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राजस्थान-कल से एक और बड़ी परीक्षा, 12 लाख कैंडिडेट:गुजराती सब्जेक्ट के लिए केवल एक पोस्ट, सबसे ज्यादा मैथ्स में; जानें- एंट्री के क्या हैं नियम

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सीनियर टीचर भर्ती एग्जाम कल से शुरू होगा। परीक्षा में 12 लाख 30 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड हैं। ये इस साल होने वाली बड़ी परीक्षाओं में से एक है। एग्जाम के लिए 27 जिलों में 1221 सेंटर बनाए गए हैं। ये भर्ती कुल 9,651 पदों पर की जाएगी। सबसे कम पोस्ट गुजराती में, मैथ्स में सबसे ज्यादा पद। एग्जाम को चार वर्गों में बांटा गया है। एग्जाम 12 से 18 जुलाई 2026 तक होगी। एक घंटे पहले मिलेगी एंट्री एग्जाम सेंटर पर अभ्यर्थियों को एग्जाम शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही एंट्री दी जाएगी। कैंडिडेट्स को एग्जाम सेंटर पर ऑरिजनल आधार कार्ड लेकर जाना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा अस्पष्ट है तो अन्य फोटो युक्त पहचान-पत्र, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जिसमें नई और कलर फोटो स्पस्ष्ट रूप से हो, उसे लेकर एग्जाम सेंटर पर जा सकेंगे। इसके साथ ही कैंडिडेट्स को प्रवेश-पत्र पर नया रंगीन फोटो लगाना होगा। किसी के बहकावे में नहीं आएं आरपीएससी की ओर से आयोजित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि किसी दलाल, मीडिएटर, या अपराधी के बहकावे में नहीं आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाए जाने या अनुचित कार्यों में लिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। पहले 6500, फिर 10537 व अब 9651 पदों पर भर्ती इस भर्ती का मूल विज्ञापन (संख्या 07/2025-26) पिछले साल 17 जुलाई 2025 को 10 विषयों के कुल 6,500 पदों के लिए जारी किया गया था। बाद में माध्यमिक शिक्षा विभाग से मिले प्रस्ताव के अनुसार पदों को बढ़ाकर पहले 10,537 किया गया था। जिसे नियमानुसार दोबारा संशोधित कर 9,651 किया गया। अलग-अलग सब्जेक्ट की परीक्षाओं को चार ग्रुप में बांटा ग्रुप A- इसमें सोशल साइंस विषय है। इसके अभ्यर्थियों की 12 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। दोपहर 3 से 5:30 बजे तक सोशल साइंस की परीक्षा होगी। ग्रुप B- इसमें हिंदी विषय है। इस सब्जेक्ट के अभ्यर्थियों की 13 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। दोपहर 3 से 5:30 बजे तक हिंदी की परीक्षा होगी। ग्रुप C- इसमें साइंस और संस्कृत सब्जेक्ट है। इन विषयों के सभी अभ्यर्थियों की 14 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। इसके बाद दोपहर 3 से 5:30 बजे तक साइंस विषय की परीक्षा होगी। 15 जुलाई को सुबह 10 से 12:30 बजे तक संस्कृत विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी। ग्रुप D- इसमें गणित, इंग्लिश, उर्दू, पंजाबी, सिंधी और गुजराती सब्जेक्ट रखे गए हैं। इन सब्जेक्ट के सभी अभ्यर्थियों की 16 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। इसके बाद दोपहर 3 से 5:30 बजे तक गणित विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 17 जुलाई को सुबह 10 से 12:30 बजे तक इंग्लिश और दोपहर 3 से 5:30 बजे तक उर्दू विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। 18 जुलाई को सुबह 10 से 12:30 बजे तक पंजाबी और दोपहर 3 से 5:30 बजे तक सिंधी और गुजराती सब्जेक्ट के अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी। 27 जिलों में 1221 एग्जाम सेंटर बनाए …. ये खबर भी पढ़िए…. एमडीएस यूनिवर्सिटी में एडमिशन आवेदन की डेट बढ़ाई:अब स्टूेडेंट्स 24 जुलाई तक भर सकेंगे फॉर्म, 27 को होगी काउंसलिंग महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय ने विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, सर्टिफिकेट एवं पीजी डिप्लोमा पाठ्‌यक्रमों में प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि को 24 जुलाई तक बढ़ा दिया है।(पूरी खबर पढें)

जयपुर में दिनदहाड़े महिला को हिप्नोटाइज कर लूटे गहने:बच्चे को स्कूल से लेने जा रही थी, 2 बदमाशों ने एड्रेस पूछने के बहाने रोका

जयपुर में हिप्नोटाइज कर एक महिला से गहने लूटने का मामला सामने आया है। शुक्रवार दोपहर वह बच्चों को स्कूल लेने घर से निकली थी। एड्रेस पूछने के बहाने दो बदमाशों ने रास्ते में रोक गहने उतरवा लिए। महेश नगर थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों बदमाशों की तलाश कर रही है। भगवान की कृपा करने की कहकर किया हिप्नोटाइज पुलिस ने बताया- महेश नगर के अवधपुरी निवासी रिटायर्ड तहसीलदार मेवाराम ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उनकी बहू गायत्री देवी के साथ वारदात हुई है। दोपहर करीब 1:45 बजे वह बच्चों को स्कूल से लेने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में मिले दो युवकों ने एड्रेस पूछने के बहाने उसे रोक लिया। बातचीत के दौरान भगवान की कृपा प्राप्त करने की कहकर हिप्नोटाइज कर लिया। बदमाशों के कहे अनुसार गायत्री ने हाथ में पहनी सोने की अंगुठी, नाक का सोने का कांटा उतरवा लिया। बिना पीछे देखे 10-15 कदम चलने को कहकर गहने लेकर दोनों बदमाश फरार हो गए। कुछ देर बाद गायत्री को अपने साथ लूट की वारदात होने का पता चला। महेश नगर थाना पुलिस ने सूचना पर पहुंच वारदातस्थल पर लगे CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में कैद हुए दोनों बदमाशों की पुलिस तलाश कर रही है। देखिए PHOTOS…

552 तहसीलदारों को किया इधर-उधर:रेवेन्यू बोर्ड ने जारी की लिस्ट; कइयों के जिले बदले, कई जिले में ही एडजस्ट

रेवेन्यू बोर्ड अजमेर ने 552 तहसीलदारों के ट्रांसफर किए गए हैं। इनमें अधिकांश का जिला व पद बदले गए हैं। वहीं कुछ को जिले में ही एडजस्ट किया गया है। इस संबंध में रजिस्ट्रार महावीर प्रसाद की ओर से आदेश जारी किए गए है। यहां देखें पूरी लिस्ट….

हाईकोर्ट ने पूछा-आवासीय भवन में संचालित कोचिंग वैध या नहीं:सरकार और अधिकारियों को रिपोर्ट पेश करने के आदेश, 23 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान धार्मिक स्थल की आड़ में संभावित अतिक्रमण और आवासीय क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थान की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने राजेंद्र प्रसाद मित्तल की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि क्या राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थान अधिनियम, 1944 के प्रावधानों के विपरीत कहीं भी मंदिर या धार्मिक निर्माण किया जा सकता है। अधिकारी नहीं सुनते कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या धार्मिक भावनाओं की आड़ में सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को वैध माना जा सकता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उनके कार्यस्थल के बाहर स्थित मंदिर परिसर में असामाजिक तत्व एकत्र होकर नशा करते हैं, जिसकी शिकायत अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 23 जुलाई को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने साथ ही यह भी जांचने के निर्देश दिए कि आवासीय भवन में किराए पर संचालित कोचिंग संस्थान संबंधित नियमों के अनुरूप वैध हैं या नहीं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को रिपोर्ट सहित अगली सुनवाई पर उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।

रेलवे ने भाजपा कार्यालय की जमीन को बताया अवैध:KDA को पत्र लिखकर कहा- सड़क के लिए दी थी जमीन, आपने बीजेपी को अलॉट कर दी

कोटा शहर के 80 फीट रोड पर बन रहे भाजपा के नए जिला कार्यालय को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पश्चिम मध्य रेलवे ने करीब 3 हजार वर्गमीटर भूमि पर हो रहे निर्माण को रेलवे की जमीन पर अवैध निर्माण बताया है। रेलवे ने 16 जून को वरिष्ठ मंडल अभियंता (दक्षिण) की ओर से सहायक मंडल अभियंता (रामगंजमंडी) को पत्र लिखकर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोटा विकास प्राधिकरण (KDA ) से भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। रेलवे के अनुसार, यह जमीन 10 जुलाई 2008 में तत्कालीन यूआईटी (अब KDA) को 35 साल की लीज पर केवल सड़क निर्माण के उद्देश्य से दी गई थी। लीज की शर्तों में स्पष्ट था कि इस जमीन का व्यावसायिक या अन्य किसी प्रकार का उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद मौके पर भाजपा का जिला कार्यालय बनाया जा रहा है। साल 2020 में यूआईटी ने इसी जमीन का आवंटन भाजपा को कर दिया, जबकि यह लीज की शर्तों के विपरीत है। रेलवे के रिकॉर्ड में संबंधित जमीन की चौड़ाई 182.88 मीटर दर्ज है। पहले भी जताई थी आपत्ति रेलवे के एसएसई (परमानेंट-वे साउथ) ने 7 अप्रैल को उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर रेल लाइन के किलोमीटर 910/10 से 914/00 के बीच रेलवे जमीन पर अवैध निर्माण की जानकारी दी थी। इसके बाद 14 मई को रेलवे, KDA और राजस्व विभाग ने संयुक्त सर्वे किया। संयुक्त सर्वे में जमीन की चौड़ाई को लेकर भी विवाद सामने आया। राजस्व विभाग ने साल 1982 के रिकॉर्ड के आधार पर मौके पर रेलवे जमीन की चौड़ाई 72 मीटर बताई, जबकि रेलवे ने साल 1965 के संयुक्त लैंड प्लान के अनुसार चौड़ाई 182.88 मीटर होने का दावा किया है। सड़क के लिए दी थी जमीन सहायक मंडल अभियंता रामगंज मंडी पश्चिम मध्य रेलवे पुंडरिक चंद्र ने कहा कि यह जमीन सार्वजनिक हित यानी सड़क निर्माण के लिए लीज पर दी गई थी। वर्तमान निर्माण लीज की शर्तों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि KDA की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है कि जमीन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुसार हो। इस संबंध में कोटा विकास प्राधिकरण को पत्र भेज दिया गया है। रेलवे और KDA के बीच का विषय-भाजपा भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि पार्टी ने जमीन का पूरा भुगतान किया है। KDA ने विधिवत आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे का कोई दावा है तो वह रेलवे और KDA के बीच का विषय है। उनका कहना है कि रेलवे की जमीन यहां कहां से आ गई। पूरे क्षेत्र में कई निर्माण पहले से हो रखे हैं। बस स्टैंड तक बना हुआ है। सिर्फ हमारा ऑफिस ही थोड़ी बन रहा है। आवंटन का इतिहास भी विवादित भाजपा जिला कार्यालय के लिए इस भूखंड का आवंटन पहले भी विवादों में रहा है। भाजपा सरकार में साल 2016 में तत्कालीन यूआईटी ने भाजपा को भूखंड आवंटित किया था। जिसके लिए भाजपा ने 1 करोड़ 72 लाख 50 हजार रुपए जमा कराए और रजिस्ट्री के बाद कब्जा भी मिल गया था। लेकिन कांग्रेस सरकार के दौरान 2020 में यह आवंटन रद्द कर दिया गया। बाद में भाजपा सरकार बनने के बाद मार्च 2025 में विधानसभा में मामला उठने पर यूडीएच मंत्री ने आवंटन बहाल करने की घोषणा की। जिसके बाद यूडीएच विभाग ने दोबारा आवंटन जारी कर दिया।

एमडीएस यूनिवर्सिटी में एडमिशन आवेदन की डेट बढ़ाई:अब स्टूेडेंट्स 24 जुलाई तक भर सकेंगे फॉर्म, 27 को होगी काउंसलिंग

महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय ने विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, सर्टिफिकेट एवं पीजी डिप्लोमा पाठ्‌यक्रमों में प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि को 24 जुलाई तक बढ़ा दिया है। वहीं विश्वविद्यालय के संबंधित विभागों में काउंसलिंग की तिथि 27 जुलाई निर्धारित की गई है। पाठ्यक्रमों के प्रथम सेमेस्टर एवं विभिन्न सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पोस्ट ग्रेजुएट प्रवेश संयोजक प्रो. सुभाष चंद्र ने बताया- स्नातक एवं स्नात‌कोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रमों में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि अब 24 जुलाई तक बढ़ाई गई है। इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन एवं पंजीकरण कर सकते हैं। ये कोर्स हैं संचालित सिंधी में सर्टिफिकेट प्रोग्राम, नैचुरोपैथी एंड यौगिक साइंस, योगा इंस्ट्रक्टर कोर्स, बर्डिंग सर्टिफिकेट कोर्स, एआई एंड साइबर सिक्योरिटी सर्टिफिकेट कोर्स, बीएससी एनवायरमेंटल साइंस, बी फार्मा व डी फार्मा, बीएससी फुड साइंस एंड जुलॉजी, बॉटनी, पर्यावरण विज्ञान, खाद्य एवं पोषण, भूगोल, गणित, माइक्रो न्यूट्रिशियन एवं स्नातकोत्तर स्तर पर संचालित प्रमुख पाठ्यक्रमों में एमएससी बायोलॉजी, बायो टेक्नोलॉजी, केमिस्ट्री एवं अप्लाइड केमेस्ट्री, रिमोट सेसिंग एवं जियो इन्फॉर्मिटिक्स, एमकॉम आईएएफएम एवं एबीएसटी एमटेक कंप्यूटर साइंस के कोर्स शामिल है। एमसीए, एमसीए डाटा साइंस, एमाए हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, लाइब्रेरी साइंस, एमबीए सर्विस मैनेजेमेंट एवं एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम, राजनीति विज्ञान, जनसंख्या अध्ययन, सोशल वर्क, संस्कृत वैदिक वाह्वय, योग स्टडीज एवं धेरेपी मैनेजमेंट तथा पत्रकारिता एवं मास कम्युनिकेशन जैसे विविध विषय हेल्थ, खाद्य एवं पोषण, एनवायरमेट्रान लाजाच्या योग एजुकेशन सहित शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय की ओर से डिजास्टर मैनेजमेंट, इंडस्ट्रियल विभिन्न विषयों में पीजी डिप्लोमा कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। एग्जाम की लास्ट डेट बढ़ाई महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने मुख्य परीक्षा सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब विद्यार्थी बिना विलम्ब शुल्क 20 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। विद्यार्थी वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई व नेट बैंकिंग से किया जा सकत है। विद्यार्थी ई मित्र के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। मुख्य परीक्षा सत्र 2025-26 के लिए स्नातक द्वितीय, चतुर्थ, षष्टम परीक्षा जून 2026, बीए बीकॉम, बीएससी (बीएससी, नैचुरोपैथी एंड यौगिक साइंस, बीएससी आईटी), बीसोए, बीबीए, बीएससी होम साइंस, बीएससी फूड साइंस एंड न्यूट्रिशियन, बीपीईएस, बीए ऑनर्स, इकोनॉमिक्स, ज्योग्राफी, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, बीकॉम ऑनर्स, एबीएसटी, ऑनर्स कैमेस्ट्री, 20 गणित (सेमेस्टर द्वितीय, चतुर्थ ऑनर्स) के विद्यार्थी बिना विलम्ब शुल्क जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। जबकि सौ रुपए विलम्ब शुल्क के साथ 24 जुलाई तक तथा परीक्षा शुल्क के बराबर विलम्ब शुल्क के साथ 28 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। परीक्षा आवेदन भरने के निर्देश तथा परीक्षा फीस का विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध है। एमएससी सेमेस्टर चतुर्थ की संशोधित समय सारिणी जारी परीक्षा 2026 को संशोधित समय सारिणी जारी कर दी है। एसएससी गणित – एमडीएस विश्वविद्यालय ने एमएससी सेमेस्टर गणित सेमेस्टर चतुर्थ सेमेस्टर चार के मैथेमेटिकल स्टेटिस्टिक द्वितीय की परीक्षा अब 25 जुलाई सुबह 11 बजे से 2 बजे तक होगी। इसी तरह कॉस्मोलॉजी विषय की परीक्षा अब 27 जुलाई सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी।

दस साल बाद बनी शहर कांग्रेस की कार्यकारिणी:5 उपाध्यक्ष, 7 महासचिव व 15 सचिव बनाए, कमल वर्मा फिर से प्रवक्ता

करीब एक दशक बाद अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की मंजूरी के बाद शुक्रवार रात को संगठन महासचिव ललित तूनवाल ने सूची जारी की। 2016 के बाद पहली बार नई कार्यकारिणी का गठन शहर कांग्रेस की पिछली कार्यकारिणी वर्ष 2016 में तत्कालीन शहर अध्यक्ष विजय जैन के कार्यकाल में घोषित हुई थी। उस समय प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट थे और कार्यकारिणी में 100 से अधिक पदाधिकारी व सदस्य शामिल किए गए थे। उस सूची में डॉ. राजकुमार जयपाल और विवेक पाराशर भी शामिल थे। इन्हें दी गई जिम्मेदारी कार्यकारिणी में महेंद्र चौधरी को संगठन महासिचव, चंद्रशेखर बालोटिया, मुकेश पंवार, ईश्वर टहलियानी, प्रमोद शर्मा, नितिन जैन, ईश्वर राजोरिया हेमंत जोधा को महासचिव तथा कोषाध्यक्ष अमित गर्ग बनाए गए। इसके साथ ही सैयद फखे मोइन, विवेक पाराशर, नौरत गुर्जर, गजेंद्र सिंह रलावता व नवीन कच्छावा -उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए। कार्यकारिणी में अनिल खंडेलवाल, गीता गुर्जर, अनिता रावत, योगेश जाटोलिया, मुख्तार अहमद नवाब, हेमराज ख्यालिया, हरपाल छाबड़ा, मुकेश, धनेवाल, चन्द्रकान्त पालीवाल, सुरेन्द्र गुर्जर, हरि प्रसाद जाटव, मोहम्मद परवेज खान, आरिफ खान,कशिश कुमार बायला और सुमित मित्तल सचिव बनाए गए। कमल वर्मा को फिर से प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चंदेश सुनिया सोशल मीडिया प्रभारी बनाए गए। कार्यकारिणी के साथ पदेन सदस्यों की सूची भी जारी की है। इसमें पूर्व जिलाध्यक्ष, सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, एआईसीसी और पीसीसी पदाधिकारी, ब्लॉक व नगर अध्यक्ष, पार्षद, जिला परिषद सदस्य, प्रधान तथा कांग्रेस के विभिन्न – प्रकोष्ठों के जिलाध्यक्ष शामिल रहेंगे। पायलट खेमे की दूरी पर संगठन में चर्चाएं तेज संगठन में यह चर्चा भी है कि नई कार्यकारिणी में सचिन पायलट गुट को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। विजय जैन और हेमंत भाटी समर्थक नेताओं के नाम सूची से बाहर रहने को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इधर, यह भी दावा किया जा रहा है कि द्रोपदी कोली और रलावता के समर्थकों को भी स्थान मिल गया है। जबकि 10 साल पहले की कार्यकारिणी में डॉ. जयपाल खेमे के 6 लोगों को कार्यकारिणी में लिया गया था। डॉ. जयपाल ने बताया कि कार्यकारिणी का विस्तार अभी बाकी है और जल्द ही एक और सूची जारी की जाएगी। यह सूची राहुल गांधी के पुष्कर दौरे से पहले जारी होने की चर्चा थी, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया।

पुलिस ने बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर जारी की एडवाइजरी:कहा- ठगों के झांसे में नहीं आएं लोग, निवेश के नाम पर कर रहे लाखों की धोखाधड़ी

राजस्थान में बढ़ते ऑनलाइन निवेश (इन्वेस्टमेंट) फ्रॉड को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी Paytm Money और Nuvama AMC जैसी प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों के नाम पर फर्जी वॉट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापनों के जरिए लोगों को फंसाकर नकली निवेश प्लेटफॉर्म और फर्जी ऐप के माध्यम से लाखों रुपए की धोखाधड़ी की जा रही है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री स्टॉक एनालिसिस, स्पेशल इन्वेस्टमेंट ऑफर और गारंटीड रिटर्न जैसे लुभावने विज्ञापन चलाते हैं। इन विज्ञापनों में Paytm Money और Nuvama AMC जैसी विश्वसनीय कंपनियों के नाम, लोगो और अधिकारियों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीता जाता है। ऐसे होती है निवेश ठगी साइबर पुलिस के अनुसार, विज्ञापन पर क्लिक करते ही व्यक्ति को एक संदिग्ध वेबसाइट पर भेजा जाता है, जहां “Apply to Join” या “Join WhatsApp Group” का विकल्प दिखाई देता है। इसके बाद पीड़ित को फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया जाता है, जहां खुद को कंपनी का अधिकारी या निवेश विशेषज्ञ बताने वाले ठग अधिक मुनाफे और गारंटीड रिटर्न का लालच देते हैं। इसके बाद पीड़ित से फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया जाता है या नकली ट्रेडिंग वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाया जाता है। ये प्लेटफॉर्म असली निवेश ऐप की तरह दिखाई देते हैं। फिर अलग-अलग बैंक खातों में जल्द से जल्द निवेश राशि जमा कराने का दबाव बनाया जाता है और रकम जमा होते ही साइबर ठग संपर्क तोड़ देते हैं। SEBI पंजीकृत कंपनियां नहीं देतीं वॉट्सऐप पर निवेश सलाह राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी SEBI पंजीकृत वित्तीय संस्था या निवेश कंपनी व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया विज्ञापन या फर्जी ऐप के माध्यम से गारंटीड रिटर्न का वादा कर निवेश करने के लिए नहीं कहती। ऐसे किसी भी प्रस्ताव को संदेह की नजर से देखें और पहले उसकी सत्यता की जांच करें। संदेह होने पर तुरंत करें शिकायत यदि आपके साथ इस प्रकार की साइबर ठगी होती है या ऐसा कोई प्रयास किया जाता है, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दें।

प्रसूताओं को दी गई दवाइयों की रिपोर्ट भी सामान्य आई:29 सैंपलों में से 24 की रिपोर्ट नॉर्मल; सिजेरियन डिलीवरी के बाद बिगड़ी थी 8 की तबीयत

जोधपुर के पावटा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 20 जून को 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई थी। इस मामले में पहले ओटी की रिपोर्ट सामान्य आई थी। ऐसे में संदेह था कि दवाइयों से संक्रमण फैला हो। लेकिन, अब प्रसूताओं को दी गई मेडिसिन की रिपोर्ट भी सामान्य आई है। ऑक्सीटोक्सिन इंजेक्शन की रिपोर्ट में भी कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। अब एक्सपर्ट संक्रमण फैलने के कारणों के बारे में पता लगा रहे हैं। क्योंकि इन प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रसूताओं के भी सैंपल लिए गए थे। आशंका थी कि ओटी या फिर दवाइयों से संक्रमण फैला हो, लेकिन अब तक सभी रिपोर्ट सामान्य आई है। 29 मेडिसिन के सैंपल लिए थे, 24 की रिपोर्ट आई इस मामले के बाद 29 सैंपल लिए गए थे। इनमें से 24 की रिपोर्ट सामान्य आई है। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया कि रिपोर्ट आ गई है। बाकी मेडिसिन की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। कैथेटर, आईवी सेट, सूचर्स और कैनुला आदि की रिपोर्ट आना बाकी है। गौरतबल है कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 में से 2 प्रसूताओं की हालत गंभीर हो गई थी। इन दोनों को पहले मथुरादास माथुर और फिर एम्स में एडमिट किया गया था। पावटा हॉस्पिटल में एडमिट 6 प्रसूताओं को सात दिन में छुट्टी दे दी गई थी। इसके कुछ दिन बाद एम्स में भर्ती एक प्रसूता को डिस्चार्ज किया गया। वहीं दो दिन पहले एम्स में एडमिट एक और प्रसूता की तबीयत सही होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया था। इन मेडिसिन के सैंपल हुए पास प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के बाद सोडियम लैक्टेट इंजेक्शन के उपयोग पर रोक लगाई थी। दावा था कि पहला बैच 20 जून से सात दिन पहले आया था और पहली बार इन 8 प्रसूताओं पर यूज किया गया था लेकिन इस रिपोर्ट में वह भी पास हो गया है। इसके अलावा हाइड्रोकार्टिसोन सोडियम सक्सिनेट इंजेक्शन,पोविडोन आयोडीन सॉल्यूशन, वाटर फॉर इंजेक्शन, पिपरासिलिन और टैजोबैक्टम इंजेक्शन, ट्रैनेक्सामिक एसिड इंजेक्शन,डाइक्लोफेनाक सोडियम इंजेक्शन, मेटोक्लोप्रामाइड इंजेक्शन, रैनिटिडिन एचसीएल इंजेक्शन,बुपिवाकाइन हाइड्रोक्लोराइड,सेफ्ट्रिएक्सोन व मेट्रोनिडाजोल इंजेक्शन,मिथाइलरगोमेट्रिन इंजेक्शन,मिसोप्रोस्टोल टैबलेट समेत बाकी मेडिसिन की रिपोर्ट सामान्य आई है।

सांसद मन्नालाल की 'रामजी' ने सुन ली:मौत के 8 दिन बाद ASI का तबादला; उपायुक्त वकील को बोले- दलाली करते हो

नमस्कार, उदयपुर सांसदजी ने गाया था- मेरी झोपड़ी के भाग खुल जाएंगे, राम आएंगे। रामजी ने सांसद महोदय की सुन ली। जोधपुर रेंज आईजी ऑफिस से तबादलों के आदेश में भारी भूल हो गई और शहरी सेवा शिविर में हुई वकील-डीसी की बहस। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. सांसद मन्नालाल का आलीशान मकान उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत प्रतापगढ़ के धरियावद पहुंचे थे। वहां पंचायत भवन का उद्घाटन किया था। कार्यक्रम में शासन-प्रशासन के प्रतिनिधि, जन प्रतिनिधि और गांवभर के लोग आए थे। सांसद महोदय को जाने क्या सूझी कि भगवान राम का भजन गाने लगे। गांव वालों से दोहराने को कहा। उन्होंने गाया- मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, राम आएंगे। गांव वाले सुर में सुर मिलाने लगे- मेरी झोपड़ी के भाग.. रामजी ने सांसद महोदय की सुन ली। उन्होंने उदयपुर शहर के सेक्टर-14 में मकान का रिनोवेशन कराया। नया मकान आलीशान है। सांसद महोदय ने विधि-विधान से गृह प्रवेश किया है। आस्था से भगवान को धोक लगाई। बाकी रामजी के आने से कई झोपड़ियों के भाग्य अयोध्या में भी खुल चुके हैं। हालांकि वहां मामला दूसरा है। 2. तबादला हो गया अपने घर के आसपास तबादला करवाने के लिए कर्मचारी क्या नहीं करते? एक डिजायर के लिए दर-दर की ठोकरें खाते हैं। जी-हुजूरी करते हैं। फिर भी घर के पास तबादला नहीं होता। घर लौटने में कई साल गुजर जाते हैं। बच्चे छोटे से बड़े हो जाते हैं। अनोपारामजी का भी तबादला हो गया। वो बाड़मेर में ASI थे। उनके ट्रांसफर की लिस्ट निकली तो हर कोई भौचक्का रह गया। जोधपुर रेंज आईजी कार्यालय से पुलिसकर्मियों के तबादलों की सूची जारी की गई थी। इस सूची में 16वें नंबर पर अनोपारामजी का नाम। उन्हें बाड़मेर से अपने गृह जिले बालोतरा भेज दिया गया था। लिस्ट की चर्चा इसलिए हुई, क्योंकि अनोपारामजी 8 दिन पहले ही दुनिया को अलविदा कह चुके थे। जोधपुर में बीमारी से उनका निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार के वक्त साथियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनके सम्मान में सलामी दी गई। एक सलामी उनको भी देनी चाहिए जो ऐसी खामी कर जाते हैं और अपने ही डिपार्टमेंट की जगहंसाई करा देते हैं। 3. चलते-चलते… जोधपुर में एक वकील हैं कृपाराम सोलंकी। प्रशासन से उन्हें एक प्लॉट बेचने की सेल परमिशन चाहिए थी। नगर निगम प्रशासन ने फाइल अटका रखी थी। उपायुक्त साहब साइन नहीं कर रहे थे। सोलंकीजी पहुंच गए शहरी सेवा शिविर। लेकिन यहां भी दो-तीन चक्कर काटने के बाद डीसी साहब ने साइन नहीं किए। वकील साहब थोड़े बहुत जर्नलिज्म के गुर भी जानते थे। उन्होंने जेब से मोबाइल निकाला और राहत शिविर का पर्दाफाश करने लगे। कैंप का नजारा कैमरे में कैद करते हुए बोले- देखिए दोस्तों, कैंप का टाइम शाम 6 बजे तक है। अभी 5 बजे कोई अधिकारी नहीं दिख रहा। यहां काम ही नहीं हो रहा है। वे नगर निगम उपायुक्त ताराचंदजी के पास गए। बोले- यहां काम नहीं हो रहा। मेरा काम क्यों नहीं कर रहे? उपायुक्त उखड़े हुए थे। उन्होंने चिढ़ते हुए कहा- क्योंकि आप बीच में दलाली कर रहे हैं। बात वकील साहब को चुभ गई। उन्होंने बताया- निगम में ये लोग बिना पैसा लिए काम नहीं करते। मैंने नाम ट्रांफसर कराया तो एक रुपया नहीं दिया। शहरी सेवा शिविर आम जनता के लिए है। मैं पैसे देकर काम क्यों कराऊं ? इसलिए फाइल अटका रखी थी। काम हो या न हो, कैसे भी हो, लेकिन सेवा शिविर में उपायुक्त ने वकील से जिस भाषा में बात की, उस पर ऐतराज लाजिमी है। फिलहाल उपायुक्त साहब की बदली हो चुकी है। वकील साहब का काम आयुक्त मैडम ने किया। वह भी फ्री। बात करने का तरीका बदल जाए तो बहुत कुछ बदल सकता है। इनपुट सहयोग- विजय कुमार (बाड़मेर), मुकेश हिंगड़ (उदयपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।