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तिंवरी रेलवे स्टेशन पर VDU प्रणाली शुरू:परिचालन क्षमता बढ़ेगी, ट्रेन संचालन अब अधिक सुरक्षित होगा

उत्तर पश्चिम रेलवे ने जोधपुर मंडल के राईका बाग–जैसलमेर रेलखंड पर स्थित तिंवरी रेलवे स्टेशन पर आधुनिक विजुअल डिस्प्ले यूनिट (VDU) प्रणाली का शुभारंभ किया है। शनिवार सुबह सफल कमीशनिंग और सभी तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद इसे नियमित संचालन के लिए सेवा में शामिल कर लिया गया। इस नई व्यवस्था से स्टेशन पर ट्रेन संचालन पहले से अधिक सुरक्षित, सुचारु और भरोसेमंद होगा। ट्रैक के ले आउट की होगी निगरानी जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया-VDU प्रणाली भारतीय रेलवे की इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से स्टेशन मास्टर कंप्यूटर स्क्रीन पर पूरे ट्रैक लेआउट की निगरानी करते हुए सिग्नल, पॉइंट और ट्रेनों के रूट का संचालन कर सकेंगे। यह प्रणाली ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सटीक और व्यवस्थित बनाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि तिंवरी स्टेशन पर डुअल VDU प्रणाली स्थापित की गई है। इसमें दो स्वतंत्र नियंत्रण इकाइयां शामिल हैं। यदि किसी कारणवश एक इकाई में तकनीकी खराबी आती है, तो दूसरी इकाई तुरंत संचालन संभाल लेती है। इससे ट्रेन संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी, डाउनटाइम कम होगा और रेल परिचालन की सुरक्षा व विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। तिंवरी रेलवे स्टेशन की परिचालन क्षमता बढ़ेगी रेलवे के अनुसार, यह तकनीकी उन्नयन न केवल तिंवरी रेलवे स्टेशन की परिचालन क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन को भी अधिक सुरक्षित और समयबद्ध बनाएगा। रेलवे का मानना है कि यह कदम यात्रियों को बेहतर और भरोसेमंद रेल सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

ASI ने रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंके, SP ने किया सस्पेंड:CCTV में कार से उतरते दिखा, बोला- जो दिख रहा है, वो मैं नहीं हूं

कोटा में रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंकने के आरोप में लैंडमार्क पुलिस चौकी के ASI वेद प्रकाश को शनिवार को निलंबित कर दिया गया। एसपी सिटी तेजस्विनी गौतम ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। घटना 4 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे की है। रेस्टोरेंट के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में एएसआई कार से उतरकर रेस्टोरेंट की ओर पत्थर फेंकता और फिर वापस कार में बैठता नजर आ रहा है। रेस्टोरेंट संचालक ने कुन्हाड़ी थाने में अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के 6 दिन बाद एएसआई वेद प्रकाश को निलंबित कर दिया गया। मामले से जुड़ी 2 PHOTOS… डीएसपी ने कहा- शराब के नशे में ASI ने फेंका था पत्थर डीएसपी पूनम चौहान ने बताया- ASI वेद प्रकाश ने शराब के नशे में अमर पंजाबी रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंका था। CCTV फुटेज में वह साफ तौर पर नजर आ रहे हैं। रेस्टोरेंट के मालिक ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद एसपी सिटी ने एएसआई को सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी में दिखने वाला व्यक्ति मैं नहीं, निष्पक्ष जांच हो निलंबित ASI वेद प्रकाश ने कहा- सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं। मैंने पत्थर नहीं फेंके हैं। यदि मुझे ऐसा कुछ करना होता, तो मैं स्वयं ऐसा क्यों करता? मेरा रेस्टोरेंट संचालकों से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। कोचिंग क्षेत्र होने के कारण मैं देर रात तक गश्त कर दुकानों को समय पर बंद करवाता हूं, जिससे कुछ लोगों को मुझसे नाराजगी हो सकती है। मैं पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं। अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज करवाई थी शिकायत अमर पंजाबी रेस्टोरेंट के संचालक टिंकू ने बताया-चार-पांच दिन पहले एक अज्ञात व्यक्ति हमारे रेस्टोरेंट पर पत्थर फेंककर फरार हो गया था। घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपकर हमने अज्ञात आरोपी के खिलाफ ही कुन्हाड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हमें बाद में पता चला कि पत्थर फेंकने वाला व्यक्ति पुलिस विभाग का ही ASI है।

सीकर में पूर्व विधायक बोले-जब तक जिएंगे,पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी:बुजुर्ग हुए तो रिमोट से चलाएंगे सरकार, कल्याण धाम मंदिर में किया पूजन

नागौर के डेगाना से 4 बार के विधायक (MLA) रहे रिछपाल मिर्धा ने कहा कि राजस्थान में सीएम भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। आज सीकर में कल्याण धाम के दर्शन करके मैंने यही मन्नत मांगी है कि राजस्थान में सीएम भजनलाल शर्मा की भाजपा सरकार दोबारा रिपीट हो। मोदी जब तक जिएंगे, प्रधानमंत्री रहेंगे पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। मेरी तो पहले से ही घोषणा की हुई है कि नरेंद्र मोदी जब तक जिएंगे, तब तक देश के प्रधानमंत्री रहेंगे। अगर मोदी जी ज्यादा बुजुर्ग हो जाएंगे, तो रिमोट से सरकार चला लेंगे। उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव में अभी ढाई साल बाकी हैं, फिलहाल तो नवंबर-दिसंबर में निकाय और पंचायत के चुनाव होने हैं। कल्याण धाम मंदिर में किया दर्शन-पूजन पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा अपनी पत्नी सरजू देवी के साथ आज सीकर में दूजोद गेट स्थित श्रीकल्याण धाम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। यहाँ श्रीकल्याण धाम के महंत विष्णु प्रसाद शर्मा ने रिछपाल मिर्धा व उनकी पत्नी का दुपट्टा ओढ़ाकर और माला पहनाकर स्वागत किया। गौरतलब है कि पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा को राजस्थान के खांटी जाट नेताओं में प्रमुख रूप से गिना जाता है।

ट्रांसफर लिस्ट में गफलत, दूनी में अब 2 तहसीलदार:अजय कुमार पांडेय और विपुल चौधरी दोनों को लगाया; असमंजस की स्थिति

सरकार की ओर से हाल ही में जारी की गई तहसीलदारो की तबादला सूची में बड़ी चूक सामने आई है। एक ही तहसील में दो तहसीलदार लगा दिए है। यह तहसील है दूनी, इसमें सरकार ने एक साथ दो तहसीलदार लगा दिए है। यहां तहसीदार अजय कुमार पाण्डेय और तहसीदार विपुल चौधरी को लगाया है। जो भी लोग तहसीलदार की ट्रांसफर लिस्ट देखते है तो अचरज में पड़ जाते है। लोग चर्चा करते देखे गए है कि यहां एक अनार, दो बीमार वाली कहावत चरितार्थ हो गई है। इसको लेकर स्वयं यहां लगाए गए दोनों तहसीलदार ही नहीं , बल्कि क्षेत्र के लोगों में भी कंफ्यूजन की स्थिति पैदा हो गई है। लोग कई तरह के कयास लगा रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि प्रशानिक अधिकारी पद से प्रमोट हुए अजय कुमार पांडेय को दूनी तहसीलदार पद पर रहने की ज्यादा संभावना है,क्योंकि यहां लगाए गए दूसरे तहसीलदार विपुल चौधरी जयपुर या उसके आसपास रहने के इच्छुक बताए गए है। ऐसे में आगे ये लिखकर दे सकते है कि संशोधित लिस्ट में दूनी में अजय कुमार पाण्डेय को ही लगा दिया जाए। ज्ञात रहे कि सरकार ने हाल ही में बड़ी संख्या। में तहसीलदरों के ट्रांसफर किए है। इसमें दूनी के तहसीलदार विनोद कुमार शर्मा का भी ट्रांसफर हो गया,लेकिन खास बात यह इनके स्थान पर दूनी तहसीलदार पद पर दो तहसीलदार अजय कुमार पाण्डेय और विपुल चौधरी को तहसीलदार के पद पर लगा दिया है। अजय कुमार पांडेय अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी पद से पदोन्नति होकर विनोद कुमार शर्मा के स्थान पर दूनी तहसीलदार पद पर लगाए गए, वहीं विपुल चौधरी को भी चाकसू तहसीलदार से दूनी तहसीलदार पद पर लगाया है। इसके बाद पूरे दूनी में यह पूरे चर्चा का विषय बनाया हुआ है। कई लोगों ने तो यहां लगाए गए दोनों तहसीलदारों से मोबाइल पर बात कर बधाई भी दे दी। दोनों तहसीलदारों ने सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन लोग से हुई बातचीत में सामने आया कि अजय कुमार पांडेय के दूनी तहसीलदार रहने के ज्यादा आसार बने हुए है क्योंकि विपुल चौधरी जयपुर या उसके आसपास ही रहना पसंद करते है। अब देखना यह है कि सरकार कुछ दिन बाद जारी करने वाली संशोधित लिस्ट में दूनी तहसीलदार किसे लगाती है। लेकिन लोगों में इन दोनों तहसीलदार के पदस्थापन को लेकर कई तरह की चर्चा जोरों पर है। बोर्ड के संज्ञान में लाएंगे: अतिरिक्त कलेक्टर विनोद कुमार मीना ने इस मामले को लेकर बताया कि दूनी में एक ही पद पर दो। तहसीलदार की जानकारी मुझे नहीं है।इस तरह का मामला है तो बोर्ड को अवगत कराया जाएगा,, ताकि संशोधन हो सके।

सरकारी स्कूल के गेट पर फूट-फूटकर रोईं बच्चियां, VIDEO:प्रिंसिपल-3 टीचर का ट्रांसफर होने से नाराज छात्रों ने गेट पर ताला लगाया; धरने पर बैठे

बालोतरा जिले में प्रिंसिपल और 3 ग्रेड सेकेंड टीचरों के तबादले होने पर स्कूली बच्चियां फूट-फूटकर रोने लग गईं। नाराज छात्र-छात्राओं और परिजनों ने स्कूल गेट पर ताला जड़कर तबादला निरस्त करने की मांग करने लगे। छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर बैठ गए। सूचना पर शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्चों-परिजनों से बात की। उनकी मांग को देखते हुए 3 टीचरों को डेपुटेशन पर लगाया। इसके बाद बच्चों-परिजनों ने स्कूल का गेट खोल दिया। मामला धोरीमना इलाके के गेनाणियों का तला गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल का है। देखिए- छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन की तस्वीरें प्रिंसिपल और तीन टीचर के ट्रांसफर से बढ़ी नाराजगी
10 जुलाई तक प्रदेश में हर विभाग में तबादले हो रहे थे। इसमें प्रिंसिपल और ग्रेड सेकेंड टीचर्स के भी तबादले हुए। स्कूल के प्रिंसिपल देवाराम चौधरी, सीनियर टीचर रेखाराम, देरावर सिंह और जगमाराम का भी अन्य स्कूलों में तबादला कर दिया गया। टीचर्स के ट्रांसफर की सूचना छात्र-छात्राओं को मिली तो वे नाराज हो गए। बच्चों के साथ पेरेंट्स ने भी स्कूल गेट पर ताला लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षकों का तबादला निरस्त करने की मांग करने लगे। सूचना मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्टूडेंट्स से बात की। इस दौरान कुछ छात्राएं फूट-फूटकर रोने लगीं। इसके बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने उच्चाधिकारियों से बात की। स्कूल में 300 से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ रहे
पेरेंट्स का कहना है कि स्कूल में 300 से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ने आते हैं। स्कूल में कुल 10 स्टाफ था। इनमें से प्रिंसिपल और 3 सीनियर टीचर का ट्रांसफर होने से पढ़ाई की पूरी व्यवस्था बिगड़ जाएगी। सरकार और प्रशासन या तो शिक्षकों के तबादले निरस्त करें या हमारे बच्चों की टीसी दें। सहायक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (एसीबीईओ) बाबूलाल ने बताया कि बच्चों और पेरेंट्स से बातचीत की गई। उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया गया। इसके बाद डेपुटेशन पर 3 शिक्षकों को यहां लगाया गया है। ये खबर भी पढ़िए… रोडवेज कंडक्टर ने छात्र की कॉलर पकड़ी, गर्दन दबाई, VIDEO:प्रबंधक बोले- मामले में समझाइश हो गई; परीक्षार्थी ने कहा- मैंने पुलिस में शिकायत दी है बाड़मेर बस स्टैंड पर सेकेंड ग्रेड परीक्षार्थी और कंडक्टर के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई। कंडक्टर के कॉलर पकड़ने पर परीक्षार्थी ने भी उसकी कॉलर पकड़ ली। (पढ़ें पूरी खबर)

समय बदलने से एफसीआई पल्लेदार-मजदूरों में नाराजगी:सीटू की चेतावनी- बदलाव नहीं करने पर सोमवार से गेहूं उठाव बंद

भीषण गर्मी और उमस के बीच गेहूं उठाव का समय बदलने से एफसीआई पल्लेदार मजदूरों में भारी नाराजगी है। एफसीआई पल्लेदार मजदूर यूनियन (सीटू) ने चेतावनी दी है कि यदि रविवार तक गेहूं उठाव का समय नहीं बदला गया, तो सोमवार से जिलेभर के एफसीआई डिपो और अनाज मंडियों में काम बंद कर दिया जाएगा। यह निर्णय शनिवर को संगरिया स्थित दर्शन कोड़ा मजदूर भवन में जिला अध्यक्ष आत्मा सिंह की अध्यक्षता में हुई सीटू की जिला कमेटी की बैठक में लिया गया। यूनियन ने प्रशासन के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। बैठक में जिला सचिव गुरुप्रेम सिंह ने बताया कि जिले में भीषण गर्मी और उमस का दौर जारी है। इसके बावजूद अधिकारियों ने गेहूं की लोडिंग और निकासी का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित कर दिया है। उनका कहना था कि गोदाम सुबह 10 बजे खुलते हैं और कांटा होने में ही लगभग 11 बज जाते हैं, जिसके बाद मजदूरों को दिनभर तेज धूप और उमस में काम करना पड़ता है। यूनियन नेताओं ने बताया कि इस कारण कई मजदूरों को काम के दौरान चक्कर आने और हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। जिला अध्यक्ष आत्मा सिंह ने आरोप लगाया कि एफसीआई के जिला प्रबंधक मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाते। समस्याओं के समाधान के लिए कई बार ई-मेल भी भेजे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। छोटी समस्याओं के लिए भी मजदूरों को श्रीगंगानगर जाना पड़ता है। बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण डबली और टिब्बी मंडियों में अब तक गेहूं का उठाव पूरा नहीं हो पाया है। जहां पहले 20 जून तक मंडियां खाली हो जाती थीं, वहीं इस बार जुलाई के दूसरे सप्ताह में भी उठाव जारी है। डबली मंडी में तीन लाख कट्टों की खरीद की अनुमति मिलने के बावजूद गुणवत्ता निरीक्षक और एफसीआई अधिकारियों की कार्यशैली से काम प्रभावित हो रहा है। यूनियन नेताओं ने कहा कि ट्रक, ट्रॉलियां और मजदूर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं, फिर भी केवल आधे दिन ही काम कराया जा रहा है। इससे किसानों, व्यापारियों और मजदूरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि गेहूं उठाव का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाए। ऐसा नहीं होने पर सोमवार से जिलेभर में काम बंद कर प्रदर्शन और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में कामरेड शेर सिंह शाक्य, जगजीत सिंह, राजकुमार, लाल सिंह, राम सिंह, बिंटू, राजेश सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

राजस्थान के थानों में दिव्यांगों के लिए होगी खास सुविधाएं:दिव्यांगजनों से जुड़े अपराधों में संबंधित धाराएं जोड़ने की पहल की जाएगी

राजस्थान में दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें न्याय तक पहुंच दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। गृह विभाग के संज्ञान के बाद पुलिस विभाग दिव्यांगजनों से जुड़े अपराधों में संबंधित धाराएं जोड़ने और थानों को दिव्यांग अनुकूल बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। इस पहल के लागू होने पर दिव्यांगजनों के साथ होने वाले अपराध, मारपीट, शोषण, भेदभाव और उत्पीड़न के मामलों में खास अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई संभव होगी। इससे पुलिस की कार्रवाई अधिक संवेदनशील और अधिकार आधारित बन सकेगी। इन सुविधाओं की मांग की गई थी इस संबंध में पेनेशिया डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट्स के संस्थापक उदयपुर के अर्थ डायग्नोस्टिक्स के सीईओ डॉ. अरविंदर सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर पुलिस थानों में रैंप, रेलिंग, व्हीलचेयर, ब्रेल संकेतक, सुगम शौचालय और बाधा-रहित प्रवेश जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की मांग की थी। साथ ही दिव्यांगजनों से जुड़े मामलों में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 की धाराओं को अनिवार्य रूप से शामिल करने का आग्रह किया था। डॉ. सिंह के अनुसार, प्रदेश के हजारों दिव्यांगजन न्याय पाने से पहले ही थाने तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करते हैं। यदि पुलिस थाने सुगम होंगे तो वे अधिक आत्मविश्वास, सुरक्षा और गरिमा के साथ अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उनके पत्र के बाद अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सिविल राइटस एंड एचएचटी) ने पत्र के जरिए कहा कि इस संबंध में पुलिस की आवासन शाखा की और से कार्रवाई की जा रही है। अरविंदर सिंह का कहना है कि गृह विभाग और राजस्थान पुलिस के स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से लिए जाने को दिव्यांग अधिकारों के क्षेत्र में अहम कदम माना जा रहा है। इससे पुलिस अधिकारियों में भी दिव्यांग अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी और संबंधित मामलों में कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा।

झालावाड़ पुलिस लाइन बनी हरियाली की मिसाल:एसपी ने नेतृत्व में 800 पौधे लगाए, देखभाल का लिया संकल्प

झालावाड़ में राज्य सरकार के “हरियालो राजस्थान” अभियान के तहत शनिवार को पुलिस लाइन में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस परेड ग्राउंड, आवासीय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 800 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनाने का भी संकल्प लिया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एसपी अमित कुमार ने इस अवसर पर कहा कि पौधारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने का एक संकल्प है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर अधिक से अधिक पौधरोपण की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में एडिशनल एसपी भागचंद्र मीणा, डिप्टी हर्षराज सिंह, संचित निरीक्षक मोहनलाल सहित पुलिस लाइन के अन्य अधिकारी-कर्मचारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

सत्संग ही मनुष्य के कल्याण का सबसे सरल मार्ग: ओझा:सिंदरथ में भागवत कथा संपन्न, कथा में आई पूरी राशि गौशाला को दान

सिंदरथ गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन शनिवार को हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबियों ने कथा का श्रवण किया। कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह के कन्यादान, आरती और दक्षिणा सहित प्राप्त समस्त दान गौशाला में समर्पित किए गए। विद्वान पंडित एवं ज्योतिषाचार्य जनार्दन ओझा ने सात दिनों तक कृष्ण चरित्र का जीवंत बखान किया। मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और पूरे सप्ताह कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। पंडित ओझा ने बताया कि श्रीमद् भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। इसके श्रवण से मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता है और उसे जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध होता है। उन्होंने कहा कि कलयुग में भगवान के नाम का स्मरण और सत्संग ही मनुष्य के कल्याण का सबसे सरल मार्ग है। श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन उन्होंने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष प्रसंगों का वर्णन किया। पंडित ओझा ने कहा कि मित्रता कैसे निभाई जाए, यह भगवान कृष्ण और सुदामा के प्रसंग से समझा जा सकता है। सच्चा मित्र वही है, जो अपने मित्र की परेशानी को समझे और बिना बताए ही मदद कर दे। उन्होंने आगे कहा कि परमात्मा कभी अमीरी-गरीबी या जात-पात नहीं देखते, वे तो केवल सच्चे प्रेम और निष्काम भक्ति के भूखे हैं। जब सुदामा द्वारका पहुंचे, तो द्वारकाधीश ने अपने सिंहासन पर बिठाकर उनके चरण अपने आंसुओं से धोए। परीक्षित के मोक्ष की कथा सुनाते हुए पंडित ओझा ने बताया कि परीक्षित ने शुकदेवजी से पूछा कि मृत्यु के निकट खड़े व्यक्ति को क्या करना चाहिए। तब शुकदेव ने उन्हें सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा का अमृत पान कराया। इस कथा के श्रवण से परीक्षित के सारे संताप, शोक और जन्म-जन्मांतर के पाप धुल गए। यह प्रसंग हमें बताता है कि कलियुग में भगवत नाम स्मरण और कथा श्रवण से सहज ही मुक्ति मिल जाती है। पूर्णाहुति के पावन अवसर पर सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी कथा स्थल पर पहुंचे उन्होंने भागवतजी का विधि-विधान से पूजन कर महाआरती उतारी। लोढ़ा ने कथाव्यास पंडित जनार्दन ओझा का पूजन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। लोढ़ा ने इस भव्य और अनुशासित आयोजन के लिए सिन्दरथ की धर्मप्रेमी जनता और सोनी परिवार की सराहना की। कथा की समस्त राशि गौ सेवा में समर्पित
इस धार्मिक महोत्सव ने समाज के सामने सेवा का एक अद्भुत उदाहरण पेश किया। कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह में आए कन्यादान की राशि, नित्य पूजन, आरती और दक्षिणा सहित भक्तों द्वारा श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई समस्त गुप्त और प्रकट दान राशि को स्थानीय गौशाला में दान कर दिया गया। इस पुनीत कार्य की सबने सराहना की। कथा व्यास ओझा ने बताया कि इस कथा की विशेषता यह रही कि स्वयं श्रीद्वारकाधीश भगवान इस कथा के मुख्य आयोजक थे। भगवान के प्रतिनिधि के रूप में राजेश सोनी परिवार ने पूरी निष्ठा के साथ मुख्य यजमान और व्यवस्थापक की भूमिका निभाई।

नागौर में बनेगा राजस्थान का पहला टेंट डीलर-समिति का भवन:भूमि पूजन के बाद नवगठित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई

नागौर में चेनार रोड पर माली समाज भवन में शनिवार को जिला टेंट डीलर समिति का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान बनने वाले राजस्थान के पहले टेंट डीलर समिति के शामियाना भवन का भूमि पूजन भी किया गया। साथ ही नवगठित नागौर जिला टेंट डीलर समिति के पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई गई। समारोह में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में टेंट व्यवसायी मौजूद रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेशाध्यक्ष रासबिहारी शर्मा, अजमेर संभाग अध्यक्ष मोहम्मद अजीम (अज्जू भाई), माली समाज संस्थान के अध्यक्ष कुपाराम देवड़ा और कोषाध्यक्ष मुकेश छीपा रहे। एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान समिति के जिलाध्यक्ष तुलसीराम सांखला ने बताया- शहर के गुड़ला रोड पर प्रस्तावित शामियाना भवन 50×50 फीट क्षेत्र में बनाया जाएगा। इसमें एक ब्लैंकेट हॉल, कार्यालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएगी। भवन का उपयोग टेंट व्यवसाय से जुड़े लोगों के ठहरने, बैठकों और विभिन्न आयोजनों के लिए किया जाएगा। उन्होंने सभी टेंट व्यवसायियों से समिति को मजबूत बनाने और एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। व्यवसायियों को सुविधाएं नहीं मिल रही प्रदेशाध्यक्ष रासबिहारी शर्मा ने कहा- राजस्थान सरकार की ओर से टेंट व्यवसाय को एमएसएमई (MSME) के दायरे में शामिल किया जाना स्वागत योग्य कदम है। इसके लिए उन्होंने सरकार का आभार जताया, लेकिन कहा- उद्योग का दर्जा मिलने के बावजूद व्यवसायियों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। रियायती दरों पर भूखंड उपलब्ध कराए उन्होंने सरकार से मांग की कि रीको क्षेत्र में टेंट व्यवसायियों को रियायती दरों पर भूखंड उपलब्ध कराए जाएं। वर्तमान में शहर के बीच स्थित गोदामों में बड़ी मात्रा में कपड़ा और अन्य सामग्री रखी होने से हमेशा अग्नि दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके अलावा एमएसएमई के तहत कम ब्याज वाले बैंक ऋण की प्रक्रिया को सरल बनाने, गोदामों के लिए रियायती बिजली दरें लागू करने तथा टेंट व्यवसाय के लिए अलग शामियाना ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की भी मांग रखी। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में सुरेश गौड़, रामस्वरूप कच्छवाह, संपत कच्छवाह, मूलचंद भाटी, लीलमचंद रामावत, भंवरलाल, सुरेंद्र सिंह चौधरी, रामनिवास सोलंकी, ताराचंद सांखला सहित बड़ी संख्या में टेंट व्यवसायी उपस्थित रहे।