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अलवर-भरतपुर में तेज बारिश, धौलपुर में सड़कों पर पानी भरा:डूंगरपुर में बरसात के लिए महिलाओं ने पुरुष वेश में निकाला जुलूस; आज 24 जिलों में अलर्ट

भरतपुर, धौलपुर और कोटपूतली-बहरोड़ जिले में मानसून के लंबे ब्रेक के बाद सोमवार सुबह तेज बारिश हुई। धौलपुर में बाजार की सड़कों पर पानी भर गया। अलवर में भी दोपहर में बरसात हुई। मौसम विभाग ने आज 24 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जो अगले तीन दिन तक जारी रहेगा। इस दौरान तेज हवा के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। इससे पहले रविवार शाम जयपुर, अलवर और दौसा जिले में बारिश हुई। माउंट आबू में रविवार को 2.5 एमएम बरसात हुई। डूंगरपुर जिले के गांवों में रविवार को अच्छी बारिश की कामना को लेकर अनूठी परंपरा ‘धाड़’ निभाई गई। इसके तहत महिलाओं ने पुरुषों का वेश धारण कर गांव की गलियों में जुलूस निकाला और इंद्रदेव से अच्छी वर्षा की कामना की। पिछले 24 घंटे में झुंझुनूं, सीकर, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, करौली, बूंदी और अजमेर में बादलों की आवाजाही रही। इधर, बीकानेर संभाग के तीन जिलों में रविवार को पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। अब तक बारिश की स्थिति राजस्थान में मौसम की तस्वीर ये जिले सबसे गर्म रहे आगे क्या… प्रदेश में मौसम से जुड़ी अन्य PHOTOS… … मौसम के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…

हिमाचल में आज-कल भारी बारिश का रेड अलर्ट:4 जिलों में स्कूल बंद, फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड का खतरा; सतर्क रहने की एडवाइजरी

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत अन्य भागों में भी आज सुबह से ही मौसम खराब बना हुआ है। कई जगह बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों तक राज्य में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी कर रखा है। इस दौरान निचले इलाकों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, गैर-जरूरी यात्राएं टालने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। इसी तरह, सरकार ने नदी से 500 मीटर और नालों से 200 मीटर दूर बने घरों को खाली करने को कहा है। आज इन जिलों में रेड अलर्ट आज चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, हमीरपुर, ऊना, शिमला, सोलन और कुल्लू में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। राज्य के अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। कल 5 जिलों में रेड अलर्ट कल यानी 21 जुलाई को भी चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों में रेड अलर्ट दिया गया है। ऊना, हमीरपुर और शिमला में ऑरेंज अलर्ट और अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 22 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी 22 जुलाई को मौसम में कुछ राहत मिलने के संकेत हैं। इस दिन चंबा और मंडी जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि कांगड़ा, कुल्लू और शिमला जिलों में यलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है। चार में आज सभी शिक्षण संस्थान बंद भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और चंबा में जिला प्रशासन ने आज सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। मानसून सीजन में नॉर्मल से 16% कम बारिश इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। एक जून से 19 जुलाई तक सामान्य तौर पर 247.1 मिमी वर्षा होती है, जबकि इस बार केवल 207.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। जिला स्तर पर हमीरपुर में 47 प्रतिशत, लाहौल-स्पीति में 46 प्रतिशत, बिलासपुर में 31 प्रतिशत, मंडी में 29 प्रतिशत और कांगड़ा में 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों के दौरान कई क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण जलभराव, नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है। बारिश के बाद तापमान में कमी प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान हुई बारिश के बाद कई शहरों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। चंबा के अधिकतम तापमान में नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 7.6 डिग्री की कमी आई है।

पंजाब में अश्लील फोटो वाले निहंग की पिटाई का VIDEO:बुड्‌ढा दल के निहंगों ने कहा- वाहेगुरू बोल; डंडे पड़े तो जसदीप बोला- हाय बाबा जी

पंजाब में अश्लील फोटो सामने आने और हाल ही में एक पॉडकास्ट में दिए गए बयानों के बाद निहंग जसदीप सिंह पर कार्रवाई का बुड्ढा दल ने दूसरा वीडियो जारी किया है। नए वीडियो में जसदीप सिंह को जंजीरों से बांधकर निहंग डंडों से पीटते नजर आ रहे हैं। हर डंडा पड़ने पर उनसे वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह का जयकारा लगवाया जा रहा है। इस दौरान जसदीप दर्द से हाय बाबा जी कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। उनके सिर, पीठ और पैरों पर लगातार डंडे मारे गए। यह वीडियो बुड्ढा दल के दोआबा जोन के जत्थेदार मान सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने दावा किया कि पहले सुनाई गई सजा के दौरान जसदीप बीच में ही वहां से भाग गए थे और उन्हें अब तक किसी तरह की माफी नहीं दी गई थी। जसदीप ने क्या कहा, क्या पाबंदी रहेगी, 2 पॉइंट में पढ़िए पॉडकास्ट के बाद जसदीप को दोबारा मिली सजा
मान सिंह ने कहा कि अभी जसदीप को माफी नहीं दी गई थी, बल्कि कहा गया था की वह पंथ में रहकर अभी सेवा करें। पॉडकास्ट करने वाले व्यक्ति को यह पता होना चाहिए इनकी औकात क्या है। एक पॉडकास्ट और एक कुकर्म, इन दोनों की सजा दी गई है। वहीं, दूसरे निहंग ने कहा कि जसदीप को पहले भी सजा लग चुकी थी। लेकिन अब पॉडकास्ट करने के कारण दोबारा सजा दी गई है। सजा के तौर पर वह बर्तन साफ करने की सेवा करेंगे। इस दौरान उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जो फरले दिए जाते हैं, वे ऐसे व्यक्ति को दिए जाने चाहिए, जिसने पंथ के लिए कोई सेवा की हो। केवल पैसे कमाने के लिए किसी को भी इस तरह फरले नहीं दिए जाने चाहिए। दरअसल, पॉडकास्ट में जसदीप ने कहा था कि उन्हें बुड्‌ढा दल ने माफ कर दिया है। पूरा मामला क्या, 2 पॉइंट में समझिए… सिख प्रचारक और निहंग आमने-सामने हुए
अश्लील तस्वीरें सामने आने के बाद सिख प्रचारक बरजिंदर सिंह परवाना और निहंग विक्की थॉमस सिंह आमने-सामने आ गए। परवाना ने कहा कि विक्की सिंह थॉमस ने निहंगों को बदनाम किया है। वह जहां भी मिलेगा, वहीं जवाब दिया जाएगा। उन्होंने विक्की पर किन्नर से शादी करके उसे छोड़ने और शराब की बोतल रखकर केक काटने का आरोप लगाया। इस पर विक्की ने पलटवार किया। विक्की ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित किया जाए। उन्होंने परवाना को चुनौती दी कि अगर दम है तो वह उनसे दिल्ली में मिले। विक्की ने कहा- दिल्ली आ, केवल मैं और तू मिलते हैं। तुझे नंगा करके मारूंगा। ————- ये खबर भी पढ़ें… पंजाब में अश्लील फोटो वाले निहंग को संगलों से बांधा, डंडों से पिटवाया निहंग जसदीप सिंह को उनके अश्लील फोटो सामने आने के बाद धार्मिक सजा दी गई है। बुड्ढा दल ने निहंग जसदीप सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। इसके तहत जसदीप सिंह को संगल (जंजीरों) से बांधा गया और दंड स्वरूप डंडों से मार भी लगाई गई। (पढ़ें पूरी खबर)

PM मोदी बोले- अकाली दल 'स्वार्थी', पंजाब में क्या माहौल?:सुखबीर बोले- हमारे बारे में नहीं कहा, वल्टोहा का तंज- ये बंगाल नहीं; 2027 में गठबंधन होगा या नहीं

PM नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को जालंधर में अकाली दल को स्वार्थों में फंसे होने के बयान से 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब पॉलिटिक्स में नई बहस छेड़ दी है। ये बहस चुनाव में अकाली दल से गठबंधन को लेकर हो रही है। पहले अकाली दल व भाजपा के गठबंधन को नाखून-मांस का रिश्ता कहा जाता था। मगर, PM के बयान से भाजपा के सभी 117 सीटों पर अकेले लड़ने की तैयारी दिख रही है। हालांकि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने PM के बयान को यह कहकर टाल दिया कि ये बात हमारे लिए नहीं कही। मगर, उनके करीबी सीनियर नेता विरसा सिंह वल्टोहा ने सीधे चैलेंज करते हुए कहा कि ये बंगाल नहीं है। अगर गठबंधन नहीं करना तो सर्वे क्यों करवा रहे हो। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा-अकाली गठबंधन फिर बनेगा या दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे?। गठबंधन को लेकर बहस क्यों छिड़ी गठबंधन को लेकर पार्टी में 2 राय
प्रधानमंत्री के बयान से पहले भी भाजपा के भीतर गठबंधन को लेकर अलग-अलग संकेत मिल चुके हैं। गठबंधन पर BJP का औपचारिक पक्ष क्या है, पार्टी अध्यक्ष का बयान पढ़िए..
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कुछ दिन पहले जालंधर में दौरे के दौरान गठबंधन के सवाल पर कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी समय है। चुनाव नजदीक आने पर पार्टी नेतृत्व परिस्थितियों के हिसाब से फैसला करेगा। फिलहाल गठबंधन को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जानिए, अकाली-भाजपा गठबंधन का पिछले चुनावों में कैसा प्रदर्शन रहा
भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन करीब 3 दशक तक पंजाब की राजनीति की सबसे सफल चुनावी गठजोड़ों में रहा। दोनों दलों ने 1997, 2007 और 2012 में मिलकर सरकार बनाई। भाजपा-अकाली गठबंधन की कामयाबी का राज क्या था
भाजपा-अकाली गठबंधन की सबसे बड़ी ताकत दोनों दलों का अलग-अलग वोट बैंक था। अकाली दल की पकड़ ग्रामीण, किसान और पंथक इलाकों में थी, जबकि भाजपा शहरों और शहरी हिंदू मतदाताओं के बीच मजबूत थी। दोनों दलों के साथ आने से गांव और शहर का चुनावी समीकरण बन जाता था। दूसरी बड़ी वजह थी तय सीट शेयरिंग और मजबूत संगठन। लंबे समय तक अकाली दल 94 और भाजपा 23 सीटों पर चुनाव लड़ती रही। दोनों पार्टियां अपने-अपने मजबूत क्षेत्रों में चुनाव लड़ती थीं और कार्यकर्ताओं के स्तर पर भी एक-दूसरे का साथ मिलता था। गठबंधन की वजह से दोनों दलों का वोट बंटने के बजाय एक जगह ट्रांसफर होता था और कई सीटों पर मुकाबला मजबूत बन जाता था। यही समीकरण 2012 में गठबंधन की बड़ी जीत का आधार बना, जब दोनों दलों ने मिलकर 68 सीटें जीतकर सरकार बनाई। लेकिन 2022 में गठबंधन टूटने के बाद दोनों का वोट अलग-अलग बंट गया और दोनों दल दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। भाजपा-अकाली गठबंधन टूटने का विरोधियों पर असर *********** ये खबर भी पढ़ें: PM मोदी ने पंजाब BJP को 8 मुद्दे बताए: सबसे ज्यादा AAP के खिलाफ; जानिए हरे रंग की ही पगड़ी क्यों पहनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर में रैली कर पंजाब BJP को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए 8 मुद्दे थमा गए हैं। पीएम ने मंच से कर्ज, ड्रग्स, कमजोर लॉ एंड आर्डर, कर्मचारियों के डीए, महिलाओं को सोशल स्कीम, रोजगार, भ्रष्टाचार और कारोबार के मुद्दे उठाए। (पढ़ें पूरी खबर)

'खान सर टीचर नहीं, हवसी…राक्षस है':गाली-गलौज पर क्यों उतरे खान और रौशन आनंद; 3 फैक्टर्स, कहां तक जाएगी ये लड़ाई

जमानत मिलने के 5 दिन बाद फैजल खान उर्फ खान सर ने अपने विरोधी टीचर रौशन आनंद, अपने कथित चाचा, कुछ यूट्यूबरों और पत्रकारों को अपशब्द कहे। वहीं, पलटवार करते हुए रौशन आनंद ने खान को हवसी और राक्षस कहा। खान और रौशन आनंद की ये लड़ाई आगे कहां तक जाएगी, दोनों गाली-गलौज पर क्यों उतर गए हैं, क्या पुलिस करेगी जांच, समझेंगे; बूझे की नाही में…। सवाल-1ः फैजल खान का पूरा विवादित बयान क्या है? जवाबः 17-18 जुलाई को खान ग्लोबल स्टडीज के डायरेक्टर फैजल खान उर्फ खान सर का एक पॉडकास्ट आया। जिसमें उन्होंने कई आरोप लगाए हैं और कुछ मौकों पर अमर्यादित भाषा का भी इस्तेमाल किया है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए, खान ने क्या-क्या कहा… सवाल-2ः पलटवार करते हुए रौशन आनंद ने फैजल खान पर क्या गंभीर आरोप लगाए? जवाबः भाई दिवंगत प्रिंस यादव को लेकर खान के लगाए गए आरोप पर रौशन आनंद भड़क गए। उन्होंने फैजल खान पर पलटवार किया। रौशन आनंद ने कहा- ‘हमने आपको चेताया था कि आप व्यक्तिगत मत होइए, आप व्यक्तिगत हो गए हैं। अब हम भी व्यक्तिगत होंगे। आप शिक्षक नहीं है आप शिक्षक के भेष में राक्षस हैं। जो अपने जीवन के शुरुआती दौर में अपनी छात्राओं को आपने हवस का शिकार बनाया हो, वो कभी शिक्षक हो ही नहीं सकता है, वो राक्षस है।’ खान के कैरेक्टर पर सवाल उठाते हुए रौशन आनंद ने कहा, ‘क्या आपने वंदना नाम की लड़की का जीवन बर्बाद नहीं किया है? क्या आपने उसनारा, आरती, अमृता नाम की लड़की का जीवन बर्बाद नहीं किया है? क्या आप हर सैटरडे-संडे को हाजीपुर के अनामिका होटल नहीं जाते थे?’ सवाल-3ः दोनों के बीच की यह लड़ाई खत्म क्यों नहीं हो रही? जवाबः फैजल खान और रौशन आनंद के बीच की यह लड़ाई ईगो, क्रेडिट वार से लेकर मार्केट पर कब्जा करने की है। यह अभी खत्म नहीं होगी, बल्कि लंबी चलेगी। इसके पीछे 3 बड़े कारण हैं… 1. 15 हजार करोड़ से ज्यादा का सालाना बाजार पटना का मुसल्लहपुर हाट और नया टोला का इलाका बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में वन-डे कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स (जैसे- दरोगा, सिपाही, BSSC, रेलवे) का सबसे बड़ा हब है। 2023 की शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में 12,736 प्राइवेट कोचिंग संस्थाओं में 10 लाख से अधिक स्टूडेंट पढ़ रहे थे। उसके बाद से यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। 2. सोशल मीडिया पर परसेप्शन वार खान की लोकप्रियता राष्ट्रीय स्तर पर है, वहीं रौशन आनंद का बिहार के स्टूडेंट्स के बीच मजबूत आधार है। इस विवाद के बाद स्टूडेंट्स दो हिस्सों में बंट गए हैं। 3. भाई की मौत से पर्सनल हुई लड़ाई इस विवाद की सबसे दुखद बात है कि रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। रौशन आनंद ने जेल से बाहर आते ही सीधे खान पर मौत की साजिश रचने का आरोप लगाया है। सवाल-4ः क्या रौशन आनंद के आरोपों पर पुलिस खान पर कार्रवाई कर सकती है? जवाबः रौशन आनंद लड़कियों का नाम लेकर फैजल खान पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में पटना पुलिस चाहे तो खान पर कार्रवाई कर सकती है। पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट सर्वदेव सिंह कहते हैं, ‘खान का बयान काफी आपत्तिजनक है। रौशन आनंद ने जो आरोप लगाए हैं, वह गंभीर है। इसमें पुलिस को बिना इंतजार के तुरंत FIR करनी चाहिए और जांच शुरू कर देनी चाहिए।’ अब इसे कानून की नजर से ऐसे समझिए… पटना पुलिस चाहे तो इन 2 केस से ले सकती है सीख 1. तरुण तेजपाल केसः मीडिया रिपोर्ट के आधार पर FIR पुलिस के स्वतः संज्ञान लेने का सबसे बड़ा उदाहरण है- तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल का केस। नवंबर 2013 में तरुण तेजपाल की साथी महिला सहकर्मी ने गोवा के एक होटल में लिफ्ट में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 2. बॉयज लॉकर रूम केसः सोशल मीडिया पोस्ट पर एक्शन मई 2020 में इंस्टाग्राम पर एक सीक्रेट ग्रुप ‘बॉयज लॉकर रूम’ का मामला सामने आया था। जिसमें स्कूली लड़के लड़कियों की तस्वीरों को मॉर्फ करके उनके उत्पीड़न और बलात्कार को लेकर बेहद आपत्तिजनक बातें करते थे।

खबर हटके- 9 साल का बच्चा चला रहा म्यूजियम:31 हजार लोगों ने आसमान से छलांग लगाई; दुल्हन नहीं मिली, तो मैरिज ब्यूरो देगा हर्जाना

अमेरिका एक 9 साल का बच्चा म्यूजियम चला रहा है। वहीं, एक ही दिन में 31 हजार से ज्यादा लोगों ने स्काइडाइविंग कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। इधर, केरलम में 9 साल तक दुल्हन नहीं ढूंढ पाने पर एक मैरिज ब्यूरो को हर्जाना देना होगा। इंडोनेशिया में एक ऐसा ज्वालामुखी है, जहां नीले रंग का लावा निकलता है। वहीं, बिहार में चोरों का एक गिरोह चोरी करने के बाद महिलाओं के बाल काट रहा है। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

UCC विधेयक सदन में पेश, चर्चा कल:विधानसभा घेरने निकले OBC महासभा के सदस्यों की पुलिस से झड़प; वाटर कैनन चलाई, अरेस्ट किया

मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक 2026 पेश कर दिया। स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस पर कल चर्चा कराई जाएगी। इसके बाद आगे की कार्यवाही होगी। उधर, विधानसभा का घेराव करने निकले ओबीसी महासभा के सदस्यों को भोपाल पुलिस ने रंगमहल चौराहे पर रोक लिया। इसके विरोध में प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए बैरिकेड्स पर चढ़ने लगे। पीछे धकेलने पर वे जवानों से भिड़ गए। पुलिस को वाटर कैनन चलानी पड़ी। हल्के बल प्रयोग के बाद प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जमीन खरीदी पर कार्यवाही दो बार स्थगित विधानसभा में उज्जैन जमीन खरीदी मामले पर चर्चा को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायकों का शोर-शराबा जारी रहा। इसके चलते विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित की गई। इससे पहले कांग्रेस विधायक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे लगाकर पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- शिवराज और मोहन यादव फाइल-फाइल खेल रहे हैं। किसानों की किसी को चिंता नहीं है। मध्य प्रदेश में समय पर न खाद मिल रही है, न बीज मिल रहा है। विधानसभा के भीतर सिंघार ने कहा- बरगी क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। नीट परीक्षार्थी अव्यवस्था के चलते आत्महत्या करने को मजबूर हुए किंतु उनका नाम श्रद्धांजलि सूची में शामिल नहीं किया गया। विधानसभा सचिवालय ने ऐसी गलती क्यों की? विधानसभा में ये विधेयक पेश किए गए देखिए, तस्वीरें… विधानसभा की कार्यवाही के मिनट टु मिनट अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए…

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट, हरियाणा में नाकेबंदी:सोनीपत में पुलिस ने कोचिंग संचालक की गर्दन पकड़ी, कुरुक्षेत्र में चढ़ूनी भी डिटेन; 4 जिलों में प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हरियाणवी नेताओं को लेकर पुलिस अलर्ट हो गई है। सोमवार को चार जिलों में इस तरह की घटनाक्रम देखने को मिले। सोनीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेता विमल किशोर को पुलिस ने रोक दिया। उन्होंने वीडियो जारी कर दावा किया कि पुलिस ने जबरदस्ती डिटने करने की कोशिश की। इसी दौरान आईसीएस कोचिंग सेंटर के संचालक परिमल कुमार को पुलिस ने गर्दन पकड़कर धक्के मारे। वो प्रोटेस्ट के लिए स्टूडेंट को साथ लेकर जा रहे थे। इसके अलावा रोहतक में जिला परिषद के सदस्य जयदेव डागर को पुलिस ने दिल्ली में संसद कूच में शामिल होने से रोकने के लिए हिरासत में ले लिया। कुरुक्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन चढूनी (भाकियू) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी को भी पुलिस ने डिटेन कर लिया। वहीं, पंजाब की तरफ जंतर मंतर जा रहे लोगों को रोकने के लिए जीटी रोड पर कई जगह पुलिस तैनात की गई है। पानीपत में टोल प्लाजा के ऊपर पुलिस बेरिकेड लगाए बैठी है। जंतर-मंतर पर जाने से रोकने की PHOTOS… अब पढ़िये…वांगचुक को उठाने और जंतर-मंतर पर बने हालात की कहानी दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज हरियाणा के सोनीपत के विजेता दहिया ने इसे ‘लोकतंत्र के लिए काला दिन’ करार दिया है। पुलिस ने गुंडों की तरह बर्ताव किया और वांगचुक सर को किडनैप कर ले गई। आज सीजेपी के संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर दैनिक भास्कर टीम से हुई बातचीत में विजेता दहिया ने आशंका जताई कि अब पुलिस उन्हें और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को कभी भी अरेस्ट कर सकती है। मगर, हरियाणवी डरते नहीं हैं। पढ़िए पूरी बातचीत… शनिवार को जंतर-मंतर पर क्या हुआ?
विजेता दहिया: NEET पेपर लीक और शिक्षा तंत्र की खामियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रोटेस्ट चल रहा है। शनिवार सुबह पुलिस वालों ने निहत्थे वॉलंटियर्स के साथ धक्का-मुक्की की और लात-घूंसे मारे। जब सोनम सर अपना अनशन नहीं तोड़ना चाहते थे, तो क्यों जबरदस्ती की जा रही है। अभी वांगचुक कहां है और उनकी मांग क्या?
विजेता दहिया: उनको सफदरजंग हॉस्पिटल में जबरदस्ती डिटेन किया हुआ है। जब वो भूख हड़ताल नहीं तोड़ना चाहते, तो आप क्यों फालतू कोशिश कर रहे हैं? अगर सरकार को इतनी ही चिंता है उनकी, तो जो चीज डिमांड कर रहे हैं आप उनकी बात सुन लीजिए। वो यही तो कह रहे थे कि आप एक बार बात तो कर लो। वह अपने लिए नहीं देश की जनता-युवाओं के लिए लड़ रहे हैं। वांगचुक को यहां से हटाने के बाद आगे क्या होगा?
विजेता दहिया: अभी ये आशंका बनी हुई है या यू कहें कि यह कभी भी हो सकता है कि हमें डिटेन कर लिया जाए। हम गिरफ्तारी से नहीं डरते। हमें गिरफ्तार करना है तो आओ गिरफ्तार कर लो। अभी कौन-कौन अनशन पर बैठे हैं?
विजेता दहिया: बाकी पहले से जो लोग थे… नेहा, मनीष, आमिन ये तो हैं ही। एक बहादुर सिंह हैं वहां पर और आज अभिजीत दीपके ने भी जॉइन कर लिया हैं। दुष्यंत-दिग्विजय समेत हरियाणा के कई नेता भी आए थे यहां?
विजेता दहिया: संसद मार्च के लिए हरियाणा से भी काफी लोग आ रहे हैं, क्योंकि अगर उसूलों पर आंच आएगी तो बोलना जरूरी है। हरियाणा में तो हम ऐसे कहते हैं कि भाई वीरों की भूमि है, हम किसी से डरते नहीं हैं। पेपर लीक के विरोध में हम सभी को एक साथ खड़ा होना होगा। यहां पर देखिए उन बच्चों की फोटो लगी हुई है जिन्होंने पेपर लीक के बाद सुसाइड कर लिया। मगर सरकार को कोई मतलब नहीं है। प्रधानमंत्री विदेश में जाकर मेलोडी- मेलोडी कर रहे थे। लोगों की भीड़ बढ़ी है या इसमें कमी आई है?
विजेता दहिया: जब हम 20 जून को यहां पर आए तब पहले कुछ दिनों तक काफी भीड़ थी, फिर थोड़ी कम हुई, फिर सोनम सर आए तो भीड़ बढ़ गई, फिर थोड़ी कम हुई, तो ऐसे ऊपर नीचे चलता रहता है। पिछले तीन-चार दिन से ये काफी ज्यादा मोमेंटम पकड़ रहा था और आज तो मतलब एकदम से बहुत ज्यादा ऊपर चला गया। हरियाणा में PM ने हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन किया?
विजेता दहिया: ये कभी कहते हैं स्पेस टेक्नोलॉजी से रोड बनाएंगे, कभी वो नाले की गैस से चाय बनाएंगे। कभी बादलों से रडार को रोक देंगे। मगर जमीनी हकीकत ये है कि हरियाणा में कितने सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं, ओवरऑल पूरे देश में ही हो रहे हैं। पिछले 10 साल में 94,000 के आसपास स्कूल बंद हो चुके। सरकार को सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था पर जोर देना चाहिए और इसे बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए। ऐसी-ऐसी सिचुएशन हमने सुनी है कि डेड बॉडी को चूहों ने कुतर दिया, सरकार को बेसिक चीजों पर ध्यान देना चाहिए। क्या है पूरा मामला? मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विरोध में 16 मई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी की डिजिटल शुरुआत हुई थी। 6 जून 2026 से इसका जमीनी प्रदर्शन शुरू हुआ, जो मुख्य रूप से NEET-UG पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। शिक्षाविद और समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी छात्रों के अधिकारों के समर्थन में खुद को “मानद कॉकरोच” बताकर 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। 21 दिनों के उपवास के कारण वांगचुक का स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ा और 9.5 किलो वजन घट गया। इसके बाद 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। उनकी पत्नी ने इसे ‘अवैध हिरासत’ बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। हरियाणा के रहने वाले हैं विजेता दहिया विजेता दहिया हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। इंजीनियरिंग के बाद विदेश मंत्रालय में एसएससी-सीजीएल (SSC-CGL) के जरिये नौकरी की। सिस्टम से मोहभंग होने पर सरकारी नौकरी छोड़ दी और ‘भाड़ में जाए वो नौकरी’ नाम की चर्चित किताब लिखी। वे यूट्यूबर ध्रुव राठी के लिए रिसर्च और स्क्रिप्ट राइटिंग का काम भी कर चुके हैं और अब CJP मूवमेंट के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। बोले- डर गए तो समझो मर गए
भास्कर टीम से बातचीत के अंत में दहिया ने तीखे तेवर में कहा कि आज देश में हर इंसान असुरक्षित है, चाहे वो अस्पताल हो, सड़क हो या ट्रेन। उन्होंने दो टूक कहा, “हम डरने वाले नहीं हैं, अगर मुझे भी गिरफ्तार करना है तो कर लें। मैं यहीं जंतर-मंतर पर बैठा हूं”। अपनी बात के अंत में उन्होंने मशहूर शायर फैज अहमद फैज की नज़्म – “बोल के लब आज़ाद हैं तेरे….” का जिक्र करते हुए युवाओं से हक की आवाज बुलंद करने की अपील की। ———————— ये खबर भी पढ़ें… यूट्यूबर ध्रुव राठी का साथी कॉकरोच जनता पार्टी का प्रवक्ता:विदेश मंत्रालय में नौकरी की, फिल्में बना चुके; पढ़िए सोनीपत के विजेता दहिया की कहानी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पार्टी की कोर टीम में शामिल सोनीपत के विजेता दहिया की कहानी भी काफी दिलचस्प है। विजेता CJP के तीन प्रवक्ताओं में से एक हैं। उन्होंने दिल्ली से इंजीनियरिंग की, विदेश मंत्रालय में नौकरी की, फिर उसे छोड़कर हरियाणवी फिल्में, लेखन और कंटेंट क्रिएशन की राह चुनी। (पूरी खबर पढ़ें)

देश के 70% हिस्से में बादल छाए:25 जुलाई तक बारिश का अलर्ट, यूपी में 40 मंदिर डूबे; राजस्थान में तापमान 41° पार

इसरो की सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक देश के करीब 70% हिस्से में मानसूनी बादल छाए हुए हैं। अगले 25 जुलाई तक उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत समेत देश के 60% से ज्यादा हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना है। इस मानसून सीजन में देशभर में बारिश सामान्य से 24% कम हुई है। इधर, यूपी में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी और प्रयागराज में घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं। काशी में दशाश्वमेध से लेकर पंचगंगा घाट तक रत्नेश्वर महादेव मंदिर समेत 40 छोटे मंदिरों में पानी घुस गया है। वहीं, राजस्थान में मानसून पर ब्रेक लगने के बाद गर्मी बढ़ने लगी है। बीकानेर संभाग के तीन जिलों में रविवार को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। राज्यभर में कहीं भी तेज बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए राज्य के 24 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, जो अगले तीन दिनों तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। 20 जुलाई को देश के ऊपर छाए बादलों की सैटेलाइट इमेज देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें…

संसद का मानसून सत्र आज से:पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर हंगामे के आसार; राज्यसभा में अमित शाह वंदेमातरम से जुड़ा बिल पेश करेंगे

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत हंगामेदार होने के आसार हैं। विपक्ष वांगचुक अनशन, NEET-UG पेपर लीक, SIR, महंगाई, राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर चुका है। सरकार इस सत्र में 7 बिल ला रही है। शुरुआत लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाले ‘सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक’ से करेगी। वहीं, राज्यसभा में अमित शाह संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से जुड़ा संशोधन विधेयक रखेंगे। इस सत्र में TMC के बागियों से बनी ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ का भी संसदीय डेब्यू होगा। TMC से भाजपा में आए नए सांसदों का राज्यसभा में शपथ ग्रहण होगा। सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी संसद भवन के हंसद्वार पर मीडिया को संबोधित करेंगे। 18वीं लोकसभा का 9वां संसदीय सत्र यानी मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। 25 दिन के सेशन के दौरान लोकसभा-राज्यसभा में कुल 19 बैठकें होंगी। पहले जानते हैं उन 7 बिलों के बारे में, सरकार जिन्हें पेश करेगी चर्चा के लिए समय तय, सबसे ज्यादा वक्त MSME बिल को आज पेश होंगे 2 अहम बिल… राज्यसभा: वंदेमातरम का अपमान अपराध होगा, कानून बना तो सजा और जुर्माना भी मोदी सरकार राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026 पहले राज्यसभा में पेश करने वाली है। 1971 के अधिनियम के तहत मुख्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, संविधान का अपमान करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत राष्ट्रीय सम्मान का अपमान करने पर 3 साल तक की जेल की सजा और जुर्माना हो सकता है। सरकार ने इसी अधिनियम की धारा 3 में संशोधन किया है। वह राष्ट्रगीत वंदेमातरम को राष्ट्रगान के बराबर का दर्जा दिलाना चाहती है। यानी बिल का मकसद राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तरह ही कानूनी सुरक्षा देना है। बिल के प्रावधानों के अनुसार अब वंदेमातरम् गाने में रुकावट डालने, किसी भी तरह से उसका अपमान करने वाले काम को दंडनीय बनाया जाएगा। लोकसभा: सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल ऑर्डिनेंस की जगह लेगा लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक पेश, 2026 पेश किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (मुख्य न्यायाधीश सहित) की जाएगी। यह बिल मई में जारी ऑर्डिनेंस की जगह लेगा। ऑर्डिनेंस लागू होने के बाद बढ़ी हुई स्वीकृत संख्या के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में 5 नए जज नियुक्त किए जा चुके हैं। इस संशोधन के लिए संविधान में बदलाव की जरूरत नहीं है। इसे पारित करने के लिए संसद में साधारण बहुमत चाहिए। भास्कर नॉलेज: ऑर्डिनेंस क्या होता है
जब संसद का सत्र नहीं चल रहा होता, तब सरकार तत्काल कानून बनाने के लिए ऑर्डिनेंस या अध्यादेश जारी कर सकती है। लेकिन संसद का सत्र शुरू होने के बाद उसे 6 सप्ताह (42 दिन) के भीतर दोनों सदनों से पारित कराना जरूरी होता है, अन्यथा ऑर्डिनेंस अपने आप ही समाप्त माना जाता है। TMC के 20 बागी सांसदों को लोकसभा में अलग सीटें मिलीं लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को नई सीटें अलॉट की हैं ताकि वे अलग बैठ सकें। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, कुल 39 सांसदों को नई सीटें दी गई हैं। उन्हें अलग बैठाने के लिए बाकी सदस्यों को नई सीटें देनी पड़ी हैं। TMC के नेता अभिषेक बनर्जी की सीट भी बदल दी गई है। इसके अलावा, YSR कांग्रेस के पीवी मिथुन रेड्डी, शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल की सीटें भी बदली गई हैं। लोकसभा में एनडीए के 2 साल में 19 सांसद बढ़े राज्यसभा में एनडीए के 40 सांसद बढ़े सरकार परिसीमन बिल ला सकती है, लेकिन कुछ बिल अटके सरकार ने संसद के मानसून सत्र का एजेंडा बता दिया। कुल 7 विधेयकों की सूची में 2 पुराने और 5 नए विधेयक हैं। इनमें 30 दिन जेल में रहे तो PM-CM को हटाने वाला बिल, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, एक देश-एक चुनाव बिल, परिसीमन और महिला आरक्षण बिल से जुड़े संविधान संशोधन बिल का जिक्र नहीं है। 1. 30 दिन जेल में रहे तो PM-CM को हटाने वाला बिल: मानसून सत्र में आना मुश्किल। वजह- यह अभी संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी के पास विचाराधीन है। JPC ने 17 जुलाई को बैठक में अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट टाल दी। JPC ने पांच सिफारिशें दी हैं। समिति की अध्यक्ष बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी का कहना है कि इस पर और चर्चा की जरूरत है। 2. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक: इस बिल के भी मानसून सत्र में पेश होने की संभावना कम है। वजह- जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी इस पर विचार कर रही है। समिति ने 17 जुलाई को मीटिंग बिल से जुड़े तीन अहम कानूनों पर अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट को मंजूरी देने का फैसला टाल दिया। समिति का कहना है कि संबंधित पक्षों यानी स्टेकहोल्डर्स के साथ और बातचीत की जरूरत है। 3. एक देश-एक चुनाव बिल: इस बिल को भी संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया है। अभी कई पक्षों से बातचीत करना बाकी है। इसलिए मानसून सत्र में इसे भी पेश किए जाने की संभावना कम है। 4. परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल: ये बिल सरकार कभी भी ला सकती है। सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत, लेकिन फिलहाल उसके पास बहुमत नहीं है। परिसीमन से जुड़ा बिल लाने सरकार नंबर जुटाने में लगी, समझें कैसे करेगी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार DMK और शरद पवार की पार्टी को साथ लाने की कोशिश कर रही है। DMK के साथ परिसीमन से जुड़े आश्वासनों को संविधान संशोधन विधेयक में लिखित रूप से शामिल करने पर सहमति बनाई है। बिलों को पास करवाने के लिए सदन की मौजूदा संख्या के आधार पर सरकार को दोनों सदनों में दो-तिहाई सासंदों यानी लोकसभा में 360 और राज्यसभा में 161 सांसदों का समर्थन चाहिए। विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल और परिसीमन संशोधन संविधान 2026 बिल लोकसभा में रखा गया था। जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण ये बिल पारित नहीं हो सके थे। बिल पास कराने के लिए सरकार का गुणा-भाग लोकसभा में 2 विकल्प राज्यसभा में 2 विकल्प