ब्रेकिंग न्यूज़
कार को टक्कर मारकर भागा ट्रेलर-ड्राइवर, स्कॉर्पियो सवार ने पकड़ा:15 किमी तक पीछे SUV दौड़ाई, वापस मौके पर लेकर आया; ड्राइवर फरार, 5 घायल

नागौर में नेशनल हाईवे-62 पर खरनाल के पास शनिवार रात करीब 8 बजे तेज रफ्तार ट्रेलर ने एक कार को टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। टक्कर के बाद ट्रेलर चालक वाहन लेकर जोधपुर की ओर फरार हो गया। पीछे चल रहे नागौर के स्कॉर्पियो सवार युवक ने करीब 15 किलोमीटर तक पीछा कर टांकला टोल प्लाजा पर ट्रेलर को रुकवा लिया और उसे वापस घटनास्थल तक लेकर आए। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले चालक मौका देखकर फिर फरार हो गया। साइड बदलते हुए मारी टक्कर जानकारी के अनुसार, रिंकू खान अपने परिवार के साथ ओसियां स्थित ससुराल में एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होकर नागौर लौट रहे थे। खरनाल के पास सामने से आए ट्रेलर ने अचानक साइड बदलते हुए उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में रिंकू खान, उनकी दादी, पत्नी, छोटे भाई की पत्नी और बेटा घायल हो गए। दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जोधपुर की ओर भागा ट्रेलर चालक टक्कर मारने के बाद वाहन लेकर जोधपुर की ओर भाग निकला। इसी दौरान पीछे चल रहे नागौर निवासी मनोहर गोदारा ने पहले घायलों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकालकर एंबुलेंस को सूचना दी, फिर ट्रेलर का पीछा शुरू किया। करीब 15 किलोमीटर दूर टांकला टोल प्लाजा पर ट्रेलर को रुकवाकर चालक सहित वाहन को वापस घटनास्थल तक लाया गया। स्कॉर्पियो सवार ने पकड़ा स्कॉर्पियो सवार युवक का आरोप है कि ट्रेलर चलाने वाला नशे की हालत में था। इसकी सूचना तत्काल नागौर सदर पुलिस को भी दी गई। इस बीच सभी घायलों को एंबुलेंस से नागौर के जवाहरलाल नेहरू जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। उधर, पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ट्रेलर चालक पास के एक होटल पर ट्रेलर खड़ा कर मौका देखकर फरार हो गया। सूचना पर नागौर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रेलर को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। चालक की तलाश की जा रही है।

राजस्थान में आज 15 जिलों में बारिश की संभावना:मानसून वाले बादल गायब, आने वाले दिनों में बरसात का अलर्ट नहीं

राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने के बाद भी शनिवार को कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। वहीं, आज 15 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग की तरफ से कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। सैटेलाइट इमेज में राजस्थान के ऊपर से मानसून वाले बादल गायब नजर आ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश सादुलपुर (चूरू) में हुई। यहां 2 इंच से ज्यादा पानी बरसा। मानसून के कमजोर और बादलों के गायब होने से गर्मी-उमस बढ़ गई। शनिवार को श्रीगंगानगर सबसे गर्म जिला रहा। यहां दिन का तापमान 42 डिग्री के करीब रहा। सबसे कम तापमान माउंट आबू में करीब 18 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। सबसे पहले- प्रदेश में बारिश की स्थिति और सैटेलाइट इमेज राजस्थान के मौसम से जुड़ी PHOTO… ये शहर सबसे गर्म गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स कहां कितनी बारिश हुई: पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश चूरू के सादुलपुर में 55 MM हुई। वहीं, झुंझुनूं में 18 MM, अलवर और खैरथल तिजारा में महज 1-1 MM बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा श्रीगंगानगर में 28 MM, हनुमानगढ़ में तीन से 38 MM तक बारिश हुई है। श्रीगंगानगर फिर सबसे गर्म: शनिवार को श्रीगंगानगर सहित 3 जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और उससे ऊपर रिकॉर्ड हुआ। श्रीगंगानगर में पारा 41.7 डिग्री रहा। फलोदी 40.6 डिग्री और जैसलमेर 40 डिग्री सेल्सियस रहा। साथ ही बीकानेर, बाड़मेर जोधपुर में तेज गर्मी रही। आगे क्या: राजस्थान में 15 जुलाई तक किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया। वहीं, रविवार (12 जुलाई) मौसम विभाग ने झुंझुनूं, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, खैरथल-तिजारा, डीग, दौसा, भरतपुर, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, जालोर, सिरोही, उदयपुर और डूंगरपुर में बारिश की संभावना जताई है।
राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम जयपुर: राजधानी में शनिवार को मौसम साफ रहा। दिन में धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। वहीं, हल्के बादल भी छाए। इस दौरान तापमान में कुछ कमी आई है। यहां रात के तापमान में 4.4 डिग्री की गिरावट हुई है। जयपुर में अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री रहा। अजमेर: शनिवार को मौसम सुहावना बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में धूप निकलने से उमस का असर महसूस हुआ, हालांकि हल्की हवा के कारण लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। अलवर: शनिवार सुबह से ही मौसम साफ रहा। दिनभर तेज धूप खिली रही। धूप निकलने के साथ उमस भी बढ़ गई, जिससे लोगों को गर्मी का एहसास हुआ और आमजन पसीने से तरबतर नजर आए। अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उदयपुर: शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार दिनभर शहर के मौसम में कभी धूप निकली तो कभी बादल छाए रहे। शाम को हल्की हवा चली और बादल छाए। लेकसिटी में आने वाले कुछ दिनों में बारिश की संभावना कम है। कोटा: मानसून की रफ्तार कमजोर होने से गर्मी व उमस बढ़ गई है। रविवार दिनभर हल्की हवा चलती रही। अधिकतर समय बादल छाए रहे। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में 10 जुलाई तक 11% कम बारिश हुई है। जोधपुर: शनिवार को मौसम सामान्य बना रहा। अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक है। सीकर: बारिश नहीं होने से गर्मी-उमस बढ़ गई है। जिल के कई इलाकों में हल्के बादलों छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री दर्ज किया गया है।

हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात गैंगस्टरों में दुश्मनी:लॉरेंस, गोदारा, ठेहट और आनंदपाल गैंग के 90 से ज्यादा बदमाश, हर घड़ी गैंगवार का खतरा

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगवार का खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह है जेल में बंद एक-दूसरे की दुश्मन गैंग के कुख्यात बदमाश। लॉरेंस, रोहित गोदारा, आनंदपाल सिंह (AP गैंग), राजू ठेहट, राजू फौजी, बलभाराम जाट और शिवराज सिंह जैसे गैंग के करीब 90 गैंगस्टरों को यहां रखा गया है। लॉरेंस वर्सेज रोहित गोदारा, शिवराज वर्सेज भानु प्रताप जैसी कई गैंग हैं, जिनकी आपस में दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है। कई बदमाश छोटी-छोटी बात पर भड़क जाते हैं और मर्डर करने पर उतारू हो जाते हैं। हाल ही में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या भी जेल के भीतर पनप रही दुश्मनी का ही नतीजा थी। इस मर्डर के बाद भास्कर ने जेल में बंद हार्डकोर अपराधियों का गैंग के साथ कनेक्शन और उनके बीच दुश्मनी की कड़ियां खंगाली। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए- जेल में कौन-कौन से टॉप हार्डकोर गैंगस्टर हैं, उनकी दोस्ती-दुश्मनी का गणित क्या है? अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद 90 टॉप हार्डकोर गैंगस्टर अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में इस समय कुल 90 हार्डकोर कैदी बंद हैं। इनमें गैंगस्टर लॉरेंस गैंग से उसका भांजा सचिन थापन, बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के मर्डर की साजिश रचने वाला गैंगस्टर कपिल पंडित, जयपुर में कई वारदातें कर चुका रितिक बॉक्सर, जगतपाल, सुमित विश्नोई, सुभाष बानूड़ा, दिनेश डाबर, और अजयपाल सिंह शामिल हैं। रोहित गोदारा गैंग के इशारे पर राजू ठेहट और सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी भी इसी जेल में हैं। इनमें सतीश पहलवान, जतिन, विक्रम गुर्जर, मनीष बच्चियां, रोहित सिंह, रामवीर, उधम सिंह और नितिन फौजी जैसे कुख्यात बदमाश हैं। कोटा का कुख्यात गैंगस्टर शिवराज सिंह हाड़ा और उसकी गैंग का गौरव, लोकेश और शराफत इसी जेल में है। शिवराज गैंग की जानी दुश्मन माने जाने वाली भानुप्रताप गैंग का नंदू शूटर भी इसी जेल में बंद हैं। किशनगढ़ के पूर्व विधायक नाथूराम सिनोदिया के मर्डर सहित दूसरी कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाला बलभाराम जाट, कुलदीप जघीना हत्याकांड में शामिल रहे विष्णु जाट, पंकज, रविंद्र और आदित्य, कुख्यात धन सिंह, श्रवण सिंह सोढा, इमरान मोगली, शादाब टोंक, राजू फौजी, बांसवाड़ा के गैंगस्टर भाई इम्तियाज और सिराज भी इसी हाई सिक्योरिटी जेल में कैद हैं। कन्हैयालाल हत्याकांड के दोनों आरोपी रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद, प्रकाश विश्नोई सांचौर, टेरर फंडिंग मामले में पकड़ा गया अल्तमश फरीदी, अमन अली और राजस्थान का सबसे बड़ा सीरियल रेपिस्ट सिकंदर उर्फ जीवाणु भी इसी जेल में बंद है। हाल ही में जेल में मारा गया डकैत जगन गुर्जर का छोटा भाई डकैत पप्पू गुर्जर अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में ही बंद है, जो हर पल अपने भाई की मौत का बदला लेने की आग में झुलस रहा है। लॉरेंस वर्सेज रोहित गोदारा गैंग : दोस्ती-दुश्मनी में बदली, विदेशों में भी ले रहे एक-दूसरे की जान बीकानेर के कपूरीसर का रहने वाला गैंगस्टर रोहित गोदारा पहले लॉरेंस विश्नोई के लिए ही काम करता था। लॉरेंस विश्नोई जेल में बंद था, तब रोहित गोदारा फर्जी पासपोर्ट पर विदेश भाग गया। वहां उसने लॉरेंस के सबसे करीबी रहे गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई स्टेट में मर्डर-फिरौती की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। पंजाबी सिंगर सिद्धू मुसेवाला मर्डर में भी ये जुगलबंदी शामिल रही थी। साल 2024-2025 के आस-पास लॉरेंस गैंग में फूट पड़ गई। लॉरेंस के भाई अनमोल विश्नोई को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया था। लॉरेंस को तब शक हुआ कि गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा ने अनमोल की मदद नहीं की, बल्कि उसके लीगल केस में लापरवाही बरती और कई अहम जानकारी भी लीक की। इसके बाद लॉरेंस ने गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा से अपनी राहें अलग कर लीं। इसके बाद लॉरेंस गैंग और गोल्डी-रोहित गैंग ने वारदातों की जिम्मेदारी भी अलग-अलग लेनी शुरू कर दी। इसी के बाद दोनों गैंग एक-दूसरे के खून की प्यासी हो गई। अजमेर जेल में गैंगस्टर लॉरेंस की गैंग में शामिल और उसका सगा भांजा सचिन थापन, कपिल पंडित, ऋतिक बॉक्सर, जगतपाल, सुमित विश्नोई, सुभाष बानूड़ा, दिनेश डाबर और अजयपाल सिंह के अलावा लॉरेंस का साथ देने वाले कई बदमाश हैं। राजू ठेहट और सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड को अंजाम देने वाले सतीश पहलवान, जतिन, विक्रम गुर्जर, मनीष बच्चियां, रोहित सिंह, रामवीर, उधम सिंह और नितिन फौजी जैसे कुख्यात रोहित गोदारा गैंग के माने जाते हैं। आशंका है कि कभी भी वर्चस्व की जंग हो सकती है। शिवराज सिंह वर्सेज भानू प्रताप गैंग : 17 साल पुरानी गैंगवार, जेल में भी रहता है डर 12 मई 2009 को चित्तौड़गढ़ के मेनाल एरिया में भानु प्रताप गैंग ने शिवराज सिंह हाड़ा के भाई बृजराज सिंह हाड़ा की हत्या कर दी थी। जेल में बंद शिवराज ने इसका बदला लिया। अप्रैल 2011 में पेशी पर ले जाते समय भानु प्रताप पर फायरिंग कर दी थी। इस फायरिंग में गैंगस्टर भानु प्रताप सिंह, कमांडो प्रकाश और सोहनलाल की हत्या कर दी थी। दोनों गैंग में दुश्मनी का खेल यहीं नहीं थमा। इसके बाद भानु प्रताप गैंग को लीड कर रहे हिस्ट्रीशीटर रणवीर चौधरी ने 25 अप्रैल 2011 को शिवराज गैंग के रमेश जोशी को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद शिवराज गैंग के गुर्गों ने कोटा के श्रीनाथपुरम स्टेडियम में 22 दिसंबर 2019 को भानु प्रताप गैंग को लीड कर रहे रणवीर चौधरी की हत्या कर दी। वर्तमान में कुख्यात गैंगस्टर शिवराज सिंह हाड़ा गैंग के गौरव, लोकेश और शराफत के साथ ही दुश्मन भानु प्रताप गैंग का नंदू शूटर भी इसी जेल में बंद है। जेल सूत्रों की मानें तो इन दोनों गैंग के बीच रंजिश कभी भी गैंगवार में बदल सकती है। कैदियों को रखने की व्यवस्था चाक-चौबंद, लेकिन कई दिक्कतें जेल सूत्रों के मुताबिक, इन हार्डकोर कैदियों को हाई सिक्योरिटी जेल में रखने के लिए कई चीजों का ध्यान रखा जाता है। बावजूद इसके जमीनी स्तर पर कई कमजोरियां भी रहती हैं। जेल में जब कोई कैदी आता है तो उसका और उसकी गैंग का पूरा रिकॉर्ड पुलिस के पास होता है। इंटेलिजेंस इनपुट भी लिया जाता है। इसके बाद उसे विरोधी गैंग से अलग ब्लॉक में ही बैरक या सेल अलॉट की जाती है। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में टोटल 4 वार्ड हैं और इनमें करीब 16 ब्लॉक हैं। हर ब्लॉक में कम से कम 5 सेल (कोठरी) और अधिकतम 6 सेल (कोठरी) मिलाकर टोटल 88 सेल (कोठरी) हैं। एक सेल में अधिकतम 3 कैदियों को रखा जा सकता है और इस लिहाज से यहां की कुल क्षमता 264 कैदियों को रखने की है। वर्तमान में यहां 90 हार्डकोर कैदी बंद है। जेल की सुरक्षा पर क्या बोले डीजी जेल अशोक राठौड़? राजस्थान के डीजी जेल अशोक राठौड़ कहते हैं- साइको कैदियों और बंदियों को लेकर जेल में कोई अलग से साइक्लॉजिकल मॉनिटरिंग जैसी स्पेशल ट्रीटमेंट की सुविधा तो नहीं है। लेकिन जेल में बंद सभी कैदियों के आपराधिक बैकग्राउंड, इनके स्वभाव, दुश्मनी के अलावा हर डिटेल को चेक करने के बाद ही सेल दी जाती है। हार्डकोर क्रिमिनल्स की गैंग्स राइवलरी का भी ध्यान रखते हुए ही उन्हें जेल में अलग-अलग बंद रखा जाता है। ऐसे कैदियों और बंदियों की मॉनिटरिंग भी जेल प्रशासन करता रहता है। अब इसी बीच इनके बीच अगर अचानक कोई नई दुश्मनी पनपती है, या किसी बात को लेकर उनमें कोई विवाद होता है तो उसको तत्काल समझना मुश्किल हो जाता है।

अब सुनने को नहीं मिलेगा- सॉरी नो बेड:5 अस्पतालों को इसी साल मिलेंगे 1800 बेड; 1430 से बढ़कर 3230 हो जाएगी क्षमता

एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में गंभीर मरीजों को भर्ती के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस साल के अंत तक पांच अस्पतालों में 1800 नए बेड उपलब्ध हो जाएंगे। इससे इन अस्पतालों की बेड क्षमता करीब 1430 से बढ़कर 3230 से अधिक हो जाएगी। सबसे ज्यादा राहत गर्भवती महिलाओं, नवजात, हृदय और कैंसर रोगियों को मिलेगी। महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में 550, जनाना अस्पताल चांदपोल में 300, गणगौरी अस्पताल में 300 और स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में 450 बेड बढ़ेंगे। कार्डियक इंस्टीट्यूट में 200 बेड की सुविधा विकसित की जा रही है। महिला चिकित्सालय और जनाना अस्पताल में अभी 1058 बेड हैं। नए भवन शुरू होने के बाद यहां क्षमता बढ़कर करीब 1900 बेड हो जाएगी। इससे प्रसव और नवजात उपचार के लिए आने वाली महिलाओं को भर्ती के लिए एक से दूसरे अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। दो अस्पतालों का निर्माण पूरा महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में 107 करोड़ रुपए और जनाना अस्पताल चांदपोल में 75 करोड़ रुपए की लागत से नए भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। गणगौरी अस्पताल का 100 करोड़ रुपए की लागत वाला भवन निर्माणाधीन है। स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट का 85 करोड़ रुपए का काम अंतिम चरण में है। मरीजों को ये फायदे; भर्ती, जांच और ऑपरेशन जल्दी होंगे

कार्रवाई से पहले लीक हो जाती है सूचना:कागजों में नो-वेंडिंग जोन; दिन में अतिक्रमण हटा रहे, शाम तक सड़कों पर ठेलों का कब्जा

शहर की मुख्य सड़कों पर घोषित नो-वेंडिंग जोन केवल कागजों में हैं। निगम टीमें दिन में अतिक्रमण हटाती हैं, लेकिन शाम होते-होते सड़कें फिर ठेलों-थड़ियों से भर जाती हैं। आरोप है कि कार्रवाई से पहले ही सूचना लीक हो जाती है, जिससे अतिक्रमण करने वाले कुछ समय के लिए हट जाते हैं और अभियान खत्म होते ही दोबारा सड़क घेर लेते हैं। नतीजा- करोड़ों रुपए खर्च कर चौड़ी की गई सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। 100 फीट चौड़ी सड़कों पर दो-दो लेन तक ठेले लगने से वाहनों के लिए केवल 30 से 40 फीट जगह बचती है। निगम का दावा बनाम हकीकत निगम का दावा है कि सतर्कता शाखा प्रतिदिन सड़कों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही है। हर दिन 8 कैंटर सामान जब्त किया जाता है और 24 हजार रुपए कैरिंग चार्ज भी वसूला जाता है। फिर भी प्रमुख सड़कों पर अस्थायी अतिक्रमण है। लालकोठी सब्जी मंडी अंडरपास >अंडरपास के प्रवेश द्वार पर सुबह से रात तक थड़ी-ठेलों का जमावड़ा रहता है। निगम कार्रवाई करता है, पर कुछ समय बाद फिर अतिक्रमण हो जाता है। इससे रोज जाम की स्थिति रहती है। टोंक रोड, एसएमएस टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल के सामने दोनों तरफ शाम के समय 20 से 30 फीट तक ठेले लगते हैं। मेडिकल कॉलेज के सामने 1 किमी लंबी सर्विस लेन पर अतिक्रमण रहता है। जेके लोन अस्पताल के सामने भी यही स्थिति है। न्यू सांगानेर रोड मानसरोवर-न्यू सांगानेर रोड एसएफएस चौराहे से मेट्रो स्टेशन तक 7 किमी में दोनों तरफ फिर ठेलों का बाजार सज जाता है। सांगानेर सांगानेर चौरडिय़ा पेट्रोल पंप से सवाई माधोपुर पुलिया तक 1 किमी में फल-सब्जी के ठेले लगे रहते हैं। सुबह से रात तक कई बार जाम की स्थिति बनती है। गांधीनगर मोड़ गांधीनगर मोड़ नगर निगम कार्यालय से विधानसभा की ओर जाने वाली 80 और 60 फीट चौड़ी कनेक्टिंग सड़कों पर दोनों तरफ ठेले लग रहे हैं, जबकि यह क्षेत्र नो-वेंडिंग जोन घोषित है। गोपालपुरा से दुर्गापुरा गोपालपुरा पुलिया से जयपुरिया अस्पताल मोड़ तक 200 मीटर हिस्से में 50 ठेले सड़क की एक लेन घेर लेते हैं। यहां बसों का ठहराव भी होने से सड़क और संकरी हो जाती है। दिन में कई बार जाम लगता है।
परकोटा क्षेत्र; परकोटा क्षेत्र चौड़ा रास्ता दिन में अतिक्रमण मुक्त दिखाई देता है, लेकिन शाम होते ही सड़क पर फिर ठेले लग जाते हैं। रामगंज चौपड़ से घाटगेट रोड, चारदरवाजा, सुभाष चौक, बड़ी चौपड़, रामगढ़ मोड़ और जौहरी बाजार स्थित सब्जी मंडी के सामने भी अस्थायी अतिक्रमण रहता है।

नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं को बताए जनसंख्या नियंत्रण के कानूनी उपाय

भास्कर न्यूज| जैसलमेर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान के तहत शनिवार को राजकीय गर्ल्स नर्सिंग कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल शिप्रा शांडिल्य ने छात्राओं को विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, शिक्षा तथा सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह दिवस वर्ष 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की पहल पर शुरू किया गया। यह 1990 से पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। इस वर्ष की मुख्य थीम “युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को साकार करना—आज और भविष्य के लिए” है। अधिवक्ता शिप्रा शांडिल्य ने कहा कि बढ़ती आबादी के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर भारी दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है।

रेलमगरा में सबसे ज्यादा 241, राजसमंद मुख्यालय पर सबसे कम 32 मिमी बारिश हुई

भास्कर न्यूज | राजसमंद राजसमंद जिले में इस बार मानसून करीब एक सप्ताह की देरी से पहुंचा, लेकिन सक्रिय होने के कुछ ही दिन बाद बारिश का दौर थम गया। पिछले पांच दिनों से जिले के अधिकांश हिस्सों में उल्लेखनीय वर्षा नहीं हुई है। नतीजतन आषाढ़ में वैशाख जैसी तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है। शनिवार सुबह बादलों की आवाजाही रही, लेकिन कुछ ही देर बाद तेज धूप निकल आई। दिनभर उमस और गर्मी का असर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक जिले में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन अच्छी बारिश के आसार फिलहाल कम हैं। बारिश में आए इस अंतराल से खरीफ फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। बुवाई के बाद फसलों के बेहतर विकास के लिए लगातार नमी जरूरी है। एक जून से 11 जुलाई तक जिले में औसतन 117 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक 241 मिमी वर्षा रेलमगरा में हुई, जबकि राजसमंद मुख्यालय पर महज 32 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो जिले में सबसे कम है। इसके अलावा देवगढ़ 228 मिमी, नाथद्वारा 140 मिमी, गढ़बोर 130 मिमी, देलवाड़ा 117 मिमी, गिलूंड 113 मिमी, खमनोर 110 मिमी, भीम 102 मिमी, कुंभलगढ़ 98 मिमी, आमेट 87 मिमी, सरदारगढ़ 83 मिमी और कुंवारिया 39 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में हल्की गिरावट के बावजूद हवा में नमी अधिक रहने से उमस बनी रही। मानसून की शुरुआती बारिश के बाद कई दिनों तक वर्षा नहीं होने पर सबसे अधिक असर खरीफ फसलों पर पड़ता है। इस समय मक्का, सोयाबीन, उड़द, मूंग और बाजरा जैसी फसलें अंकुरण और शुरुआती वृद्धि की अवस्था में हैं, जिन्हें नियमित नमी की जरूरत होती है। लगातार धूप और उमस से मिट्टी की नमी तेजी से कम होती है, जिससे पौधों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जिन किसानों के पास सुविधा है, वे हल्की सिंचाई कर खेतों में नमी बनाए रखें। डॉ. जगदीश चौधरी, एमपीयूएटी, उदयपुर

30 सितंबर तक पुराने वाहनों की आरसी का नवीनीकरण कराएं

सवाई माधोपुर/ गंगापुर सिटी | राज्य सरकार द्वारा 15 वर्ष या उससे अधिक पुराने वाहनों के पंजीयन प्रमाण पत्र (आरसी) के नवीनीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एमनेस्टी योजना लागू की गई है। योजना के तहत वाहन स्वामी 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित एकमुश्त राशि जमा कर आरसी का नवीनीकरण करवा सकते हैं तथा विलंब शुल्क (पेनल्टी) में विशेष राहत का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सिंह ने बताया कि योजना का लाभ 15 वर्ष या उससे अधिक पुराने दोपहिया वाहन, बाइक, स्कूटर, मोपेड एवं ट्रैक्टर के स्वामियों को मिलेगा। सामान्यतः दोपहिया वाहनों की आरसी नवीनीकरण में विलंब होने पर प्रति माह 300 रुपए की पेनल्टी देय होती है, जबकि एमनेस्टी योजना के तहत केवल 1,000 रुपए की एकमुश्त राशि जमा कर नवीनीकरण कराया जा सकेगा।

बामनवास में सिसोदिया, बौंली में राजेश नए ईओ

भास्कर न्यूज | सवाईमाधोपुर स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेशभर में नगर पालिका अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसका असर सवाईमाधोपुर जिले में भी दिखा है। बामनवास, वजीरपुर और बौंली नगर पालिका में नए अधिशासी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। नगर परिषद चित्तौड़गढ़ में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी कमलेन्द्र प्रताप सिंह सिसोदिया को बामनवास नगर पालिका का नया ईओ लगाया गया है। बामनवास में वे संतोष कुमार मीणा का स्थान लेंगे। टोंक नगर परिषद में राजस्व अधिकारी राजेश कुमार मीणा को बौंली नगर पालिका का जिम्मा सौंपा गया है। बौंली में वे बृजेश कुमार मीणा के स्थान पर पदस्थापित होंगे। सपोटरा से आरओ दीपक चौहान को वजीरपुर का ईओ लगाया गया है। नगर परिषद सवाईमाधोपुर में राजस्व अधिकारी चन्द्रकला वर्मा को लाखेरी नगर पालिका का अधिशासी अधिकारी बनाया गया है। वजीरपुर नगर पालिका के कर निर्धारक श्रीनारायण गुप्ता को नौगांव नगर पालिका का ईओ बनाया गया है। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक जुईकर प्रतीक चन्द्रशेखर द्वारा जारी आदेश में सभी अधिकारियों को तुरंत कार्यमुक्त होने, नए स्थान पर जॉइनिंग देने, पालना रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

टांचा गांव के सीनियर स्कूल परिसर में पौधरोपण किया

छीपाबड़ौद| हरियालो राजस्थान एवं वृक्ष कुंज अभियान के तहत टांचा गांव स्थित सीनियर स्कूल परिसर में शनिवार को पौधरोपण किया गया। इस मौके पर प्रशासक रामगोपाल नागर, ग्राम विकास अधिकारी राजमल चक्रधारी, पंचायत सहायक त्रिलोकचंद प्रजापत, संस्था प्रधान शिवप्रसाद नागर, गिरिराज शर्मा, विनोद चौहान एवं स्कूल के स्टाफकर्मी उपस्थित थे। वहीं बालाजी की डूंगरी पर भी अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।