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बेटे ने पिता को डंडों से पीटकर मार डाला:साले और ससुर के साथ घर में घुसा था, जमीन के रुपयों को लेकर विवाद था

बाड़मेर में बेटे ने अपने ससुर और साले के साथ मिलकर पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। बुरी तरह घायल पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 60 साल के पिता ने अपने हिस्से की जमीन बेची थी। बेटा वो रुपए मांग रहा था। बुधवार रात को रुपयों के लेनदेन को लेकर वह अपने साले, ससुर समेत 6-7 लोगों को लेकर अपने पिता के घर पहुंच गया। इस दौरान दोनों के बीच बहस हो गई। जिससे उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ​पिता पर हमला कर दिया। घटना बाड़मेर जिले के सदर थाना इलाके शोभाला जेतमाल गांव के सियोलो की ढाणी बुधवार रात की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में ​रखवाया। रुपयों को लेकर अनबन थी मृतक के भाई किस्तुराराम ने बताया- शोभाला जैतमाल गांव के सियोलों की ढाणी निवासी किसान रावताराम (60) पुत्र भारमल के तीन बेटे हैं। दूसरे नंबर के बेटा रेखाराम पिता से अलग रहता है। इनके बीच में काफी समय से रुपयों को लेकर अनबन चल रही थी। किस्तुराराम ने बताया- इसे लेकर रेखाराम और उसके साले, ससुर और 6-7 लोगों को लेकर बुधवार रात को अपने पिता रावताराम के घर पर पहुंचे। वहां किसी बात को लेकर बहस हो गई। तभी रेखाराम ने अपने पिता पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले से रावताराम गंभीर रूप से घायल हो गए। बेटे और परिजनों ने घायल हालात में रावताराम को बाड़मेर जिला हॉस्पिटल लेकर आए। जहां उन्हें गंभीर हालात में भर्ती करवाया गया। इस दौरान गुरुवार को सुबह रावताराम की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेटा रेखाराम टैक्सी चलता है जानकारी के अनुसार आरोपी बेटा रेखाराम टैक्सी चलाता है। इससे एक बड़ा भाई है। वह भी अलग रहता है। वहीं छोटे भाई के साथ पिता रहता है। मृतक के भाई किस्तुराराम ने बताया- रावताराम ने अपने नाम की जमीन बेची थी। उसके रुपए को लेकर विवाद था। इस दौरान सदर थाना SHO करतार सिंह ने बताया- भाई की रिपोर्ट पर बेटा, उसके साले और ससुर सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम कार्रवाई चल रही है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।

सिंगर ने किया सुसाइड, लिखा- पैसों के लिए परेशान किया:गाने-बजाने का सामान भी छीन लिया; मेरा किसी ने साथ नहीं दिया

बारां के लोकल गायक कलाकार (सिंगर) कुलदीप महावर (25) ने कर्ज से परेशान होकर सेल्फॉस खाकर सुसाइड कर लिया। सुसाइड से पहले उसने एक नोट भी लिखा, जिसमें परेशान करने वालों के नाम लिखे हैं। सिंगर कुलदीप सेल्फॉस खाने के बाद दोस्त विनोद के घर चला गया। तबीयत बिगड़ने पर दोस्त से हॉस्पिटल ले जाने को कहा। बुधवार शाम बारां हॉस्पिटल से रेफर होकर आए सिंगर को कोटा हॉस्पिटल में मृत घोषित कर दिया। घटना बारां शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र की है। परिजनों की मौजूदगी में आज सिंगर के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। गायक कलाकर कुलदीप बारां में लंका कॉलोनी का रहने वाला था। उसने सुसाइड नोट में परेशान करने वालों के नाम लिखे हैं। अलविदा सबको कुलदीप ने नोट में लिखा- बंटी सुमन, अंकुश शर्मा, हेमंत राव इन लोगों ने परेशान कर दिया। मेरे पास देने को पैसे भी नहीं है। मेरा किसी ने साथ नहीं दिया, अलविदा सबको। मेरी प्यारी मम्मी, भाई, दादी चाचा, नाना, मामा सबसे मिलने जरूर आऊंगा। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है’। दोस्त से बोला-हॉस्पिटल ले चलो दोस्त विनोद ने बताया कि कुलदीप जागरण व धार्मिक प्रोग्राम करता था। उसके पास गाने-बजाने के सामान थे। वह बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे मेरे घर आया। उसने कहा मेरा बीपी लो हो रहा है। उसने 50 रुपए दिए और ईनो का पैकेट मंगवाया। आधे घंटे बाद उसके मुंह से झाग निकलना शुरू हो गए। कोटा हॉस्पिटल लाते ही दम तोड़ दिया कुलदीप ने कहा कि मुझे हॉस्पिटल ले चलो। उसकी मां और छोटा भाई काम पर गए हुए थे, उन्हें फोन कर बुलाया। उसके बाद उसे बारां हॉस्पिटल लाए। हॉस्पिटल में डॉक्टर के पूछने पर कुलदीप ने सेल्फॉस खाने की बात कही। बारां से शाम को करीब 5 बजे उसे कोटा रेफर किया। कोटा हॉस्पिटल लाते ही उसने दम तोड़ दिया। तीन-चार दिन से परेशान था कुलदीप मां ममता ने बताया कि तीन-चार दिन से कुलदीप परेशान था। पूछने पर भी उसने कोई बात नहीं बताई। आज सुसाइड नोट पढ़कर पता लगा कि उसने 3-4 लाख का कर्ज ले रखा था। ये पता नहीं किस-किस से कर्जा लिया था। उसके पास जागरण में गाने-बजाने के सामान थे। चार-पांच दिन पहले सामान को कोई छीनकर ले गया। कुलदीप को फोन पर धमकियां मिल रही थी। सुसाइड नोट को जांच में शामिल करेंगे बारां कोतवाली थाने के ASI जमनालाल ने बताया कि हॉस्पिटल से युवक के जहर खाने की सूचना मिली थी। तबीयत बिगड़ने से कोटा में उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने रिपोर्ट दी है, जिसमें जहर खाने से तबीयत बिगड़ने की बात लिखी है। साथ ही एक सुसाइड नोट मिलना बताया है। उसे जांच में शामिल करेंगे।

राजस्थान के 2 जिलों में इंटरनेट बंद:पांचना बांध के पानी को लेकर किसानों का आंदोलन; सोशल मीडिया पोस्ट से गर्माया माहौल

करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे आंदोलन के कारण इंटरनेट बंद है। रात 12 बजे से पूरे जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इसके अलावा सवाई माधोपुर जिले की 3 तहसीलों गंगापुर सिटी, बामनवास और वजीरपुर में भी इंटरनेट बंद है। दरअसल, पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के बाद भी कमांड एरिया में पानी नहीं पहुंचा था। इससे नाराज किसानों ने करौली-सवाई माधोपुर जिले के कई गांवों में धरना-प्रदर्शन किया और नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे के साथ ही अन्य प्रमुख रास्ते बंद कर दिए थे। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियों के बाद माहौल गर्मा गया था। पुलिस ने 2 समाजों के कुछ लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए। सोशल मीडिया पर भड़काऊ और अभद्र टिप्पणियां रोकने के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने, भड़काऊ सामग्री शेयर करने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मंत्रियों के आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की अध्यक्षता में गुरुवार अलसुबह 3 से 4 बजे के बीच गंगापुर सिटी में बैठक हुई, जिसमें दोनों जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कमांड क्षेत्र के किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। किसानों ने समयबद्ध जल वितरण, नहरों की मरम्मत, तकनीकी खामियों के स्थायी समाधान, पारदर्शी जल प्रबंधन और भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने सहित कई सुझाव सरकार के समक्ष रखे। मंत्रियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी उचित मांगों पर सकारात्मक और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि पांचना परियोजना के टेस्ट रन के दौरान सामने आई तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान किया जा रहा है, ताकि भविष्य में सिंचाई व्यवस्था प्रभावित न हो। 20 साल बाद खुले गेट, 7 दिन में मरम्मत के निर्देश
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा- करीब 20 साल बाद बांध के गेट खुलने के कारण तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने किसानों को हुई असुविधा पर खेद जताते हुए अधिकारियों को सभी गेटों और संबंधित संरचनाओं की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत 7 दिनों में पूरी करने के निर्देश दिए। 17-18 जुलाई को होगा दोबारा परीक्षण
मंत्री रावत ने बताया कि 17-18 जुलाई को किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बांध के गेटों का पुनः परीक्षण किया जाएगा। साथ ही कमांड एरिया की नहरों में पानी छोड़कर पूरी सिंचाई व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा, ताकि किसानों को निर्बाध सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा सके। प्रमुख मांगों पर सहमति के बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया और गंगापुर सिटी-हिंडौन मार्ग पर कुसाय और मेडी पास में लगा जाम खोल दिया। मंत्री किरोड़ीलाल ने धरनास्थलों पर किसानों से बात की
इससे पहले कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने आधी रात को विभिन्न धरनास्थलों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि सरकार कमांड और कैचमेंट क्षेत्र के सभी किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। किरोड़ीलाल मीणा ने किसानों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए भ्रामक सोशल मीडिया संदेशों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा- कुछ लोग माहौल को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। यह खबर भी पढ़े… 1. 2-जिलों में 40-घंटे से ज्यादा समय से कई रास्ते बंद:पांचना बांध से छोड़ा पानी नहरों में नहीं पहुंचने से किसान नाराज; हाईवे पर भी जाम
करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आंदोलन में बदल गया। नहरों में पानी छोड़ने के बाद भी किसानों ने कई स्थानों पर जाम लगा दिए। करौली और सवाई माधोपुर जिलों के कई रास्तों पर 40 घंटे से ज्यादा समय से ट्रैफिक जाम रहा। (पूरी खबर पढ़ें) 2. पांचना बांध से 20 साल बाद छोड़ा गया पानी:74 गांवों के बीच चल रहा था विवाद, लिफ्ट परियोजनाओं का भी शिलान्यास करौली जिले के पांचना बांध से 20 साल बाद 6 जुलाई को पानी छोड़ा गया। बांध के 3 गेट खोलकर गंभीरी नदी में पानी की निकासी शुरू की गई। इसके साथ ही बांध से जुड़ा पानी निकासी का 20 साल पुराना विवाद भी खत्म हो गया। इस दौरान गुडला पांचना लिफ्ट में भी पानी छोड़ने की शुरुआत की गई। (पूरी खबर पढ़ें)

LDC भर्ती परीक्षा विवाद,बोर्ड अध्यक्ष बोले-लाइट गुल हुई या करवाई:खुलासा होगा; कैमरों की रिकॉर्डिंग से जरूरी सबूत मिले हैं, एजेंसियों को मदद मिलेगी

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) की एलडीसी भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और नकल के आरोपों को लेकर कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने कहा है कि मामले को छिपाने के बजाय तत्काल कार्रवाई की गई और अब एफआईआर के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी। दरअसल, एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान जैसलमेर में सामने आए घटनाक्रम के बाद परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे। इस पर बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- ये नकल कराने का मामला था या पेपर लीक? जिला प्रशासन या बोर्ड ने मामला छिपाया या तुरंत जांच शुरू की? इसका निर्णय जनता खुद करे। एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अब यह भी खुलासा होगा कि लाइट गुल हुई या करवाई गई। उन्होंने आगे लिखा- बोर्ड पहले ही बता चुका था कि परीक्षा के सभी कक्षों में करीब 28 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। क्या है मामला 5 जुलाई को राज्य में एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा दो पारियों में हुई थी। इस दौरान जैसलमेर के राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि खिड़की के रास्ते प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को दिया गया। साथ ही प्रशासन पर लापरवाही और खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजकर नकल कराने के गंभीर आरोप भी लगाए गए। इसके बाद सेंटर पर विवाद की स्थिति बन गई थी।
सांसद बेनीवाल ने सरकार को घेरा वहीं, बाड़मेर-जैसलमेर से सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा- जैसलमेर में एलडीसी भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में 72 घंटे बाद एफआईआर दर्ज होना सरकार के उन दावों की पोल खोलता है, जिनमें परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और पेपर लीक मुक्त बनाने की बात कही जाती रही है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि परीक्षा दो पारियों में आयोजित हुई थी और दूसरी पारी शुरू होते ही प्रश्नपत्र को परीक्षा केंद्र की खिड़की से बाहर फेंककर लीक किए जाने के आरोप सामने आए। इतने गंभीर मामले को केवल नकल का मामला बताना कई तरह की आशंकाओं को जन्म देता है, जबकि आरोप सीधे पेपर लीक के हैं। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ के आरोप सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ और फुटेज हटाए जाने जैसी बातें भी सामने आ रही हैं। उनके अनुसार यदि ऐसा हुआ है तो यह पूरे मामले को दबाने की कोशिश की ओर संकेत करता है। इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुरानी भर्ती परीक्षाओं की भी जांच की मांग उम्मेदाराम बेनीवाल ने केवल एलडीसी भर्ती परीक्षा ही नहीं, बल्कि, पूर्व में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की भी उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी या विशेष समिति से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई परीक्षाओं में सुनियोजित तरीके से धांधली कर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और परिचितों को चयनित कराने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जिन परीक्षा केंद्र अधीक्षकों, वीक्षकों और रिलीवरों की बार-बार संवेदनशील भर्ती परीक्षाओं में ड्यूटी लगाई गई। उनके चयन के कारणों, उन पर लगे आरोपों और उनसे जुड़े चयनित अभ्यर्थियों की भी व्यापक जांच कराई जाए। ये भी पढ़ें… एलडीसी परीक्षा में खिड़की से पेपर बाहर भेजने का आरोप:प्रशासन ने रिपोर्ट कर्मचारी चयन बोर्ड भेजी, निर्देश अनुसार कार्रवाई होगी जैसलमेर में रविवार को एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा के दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर लगे नकल के आरोपों के मामले में सोमवार को प्रशासन ने रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों की शिकायतों के आधार पर प्रकरण तैयार कर बोर्ड को भेजा गया है। अब बोर्ड से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। (पूरी खबर पढ़ें)

हिरण का शिकार करते पकड़े गए, मांस बरामद:गांव वालों को देखते ही भागने लगे, बोलेरो से 10 किमी पीछा कर दबोचा

ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों की मुस्तैदी से हिरण का शिकार करने वाले तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया है। आरोपियों के पास से हिरण का मांस, शिकार में इस्तेमाल कटर, टॉर्च और बाइक बरामद हुई है। वन विभाग ने तीनों को डिटेन कर कार्रवाई (वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत) शुरू कर दी है। मामला बालोतरा के गिड़ा थाना क्षेत्र के कोलू और कानोड़ रोड का है। बोलेरो से पीछा कर पकड़ा रेंजर रूपाराम ने बताया- बुधवार देर रात पनावड़ा गांव के रहने वाले धमाराम, जुंझाराम और प्रहलादराम बुधवार रात बायतू थाना क्षेत्र के कोलू गांव में टॉर्च की रोशनी की मदद से हिरण का शिकार कर रहे थे। इसकी भनक ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों को लग गई। वे मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को आता देख तीनों शिकारी अपनी बाइक पर सवार होकर भागने लगे। ग्रामीणों ने बोलेरो गाड़ी से करीब 10 किमी तक पीछा कर कानोड़ रोड पर पकड़ लिया। देर रात वन विभाग की टीम को सूचना आरोपियों को पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने 8 जुलाई की रात में ही बायतु वन विभाग की टीम को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंची विभाग की टीम ने तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया। रेंजर के मुताबिक, शिकारियों के पास से हिरण के अवशेष और शिकार में काम आने वाले कटर व अन्य उपकरण मिले हैं। विभाग ने हिरण का पोस्टमॉर्टम करवाया गया।

OBC परिवारों का सर्वे करने कल से घर-घर जाएंगे कर्मचारी:आयोग ने कहा- कर्मचारियों के ट्रांसफर से काम में देरी की संभावना; रिपोर्ट के बाद ही पंचायत चुनाव की होगी घोषणा

प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनावों से पहले ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग का सर्वे शुरू हो रहा है। ओबीसी परिवारों का सर्वे करने के लिए शुक्रवार 10 जुलाई से कर्मचारी घर-घर जाएंगे, 13 दिन में सर्वे पूरा होगा। इसके बाद रिपोर्ट तैयार होगी। ओबीसी आयोग की इस रिपोर्ट के बाद ही निकाय और पंचायत चुनावों में ओबीसी का आरक्षण तय होगा और राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों की घोषणा करेगा। आयोग ने सरकार को चेताया- सर्वे में शामिल कर्मचारियों के तबादलों से काम अटकेगा ओबीसी आयोग ने अब सर्वे में तबादलों की वजह से देरी की आशंका जताई है। ओबीसी आयोग ने सरकार को चिट्ठी लिखकर सर्वे में शमिल कर्मचारियों के तबादलों से काम में बाधा आने और आयोग की रिपोर्ट में देरी होने की चेतावनी दी है। आयोग ने मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी में लिखा है- सरकार ने 10 जुलाई तक कर्मचारियों के तबादलों से बैन हटाया है। इस दौरान कई विभाागों में तबादले हो रहे हैं, इनमें सर्वे के काम में शामिल अफसर, कर्मचारी भी शामिल हैं। सर्वे के काम में लगे कर्मचारियों को मौजूदा जगह से रिलीव कर तबादला वाली नई जगह लगाया जाता है तो सर्वे के काम में बाधा आने की संभावना है। ऐसा होने से सर्वे का काम समय पर पूरा नहीं हो पाएगा और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में बेवजह की देरी होगी। 23 जुलाई तक घर घर जाकर सर्वे करना है ओबीसी आयोग को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में राज्य में ओबीसी वर्ग का स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों आरक्षण से जुड़ी सिफारिश की रिपोर्ट तैयार करनी है। रिपोर्ट के लिए सर्वे के काम में सभी कलेक्टर ने नॉडल अधिकारी,सहायक नॉडल अधिकारी, ​प्रगणक की नियुक्तियां की गई हैं। 10 जुलाई से 23 जुलाई तक ओबीसी वर्ग के परिवारों का घर-घर जाकर ऑनलाईन सर्वे का काम पूरा किया जाना है। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अगस्त के दूसरे सप्ताह तक आने की संभावना ओबीसी आयोग अगस्त के दूसरे सप्ताह तक रिपोर्ट देने की तैयारी में है। अगर दूसरे सप्ताह तक रिपोर्ट आई तो अगस्त अंत या सितंबर तक राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों की घोषणा कर सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग नवंबर तक दोनों चुनाव पूरे करवा सकता है। हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक चुनाव करवाने के आदेश दिए थे हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव करवाने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट की समय सीमा में चुनाव नहीं हो पाएंगे। सरकार का तर्क है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बिना चुनाव नहीं करवाए जा सकते। ओबीसी आरक्षण तय तभी हो पाएगा, जब ओबीसी आयोग रिपोर्ट देगा। इस बीच कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर रखी है। सरकार चुनाव के लिए और समय मांगने के लिए याचिका दायर करने की तैयारी में है, लोढ़ा ने कैविएट भी दायर कर दी है इसलिए समय बढ़ाने का फैसला देने से पहले उन्हें भी सुनना होगा। — ये खबर भी पढ़िए- शिक्षा विभाग में 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर:सबसे ज्यादा ग्रेड सेकेंड टीचर्स के तबादले, पहली बार देना होगा शपथ-पत्र राजस्थान में शिक्षा विभाग में अलग-अलग आदेश जारी कर करीब 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। (पढ़िए पूरी खबर)

महिला ने एक साथ 4 बच्चों को दिया जन्म:पति बोला- मैंने तो 1 बेटी की उम्मीद की थी, भगवान ने 3 दे दी और 1 बेटा भी दिया

झालावाड़ के राजकीय जनाना अस्पताल में एक महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया है। इनमें 3 बेटियां और 1 बेटा शामिल हैं। बुधवार को दोपहर में यह प्रसव हुआ।
इसके बाद महिला के पति ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मैंने तो एक बेटी की ही उम्मीद की थी, लेकिन भगवान ने मुझे 3 बेटियां और 1 बेटा दिया है। जो भी दिया है, उसकी खुशी है। दरअसल झालावाड़ शहर निवासी ज्योति कश्यप (25) पत्नी अरुण कश्यप (32) का बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब जनाना अस्पताल में सिजेरियन के जरिए यह दुर्लभ प्रसव कराया गया।
प्रसव के बाद प्रसूता ज्योति कश्यप की हालत सामान्य और स्थिर है। हालांकि जन्म के समय कम वजन होने के कारण चारों नवजातों को अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है और आवश्यक उपचार जारी है। 7 साल पहले हुई थी शादी
अरुण और ज्योति की शादी साल 2019 में हुई थी। इस डिलीवरी से पहले भी उनका 5 साल का बेटा हर्ष है। यह ज्योति की दूसरी डिलीवरी है। नवजातों के पिता अरुण कश्यप जनाना अस्पताल में ही कंप्यूटर ऑपरेटर है। उन्होंने इस अवसर पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह सब भगवान की मर्जी है। मैंने तो एक बेटी की ही उम्मीद की थी, लेकिन भगवान ने मुझे तीन बेटियां और एक बेटा दिया है। जो भी दिया है, उसकी खुशी है।”
चार बच्चों के जन्म की खबर फैलते ही परिजनों और मोहल्ले में खुशी का माहौल है। लोग परिवार को बधाई देने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। 24 हजार प्रसव में एक मामला आता है ऐसा
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि झालावाड़ जनाना अस्पताल में यह उनके सामने आया पहला ऐसा मामला है। डॉ. गुप्ता के अनुसार प्रसूता और सभी नवजात फिलहाल स्वस्थ हैं।

सीनियर साइंटिस्ट भर्ती के आवेदन की कल लास्ट डेट:RPSC ने 3 पदों पर निकाली वैकेंसी, हर पद के लिए अलग फार्म भरना होगा

राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के कुल 3 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा निकाली गई इस भर्ती में आवेदन की कल लास्ट डेट है। इसमें टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक डिवीजन (पद) के लिए योग्यता रखता है और आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आवेदन फॉर्म भरना होगा। परीक्षा का आयोजन 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच में किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा कम्प्यूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसका शेड्यूल तय समय पर जारी कर दिया जाएगा। भर्ती प्रोसेस 10 जुलाई से शुरू किया गया था। यह रहेगा परीक्षा शुल्क

दिन भर सूखा रहा आज, तापमान में हुई गिरावट:अब तक उदयपुर से ज्यादा सलूंबर में बारिश, कल भी बरसात का येलो अलर्ट

मौसम विभाग के येलो अलर्ट के बावजूद गुरुवार को उदयपुर में पूरे दिन बारिश नहीं हुई। सुबह कुछ समय तक आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन इसके बाद दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली रही। इससे लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ा। मौसम केंद्र डबोक के अनुसार गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। तापमान में गिरावट के बावजूद बारिश नहीं होने से दिनभर मौसम शुष्क बना रहा। मानसून सीजन की शुरुआत से अब तक उदयपुर जिले में औसतन 89 मिमी यानि साढ़े तीन इंच बारिश हुई। वहीं उदयपुर से टूटकर बने सलूंबर जिले में अब तक औसतन 135.8 मिमी यानि पांच इच बारिश रिकॉर्ड की गई है। उदयपुर जिले में बीते 24 घंटे के दौरान जल संसाधन विभाग के किसी भी रेनफॉल स्टेशन पर बारिश दर्ज नहीं हुई। हालांकि बुधवार को जिले के कानोड़ और भींडर क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई थी। मौसम एक्सपर्ट डॉ.आर.एस. देवड़ा बताते है कि उदयपुर में अब मानसून कमजोर होने से एक दो दिन हल्की वर्षा होने की संभावना है। उसके बाद मानसून मे गेप रहेगा और कुछ दिनों बाद बारिश होगी। तापमान मे हल्की वृद्धि होगी नमी के कारण उमस वाली गर्मी बनी रहेगी।
पिछले सात दिनों का उदयपुर का तापमान (डिग्री से. में)

व्यापारी से 5 करोड़ की फिरौती मांगी,ऑफिस उड़ाने की धमकी:गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग के नाम से फोन आया, कहा- पूरे परिवार को खत्म कर देंगे

व्यापारी से रोहित गोदारा गैंग के नाम पर 5 करोड़ रुपए की रंगदारी (फिरौती) मांगी गई है। फिरौती की रकम नहीं देने पर आरोपी ने व्यापारी के ऑफिस में गैस सिलेंडर फेंककर उड़ाने और पूरे परिवार की हत्या करने की धमकी दी है। धमकी के बाद से व्यापारी और उसका पूरा परिवार सहमा हुआ है। यह मामला बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ के दुलचासर का है। पीड़ित व्यापारी के भाई ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित रिपोर्ट दी है। 5 और 7 जुलाई को आए धमकी भरे फोन व्यापारी के भाई ने एसपी को दी गई रिपोर्ट में बताया कि 5 और 7 जुलाई को उनके पास वीरेंद्र चारण नाम के एक व्यक्ति का फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को कुख्यात रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बताया और सीधे 5 करोड़ रुपए की मांग कर दी। आरोपी ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि अगर रुपए नहीं मिले तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। घर में कैद हुआ परिवार शिकायत के अनुसार, धमकी देने वाले ने व्यापारी को डराने के लिए कहा कि यदि पांच करोड़ रुपए का इंतजाम नहीं हुआ, तो वे उनके ऑफिस में गैस सिलेंडर फेंककर उसे ब्लास्ट कर देंगे। इसके साथ ही आरोपी ने परिवार के सभी सदस्यों को जान से मारने की धमकी भी दी है। इस घटना के बाद से डरा-सहमा परिवार अब घर से बाहर निकलने में भी कतरा रहा है। पीड़ित परिवार ने मांगी सुरक्षा, निष्पक्ष जांच की गुहार लगातार मिल रही धमकियों से परेशान पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। लिखित रिपोर्ट में मांग की गई है कि मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच की जाए। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और व्यापारी व उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। शिकायत मिली है, जांच जारी है श्रीडूंगरगढ़ की SHO संध्या विश्नाई ने कहा- इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है। पुलिस को शिकायत मिली है, जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है।