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आज 5 जिलों में बारिश की संभावना, कमजोर हुआ मानसून:अलवर, चूरू में झमाझम बरसात; अब तक 24 जिलों में सामान्य या कम पानी बरसा

राजस्थान में मानसून की रफ्तार अब कमजोर हो गई है। मौसम विभाग ने शनिवार को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, डीग, भरतपुर और धौलपुर जिलों में बारिश की उम्मीद जताई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। बीते 24 घंटे में अलवर श्रीगंगानगर, चूरू में सबसे ज्यादा बारिश हुई। अब 15 जुलाई से मानसून के फिर से तेजी पकड़ने की उम्मीद है। राजस्थान के 24 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य या कम बारिश हुई है। कम बारिश के कारण 34 जिले खरीफ की बुआई में पिछड़ गए हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक 30 प्रतिशत बुआई कम हुई है। सबसे पहले- प्रदेश में बारिश की स्थिति और सैटेलाइट इमेज मानसून के बड़े अपडेट्स चूरू में सबसे ज्यादा बारिश: पिछले 24 घंटों के दौरान चूरू में जहां सबसे ज्यादा 25.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, झुंझुनूं के पिलानी में 10.1 एमएम और सीकर में 4 एमएम बारिश हुई। अलवर, श्रीगंगानगर में शनिवार को बरसात हुई। श्रीगंगानगर सबसे गर्म, बीकानेर भी पीछे नहीं: पश्चिमी राजस्थान में तापमान का ग्राफ बढ़त की ओर रहा। श्रीगंगानगर में प्रदेश का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जैसलमेर में 39.8 डिग्री, फलोदी में 39.8 डिग्री और बीकानेर में 39.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। चूरू में बारिश के बाद भी पारा 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इन जिलों में बारिश की संभावना: मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के लिए अलग-अलग पूर्वानुमान जारी किया है। इसके तहत पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों में 16 जुलाई तक कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। बीकानेर संभाग में भी बारिश हो सकती है। इसके अलावा सिरोही, उदयपुर, झालावाड़ और बारां जिलों में बारिश हो सकती है। राजस्थान में बारिश की PHOTOS… ये शहर सबसे ज्यादा गर्म राजस्थान के बड़े शहरों का मौसम जयपुर: मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में बारिश की संभावना है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान जहां 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं आ रहा है, वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 2 डिग्री सेल्सियस 28.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पिछले चौबीस घंटे में डेढ़ डिग्री सेल्सियस पारा बढ़ा है। जोधपुर: जिले में अब तक सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार को बादलों की आवाजाही और हवा के कारण तापमान में गिरावट आई। अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.0 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा। कोटा: शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर हवा थमी रहने और तेज उमस के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उदयपुर: शुक्रवार सुबह और शाम आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवा चली। मौसम केंद्र डबोक के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरुवार के मुकाबले अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सीकर: जिल में अब तक मानसून कमजोर रहा है। शुक्रवार सुबह से ही तेज धूप खिली रही, हालांकि शाम को हल्के बादलों के बीच हवा चली। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को दिन का तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अजमेर: शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय हवा में नमी 77 प्रतिशत रहने से उमस महसूस हुई। दोपहर में नमी घटकर 53 प्रतिशत होने और धूप निकलने से गर्मी बढ़ गई। हालांकि, बीच-बीच में चलने वाली हल्की हवा से थोड़ी राहत मिली। अलवर: शुक्रवार शाम हुई झमाझम बारिश से गर्मी-उमस से राहत मिली। इससे पहले दिनभर हवा चली। दोपहर में तेज धूप के कारण गर्मी भी महसूस हुई। अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार के लिए बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

राजस्थान में लोकसभा की SC-ST सीटें बढ़ाने की तैयारी:दुष्यंत सिंह-हनुमान बेनीवाल को नई सीट तलाशनी पड़ सकती है; बीकानेर-दौसा ओपन होने की संभावना

राजस्थान में लोकसभा की सीटें 25 से बढ़ाकर 37 करने के साथ ही SC और ST कैटेगरी के लिए रिजर्व सीटों को भी बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। बीजेपी से जुड़े स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 12 सीटें रिजर्व की जा सकती हैं। रिपोर्ट में हनुमान बेनीवाल की नागौर सीट को परिसीमन में नागौर और डीडवाना-कुचामन करते हुए एससी के लिए रिजर्व करने का सुझाव दिया है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के प्रभाव वाली बारां- झालावाड़ सीट को परिसीमन में एसटी के लिए रिजर्व सीट बनाने का सुझाव देते हुए इसे नए समीकरणों से जोड़ा है। बीकानेर सीट को एसएसी से जनरल और दौसा सीट को एसटी से जनरल करने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट तैयार करने में गहलोत सरकार के समय बनाए गए जिलों और बाद में बीजेपी सरकार के संशोधन के बाद बचे हुए जिलों के राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए संभावित परिसीमन रिपोर्ट तैयार की गई है। लोकसभा सीटों के परिसीमन पर प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की रिपोर्ट के बाद बीजेपी से जुड़े स्टडी ग्रुप्स ने रिपोर्ट तैयार करवाई है। रिपोर्ट में राजस्थान में लोकसभा की सीटों को 25 से बढ़ाकर 37 करने का सुझाव दिया है, जबकि पीएम सलाकार परिषद रिपोर्ट में 38 सीटों का अनुमान था। रिपोर्ट में इन सीटों में बीजेपी के सियासी फायदे के हिसाब से परिसीमन का गणित बताया गया है। मेवाड़, मारवाड़, हाड़ौती और नहरी क्षेत्र की सीटों में बड़े बदलाव का सुझाव दिया गया है। राजस्थान में अभी लोकसभा की 25 सीटें हैं, जिनमें से 4 एएसी और 3 एसटी के लिए रिजर्व हैं। अब 37 लोकसभा सीटों में एससी के लिए 7 और एसटी के लिए 5 सीटें रिजर्व करने का अनुमान है। रिपोर्ट में राजनीतिक नफे-नुकसान के हिसाब से परिसीमन का गणित नई प्रस्तावित हनुमानगढ़ सीट में नोहर को जोड़ने का प्रस्ताव है। फिलहाल यह विधानसभा सीट चूरू लोकसभा में हैं। प्रस्तावित राजसमंद सीट में उदयपुर से मावली और वल्लभनगर विधानसभा को जोड़ने का सुझाव दिया है। जयपुर ग्रामीण सीट में दूदू विधानसभा को जोड़ने का सुझाव दिया है, फिलहाल दूदू अजमेर लोकसभा में आता है। बीएपी के प्रभाव को बैलेंस करने के लिए सिरोही एसटी सीट, डूंगरपुर-सलूंबर सीट जालोर-सिरोही को तोड़कर दोनों अलग अलग सीटें बनाने का सुझाव है। सिरोही को नई सीट बनाकर एसटी के लिए रिजर्व करने के पीछे बीएपी फैक्टर को बैलेंस करने की रणनीति है। डूंगरपुर सीट में सलूंबर विधानसभा को शामिल करने का सुझाव है। इसके पीछे बीएपी के प्रभाव को संतुलित करने का कारण बताया है। 6 लोकसभा सीटों के तीन टुकड़े करने का सुझाव था पिछले दिनों पीएम सलाहकार परिषद की स्टडी रिपोर्ट में लोकसभा की सीटें 25 से बढ़ाकर 38 करने की सिफारिश की गई थी। रिपोर्ट में में लोकसभा की 13 नई सीटें बनाने के लिए मौजूदा 6 लोकसभा सीटों को तीन भागों और चूरू सीट को दो भागों में तोड़ने का सुझाव दिया गया था। रिपोर्ट में चूरू लोकसभा सीट को दो भागों में बांटकर एक और नई लोकसभा सीट बनाने की सिफारिश की थी। जयपुर, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर, सीकर, उदयपुर और बांसवाड़ा सीटों को तीन-तीन भागों में बांटने का प्रस्ताव है। 18 सीटों को यथावत रखने का सुझाव है। इन बड़े चेहरों को नई सीटें तलाशनी होंगी कई बड़े नेताओं के सियासी समीकारण गड़बड़ा जाएंगे परिसीमन पर बीजेपी स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट की सलाह के हिसाब से ​सीटें रिजर्व हुई तो कई बड़े नेताओं के सियासी समीकारण गड़बड़ा जाएंगे। उन्हें नई सीटें तलाशनी होगी। रिपोर्ट में आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल की नागौर सीट को एससी, बारां-झालावाड़ से सांसद दुष्यंत सिंह की सीट को एसटी के लिए और जयपुर ग्रामीण से सांसद राव राजेंद्र सिंह की सीट को एससी के लिए रिजर्व करने का सुझाव दिया गया है। परिसीमन आयोग अगर इसी तरह से सीटों को रिजर्व करता है तो हनुमान बेनीवाल, दुष्यंत सिंह, राव राजेंद्र सिंह को नई सीटें तलाशनी होंगी। ये सीटें ओपन करने का सुझाव दिया गया पायलट के लिए फिर परंपरागत सीट का रास्ता साफ हो जाएगा बीकानेर सीट से अभी केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल सांसद हैं। इस सीट के रिजर्व कोटे से बाहर होने के कारण यहां सियासी समीकरण बदलेंगे। बीजेपी और कांग्रेस दोनों में दावेदारों की संख्या बढ़ेगी। दौसा सीट से अभी मुरारलाल मीणा सांसद हैं। इस सीट के ओपन होने से यहां से नए दावेदार आएंगे। पहले दौसा सीट से सचिन पायलट सांसद रह चुके हैं। उनके पिता राजेश पायलट भी यहां से सासंद रहे थे। दौसा रिजर्व कैटेगरी से बाहर हुई तो सचिन पायलट के लिए लोकसभा सीट का एक और विकल्प खुल जाएगा। नई रिपोर्ट, सुझाव नए पीएम सलाहकार परिषद की रिपोर्ट में ज्यादतर बड़े चेहरों वाली सीटों पर कोई बदलाव नहीं करने का सुझाव दिया था। उस रिपोर्ट में हनुमान बेनीवाल की सीट नागौर, दुष्यंत सिंह की सीट बारां-झालावाड़, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की सीट कोटा, भूपेंद्र यादव की सीट अलवर, भागीरथ चौधरी की सीट अजमेर में किसी तरह के बदलाव नहीं करने का सुझाव दिया था। इसके उलट बीजेपी के स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट में पीएम सलाहकाद परिषद की रिपोर्ट से अलग सुझाव दिया है। स्टडी ग्रुप ने कोटा से बूंदी सीट को अलग करने का सुझाव दिया है। किसी एससी सीट को तोड़ने की सिफारिश नहीं थी पीएम सलाहकार परिषद रिपोर्ट में दो एसटी सीटों को तोड़ने का सुझाव था और किसी एससी सीट को तोड़ने की सिफारिश नहीं थी। बीजेपी स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट ने एसी-एसटी सीटों को तोड़ने के साथ नई एससी-एसटी में आमूलचूल बदलाव का सुझाव दिया गया है। प्रदेश में अभी बीकानेर, श्रीगंगानगर, भरतपुर और करौली- धौलपुर सीट एससी के लिए आरक्षित है। उदयपुर, बांसवाड़ा- डूंगरपुर और दौसा लोकसभा सीट एसटी के लिए आरक्षित है। बीजेपी स्टडी ग्रुप रिपोर्ट में एससी-एसटी सीटों में भारी बदलाव की सिफारिश की गई है। —- यह खबर भी पढ़िए… राजस्थान में 13 नई लोकसभा सीटें बनाने की तैयारी:जयपुर-जोधपुर सहित 6 सीटों के तीन-तीन टुकड़े करने का प्रस्ताव, इनमें 4 बीजेपी की राजस्थान में लोकसभा की सीटें 25 से बढ़ाकर 38 करने की सिफारिश की गई है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की परिसीमन पर तैयार स्टडी रिपोर्ट के आधार पर ऐसा किया गया है। रिपोर्ट में लोकसभा की 13 नई सीटें बनाने के लिए मौजूदा 7 लोकसभा सीटों को दो और तीन भागों में बांटने का सुझाव दिया गया है। (पूरी खबर पढ़ें)

ऑपरेशन थिएटर में फैला संक्रमण, 7 प्रसूताओं की मौत:भीलवाड़ा-बांसवाड़ा में सिजेरियन में लापरवाही, गंदे उपकरणों के इस्तेमाल का आरोप

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (एमसीएच) में छह दिन में पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। सभी की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल आईसीयू भेजा, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी बीच एमसीएच के ऑपरेशन थिएटर की संक्रमण जांच (कल्चर टेस्ट) रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, बांसवाड़ा के सरकारी हॉस्पिटल में भी शुक्रवार (10 जुलाई) सुबह दो घंटे के भीतर दो प्रसूताओं की मौत हो गई। दोनों ने पहली बार संतान को जन्म दिया था। इससे पहले मई में कोटा में 5 प्रसूताओं की मौत हुई थी। जून में बीकानेर में सिजेरियन के बाद 6 प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई थी। दो की इलाज के दौरान मौत हुई थी। सभी केसों में गंभीर लापरवाही के आरोप भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में इस साल मार्च से अब तक कुल 9 प्रसूताओं की मौत हुई है। इनमें से 5 मौत इसी जुलाई में अब तक हुई हैं। सभी केसों में परिजनों ने हॉस्पिटल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। शुक्रवार (10 जुलाई) को जिले के पोटला निवासी संगीता जीनगर (32) तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें मेडिकल आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने हॉस्पिटल में हंगामा भी किया था। डेली 30-40 ऑपरेशन, लेकिन उपकरणों के सिर्फ 5 सेट एमसीएच में सिजेरियन ऑपरेशन के लिए नियमित उपयोग के केवल पांच और इमरजेंसी के तीन सर्जिकल सेट हैं। जबकि यहां रोज 30 से 40 सिजेरियन हो रहे हैं। किसी भी सर्जिकल सेट को दोबारा उपयोग से पहले तय स्टरलाइजेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें कम से कम तीन घंटे लगते हैं। लेकिन ऑपरेशन का दबाव क्षमता से कहीं अधिक होने के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। ओटी की कल्चर रिपोर्ट पॉजिटिव आने से संक्रमण की आशंका ने हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं पर और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हॉस्पिटल प्रशासन ने क्या कहा? महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ अरुण गौड़ का कहना है कि – अस्पताल में किसी तरह की लापरवाही सामने नहीं आई है। अधिकांश मरीज पहले से रेफर होकर गंभीर स्थिति में यहां पहुंचते हैं। चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण ऐसी मौतें हो जाती हैं। वहीं, मातृ और शिशु चिकित्सालय प्रबंधन का कहना है कि मौतों की वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म एस्पिरेशन, गंभीर एनीमिया, सीजर पीआईएच, एक्लेम्पिसया और अन्य प्रसूति जटिलताएं रहीं। बांसवाड़ा में भी 2 प्रसूताओं की मौत, इंजेक्शन के सैंपल लिए बांसवाड़ा के भी महात्मा गांधी हॉस्पिटल में शुक्रवार सुबह दो घंटे के भीतर दो प्रसूताओं की मौत हो गई। दोनों ने पहली बार संतान को जन्म दिया था। आईसीयू में भर्ती सवनिया निवासी लक्ष्मी गंभीर एनीमिया (शरीर में खून की कमी) से पीड़ित थीं, जबकि कानेला निवासी लीला की मौत बीपी बढ़ने से हुई। मामले की जांच के लिए अस्पताल प्रशासन ने पांच डॉक्टरों की टीम गठित की है। वहीं, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड से इस्तेमाल किए गए तीन इंजेक्शनों के सैंपल भी लिए गए हैं। 2 और प्रसूताओं की मौत की आशंका हॉस्पिटल से जुड़े सूत्रों का कहना है बीते कुछ दिनों में 2 और प्रसूताओं की मौत हुई है। इनमें से एक की मौत ऑपरेशन के बाद हुई थी। वहीं, एक गर्भवती युवती को इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। जहां आईसीयू में उसकी मौत हुई थी। हालांकि, इन दोनों मौतों को लेकर हॉस्पिटल प्रशासन ने कोई पुष्टि नहीं की है। …. राजस्थान में प्रसूताओं की मौत से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… कोटा मेडिकल कॉलेज में हुई हर मौत की वजह अलग:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 महिलाओं की जान गई थी, जांच रिपोर्ट आई कोटा में 5 प्रसूताओं (महिलाओं) की मौत के असल कारण सामने आ गए हैं। 3 अलग-अलग जांच कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर हाई लेवल कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी है। पूरी खबर पढ़िए…

विधिक प्राधिकरण ने बसों का किया औचक निरीक्षण:चेसिस काटकर बनाया लगेज स्पेस; छत पर लगेज कैरियर बने पाए गए, बसों को किया जब्त

प्रदेश में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने एक माह तके विशेष अभियान चला है। सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के लिए प्राधिकरण ने की तरफ से राज्यव्यापी विशेष निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जोधपुर में संचालित स्लीपर बसों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बसों की जांच करते हुए मोटर वाहन अधिनियम, 1988, AIS-119 (Rev.1): 2016 एवं राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाली बसों को जब्त किया गया एवं उनके चालान भी बनाए गए। इन बिंदुओं पर की गई विशेष जांच चेकिंग के दौरान यह भी जांच की गई कि स्लीपर बसों द्वारा AIS-119 के प्रावधानों की पालना की जा रही है अथवा नहीं। निरीक्षण में वाहनों में पर्याप्त इमरजेंसी गेट का अभाव, बैठक क्षमता में परिवर्तन, वाहन के पीछे चेसिस काटकर नियम विरुद्ध बनाए गए लगेज स्पेस, छत पर लगेज कैरियर का निर्माण, वाहनों का ओवरहैंग तथा बसों में लगे स्लीपर की लंबाई एवं फर्श से ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होना आदि बिंदुओं की जांच की गई। ये संयुक्त निरीक्षण दल रहा उपस्थित
इस कार्रवाई के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर अध्यक्ष दिनेश त्यागी,सचिव राकेश रामावत और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष पूरण कुमार शर्मा और सचिव डॉ. मनीष हरजाई ने जोधपुर क्षेत्र में संचालित लग्जरी, स्लीपर बसों के लिए गठित संयुक्त निरीक्षण दल को साथ औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संयुक्त निरीक्षण के दल के सदस्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल सिंह लखावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण पुष्पेन्द्र सिंह, परिवहन निरीक्षक मोहम्मद फिरोज और उड़नदस्ता (फ्लाईंग) टीम शामिल रहे।

फायरमैन की 26-लाख की ज्वेलरी थाने से गायब,कॉन्स्टेबल पर FIR:दावा- CCTV फुटेज में बैग ले जाते हुए दिखा था; कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला

सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दिल्ली में तैनात फायरमैन राजेश कुमार के 26 लाख रुपए के सोने के जेवरात पुलिस थाने से गायब होने के मामले में कोर्ट के इस्तगासे पर कार्रवाई हुई है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली थाने में सदर थाने के कॉन्स्टेबल संदीप कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। 30 मई को ज्वेलरी खरीदकर घर लौटते समय हादसे में गई थी जान
जानकारी के अनुसार, कुलौद खुर्द निवासी राजेश कुमार 30 मई 2026 को मातेश्वरी ज्वैलर्स से दो सोने की हमेल और 10 सोने के सिक्के खरीदकर घर लौट रहे थे। खाजपुर पुराना के पास तेज रफ्तार कार की टक्कर से उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद उनका बैग पुलिस की कस्टडी में पहुंचा, जिसमें सोने के जेवरात रखे हुए थे। एफआईआर के मुताबिक, क्रेन ड्राइवर शक्ति सिंह ने बैग और हेलमेट महिला कॉन्स्टेबल संतोष को सौंपा था। बैग को सदर थाने में स्टील की बेंच पर रखा गया, लेकिन बाद में उसमें रखे जेवर गायब मिले। परिजनों ने आरोप लगाया कि जेवर पुलिस कस्टडी से चोरी हुए हैं। दावा- सीसीटीवी फुटेज में दिखा था बैग ले जाते हुए
मामले में पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज में सदर थाने का कॉन्स्टेबल संदीप कुमार बैग उठाकर थाने से बाहर ले जाता हुआ दिखाई दिया था। इसी आधार पर कोर्ट के आदेश पर अब उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि कॉन्स्टेबल संदीप कुमार 30 जून 2026 से बिना सूचना ड्यूटी से गैरहाजिर था। इसके कारण उसे निलंबित किया जा चुका है। उसने 10 जुलाई को ही अपनी आमद दर्ज करवाई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। बता दें कि यह मामला पहले बगड़ थाने में दर्ज हुआ था, लेकिन क्षेत्राधिकार के कारण एफआर लगा दी गई। इसके बाद मृतक राजेश कुमार के मौसेरे भाई कैलाश डांगी ने कोर्ट की शरण ली। इसके बाद कोर्ट के इस्तगासे से कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, 2008 बैच का कॉन्स्टेबल संदीप जिले के कई थानों में तैनात रह चुका है, ऐसे में मामला दर्ज होते ही पुलिस ने उसके खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

चिकित्सा विभाग संयुक्त निदेशक का दलाल घूस लेते गिरफ्तार:डॉक्टर की पंजीयन स्वीकृति की एवज में मांगी 30 हजार रिश्वत; बांसवाड़ा एसीबी टीम की उदयपुर में कार्रवाई

उदयपुर चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक के लिए रिश्वत लेते एक दलाल को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। बांसवाड़ा की एसीबी टीम ने दलाल अब्दुल कादिर को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वहीं कार्रवाई की भनक लगने पर संयुक्त निदेशक डॉ. रतन बिलवाल कार्यालय से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। एसीबी के अनुसार- परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसकी लैब में सोनोग्राफी मशीन के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर का नाम जोड़ना है। इसकी पंजीयन स्वीकृति जारी करने की एवज में 1.30 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। एसीबी उपमहानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरवीजन और पुलिस उपअधीक्षक रतनसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में एसीबी टीम ने ये कार्रवाई की। जांच के दौरान डॉ. रतन बिलवाल की ओर से दलाल अब्दुल कादिर के माध्यम से 30 हजार रुपए रिश्वत लेने पर सहमति जताई गई। डॉक्टर ऑफिस छोड़कर हुए फरार ट्रैप कार्रवाई के दौरान अब्दुल कादिर ने 30 हजार रुपए गिनकर प्राप्त किए। हालांकि कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी अब्दुल ने रिश्वत की राशि कार्यालय में रख दी और मौके से भागने का प्रयास किया। एसीबी ने उसका पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं, डॉ. रतन बिलवाल कार्रवाई की सूचना मिलते ही कार्यालय छोड़कर फरार हो गए। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरवीजन में आरोपी दलाल से पूछताछ की जा रही है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे जांच जारी है।

स्कूल लेक्चरर्स के प्रमोशन पर हाईकोर्ट का फैसला:रद्द की कॉमन सीनियरिटी लिस्ट, कहा- 4 महीने में पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाए

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल लेक्चरर्स से वाइस प्रिंसिपल पद पर होने वाली पदोन्नति के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से जारी कॉमन सीनियरिटी लिस्ट को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि साल 2015 की भर्ती प्रक्रिया से चयनित सभी व्याख्याताओं की नई कॉमन सीनियरिटी लिस्ट समान आधार पर तैयार की जाए और उसी के आधार पर चार महीने के भीतर वाइस प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाए। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ ने आदेश में कहा- साल 2015 की एक ही चयन प्रक्रिया के तहत नियुक्त सभी व्याख्याताओं को समान चयन वर्ष का लाभ मिलना चाहिए। राज्य सरकार को निर्देश दिया कि साल 2018 की भर्ती में अपनाए गए सिद्धांतों के अनुरूप नई कॉमन सीनियरिटी सूची तैयार कर राजस्थान शिक्षा सेवा नियम, 2021 के तहत पदोन्नति की कार्रवाई पूरी की जाए। प्रक्रिया में कोई प्रशासनिक या कानूनी बाधा आती है, तो सरकार आवश्यक आदेश या अधिसूचना जारी कर उसका समाधान करे। समानता के अधिकार का उल्लंघन: अधिवक्ताओं की दलील याचिकाकर्ताओं के सीनियर वकील मनोज भंडारी, डॉ. विकास बालिया, अध हनुमान सिंह चौधरी और विवेक श्रीमाली सहित अन्य वकीलों ने दलील दी कि साल 2015 की एक ही भर्ती प्रक्रिया से चयनित व्याख्याताओं के लिए अलग-अलग वरिष्ठता मानदंड अपनाना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में निहित समानता के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा- समान चयन प्रक्रिया से नियुक्त सभी अभ्यर्थियों की एक ही कॉमन वरिष्ठता सूची बनाई जानी चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता सूची के आधार पर की गई पदोन्नतियां अनेक वरिष्ठ एवं पात्र व्याख्याताओं के वैधानिक अधिकारों को प्रभावित करेंगी। इसलिए पहले विधिसम्मत और समान सिद्धांतों पर आधारित नई वरिष्ठता सूची तैयार करना आवश्यक है। हाईकोर्ट ने दिए नई सूची बनाने के निर्देश दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने विवादित कॉमन वरिष्ठता सूची को रद्द करते हुए राज्य सरकार को चार महीने के भीतर नई सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि इसी नई सूची के आधार पर उपप्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाए।

गौशालाओं में पेयजल संकट पर हाईकोर्ट सख्त:कहा- बजट घोषणा के बावजूद हजारों गौशालाएं पानी से वंचित रहना प्रशासन की गंभीर विफलता

राजस्थान हाईकोर्ट ने गौशालाओं में पेयजल संकट पर गहरी चिंता जताते हुए इसे प्रशासन की गंभीर विफलता माना है। हाईकोर्ट ने कहा-साल 2023-24 के बजट में ट्यूबवेल स्थापना की घोषणा के बावजूद हजारों गौशालाएं आज भी बुनियादी पेयजल सुविधा से वंचित हैं। ‘गौ ग्राम सेवा संघ’ की अवमानना याचिका पर जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने सुनवाई की। हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि 21 जुलाई तक एक विस्तृत टाइम-बाउंड शेड्यूल प्रस्तुत किया जाए, जिसके अनुसार 1 अक्टूबर तक हर हाल में कार्य शुरू किया जा सके। इसके साथ ही अदालत ने सुझाव दिया कि जिन क्षेत्रों में भूजल उपलब्ध नहीं है, वहां वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था पर विचार किया जाए। कोर्ट ने आदेश दिया कि मानसून तक सभी गौशालाओं में अस्थायी पेयजल व्यवस्था निर्बाध रूप से जारी रखी जाए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 27 जुलाई 2026 को होगी।
गौशालाओं का हाल वकील मोती सिंह राजपुरोहित ने पैरवी करते हुए बताया- राजस्थान में कुल 3,861 पंजीकृत गौशालाएं संचालित हैं। इनमें से 1,641 गौशालाओं में ट्यूबवेल उपलब्ध हैं, जबकि 2,220 गौशालाओं में अब भी पेयजल के लिए ट्यूबवेल की जरूरत है। इनमें से भी 740 गौशालाओं में तत्काल स्थायी पेयजल व्यवस्था करने की आवश्यकता है। बेंच ने क्या कहा खंडपीठ ने कहा – साल 2022 से लगातार आदेश दिए जाने के बावजूद धरातल पर उम्मीद के अनुसार प्रगति (प्रोग्रेस) नहीं दिखी। सरकार की ओर से अस्थायी जलापूर्ति के दावे किए गए हैं, लेकिन कोर्ट ने माना कि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य केवल अस्थायी राहत देना नहीं, बल्कि सभी जरूरतमंद गौशालाओं के लिए स्थायी पेयजल ढांचा विकसित कराना है। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को तीन चरणों में तैयार कार्ययोजना की जानकारी दी। इसके तहत सरकारी भूमि पर स्थित 387, निजी भूमि पर संचालित 234 तथा दान या किराए की भूमि पर स्थित 323 गौशालाओं में क्रमवार पेयजल अवसंरचना विकसित की जाएगी। अधिकारियों ने वित्त विभाग से बजट स्वीकृति लेकर शीघ्र कार्य शुरू करने का भरोसा दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि चार वर्षों से काम शुरू नहीं होना चिंताजनक है और प्रथम दृष्टया यह अवमानना का मामला बनता है। हालांकि, अधिकारियों के आश्वासन को देखते हुए कोर्ट ने फिलहाल अवमानना की कार्रवाई स्थगित रखी है। ये खामियां बनीं हाईकोर्ट की सख्ती की वजह साल 2022 के विस्तृत आदेश के बाद भी सरकार ने इस दिशा में ध्यान नहीं दिया। दूसरी तरफ, सरकार हर साल शराब (लिकर) और स्टांप ड्यूटी पर ‘गौ सेवा’ के नाम पर करीब 3 हजार करोड़ रुपए का सरचार्ज जमा कर रही है। लेकिन इस राशि का उपयोग सरकार के अन्य खर्चों में किया जाने लगा। यानी गायों के नाम पर आने वाला पैसा उनकी सुविधाओं पर खर्च नहीं हो रहा है। साल 2022 में ‘गौ ग्राम सेवा संघ’ ने इन सभी गौशालाओं में गायों के पीने के पानी और अन्य सुविधाओं के लिए प्रयास शुरू किया था, जिस पर हाईकोर्ट ने गायों की इस गंभीर समस्या और संवेदना को समझा।

जजेज ने जांची लग्जरी बसें, 6बसें सीज, 16 के चालान:बस अग्निकांड की घटनाओं के बाद रालसा चला रहा अभियान

प्रदेश में बस अग्निकांड की बढ़ती घटनाओं के बाद राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने प्रदेश में लग्जरी बसों की चैकिंग का एक महीने का अभियान चला रखा है। इसमें जयपुर सहित 7 प्रमुख शहरों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (जज) लंबी दूरी की लग्जरी बसों में सुरक्षा मानकों की जांच कर रहे हैं। जयपुर में शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर प्रथम और द्वितीय के सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्र में लग्जरी बसों की जांच की। डीएलएसए मेट्रो-1 के सचिव (जज) किशोर कुमार तालेपा ने आगरा रोड पर रिंग रोड के पास लग्जरी बसों की जांच की। इसमें उन्होंने सुरक्षा मानकों की पालना नहीं करने वाली 4 बसों को सीज किया। वहीं 9 बसों के चालान किए। उन्होंने करीब 5 लाख 26 हजार के चालान किए। बसों के निरीक्षण की देखें PHOTOS परमिट और फिटनेस सस्पेंड वहीं, जयपुर विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर द्वितीय की सचिव (जज) पल्लवी शर्मा ने भांकरोटा बस स्टैंड पर बसों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में बसों के इमरजेंसी गेट और विंडो के सामने अतिरिक्त सीट-बर्थ लगाई गई थी। सचिव ने मौके पर ही ऐसी 2 बसों को सीज किया और 7 बसों के चालान किए। उन्होंने परिवहन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर केवल जुर्माना ही नहीं लगाया जाए। ऐसी बसों के परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट तुरंत निलंबित किए जाए और मॉडिफाइड बसों को जब्त किया जाए।

सुनसान मकानों की रेकी कर चोरी की, आरोपी गिरफ्तार:नशे की लत के लिए करता था वारदातें; खंडहर में छिपाकर रखे मोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त

बिंदायका थाना पुलिस ने 24 घंटे में चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी सुनसान और बंद मकानों की रेकी कर चोरी करता था। वारदात के बाद सुनसान स्थानों पर बने खंडहरों में छिपकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखता था। पुलिस ने आरोपी मनोज जसमेरा उर्फ राहुल (23) निवासी सिरसी को पकड़ा। आरोपी मनोज की निशानदेही पर सुनसान खंडहर में छिपाकर रखे चोरी के दो महंगे मोबाइल फोन, ब्लूटूथ ईयरफोन, ईयरबड्स और पावर बैंक बरामद किए। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया- परिवादी हंसराज वर्मा ने बिंदायका थाने में 6 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह जयपुर में ब्लिंकिट कंपनी में डिलीवरी पार्टनर के रूप में कार्य करते हैं और सिरसी क्षेत्र में किराए के कमरे में रहते हैं। 4 जुलाई को ड्यूटी से लौटने पर कमरे का दरवाजा खुला मिला और अंदर रखा सामान बिखरा हुआ था। जांच करने पर दो मोबाइल फोन, ब्लूटूथ ईयरफोन, ईयरबड्स, 35 वॉट का पावर बैंक और 3,500 रुपए चोरी होना पाया गया। परिवादी ने बताया- दोनों मोबाइल फोन उसकी आजीविका का मुख्य साधन थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। सीसीटीवी-मुखबिर की सूचना से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मनोज को सुनसान स्थान पर बने एक खंडहर से गिरफ्तार कर लिया। नशे की लत के लिए करता था चोरी पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह नशे की लत पूरी करने के लिए बंद मकानों की रेकी कर मौका मिलने पर चोरी करता था। चोरी का सामान सस्ते दामों में बेचकर नशा करता था। आरोपी ने बताया- चोरी के 3,500 रुपए उसने खाने-पीने और नशे में खर्च कर दिए। वारदात के बाद वह हुलिया बदल लेता और घटनास्थल के आसपास रहकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखता था। शक होने पर वह सुनसान खंडहरों में छिप जाता और बाद में नई वारदात की रेकी शुरू कर देता था।