकेगी और तय समय में सेवाएं मिलने से अनावश्यक देरी और शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है।

5000 में घर चलाएं या 3000 रुपए किराया दें:तबादले-वेतन कटौती से नाराज सफाई कर्मचारियों ने निकाली रैली, प्रशासन को दिया अल्टीमेटम

अजमेर नगर निगम में कार्यरत स्थाई और अस्थाई सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन पर उतर चुके हैं। सोमवार को वाल्मीकि समाज संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने डाक बंगले से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली निकाली। कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए 24 घंटे के भीतर मांगों पर निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी। इसके तहत सामूहिक अवकाश, झाड़ू डाउन आंदोलन, अधिकारियों का घेराव और पूर्ण हड़ताल जैसे कदम उठाए जाएंगे। तबादलों और वेतन कटौती पर जताया विरोध संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन सफाई कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि स्थाई और अस्थाई सफाई कर्मचारियों को 1 जून 2026 से पहले की तरह उनके मूल वार्डों और मुख्य मार्गों पर ही तैनात किया जाए। इसके साथ ही 2 जुलाई 2026 को उपायुक्त द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश को तत्काल रद्द करने, अस्थाई कर्मचारियों के पेंडिंग भुगतान की व्यवस्था करने और ठेकेदार द्वारा वेतन से काटे गए दो-दो हजार रुपए वापस दिलाने की मांग भी की गई। कर्मचारियों ने पूर्व में जिलाधीश की मौजूदगी में हुए समझौते का हवाला देते हुए बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था समाप्त कर पहले की तरह उपस्थिति दर्ज करने की मांग रखी। वहीं स्वास्थ्य निरीक्षक, जमादार और सफाई कर्मचारियों के स्थानांतरण से पहले ट्रेड यूनियन को विश्वास में लेने की भी मांग की गई। 5000 में घर चलाएं या ₹3000 किराया दें’ कर्मचारी नेता सन्नी गोयर ने कहा कि नगर निगम प्रशासन लगातार वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों पर अत्याचार कर रहा है। कर्मचारियों के कार्यस्थल दूर-दराज के क्षेत्रों में बदल दिए गए हैं, जिससे आने-जाने में ही करीब तीन हजार रुपए खर्च हो जाएंगे।
उन्होंने कहा, “एक कच्चा कर्मचारी पांच हजार रुपए में अपना घर चलाए, बच्चों का पालन-पोषण करे या आने-जाने का किराया दे? प्रशासन कर्मचारियों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है।” गोयर ने कहा कि प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया गया है। यदि समाधान नहीं हुआ तो होटल, अस्पताल सहित पूरे शहर में सफाई कार्य बंद कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। उग्र आंदोलन की चेतावनी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुकेश हेनवाल, उपाध्यक्ष विजय कुमार धंजा, सन्नी गोयर, सुमित गोडाले और महामंत्री संजय सोनवाल सहित अन्य पदाधिकारियों के सिग्नेचर वाले ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी नहीं होने पर सफाई कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर पूर्ण हड़ताल करेंगे। इसके अलावा अधिकारियों का घेराव, गेट मीटिंग और झाड़ू डाउन आंदोलन भी किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

कैप्टन के पिता ने बेटे को पीटा,महिला टंकी पर चढ़ी-VIDEO:बोली- शादी में फोटोग्राफी की थी, घर बुलाकर मारपीट कर लेपटॉप-मोबाइल छीना

अलवर शहर में एक महिला पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि आर्मी कैप्टन के पिता ने उसके फोटोग्राफर बेटे के साथ मारपीट की। उसे घर पर बुलाकर जबरन मोबाइल और लेपटॉप छीन लिया। अरावली विहार थाने में 2 महीने पहले शिकायत दी थी। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। तब तंग आकर उसे यह कदम उठाना पड़ा। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि कैप्टन की शादी के लिए फोटोग्राफी के लिए 71 हजार रुपए तय हुए थे, जिसमें से हमने 55 हजार रुपए दे दिए थे। इसके बाद भी फोटोग्राफर ने ज्यादा पैसों की डिमांड की। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने महिला से समझाइश कर 30 मिनट बाद टंकी से नीचे उतारा।
कैप्टन के परिवार पर फोटोग्राफर को बंधक बनाने का आरोप शहर के यशवंत सीनियर सैकंडरी स्कूल में सोमवार सुबह तिजारा फाटक निवासी महिला मिथलेश सुबह करीब 11 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गई। काफी समझाइश के बाद उसे नीचे उतारा गया। टंकी से नीचे उतरने के बाद महिला रोती रही। महिला के बेटे दीपक ने बताया कि 30 अप्रैल को आर्मी कैप्टन की शादी में केवल अलवर के कार्यक्रम के लिए फोटोग्राफी की बुकिंग तय हुई थी, जिसे मैंने पूरा कर दिया। आखिरी वक्त में उन्होंने गुरुग्राम चलने का दबाव बनाया। “शादी के बाद डाटा देने के लिए उन्होंने मुझे घर बुलाया। वहां कैप्टन के पिता ने मुझे धमकाया कि ‘CO से फोन करवाकर थाने में इलाज करवा दूंगा’।” उन्होंने मेरा आईफोन, लेपटॉप और डाटा पेन ड्राइव छीन लिया। इसके बदले में मुझसे 2 लाख रुपए का चेक मांगा गया। जब मैंने मना किया तो मारपीट कर खाली कागज पर जबरन लिखवा लिया कि ‘’मैं अपनी मर्जी से सामान छोड़ कर जा रहा हूं।” पीड़ित महिला का आरोप है कि अरावली विहार थाने में रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें फटकार कर भगा दिया। डेढ़-दो महीने तक कोई सुनवाई नहीं होने पर मजबूरी में मां को टंकी पर चढ़ना पड़ा। कैप्टन की मां बोली- 71 हजार तय थे, 55 हजार दे चुके दूसरी पक्ष की महिला प्रेमवती (कैप्टन की मां) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए फोटोग्राफर पर ही धोखा देने का आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि “मेरा बेटा कैप्टन है और बहू लेफ्टिनेंट। फोटोग्राफी के लिए 71 हजार रुपए तय हुए थे, जिसमें से हमने 55 हजार रुपए (40 हजार लग्न पर, 11 हजार एडवांस और बाकी बारात के दिन) दे दिए थे। इसके बावजूद बारात जब बड़ौदामेव पहुंची, तो उसने और पैसों की मांग की। फिर फोन बंद कर दिया। इस कारण गुरुग्राम में ऐन वक्त पर दूसरा फोटोग्राफर एडवांस देकर बुलाना पड़ा, जिससे हमारा नुकसान हुआ। प्रेमवती का दावा है कि दीपक का सामान उनके पास सुरक्षित है। तीनों मां-बेटे खुद हिसाब करने आए थे और दीपक ने खुद लिखकर दिया था कि वह ‘डेढ़ लाख रुपए देकर अपना सामान ले जाएगा।’ ऐसा लिखते हुए उनका वीडियो भी बनाया गया है।