ब्रेकिंग न्यूज़
राजस्थान के थानों में दिव्यांगों के लिए होगी खास सुविधाएं:दिव्यांगजनों से जुड़े अपराधों में संबंधित धाराएं जोड़ने की पहल की जाएगी

राजस्थान में दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें न्याय तक पहुंच दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। गृह विभाग के संज्ञान के बाद पुलिस विभाग दिव्यांगजनों से जुड़े अपराधों में संबंधित धाराएं जोड़ने और थानों को दिव्यांग अनुकूल बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। इस पहल के लागू होने पर दिव्यांगजनों के साथ होने वाले अपराध, मारपीट, शोषण, भेदभाव और उत्पीड़न के मामलों में खास अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई संभव होगी। इससे पुलिस की कार्रवाई अधिक संवेदनशील और अधिकार आधारित बन सकेगी। इन सुविधाओं की मांग की गई थी इस संबंध में पेनेशिया डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट्स के संस्थापक उदयपुर के अर्थ डायग्नोस्टिक्स के सीईओ डॉ. अरविंदर सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर पुलिस थानों में रैंप, रेलिंग, व्हीलचेयर, ब्रेल संकेतक, सुगम शौचालय और बाधा-रहित प्रवेश जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की मांग की थी। साथ ही दिव्यांगजनों से जुड़े मामलों में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 की धाराओं को अनिवार्य रूप से शामिल करने का आग्रह किया था। डॉ. सिंह के अनुसार, प्रदेश के हजारों दिव्यांगजन न्याय पाने से पहले ही थाने तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करते हैं। यदि पुलिस थाने सुगम होंगे तो वे अधिक आत्मविश्वास, सुरक्षा और गरिमा के साथ अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उनके पत्र के बाद अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सिविल राइटस एंड एचएचटी) ने पत्र के जरिए कहा कि इस संबंध में पुलिस की आवासन शाखा की और से कार्रवाई की जा रही है। अरविंदर सिंह का कहना है कि गृह विभाग और राजस्थान पुलिस के स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से लिए जाने को दिव्यांग अधिकारों के क्षेत्र में अहम कदम माना जा रहा है। इससे पुलिस अधिकारियों में भी दिव्यांग अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी और संबंधित मामलों में कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *