ब्रेकिंग न्यूज़
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बोलीं- ईकेवाईसी मानसिक उत्पीड़न, 5 घंटे धरना दिया:कलेक्टर नहीं मिली तो घंटाघर पर प्रदर्शन किया; ADM को सौंपा ज्ञापन

टोंक की महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में करीब 5 घंटे तक प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन सुबह करीब 11 बजे से शाम पौने 4 बजे तक चला। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कलेक्टर टीना डाबी से मिलना चाहतीं थीं। दोपहर में ADM विनोद कुमार मीना भी धरना खत्म करने के लिए समझाने आए , लेकिन महिलाएं नहीं मानी। कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़ गई। इससे नाराज होकर शाम पौने 4 बजे सभी महिलाएं उठकर नारेबाजी करते हुए घंटाघर पहुंची और प्रदर्शन किया। करीब 15 मिनट बाद एडीएम विनोद मीना मौके पर आए और महिलाओं को समझाया कि कलेक्टर जरूरी काम से व्यस्त हैं। ऐसे में उन्होंने अपनी मांगों को लेकर ADM को ज्ञापन सौंपा। इन मांगों का ज्ञापन सौंपा मांगों में बताया- 2 अक्टूबर 1975 को शुरू हुई आईसीडीएस योजना के 50 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने इसकी गोल्डन जुबली मनाने के लिए कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया। 50 साल की सेवा के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के बुनियादी अधिकार न्यूनतम वेतन, पेंशन ग्रेच्युटी और फंड की भी कोई घोषणा नहीं की गई। टोंक जिले के दूरदराज से पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के आने के बाद से 3 से 6 साल के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से हटाकर स्कूलों की औपचारिक शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं निजीकरण की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। कहा- काम का बोझ बढ़ा है आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उदाहरण देते हुए कहा कि ताजे पौष्टिक भोजन की जगह पैक्ड फूड, कैश ट्रांसफर और सेंट्रलाइज्ड कॉपोर्रेट किचन लाना और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के नाम से आंगनबाड़ियों की जगह नंद घर बनाना। पिछले कुछ वर्षों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर अतिरिक्त कामों का बोझ लगातार बढ़ा है, जिसमें एफएसआरटी, ईकेवाईसी ऑनलाइन काम, जनगणना, एसआईआर और बीएलओ की ड्यूटी शामिल हैं। कलेक्टर के नाम ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि 2018 से केंद्र सरकार ने मानदेय में एक पैसा भी नहीं बढ़ाया है, जबकि महंगाई रोज बढ़ रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ग्रेच्युटी भुगतान के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अभी भी श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन के नाम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नाजायज तरीके से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खराब मोबाईल फोन, नेटवर्क की समस्याओं और तकनीकी गड़बड़ियों जैसी वजहों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जाता है। रिकग्निशन सिस्टम और ईकेवाईसी मानसिक उत्पीड़न उन्हें फेस रिकग्निशन सिस्टम और ईकेवाईसी को लेकर अपमान और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। जबकि सरकार ने न तो सही 5जी डिवाईस दिए हैं और न ही वाई फाई कनेक्शन।उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों से आईसीडीएस के बजट में कटौती के कारण आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वेतन नहीं मिल पा रहा है साथ ही कई महीनों से भवन के किराए और अच्छी गुणवत्ता वाले भोजन के लिए भी फंड नहीं मिल पा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार कि आंगनबाड़ी विरोधी नीतियों के विरोध और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की जायज मांगो को मनवाने के लिए ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स ने 10 जुलाई को देशभर में जिला स्तर तक काला दिवस मनाने का फैसला किया है। इसी कड़ी में दस जुलाई को काले कपडे पहनकर और काले झंडे लेकर केन्द्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में उषा गुप्ता, गुड्डी लक्षकार, संतरा सोयल, कौशल्या लक्षकार, ममता वर्मा, सजना, निर्मला, गायत्री, बबली, सीमा जांगिड़, मधु शर्मा, प्रतीक्षा, सीमा, नीलू माहुर, शिमला आदि शामिल रही।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय भुगतान को लेकर किया प्रदर्शन:रायपुर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, शीघ्र भुगतान की मांग

झालावाड़ में रायपुर ब्लॉक की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। संभाग अध्यक्ष मंजू कारपेन्टर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लंबित मानदेय और विभिन्न मदों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर जुलूस निकाला और रायपुर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे नियमित रूप से टीकाकरण, स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस, सुपोषण दिवस, पोषण ट्रैकर, अपार आईडी, होम विजिट, चुनाव ड्यूटी, विभिन्न सर्वे, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पोषण आहार वितरण और वजन दिवस सहित कई सरकारी योजनाओं का दायित्व निभा रही हैं। इसके बावजूद, लंबे समय से उनका मानदेय और अन्य मदों का भुगतान लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित मानदेय और अन्य बकाया राशि का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, तहसीलदार ने कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा और समाधान का प्रयास किया जाएगा।

15 साल की लड़की से गैंगरेप, चार आरोपी गिरफ्तार:जबरन उठाकर फॉर्म हाउस पर उठाकर लेकर गए; जान से मारने की दी धमकी

15 साल की लड़की से गैंगरेप के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पीड़िता को घर में अकेला पाकर जबरन उठाकर फॉर्म हाउस पर लेकर गए थे। वहां नशीला पदार्थ खिलाकर गैंगरेप किया। अगले दिन जान से मारने की धमकी देकर रास्ते में छोड़कर भागे थे। मामला खैरथल-तिजारा जिले का है। परिजनों की शिकायत के बाद सभी 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल भी करवाया है। गैंगरेप कर जान से मारने की धमकी दी पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह और उनकी पत्नी रिश्तेदारी में गए थे। घर में 15 साल की बेटी अकेली थी। इसका फायदा उठाकर 20 जून की रात आरोपी दीवार फांदकर घर में घुस गए। आरोपी बेटी का मुंह दबाकर जबरन घसीटते हुए बाहर खड़ी बाइक पर पटक कर एक फॉर्म हाउस पर ले गए, वहां नशीला पदार्थ खिलाकर गैंगरेप किया। अगले दिन जान से मारने की धमकी देकर रास्ते पर छोड़कर चले गए। घर आकर बेटी ने आपबीती बताई। इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज करवाया। चार आरोपी गिरफ्तार मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से तीन एक ही गांव के हैं, जबकि चौथा आरोपी कोटा का रहने वाला है, जो इनका परिचित बताया जा रहा है।

राजस्थान दिनभर, 10 बड़ी खबरें:बेटे ने पीट-पीटकर पिता को मार डाला; कोबरा लेकर अस्पताल पहुंचा युवक; महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया

नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर झुंझुनूं जिले से है। यहां PWD विभाग में UDC के पद पर तैनात बेटे ने अपनी मां की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें
1. एंट्री के 7 दिन बाद पूरे राजस्थान में छाया मानसून
राजस्थान में 2 जुलाई को एंट्री करने वाले मानसून ने गुरुवार को पूरे प्रदेश को कवर कर लिया है। सबसे आखिर में मानसून बीकानेर और श्रीगंगानगर में पहुंचा। धौलपुर के मनियां इलाके में बारिश से 2 मंजिला मकान ढह गया। 6 लोग मलबे में दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने निकाला। पूरी खबर पढ़ें 2. टीचर फाइल में छिपाकर ले गया था LDC का पेपर
जैसलमेर में LDC (ग्रेड सेकेंड) भर्ती परीक्षा में नकल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। महिला अभ्यर्थी को टीचर ने नकल कराई, जो CCTV में कैद हो गया। टीचर फाइल में पेपर छिपाकर बाहर ले गया था। इस दौरान दूसरे अभ्यर्थियों ने आपत्ति की तो कहा- तुम्हें भी बता देंगे, शोर मत करो। पूरी खबर पढ़ें 3. PWD कर्मचारी ने मां को मार डाला, चाकू से किए वार
झुंझुनूं के नवलगढ़ थाना इलाके में PWD विभाग में UDC के पद पर तैनात बेटे ने अपनी ही बुजुर्ग मां की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। पूरे कमरे में खून फैल गया। वारदात के बाद बेटे ने खुद अपनी बहन और जीजा को फोन कर कहा- मैंने मां को मार डाला है। पूरी खबर पढ़ें 4. सोशल मीडिया पोस्ट से गर्माया माहौल, इंटरनेट सेवा बंद
करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद माहौल गर्मा गया। इसके बाद प्रशासन ने बुधवार रात 12 बजे से इंटरनेट सेवा बंद कर दी। इसके अलावा सवाई माधोपुर जिले की 3 तहसीलों में भी इंटरनेट बंद कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें 5. बेटे ने डंडों से पीट-पीटकर पिता को मार डाला
बाड़मेर में सियोलो की ढाणी में बेटे ने अपने ससुर-साले के साथ मिलकर पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घायल पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। पिता ने अपने हिस्से की जमीन बेची थी, जिसके रुपए बेटा मांग रहा था। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें
6. कोबरा ने डसा, डिब्बे में डालकर अस्पताल पहुंचा युवक
पाली में युवक को कोबरा ने अंगुली पर डस लिया। उसने सांप को डिब्बे में बंद किया और अस्पताल लेकर पहुंच गया। कोबरा डिब्बे में फुफकार रहा था, जिसे देख लोग घबरा गए। युवक ने डॉक्टर से कहा- 12 सालों से सांप पकड़ रहा हूं। पहली बार काटा है, मेरा इलाज करो। पूरी खबर पढ़ें 7. अतिक्रमण हटाने पर हंगामा, जेसीबी पर चढ़ा युवक
जोधपुर में भदवासिया मंडी इलाके में नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची तो हंगामा हो गया। एक होटल मालिक ने खुद पर ऑयल छिड़क लिया और हाथ से कांच का गेट तोड़ दिया। एक युवक की चाय की केबिन हटाई तो वह टीम के साथ धक्का-मुक्की करने लगा और जेसीबी पर चढ़ गया। पूरी खबर पढ़ें 8. हिरण का शिकार करते पकड़े गए, मांस बरामद
बालोतरा के गिड़ा थाना इलाके में ग्रामीणों ने हिरण का शिकार करने वाले 3 आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपियों के पास से हिरण का मांस, शिकार में इस्तेमाल कटर, टॉर्च और बाइक बरामद हुई है। ग्रामीणों को देख तीनों शिकारी भागने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने 10 किमी तक पीछा कर पकड़ लिया। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है
9. महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया
झालावाड़ के जनाना अस्पताल में एक महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया है। इनमें 3 बेटियां और 1 बेटा है। डिलीवरी के बाद मां की हालत सामान्य है, जबकि वजन कम होने के कारण चारों बच्चों को NICU में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी रख रही हैं। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास
10. ओबीसी परिवारों का सर्वे करने घर-घर जाएंगे कर्मचारी
प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनावों से पहले ओबीसी परिवारों का सर्वे करने के लिए 10 जुलाई से कर्मचारी घर-घर जाएंगे।

अलवर के शिशु-अस्पताल में छत का प्लास्टर गिरा,बाल-बाल बचे मासूम:दूसरे वार्ड में किया शिफ्ट; 2 दिन पहले सैटेलाइट हॉस्पिटल में डॉक्टर का सिर फटा था

अलवर शहर के गीतानंद शिशु अस्पताल के एक वार्ड में अचानक छत के लैंटर से प्लास्टर (चूना) का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि जिस जगह यह प्लास्टर गिरा, वहां उस समय कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। घटना के बाद एहतियात के तौर पर वार्ड में भर्ती करीब 10 नवजातों को तुरंत दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही काला कुआं सैटेलाइट अस्पताल में भी प्लास्टर गिरने से एक डॉक्टर का सिर फट गया था। अस्पताल में कार्यरत गार्ड सुरेंद्र यादव ने बताया कि गुरुवार दोपहर बाद वार्ड की छत से अचानक चूना नीचे आ गिरा। हालांकि, प्लास्टर थोड़ी दूरी पर गिरा था और उस तरफ कोई मौजूद नहीं था। वार्ड के अलग-अलग बेड पर करीब 10 नवजात शिशु भर्ती थे, जिन्हें सुरक्षित दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। अब प्रशासन द्वारा इस वार्ड को खाली कराकर मरम्मत (रिपेयरिंग) का कार्य कराया जाएगा।
2 दिन पहले सैटेलाइट अस्पताल में फटा था डॉक्टर का सिर 2 दिन पहले शहर के काला कुआं स्थित सैटेलाइट अस्पताल में छत का प्लास्टर गिरने से ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर का सिर फट गया था, जबकि एक अन्य स्टाफ कर्मी भी मलबे की चपेट में आने से घायल हो गया था। सैटेलाइट अस्पताल में पंखे सहित बड़ा हिस्सा प्लास्टर का गिर गया था। इससे पहले अलवर के सीएमएचओ कार्यालय में कई बार प्लास्टर गिरने की घटना हो चुकी हैं। पढ़ें पूरी खबर

उधार के रुपए मांगने पर युवक को पीटा:बुलेट बाइक से टक्कर मारने के बाद सरियों से किया हमला

भीलवाड़ा में उधार दिए गए रुपए मांगने पर युवक पर हमला कर दिया। पांसल चौराहे के पास कार की सर्विस कराने पहुंचे युवक पर बुलेट सवार दो भाइयों ने कथित रूप से पहले बाइक चढ़ा दी और फिर लोहे के सरियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर घायल को छुड़ाया और अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि विवाद दो साल पुराने लेन-देन से जुड़ा है। कार की सर्विस कराने आया था युवक
मामला प्रताप नगर थाना क्षेत्र के पांसल चौराहे का है। घायल पप्पूलाल नायक पुत्र श्रवण नायक निवासी खारी का लांबा ने बताया – वह गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे अपनी कार की सर्विस कराने पांसल चौराहे के पास आया था। बुलेट से टक्कर मारकर किया हमला
पप्पूलाल के अनुसार, जैसे ही वह कार से उतरा, विजयनगर निवासी दशरथ नायक और उसका भाई पृथ्वीराज बुलेट पर वहां पहुंचे। उन्होंने पहले उसे टक्कर मारकर बुलेट चढ़ा दी और फिर लोहे के सरियों से हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया। उधार के 3 लाख रुपए मांगने पर रंजिश
घायल ने बताया कि उसने दो साल पहले दशरथ को 3 लाख रुपए उधार दिए थे। वह लगातार अपने रुपए वापस मांग रहा था, लेकिन रकम नहीं लौटाई गई। इसी बात को लेकर पहले भी दोनों पक्षों में कहासुनी हो चुकी थी। पप्पूलाल का आरोप है कि रंजिश के चलते दोनों भाइयों ने उस पर जानलेवा हमला किया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित के बयान दर्ज किए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।

विप्र फाउण्डेशन झालावाड़ की नई जिला कार्यकारिणी घोषित:अध्यक्ष दीपेश जोशी ने वरिष्ठ व युवा कार्यकर्ताओं को सौंपे दायित्व

झालावाड़ में विप्र फाउंडेशन की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। जिला अध्यक्ष दीपेश जोशी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भुवनेश्वर शर्मा ‘चच्चू भैया’, प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण मुरारी चतुर्वेदी और मुख्य संगठन प्रदेश महामंत्री एवं जिला प्रभारी विकास भार्गव की सहमति से नई टीम का गठन किया। कार्यकारिणी में वरिष्ठ और युवा कार्यकर्ताओं को विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं। संगठन का उद्देश्य समाज सेवा, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक समरसता के क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाना रहेगा। संरक्षक और सलाहकार मंडल का गठन नई कार्यकारिणी में संरक्षक के रूप में महेन्द्र शर्मा, सुरेश शुक्ला, सुमन्त शर्मा, भगवती प्रसाद शर्मा और राधाकिशन शर्मा को शामिल किया गया है। वहीं सलाहकार मंडल में मनमोहन शर्मा, सुमति भारद्वाज, नूतन शुक्ला, शिवप्रकाश जोशी और तरंग शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। संगठनात्मक पदों पर नई जिम्मेदारियां प्रणव शर्मा को मुख्य संगठन महामंत्री बनाया गया है। संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी अनिरुद्ध कौशिक, संदीप रावल और सुनील शर्मा को सौंपी गई है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में गिरधर गोपाल शर्मा, श्रीलाल गौतम, अमित शर्मा, भवानीशंकर शर्मा, श्याम शर्मा और शिव प्रकाश शर्मा नियुक्त किए गए हैं। उपाध्यक्ष पद पर ललित त्रिवेदी, राजेन्द्र शर्मा, प्रेम बिहारी शर्मा, गजेन्द्र तिवारी, तपन शर्मा, विशाल शर्मा, गिरिश रावल और मयंक श्रृंगी को जिम्मेदारी मिली है। महामंत्री के रूप में विजय व्यास, दिनेश गौतम, हरिओम शर्मा, अशोक चतुर्वेदी, सुरेन्द्र तिवारी, महेश गौतम और क्षितिज पारीक कार्यभार संभालेंगे। सचिव, मंत्री और कोषाध्यक्ष की नियुक्तियां जिला सचिवों में पुष्पकान्त दाधीच, गौरव शर्मा, ओम भारद्वाज, गोपाल शर्मा, नवल शर्मा, नरेन्द्र शर्मा, मधुसूदन शर्मा, राजेन्द्र आचार्य और मुकेश शर्मा को शामिल किया गया है। अशोक शर्मा को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। जिला मंत्री के रूप में प्रमोद शर्मा, हेमन्त शर्मा, जगदीश शर्मा, गिरिराज प्रसाद शर्मा, अभय जोशी, नीरज व्यास और अर्जुन शर्मा नियुक्त हुए हैं। सह-सचिवों में जितेन्द्र शर्मा, प्रदीप शर्मा, दशरथ पुरोहित, मधुसूदन व्यास, विजय शर्मा, सचिन नागर और कुंजबिहारी दाधीच को शामिल किया गया है। विशेष आमंत्रित सदस्यों में गिरिराज प्रसाद गौतम, ललित शर्मा, विजय दुबे, तरुण शर्मा, भुवनेश्वर राम शर्मा, दिनेश व्यास, मुकेश शर्मा, अमितोष आचार्य और लक्ष्मीकांत तिवारी को स्थान दिया गया है। विभिन्न प्रकोष्ठों को मिले प्रभारी चिकित्सा प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी डॉ. अमन पारीक, कर्मचारी प्रकोष्ठ की संजय व्यास, वैदिक प्रकोष्ठ की प्रशान्त शुक्ला और विधि प्रकोष्ठ की एडवोकेट दिनेश शर्मा को सौंपी गई है। समाज सेवा को मिलेगी नई दिशा मुख्य संगठन प्रदेश महामंत्री विकास भार्गव ने विश्वास जताया कि नवगठित कार्यकारिणी समाज सेवा, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
आरोग्य भारती की जिला कार्यकारिणी बैठक, स्वस्थ जीवनशैली और जनजागरूकता पर जोर झालावाड़ में आरोग्य भारती की जिला कार्यकारिणी बैठक आयोजित हुई, जिसमें राजस्थान संयोजक संजीवन ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, आरोग्य मित्र अभियान को मजबूत बनाने और स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में संगठन विस्तार, आगामी स्वास्थ्य कार्यक्रमों और विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष जोर संजीवन ने कहा कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और रोगों की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने आरोग्य मित्र अभियान को अधिक प्रभावी बनाने और विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय से लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर बल दिया। संगठन विस्तार की बनी रणनीति बैठक में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों तक आरोग्य भारती की गतिविधियां पहुंचाने की रणनीति तैयार की गई। इन पदाधिकारियों की रही मौजूदगी बैठक में डॉ. रिंकेश यादवेन्द्र, सचिव नवल टेलर, आरोग्य मित्र प्रमुख डॉ. राकेश मीणा, प्रचार-प्रसार प्रमुख भारत अवस्थी, स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रमुख महेश गौड़, उपाध्यक्ष डॉ. संदीप निर्मल, परंपरागत औषधि प्रमुख डॉ. रामकेश मीणा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस ने लग्जरी-स्लीपर समेत दो दर्जन बसों की जांच:चालान काटे, गंभीर अनियमितता पर कई बसों को सीज किया

दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस-ट्रेलर अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद विशेष अभियान शुरू किया गया। यह अभियान विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर चलाया गया। इस अभियान में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की टीम की ओर से गुरुवार को जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे स्थित भांडारेज इंटरचेंज पर करीब 20 स्लीपर बसों की जांच की। दो दर्जन स्लीपर बसों की जांच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संतोष अग्रवाल और आरटीओ जगदीश अमरावत की मौजूदगी में परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस ने जयपुर और आगरा की तरफ आवाजाही करने वाली दो दर्जन स्लीपर बसों की जांच की। साथ में कई बसों सीज करने और चालान की कार्रवाई की गई। नियम के अनुसार नहीं मिली बस सही जांच में सामने आया कि इन स्लीपर बसों में यात्रियों की आवाजाही के लिए निर्धारित 300 मिमी जगह नहीं थी। स्लीपर बर्थ का आकार भी मानकों के अनुरूप नहीं मिला। इमरजेंसी गेट छोटे मिले। बस में अग्निशमन यंत्र भी सही स्थिति में नहीं थे। बसों में इमरजेंसी विंडो और गेट का आकार मानकों के अनुसार नहीं था। बस संचालकों को नोटिस देकर लगाया जुर्माना आरटीओ जगदीश अमरावत ने बताया- जांच के बाद बसों के संचालकों को नोटिस देकर जुर्माना लगाया गया है। सीज की गई बसें यात्रियों को छोड़कर वापस आरटीओ ऑफिस आएंगी। जिनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रोड सेफ्टी और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चलाया जा रहा यह अभियान पूरे जुलाई माह जारी रहेगा।

नागौर मंडी में जीरा 22 हजार रुपए क्विंटल पर पहुंचा:मूंग, सौंफ और इसबगोल में भी रही अच्छी खरीदारी

नागौर कृषि उपज मंडी में गुरुवार को अधिकांश जिंसों के भाव स्थिर से मजबूत रहे। अच्छी गुणवत्ता वाले जीरे की लगातार मांग के चलते इसके भाव 22 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए। मूंग, सौंफ और इसबगोल में भी अच्छी खरीदारी से मजबूती बनी रही, जबकि अन्य फसलों में सीमित दायरे में कारोबार हुआ। जीरे में बनी रही खरीदारों की रुचि
मंडी में मूंग 5500 से 7600 रुपए और ग्वार 5000 से 5780 रुपए प्रति क्विंटल बिका। जीरे के भाव 17 हजार से 22 हजार रुपए प्रति क्विंटल रहे। व्यापारियों के अनुसार अच्छी गुणवत्ता वाले जीरे की आवक पर खरीदारों की मांग लगातार बनी हुई है। सौंफ और इसबगोल के भाव भी मजबूत
सौंफ के भाव 7000 से 13,500 रुपए और इसबगोल 9000 से 13,500 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किए गए। असालिया 5800 से 6000 रुपए, दाना मेथी 5700 से 6100 रुपए और सिधी सुवा 6000 से 7600 रुपए प्रति क्विंटल बिकी। अन्य फसलों में सीमित दायरे में कारोबार
तारामीरा 5500 से 5700 रुपए, ज्वार 4500 से 6000 रुपए, काला तिल 9000 से 10,500 रुपए और सफेद तिल 10 हजार से 11,500 रुपए प्रति क्विंटल रहा। चना 5000 से 5300 रुपए प्रति क्विंटल बिका, जबकि 40 प्रतिशत तेल वाली सरसों का औसत भाव 7400 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। व्यापारियों के अनुसार बुधवार की तुलना में गुरुवार को अधिकांश जिंसों के भाव लगभग स्थिर रहे। गुणवत्तायुक्त जीरा, सौंफ और इसबगोल की मांग बनी रहने से इनमें मजबूती कायम रही, जबकि अन्य फसलों में सीमित दायरे में कारोबार हुआ। किसानों को अच्छी गुणवत्ता की उपज के बेहतर दाम मिलते रहे।

चूहे के शिकार में खुद पिंजरे में फंसा ब्लैक कोबरा:स्कूल के प्रिंसिपल ऑफिस में निकला वाटर स्नेक, कोटा में दोनों जगहों से किया रेस्क्यू

कोटा शहर में गुरुवार को दो अलग-अलग इलाकों में सांप निकलने की घटनाओं से लोगों में दहशत फैल गई। पहली घटना महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय की है, जहां प्रिंसिपल के कार्यालय में एक वाटर स्नेक दिखाई देने से हड़कंप मच गया। वहीं दूसरी घटना शिवनगर नयागांव में सामने आई, जहां चूहे का शिकार करने के प्रयास में एक पांच फीट लंबा ब्लैक कोबरा चूहे पकड़ने के पिंजरे में ही फंस गया। सूचना मिलते ही स्नेक कैचर गोविंद शर्मा मौके पर पहुंचे और दोनों सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। सरकारी स्कूल में कमरे में बैठा दिखा वाटर स्नेक स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि महात्मा गांधी सरकारी स्कूल में महिला प्रिंसिपल कुसुम जैसे ही अपने कार्यालय में पहुंचीं, उन्होंने कमरे के अंदर कीलबैक प्रजाति का वाटर स्नेक बैठा देखा। सांप को देखते ही वह घबरा गईं और तुरंत कमरे से बाहर निकलकर अन्य स्टाफ को सूचना दी। इसके बाद स्नेक कैचर को बुलाया गया, जिन्होंने सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित जंगल में रिलीज कर दिया। चूहों को पकड़ने के लिए लगाए पिंजरे में फंसा कोबरा दूसरी घटना शिवनगर नयागांव में ओमप्रकाश के मकान की है। घर में चूहों को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा इस बार ब्लैक कोबरा के लिए जाल बन गया। चूहे का शिकार करने के दौरान करीब पांच फीट लंबा ब्लैक कोबरा पिंजरे के अंदर घुस गया और बाहर नहीं निकल सका। परिवार ने तुरंत स्नेक कैचर को सूचना दी। मौके पर पहुंचे गोविंद शर्मा ने सुरक्षित तरीके से कोबरा को पिंजरे से बाहर निकालकर रेस्क्यू किया और उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। सांप दिखने पर घबराए नहीं स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने लोगों से अपील की कि सांप दिखने पर घबराएं नहीं, उसे मारने की कोशिश न करें और तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें। ————— ये खबर भी पढ़िए… कोटा में परिवार सो रहा था,मकान में घुसा ब्लैक कोबरा:अचानक 5 फीट लंबे सांप को देख मची अफरा-तफरी, स्नेक कैचर ने किया रेस्क्यू कोटा शहर के नया गांव इलाके में शुक्रवार सुबह एक मकान में करीब 5 फीट लंबा ब्लैक कोबरा सांप घुस आया। उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। सुबह जब मकान मालिक रामेश्वर प्रसाद सोनी की नींद खुली तो उनकी नजर अचानक कमरे में अलमारी के पीछे बैठे ब्लैक कोबरा पर पड़ी। (पूरी खबर पढ़ें…)