ब्रेकिंग न्यूज़
रिटायर्ड टीचर और पत्नी को कुचलते हुए निकला ट्रक, मौत:बेटे का जन्मदिन मनाने कोटा जा रहे थे, बाइक को टक्कर मारकर भागा ट्रक

बेटे का जन्मदिन मनाने कोटा आ रहे रिटायर्ड टीचर और पत्नी को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। घटना बूंदी जिले के केशवरायपाटन थाना क्षेत्र में कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर गुडला टोल नाके के पास हुई। हादसे के बाद जिस घर में जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम पसर गया। गुरुवार दोपहर 12 बजे कापरेन निवासी केदार लाल शर्मा (65) अपनी पत्नी गीता शर्मा (55) के साथ बाइक से कोटा जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए अज्ञात ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। ट्रक उन्हें कुचलता हुआ निकल गया। सूचना पर केशवरायपाटन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कापरेन अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। कोटा में रहते हैं बेटे ASI हरिशंकर शर्मा ने बताया- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी अपने बेटे का जन्मदिन मनाने कोटा जा रहे थे। उनके दो बेटे कोटा में रहते हैं, जिनमें एक बड़ा बेटा रामलाल मेडिकल विभाग में कार्यरत है। छोटा बेटा सुनील शर्मा इलेक्ट्रॉनिक्स का व्यवसाय करता है। हादसे के बाद पुलिस को घटनास्थल से हेलमेट मिला, जिसकी बेल्ट मृतक केदार लाल शर्मा के गले में फंसी हुई थी। सिर में गंभीर चोट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गुडला टोल सहित आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फरार चालक की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके।

बेटे का जन्मदिन-मनाने जा रहे दंपती को ट्रक ने कुचला:माता-पिता का इंतजार करते रहे परिजन, खुशियां मातम में बदली

बेटे का जन्मदिन मनाने कोटा जा रहे बाइक सवार रिटायर्ड टीचर और उनकी पत्नी को ट्रक ने कुचल दिया। टायर कमर और सिर के ऊपर से निकलने से दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा गुरुवार दोपहर बूंदी जिले के केशवरायपाटन थाना क्षेत्र में कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर गुडला टोल नाके के पास हुआ। जिस घर में माता-पिता के स्वागत और जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं, वहां हादसे की खबर पहुंचते ही मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। केशवरायपाटन थाने के सहायक उपनिरीक्षक हरिशंकर शर्मा ने बताया- कापरेन निवासी रिटायर्ड टीचर केदार लाल शर्मा (65) अपनी पत्नी गीता शर्मा (55) के साथ बाइक से कोटा जा रहे थे। इसी दौरान कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर गुडला टोल नाके के पास पीछे से तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। ट्रक के टायर केदारलाल शर्मा की कमर और गीता शर्मा के सिर के ऊपर से निकल गए, जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
दुर्घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में राहगीर और स्थानीय लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर केशवरायपाटन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कापरेन अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। बेटे के जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं
सहायक उपनिरीक्षक हरिशंकर शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दंपती अपने बेटे से मिलने कोटा जा रहे थे। गुरुवार को बेटे का जन्मदिन था, जिसे पूरा परिवार साथ मिलकर मनाने वाला था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सारी खुशियां छीन लीं। परिजनों के अनुसार मृतक के दो बेटे कोटा में रहते हैं। एक बेटा मेडिकल विभाग में कार्यरत है, जबकि दूसरा इलेक्ट्रॉनिक्स का बिजनेस करता है। माता-पिता के आने का इंतजार कर रहे दोनों बेटों को हादसे की सूचना मिली तो वे सदमे में आ गए। हेलमेट पहनने के बावजूद नहीं बच सकी जान
पुलिस के अनुसार पति-पत्नी ने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन हादसा इतना भीषण था कि हेलमेट भी उनकी जान नहीं बचा सका। घटनास्थल पर मिले हेलमेट की बेल्ट केदार लाल शर्मा के गले में फंसी हुई थी। टायर ऊर से गुजरने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश जारी
हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर वाहन सहित फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ड्राइवर की पहचान के लिए गुडला टोल प्लाजा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

सुबह 5 बजे आया धमकी भरा ई-मेल,9 घंटे बाद पढ़ा:परिसर में 7 RDX और सायनाइड गैस होने का दावा, अजमेर RTO को बम से उड़ाने की मिली थी धमकी

अजमेर में जयपुर रोड स्थित RTO कार्यालय को गुरुवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। आरटीओ की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजे गए धमकी भरे मेल में ईमेल भेजने वाले ने परिसर में 7 RDX और जहरीली सायनाइड गैस होने का दावा किया था। जानकारी के अनुसार, धमकी भरा ईमेल सुबह 5 प्राप्त हुआ, लेकिन उसे 9 घंटे बाद दोपहर 2 बजे पढ़ा गया। सूचना मिलते ही पुलिस, सीआईडी, डॉग स्क्वायड और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम मौके पर पहुंची। सर्च ऑपरेशन में पूरे परिसर की बारीकी से जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था पर खड़ा हुआ है। धमकी भरा ईमेल सुबह 5 बजे आरटीओ की ऑफिशियल मेल आईडी पर पहुंच गया था, लेकिन अधिकारियों ने इसे दोपहर 2 बजे देखा। जबकि मेल में कार्यालय को दोपहर 1:10 बजे उड़ाने का अल्टीमेटम दिया गया था। यानी जब तक मेल पढ़ा गया, धमकी में दिया गया समय निकल चुका था। बिजली और नेटवर्क का हवाला, देर से खुला मेल एडिशनल आरटीओ प्रकाश टहल्यानी ने बताया कि ईमेल सुबह करीब 5 बजे आया था। कार्यालय में बिजली और नेटवर्क की समस्या के कारण समय पर मेल एक्सेस नहीं हो सका। दोपहर करीब 2 बजे जब मेल चेक किया गया तो धमकी की जानकारी मिली। इसके बाद तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई। धमकी मिलने के बाद डीटीओ राजीव शर्मा ने तुरंत एसपी कार्यालय को सूचना दी। आरटीओ में रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने वाहन संबंधी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेते हुए पूरे परिसर को तत्काल खाली कराया गया। कर्मचारियों को बाहर निकालकर चलाया सर्च ऑपरेशन सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही डीएसपी (जोन प्रथम), सिविल लाइंस थाना पुलिस, सीआईडी, डॉग स्क्वायड और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा के मद्देनजर कर्मचारियों और आम लोगों को कार्यालय से बाहर निकाला गया। इसके बाद डेढ़ से दो घंटे तक भवन और परिसर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। जांच के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। मेल में धार्मिक अपमान का जिक्र प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमकी भरे मेल में खुद को एक कथित इस्लामिक संगठन से जुड़ा बताया गया है। मेल में पैगंबर मोहम्मद साहब के कथित अपमान का बदला लेने की बात लिखी गई है। फिलहाल पुलिस इस दावे की सत्यता की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां ई-मेल की तकनीकी पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मेल किस आईपी एड्रेस और किस सर्वर से भेजा गया। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां अजमेर में इससे पहले भी दरगाह, कलेक्ट्रेट और डाक विभाग को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी है। अधिकांश मामलों में जांच के बाद धमकियां फर्जी साबित हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर बार किसी भी सूचना को गंभीरता से लेते हुए पूरी जांच करती है।

नीरजा-मोदी स्कूल में अमायरा की मौत से पहले का VIDEO:कई बार टीचर के पास गई थी; परिवार बोला-बेटी मदद मांगती रही, किसी ने नहीं सुनी

जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में चौथी मंजिल से कूदने वाली छात्रा अमायरा की मौत के करीब 8 महीने बाद एक और वीडियो सामने आया है। परिजन का कहना है- इस 8 मिनट के सीसीटीवी वीडियो में दिख रहा है कि कुछ बच्चे डिजिटल स्लेट पर कुछ लिखकर अमायरा को दिखाते हैं, जिससे वह परेशान हो जाती है। परेशान अमायरा कई बार अपनी सीट छोड़कर क्लास टीचर के पास जाती है। टीचर से बातचीत करती है। बातचीत के दौरान ही वह अचानक क्लास से बाहर निकल जाती है। कॉरिडोर से तेजी से सीढ़ियों की तरफ जाती हुई दिखाई देती है। ग्राउंड फ्लोर से तेजी से चौथी मंजिल तक पहुंचती है। इसके बाद वह दर्दनाक घटना होती है। वीडियो सामने आने के बाद परिवार ने पुलिस की चार्जशीट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि जांच अधूरी है। मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी गईं। परिवार का कहना है कि बच्ची कई बार मदद मांगती रही, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। पहले देखिए, वीडियो में क्या दिखा… सहेली के साथ डांस क्लास में जाती है अमायरा के पिता विजय मीणा ने बताया- इस फुटेज में सबसे पहले अमायरा क्लास में आती दिख रही है। इसके बाद अन्य बच्चे भी क्लास में पहुंचते हैं। शुरुआती फुटेज में अमायरा सामान्य दिखाई देती है। थोड़ी देर बाद वह सहेली के साथ डांस क्लास जाती है। डांस क्लास में हिस्सा लेती है। अमायरा को डिजिटल स्लेट पर कुछ दिखाते हैं बच्चे डांस क्लास से लौटने के बाद क्लासरूम में कुछ बच्चे टेप से खेलते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान अमायरा के आगे बैठे कुछ बच्चे डिजिटल स्लेट निकालते हैं, जबकि ऐसी स्लेट क्लास में लाने की अनुमति नहीं थी। बच्चे स्लेट पर कुछ लिखकर अमायरा को दिखाते हैं। आपस में भी साझा करते हैं। इसके बाद अमायरा असहज और परेशान दिखाई देने लगती है। वीडियो में दिख रहा है कि अमायरा कई बार अपनी सीट छोड़कर क्लास टीचर के पास जाती है। उनसे बातचीत करती है। इसी दौरान एक अन्य छात्र भी टीचर के पास जाकर अमायरा की ओर इशारा करते हुए कुछ कहता नजर आता है। बातचीत के बाद दोनों बच्चे अपनी सीट पर लौट जाते हैं। कुछ देर बाद फिर अमायरा टीचर के पास पहुंचती है। इस बीच एक अन्य छात्र भी टीचर के पास जाता है। कुछ बच्चे खड़े दिखाई देते हैं। एक अन्य टीचर भी क्लास में नजर आती है। टीचर अमायरा को वापस सीट पर भेज देती है। दूसरे छात्र को अपने पास बुला लेती हैं। बदलते हाव-भाव और फिर अचानक क्लास से बाहर वीडियो में क्लास टीचर बच्चों के बीच जाकर बात करती भी दिख रही है। इसी दौरान अमायरा अपना हाथ पहले मुंह और फिर सिर पर रखती है। इसके बाद वह एक छात्रा के पास जाती है। कुछ देर रुकती है, फिर अपनी सीट पर लौट जाती है। कुछ देर बाद अमायरा आखिरी बार टीचर के पास जाती है। बातचीत के दौरान वह अचानक क्लास से बाहर निकल जाती है। वीडियो में वह कॉरिडोर से तेजी से सीढ़ियों की ओर जाती हुई दिखाई देती है। वह ग्राउंड फ्लोर से तेजी से चौथी मंजिल तक पहुंचती है। इसके बाद वह दर्दनाक घटना हो जाती है। पेरेंट्स ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल अमायरा के पिता विजय मीणा और मां शिवानी ने पुलिस की चार्जशीट पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पुलिस ने मामले में चालान तो पेश किया, लेकिन कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज कर दिया। पिता विजय मीणा का आरोप है कि स्कूल मालिक सौरभ मोदी और प्रिंसिपल इंदु दुबे को आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे आरोपों में शामिल नहीं किया गया। केवल लापरवाही और सबूत छुपाने के आरोपों तक सीमित रखा गया है। पूरी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए थी। मां बोलीं- पुलिस हमें ही प्रताड़ित करती रही मां शिवानी ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान पुलिस ने हमसे ऐसे सवाल पूछे, मानो हमारी बच्ची मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। मैं रोज बेटी से स्कूल के बारे में पूछती थी, लेकिन महज डेढ़ घंटे के भीतर ऐसा क्या हुआ कि बच्ची ने इतना बड़ा कदम उठा लिया। बच्ची कई बार मदद मांगती रही, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिजनों का कहना है कि अमायरा को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया था और पुलिस की चार्जशीट इस पहलू को पर्याप्त महत्व नहीं देती। जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट जाएंगे परिवार ने कहा- हम चार्जशीट का अदालत में विरोध करेंगे और आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग करेंगे। जरूरत पड़ने पर राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। इस मामले में राजस्थान अभिभावक संघ भी परिवार के समर्थन में आया है। संघ ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। चौथी मंजिल से लगाई थी छलांग 1 नवंबर 2025 को मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल में चौथी क्लास की छात्रा अमायरा (9) ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे देश में गहरा आक्रोश देखने को मिला था। परिवार का आरोप है कि अमायरा को स्कूल के कुछ बच्चे लगातार बुली (प्रताड़ित) करते थे। इस संबंध में कई बार क्लास टीचर और स्कूल प्रशासन को शिकायत भी दी गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों ने यह आरोप भी लगाया कि घटना के बाद जहां बच्ची गिरी थी, वहां से खून के धब्बे साफ करवा दिए गए, जिससे अहम सबूत प्रभावित हुए थे। चार्जशीट में ये हैं आरोपी पुलिस की ओर से पेश चार्जशीट में स्कूल मालिक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदु दुबे, शिक्षिका पुनीता शर्मा और सफाईकर्मी राम को आरोपी बनाया गया है। हालांकि परिवार का कहना है कि आरोपों की गंभीरता के अनुरूप धाराएं नहीं लगाई गईं और कई जिम्मेदार लोगों को राहत दी गई है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने कहा- जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही चार्जशीट अदालत में पेश की गई है। जांच में जो तथ्य स्थापित हुए, उन्हीं के आधार पर आरोप तय किए गए हैं। अब मामले में अंतिम निर्णय चार्जशीट, सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर कोर्ट में किया जाएगा। … अमायरा मौत केस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अमायरा मौत मामला,परिवार बोला-बच्ची को आत्महत्या के लिए मजबूर किया:पुलिस ने हमें ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, चार्जशीट पर परिजनों ने उठाए सवाल अपशब्दों से नाराज होकर 4th मंजिल से कूदी थी छात्रा:नीरजा मोदी स्कूल टीचर ने जांच कमेटी के सामने किया खुलासा, मैडम ने रेलिंग से नीचे देखा था नीरजा मोदी स्कूल में 4th फ्लोर से कूदी छात्रा,मौत, VIDEO:पसलियां टूटी; स्कूल प्रबंधन ने सबूत मिटाए, पिता ने FIR दर्ज कराई

कांग्रेस बोली-एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से बढ़ेगा आम आदमी पर बोझ:गाड़ियों के इंजन जल्दी खराब होंगे; कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी

केंद्र सरकार की E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को श्रीगंगानगर जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर नारेबाजी की और ‘केंद्र सरकार मुर्दाबाद’ व ‘E20 नीति वापस लो’ जैसे नारे लगाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से आम आदमी पर बोझ बढ़ेगा और गाड़ियों के इंजन जल्दी खराब हो जाएंगे। महंगाई और इंजन खराब होने की जताई चिंता
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस नीति से पुरानी गाड़ियों वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका आरोप है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से वाहनों के इंजन और पार्ट्स जल्दी खराब होंगे, जिससे मरम्मत का खर्च बढ़ेगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए यह अतिरिक्त बोझ है और पुरानी गाड़ियों के मालिकों को इंजन खराब होने की चिंता सताने लगी है। तकनीकी अध्ययन और जनमत की उठाई मांग
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि नई गाड़ियों पर E20 के दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर विशेषज्ञ भी चिंता जता रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने इस नीति को लागू करने से पहले न तो आम जनता से राय ली और न ही पर्याप्त तकनीकी अध्ययन कराया।

जिंदा कोबरा लेकर अस्पताल पहुंचा युवक, बोला- इलाज करो:सांप पकड़ते समय डिब्बे में बंद कर रहा था; अचानक उंगली पर काट गया

पाली में स्नेक कैचर कोबरा को डिब्बे में बंद कर अस्पताल में पहुंच गया। 4 फीट का कोबरा डिब्बे में ही फुफकार मार रहा था। ऐसे में स्टाफ और अस्पताल में बैठे लोग घबरा गए। स्नेक कैचर डॉक्टर से बोला- 12 सालों से सांप पकड़ रहा हूं। पहली बार काटा है, मेरा इलाज करो। डॉक्टरों ने सांप को देखते हुए इलाज शुरू किया है। स्नैक कैचर बांगड़ अस्पताल के ओल्ड ICU में भर्ती है। सांप पकड़ कर डिब्बे में डालने के दौरान कोबरा ने उंगली पर काट लिया था। बोला- 10 हजार सांप पकड़ चुका पाली जिले के तख्तगढ़ के रहने वाले स्नेक कैचर संजय वाल्मीकि (40) ने बताया- मैं पिछले 12-13 सालों से सांपों का रेस्क्यू कर रहा हूं। अब तक करीब 10 हजार सांपों को पाली-जालोर समेत अन्य इलाकों से पकड़ा है। उनका रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा है। डिब्बे में डालने के दौरान काटा संजय ने बताया- बुधवार शाम को भी तखतगढ़ में चौधरियों के मोहल्ले में एक घर में आए सांप को पकड़ने गए थे। यहां ये सांप एक पाइप में बैठा था। यहां से ये निकला तो पत्थर के नीचे बैठ गया। पत्थर हटाकर इसे हाथ में लिया और डिब्बे में डालने लगा तो कोबरा ने उंगली पर डस लिया। इसके बाद मैं इसे डिब्बे बंदकर बांगड़ हॉस्पिटल ले आया। संजय इस सांप को लेकर बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे तो उनके हाथ में डिब्बे में बंद कोबरा सांप फुफकार रहा था। इसे देख कर स्टाफ और अन्य लोग भी घबरा गए। खाना खा रही महिला को सांप ने काटा: पाली शहर में गुरुवार सुबह उम्मेद मिल में खाना खा रही एक महिला मजदूर को सांप ने काट लिया। पाली शहर के न्यू शक्ति नगर निवासी मंजू (39) पत्नी सुभाष ने बताया कि वह मिल में काम कर रही थी। लंच होने पर उसने साथी मजदूरों के साथ बैठकर खाना खाया किया। उसके बाद मिल में ही एक चबूतरे पर बैठी थी। जैसे ही पैर लटकाए चबूतरे में हुए एक छोटे गड्‌ढे में बैठे सांप ने उनके पैर पर काट लिया। साथी मजदूर उसे तुरंत इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। बरामदे में सो रही महिला को सांप ने काटा: पाली शहर के निकट स्थित बूसी गांव निवासी 21 साल की राधिका पत्नी लोकेश बुधवार रात को घर में सो रही थी। लाइट जाने पर कमरे से निकलकर वह बरामदे में आकर सो गई। रात करीब 2 बजे बरामदे में सोते समय सांप ने उसके पैर पर काट लिया। जिसे इलाज के लिए परिजन पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां इलाज जारी है। सांप के काटने से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जहरीला सांप लेकर हॉस्पिटल पहुंचा, बोला- इसने काट लिया:स्टाफ सहम गया, रात को टॉयलेट जाते समय सीढ़ियों पर कॉमन करैत पैर से लिपटा किसान के पैर में सांप (कॉमन करैत) ने काट (डस) लिया। उसने बिना समय गंवाए सांप को पकड़कर बोतल में डाला और उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंच गया। पूरी खबर पढ़ें…

पिता बोले-मेरी बेटी का बाल विवाह रुकवा दो:मेरे ससुराल और घरवालों ने 4.50 लाख में बेच दिया; पुलिस ने परिवार को किया पाबंद

‘ मेरे ससुराल और घरवालों ने मिलकर मेरी 14 साल की बेटी को बेच दिया है। 4.50 लाख रुपए में सौदा हुआ है। धार्मिक आयोजन की आड़ में मेरी नाबालिग बेटी की शादी कर देंगे। मेरे समझाने पर भी मान नहीं रहे हैं। स्कूल टीचर, पटवारी इस पर नजर रखें। मेरी बेटी का बाल-विवाह रुकवा दो।’ ये कहना है भीलवाड़ा के रहने वाले पिता का है। जिन्होंने वीडियो शेयर कर पुलिस और प्रशासन से मदद मांगी है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने परिवार को पाबंद कर दिया है। पहले आपके लिए ये जानना जरूरी… वीडियो जारी कर पिता ने लगाई गुहार वीडियो में पिताने आरोप लगाया है कि बेटी की शादी के लिए कथित तौर पर 4.50 लाख रुपए का लेन-देन हुआ है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में किसी धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में विवाह कराने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में उनके पास कुछ रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया गया है। कहा-समझाने पर भी नहीं मान रहे पिता ने कहा कि वह गुजरात में रहकर नौकरी करता है। बेटी को बेचने की जानकारी मिलने के बाद परिवार को समझाने की कोशिश की, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। वीडियो पोस्ट कर पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य अधिकारियों से बाल विवाह तुरंत रुकवाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जोधपुर में होटल मालिक ने खुद पर ऑयल छिड़का:हाथ से तोड़ा कांच का गेट; जेसीबी पर चढ़ा युवक, अतिक्रमण हटाने गई टीम से धक्का-मुक्की

जोधपुर नगर निगम की टीम गुरुवार को भदवासिया मंडी में अतिक्रमण हटाने पहुंची। जब टीम होटल से अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो मालिक ने खुद पर ऑयल छिड़क लिया और हंगामा करने लगे। इसके बाद उन्होंने हाथ से कांच का गेट भी तोड़ दिया। मामला गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे का है। नगर निगम की टीम जब भदवासिया मंडी में अतिक्रमण हटा रही थी, उसी दौरान युवक की चाय का केबिन हटाया गया, तो वह टीम के साथ धक्का-मुक्की करने लगा। इसके बाद वह विरोध जताते हुए जेसीबी पर चढ़ गया। अतिक्रमण प्रभारी रजनीश बारासा ने बताया- टीम का कार्रवाई के दौरान विरोध भी हुआ। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस को एक्शन लेने के लिए कहा गया है। अब देखिए, कार्रवाई से जुड़ी PHOTOS… पहले विरोध, फिर लाया ऑयल की बोतल और खुद पर उड़ेल ली जानकारी के अनुसार, भदवासिया मंडी मोड़ पर ‘रामदेव रेस्टोरेंट’ है। यहां होटल के बाहर लगे शेड को हटाया जाना था, जिसका होटल मालिक विरोध करने लगा। होटल मालिक का कहना था कि उनके साथ-साथ दूसरे लोगों का भी अतिक्रमण हटाया जाए। कुछ देर तक बहस चलने के बाद, बुजुर्ग अचानक अंदर से ऑयल से भरी बोतल लेकर आया और उसे अपने ऊपर उड़ेल लिया। यह देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बुजुर्ग पर डाला गीला तौलिया, खींचकर अंदर ले गए तो तोड़ा कांच मौके पर हुए इस घटनाक्रम को देखकर निगम की टीम भी हैरान रह गई। टीम ने तुरंत होटल मालिक को पकड़ा और जैसे-तैसे स्थिति को संभाला। इसके बाद परिवार के लोगों ने उन पर गीला तौलिया (टॉवल) डाला। निगम की कार्रवाई के बीच परिवार के सदस्य और स्टाफ मालिक को रेस्टोरेंट के अंदर ले गए। वहां होटल मालिक ने कांच के गेट पर मुक्का मारकर उसे तोड़ दिया। इस घटना में उनके हाथ से खून बहने लगा, जिसके बाद परिजन और स्टाफ के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर भागे। होटल मालिक ने कहा – नगर निगम की टीम बिना कोई नोटिस दिए यह कार्रवाई कर रही है। इस इलाके में और भी अतिक्रमण हैं, लेकिन टीम भेदभाव कर रही है और गरीबों की हाय ले रही है। टीम के साथ धक्का-मुक्की, जेसीबी पर चढ़ा युवक नगर निगम की ओर से की जा रही इस कार्रवाई का लगातार विरोध होता रहा। जब टीम ‘विष्णु रेस्टोरेंट’ के पास लगे चाय के केबिन को जेसीबी की मदद से हटाने लगी, तो एक युवक इसका कड़ा विरोध करने लगा। पुलिस-निगम की टीम ने उसे समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना और टीम के साथ धक्का-मुक्की करने लगा। इसके बाद वह युवक जेसीबी मशीन पर चढ़ गया और मांग करने लगा कि गली और आसपास में हो रहे अन्य अतिक्रमणों को भी हटाया जाए। कार्रवाई से जुड़े 5 बड़े अपडेट्स… ढाई किलोमीटर में हटाए 50 से ज्यादा अतिक्रमण: नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी रजनीश बारासा ने बताया- गुरुवार को भदवासिया इलाके में करीब ढाई किलोमीटर इलाके में 50 से ज्यादा अतिक्रमण हटाए गए। करीब पांच घंटे चली कार्रवाई के दौरान होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, बैंक, मेडिकल शॉप आदि ने अवैध टीन शेड, रेलिंग और चाय के कैबिन लगा रखे थे, उन सभी को हटाया गया। टीम की ओरसे सामान भी जब्त किया गया। डॉक्यूमेंट्स दिखाने पर रोने लगी महिला: भदवासिया मंडी के बाहर ही बुजुर्ग महिला कमलादेवी का सरस का कैबिन था। टीम इसे हटाने गई तो महिला ने बताया कि उनके पास इसकी परमिशन है। इस पर कमलादेवी अपने घर से डॉक्यूमेंट लेकर आई। जब वह डॉक्यूमेंट्स दिखाने लगी तो रोने लगी। बोली- 2025 तक की परमिशन है। एक-दो दिन में परमिशन रिन्यू करवानी थी लेकिन उनके पति की तबीयत खराब हो गई थी। वे हॉस्पिटल में एडमिट है। इस पर टीम ने लाइसेंस रिन्यू के लिए दो दिन का समय दिया। कार्रवाई को लेकर हुआ विरोध: भदवासिया में नगर निगम की इस कार्रवाई को लेकर काफी विरोध हुआ। एक युवक कार्रवाई के विरोध में जेसीबी पर चढ़ गया और दूसरे लोगों पर एक्शन लेने की बात करने लगा। वहीं एक बुजुर्ग अपने मेडिकल स्टोर के आगे खड़ा हो गया। हालांकि समझाइश के बाद उसे हटाया और वहां लगे टीन शेड को तोड़ा गया। भदवासिया बस स्टैंड पर महिला हुई बेसुध: टीम भदवासिया बस स्टैंड भी पहुंची। यहां लगे एक कैबिन को स्थानीय लोगों की ओर से हटाया जा रहा था। तभी एक बच्चे का हाथ कैबिन के एंगल के नीचे आ गया तो वह चिल्लाने लगा। इस पर उस बच्चे की मां वहां पर पहुंची और उसकी हालत देख चीखने लगी। बेटे की हालत देख वह बेसुध हो गई। हालांकि वहां मौजूद लोग लड़के को हॉस्पिटल ले गए और औरतों ने उसकी मां को संभाला। ट्रैफिक हुआ जाम, विरोध करने वालों के खिलाफ होगा एक्शन: इधर, इस कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। भदवासिया मंडी के आगे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस की ओर से रास्ता क्लियर करवाया गया। वहीं अतिक्रमण प्रभारी रजनीश बारासा ने बताया कि अतिक्रमण कार्रवाई का विरोध करने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। —— यह खबर भी पढ़िए…. जोधुपर में JCB के आगे खड़े होकर रोया बुजुर्ग, VIDEO:अफसरों के पैर पकड़े, फूड कार्ट हटाने गई टीम से बोला- मुझे खुद घर ले जाने दो जोधपुर नगर निगम की टीम बुधवार को जब एक फास्ट फूड कार्ट को हटाने लगी, तो एक बुजुर्ग JCB के आगे खड़ा हो गया। वह रोने लगा और टीम के आगे हाथ जोड़ते हुए अधिकारियों के पैर पकड़ने लगा। वह गुहार लगाते हुए कहने लगा- मैंने इसे ले जाने के लिए क्रेन बुलाई है। मुझे इसे खुद घर ले जाने दो। यह घटनाक्रम करीब 20 मिनट तक चला। पढ़ें पूरी खबर

दोस्त ने नर्सिंग छात्र की चाकू मारकर हत्या की:बाइक को धक्का देने की बात पर हुआ झगड़ा; मां को बोला था-थोड़ी देर में आऊंगा

उदयपुर में नर्सिंग छात्र की दोस्त ने चाकू मारकर हत्या कर दी। छात्र परिजनों को बाइक ठीक कराने जाने की कहकर घर से निकला था। रास्ते में बाइक को धक्का देने की बात पर उसका दोस्त से विवाद हो गया। इसके बाद दोस्त ने उसे चाकू मार दिया। घटना सवीना थाना इलाके में सेक्टर-14 श्रीराम अपार्टमेंट के पास बुधवार रात 11 बजे की है। सवीना खेड़ा निवासी छात्र दिनेश मीणा (23) के परिजनों के पास एमबी हॉस्पिटल से रात 11:45 बजे फोन आया कि उनका बेटा भर्ती है। परिजन हॉस्पिटल पहुंचे तो डॉक्टरों ने दिनेश को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद से दिनेश के परिजन और समाज के लोग आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एमबी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरना दे रहे हैं। परिजनों ने चेतावनी दी है कि आरोपी को गिरफ्तार नहीं किए जाने तक पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे। चाकू मारने वाले की तलाश कर रही पुलिस थानाधिकारी गजवीर सिंह सोलंकी ने बताया- पुलिस जांच में सामने आया कि दिनेश, ललित गमेती और एक अन्य दोस्त बाइक पर साथ में थे। दिनेश और ललित के बीच बाइक को धक्का देने की बात पर झगड़ा हुआ था। गुस्से में ललित ने दिनेश पर चाकू से वार कर दिया। दिनेश गंभीर घायल हो गया। ललित वहां से फरार हो गया। ऐसे में तीसरा दोस्त उसे एमबी हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने दिनेश को मृत घोषित कर दिया। थानाधिकारी ने बताया कि परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर टीमें कोशिश में जुटी हैं। मां बोली- मुझे मेरा बेटा चाहिए दिनेश के पिता दोलाराम मीणा ने बताया- शाम करीब 6 बजे बेटा बाइक ठीक कराने की बात कहकर घर से निकला था। फिर रात को हमें हॉस्पिटल से फोन आया कि बेटा यहां भर्ती है। हॉस्पिटल पहुंचे तो बेटा मृत अवस्था में मिला। मां सूरज ने कहा- मुझे मेरा लड़का चाहिए और कुछ नहीं। बेटे से मेरी अंतिम बात बुधवार रात 9 बजे हुई थी। जब मैंने उसको फोन कर पूछा था कि घर कब तक आएगा। उसने बोला कि थोड़ी देर मैं आ रहा हूं। दिनेश उदयपुर में डाकन कोटड़ा स्थित वागड नर्सिंग कॉलेज में सेकंड ईयर का छात्र था। हमलावर ललित उसी के गांव का रहने वाला है। वह कोई काम नहीं करता है। ये खबर भी पढ़ें बेटे ने पिता को डंडों से पीटकर मार डाला:साले और ससुर के साथ घर में घुसा था, जमीन के रुपयों को लेकर विवाद था बाड़मेर में बेटे ने अपने ससुर और साले के साथ मिलकर पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। बुरी तरह घायल पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पिता ने अपने हिस्से की जमीन बेची थी। बेटा वो रुपए मांग रहा था। (पूरी खबर पढ़ें)

मानसून सीजन के दौरान रणथंभौर में टेंट में अस्थाई चौकियां:गश्त भी बढ़ाई, आवाजाही देखते हुए वन कर्मी तैनात किए

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने मानसून के आगमन को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा वन क्षेत्र में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापक तैयारियां की गई हैं। मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एडिशनल स्टाफ की तैनाती, अस्थाई शिविरों (टेंट) की स्थापना और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। टेंट एवं अस्थायी कैंप बनाए रणथंभौर टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र के भीतर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुव्यवस्थित रहे तथा वन्यजीवों एवं आमजन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त टेंट एवं अस्थायी कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे फील्ड स्टाफ को मानसून के दौरान प्रभावी ढंग से कार्य करने में सुविधा मिले। गश्त एवं मॉनिटरिंग बढ़ाई मानसून के दौरान वन्यजीवों की गतिविधियों में होने वाले बदलाव को ध्यान में रखते हुए गश्त एवं मॉनिटरिंग को और सुदृढ़ किया गया है। फील्ड स्टाफ को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी, वन्यजीवों की गतिविधियों का सतत अवलोकन तथा मानव-वन्यजीव संपर्क की संभावित स्थितियों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रण एवं संचार व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। वन क्षेत्र में लगातार तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मानसून के दौरान उनके सुरक्षित एवं सुचारु रूप से कार्य करने के लिए आवासीय टेंट, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, आवश्यक खाद्य सामग्री, संचार उपकरण, वर्षा से बचाव के लिए सामग्री तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे विपरीत मौसम में भी संरक्षण कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सके। इसके अतिरिक्त, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया गया है। संयुक्त कार्ययोजना के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, आपदा अथवा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की समुचित व्यवस्था की गई है।