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सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा: महिला कैंडिडेट्स की चेन-चूड़ी-बिछिया तक उतरवाई:लास्ट मिनट पर भागते नजर आए अभ्यर्थी, 1 घंटे पहले बंद हुए गेट

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा कोटा के 67 केंद्रों पर हो रही है। 9 बजे गेट बंद कर दिए गए। इस दौरान 2 अभ्यर्थियों ने लास्ट मिनट पर भागकर एंट्री ली। वहीं 3 लेयर जांच के बाद ही कैंडिडेट्स को प्रवेश दिया गया। उद्योग नगर थाने के एएसआई गिर्राज मीणा ने बताया कि हर अभ्यर्थी की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी धातु की वस्तु, गले में पहनी चेन, हाथों के कड़े, चूड़ियां, बिछिया और मेटल वाले सामान को बाहर ही उतरवाया गया। जींस के बड़े मेटल बटन जैसी वस्तुओं पर भी विशेष निगरानी रखी गई। पूरी प्रक्रिया के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया और सुबह 10 बजे निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू हुई। परीक्षा शुरू होने से पहले जिला कलेक्ट्रेट से पुलिस सुरक्षा के बीच प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। उद्योग नगर स्थित इंदिरा गांधी क्षेत्र के परीक्षा केंद्र पर सुबह 9 बजे निर्धारित समय पर मुख्य गेट बंद कर दिए गए। गेट बंद होने से ठीक पहले स्कूल स्टाफ ने आवाज लगाकर बाहर मौजूद अभ्यर्थियों को बुलाया। इसी दौरान दो अभ्यर्थी दौड़ते हुए पहुंचे और समय रहते प्रवेश मिला। सबसे पहले पुलिसकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से प्रत्येक अभ्यर्थी की सघन जांच की। इसके बाद स्कूल स्टाफ ने प्रवेश पत्र और पहचान पत्र सहित सभी दस्तावेजों का वैरिफिकेशन किया। जांच पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। कोटा में 67 परीक्षा केंद्रों में 41 सरकारी और 26 निजी विद्यालय शामिल हैं। परीक्षा दो पारियों में हो रही है। पहली पारी सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान (ग्रुप-ए) और दूसरी पारी दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक सामाजिक विज्ञान विषय की रही। दोनों पारियों में कुल 36 हजार 336 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

पेड़ से लटका मिला युवक का शव:एक दिन पहले ही निकला था घर से, मौत के कारणों की जांच जारी

झुंझुनूं के सदर थाना क्षेत्र के भूरासर गांव में रविवार सुबह एक युवक का शव जोहड़ के पास एक जाल के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान 20 साल के राजकुमार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर झुंझुनूं के बीडीके हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शनिवार से घर से निकला हुआ था युवक मृतक के भाई सुनील ने बताया कि राजकुमार शनिवार को घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिवार के लोग उसकी तलाश में जुट गए। रविवार सुबह करीब 6 बजे उसकी मां और भाई सुनील उसे ढूंढते हुए गांव के जोहड़ की तरफ पहुंचे। मां और भाई ने देखा शव परिजनों ने जोहड़ के पास जाल के पेड़ पर राजकुमार का शव फंदे से लटका देखा। यह देखकर परिवार के लोग घबरा गए। उनके शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई। मजदूरी करता था राजकुमार परिजनों के अनुसार राजकुमार मजदूरी का काम करता था और स्वभाव से शांत था। परिवार ने बताया कि पिछले कुछ समय से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं चल रही थी, जिसको लेकर घर के लोग चिंतित रहते थे। राजकुमार पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता महेंद्र भी मजदूरी करते हैं। पुलिस ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का जायजा लेकर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को नीचे उतरवाकर बीडीके हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मौत के कारणों की जांच जारी सदर थाना पुलिस के अनुसार युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है। मामले की जांच की जा रही है।

राजस्थान का पहला हिस्ट्रीशीटर डॉक्टर अब नहीं कर सकेगा प्रैक्टिस:चलती गाड़ी मे भी कर देता था भ्रूण-लिंग जांच, 5 बार गिरफ्तार भी हुआ

भ्रूण-लिंग जांच के मामले में कई बार पकड़ा जा चुका डॉक्टर मोहम्मद इम्तियाज अब राजस्थान में प्रैक्टिस नहीं कर पाएगा। राजस्थान मेडिकल कौंसिल ने उसका रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया है। पीसीपीएनडीटी सेल ने 5 बार इम्तियाज को गिरफ्तार किया था। पकड़े जाने के बावजूद भी वह अवैध भ्रूण लिंग जांच का गिरोह चलाता रहा। करीब 7 साल पहले जोधपुर पुलिस ने इम्तियाज को हिस्ट्रीशीटर घोषित किया था। डॉक्टर की हिस्ट्रीशीट खोलने का ये पहला मामला था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… घर में कर रहा था जांच: डॉ. मोहम्मद इम्तियाज पहली बार साल अक्टूबर 2016 में अवैध भ्रूण-लिंग जांच करते हुए पकड़ा गया था। उस समय वह बालेसर (जोधपुर) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का प्रभारी था। डॉ. इम्तियाज को अपने साथी भैरोंसिंह के घर जांच करते हुए पकड़ा गया था। इस मामले में वो जेल में भी रहा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 8 अक्टूबर 2016 को सस्पेंड कर दिया गया था। साथियों के साथ फिर गिरफ्तार: सात महीने बाद फिर से इस धंधे में शामिल हो गया। मई 2017 में डॉ. इम्तियाजअपने दलाल साथियों के जरिए भ्रूण लिंग जांच करते पकड़ा गया। इस मामले में भी उसे गिरफ्तार किया था। चलती गाड़ी में कर रहा था टेस्ट: जनवरी 2018 में सेल को सूचना मिली थी कि झुंझुनूं की गर्भवती महिलाओं की अवैध भ्रूण लिंग जांच की जा रही है। टीम ने गर्भवती डिकॉय महिला व सहयोगी को भेजा। जोधपुर पहुंचने पर टीम और डिकाय गर्भवती महिला स्टेशन पहुंचे तो दलाल अपनी गाड़ी में बैठाकर गर्भवती को ले गया। चलती गाड़ी में उसकी जांच की गई। इसके बाद सेल की टीम ने डॉ.इम्तियाज को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास पोर्टेबल मशीन और 15 हजार रुपए भी मिले। दलाल साथी के साथ जांच करते पकड़ा: आरोपी एक बार फिर 9 सितंबर, 2018 को पीसीपीएनडीटी सेल ने डिकॉय ऑपरेशन करते हुए पकड़ा गया। डॉ.इम्तियाज अपने दलाल साथी के साथ एक मकान में गर्भवती का अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करते पकड़ा। इसके बाद साल 2022 में भी डॉ. इम्तियाज के खिलाफ एक और मामला सामने आया था। इस तरह कैंसिल हुआ रजिस्ट्रेशन राजस्थान मेडिकल कौंसिल की 136वीं जनरल बॉडी मीटिंग में 30 जून को डॉ.मोहम्मद इम्तियाज का रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया गया है। मानवाधिकार आयोग, नेशनल मेडिकल कमीशन और पीसीपीएनडीटी सेल द्वारा मिली शिकायतों के आधार पर ये कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि पीनल एंड एथिकल कमेटी में हमारे एक्सपर्ट डॉक्टर्स की कमेटी होती है। कमेटी वादी और परिवादी दोनों पक्षों को सुनने के साथ ही गवाह-सबूत की जानकारी लेने के बाद निर्णय लेती है। पीएनएल एथिकल कमेटी की अनुशंसा पर जनरल बॉडी निर्णय लेती है। उन्होंने बताया कि अब डॉ.मोहम्मद इम्तियाज राजस्थान में प्रैक्टिस नहीं कर सकते हैं। पहली बार खोली गई थी हिस्ट्रीशीट लगातार भ्रूण लिंग जांच को लेकर कुख्यात हो चुके डॉ. इम्तियाज को जोधपुर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर भी घोषित कर दिया था। चार मामले दर्ज होने के बावजूद वो अवैध भ्रूण-लिंग जांच में शामिल रहा। ऐसे मामलों को देखते हुए 7 साल पहले जोधपुर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया था।

30 सेकंड में बाइक चुरा कर ले गए बदमाश,VIDEO:लॉक तोड़ा, साथी को बिठाकर फरार हो गए; पुलिस पर शिकायत दर्ज नहीं करने का आरोप

कोटा शहर में बाइक चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला भीमगंजमंडी थाना क्षेत्र की मस्जिद गली का है, जहां शनिवार सुबह महज 30 सेकंड में घर के बाहर खड़ी बाइक चोरी हो गई। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें एक युवक बाइक का लॉक तोड़कर फरार होता दिखाई दे रहा है। कुछ दूरी पर उसका साथी पहले से मौजूद था, जिसे बाइक पर बैठाकर दोनों मौके से निकल गए। बाइक मालिक प्रमोद चौरसिया ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 6 बजे वह अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने की तैयारी कर रहे थे। उस दौरान उन्होंने बाइक घर के बाहर खड़ी करके वह कुछ देर के लिए ऊपर अपने मकान पर चले गए। उनके मकान के नीचे दुकान और ऊपर निवास है। इसी दौरान एक युवक वहां पहुंचा और कुछ ही सेकंड में बाइक का लॉक तोड़कर चोरी कर ली। पीड़ित का आरोप है कि चोरी की जानकारी मिलने पर वह भीमगंजमंडी थाने पहुंचे, लेकिन वहां उनकी शिकायत तुरंत दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने केवल औपचारिकता निभाई और तीन दिन बाद शिकायत दर्ज कराने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया। इससे पीड़ित परिवार में नाराजगी है।

ट्रांसफर बेन के बाद शिक्षा विभाग में 2 हजार तबादले:10 जुलाई तक ई-हस्ताक्षर से जारी हुई लिस्ट, अब डायरेक्टर ने हाथ से किए हस्ताक्षर

राज्य सरकार की ओर से 10 जुलाई से तबादलों पर रोक लगाने के बावजूद शिक्षा विभाग में इसके बाद भी ट्रांसफर का दौर जारी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 1 हजार 987 प्रिंसिपल, लेक्चरर, ग्रेड सेकंड टीचर और मंत्रालयिक कर्मचारियों के तबादलों की नई सूची जारी की है। खास बात यह है कि 10 जुलाई तक जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के ई-हस्ताक्षर थे, जबकि रविवार को सामने आई सूची में उनके हाथ से किए गए हस्ताक्षर हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी शिक्षा विभाग में तबादले जारी रह सकते हैं। 729 ग्रेड सेकंड टीचर, लाइब्रेरियन और पीटीआई के हुए ट्रांसफर शिक्षा विभाग की ओर से जारी नई ट्रांसफर सूची में 729 ग्रेड सेकंड टीचर, लाइब्रेरियन और पीटीआई के ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए गए हैं। इसके अलावा मंत्रालयिक कर्मचारियों और अधिकारियों के करीब डेढ़ हजार ट्रांसफर भी किए गए हैं। बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के भी हुए तबादले नई सूची में बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के भी बड़ी संख्या में तबादले किए गए हैं। एक ही सूची में लाइब्रेरियन और बेसिक कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर के 278 ट्रांसफर शामिल हैं। इसके अलावा मंत्रालयिक कर्मचारियों की अलग-अलग सूचियों में 408 और 237 ट्रांसफर किए गए हैं। पहले जारी तबादलों में भी किया बदलाव शिक्षा विभाग ने 10 जुलाई से पहले जिन प्रिंसिपल और लेक्चरर के ट्रांसफर किए थे, उनमें भी बदलाव किया है। सात प्रिंसिपल से जुड़ी नई सूची जारी की गई है। इसमें छह प्रिंसिपल का तबादला किया गया है, जबकि एक प्रिंसिपल के मामले में केवल स्कूल बदला गया है। आने वाले दिनों में और सूची आने की संभावना माना जा रहा है कि आने वाले समय में भी 10 जुलाई की तारीख वाले आदेश जारी किए जा सकते हैं। ऐसे आदेश भी हाथ से हस्ताक्षर करके जारी किए जाने की संभावना है। वहीं, राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद इन सूचियों के जारी होने की चर्चा भी चल रही है।

हाईकोर्ट ने 2015 भर्ती के लेक्चरर्स की पुरानी-लिस्ट रद्द की:पुरानी लिस्ट से बने उप प्रिंसिपल भी हटेंगे, 4 महीने में नई सूची बनाने के आदेश

राज्य के सबसे बड़े शिक्षा विभाग में 2015 की स्कूल व्याख्याता भर्ती से जुड़े लंबे समय से चल रहे वरिष्ठता विवाद पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति इन्द्रजीत सिंह और रवि चिरानिया की खंडपीठ ने 8 जुलाई को सुनाए फैसले में राज्य सरकार की ओर से 21 नवंबर 2022 को जारी अंतर वरिष्ठता (इंटर-से सीनियरिटी) सूची को अवैध घोषित करते हुए निरस्त कर दिया है। इसी सूची के आधार पर हुई उप प्रिंसिपल पद की पदोन्नतियां भी रद्द कर दी गई हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को चार माह के भीतर नई वरिष्ठता सूची तैयार कर 2021 सेवा नियमों के तहत पदोन्नति प्रक्रिया दोबारा पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले का असर टोंक समेत प्रदेशभर के सैकड़ों व्याख्याताओं पर पड़ेगा। संयुक्त मेरिट के आधार पर बनेगी नई सूची अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि 2015 भर्ती के सभी चयनित अभ्यर्थियों की संयुक्त मेरिट के आधार पर नई वरिष्ठता सूची तैयार की जाए। इसके बाद 2021 सेवा नियमों के अनुसार उप प्रिंसिपल सहित उच्च पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया फिर से पूरी की जाए। मेरिट ही होगी वरिष्ठता का आधार हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि एक ही विज्ञापन और एक ही चयन प्रक्रिया से चयनित अभ्यर्थियों की वरिष्ठता केवल मेरिट के आधार पर तय होगी। परिणाम घोषित होने या नियुक्ति आदेश अलग-अलग तारीखों पर जारी होने का असर वरिष्ठता पर नहीं पड़ सकता। खंडपीठ ने कहा कि प्रशासनिक सुविधा के नाम पर कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों को ज्यादा मेरिट वाले अभ्यर्थियों से वरिष्ठ बनाना संविधान के समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ है। हाईकोर्ट के फैसले की प्रमुख बातें 21 नवंबर 2022 को जारी अंतर वरिष्ठता सूची को निरस्त कर दिया गया है। इसी सूची के आधार पर हुई उप प्रिंसिपल पदोन्नतियां भी रद्द कर दी गई हैं। वर्ष 2015 भर्ती के सभी चयनित अभ्यर्थियों की संयुक्त मेरिट के आधार पर नई वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी। 2021 सेवा नियमों के तहत उप प्रिंसिपल और अन्य उच्च पदों पर नई पदोन्नति की जाएगी। पूरी प्रक्रिया चार माह में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। 2018 भर्ती का भी दिया हवाला अदालत ने अपने फैसले में कहा कि राज्य सरकार भविष्य में चयन सूची और नियुक्तियां “वन गो” में जारी करने की नीति अपना चुकी है, ताकि वरिष्ठता विवाद पैदा नहीं हों। जब 2018 की भर्ती में यही व्यवस्था लागू की गई थी तो 2015 भर्ती में अलग व्यवस्था अपनाने का कोई औचित्य नहीं था। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर प्रदेशभर में बड़ी संख्या में 2015 भर्ती के व्याख्याताओं और इसी वरिष्ठता सूची के आधार पर पदोन्नत हुए उप प्रिंसिपलों पर पड़ेगा। अब शिक्षा विभाग को वरिष्ठता निर्धारण और पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया नए सिरे से करनी होगी। रेसटा प्रदेशाध्यक्ष ने जांच की मांग उठाई शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि शिक्षा विभाग को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ के फैसले की पालना सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2012-13 की वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदों की पदोन्नति के लिए बनाई गई वरिष्ठता सूची की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्र 2011-12 और 2013-14 से 2025-26 तक की वरिष्ठता सूची में मेरिट तय करने के लिए एक नियम अपनाया गया, जबकि सत्र 2012-13 की वरिष्ठता सूची में अलग नियम लागू किया गया था।

देर रात ट्रेन की चपेट में आए तीन ऊंट, मौत:ट्रेक पार करते समय हुआ हादसा; सूर्यनगरी 40 मिनट और वंदे भारत एक घंटे लेट रही

पाली जिले के बोमादड़ा के निकट शनिवार रात सूर्यनगरी ट्रेन की चपेट में आने से तीन ऊंटों की मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रेन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते रेलवे ट्रेक कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रेक को क्लीयर कराया, जिसके बाद ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू किया गया। इस दौरान सूर्यनगरी और वंदे भारत ट्रेन देरी से चली, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेक पार करते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार पाली जिले के बोमादड़ा और राजकियावास रेलवे स्टेशन के बीच शनिवार रात रेलवे ट्रेक पार कर रहे तीन ऊंट सूर्यनगरी ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि तीनों ऊंटों की मौके पर ही मौत हो गई। आरपीएफ ने ट्रेक कराया क्लीयर घटना की सूचना मिलने पर आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे। टीम ने मृत ऊंटों को ट्रेक से हटाकर रेलवे लाइन को क्लीयर कराया। इसके बाद सूर्यनगरी ट्रेन और वंदे भारत ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। दोनों ट्रेनें देरी से पहुंचीं हादसे के कारण सूर्यनगरी ट्रेन करीब 40 मिनट देरी से चली, जबकि वंदे भारत ट्रेन करीब एक घंटे लेट हो गई। वंदे भारत ट्रेन का पाली रेलवे स्टेशन पहुंचने का निर्धारित समय रात 9:29 बजे था, लेकिन ट्रेन रात करीब 10:30 बजे पाली पहुंची। ट्रेनें देरी से चलने के कारण यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।

सवाई माधोपुर में 13 सीआई और 13 एसआई के तबादले:सुशीला मीणा बने गंगापुर सिटी के थानाधिकारी, रुक्मणी गुर्जर को महिला थाना में लगाया

सवाई माधोपुर जिले में शनिवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। जिले के थानाधिकारियों और चौकी प्रभारियों के तबादले कर दिए गए हैं। जारी लिस्ट में 13 सीआई और 13 एसआई को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस संबंध में एसपी ज्येष्ठा मैत्रयी ने आदेश जारी किए हैं। तबादलों के बाद जिले के कई थानों और चौकियों में नए अधिकारी कार्यभार संभालेंगे। 13 सीआई को मिली नई जिम्मेदारी जारी आदेश के अनुसार मांगेलाल को अन्य जिले से ट्रांसफर के बाद मलारना डूंगर थानाधिकारी लगाया गया है। सुशीला मीणा को मित्रपुरा थानाधिकारी से सदर गंगापुर सिटी थानाधिकारी बनाया गया है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट की प्रभारी रुक्मणी गुर्जर को महिला थाना सवाई माधोपुर की जिम्मेदारी दी गई है। भोजाराम जाट को महिला थाना से बाटोदा थानाधिकारी लगाया गया है। बाटोदा थानाधिकारी जगदीश चंद्र को साइबर थाना भेजा गया है। अजीत कुमार को अन्य जिले से ट्रांसफर के बाद चौथ का बरवाड़ा थानाधिकारी लगाया गया है। रवांजना डूंगर थानाधिकारी दिलीप वर्मा को कुण्डेरा थानाधिकारी बनाया गया है। हरिमन मीणा को अन्य जिले से ट्रांसफर के बाद बामनवास थानाधिकारी लगाया गया है। बी कलां थानाधिकारी मदरूप राम को उदेई मोड थानाधिकारी बनाया गया है। बामनवास थानाधिकारी कैलाश चंद शर्मा को मित्रपुरा थानाधिकारी लगाया गया है। सूरवाल थानाधिकारी बनी सिंह को बी कलां की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुसुमलता मीणा को अन्य जिले से ट्रांसफर के बाद अपराध सहायक लगाया गया है। वहीं वजीरपुर थानाधिकारी राजवीर मीणा को पुलिस लाइन भेजा गया है। 13 एसआई भी इधर से उधर किए गए तबादला सूची में एसआई श्याम सुंदर को रवांजना डूंगर के साथ डीएसटी का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। मुंशीलाल मीणा को पुलिस लाइन से सूरवाल थानाधिकारी लगाया गया है। राजवीर सिंह को वजीरपुर थानाधिकारी और सीताराम मीणा को पीलोदा थानाधिकारी बनाया गया है। भागवत सिंह को शिवाड़ चौकी प्रभारी और भीम सिंह को गणेशधाम चौकी प्रभारी लगाया गया है। ओमप्रकाश और रणधीर सिंह को खिरनी चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। राजेंद्र गिरी को पुलिस लाइन में आरआई (संचित निरीक्षक) लगाया गया है। ओमप्रकाश गंगासहाय को भाडौती चौकी प्रभारी बनाया गया है। सुमेर सिंह को यातायात शाखा प्रभारी सवाई माधोपुर और मानसिंह को यातायात शाखा प्रभारी गंगापुर सिटी लगाया गया है। टीनू सोगरवाल को एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट और कंट्रोल रूम का प्रभारी बनाया गया है। वहीं रमेश चंद को एसपी कार्यालय में डीएसबी प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भाई के नाम जमीन, बेटे ने पिता को मार डाला:पुत्र, साला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार; घर के बाहर सोए बाप को डंडों से पीटकर की हत्या

बाड़मेर में जमीन अपने नाम नहीं करने से नाराज बेटे ने अपने ससुर और साले के साथ मिलकर पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। बुरी तरह घायल पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना के तीन दिन बाद शनिवार रात 7 बजे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना बाड़मेर सदर थाना इलाके शोभाला जैतमाल 8-9 की रात की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। सदर थाना SHO करतार सिंह के अनुसार शोभाला जेतमाल निवासी रूपाराम पुत्र रावताराम ने 9 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया कि 8 जुलाई की रात उसके पिता रावताराम और दादा भारमलराम घर के बाहर सो रहे थे। रात करीब 12 बजे रेखाराम पुत्र रावताराम, दिलीप पुत्र विशनाराम, विशनाराम, चैनी पत्नी रेखाराम, चूनी पत्नी पपूराम और दो-तीन अन्य लोग हथियार और लाठियां लेकर वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी ने रावताराम के साथ जान से मारने की नीयत से मारपीट शुरू कर दी। हमले में उनके सिर, पेट और पैर पर गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंचे दादा भारमलराम के साथ भी मारपीट की गई और उन्हें चारपाई के नीचे दबा दिया गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर महिलाएं आई चिल्लाने की आवाज सुनकर दादी जमाना और मां मूली मौके पर पहुंचीं। इसके बाद आरोपी वहां से भाग गए। परिजन घायल रावताराम को हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां इलाज शुरू किया गया। लेकिन 9 जुलाई की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। बेटे समेत तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तार के लिए दबिश दी गई। तकनीकी और सूचना के आधार पर बेटा रेखाराम (33) पुत्र रावताराम निवासी शोभाला जेतमाल, साला दिलीप (20) पुत्र विशनाराम निवासी कुड़ला बाड़मेर, किशन (21) पुत्र नरपतसिह निवासी असाडा की बेरी बाड़मेर को डिटेन किया। पूछताछ में आरोपियों ने लाठियों से हमला करना स्वीकार करने पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। छोटे भाई के नाम जमीन करवाने से था नाराज पूछताछ में बताया कि रेखाराम अपने पिताजी से जमीन विवाद के चलते अपने पिता की खरीदसुदा जमीन का पिता रावताराम ने बेचकर जैसलमेर में मुर्बे लेकर अपने छोटे बेटे के नाम करने से नाराज हो गया। अपने साले दिलीप, भुआई साला किशन को अपनी गाडी में बैठाकर शोभाला जेतमाल लेकर आया। घर के आगे सो रहे पिता के साथ लाठी-डंडो से मारपीट करना स्वीकार किया। आरोपियों से पूछताछ जारी है। ————————————————————- पढ़े इससे जुड़ी खबर बेटे ने पिता को डंडों से पीटकर मार डाला: साले और ससुर के साथ घर में घुसा था, जमीन के रुपयों को लेकर विवाद था बाड़मेर में बेटे ने अपने ससुर और साले के साथ मिलकर पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। बुरी तरह घायल पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 60 साल के पिता ने अपने हिस्से की जमीन बेची थी। (पढ़े पूरी खबर)

जगतपुरा में 6 महीने से खुदी सड़क हुई दुरुस्त:झोटवाड़ा में उफनते सीवर से मिला निजात, कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य उपायुक्त ओम थानवी बने ‘स्टार ऑफिसर’

जयपुर। दैनिक भास्कर ऐप के ‘भास्कर समाधान’ पर जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जयपुर प्रशासन में हड़कंप मच गया है। स्थानीय निवासियों की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कई इलाकों में नगर निगम और संबंधित विभागों ने प्रभावी कार्रवाई की है। जगतपुरा में पिछले 6 महीने से खुदी पड़ी मुख्य सड़क को अफसरों ने तुरंत हरकत में आकर पूरी तरह ठीक करवा दिया है। वहीं, झोटवाड़ा क्षेत्र के तारा नगर में पैरेडाइज होटल के बाहर हफ्तों से ओवरफ्लो हो रहे सीवर चैंबर को साफ कर समस्या का स्थाई समाधान किया गया। इस त्वरित कार्रवाई के लिए क्षेत्रवासियों ने नगर निगम के स्वास्थ्य उपायुक्त ओम थानवी को ‘स्टार ऑफिसर’ बनाया है। हालांकि, जयपुर के कई अन्य इलाकों जैसे आगरा रोड की ग्रीन पार्क कॉलोनी में चोक नाली, सांगानेर में अवैध अतिक्रमण, आनंदपुरी में टूटी सड़क और टोंक फाटक पर बंद एस्केलेटर के कारण अब भी लोग परेशान हैं और उन्हें प्रशासन से समाधान की आस है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) ‘भास्कर समाधान’ के असर से दूर हुई सड़क की समस्या
जयपुर के जगतपुरा इलाके के रहने वाले मुरलीधर ने पिछले 6 महीने से मिल रहे नारकीय दर्द के बारे में भास्कर समाधान पर पोस्ट किया था। उन्होंने बताया था कि इलाके में नई सड़क बनाने के बहाने विभाग ने 6 महीने पहले मुख्य रास्ता खोद डाला था, लेकिन काम पूरा करना भूल गया। उखड़ी सड़क और उड़ती धूल से लोग काफी परेशान थे। समस्या पोस्ट होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। अफसरों ने तुरंत हरकत में आते हुए मौके पर काम शुरू करवाया और सड़क को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया। अब इस रास्ते से गुजरने वाले हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है।
लोगों को मिली सीवर के गंदे पानी से निजात
जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र स्थित तारा नगर में पैरेडाइज होटल के बाहर पिछले कई दिनों से सीवर का चैंबर उफन रहा था। गंदा पानी और गंदगी सड़क पर फैलने से स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का वहां खड़ा होना भी दूभर हो चुका था। इलाके के रहने वाले पवन कुमावत ने इस नारकीय स्थिति की फोटो दैनिक भास्कर ऐप के ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की। समस्या पोस्ट होने का बड़ा असर यह हुआ कि नगर निगम के स्वास्थ्य उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खुद संज्ञान लिया। उनके कड़े निर्देशों के बाद निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और ब्लॉक पड़े चैंबर को खुलवाकर सीवर ओवरफ्लो की समस्या का स्थाई समाधान करवाया।
ओम थानवी बने ‘स्टार ऑफिसर’
जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र में पैरेडाइज होटल के बाहर पिछले कई दिनों से उफनते सीवर चैंबर ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। सड़क पर बहते गंदे पानी और बदबू के कारण स्थानीय व्यापारियों का धंधा चौपट हो रहा था और राहगीरों का निकलना दूभर था। इलाके के निवासी पवन कुमावत ने इस नारकीय स्थिति की फोटो दैनिक भास्कर ऐप के ‘भास्कर समाधान’ मंच पर पोस्ट की। खबर का संज्ञान लेते हुए नगर निगम के स्वास्थ्य उपायुक्त ओम थानवी ने खुद कड़ा रुख अपनाया। उनके सख्त निर्देशों के बाद निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और ब्लॉक पड़े चैंबर को साफ कर समस्या का स्थाई समाधान किया। त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए क्षेत्रवासियों ने ओम थानवी को ‘स्टार ऑफिसर’ के खिताब से नवाजा है।
अभी भी कुछ जगहों पर समाधान की आस… सड़कों पर आ रहा गंदा पानी
जयपुर के आगरा रोड स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी में ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। इलाके की मुख्य नाली चोक होने के कारण गंदा पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है, जिससे पूरी कॉलोनी में भीषण गंदगी और बदबू फैल रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के निवासी विपिन खंडेलवाल ने दैनिक भास्कर ऐप के ‘भास्कर समाधान’ पर समस्या पोस्ट की है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मानसून और बीमारियों के मौसम को देखते हुए इस चोक नाली को तुरंत साफ किया जाए।
अतिक्रमण की चपेट में सांगा सेतु रोड
सांगानेर स्थित सांगा सेतु रोड बाजार में इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों का निकलना दूभर हो गया है। स्थानीय दुकानदारों के जरिए अपनी दुकानों के आगे किए गए अवैध अतिक्रमण के कारण पूरी सड़क सिकुड़ गई है, जिससे बाजार में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। इस अव्यवस्था से परेशान स्थानीय निवासी हनुमान ने दैनिक भास्कर ऐप के ‘भास्कर समाधान’ पर इस समस्या को पोस्ट कर प्रशासन को जगाने का प्रयास किया है। उन्होंने मांग की है कि बाजार को इस जाम और अतिक्रमण से तुरंत मुक्त कराया जाए।
काम पूरा होने के बाद भी टूटी पड़ी सड़क
जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र की आनंदपुरी कॉलोनी में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। विभाग द्वारा इलाके में विकास कार्य पूरा करने का दावा किया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि यहाँ की मुख्य सड़क पूरी तरह टूटी हुई है। इसके कारण वाहन चालकों को दुर्घटना का डर सता रहा है और पैदल चलने वालों का निकलना भी दूभर हो गया है। इस कागजी विकास और जमीनी बदहाली के खिलाफ क्षेत्रवासी रामरतन प्रजापत ने ‘भास्कर समाधान’ पर मोर्चा खोला है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के इस अधूरे काम पर सवाल उठाते हुए सड़क को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है।
टोंक फाटक पर बंद एस्केलेटर से समस्या
जयपुर के व्यस्ततम इलाकों में से एक टोंक फाटक पर राहगीरों की सुविधा के लिए लाखों की लागत से बना फुटओवर ब्रिज अब सफेद हाथी साबित हो रहा है। यहां लगा एस्केलेटर पिछले 6 महीनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। इसके कारण बुजुर्गों, बीमारों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ स्थानीय निवासी श्रवन जाखर ने दैनिक भास्कर ऐप के ‘भास्कर समाधान’ पर आवाज उठाई है। उन्होंने मांग की है कि ज़िम्मेदार विभाग कागजी नींद से जागे और इस एस्केलेटर को तुरंत दुरुस्त करवाए ताकि जनता को राहत मिल सके। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.वरुण कॉलोनी में चमकी लाइटें:मदनपुरा को मवेशियों से राहत, कनकपुरा और चांद बिहारी नगर को अब भी समाधान का इंतजार 2. जयपुर की कॉलोनियों में समाधान मिलने से राहत:मानसरोवर में थमा सीवर का ओवरफ्लो, शास्त्री नगर की अंधेरी गलियों में लौटी रौनक 3.जयपुर में सीवर ओवरफ्लो और गंदगी से घिरे इलाके:चांदपोल और रामपुरा नगर को मिली राहत, एक्सईएन रूपाराम बने ‘स्टार ऑफिसर’ 4.पृथ्वीराज नगर में लीकेज की समस्या दूर:कंवर नगर को मिली गंदगी से मुक्ति, राजहंस कॉलोनी के गेट से हटा कचरे का ढेर 5.’भास्कर समाधान’: निगम उपायुक्त बनीं ‘स्टार ऑफिसर’:कीचड़ भरे रास्ते से श्मशान जाने को मजबूर, अतिक्रमण से स्कूली बच्चे परेशान, बारिश से बना गड्‌ढा 6.जयपुर की गलियों में गंदगी, अंधेरा बना चुनौती:’भास्कर समाधान’ बना जनता की आवाज, शिकायतों पर अधिकारी ले रहे तुरंत एक्शन 7.पार्षद की कार्रवाई ने शास्त्री नगर में पलटी तस्वीर:कई इलाकों में विभागों ने दिखाई तत्परता, मानसून की शुरुआत ने खोली ड्रेनेज सिस्टम की पोल 8.सोडाला में सीवर की समस्या दूर:गोकुलपुरा में टला बड़ा हादसा, बिजली के पोल पर झुके पेड़ को विभाग ने मुस्तैदी से हटाया 9.’भास्कर समाधान’ से कई इलाकों की समस्याएं खत्म:बंद लाइटें, टूटी सड़कें और कचरे से मिली राहत, कुछ क्षेत्रों में अब भी समाधान का इंतजार जारी 10.जयपुर में अंधेरे और अतिक्रमण का संकट:जगदीश विहार में 4 दिन से बंद रोड लाइट, मालवीय नगर में अवैध पार्किंग से घरों के रास्ते हुए जाम