ब्रेकिंग न्यूज़
लिवर जांच शिविर में उमड़े लोग:96 मरीजों को मिला परामर्श, फ्री में की गई महंगी जांचें

झालावाड़ में जिला विप्र फाउंडेशन ने निःशुल्क लिवर जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया। यह शिविर कोटा रोड स्थित एक निजी स्कूल में जिलाध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ) बरखा शर्मा की अध्यक्षता में हुआ।
जयपुर के लिवर सर्जन डॉ. आनंद नागर ने 96 मरीजों की जांच कर परामर्श दिया। शिविर में एलएफटी (LFT) और फाइब्रोस्कैन जैसी महंगी जांचें भी निःशुल्क की गईं, जिससे मरीजों को काफी राहत मिली। विप्र फाउंडेशन के मुख्य संगठन प्रदेश महामंत्री एवं जिला प्रभारी विकास भार्गव भी शिविर में मौजूद रहे। संगठन महामंत्री डॉ. अनुश्री शर्मा और नगर अध्यक्ष रजनी शर्मा ने कहा कि विप्र फाउंडेशन जनहितकारी चिकित्सा शिविरों का आयोजन करता रहा है और यह सेवा कार्य भविष्य में भी जारी रहेगा।
मीडिया प्रभारी ललित शर्मा ने बताया कि संगठन समाज सेवा, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में सक्रिय है। इससे पहले भी विप्र फाउंडेशन निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर, सनातन संस्कार शिविर और महिला व छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर चुका है। भगवान परशुराम की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुआ। समापन पर डॉ. आनंद नागर और उनकी तकनीकी टीम को माल्यार्पण, दुपट्टा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। जिलाध्यक्ष बरखा शर्मा ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लाभार्थियों, डॉक्टरों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विप्र फाउंडेशन “नर सेवा ही नारायण सेवा” के भाव से समाजहित में निरंतर कार्य कर रहा है। इस अवसर पर वंदना शर्मा, डॉ. अनुश्री शर्मा, विजया शर्मा, सपना शर्मा, नम्रता गौड़, कोमल गौड़, आशा शर्मा, संतोष शर्मा, रजनी मिश्रा, संगीता शर्मा सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पार्किंग शुल्क को लेकर कार ड्राइवर और कर्मचारी में विवाद-VIDEO:बीडीके अस्पताल की घटना, युवकों ने महिला से भी की बहस

झुंझुनूं के बीडीके (BDK) हॉस्पिटल में पार्किंग शुल्क को लेकर कार ड्राइवर और पार्किंग कर्मियों के बीच विवाद हो गया। अस्पताल परिसर से बाह​र निकल रहे कार चालक को पार्किंग में काम करने वाले लोगों ने रोक लिया। जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद देखते-देखते गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई। घटना रविवार सुबह हुई। जिसका वीडियो भी सामने आया है। जिसमें आपस में बहस और मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं। पार्किंग के दौरान बहस हुई वीडियो में दिख रहे घटनाक्रम के अनुसार- एक कार ड्राइवर अपनी गाड़ी लेकर अस्पताल परिसर से बाहर निकल रहा था। इस दौरान पार्किंग गेट पर मौजूद कर्मियों ने उसे रोक लिया। मामला पार्किंग की टाइमिंग और उसके एवज में लिए जाने वाले रुपयों को लेकर था। वीडियो में दिख रहा है कि दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, फिर धीरे-धीरे गाली-गलौज में बदल गई। बात इतनी बढ़ गई कि पार्किंग के पास मौजूद एक युवक ने कार चालक से मारपीट शुरू कर दी। युवक महिला से भी बहस करते दिखे वीडियो में आगे देखा जा सकता है कि मारपीट शुरू होते ही कार में सवार एक महिला आनन-फानन में बाहर आती है और झगड़ा कर रहे युवक को रोकने का प्रयास करती है, लेकिन युवक महिला से भी बहस करने लग जाता है। इस घटना के बाद अस्पताल के मैन गेट पर भीड़ लग गई। जिससे वहां से गुजरने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अब देखिए घटनाक्रम की तस्वीरें…

दिलबाग सिंह का देहदान, बेटियों ने दिया अर्थी को कंधा:मौत के बाद भी मानवता की सेवा, सहजीपुरा के 12वें देहदानी

हनुमानगढ़ के सहजीपुरा निवासी 82 वर्षीय दिलबाग सिंह ने मौत के बाद अपनी देह चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए दान कर समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव देह इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज कॉलेज, नोएडा को सौंपी। इस देहदान के साथ वे सहजीपुरा क्षेत्र के 12वें देहदानी बन गए। वहीं, बेटियों, पुत्रवधुओं, पौत्रियों और पड़पौत्री ने अर्थी को कंधा देकर ‘बेटा-बेटी एक समान’ का संदेश भी दिया। जीवनकाल में लिया था देहदान का संकल्प परिजनों ने बताया कि दिलबाग सिंह ने जीवनकाल में ही देहदान का संकल्प लिया था। निधन के बाद परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज को सौंप दी। बेटियों ने निभाया अंतिम दायित्व अंतिम यात्रा के दौरान ‘बेटा-बेटी एक समान’ की भावना को साकार करते हुए बेटियां अमरजीत कौर और चरणजीत कौर, पौत्रियां स्वर्णजीत कौर और रमनदीप कौर, पड़पौत्री सफरीत कौर तथा पुत्रवधुएं निर्मल कौर और देवेंद्र कौर ने अर्थी को कंधा दिया। इस भावुक दृश्य ने समाज के सामने समानता और पारिवारिक जिम्मेदारी का संदेश रखा। ग्रामीणों और अनुयायियों ने दी श्रद्धांजलि देहदान यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, समाज के लोग शामिल हुए। गुरजीत सिंह ने बताया कि उनके पिता का मानना था कि मौत के बाद भी शरीर चिकित्सा शिक्षा और शोध के माध्यम से समाज के काम आ सकता है। सहजीपुरा के 12वें देहदानी बने परिजनों ने बताया कि दिलबाग सिंह से पहले सहजीपुरा क्षेत्र में 11 लोग देहदान कर चुके हैं।

चमत्कारी बालाजी मंदिर में किया टीनशेड का लोकार्पण:बूंदी विधायक ने किया आगाज, बारिश के दिनों में श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी

बूंदी के नैनवा रोड स्थित श्री चमत्कारी बालाजी महाराज मंदिर में विधायक हरिमोहन शर्मा ने टीनशेड का लोकार्पण किया। यह टीनशेड विधायक कोष से 3.50 लाख रुपए की लागत से निर्मित किया गया है।
श्री चमत्कारी बालाजी महाराज समिति के अध्यक्ष प्रकाश डोई ने बताया कि स्थानीय महिलाओं और आमजनों की मांग पर विधायक हरिमोहन शर्मा ने यह विकास कार्य करवाया है। लोकार्पण कार्यक्रम में बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा और पीसीसी सदस्य सत्येश शर्मा का समिति और स्थानीय लोगों ने माला व साफा पहनाकर स्वागत किया। उपस्थित लोगों ने टीनशेड निर्माण के लिए विधायक शर्मा का आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में आते है श्रद्धालु
समारोह में विधायक शर्मा ने कहा कि नैनवा रोड क्षेत्र का यह स्थान महत्वपूर्ण है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि बूंदी शहर में अब तक विधायक कोष से लगभग 35 लाख रुपए के धार्मिक स्थलों पर निर्माण कार्य कराए जा चुके हैं। इनमें मांधाता बालाजी और मालनमासी बालाजी जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। उन्होंने ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक स्थलों के संरक्षण पर जोर दिया। बारिश के दिनों में श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी
पीसीसी सदस्य सत्येश शर्मा ने बताया कि इस टीनशेड से अब वर्षाकाल में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लोकार्पण कार्यक्रम में वरिष्ठ वार्ड पार्षद टीकम जैन, ओबीसी कांग्रेस पर कौन जिला अध्यक्ष बृजमोहन यादव वार्ड पार्षद ममता शर्मा, त्रिभुवन गौतम, त्रिलोक शर्मा, विट्ठल सनाठय, जीतू मीणा, मुकेश मीणा, मुकुट शर्मा, कल्पना शर्मा आनंद सनाठय, शिवराज गुर्जर शिवशंकर गौतम, बाबूलाल सहित स्थानीय महिला मंडल, विकास समिति के पदाधिकारी एवं आमजन मौजूद रहे।

13 जुलाई को डीडवाना-कुचामन में शहरी सेवा शिविर:सरकारी सेवाओं का लाभ घर के पास ही मिलेगा

राज्य सरकार के निर्देश पर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से डीडवाना-कुचामन जिले में शहरी सेवा शिविर-2026 आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों की श्रृंखला में 13 जुलाई (सोमवार) को जिले के विभिन्न शहरी निकायों में शिविर लगाए जाएंगे। जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने बताया कि 13 जुलाई को नगर परिषद डीडवाना के वार्ड 37 व 38, नगर परिषद कुचामन के वार्ड 42 व 43, नगर पालिका लाडनूं के वार्ड 40 व 41, नगर पालिका नावां के वार्ड 21 व 22 तथा नगर पालिका परबतसर के वार्ड 1 से 12 में शिविर लगेंगे। इन शिविरों में जन्म, मृत्यु, विवाह पंजीयन, फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस, साइनेज लाइसेंस, सीवर कनेक्शन, मोबाइल टावर एनओसी और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाओं से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण होगा। इसके अतिरिक्त, पट्टे, उपविभाजन-पुनर्गठन, भू-उपयोग परिवर्तन, नामांतरण, भवन निर्माण स्वीकृति और लीज मुक्त प्रमाण पत्र जैसे लंबित मामलों का भी मौके पर समाधान किया जाएगा। शिविरों के दौरान शहरों में साफ-सफाई, सड़क मरम्मत, पैचवर्क, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत, नालियों व सीवर लाइनों की सफाई एवं मरम्मत, सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण तथा आवारा पशुओं को पकड़ने जैसी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभिन्न विभागों की फ्लैगशिप योजनाओं के आवेदन भी शिविरों में स्वीकार किए जाएंगे। पात्र लोगों को पेंशन योजनाओं, मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना, पीएम स्वनिधि, जनधन और सामाजिक सुरक्षा सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में आयोजित शहरी सेवा शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान कराएं और राज्य सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।

आयुर्वेदिक पद्धति से किया मरीजों का इलाज:113 लोगों को जांच के बाद बांटी दवाएं, भारत विकास परिषद के स्थापना दिवस पर लगाया कैम्प

चूरू में भारत विकास परिषद की शाखा के 64वें स्थापना दिवस पर एक आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। मिश्र स्मृति भवन में आयोजित इस शिविर में 113 रोगियों को निःशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा परामर्श और दवाएं वितरित की गईं। यह शिविर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक चला। शाखा सचिव रामस्वरूप शर्मा ने बताया कि शिविर का आयोजन मोहता आयुर्वेदिक रसायन शाला-बीकानेर और आयुर्वेद विभाग चूरू के सहयोग से किया गया था। इसमें डॉ. प्रमोद मिश्र (प्राचार्य, आयुर्वेद महाविद्यालय, बीकानेर), डॉ. संजय तंवर (आयुर्वेद चिकित्सक, चूरू), डॉ. विष्णुकान्त कलावटिया (आयुर्वेद चिकित्सक, चूरू) और डॉ. गौरव शर्मा (आयुर्वेद चिकित्सक, जयपुर) ने सेवाएं दीं। इन चिकित्सकों ने रोगियों का आयुर्वेदिक पद्धति से परीक्षण, परामर्श और उपचार किया। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए किया प्रेरित
रोगियों को विभिन्न रोगों के उपचार के साथ-साथ संतुलित दिनचर्या, उचित आहार-विहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। शिविर के सफल संचालन में हुकुमचंद गौड़, मैनपालसिंह शेखावत और मदन सिंह राजपुरोहित ने संयुक्त रूप से शिविर प्रभारी की भूमिका निभाई। ओमप्रकाश इन्दोरिया और नवरत्न महर्षि ने पंजीकरण व्यवस्था संभाली।
परिषद के सदस्यों ने कंपाउंडर अशोक जांगिड़ और जितेंद्र मुंड को दुपट्टा ओढ़ाकर व प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। शिविर में श्यामसुंदर पारीक, उपाध्यक्ष निरंजन वर्मा, वित्त सचिव पवन जांगिड़, सेवा संयोजक महेश मिश्र, डॉ. भारतेन्दु अग्रवाल, कन्हैयालाल शर्मा, शंभूदयाल शर्मा, उमेश चौहान, मोहनलाल शर्मा, अशोक आसेरी, सुनील कुमार और डॉ. हनुमान प्रसाद सहित कई सदस्य मौजूद रहे। संचालन परिषद् के संयुक्त सचिव पुनीत लाटा व संदीप शर्मा ने किया।

अलवर में 10 फीट गहरे हौद में डूबे दो दोस्त,मौत:'बचाओ-बचाओ' चिल्लाते रहे, नहाने के लिए उतरे थे, बाहर खड़े दोस्तों ने ग्रामीणों को बुलाया

अलवर में खेत में बने 10 फीट गहरे फार्म पॉन्ड (हौद) में डूबने से दो मासूम दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई। हौद में डूबते ही दोनों बच्चे ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाने लगे, जबकि बाहर खड़े उनके 4 अन्य साथी ग्रामीणों को बुलाने के लिए दौड़े। ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और उनकी सांसें थम चुकी थी। घटना थानागाजी क्षेत्र की ग्राम पंचायत द्वारापुर में रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए। पहले देखिए, हादसे से जुड़ी 4 PHOTO’S फार्म पॉन्ड पर पहुंचे थे 6 नाबालिग दोस्त गांव के रहने वाले रहीश खान बताया कि 6 दोस्त खेत में बने फार्म पॉन्ड पर पहुंचे थे। इनमें से चार बच्चे हौद के बाहर ही खड़े रहे और पानी में नहीं उतरे, जबकि 15 वर्षीय नरेंद्र प्रजापत पुत्र मुकेश प्रजापत और 13 वर्षीय गोलू बलाई पुत्र अशोक बलाई नहाने के लिए पानी में उतर गए। 10 फीट पानी भरा हुआ था, नहाने उतरे थे दोनों दोस्त खान ने बताया कि यह हौद किसान हरिराम ने खेतों की सिंचाई के लिए बनवाया था। हौद भले ही आधा भरा हुआ था, लेकिन उसमें करीब 10 फीट से अधिक गहराई तक पानी था। दोनों बच्चों को तैरना नहीं आता था और उन्होंने पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लगाया। कुछ ही देर में वे गहरे पानी में डूबने लगे और बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगे। उन्होंने आगे बताया कि बाहर खड़े उनके 4 दोस्तों ने शोर मचाया और गांव की ओर दौड़कर ग्रामीणों को सूचना दी। लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल थानागाजी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दो मासूम दोस्तों की मौत से गांव में पसरा मातम गोलू के पिता अशोक बलाई गुरुग्राम में प्लंबर का काम करते हैं। सूचना मिलते ही वह गांव पहुंचे और बेटे के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। वहीं नरेंद्र के पिता मुकेश प्रजापत, जो मुंबई में टाइल मिस्त्री का काम करते हैं, उनके गांव पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। एक साथ दो मासूम दोस्तों की मौत से पूरे द्वारापुर गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मामले की जांच में जुटी पुलिस एसआई जसरत ने बताया कि अभी मामले की जांच कर रहे हैं। फिलहाल परिवार की तरफ से किसी प्रकार की रिपोर्ट नहीं दी गई है, रिपोर्ट मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

लव-मैरिज से नाराज दोस्तों ने कपल पर किया था हमला:कोर्ट में शादी करके लौटते समय डंपर से मारी टक्कर,पुलिस ने 4 आरोपियों को पकड़ा

जोधपुर में कोर्ट मरीज कर लौट रहे कपल पर जानलेवा हमला करने वाले 4 आरोपियों को जोधपुर ग्रामीण की कापरड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पीड़ित को डंपर से टक्कर मारकर इसे रोड एक्सीडेंट देने की कोशिश की थी। चारों आरोपी युवक के लव मैरिज करने से नाराज थे। लव मैरिज से नाराज थे आरोपी पीपाड़ शहर निवासी असलम (30) ने बताया कि उसका भाई अजरूदीन (30) एक युवती (28) से लव मैरिज की थी। वह दोनों 9 जुलाई को जोधपुर कोर्ट में पेशी के बाद घर लौट रहे थे। इस लव मैरिज से नाराज अजरूदीन के 4 दोस्तों ने डांगियावास पुल के पास से उनका पीछा करना शुरू कर दिया। दोस्तों ने अजरूदीन को रास्ते में रोकने की कोशिश की, उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंके और उन्हें धमकियां दी गईं। होटल के पास डंपर आगे लगाकर मारी टक्कर असलम ने पर्चा रिपोर्ट में पुलिस को बताया कि बदमाशों ने पहले से ही एक सोची-समझी साजिश रच रखी थी। आरोपियों ने कापरड़ा थाना क्षेत्र में द्वारिकाधीश होटल के पास सड़क पर एक डंपर आगे लगा दिया था और अजरूदीन की गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी खतरनाक थी की गाड़ी आगे से चकनाचूर हो गई। अजरूदीन और उसकी वाइफ गंभीर घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने दोनों को जोधपुर एम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया। पहले देखिए घटना के PHOTOS… आरोपी घटना को सड़क हादसे का रूप देना चाहते थे पीड़ित के भाई असलम ने आरोप लगाया कि आरोपी इसे सड़क हादसे का रूप देना चाहते थे, ताकि वे सुरक्षित बच निकलें। मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर ग्रामीण एसपी पी.डी. नित्या के निर्देशन, एएसपी भोपालसिंह लाखावत व डीएसपी बिलाड़ा मनीष देव के सुपरविजन में कापरड़ा थानाधिकारी सुनीता कुमारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से चारों आरोपियों को नामजद कर दबोच लिया। ये आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे फिरोज खान (28), पुत्र अल्लारख खां, निवासी सिन्धी नगर, कापरड़ा। वीरेन्द्र (20) पुत्र पप्पूराम साटिया, निवासी रिया सेठा की, पीपाड़ शहर। समीर (20) पुत्र शेरू खां मिरासी, निवासी शास्त्री कॉलोनी, पीपाड़ शहर हनीफ (24) पुत्र इस्माईल खां मिरासी, निवासी शास्त्री कॉलोनी, पीपाड़ शहर को गिरफ्तार किया। मामले का खुलासा करने में थानाधिकारी सुनीता कुमारी, एएसआई भवानी चौधरी, शैतानराम और कॉन्स्टेबल श्यामसिंह, पप्पूराम, रामप्रकाश, विमलसिंह, सुरेश, प्रदीप व जोगेंद्रसिंह की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। — ये खबर भी पढ़ें… एयरफोर्स जवान का हाथ तोड़ा, कुल्हाड़ी से सिर फोड़ा:सगे भतीजों और उसके साथियों ने हमला बोला, छोटे भाई को कैंपर गाड़ी से टक्कर मारी जमीन पर अवैध कब्जे और तारबंदी हटाने को लेकर सगे भतीजों ने एयर फोर्स जवान भागाराम (47) और उनके छोटे भाई ओम प्रकाश (39) हमला बोल दिया। दोनों भाइयों को कुल्हाड़ी, सरियों और लाठियों से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। यह घटना जोधपुर के विवेक विहार थाना क्षेत्र के गुढ़ा विश्नोइयां (मंगल नगर) की है। (पूरी खबर पढ़ें)

युवक पर कुल्हाड़ी से हमला, सिर में धंसी:कोटा में 3 घंटे चला ऑपरेशन; डॉक्टर बोले- हालत नाजुक, अगले 8 दिन महत्वपूर्ण

बारां जिले में रात में सो रहे युवक पर बदमाश ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। कुल्हाड़ी युवक के सिर में धंस गई। युवक के चिल्लाने पर पास में सो रही पत्नी उठी तो आसपास कोई नहीं था। युवक के सिर में कुल्हाड़ी धंसी थी और तेजी से खून बह रहा था। आसपास के लोगों की मदद से घायल को भंवरगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद बारां जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां भी डॉक्टर कुल्हाड़ी नहीं निकाल सके। इसके बाद युवक को परिजन सुबह 5 बजे कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लाए। जहां दोपहर 3:40 बजे डॉक्टरों ने ऑपरेशन शुरू किया। करीब 3 घंटे चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टर्स की टीम ने कुल्हाड़ी निकाली। मामला भंवरगढ़ थाना क्षेत्र के आमापुरा शनिवार रात करीब दो बजे का है। डॉक्टर रिजवीस ने बताया- बारां के आमापुरा निवासी रामजीलाल (30) के सिर में कुल्हाड़ी अंदर तक धंस गई है। इससे ब्रेन को गंभीर क्षति हुई है। 3 घंटे चला ऑपरेशन, डॉक्टर बोले- 8 दिन महत्वपूर्ण अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. एस.एन. गौतम के निर्देशन में टीम ने तीन घंटे से अधिक समय तक यह जटिल ऑपरेशन किया। डॉ. कनिष्क गोयल और डॉ. अलंकार शर्मा की टीम ने मरीज के सिर में धंसी कुल्हाड़ी को सफलतापूर्वक निकाला। डॉ. गौतम ने बताया कि कुल्हाड़ी के साथ जंग और गंदगी भी दिमाग के अंदर पहुंचने से संक्रमण का गंभीर खतरा बना हुआ था। ऑपरेशन के दौरान चार यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। उन्होंने बताया कि मरीज की सीटी स्कैन कराना, मरीज को बेहोश कर कृत्रिम सांस की ट्यूब डालना और गिरते ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना सबसे बड़ी चुनौतियां रहीं। डॉक्टर बोले-अगले 5 से 8 दिन बेहद महत्वपूर्ण मरीज की ट्रेकियोस्टॉमी भी करनी पड़ी। इसमें मरीज की गर्दन के सामने और सांस नली में छोटा सा छेद बनाया जाता है। छेद में विशेष ट्यूब (ट्रेकियोस्टॉमी ट्यूब) डाली जाती है, ताकि नाक या मुंह के बजाय इस ट्यूब से फेफड़ों तक हवा पहुंचाई जा सके। ऑपरेशन के बाद मरीज को आईसीयू में भर्ती किया गया है। उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। अगले 5 से 8 दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पत्नी ने कहा- हमला कर भागा बदमाश घायल रामजीलाल की पत्नी ममता ने बताया- घटना रात करीब 2 बजे हुई है। उस समय मैं, पति और मेरी बेटी घर में सो रहे थे। तभी एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुसा और पति रामजीलाल के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर फरार हो गया। हमले के बाद पति के चिल्लाने पर परिवार उठा और चीख-पुकार मच गई। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से पति को अस्पताल लेकर गई। ममता ने कहा- मेरे पति का किसी से कोई झगड़ा नहीं है। वह ट्रैक्टर चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आखिर हमला किसने और क्यों किया, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल रामजीलाल का इलाज कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। परिजनों के अनुसार- सुबह करीब 5 बजे कोटा के अस्पताल पहुंचने के बाद भी सिर में धंसी कुल्हाड़ी को अभी तक नहीं निकाला जा सका है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम का सर्च अभियान भंवरगढ़ थाना अधिकारी गोपीलाल आर्या ने बताया- देर रात करीब 2:30 बजे घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घायल को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए पहले बारां और फिर कोटा रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि रात में ही पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगा दी गई थीं और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। घायल के बयान दर्ज करने के लिए एसआई को कोटा भेजा गया है। जल्द ही हमलावर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मां दुनिया में नहीं, बकरी का दूध पी रहा नवजात:परिजन बोले- वह दर्द से तड़प रही थी, नॉर्मल डिलीवरी करवाना चाहते थे डॉक्टर

बांसवाड़ा में 4 प्रसूताओं की मौत के बाद राज्य सरकार से आई टीम अस्पताल में जांच में जुटी है। 3 प्रसूताओं के परिजन उन्हें ले गए। 1 प्रसूता का लक्ष्मी का परिवार सामने आया है, परिजनों का आरोप है कि हीमोग्लोबिन कम आने के बाद भी डॉक्टरों ने नॉर्मल डिलीवरी करवाने की बात कही। इसके बाद खून चढ़ाया तब भी लक्ष्मी दर्द से तड़प रही थी।
इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया गया। पीछे बचा लक्ष्मी का नवजात बेटा बिलखता है तो परिजनों की आंखों में आंसू आ जाते हैं। कोई उपाय नहीं होने पर उसे बकरी का दूध पिलाया जा रहा है।
मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन का कहना है- पांच डॉक्टरों की टीम गठित की है। टीम को अति शीघ्र जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। पढ़िए बांसवाड़ा से प्रसूता लक्ष्मी की मौत की ये रिपोर्ट… 1. 8 जुलाई को कराया था भर्ती, हीमोग्लोबिन 7.40 ग्राम आया परिजनों के अनुसार लक्ष्मी अपने पीहर में थी। उसे 8 जुलाई को दोपहर 2 बजे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शाम 5 बजे आई ब्लड रिपोर्ट में उसका हीमोग्लोबिन 7.40 ग्राम आया था। परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद हॉस्पिटल स्टाफ ने उन्हें बताया कि डिलीवरी नॉर्मल हो जाएगी। परिजनों का कहना है कि रात करीब 12 बजे स्टाफ ने उन्हें बताया कि महिला को तुरंत खून चढ़ाने की जरूरत है। इसके बाद परिवार ने जनामेड़ी गांव से अपने दो रिश्तेदारों को बुलाया, लेकिन कम उम्र होने के कारण वे ब्लड डोनेट नहीं कर पाए। इसके बाद रात 3 बजे एक अन्य रिश्तेदार युवक को बुलाया गया और रिप्लेसमेंट में ब्लड देने के बाद लक्ष्मी को पहली यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। मृतका के ससुर पप्पू लाल चरपोटा ने बताया कि 9 जुलाई की सुबह डॉक्टरों ने एक और यूनिट ब्लड की व्यवस्था करने के लिए कहा, जिसके बाद परिजनों ने एक परिचित को बुलाकर खून की व्यवस्था की। सुबह 11 बजे महिला का सिजेरियन किया गया। इसके बाद सुबह 11:30 बजे उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। 2. दूसरी यूनिट ब्लड चढ़ाने के दौरान बिगड़ी तबीयत परिजनों के मुताबिक दोपहर 12 बजे जनरल वार्ड में ही लक्ष्मी को दूसरी यूनिट ब्लड चढ़ाया जाने लगा। उनका आरोप है कि यह ब्लड बिना किसी जरूरी री-चेक या रिपोर्ट के सीधे चढ़ा दिया गया। खून चढ़ने के दौरान ही लक्ष्मी की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे तेजी से पसीना आने लगा और घबराहट होने लगी। परिजनों के अनुसार वह दर्द से तड़पने लगी थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने वहां मौजूद नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों को महिला की बिगड़ती हालत के बारे में बताया। उन्होंने दर्द कम करने के लिए इंजेक्शन लगाने की भी मांग की। आरोप है कि स्टाफ ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और कहा कि ऑपरेशन के बाद ऐसा होता है तथा ब्लड की बोतल पूरी चढ़ने तक दूसरी दवा नहीं दी जा सकती। 3. ब्लड रिएक्शन और वाइटल्स मॉनिटर नहीं करने का आरोप परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला के शरीर में ब्लड रिएक्शन हो रहा था। उनका कहना है कि ब्लड चढ़ाने से पहले, ब्लड चढ़ने के दौरान और उसके बाद भी बीपी, पल्स समेत अन्य वाइटल्स की सही तरीके से निगरानी नहीं की गई। परिजनों के अनुसार यदि समय रहते ब्लड रोककर इलाज शुरू किया जाता तो लक्ष्मी की जान बचाई जा सकती थी। रात में हालत ज्यादा बिगड़ी, आईसीयू में हुई मौत परिजनों के अनुसार दिनभर दर्द से जूझने के बाद रात 11 बजे लक्ष्मी की हालत फिर ज्यादा बिगड़ गई और वह दोबारा तड़पने लगी। इसके बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया, लेकिन रात करीब डेढ़ बजे उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि उन्होंने हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से मांगी गई हर व्यवस्था समय पर पूरी की और जरूरत के मुताबिक खून का इंतजाम भी किया, लेकिन इसके बावजूद उनकी बहू को बचाया नहीं जा सका। उन्होंने मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हॉस्पिटल के PMO ड़ॉ. राजीव गौतम ने बताया कि पांच डॉक्टरों की टीम गठित की है। जिसमें एनेस्थीसिया ड़ॉ. ममता डामोर, ज्यूरिस्ट सुनील मईड़ा, सर्जन वारुलाल डामोर, फिजिशियन ड़ॉ. मयंक शर्मा, गायनिक कीर्तिश जैन शामिल हैं। टीम को अति शीघ्र जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। नवजात को पिलाया जा रहा बकरी का दूध लक्ष्मी अपने पीछे एक नवजात बच्चे को छोड़ गई है। परिवार के लोगों का कहना है कि जिस बच्चे को इस समय अपनी मां का दूध मिलना चाहिए था, वह अब मां के बिना है। घर में जब बच्चा भूख से रोता है तो परिवार के लोगों की आंखें भर आती हैं। मां के नहीं रहने के कारण फिलहाल उसकी भूख मिटाने के लिए उसे बकरी का दूध पिलाया जा रहा है।